Birla Group Stocks: 9% टूटा शेयर, जून तिमाही में घाटा बढ़ा तो स्टॉक मार्केट में भी दिखी आंच

Aditya Birla Fashion Share Price: बिड़ला ग्रुप की आदित्य बिड़ला फैशन एंड रिटेल के शेयरों में आज बिकवाली की ऐसी आंधी आई कि यह 9% से अधिक टूट गया। कंपनी के शेयरों पर यह दबाव इसकी जून तिमाही के कारोबारी के चलते आया। जून तिमाही में कंपनी का घाटा रेवेन्यू में उछाल के बावजूद बढ़ा तो शेयरों को लेकर निवेशकों का रुझान बेयरेश हो गया और वे धड़ाधड़ इसे बेचने लगे। बिकवाली का दबाव इतना तेज है कि निचले स्तर पर खरीदारी के बावजूद यह संभल नहीं पाया और अब भी यह काफी कमजोर स्थिति में है। फिलहाल बीएसई पर यह 3.21% की गिरावट के साथ ₹61.28 पर है। इंट्रा-डे में यह 9.16% फिसलकर ₹57.51 तक आ गया था।

Aditya Birla Fashion के लिए कैसी रही जून तिमाही

चालू वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही अप्रैल-जून 2026 में आदित्य बिड़ला फैशन एंड रिटेल का नेट लॉस ₹212 करोड़ से बढ़कर ₹215.2 करोड़ पर पहुंच गया। हालांकि इस दौरान कंपनी का रेवेन्यू 10.6% बढ़कर ₹2,025.6 करोड़ पर पहुंच गया तो ईबीआईटीडीए भी 5% बढ़कर ₹117.1 करोड़ पर पहुंच गया। हालांकि जून तिमाही में सालाना आधार पर कंपनी का ईबीआईटीडीए मार्जिन 6.10% से 5.78% पर आ गया।

आदित्य बिड़ला फैशन का कहना है कि जून तिमाही में पैंटालून्स (Pantaloons) से इसकी ग्रोथ को सपोर्ट मिला। TMRW के लगातार विस्तार औ लग्जरी बिजनेस में तेजी से यह मजबूत हुई। हालांकि हाई डायरेक्ट और अदर कॉस्ट्स के चलते इसकी प्रॉफिटेबिलिटी पर दबाव बना रहा। साथ ही फाइनेंस की अधिक कॉस्ट और डेप्रिसिएशन के चलते भी मुनाफे पर दबाव आया।

अपने नेटवर्क के विस्तार के चलते प्रॉफिटेबिलिटी पर दबाव के बावजूद पेंटालून्स की रेवेन्यू ग्रोथ जून तिमाही में हेल्दी रही। TMRW का कारोबार जून तिमाही में भी बढ़ती रही और घाटा इसका कम हुआ। साथ ही लग्जरी और अन्य सेगमेंट से इसका रेवेन्यू 30% बढ़ा लेकिन मार्जिन में तेज गिरावट आई तो एथनिक सेगमेंट की ग्रोथ सुस्त रही जिस पर शादियों के छोटे सीजन का झटका दिखा।

एक साल में कैसी रही शेयरों की चाल

आदित्य बिड़ला फैशन एंड रिटेल के शेयरों ने निवेशकों को काफी झटका दिया है। पिछले साल 22 सितंबर 2025 को बीएसई पर यह ₹94.95 के भाव पर था जोकि इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड हाई लेवल है। इस हाई लेवल से यह 6 महीने में यह 43.56% फिसलकर 30 मार्च 2026 को ₹53.59 के भाव पर आ गया था जोकि इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड निचला स्तर है।

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Hitachi Energy Share Price: पावर इंडिया (Power India) की हिताची एनर्जी के लिए जून तिमाही धमाकेदार रही। जून तिमाही के कारोबारी नतीजे के बाद कई एनालिस्ट्स ने हिताची एनर्जी को अपग्रेड किया है। इसने शेयरों में ऐसा जोश भरा कि यह 10% से अधिक उछल पड़ा। इस तेजी का कुछ निवेशकों ने फायदा उठाया, जिससे इसके भाव थोड़े नरम पड़े लेकिन अब भी यह काफी मजबूत स्थिति में है। फिलहाल बीएसई पर यह 10.40% की बढ़त के साथ ₹35,967.25 के भाव पर है। इंट्रा-डे में यह 10.77% उछलकर ₹36,089.65 (Power India Share Price) तक पहुंच गया था। आगे की बात करें तो हिताची एनर्जी के शेयरों को कवर करने वाले 20 एनालिस्ट्स में से 12 ने इसे खरीदारी, 5 ने होल्ड और 3 ने सेल रेटिंग दी है।

कैसी रही जून तिमाही

जून तिमाही में हिताची एनर्जी का रेवेन्यू सालाना आधार पर 69% बढ़कर ₹2,493 करोड़ और ईबीआईटीडीए 135% उछलकर ₹363 करोड़ और ईबीआईटीडीए मार्जिन 10.4% से 14.5% पर पहुंच गया। इसके अलावा कंपनी का ऑर्डर बैकलॉग अब ₹32,222 करोड़ के हाइएस्ट लेवल पर है और इसमें सालाना आधार पर 10% की बढ़ोतरी हुई है। साथ ही कंपनी को जून तिमाही में 165 MW / 330 MWh बीईएसएस प्रोजेक्ट के लिए अपना पहला बीईएसएस ऑर्डर मिला। इसके अलावा ₹1700 करोड़ के HVDC ऑर्डर को छोड़कर कंपनी का ऑर्डर इनफ्लो सालाना आधार पर 26% बढ़कर ₹5,096 करोड़ पर पहुंच गया। इसे इंडस्ट्रियल्स, डेटा सेंटर और रिन्यूएबल सेक्टर की ग्रोथ से सपोर्ट मिला।

Hitachi Energy के शेयरों पर क्या है ब्रोकरेजेज का रुझान

एक्सिस कैपिटल ने इसकी रेटिंग को रिड्यूस से अपग्रेड कर ऐड कर दिया है और टारगेट प्राइस ₹32,470 से बढ़ाकर ₹35,159 कर दिया है।

प्रभुदास लीलाधर ने इसकी रेटिंग को रिड्यूस से अपग्रेड कर होल्ड और टारगेट प्राइस को ₹30,768 से बढ़ाकर ₹34,026 कर दिया है।

आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज ने इसे अपग्रेड कर खरीदारी की रेटिंग दी है। साथ ही ब्रोकरेज फर्म ने इसका टारगेट ₹37,800 से बढ़ाकर ₹40,000 कर दिया है।

मैक्वेरी ने ₹38,500 के टारगेट प्राइस के साथ इसकी आउटपरफॉर्म रेटिंग को बरकरार रखा है। ब्रोकरेज फर्म का कहना है कि वह भारत में ग्रिड विस्तार पर खर्च को लेकर पॉजिटिव है और इसका हिताची एनर्जी को फायदा मिलेगा।

सिटी ने इसका टारगेट प्राइस ₹46,700 पर फिक्स किया है जोकि इसके शेयरों के लिए हाइएस्ट टारगेट में शुमार है। ब्रोकरेज फर्म का कहना है कि बेस ऑर्डर इनफ्लो ग्रोथ, नए सेगमेंट में मार्जिन का ट्रेंड, नई कैपेसिटा का चालू होना और HVDC ऑर्डर विन पर नजर रहेगी।

नोमुरा ने खरीदारी की रेटिंग और ₹40,030 के टारगेट प्राइस के साथ हिताची एनर्जी की कवरेज शुरू की है। कंपनी का कहना है कि कई स्ट्रक्चरल थीम के एक साथ आने से कंपनी के लिए मजबूत ग्रोथ की संभावनाएं बनी हैं। ब्रोकरेज फर्म का कहना है कि ग्रिड ऑटोमेशन के लिए लाइफसाइकल सर्विस ऑर्डर्स, ट्रांसपोर्ट इंफ्रा का विस्तार, डेटा सेंटर्स में कई गुना बढ़ोतरी, एनर्जी स्टोरेज सॉल्यूशंस और ग्रिड इंटीग्रेशन के लिए हर साल एक HVDC प्रोजेक्ट ऑर्डर हासिल करने के लक्ष्य से इसे फायदा मिल सकता है। ब्रोकरेज का कहना है कि कंपनी पुराने हो रहे HVDC स्टेशनों के अपग्रेड से मिलने वाले मौकों का लॉन्ग-टर्म में फायदा उठाने के लिए मजबूत स्थिति में है।

एक साल में कैसी रही शेयरों की चाल

हिताची एनर्जी के शेयरों ने फटाफट कम समय में ही निवेशकों की तगड़ी कमाई कराई है। 16 जनवरी 2026 को बीएसई पर यह ₹16,104.00 के भाव पर था जोकि इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड निचला स्तर है। इस निचले स्तर से पांच महीने में 140.93% उछलकर 1 जून 2026 को यह ₹38,800.00 पर पहुंच गया जोकि इसके शेयरों के लिए रिकॉर्ड हाई लेवल है।

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HCLTech Share Price: अच्छे नतीजों के बाद भी 5% टूटा स्टॉक, अब खरीदें या बेचें? जानिए एक्सपर्ट्स से

HCLTech Share Price: आईटी कंपनी HCL Technologies के शेयर मंगलवार को करीब 5% तक गिर गए। कंपनी ने जून तिमाही में उम्मीद से बेहतर नतीजे दिए थे, लेकिन पूरे वित्त वर्ष (FY27) के लिए अपना रेवेन्यू ग्रोथ गाइडेंस नहीं बढ़ाया। इसी बात से निवेशक और ब्रोकरेज हाउस निराश दिखे।

मंगलवार को शेयर 4.63% गिरकर ₹1,164.60 पर बंद हुआ। इससे पहले लगातार तीन कारोबारी सत्रों में यह शेयर 6.5% से ज्यादा चढ़ चुका था।

नतीजे मजबूत, लेकिन गाइडेंस से निराश

देश की तीसरी सबसे बड़ी आईटी सर्विस कंपनी HCLTech का जून तिमाही में शुद्ध मुनाफा 20% बढ़कर ₹4,624 करोड़ पहुंच गया। वहीं, रेवेन्यू 14% बढ़कर ₹34,579 करोड़ रहा। दोनों ही आंकड़े बाजार के अनुमान से बेहतर रहे।

इसके बावजूद कंपनी ने FY27 के लिए अपना कॉन्स्टेंट करेंसी रेवेन्यू ग्रोथ गाइडेंस 1% से 4% और EBIT मार्जिन 17.5% से 18.5% पर ही बरकरार रखा।

ब्रोकरेज क्यों हुए निराश?

एनालिस्टों का कहना है कि मजबूत नतीजों और बड़े ऑर्डर मिलने के बाद बाजार को उम्मीद थी कि कंपनी अपना गाइडेंस बढ़ाएगी। लेकिन ऐसा नहीं हुआ। Centrum Broking के मुताबिक, इससे संकेत मिलता है कि आने वाली तिमाहियों में कारोबार की रफ्तार धीमी रह सकती है।

Citi ने शेयर की रेटिंग घटाकर ‘Sell’ कर दी। वहीं J.P. Morgan ने ‘Underweight’ और Jefferies ने ‘Underperform’ रेटिंग बरकरार रखी। ब्रोकरेज का मानना है कि ग्राहकों का टेक्नोलॉजी खर्च अभी भी पूरी तरह नहीं बढ़ा है। खासकर टेलीकॉम और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर में मांग कमजोर बनी हुई है।

ICICI Securities की राय

ICICI Securities ने HCLTech पर ‘Reduce’ रेटिंग बरकरार रखी है और टारगेट प्राइस ₹1,060 रखा है। मौजूदा शेयर भाव ₹1,164.60 के मुकाबले इसमें करीब 9% की गिरावट की आशंका जताई गई है। ब्रोकरेज के मुताबिक, ने FY27 का गाइडेंस बरकरार रखा है, लेकिन निकट भविष्य में ग्रोथ सीमित रहने की उम्मीद है।

ICICI Securities का कहना है कि जून तिमाही में कंपनी के बड़े ऑर्डर (TCV) मजबूत रहे, लेकिन उसका असर अभी रेवेन्यू ग्रोथ में पूरी तरह नहीं दिख रहा है। साथ ही AI से जुड़ी मांग बढ़ने के बावजूद पारंपरिक आईटी सेवाओं की सुस्त ग्रोथ चिंता का विषय बनी हुई है।

आगे शेयर पर क्या नजर रहेगी?

एनालिस्टों के मुताबिक, HCLTech का फोकस फिलहाल कॉस्ट कंट्रोल और ऑपरेशनल एफिशिएंसी पर है। कंपनी ने ₹12 प्रति शेयर अंतरिम डिविडेंड का भी ऐलान किया है।

टेक्निकल नजरिए से देखें तो शेयर को ₹1,030-₹1,050 के दायरे में मजबूत सपोर्ट मिला है। वहीं, ₹1,220-₹1,250 के बीच इसका अगला रेजिस्टेंस माना जा रहा है।

*रॉयटर्स से इनपुट के साथ

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IT Stocks: चॉइस इंस्टीट्यूशनल ने आईटी कंपनियों की रेटिंग-टारगेट घटाए, कहा- रिकवरी में लग सकता है वक्त

IT Stocks: ब्रोकरेज फर्म Choice Institutional Equities का मानना है कि वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही (Q1 FY27) भारतीय आईटी सेक्टर के लिए एक और कमजोर तिमाही साबित हो सकती है। ब्रोकरेज के मुताबिक, मांग में सुधार नहीं दिख रहा। उल्टा हालात और बिगड़े हैं। इससे साफ है कि जिस रिकवरी की उम्मीद थी, वह अब और आगे खिसक गई है।

ब्रोकरेज का कहना है कि वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता अब भी बनी हुई है। कंपनियां नए फैसले लेने में समय लगा रही हैं। AI की वजह से प्रोडक्टिविटी बढ़ी है, लेकिन इसका असर रेवेन्यू पर दबाव के रूप में दिख रहा है। वहीं, भू-राजनीतिक तनाव भी बना हुआ है। इन सब वजहों से कंपनियां गैरजरूरी (Discretionary) खर्च कम कर रही हैं। इसका असर पूरे आईटी सेक्टर की ग्रोथ पर पड़ रहा है।

लार्जकैप और मिडकैप पर अनुमान

ब्रोकरेज का मानना है कि बड़ी आईटी कंपनियों की कॉन्स्टेंट करेंसी (CC) ग्रोथ तिमाही आधार पर सपाट रह सकती है। कुछ कंपनियों में हल्की गिरावट भी देखने को मिल सकती है।

वहीं, मिडकैप आईटी कंपनियां बेहतर प्रदर्शन कर सकती हैं। इसकी वजह नए डील्स का शुरू होना और बाजार हिस्सेदारी बढ़ना है।

कमाई के अनुमान में कटौती

Choice Institutional Equities का कहना है कि वित्त वर्ष 2027 की पहली छमाही की ग्रोथ पूरे साल के गाइडेंस के हिसाब से कमजोर दिख रही है। ऐसे में आने वाली तिमाहियों में कई कंपनियां अपने गाइडेंस में बदलाव कर सकती हैं। कमाई के अनुमान भी घटाए जा सकते हैं।

इसी वजह से ब्रोकरेज ने वित्त वर्ष 2027 और 2028 के लिए पूरे आईटी सेक्टर की कमाई के अनुमान में 0.1% से 16.7% तक की कटौती की है। साथ ही, कई कंपनियों के टारगेट प्राइस और वैल्यूएशन में भी 0% से 21.6% तक की कमी की गई है। इसकी वजह कमजोर मांग, AI की वजह से रेवेन्यू पर दबाव और बढ़ता एग्जीक्यूशन रिस्क है।

क्या अब आईटी शेयरों में खरीदारी का मौका है?

ब्रोकरेज का मानना है कि आईटी शेयरों में पहले ही अच्छी-खासी गिरावट आ चुकी है। इसलिए अब नीचे जाने की गुंजाइश सीमित दिखती है। हालांकि, सेक्टर में दोबारा तेज तेजी तभी आएगी, जब मांग में सुधार दिखे। कंपनियों की रेवेन्यू ग्रोथ तेज हो। साथ ही, GenAI से सिर्फ लागत घटाने के बजाय कमाई बढ़ने के भी साफ संकेत मिलें।

HCLTech : चॉइस इंस्टीट्यूशनल ने HCLTech की रेटिंग ‘Add’ से बढ़ाकर ‘Buy’ कर दी है। हालांकि, टारगेट प्राइस 1,500 रुपये से घटाकर 1,410 रुपये कर दिया गया है।

Mphasis : इसकी रेटिंग ‘Buy’ से घटाकर ‘Add’ कर दी गई है। कंपनी का नया टारगेट प्राइस 2,520 रुपये रखा गया है।

Persistent Systems : ब्रोकरेज ने Persistent Systems की रेटिंग घटाकर ‘Add’ कर दी है। कंपनी का नया टारगेट प्राइस 5,010 रुपये तय किया गया है।

Tech Mahindra : महिंद्रा ग्रुप की आईटी कंपनी की रेटिंग भी घटाकर ‘Add’ कर दी गई है। ब्रोकरेज ने शेयर का नया टारगेट प्राइस 1,600 रुपये रखा है।

Zensar Technologies : ब्रोकरेज ने Zensar Technologies की रेटिंग भी ‘Add’ कर दी है। कंपनी का नया टारगेट प्राइस 560 रुपये तय किया गया है।

TCS : चॉइस इंस्टीट्यूशनल ने टाटा ग्रुप की आईटी TCS पर ‘Buy’ रेटिंग बरकरार रखी है। हालांकि, टारगेट प्राइस घटाकर 2,625 रुपये कर दिया गया है।

Infosys : इस आईटी कंपनी पर भी ‘Buy’ रेटिंग बरकरार रखी गई है। ब्रोकरेज ने टारगेट प्राइस घटाकर 1,360 रुपये कर दिया है।

Happiest Minds : इस पर ब्रोकिंग फर्म ने ‘Buy’ रेटिंग कायम रखी है। कंपनी का नया टारगेट प्राइस 440 रुपये कर दिया गया है।

Coforge : चॉइस इंस्टीट्यूशनल ने Coforge पर ‘Buy’ रेटिंग बरकरार रखी है। कंपनी का टारगेट प्राइस 1,900 रुपये पर कायम रखा गया है।

Wipro : ब्रोकरेज ने Wipro पर ‘Add’ रेटिंग बरकरार रखी है। हालांकि, टारगेट प्राइस घटाकर 185 रुपये कर दिया गया है।

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