उत्तरपाड़ा में EV प्रोजेक्ट की तैयारी, CKA बिड़ला ग्रुप से पश्चिम बंगाल सरकार ने मांगी DPR

पश्चिम बंगाल सरकार ने CKA Birla Group से उत्तरपाड़ा में इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) बनाने के प्रस्ताव की डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) जल्द से जल्द जमा करने को कहा है। Moneycontrol को मिली जानकारी के मुताबिक, सरकार चाहती है कि ग्रुप इस प्रोजेक्ट से जुड़ी पूरी जानकारी जल्द उपलब्ध कराए।

ग्रुप के एक प्रतिनिधि ने राज्य के मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) से संपर्क किया था। इसके बाद एक सरकारी अधिकारी ने ग्रुप से DPR जल्द जमा करने को कहा। हालांकि, ग्रुप ने अभी तक यह रिपोर्ट सरकार को नहीं सौंपी है।

मनीकंट्रोल ने 21 सितंबर को रिपोर्ट दी थी कि CKA बिड़ला ग्रुप ने पुरानी हिंदुस्तान मोटर्स फैक्ट्री में EVs बनाने के प्रस्ताव के साथ पश्चिम बंगाल सरकार से संपर्क किया था। उस समय प्रस्ताव पर राज्य सरकार की प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा था।

प्रस्तावित प्रोजेक्ट में कितना निवेश किया जाएगा, किस तरह के इलेक्ट्रिक वाहन बनाए जाएंगे, कितनी गाड़ियों का उत्पादन होगा और प्रोजेक्ट कब तक शुरू होगा, इन सबकी जानकारी अभी सामने नहीं आई है। यह भी साफ नहीं है कि कौन सी ग्रुप कंपनी इस प्रोजेक्ट पर काम करेगी।

हालांकि, मनीकंट्रोल ने पश्चिम बंगाल सरकार और CKA बिड़ला ग्रुप (जिसे पहले CK बिड़ला ग्रुप के नाम से जाना जाता था) को DPR रिक्वेस्ट और प्रस्तावित प्रोजेक्ट के बारे में सवाल भेजे हैं। अब उनके जवाब का इंतजार है।

बता दें कि उत्तरपाड़ा में कभी Hindustan Motors की फैक्ट्री थी, जहां Ambassador और Contessa गाड़ियां बनती थीं। इस फैक्ट्री में काम 2014 में रोक दिया गया था। इस प्रस्ताव से एक दशक से ज़्यादा समय के बाद उस जगह पर फिर से गाड़ियों का प्रोडक्शन शुरू हो सकता है, लेकिन जमीन की उपलब्धता एक अहम सवाल बनी हुई है।

395 एकड़ जमीन पर सरकार का कब्जा

Hindustan Motors ने अपनी FY26 की सालाना रिपोर्ट में बताया कि पश्चिम बंगाल सरकार ने फैक्ट्री की पूरी जमीन (लगभग 395 एकड़) वापस ले ली है और उस पर कब्जा कर लिया है। कंपनी ने अपने फाइनेंशियल स्टेटमेंट में इस प्रॉपर्टी को राइट-ऑफ भी कर दिया है।

वहीं, जुलाई 2025 में सुप्रीम कोर्ट ने जमीन वापस लिए जाने के पश्चिम बंगाल सरकार के फैसले को चुनौती देने वाली Hindustan Motors की याचिका खारिज कर दी थी। इसके बाद कंपनी ने कहा था कि वह इस फैसले पर दोबारा विचार के लिए याचिका दायर करने और जमीन के एक हिस्से की मांग करने की योजना बना रही है।

बता दें कि पश्चिम बंगाल में गाड़ियों का निर्माण भले ही कम होता हो, लेकिन वहां गाड़ियों का एक बड़ा बाजार है। SIAM के आंकड़ों के मुताबिक, FY26 में राज्य में लगभग 10.2 लाख दो-पहिया और 1.25 लाख पैसेंजर गाड़ियों की बिक्री हुई। हालांकि, यहां अभी तक किसी गाड़ी बनाने वाले प्लांट के आस-पास कंपोनेंट सप्लायर्स का कोई बड़ा नेटवर्क नहीं बन पाया है।

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Stellantis takes full ownership of Indian manufacturing JV

Stellantis takes full ownership of Indian manufacturing JV
Stellantis India Thiruvallur facility

Stellantis India announced that it has acquired the remaining equity stake held by CK Birla Group firm Hindustan Motor Finance Corporation Ltd. (HMFCL) in Stellantis Automobiles India Private Limited (SAIPL), taking 100% ownership of the joint venture and its car assembly facility in Thiruvallur, Tamil Nadu.

  1. With full ownership of the JV, it gains full control over its Thiruvallur facility.
  2. The facility manufactures four Citroen models and exports to eight countries.
  3. Stellantis aims to ramp up current production capacity and workforce.

The transaction, executed through foreign direct investment, concludes the joint venture established in 2017 between Stellantis and the CK Birla Group, which brought French carmaker Citroen to the Indian market. The plant manufactures four Citroen nameplates, including the C3, eC3, Aircross, and Basalt, and ships completely built units (CBUs) to eight export destinations across four continents.

What is Stellantis India planning after exercising full control?

With sole control established, Stellantis says it plans to raise annual output at Thiruvallur by more than 160%, targeting a ramp-up from 16,000 units in 2026 to upwards of 43,000 units by 2028. The expansion is projected to more than double the facility’s direct shopfloor workforce from its current level of 610 employees.

Shailesh Hazela, CEO and Managing Director, Stellantis India, said, “India remains a key pillar of Stellantis’ growth strategy. Having invested close to INR 11,000 crore in the country to build a strong manufacturing, engineering and export ecosystem, we continue to see significant opportunities ahead. This milestone will enable greater integration and enhance our ability to respond more quickly to customer and market needs.”

कुमार मंगलम बिड़ला का नया धमाका! लॉन्च किया अल्ट्रावोल्ट वायर और केबल का बिजनेस, जानिए क्या है ग्रुप का बड़ा प्लान

Aditya Birla Group Wires and Cables Launch: आदित्य बिड़ला ग्रुप ने भारतीय वायर और केबल मार्केट में धमाकेदार एंट्री मारी है। ग्रुप ने ‘अल्ट्रावोल्ट’ ब्रांड नाम से अपने नए वायर और केबल बिजनेस को लॉन्च किया है। इसके लिए बिड़ला ग्रुप ने शुरुआती तौर पर ₹1800 करोड़ के भारी-भरकम निवेश का ऐलान किया है।

इस नए बिजनेस को समूह की प्रमुख कंपनी अल्ट्राटेक सीमेंट के तहत शुरू किया गया है। कैपेसिटी के मामले में लॉन्च होते ही ‘अल्ट्रावोल्ट’ देश के वायर सेगमेंट में दूसरा सबसे बड़ा प्लेयर बन गया है। कंपनी का लक्ष्य अगले 5 सालों के भीतर इस सेक्टर के टॉप 2 खिलाड़ियों में शामिल होना है।

3 सालों में बिड़ला ग्रुप का चौथा बड़ा दांव

आदित्य बिड़ला ग्रुप का पिछले 3 सालों में यह चौथा नया बिजनेस दांव है। सीमेंट, रेडी-मिक्स कंक्रीट और बिल्डिंग प्रोडक्ट्स के बाद अब वायर और केबल सेगमेंट में कदम रखकर अल्ट्राटेक अपने ‘बिल्डिंग सॉल्यूशंस’ पोर्टफोलियो को और मजबूत कर रहा है। इसके लिए गुजरात के भरूच में एक अत्याधुनिक मैन्युफैक्चरिंग प्लांट स्थापित किया गया है।

‘डाटा सेंटर और अर्बनाइजेशन से आएगा बूम’

आदित्य बिड़ला ग्रुप के चेयरमैन कुमार मंगलम बिड़ला ने इस लॉन्चिंग पर कहा कि वायर और केबल भारत के विकास के नए चरण के केंद्र में हैं। चेयरमैन ने कहा, ‘केबल और वायर सेगमेंट भारतीय अर्थव्यवस्था के तीन बड़े ट्रेंड्स अर्बनाइजेशन, इलेक्ट्रिफिकेशन और डिजिटाइजेशन के मुहाने पर खड़ा है। अगले दशक में 10 करोड़ से ज्यादा नए घर, बिजली इंफ्रास्ट्रक्चर का विस्तार और तेजी से बढ़ते डाटा सेंटर्स इस सेक्टर में बड़ा बूम लाने वाले हैं। नए बिजनेस बनाना अब हमारे ग्रुप के DNA का अहम हिस्सा बन चुका है।’

देश के 500 जिलों और 1 लाख रिटेलर्स तक पहुंचेगा नेटवर्क

कंपनी ने लॉन्च के साथ ही देशव्यापी डिस्ट्रीब्यूशन का तगड़ा प्लान बनाया है। शुरुआत में ही 500 से ज्यादा जिलों और 6,000 से अधिक पिन कोड्स तक नेटवर्क फैलाया जाएगा। 1 लाख से अधिक रिटेलर्स तक पहुंच बनाने और अल्ट्राटेक बिल्डिंग सॉल्यूशंस के 5,000 से ज्यादा आउटलेट्स के जरिए बिक्री बढ़ाने का लक्ष्य है।

अल्ट्रावोल्ट के डायरेक्टर दिलीप गौड़ के अनुसार, देश भर में 20 से अधिक वेयरहाउस का नेटवर्क बनाया गया है, जिससे होम बिल्डर्स, ठेकेदारों और रियल एस्टेट डेवलपर्स को तुरंत सप्लाई दी जा सकेगी।

घरों के साथ-साथ इंडस्ट्रियल और कमर्शियल केबल्स भी शामिल

अल्ट्रावोल्ट के सीईओ श्रीराम रंगराजन ने बताया कि कंपनी उपभोक्ता-केंद्रित एप्रोच के साथ काम करेगी। शुरुआती पोर्टफोलियो में होम वायर्स, फ्लेक्सिबल वायर्स, रेजिडेंशियल, कमर्शियल, इंडस्ट्रियल और इंफ्रास्ट्रक्चर एप्लीकेशन्स के लिए केबल्स शामिल हैं। भविष्य में कंपनी का इरादा अन्य इलेक्ट्रिकल एक्सेसरीज के सेगमेंट में भी विस्तार करने का है।

Birla Group Stocks: 9% टूटा शेयर, जून तिमाही में घाटा बढ़ा तो स्टॉक मार्केट में भी दिखी आंच

Aditya Birla Fashion Share Price: बिड़ला ग्रुप की आदित्य बिड़ला फैशन एंड रिटेल के शेयरों में आज बिकवाली की ऐसी आंधी आई कि यह 9% से अधिक टूट गया। कंपनी के शेयरों पर यह दबाव इसकी जून तिमाही के कारोबारी के चलते आया। जून तिमाही में कंपनी का घाटा रेवेन्यू में उछाल के बावजूद बढ़ा तो शेयरों को लेकर निवेशकों का रुझान बेयरेश हो गया और वे धड़ाधड़ इसे बेचने लगे। बिकवाली का दबाव इतना तेज है कि निचले स्तर पर खरीदारी के बावजूद यह संभल नहीं पाया और अब भी यह काफी कमजोर स्थिति में है। फिलहाल बीएसई पर यह 3.21% की गिरावट के साथ ₹61.28 पर है। इंट्रा-डे में यह 9.16% फिसलकर ₹57.51 तक आ गया था।

Aditya Birla Fashion के लिए कैसी रही जून तिमाही

चालू वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही अप्रैल-जून 2026 में आदित्य बिड़ला फैशन एंड रिटेल का नेट लॉस ₹212 करोड़ से बढ़कर ₹215.2 करोड़ पर पहुंच गया। हालांकि इस दौरान कंपनी का रेवेन्यू 10.6% बढ़कर ₹2,025.6 करोड़ पर पहुंच गया तो ईबीआईटीडीए भी 5% बढ़कर ₹117.1 करोड़ पर पहुंच गया। हालांकि जून तिमाही में सालाना आधार पर कंपनी का ईबीआईटीडीए मार्जिन 6.10% से 5.78% पर आ गया।

आदित्य बिड़ला फैशन का कहना है कि जून तिमाही में पैंटालून्स (Pantaloons) से इसकी ग्रोथ को सपोर्ट मिला। TMRW के लगातार विस्तार औ लग्जरी बिजनेस में तेजी से यह मजबूत हुई। हालांकि हाई डायरेक्ट और अदर कॉस्ट्स के चलते इसकी प्रॉफिटेबिलिटी पर दबाव बना रहा। साथ ही फाइनेंस की अधिक कॉस्ट और डेप्रिसिएशन के चलते भी मुनाफे पर दबाव आया।

अपने नेटवर्क के विस्तार के चलते प्रॉफिटेबिलिटी पर दबाव के बावजूद पेंटालून्स की रेवेन्यू ग्रोथ जून तिमाही में हेल्दी रही। TMRW का कारोबार जून तिमाही में भी बढ़ती रही और घाटा इसका कम हुआ। साथ ही लग्जरी और अन्य सेगमेंट से इसका रेवेन्यू 30% बढ़ा लेकिन मार्जिन में तेज गिरावट आई तो एथनिक सेगमेंट की ग्रोथ सुस्त रही जिस पर शादियों के छोटे सीजन का झटका दिखा।

एक साल में कैसी रही शेयरों की चाल

आदित्य बिड़ला फैशन एंड रिटेल के शेयरों ने निवेशकों को काफी झटका दिया है। पिछले साल 22 सितंबर 2025 को बीएसई पर यह ₹94.95 के भाव पर था जोकि इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड हाई लेवल है। इस हाई लेवल से यह 6 महीने में यह 43.56% फिसलकर 30 मार्च 2026 को ₹53.59 के भाव पर आ गया था जोकि इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड निचला स्तर है।

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।