Dividend Stocks: इस हफ्ते वेदांता, TCS और आनंदी राठी डिविडेंड देंगे, जानिए रिकॉर्ड डेट

Dividend Stocks: इस हफ्ते Vedanta, Tata Consultancy Services (TCS) और Anand Rathi Wealth के शेयर चर्चा में रह सकते हैं। इन तीनों कंपनियों ने डिविडेंड का ऐलान किया है। अब निवेशकों की नजर रिकॉर्ड डेट पर है। आइए जानते हैं कि किस कंपनी ने कितना डिविडेंड दिया है और शेयरों का प्रदर्शन कैसा रहा है।

Vedanta

Vedanta हर शेयर पर ₹5 का अंतरिम डिविडेंड देगी। शेयर की फेस वैल्यू ₹1 है। कंपनी कुल करीब ₹1,955 करोड़ का डिविडेंड देगी। इसके लिए बुधवार, 14 अक्टूबर 2026 को रिकॉर्ड डेट तय की गई है।

शुक्रवार को BSE पर कंपनी का शेयर 4.11% चढ़कर ₹263.50 पर बंद हुआ। पिछले एक साल में शेयर ने 51% रिटर्न दिया है। दो साल में यह 47% चढ़ा है। वहीं, तीन साल का रिटर्न 234% रहा है।

Tata Consultancy Services (TCS)

टाटा ग्रुप की आईटी कंपनी TCS ने हर शेयर पर ₹12 के अंतरिम डिविडेंड का ऐलान किया है। शेयर की फेस वैल्यू ₹1 है। कंपनी 30 अक्टूबर 2026 को डिविडेंड का भुगतान करेगी। इसके लिए 14 अक्टूबर 2026 को रिकॉर्ड डेट तय की गई है।

TCS का शेयर शुक्रवार को BSE पर 4.23% की तेजी के साथ ₹2,163 पर बंद हुआ। कंपनी का मार्केट कैप ₹7.82 लाख करोड़ रहा। हालांकि, लंबी अवधि में शेयर का प्रदर्शन कमजोर रहा है। एक साल में शेयर 29% गिरा है। दो साल में 49% और तीन साल में 40% की गिरावट आई है।

Anand Rathi Wealth

Anand Rathi Wealth हर शेयर पर ₹4 अंतरिम डिविडेंड देने वाली है।शेयर की फेस वैल्यू ₹5 है। यानी डिविडेंड फेस वैल्यू का 80% है। कंपनी ने इससे पहले अप्रैल में हर शेयर पर ₹7 के फाइनल डिविडेंड का ऐलान किया था।

कंपनी ने गुरुवार, 15 अक्टूबर 2026 को रिकॉर्ड डेट तय की है। डिविडेंड का भुगतान ऐलान की तारीख से 30 दिनों के भीतर किया जाएगा।

पिछले कारोबारी सत्र में कंपनी का शेयर 4.68% गिरकर ₹2,038.70 पर बंद हुआ। हालांकि, एक साल में इसने 38.14% रिटर्न दिया है। तीन साल का रिटर्न 331.44% रहा है। वहीं, 2026 में अब तक शेयर 31.75% चढ़ चुका है।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Stock Market Rally: फैब फ्राइडे, सेंसेक्स 879 अंक चढ़ा; निफ्टी 22500 के पार, निवेशकों की दौलत ₹3 लाख करोड़ बढ़ी

2 दिन की गिरावट के बाद शुक्रवार, 9 अक्टूबर को भारतीय शेयर बाजारों में शानदार तेजी लौटी। सेंसेक्स 879.09 अंकों या 1.23 प्रतिशत की बढ़त के साथ 72,472.33 पर बंद हुआ। निफ्टी 288.65 अंकों या 1.3 प्रतिशत के उछाल के साथ 22,520.45 पर बंद हुआ। इस बीच BSE पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप 3 लाख करोड़ रुपये बढ़ गया। दिन में सेंसेक्स पिछली क्लोजिंग से 1,075.96 अंक तक चढ़कर 72,669.20 के हाई तक गया। इसी तरह निफ्टी भी पिछली क्लोजिंग से 348.95 अंक तक चढ़कर 22,580.75 के हाई तक गया।

गुरुवार को शेयर मार्केट बंद होने पर BSE पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप 462.33 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा रहा था। शुक्रवार को मार्केट बंद होने के बाद यह 465.33 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा हो गया। यानि कि 3 लाख करोड़ रुपये की बढ़ोतरी। IT स्टॉक्स में तेजी, कच्चे तेल की कीमत में गिरावट, रुपये में बढ़त जैसे फैक्टर्स के चलते बाजार में तेजी आई।

निफ्टी पर ऑयल एंड गैस को छोड़कर दूसरे सभी सेक्टोरल इंडेक्स हरे निशान में बंद हुए हैं। सबसे ज्यादा 3 प्रतिशत की तेजी IT इंडेक्स में दिखी। निफ्टी पर अपोलो हॉस्पिटल्स एंटरप्राइज, ITC, आयशर मोटर्स, TCS और HCL टेक्नोलॉजीस टॉप गेनर रहे। वहीं BSE, रिलायंस इंडस्ट्रीज, JSW स्टील और सिप्ला टॉप लूजर रहे।

एक दिन पहले क्या रहा था हाल

गुरुवार, 8 अक्टूबर को घरेलू शेयर बाजार में लगातार दूसरे दिन गिरावट रही थी। यह काफी तगड़ी थी। सेंसेक्स 1,045.46 अंक या 1.44 प्रतिशत का गोता लगाकर ढाई साल से अधिक के निचले स्तर 71,593.24 पर बंद हुआ था। कारोबार के दौरान एक समय यह 1,310.95 अंक तक लुढ़क गया था। निफ्टी 371.25 अंक या 1.64 प्रतिशत की गिरावट के साथ 21 महीने के निचले स्तर 22,231.80 पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान निफ्टी 423.15 अंक तक लुढ़का था।

कच्चे तेल के दाम में तेजी और घरेलू व वैश्विक स्तर पर मौद्रिक नीति के और सख्त होने की आशंका के चलते ऐसा हुआ। भारतीय रिजर्व बैंक ने अक्टूबर की मॉनेटरी पॉलिसी रिव्यू मीटिंग में रेपो रेट को 0.25 प्रतिशत बढ़ाकर 5.50 प्रतिशत कर दिया है।

Vedanta Share Price: डिविडेंड के ऐलान के बाद माइनिंग कंपनी का शेयर 4% तक चढ़ा, एक साल में 50% मजबूत

रुपये की चाल

शुक्रवार को भारतीय करेंसी रुपये में तेजी रही। यह अमेरिकी मुद्रा डॉलर के मुकाबले 16 पैसे चढ़कर 96.72 (अस्थायी) प्रति डॉलर पर बंद हुआ। एक दिन पहले रुपया, अमेरिकी मुद्रा के मुकाबले 13 पैसे की गिरावट के साथ 96.88 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था। वैश्विक स्तर पर डॉलर की मजबूती और कच्चे तेल की ऊंची कीमतों समेत लगातार बने व्यापक आर्थिक दबाव के कारण रुपये में गिरावट आई।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Vedanta Share Price: डिविडेंड के ऐलान के बाद माइनिंग कंपनी का शेयर 4% तक चढ़ा, एक साल में 50% मजबूत

माइनिंग कंपनी वेदांता लिमिटेड के शेयरों में 9 अक्टूबर को तेजी है। शेयर BSE पर दिन में पिछली क्लोजिंग से 4 प्रतिशत तक चढ़ा और 263.25 रुपये के हाई तक गया। कंपनी का मार्केट कैप बढ़कर 1 लाख करोड़ रुपये के पार चला गया है। कंपनी की ओर से डिविडेंड की घोषणा के बाद शेयर खरीद बढ़ी है। एक दिन पहले अनिल अग्रवाल की कंपनी के बोर्ड ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए पहले अंतरिम डिविडेंड को मंजूरी दी थी। मीटिंग में 5 रुपये प्रति शेयर के अमाउंट पर मोहर लगाई गई।

इस डिविडेंड के लिए रिकॉर्ड डेट पहले ही 14 अक्टूबर 2026 तय कर दी गई थी। इस तारीख तक जिन लोगों के नाम शेयरों के लाभार्थी मालिकों के तौर पर रजिस्टर ऑफ मेंबर्स ऑफ द कंपनी या डिपॉजिटरीज के रिकॉर्ड्स में दर्ज होंगे, वे डिविडेंड के हकदार होंगे। शेयर की फेस वैल्यू 1 रुपये है। शेयर में 8 अक्टूबर को 3 प्रतिशत की गिरावट आई थी।

Vedanta का शेयर 3 साल में 230 प्रतिशत मजबूत

वेदांता के शेयर का BSE पर 52 सप्ताह का एडजस्टेड हाई 360.70 रुपये और एडजस्टेड लो 168.30 रुपये है। शेयर एक साल में 50 प्रतिशत चढ़ा है। साल 2026 में अब तक 20 प्रतिशत मजबूत हुआ है। 3 साल में कीमत 230 प्रतिशत की बढ़त देख चुकी है। कंपनी में जून 2026 के आखिर तक प्रमोटर्स के पास 54.72 प्रतिशत हिस्सेदारी थी। ​रिटेल इनवेस्टर्स की संख्या 25.4 लाख थी। इन इनवेस्टर्स के पास जून 2026 के आखिर तक कंपनी की 13.69 प्रतिशत हिस्सेदारी थी।

वेदांता का डीमर्जर हो चुका है। इससे अलग होकर 4 कंपनियों- वेदांता एल्युमीनियम मेटल लिमिटेड, वेदांता पावर लिमिटेड, वेदांता आयरन एंड स्टील लिमिटेड और वेदांता ऑयल एंड गैस लिमिटेड के शेयर अलग से लिस्ट हो चुके हैं। बेस मेटल कारोबार अभी भी वेदांता लिमिटेड के तहत ही है। कंपनी रियल एस्टेट बिजनेस का भी डीमर्जर करने वाली है।

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जून तिमाही में Vedanta का मुनाफा 72 प्रतिशत बढ़ा

वेदांता लिमिटेड का अप्रैल-जून 2026 तिमाही में कंसोलिडेटेड बेसिस पर शुद्ध मुनाफा (कंपनी के मालिकों के लिए) 5473 करोड़ रुपये रहा। यह एक साल पहले के मुनाफे से 72 प्रतिशत ज्यादा है। ऑपरेशंस से कंसोलिडेटेड रेवेन्यू सालाना आधार पर 53.6 प्रतिशत बढ़कर 24205 करोड़ रुपये हो गया। EBITDA सालाना आधार पर 98 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ जून 2026 तिमाही में 8,469 करोड़ रुपये रहा। EBITDA मार्जिन 985 बेसिस पॉइंट्स की बढ़ोतरी के साथ 57 प्रतिशत रहा।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Vedanta Dividend: वेदांता की डिविडेंड देने की तैयारी, 8 अक्टूबर को होगा फैसला; रिकॉर्ड डेट का ऐलान

Vedanta Dividend: वेदांता लिमिटेड के शेयर में मंगलवार को हलचल बढ़ सकती है। कंपनी ने सोमवार को बाजार बंद होने के बाद अंतरिम डिविडेंड को लेकर अहम जानकारी दी है। कंपनी के बोर्ड की बैठक 8 अक्टूबर 2026 को होगी। इसमें वित्त वर्ष 2026-27 के पहले अंतरिम डिविडेंड पर फैसला लिया जा सकता है।

14 अक्टूबर है रिकॉर्ड डेट

वेदांता ने बताया कि अगर अंतरिम डिविडेंड घोषित होता है, तो इसके लिए 14 अक्टूबर 2026 को रिकॉर्ड डेट तय की गई है। इसी तारीख के आधार पर यह तय होगा कि डिविडेंड पाने के लिए कौन से शेयरधारक पात्र होंगे।

सोमवार को वेदांता का शेयर 0.89% की तेजी के साथ ₹254.30 पर बंद हुआ। पिछले 1 महीने में स्टॉक 5.11% गिरा है।

डिविडेंड देने का तगड़ा रिकॉर्ड

वेदांता इस साल पहले भी निवेशकों को अंतरिम डिविडेंड दे चुकी है। कंपनी ने 27 मार्च 2026 की एक्स डेट के साथ ₹11 और 26 अगस्त 2025 की एक्स डेट के साथ ₹16 का अंतरिम डिविडेंड दिया था।

चांदी का प्रोडक्शन 20% बढ़ा

वेदांता ने हाल ही में 30 सितंबर 2026 को समाप्त दूसरी तिमाही और पहली छमाही के उत्पादन आंकड़े भी जारी किए हैं। कंपनी के जिंक इंडिया कारोबार का प्रदर्शन मजबूत रहा।

दूसरी तिमाही में चांदी का उत्पादन भी 20% बढ़कर 173 टन रहा। वहीं, विंड पावर प्रोडक्शन 17% बढ़कर 155 मिलियन यूनिट हो गया। जिंक इंटरनेशनल का कुल उत्पादन दूसरी तिमाही में 53 हजार टन रहा। भारत के कॉपर कारोबार में बिक्री 16% बढ़कर 52 हजार टन रही। दूसरी ओर, अंतरराष्ट्रीय कॉपर बिक्री 74% घटकर 6 हजार टन रह गई।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Vedanta Group: इन कंपनियों में हिस्सेदारी खरीद-बेच सकते हैं प्रमोटर, ₹3000 करोड़ तक जुटाने की तैयारी

Vedanta Group: माइनिंग दिग्गज वेदांता ग्रुप की हाल में लिस्ट हुई कुछ कंपनियों में जल्द ही प्रमोटर खरीद-बिक्री कर सकते हैं। Oil & Gas और Iron & Steel कारोबार में प्रमोटर अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने की तैयारी में हैं। इसके लिए खुले बाजार से धीरे-धीरे शेयर खरीदने का रास्ता अपनाया जा सकता है। मामले की जानकारी रखने वाले सूत्रों ने CNBC-TV18 को यह जानकारी दी है।

खुले बाजार से होगी खरीदारी

सूत्रों के मुताबिक, प्रमोटर चुनिंदा कंपनियों के शेयर खुले बाजार से धीरे-धीरे खरीद सकते हैं। इसे Creeping Purchase कहा जाता है। इसमें एक साथ बड़ी हिस्सेदारी खरीदने के बजाय समय के साथ थोड़ा-थोड़ा शेयर खरीदा जाता है।

SEBI के नियमों के तहत प्रमोटर इस तरीके से एक साल में अपनी हिस्सेदारी 5% तक बढ़ा सकते हैं। हालांकि, असल खरीदारी कितनी होगी और किस कंपनी में होगी, यह अभी साफ नहीं है।

₹2,000 से ₹3,000 करोड़ जुटाने की तैयारी

सूत्रों के मुताबिक, प्रमोटर Oil & Gas और Iron & Steel कारोबार में हिस्सेदारी बढ़ाने के लिए 2,000 से 3,000 करोड़ रुपये जुटा सकते हैं। इसके लिए Vedanta Ltd. या Vedanta Aluminium के शेयरों को गिरवी रखने या बेचने का विकल्प अपनाया जा सकता है।

हालांकि, Vedanta ने इस खबर की पुष्टि नहीं की है। CNBC-TV18 के सवाल पर कंपनी के प्रवक्ता ने कहा कि वह बाजार में चल रही अटकलों पर टिप्पणी नहीं करती।

अनिल अग्रवाल ने क्या कहा था?

इन डीमर्ज्ड कंपनियों की लिस्टिंग के समय Vedanta Group के चेयरमैन अनिल अग्रवाल ने कहा था कि उनके लिए ‘मालिक बने रहना जरूरी नहीं है।’ उन्होंने कहा था कि कंपनी की ग्रोथ के लिए वह हर संभव कदम उठाएंगे। इसमें कारोबार का पुनर्गठन और विदेशों में विस्तार भी शामिल है।

वेदांता ग्रुप के शेयरों का हाल

मंगलवार को Vedanta का शेयर 2.70%% गिरकर 276 रुपये पर बंद हुआ। वहीं Vedanta Oil & Gas का शेयर 39.64 रुपये पर लगभग सपाट रहा।

Vedanta Iron & Steel का शेयर 5% के अपर सर्किट के साथ 38.81 रुपये पर पहुंच गया। दूसरी ओर, Vedanta Aluminium Metal का शेयर 0.69% गिरकर 469.35 रुपये पर बंद हुआ।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Vedanta Demerger: वेदांता अब रियल एस्टेट कारोबार भी अलग करेगी, शेयरधारकों को मिलेगा नया शेयर

Vedanta Demerger: अनिल अग्रवाल के मालिकाना हक वाली मेटल और माइनिंग कंपनी वेदांता लिमिटेड ने अपने रियल एस्टेट कारोबार को भी अलग करने का ऐलान किया है। यह फैसला कंपनी के पावर, ऑयल एंड गैस, आयरन एंड स्टील और एल्युमिनियम कारोबार की अलग लिस्टिंग के करीब दो महीने बाद आया है।

कंपनी ने शेयर बाजार को दी जानकारी में कहा कि रियल एस्टेट बिजनेस को एक अलग लिस्टेड कंपनी बनाया जाएगा। यह डिमर्जर गोइंग कंसर्न आधार पर होगा। यानी कारोबार पहले की तरह चलता रहेगा, सिर्फ उसकी अलग कंपनी बन जाएगी।

शेयरधारकों को क्या मिलेगा?

वेदांता के मौजूदा शेयरधारकों को 20 शेयर पर 1 नया शेयर मिलेगा। यानी अगर आपके पास वेदांता के 20 शेयर हैं, तो डिमर्जर के बाद नई रियल एस्टेट कंपनी का 1 शेयर मिलेगा। हालांकि, इसके लिए रिकॉर्ड डेट का ऐलान अभी नहीं किया गया है।

क्या करती है रियल एस्टेट यूनिट?

वेदांता की यह यूनिट रिहायशी, कमर्शियल, रिटेल, इंडस्ट्रियल और हॉस्पिटैलिटी प्रोजेक्ट्स के विकास से जुड़ा काम करती है। इसके अलावा इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स, टाउनशिप, लीजिंग, इंडस्ट्रियल एस्टेट और स्पेशल इकोनॉमिक जोन (SEZ) जैसे प्रोजेक्ट्स पर भी काम कर सकती है। 31 मार्च 2026 तक वेदांता के रियल एस्टेट कारोबार का टर्नओवर सिर्फ ₹1.26 करोड़ था। यह कंपनी के कुल स्टैंडअलोन टर्नओवर का महज 0.001% है।

डिमर्जर से क्या होगा फायदा?

वेदांता का कहना है कि अलग कंपनी बनने के बाद रियल एस्टेट कारोबार अपने सेक्टर पर पूरी तरह फोकस कर सकेगा। इससे कारोबार बढ़ाने में आसानी होगी। नई कंपनी अपने हिसाब से निवेशक, रणनीतिक साझेदार और कर्जदाता भी जोड़ सकेगी। इससे विस्तार की रफ्तार तेज होने की उम्मीद है।

वेदांता के शेयरों का हाल

डिमर्जर के ऐलान और जून तिमाही के नतीजों के बाद वेदांता का शेयर 0.8% की बढ़त के साथ ₹266.65 पर बंद हुआ। पिछले एक महीने में स्टॉक 5.02% गिरा है। कंपनी का मार्केट कैप 99.44 हजार करोड़ रुपये है।

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