आर सिस्टम्स इंटरनेशनल ने दूसरे अंतरिम डिविडेंड का ऐलान किया है। कंपनी प्रति शेयर 8 रुपये का अंतरिम डिविडेंड शेयरहोल्डर्स को देगी। कंपनी ने इस बारे में स्टॉक एक्सचेंजों को शुक्रवार यानी 25 सितंबर को बताया। शुक्रवार को कंपनी का शेयर 0.18 फीसदी गिरकर 237 रुपये पर बंद हुआ।
24 अक्टूबर को या इससे पहले डिविडेंड का पेमेंट हो जाएगा
R Systems International के एक शेयर की फेस वैल्यू 1 रुपये है। इसका मतलब है कि अंतरिम डिविडेंड फेस वैल्यू का 800 फीसदी होगा। कंपनी ने कहा है कि शेयरहोल्डर्स को डिविडेंड का पेमेंट 24 अक्तूबर, 2026 को या इससे पहले कर दिया जाएगा। कंपनी ने कहा है कि डिविडेंड के लिए रिकॉर्ड डेट 1 अक्तूबर होगी। इसका मतलब है कि 1 अक्तूबर तक जिन शेयरहोल्डर्स के डीमैट अकाउंट में कंपनी के शेयर होंगे, वे डिविडेंड के हकदार होंगे।
कंपनी ने मार्च में प्रति शेयर 6 रुपये डिविडेंड का ऐलान किया था
यह डिविडेंड साल 2026 के लिए होगा। इससे पहले कंपनी ने 6 मार्च को प्रति शेयर 6 रुपये अंतरिम डिविडेंड का ऐलान किया था। इसके लिए कंपनी ने 12 मार्च रिकॉर्ड डेट तय की थी। दोनों डिविडेंड को मिलाकर कंपनी का कुल अंतरिम डिविडेंड 2026 में 14 रुपये पहुंच गया है।
दुनियाभर में कंपनी के 18 डिलीवरी सेंटर
आर सिस्टम्स इंटरनेशनल ने गुरप्रीत सिंह को कंपनी सेक्रेटरी एवं कंप्लायंस अफसर नियुक्त किया है। यह नियुक्ति 25 सितंबर से प्रभावी हो गई है। आर सिस्टम्स इंटरनेशनल की शुरुआत 1993 में हुई थी। कंपनी आईटी सर्विसेज ऑफर करती है। इसका फोकस प्रोडक्ट इंजीनियरिंग पर है। इसके क्लाइंट्स में कई बड़ी कंपनियां शामिल हैं, जिनमें Amazon Web Services, Microsoft और Google Cloud शामिल हैं। इसके नॉर्थ अमेरिका, यूरोप, एशिया पैसेफिक और भारत में 18 डिलीवरी सेंटर हैं।
आर सिस्टम्स इंटरनेशनल का शेयर इस साल 42% गिरा
आर सिस्टम्स इंटरनेशनल के शेयरों पर आईटी सेक्टर पर दबाव का असर पड़ा है। यह शेयर 2026 में अब तक करीब 42 फीसदी गिरा है। इस दौरान दूसरी आईटी कंपनियों के शेयरों में भी गिरावट आई है। TCS का शेयर इस दौरान 35 फीसदी से ज्यादा फिसला है। Infosys का शेयर करीब 39 फीसदी गिरा है। HCL Tech का शेयर 23 फीसदी और विप्रो का शेयर करीब 39 फीसदी टूटा है।
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शेयर बाजारों का सेंटिमेंट लगातार कमजोर
शेयर बाजारों में सेंटीमेंट लगातार कमजोर बना हुआ है। इसकी बड़ी वजह मध्यपूर्व क्राइसिस है। इसकी वजह से क्रूड की कीमतों में उछाल आया है। इससे दुनियाभर में महंगाई बढ़ने का डर बढ़ा है। हालांकि, 25 सितंबर को भारतीय शेयर बाजारों के प्रमुख सूचकांकों में रिकवरी देखने को मिली। इनवेस्टर्स की नजरें अब अगले हफ्ते बाजार की चाल पर हैं।

