Vedanta Demerger: वेदांता अब रियल एस्टेट कारोबार भी अलग करेगी, शेयरधारकों को मिलेगा नया शेयर

Vedanta Demerger: अनिल अग्रवाल के मालिकाना हक वाली मेटल और माइनिंग कंपनी वेदांता लिमिटेड ने अपने रियल एस्टेट कारोबार को भी अलग करने का ऐलान किया है। यह फैसला कंपनी के पावर, ऑयल एंड गैस, आयरन एंड स्टील और एल्युमिनियम कारोबार की अलग लिस्टिंग के करीब दो महीने बाद आया है।

कंपनी ने शेयर बाजार को दी जानकारी में कहा कि रियल एस्टेट बिजनेस को एक अलग लिस्टेड कंपनी बनाया जाएगा। यह डिमर्जर गोइंग कंसर्न आधार पर होगा। यानी कारोबार पहले की तरह चलता रहेगा, सिर्फ उसकी अलग कंपनी बन जाएगी।

शेयरधारकों को क्या मिलेगा?

वेदांता के मौजूदा शेयरधारकों को 20 शेयर पर 1 नया शेयर मिलेगा। यानी अगर आपके पास वेदांता के 20 शेयर हैं, तो डिमर्जर के बाद नई रियल एस्टेट कंपनी का 1 शेयर मिलेगा। हालांकि, इसके लिए रिकॉर्ड डेट का ऐलान अभी नहीं किया गया है।

क्या करती है रियल एस्टेट यूनिट?

वेदांता की यह यूनिट रिहायशी, कमर्शियल, रिटेल, इंडस्ट्रियल और हॉस्पिटैलिटी प्रोजेक्ट्स के विकास से जुड़ा काम करती है। इसके अलावा इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स, टाउनशिप, लीजिंग, इंडस्ट्रियल एस्टेट और स्पेशल इकोनॉमिक जोन (SEZ) जैसे प्रोजेक्ट्स पर भी काम कर सकती है। 31 मार्च 2026 तक वेदांता के रियल एस्टेट कारोबार का टर्नओवर सिर्फ ₹1.26 करोड़ था। यह कंपनी के कुल स्टैंडअलोन टर्नओवर का महज 0.001% है।

डिमर्जर से क्या होगा फायदा?

वेदांता का कहना है कि अलग कंपनी बनने के बाद रियल एस्टेट कारोबार अपने सेक्टर पर पूरी तरह फोकस कर सकेगा। इससे कारोबार बढ़ाने में आसानी होगी। नई कंपनी अपने हिसाब से निवेशक, रणनीतिक साझेदार और कर्जदाता भी जोड़ सकेगी। इससे विस्तार की रफ्तार तेज होने की उम्मीद है।

वेदांता के शेयरों का हाल

डिमर्जर के ऐलान और जून तिमाही के नतीजों के बाद वेदांता का शेयर 0.8% की बढ़त के साथ ₹266.65 पर बंद हुआ। पिछले एक महीने में स्टॉक 5.02% गिरा है। कंपनी का मार्केट कैप 99.44 हजार करोड़ रुपये है।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Anant Raj Demerger: अनंत राज दो हिस्सों में बंटेगी, डेटा सेंटर कारोबार के लिए अलग लिस्टेड कंपनी बनेगी

Anant Raj Demerger: रियल एस्टेट कंपनी Anant Raj Ltd ने अपने कारोबार में बड़ा बदलाव करने का फैसला किया है। कंपनी के बोर्ड ने एक कॉम्पोजिट स्कीम ऑफ अरेंजमेंट को मंजूरी दी है। इसके तहत डेटा सेंटर और क्लाउड सर्विसेज बिजनेस को रियल एस्टेट और इंफ्रास्ट्रक्चर कारोबार से अलग किया जाएगा। इस प्रक्रिया के बाद ग्रुप की दो अलग-अलग लिस्टेड कंपनियां होंगी।

हालांकि, इस योजना को लागू करने से पहले NCLT, SEBI, स्टॉक एक्सचेंज, शेयरधारकों और अन्य नियामकीय मंजूरियां मिलना जरूरी होगा।

किस कंपनी के पास कौन सा कारोबार रहेगा?

डिमर्जर के बाद Anant Raj Ltd रियल एस्टेट और इंफ्रास्ट्रक्चर कारोबार पर फोकस करेगी। कंपनी का ध्यान रेजिडेंशियल टाउनशिप, लग्जरी हाउसिंग, कमर्शियल प्रोजेक्ट्स और हॉस्पिटैलिटी बिजनेस पर रहेगा।

वहीं, Ashok Cloud Private Limited डेटा सेंटर, क्लाउड सर्विसेज और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर का कारोबार संभालेगी। कंपनी AI वर्कलोड, को-लोकेशन सर्विस, सॉवरेन पब्लिक क्लाउड, डिजास्टर रिकवरी, क्लाउड माइग्रेशन और डेटा बैकअप जैसी सेवाएं देगी।

शेयरधारकों को क्या मिलेगा?

कंपनी ने बताया कि डिमर्जर लागू होने के बाद योग्य शेयरधारकों को Anant Raj Ltd के हर एक ₹2 फेस वैल्यू वाले शेयर के बदले Ashok Cloud Private Limited का ₹2 फेस वैल्यू वाला एक शेयर मिलेगा।

हालांकि, डिमर्जर के बाद भी Ashok Cloud, Anant Raj Ltd की सब्सिडियरी बनी रहेगी। कंपनी की मौजूदा हिस्सेदारी रद्द नहीं की जाएगी।

कंपनी ने क्यों लिया यह फैसला?

कंपनी का कहना है कि दोनों कारोबार अब अलग-अलग दिशा में बढ़ रहे हैं। दोनों की पूंजी जरूरत, बिजनेस मॉडल और ग्रोथ स्ट्रेटजी भी अलग है। ऐसे में अलग कंपनियां बनने से दोनों बिजनेस अपने-अपने क्षेत्र पर ज्यादा फोकस कर सकेंगे।

कंपनी का मानना है कि इससे डेटा सेंटर बिजनेस को अलग पहचान मिलेगी। उसकी वैल्यू बेहतर तरीके से सामने आएगी। साथ ही सेक्टर-फोकस्ड निवेशकों को आकर्षित करने, रणनीतिक साझेदारी करने और नए निवेश जुटाने में भी आसानी होगी।

Anant Raj के एमडी ने क्या कहा?

Anant Raj के मैनेजिंग डायरेक्टर अमित सरीन ने कहा कि रियल एस्टेट और डेटा सेंटर कारोबार अब दो अलग प्लेटफॉर्म बन चुके हैं। दोनों की जरूरतें और ग्रोथ का रास्ता अलग है। ऐसे में डिमर्जर से दोनों कंपनियों को स्वतंत्र रणनीति बनाने और तेजी से विस्तार करने में मदद मिलेगी।

उन्होंने कहा कि डेटा सेंटर और क्लाउड कारोबार को एक ही प्लेटफॉर्म के तहत लाने से कॉरपोरेट स्ट्रक्चर सरल होगा। इससे फैसले तेजी से लिए जा सकेंगे और निवेशकों के लिए पारदर्शिता भी बढ़ेगी।

यह घोषणा बाजार बंद होने के बाद हुई। Anant Raj का शेयर मंगलवार को BSE पर 1.50% की गिरावट के साथ ₹609.60 पर बंद हुआ।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।