SIAM elects Shenu Agarwal as President for 2026-27

SIAM elects Shenu Agarwal as President for 2026-27
SIAM elects Shenu Agarwal as President for 2026-27

The Society of India Automobile Manufacturers (SIAM) elected Shenu Agarwal, Managing Director and Chief Executive Officer of Ashok Leyland, as President for the 2026-27 term. SIAM is the apex national body representing all major vehicle and vehicular engine manufacturers in India. The decision was finalised at an executive committee meeting during the 2026 SIAM Annual Convention on Thursday.

  1. Shenu Agarwal succeeds Tata Motors’s Shailesh Chandra as SIAM President
  2. Agarwal served as SIAM Vice President during his previous term

Agarwal has served as SIAM Vice President during his previous term. Taking over as President, he succeeds Shailesh Chandra, Managing Director and CEO of Tata Motors Passenger Vehicles.

K N Radhakrishnan (left), Santosh Iyer (right).
K N Radhakrishnan (left), Santosh Iyer (right).

K N Radhakrishnan, Director and CEO of TVS Motor, was elected Vice President by SIAM. Santosh Iyer, Managing Director and CEO of Mercedes-Benz India, took over as Treasurer for the current term.

Share Market Fall: निफ्टी में लगातार चौथे दिन गिरावट, सेंसेक्स 71 अंक टूटा; निवेशकों की दौलत ₹1.97 लाख करोड़ घटी

शेयर बाजार में शुक्रवार, 14 अगस्त को बिकवाली का आलम रहा। स्वतंत्रता दिवस से एक दिन पहले सेंसेक्स 70.71 अंकों की गिरावट के साथ 78,009.25 पर और निफ्टी 29.85 अंकों की गिरावट के साथ 24,366 पर बंद हुआ। इस बीच BSE पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप 1.97 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा घट गया। दिन में सेंसेक्स पिछले बंद भाव से 395.66 अंक तक टूटकर 77,684.37 के लो तक गया। इसी तरह निफ्टी भी पिछली क्लोजिंग से 99 अंक तक टूटकर 24,296.80 के लो तक गया। निफ्टी में लगातार चौथे कारोबारी सत्र में गिरावट रही।

गुरुवार, 13 अगस्त को शेयर मार्केट बंद होने पर BSE पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप 4,94,13,560.799 करोड़ रुपये रहा था। शुक्रवार को यह घटकर 4,92,16,152.08 करोड़ रुपये रह गया। यानि कि 1,97,408.719 करोड़ रुपये की कमी।

मार्केट बंद होने पर NSE पर अपोलो हॉस्पिटल्स एंटरप्राइज, भारती एयरटेल, अदाणी पोर्ट्स, अदाणी एंटरप्राइजेज और ICICI Bank टॉप गेनर रहे। दूसरी ओर टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स, जियो फाइनेंशियल सर्विसेज, एशियन पेंट्स, हिंडाल्को इंडस्ट्रीज और ONGC टॉप लूजर रहे।

गुरुवार को कैसा रहा था कारोबार

गुरुवार को कारोबार के अंतिम घंटे में हुई बाइंग से सेंसेक्स 113.61 अंक या 0.15 प्रतिशत की बढ़त के साथ 78,079.96 पर बंद हुआ था। वहीं, निफ्टी 40.10 अंक या 0.16 प्रतिशत टूटकर 24,395.85 पर बंद हुआ था। BSE मिडकैप सेलेक्ट सूचकांक में 0.53 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई, जबकि स्मॉलकैप सेलेक्ट में 0.35 प्रतिशत का लाभ रहा।

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वैश्विक बाजारों का हाल

एशियाई बाजारों में हेंग सेंग, SET कंपोजिट और ताइवान वेटेड में गिरावट है। वहीं कॉस्पी, निक्केई 225, शंघाई कंपोजिट और जकार्ता कंपोजिट बढ़त में हैं। यूरोपीय बाजार हरे निशान में हैं। अमेरिकी बाजार गुरुवार को बढ़त के साथ बंद हुए थे।

रुपये में आई 3 पैसे की मजबूती

विदेशी बाजारों में अमेरिकी डॉलर के कमजोर रुख के बीच रुपया शुक्रवार को 3 पैसे की बढ़त के साथ 95.42 प्रति डॉलर (अस्थायी) पर बंद हुआ। घरेलू शेयर बाजार से विदेशी पूंजी की निकासी और वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के कारण रुपये पर दबाव बना रहा। रुपया गुरुवार को 12 पैसे की गिरावट के साथ 95.45 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

इस हफ्ते बीते चार महीनों में सबसे ज्यादा चढ़ा बाजार, जानिए अगले हफ्ते कैसी रहेगी चाल

भारतीय शेयर बाजारों के लिए यह हफ्ता बीते करीब चार महीनों में सबसे अच्छा रहा। बाजार के प्रमुख सूचकांकों में 2.5 फीसदी से ज्यादा तेजी आई। इसमें उम्मीद से बेहतर जून तिमाही के कंपनियों के नतीजों, रुपये में मजबूती और विदेशी निवेशकों की खरीदारी का हाथ रहा।

सेंसेक्स-निफ्टी में 2.5 फीसदी से ज्यादा तेजी

इस हफ्ते सेंसेक्स 2.67 फीसदी यानी 2,034 अंक चढ़कर 78,094 पर बंद हुआ। Nifty 50 भी 2.59 फीसदी यानी 616 अंक की मजबूती के साथ 24,383 पर बंद हुआ। निफ्टी आईटी इस हफ्ते सबसे ज्यादा चढ़ने वाला सूचकांक रहा। इसमें 6.75 फीसदी उछाल आया। निफ्टी ऑटो में भी 5.61 फीसदी मजबूती आई।

निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स में भी अच्छी तेजी

खास बात यह है कि इस हफ्ते छोटी-बड़ी हर तरह की कंपनियों के शेयरों में तेजी दिखी। Nifty Smallcap 100 Index 2.6 फीसदी चढ़ा। Redington, Kaynes Technology India, Firstsource Solutions, Brigade Enterprises, Affle 3I, IIFL Finance, KFin Technologies और IFCI के शेयरों में 24 फीसदी तक तेजी दिखी।

इन मिडकैप शेयरों में 10 फीसदी तक की तेजी

Nifty Midcap Index में भी इस हफ्ते 2 फीसदी तेजी आई। Coforge, Lauras Labs, Swiggy, Container Corporation of India और Ashok Leyland के शेयरों में 10 फीसदी तक की तेजी आई। गिरने वाले शेयरों में Suzlon Energy, Phoenix Mills, Billionbrains Garage Ventures, Bank of India और LICHF प्रमुख रहे।

विदेशी निवेशकों की अच्छी खरीदारी 

विदेशी संस्थागत निवेशकों ने दो हफ्ते के बाद भारतीय बाजार में इस हफ्ते निवेश किया। उन्होंने 5,946 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे। घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने भी 5,387 करोड़ रुपये की खरीदारी कर बाजार को अच्छा सपोर्ट दिया। रुपये में बीते पांच हफ्तों से जारी गिरावट पर भी ब्रेक लग गया। यह अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 118 पैसे की मजबूती के साथ 95.39 के लेवल पर बंद हुआ।

निफ्टी अगले हफ्ते 24,500-24,60 लेवल टेस्ट कर सकता है

सेबी रजिस्टर्ड एनालिस्ट अनुज गुप्ता ने कहा कि अगले हफ्ते निफ्टी के लिए 24,100-23,800 पर स्ट्रॉन्ग सपोर्ट है। रेसिस्टेंस 24,500-24,700 के लेवल पर है। बैंक निफ्टी के लिए 56,000-54,500 पर स्ट्रॉन्ग सपोर्ट है। इसे 58,500-6000 के लेवल पर रेसिस्टेंस का सामना करना पड़ेगा। अगले हफ्ते निफ्टी के 24,500-24,600 का लेवल टेस्ट करने की उम्मीद है।

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इस हफ्ते आए इन दिग्गज कंपनियों के जून तिमाही के नतीजे

इस हफ्ते मारुति सुजुकी, ह्युंडई, एशियन पेंट्स, स्विगी, आईटीसी और सन फार्मा सहित कई दिग्गज कंपनियों के जून तिमाही के नतीजे आए। मारुति का प्रॉफिट 11 फीसदी गिरा। आईटीसी का प्रॉफिट 27 फीसदी गिरा। लेकिन, सन फॉर्मा का प्रॉफिट 27 फीसदी बढ़ा। एशियन पेंट्स का प्रॉफिट तो 40 फीसदी तक बढ़ गया।

Share Markets Closing: आखिर ऐसा क्या हुआ कि अंतिम 75 मिनट में सेंसेक्स 500 अंक गिर गया?

इस हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन बाजार में जबर्दस्त उतार-चढ़ाव रहा। ज्यादातर समय बाजार के प्रमुख सूचकांक निफ्टी और सेंसेक्स में शानदार तेजी दिखी। लेकिन, कारोबार के करीब एक-सवा घंटे में सूचकांकों ने अपनी काफी बढ़त गंवा दी। अंतिम कुछ मिनटों में प्रॉफिट बुकिंग ने बाजार पर दबाव बना दिया।

75 मिनट में सेंसेक्स ने गंवाएं 500 अंक

दो दिनों के कारोबार में 1700 अंक चढ़ने वाले सेंसेक्स ने अंतिम कुछ मिनटों में घुटने टेक दिए। 1:50 बजे सेंसेक्स 77,594 अंक पर था। 3:05 में यह गिरकर 77,095 अंक पर आ गया। यह सिर्फ 75 मिनट में 500 अंक की गिरावट है। इस गिरावट ने इनवेस्टर्स को चौंकाया। खासकर लॉन्ग पोजीशन वाले इनवेस्टर्स ज्यादा परेशान दिखे।

26 जून को बीएसई-एनएसई में छुट्टी

इक्विरियस वेल्थ के एमडी और डायरेक्टर अंकुर पुंज ने रायटर्स को बताया, “चूंकि शेयर बाजार 26 जून को बंद रहेंगे, इसलिए इनवेस्टर्स ने कारोबार के अंतिम पलों में अपने पोजीशन काटे।” 26 जून को शेयर बाजारों में मुहर्रम की छुट्टी है। इसलिए बीएसई और एनएसई बंद रहेंगे। 29 जून यानी सोमवार को बीएसई और एनएसई खुलेंगे।

मानसून में कम बारिश बाजार के लिए रिस्क

बजाज फिनसर्व एएमसी ने अपनी रिपोर्ट में कहा है, “मानसून में सामान्य से कम बारिश शेयर बाजार के लिए शॉर्ट टर्म रिस्क है। लेकिन, केंद्रीय बैंक ने फॉरेन करेंसी डिपॉजिट बढ़ाने के उपाय किए हैं। सरकार ने फॉरेन इनवेस्टर्स को बॉन्ड्स में निवेश पर टैक्स में छूट दी है। इससे मार्केट में इनफ्लो बढ़ना चाहिए।”

एविएशन कंपनियों के शेयरों में तेजी

इंटरग्लोब एविएशन का शेयर अंत तक तेजी बनाए रखने में सफल रहा। यह 4.7 फीसदी चढ़कर बंद हुआ। क्रूड में नरमी का असर एविएशन कंपनियों के शेयरों पर दिखा। स्पाइसजेट के शेयरों में भी मजबूती दिखी। ऑटो और इससे संबंधित सेक्टर की कंपनियों में भी मजबूत दिखी।

ऑटो शेयरों ने भी दिखाई रफ्तार

Bajaj Auto, Maruti Suzuki, Tata Motors PV और महिंद्रा एंड महिंद्रा के शेयर 1-4 फीसदी चढ़कर बंद हुए। TVS Motor, Ashok Leyland और टाटा मोटर्स सीवी के शेयर तो 4-5 फीसदी तक उछल गए। Motherson Sumi Wiring का शेयर तो 9 फीसदी चढ़कर बंद हुआ।

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भारतीय बाजार का बुरा दौर हो रहा खत्म

आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज ने कहा है कि भारतीय बाजार के लिए स्थितियां अनुकूल हो रही हैं। क्रूड में नरमी है। घरेलू डिमांड स्ट्रॉन्ग बनी हुई है। इससे आगे कॉर्पोरेट अर्निंग्स बढ़ने की उम्मीद है। अमेरिका-ईरान में लड़ाई खत्म होने से महंगाई बढ़ने का खतरा कम हुआ है। एआई कंपनियों में निवेश को लेकर उत्साह ठंडा पड़ रहा है। इससे बाजार का सेंटीमेंट पॉजिटिव बना रह सकता है।

Tata Motors को 3400 से ज्यादा eCV के ऑर्डर, सोमवार को शेयर भर सकता है फर्राटा

टाटा ग्रुप के कमर्शियल व्हीकल बिजनेस टाटा मोटर्स के शेयरों में सोमवार, 22 जून को अच्छी तेजी देखने को मिल सकती है। कंपनी को माल ढुलाई, लॉजिस्टिक्स और यात्री परिवहन जैसे क्षेत्रों में 3,400 से ज्यादा इलेक्ट्रिक कमर्शियल वाहनों (eCV) के ऑर्डर मिले हैं। इस बारे में कंपनी ने शेयर बाजारों को जानकारी दी है। एक्सचेंज फाइलिंग में टाटा मोटर्स ने कहा कि इन ऑर्डर्स में लगभग 2,000 छोटे कमर्शियल व्हीकल्स और पिक-अप्स, 900 ट्रक और 500 बसें शामिल हैं।

इनका इस्तेमाल कई तरह के कामों में होगा, जैसे कि ई-कॉमर्स, लॉजिस्टिक्स, FMCG और FMCD डिस्ट्रीब्यूशन, शहर के अंदर आवाजाही, और साथ ही सीमेंट, स्टील, माइनिंग और एयरपोर्ट ऑपरेशन्स जैसे मुश्किल क्षेत्रों में भी। इसके अलावा, ये वाहन शहर के अंदर और शहरों के बीच यात्री परिवहन के लिए भी इस्तेमाल किए जाएंगे।

टाटा मोटर्स के मुताबिक, इतने बड़े पैमाने पर इलेक्ट्रिक व्हीकल्स का इस्तेमाल असल हालात में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी समाधानों पर ग्राहकों के बढ़ते भरोसे को दिखाता है। साथ ही, यह पायलट प्रोग्राम से आगे बढ़कर अलग-अलग तरह के कामों में EV को बड़े पैमाने पर और ऑपरेशनल तौर पर शामिल करने की दिशा में एक अहम बदलाव का संकेत है। टाटा मोटर्स के शेयर की कीमत वर्तमान में BSE पर 401.95 रुपये है। कंपनी का मार्केट कैप 1.48 लाख करोड़ रुपये है। शेयर BSE 100 इंडेक्स का हिस्सा है।

12 महीनों में eCV पोर्टफोलियो किया काफी मजबूत

कंपनी ने कहा कि पिछले 12 महीनों में उसने अपने इलेक्ट्रिक कमर्शियल व्हीकल पोर्टफोलियो को काफी मजबूत किया है। अलग-अलग तरह के कामों और ऑपरेशंस की स्थितियों के हिसाब से नई पीढ़ी के eCV पेश किए हैं। टाटा मोटर्स की पहले से ही बड़ी संख्या में इलेक्ट्रिक गाड़ियां चल रही हैं। कई शहरों में इसकी 3,800 से ज्यादा इलेक्ट्रिक बसें ऑपरेशनल हैं। ये बसें कुल मिलाकर 55 करोड़ किलोमीटर से ज्यादा चल चुकी हैं। छोटे कमर्शियल व्हीकल्स सेगमेंट की बात करें तो सड़कों पर 17,000 से ज्यादा Tata eSCV चल रहे हैं।

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हाल ही में सरकार के साथ किया है एक समझौता

हाल ही में टाटा मोटर्स ने सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) के साथ समझौता किया है। इसके तहत कंपनी दिल्ली-एनसीआर में पुराने ट्रकों और बसों को नई और कम प्रदूषण फैलाने वाली गाड़ियों से बदलने की सरकारी योजना में हिस्सा लेगी। योजना के तहत टाटा मोटर्स पात्र ग्राहकों को नए ट्रक और बस खरीदने पर एक्स-शोरूम कीमत पर 8% तक की छूट देगी। इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (EV) पर भी छूट मिलेगी।

योजना में शामिल लोगों को केंद्र सरकार की ओर से कई फायदे मिलेंगे। सरकार 5% ब्याज सब्सिडी देगी। इसके अलावा 5 साल तक हर महीने फ्यूल वाउचर भी दिए जाएंगे। योजना में शामिल राज्य सरकारें मोटर व्हीकल टैक्स में 10 साल तक 100% तक की छूट दे सकती हैं। इसके अलावा पात्र लोगों को व्हीकल रजिस्ट्रेशन फीस भी नहीं देनी होगी। योजना को लागू करने के लिए Ashok Leyland और Switch Mobility ने भी सरकार के साथ समझौता किया है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

टाटा मोटर्स ने सरकार से मिलाया हाथ, पुराने ट्रक-बस बदलने पर मिलेगी खास छूट; शेयरों पर रहेगी नजर

Tata Motors share price: टाटा ग्रुप की ऑटो कंपनी टाटा मोटर्स कमर्शियल व्हीकल (Tata Motors CV) ने सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) के साथ समझौता किया है। इसके तहत कंपनी दिल्ली-एनसीआर में पुराने ट्रक और बसों को हटाकर नए और कम प्रदूषण फैलाने वाली गाड़ियों से बदलने की सरकारी योजना में हिस्सा लेगी।

नए ट्रक और बस खरीदने पर मिलेगी 8% तक छूट

इस योजना के तहत टाटा मोटर्स पात्र ग्राहकों को नए ट्रक और बस खरीदने पर एक्स-शोरूम कीमत पर 8% तक की छूट देगी। इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (EV) पर भी छूट मिलेगी। हालांकि, EV पर मिलने वाली छूट उसी कैटेगरी के डीजल या पेट्रोल व्हीकल पर लागू छूट तक सीमित रहेगी।

सरकार भी देगी अतिरिक्त फायदे

योजना में शामिल लोगों को केंद्र सरकार की ओर से कई फायदे मिलेंगे। सरकार 5% ब्याज सब्सिडी देगी। इसके अलावा पांच साल तक हर महीने फ्यूल वाउचर भी दिए जाएंगे।

योजना में शामिल राज्य सरकारें मोटर व्हीकल टैक्स में 10 साल तक 100% तक की छूट दे सकती हैं। इसके अलावा पात्र लोगों को व्हीकल रजिस्ट्रेशन फीस भी नहीं देनी होगी।

इस योजना को लागू करने के लिए Ashok Leyland और Switch Mobility ने भी सरकार के साथ समझौता किया है। ट्रक और बस बाजार में इन दोनों कंपनियों की संयुक्त हिस्सेदारी करीब 50% है।

क्या है 5,041 करोड़ रुपये की योजना?

केंद्र सरकार ने इसी महीने 5,041 करोड़ रुपये की योजना को मंजूरी दी थी। इसका मकसद दिल्ली-एनसीआर में चल रहे 2 लाख से ज्यादा पुराने ट्रक और बसों को हटाना है। उनकी जगह BS-VI या इलेक्ट्रिक व्हीकल्स लाए जाएंगे।

योजना के दायरे में 1.9 लाख से ज्यादा ट्रक और करीब 16,000 बसें आएंगी। ये ऐसे व्हीकल्स हैं जो BS-IV या उससे पुराने इमिशन नॉर्म्स पर चलते हैं।

प्रदूषण कम करने पर फोकस

केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव के मुताबिक दिल्ली-एनसीआर में होने वाले कुल पार्टिकुलेट प्रदूषण का करीब 40% हिस्सा ट्रांसपोर्ट सेक्टर से आता है। इसमें डीजल और पेट्रोल से चलने वाले दोपहिया, कार, बस और ट्रक शामिल हैं।

सरकार का कहना है कि BS-I से BS-IV मानकों वाले पुराने व्हीकल्स, BS-VI व्हीकल्स की तुलना में 67% ज्यादा कार्बन मोनोऑक्साइड और 97% ज्यादा पार्टिकुलेट मैटर छोड़ते हैं। यही वजह है कि पुराने ट्रक और बसों को हटाने पर जोर दिया जा रहा है।

कौन करेगा योजना लागू?

इस योजना को सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH), नेशनल कैपिटल रीजन प्लानिंग बोर्ड (NCRPB) और दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश व राजस्थान की राज्य सरकारें मिलकर लागू करेंगी।

Tata Motors CV का शेयर गुरुवार को 1.06% बढ़कर ₹ 407 पर बंद हुआ।

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