Tata Motors को 3400 से ज्यादा eCV के ऑर्डर, सोमवार को शेयर भर सकता है फर्राटा

टाटा ग्रुप के कमर्शियल व्हीकल बिजनेस टाटा मोटर्स के शेयरों में सोमवार, 22 जून को अच्छी तेजी देखने को मिल सकती है। कंपनी को माल ढुलाई, लॉजिस्टिक्स और यात्री परिवहन जैसे क्षेत्रों में 3,400 से ज्यादा इलेक्ट्रिक कमर्शियल वाहनों (eCV) के ऑर्डर मिले हैं। इस बारे में कंपनी ने शेयर बाजारों को जानकारी दी है। एक्सचेंज फाइलिंग में टाटा मोटर्स ने कहा कि इन ऑर्डर्स में लगभग 2,000 छोटे कमर्शियल व्हीकल्स और पिक-अप्स, 900 ट्रक और 500 बसें शामिल हैं।

इनका इस्तेमाल कई तरह के कामों में होगा, जैसे कि ई-कॉमर्स, लॉजिस्टिक्स, FMCG और FMCD डिस्ट्रीब्यूशन, शहर के अंदर आवाजाही, और साथ ही सीमेंट, स्टील, माइनिंग और एयरपोर्ट ऑपरेशन्स जैसे मुश्किल क्षेत्रों में भी। इसके अलावा, ये वाहन शहर के अंदर और शहरों के बीच यात्री परिवहन के लिए भी इस्तेमाल किए जाएंगे।

टाटा मोटर्स के मुताबिक, इतने बड़े पैमाने पर इलेक्ट्रिक व्हीकल्स का इस्तेमाल असल हालात में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी समाधानों पर ग्राहकों के बढ़ते भरोसे को दिखाता है। साथ ही, यह पायलट प्रोग्राम से आगे बढ़कर अलग-अलग तरह के कामों में EV को बड़े पैमाने पर और ऑपरेशनल तौर पर शामिल करने की दिशा में एक अहम बदलाव का संकेत है। टाटा मोटर्स के शेयर की कीमत वर्तमान में BSE पर 401.95 रुपये है। कंपनी का मार्केट कैप 1.48 लाख करोड़ रुपये है। शेयर BSE 100 इंडेक्स का हिस्सा है।

12 महीनों में eCV पोर्टफोलियो किया काफी मजबूत

कंपनी ने कहा कि पिछले 12 महीनों में उसने अपने इलेक्ट्रिक कमर्शियल व्हीकल पोर्टफोलियो को काफी मजबूत किया है। अलग-अलग तरह के कामों और ऑपरेशंस की स्थितियों के हिसाब से नई पीढ़ी के eCV पेश किए हैं। टाटा मोटर्स की पहले से ही बड़ी संख्या में इलेक्ट्रिक गाड़ियां चल रही हैं। कई शहरों में इसकी 3,800 से ज्यादा इलेक्ट्रिक बसें ऑपरेशनल हैं। ये बसें कुल मिलाकर 55 करोड़ किलोमीटर से ज्यादा चल चुकी हैं। छोटे कमर्शियल व्हीकल्स सेगमेंट की बात करें तो सड़कों पर 17,000 से ज्यादा Tata eSCV चल रहे हैं।

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हाल ही में सरकार के साथ किया है एक समझौता

हाल ही में टाटा मोटर्स ने सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) के साथ समझौता किया है। इसके तहत कंपनी दिल्ली-एनसीआर में पुराने ट्रकों और बसों को नई और कम प्रदूषण फैलाने वाली गाड़ियों से बदलने की सरकारी योजना में हिस्सा लेगी। योजना के तहत टाटा मोटर्स पात्र ग्राहकों को नए ट्रक और बस खरीदने पर एक्स-शोरूम कीमत पर 8% तक की छूट देगी। इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (EV) पर भी छूट मिलेगी।

योजना में शामिल लोगों को केंद्र सरकार की ओर से कई फायदे मिलेंगे। सरकार 5% ब्याज सब्सिडी देगी। इसके अलावा 5 साल तक हर महीने फ्यूल वाउचर भी दिए जाएंगे। योजना में शामिल राज्य सरकारें मोटर व्हीकल टैक्स में 10 साल तक 100% तक की छूट दे सकती हैं। इसके अलावा पात्र लोगों को व्हीकल रजिस्ट्रेशन फीस भी नहीं देनी होगी। योजना को लागू करने के लिए Ashok Leyland और Switch Mobility ने भी सरकार के साथ समझौता किया है।

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टाटा मोटर्स ने सरकार से मिलाया हाथ, पुराने ट्रक-बस बदलने पर मिलेगी खास छूट; शेयरों पर रहेगी नजर

Tata Motors share price: टाटा ग्रुप की ऑटो कंपनी टाटा मोटर्स कमर्शियल व्हीकल (Tata Motors CV) ने सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) के साथ समझौता किया है। इसके तहत कंपनी दिल्ली-एनसीआर में पुराने ट्रक और बसों को हटाकर नए और कम प्रदूषण फैलाने वाली गाड़ियों से बदलने की सरकारी योजना में हिस्सा लेगी।

नए ट्रक और बस खरीदने पर मिलेगी 8% तक छूट

इस योजना के तहत टाटा मोटर्स पात्र ग्राहकों को नए ट्रक और बस खरीदने पर एक्स-शोरूम कीमत पर 8% तक की छूट देगी। इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (EV) पर भी छूट मिलेगी। हालांकि, EV पर मिलने वाली छूट उसी कैटेगरी के डीजल या पेट्रोल व्हीकल पर लागू छूट तक सीमित रहेगी।

सरकार भी देगी अतिरिक्त फायदे

योजना में शामिल लोगों को केंद्र सरकार की ओर से कई फायदे मिलेंगे। सरकार 5% ब्याज सब्सिडी देगी। इसके अलावा पांच साल तक हर महीने फ्यूल वाउचर भी दिए जाएंगे।

योजना में शामिल राज्य सरकारें मोटर व्हीकल टैक्स में 10 साल तक 100% तक की छूट दे सकती हैं। इसके अलावा पात्र लोगों को व्हीकल रजिस्ट्रेशन फीस भी नहीं देनी होगी।

इस योजना को लागू करने के लिए Ashok Leyland और Switch Mobility ने भी सरकार के साथ समझौता किया है। ट्रक और बस बाजार में इन दोनों कंपनियों की संयुक्त हिस्सेदारी करीब 50% है।

क्या है 5,041 करोड़ रुपये की योजना?

केंद्र सरकार ने इसी महीने 5,041 करोड़ रुपये की योजना को मंजूरी दी थी। इसका मकसद दिल्ली-एनसीआर में चल रहे 2 लाख से ज्यादा पुराने ट्रक और बसों को हटाना है। उनकी जगह BS-VI या इलेक्ट्रिक व्हीकल्स लाए जाएंगे।

योजना के दायरे में 1.9 लाख से ज्यादा ट्रक और करीब 16,000 बसें आएंगी। ये ऐसे व्हीकल्स हैं जो BS-IV या उससे पुराने इमिशन नॉर्म्स पर चलते हैं।

प्रदूषण कम करने पर फोकस

केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव के मुताबिक दिल्ली-एनसीआर में होने वाले कुल पार्टिकुलेट प्रदूषण का करीब 40% हिस्सा ट्रांसपोर्ट सेक्टर से आता है। इसमें डीजल और पेट्रोल से चलने वाले दोपहिया, कार, बस और ट्रक शामिल हैं।

सरकार का कहना है कि BS-I से BS-IV मानकों वाले पुराने व्हीकल्स, BS-VI व्हीकल्स की तुलना में 67% ज्यादा कार्बन मोनोऑक्साइड और 97% ज्यादा पार्टिकुलेट मैटर छोड़ते हैं। यही वजह है कि पुराने ट्रक और बसों को हटाने पर जोर दिया जा रहा है।

कौन करेगा योजना लागू?

इस योजना को सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH), नेशनल कैपिटल रीजन प्लानिंग बोर्ड (NCRPB) और दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश व राजस्थान की राज्य सरकारें मिलकर लागू करेंगी।

Tata Motors CV का शेयर गुरुवार को 1.06% बढ़कर ₹ 407 पर बंद हुआ।

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