Auto Stocks का दम, Sensex में 500 अंकों का उछाल, Nifty भी तीन बड़ी वजहों से 24000 के पार

Stock Market Rally: एक कारोबारी दिन पहले की तेज गिरावट से उबरते हुए आज घरेलू इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज सेंसेक्स-निफ्टी ने अच्छी बढ़त हासिल की। सेंसेक्स इंट्रा-डे में प्वाइंट्स से अधिक ऊपर चढ़ गया तो निफ्टी 50 भी 24000 के पार चला गया। ब्रोडर लेवल पर रौनक है और निफ्टी मिडकैप और निफ्टी स्मॉलकैप 100 में आधे-आधे फीसदी की बढ़त है। इक्विटी बेंचमार्क इंडेक्सेज की बात करें तो फिलहाल 11:25 AM पर सेंसेक्स 469.41 प्वाइंट्स यानी 0.61% की बढ़त के साथ 76,948.08 और निफ्टी 137.40 प्वाइंट्स यानी 0.58% के उछाल के साथ 24,003.15 पर है। इंट्रा-डे में सेंसेक्स 541.13 प्वाइंट्स चढ़कर 77,019.80 और निफ्टी भी 161.10 प्वाइंट्स उछलकर 24,026.85 तक पहुंच गया था।

Stock Market Rally: इन वजहों से छाई रौनक

ऑटो और एफएमसीजी स्टॉक्स में जोरदार तेजी

जून महीने की बिक्री के आंकड़े पर ऑटो स्टॉक्स झूम उठे और इसका निफ्टी इंडेक्स 1% से ऊपर चढ़ गया। एफएमसीजी सेक्टर में भी अच्छी रौनक है और निफ्टी एफएमसीजी डेढ़ फीसदी से अधिक मजबूत हुआ है। निफ्टी रियल्टी में भी 1% से अधिक बढ़त है। इनकी तेजी ने आईटी, मेटल और फार्मा सेक्टर में बिकवाली के दबाव को फीका कर दिया जिनके निफ्टी इंडेक्स में आधे-आधे फीसदी की गिरावट है।

एशियाई बाजारों से मजबूत संकेत

घरेलू मार्केट को आज एशियाई बाजारों से मजबूत संकेत से सपोर्ट मिला है। ताइवान का ताइवान वेटेड डेढ़ फीसदी से अधिक, जापान का निक्केई 225 करीब 1% और चीन का शंघाई कंपोजिट करीब आधे फीसदी मजबूत हुआ है। हालांकि दक्षिण कोरिया के कोस्पी में 2% से अधिक गिरावट का असर भारत में आईटी सेक्टर पर दिख रहा है।

तकनीकी वजह

मार्केट एनालिस्ट्स के मुताबिक जब तक निफ्टी 23800 के ऊपर बना हुआ है, मार्केट ऊपर चढ़ सकता है। एक्सिस डायरेक्ट के रिसर्च हेड राजेश पालवीया का कहना है कि 24200 के ऊपर जाकर निफ्टी टिकता है तो यह 24400 की तरफ बढ़ सकता है। हालांकि अगर यह 24000 का लेवल नहीं हासिल कर पाता है तो यह फिर 23800-23900 का लेवल छू सकता है।

कोटक सिक्योरिटीज के इक्विटी रिसर्च हेड श्रीकांत चौहान मानना है कि सेंसेक्स/निफ्टी के लिए 24,000/77,000 अहम ब्रेकआउट लेवल है और ऐसा हुआ तो मार्केट 24,150–24,200/77,500–77,700 की तरफ बढ़ सकता है। वहीं नीचे की तरफ तात्कालिक सपोर्ट जोन 23,900–23,800 पर है और 50-दिनों का एसएमए 23,800/76,300 के पास है। श्रीकांत के मुताबिक अगर यह लेवल टूटा तो बिकवाली का दबाव बढ़ सकता है और मार्केट 23,700–23,600/75,800–75,500 की तरफ खिसक सकता है।

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टाटा मोटर्स ने सरकार से मिलाया हाथ, पुराने ट्रक-बस बदलने पर मिलेगी खास छूट; शेयरों पर रहेगी नजर

Tata Motors share price: टाटा ग्रुप की ऑटो कंपनी टाटा मोटर्स कमर्शियल व्हीकल (Tata Motors CV) ने सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH) के साथ समझौता किया है। इसके तहत कंपनी दिल्ली-एनसीआर में पुराने ट्रक और बसों को हटाकर नए और कम प्रदूषण फैलाने वाली गाड़ियों से बदलने की सरकारी योजना में हिस्सा लेगी।

नए ट्रक और बस खरीदने पर मिलेगी 8% तक छूट

इस योजना के तहत टाटा मोटर्स पात्र ग्राहकों को नए ट्रक और बस खरीदने पर एक्स-शोरूम कीमत पर 8% तक की छूट देगी। इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (EV) पर भी छूट मिलेगी। हालांकि, EV पर मिलने वाली छूट उसी कैटेगरी के डीजल या पेट्रोल व्हीकल पर लागू छूट तक सीमित रहेगी।

सरकार भी देगी अतिरिक्त फायदे

योजना में शामिल लोगों को केंद्र सरकार की ओर से कई फायदे मिलेंगे। सरकार 5% ब्याज सब्सिडी देगी। इसके अलावा पांच साल तक हर महीने फ्यूल वाउचर भी दिए जाएंगे।

योजना में शामिल राज्य सरकारें मोटर व्हीकल टैक्स में 10 साल तक 100% तक की छूट दे सकती हैं। इसके अलावा पात्र लोगों को व्हीकल रजिस्ट्रेशन फीस भी नहीं देनी होगी।

इस योजना को लागू करने के लिए Ashok Leyland और Switch Mobility ने भी सरकार के साथ समझौता किया है। ट्रक और बस बाजार में इन दोनों कंपनियों की संयुक्त हिस्सेदारी करीब 50% है।

क्या है 5,041 करोड़ रुपये की योजना?

केंद्र सरकार ने इसी महीने 5,041 करोड़ रुपये की योजना को मंजूरी दी थी। इसका मकसद दिल्ली-एनसीआर में चल रहे 2 लाख से ज्यादा पुराने ट्रक और बसों को हटाना है। उनकी जगह BS-VI या इलेक्ट्रिक व्हीकल्स लाए जाएंगे।

योजना के दायरे में 1.9 लाख से ज्यादा ट्रक और करीब 16,000 बसें आएंगी। ये ऐसे व्हीकल्स हैं जो BS-IV या उससे पुराने इमिशन नॉर्म्स पर चलते हैं।

प्रदूषण कम करने पर फोकस

केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव के मुताबिक दिल्ली-एनसीआर में होने वाले कुल पार्टिकुलेट प्रदूषण का करीब 40% हिस्सा ट्रांसपोर्ट सेक्टर से आता है। इसमें डीजल और पेट्रोल से चलने वाले दोपहिया, कार, बस और ट्रक शामिल हैं।

सरकार का कहना है कि BS-I से BS-IV मानकों वाले पुराने व्हीकल्स, BS-VI व्हीकल्स की तुलना में 67% ज्यादा कार्बन मोनोऑक्साइड और 97% ज्यादा पार्टिकुलेट मैटर छोड़ते हैं। यही वजह है कि पुराने ट्रक और बसों को हटाने पर जोर दिया जा रहा है।

कौन करेगा योजना लागू?

इस योजना को सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय (MoRTH), नेशनल कैपिटल रीजन प्लानिंग बोर्ड (NCRPB) और दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश व राजस्थान की राज्य सरकारें मिलकर लागू करेंगी।

Tata Motors CV का शेयर गुरुवार को 1.06% बढ़कर ₹ 407 पर बंद हुआ।

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