Market This Week :उतार-चढ़ाव के बीच बाजार लगातार चौथे हफ्ते गिरावट के साथ हुआ बंद, रुपये में जारी रही बढ़त

Market This Week : भारतीय शेयर बाजार लगातार चौथे हफ्ते गिरावट के साथ बंद हुए। इस हफ्ते बाजार में काफ़ी उतार-चढ़ाव रहा। पश्चिम एशिया में फिर से बढ़ रहे तनाव,कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें, ग्लोबल बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी और FII की लगातार बिकवाली के चलते बाजार पर दबाव दिखा। हालांकि,रुपये की मजबूती,DII की खरीदारी,अच्छे GST कलेक्शन और अगस्त में ऑटोमोबाइल की अच्छी बिक्री ने बाजार को सपोर्ट दिया। 4 सितंबर को खत्म हुए हफ्ते में BSE सेंसेक्स 749.08 अंक या 0.96% गिरकर 76,515.43 पर बंद हुआ। जबकि निफ़्टी 277.95 अंक या 1.14% की गिरावट के साथ 23,897.70 पर बंद हुआ।

निफ़्टी मिडकैप 100 इंडेक्स में 1.5% की गिरावट

इस हफ्ते निफ़्टी मिडकैप 100 इंडेक्स में 1.5% की गिरावट आई। इस गिरावट में KEI इंडस्ट्रीज, पॉलीकैब इंडिया, हैवेल्स इंडिया, KPIT टेक्नोलॉजीज़, ICICI प्रूडेंशियल एसेट मैनेजमेंट कंपनी, हीरो मोटोकॉर्प, नेशनल एल्युमीनियम कंपनी, 360 ONE WAM, लॉरस लैब्स, हिताची एनर्जी इंडिया और ट्यूब इन्वेस्टमेंट्स ऑफ़ इंडिया जैसी कंपनियों का योगदान रहा। दूसरी ओर, लेन्सकार्ट सॉल्यूशंस, LIC हाउसिंग फाइनेंस, IDFC फर्स्ट बैंक और टाटा कम्युनिकेशंस बढ़त वाली प्रमुख कंपनियों में शामिल रहीं।

निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स सपाट हुआ बंद

निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स ने हफ्ते के दौरान 20,187.80 का नया हाई छुआ, लेकिन आखिर में यह लगभग सपाट बंद हुआ। IFCI, वेल्सपन कॉर्प, कैप्रि ग्लोबल कैपिटल, RBL बैंक, ब्रिगेड एंटरप्राइजेज, अर्बन कंपनी और इंद्रप्रस्थ गैस उन कंपनियों में शामिल थीं जिनमें सबसे ज़्यादा बढ़त देखने को मिली। जबकि आरती इंडस्ट्रीज, केन्स टेक्नोलॉजी इंडिया, अमारा राजा एनर्जी एंड मोबिलिटी, स्वान कॉर्प और दीपक फर्टिलाइजर्स एंड पेट्रोकेमिकल्स कॉर्पोरेशन में सबसे ज़्यादा गिरावट आई।

सेक्टोरल इंडेक्सों पर एक नजर

सेक्टोरल इंडेक्स की बात करें तो निफ्टी ऑटो इंडेक्स 4% और निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स इंडेक्स 2.6% नीचे रहा,जबकि निफ्टी मीडिया, निफ्टी हेल्थकेयर और निफ्टी FMCG में से हर एक में 2% की गिरावट आई। हालांकि,निफ्टी ऑयल एंड गैस में 1% की बढ़त हुई।

FIIs की बिकवाली रही जारी

विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने लगातार तीसरे हफ़्ते भी बिकवाली जारी रखी, हालांकि इसकी रफ़्तार धीमी रही। उन्होंने इस हफ़्ते 5,611.94 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। वहीं, घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने बाज़ार को मज़बूत सपोर्ट देना जारी रखा और हफ़्ते के दौरान 23,156.38 करोड़ रुपये का निवेश किया।

मार्केट कैपिटलाइज़ेशन 4.5 लाख करोड़ रुपये घटा

इस हफ़्ते BSE में लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैपिटलाइज़ेशन 4.5 लाख करोड़ रुपये घट गया,जिसकी मुख्य वजह बड़ी कंपनियों के शेयरों में आई गिरावट थी। मार्केट वैल्यू में सबसे ज़्यादा कमी स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया की वजह से आई, इसके बाद भारती एयरटेल, मारुति सुज़ुकी इंडिया और महिंद्रा एंड महिंद्रा का नंबर रहा। दूसरी ओर इस हफ़्ते रिलायंस इंडस्ट्रीज, टाटा स्टील और एक्सिस बैंक ने सबसे ज़्यादा वेल्थ क्रिएट की।

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भारतीय रुपया लगातार दूसरे हफ्ते हुआ मजबूत

भारतीय रुपया लगातार दूसरे हफ्ते मजबूत हुआ और इस दौरान दो महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया। इस हफ्ते अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया 89 पैसे बढ़कर 94.49 रुपये पर बंद हुआ। जबकि, 21 अगस्त को रुपया 95.38 रुपये पर बंद हुआ था। इस हफ़्ते के दौरान,घरेलू मुद्रा 95.48 रुपये से 94.27 रुपये के दायरे में कारोबार करती रही।

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल, Network18 ग्रुप का हिस्सा है। Network18 को इंडिपेंडेंट मीडिया ट्रस्ट कंट्रोल करता है, और रिलायंस इंडस्ट्रीज इसकी एकमात्र बेनिफिशियरी है।)

 

Share Markets Closing: आखिर ऐसा क्या हुआ कि अंतिम 75 मिनट में सेंसेक्स 500 अंक गिर गया?

इस हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन बाजार में जबर्दस्त उतार-चढ़ाव रहा। ज्यादातर समय बाजार के प्रमुख सूचकांक निफ्टी और सेंसेक्स में शानदार तेजी दिखी। लेकिन, कारोबार के करीब एक-सवा घंटे में सूचकांकों ने अपनी काफी बढ़त गंवा दी। अंतिम कुछ मिनटों में प्रॉफिट बुकिंग ने बाजार पर दबाव बना दिया।

75 मिनट में सेंसेक्स ने गंवाएं 500 अंक

दो दिनों के कारोबार में 1700 अंक चढ़ने वाले सेंसेक्स ने अंतिम कुछ मिनटों में घुटने टेक दिए। 1:50 बजे सेंसेक्स 77,594 अंक पर था। 3:05 में यह गिरकर 77,095 अंक पर आ गया। यह सिर्फ 75 मिनट में 500 अंक की गिरावट है। इस गिरावट ने इनवेस्टर्स को चौंकाया। खासकर लॉन्ग पोजीशन वाले इनवेस्टर्स ज्यादा परेशान दिखे।

26 जून को बीएसई-एनएसई में छुट्टी

इक्विरियस वेल्थ के एमडी और डायरेक्टर अंकुर पुंज ने रायटर्स को बताया, “चूंकि शेयर बाजार 26 जून को बंद रहेंगे, इसलिए इनवेस्टर्स ने कारोबार के अंतिम पलों में अपने पोजीशन काटे।” 26 जून को शेयर बाजारों में मुहर्रम की छुट्टी है। इसलिए बीएसई और एनएसई बंद रहेंगे। 29 जून यानी सोमवार को बीएसई और एनएसई खुलेंगे।

मानसून में कम बारिश बाजार के लिए रिस्क

बजाज फिनसर्व एएमसी ने अपनी रिपोर्ट में कहा है, “मानसून में सामान्य से कम बारिश शेयर बाजार के लिए शॉर्ट टर्म रिस्क है। लेकिन, केंद्रीय बैंक ने फॉरेन करेंसी डिपॉजिट बढ़ाने के उपाय किए हैं। सरकार ने फॉरेन इनवेस्टर्स को बॉन्ड्स में निवेश पर टैक्स में छूट दी है। इससे मार्केट में इनफ्लो बढ़ना चाहिए।”

एविएशन कंपनियों के शेयरों में तेजी

इंटरग्लोब एविएशन का शेयर अंत तक तेजी बनाए रखने में सफल रहा। यह 4.7 फीसदी चढ़कर बंद हुआ। क्रूड में नरमी का असर एविएशन कंपनियों के शेयरों पर दिखा। स्पाइसजेट के शेयरों में भी मजबूती दिखी। ऑटो और इससे संबंधित सेक्टर की कंपनियों में भी मजबूत दिखी।

ऑटो शेयरों ने भी दिखाई रफ्तार

Bajaj Auto, Maruti Suzuki, Tata Motors PV और महिंद्रा एंड महिंद्रा के शेयर 1-4 फीसदी चढ़कर बंद हुए। TVS Motor, Ashok Leyland और टाटा मोटर्स सीवी के शेयर तो 4-5 फीसदी तक उछल गए। Motherson Sumi Wiring का शेयर तो 9 फीसदी चढ़कर बंद हुआ।

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भारतीय बाजार का बुरा दौर हो रहा खत्म

आईसीआईसीआई सिक्योरिटीज ने कहा है कि भारतीय बाजार के लिए स्थितियां अनुकूल हो रही हैं। क्रूड में नरमी है। घरेलू डिमांड स्ट्रॉन्ग बनी हुई है। इससे आगे कॉर्पोरेट अर्निंग्स बढ़ने की उम्मीद है। अमेरिका-ईरान में लड़ाई खत्म होने से महंगाई बढ़ने का खतरा कम हुआ है। एआई कंपनियों में निवेश को लेकर उत्साह ठंडा पड़ रहा है। इससे बाजार का सेंटीमेंट पॉजिटिव बना रह सकता है।