Gold Loan कंपनियों के शेयरों में तूफानी तेजी, आपको आगे भी मालामाल कर सकते हैं ये शेयर

गोल्ड लोन देने वाली कंपनियों के शेयरों में 21 अगस्त को तूफानी तेजी दिखी। इसकी वजह यह है कि विदेशी ब्रोकरेज फर्म जेपी मॉर्गन ने आईआईएफएल फाइनेंस, मुथूट फाइनेंस और मण्णपुरम फाइनेंस के शेयरों को कवर करना शुरू किया है। उसने इन शेयरों को ‘ओवरवेट’ रेटिंग दी है।

IIFL Finance के शेयर के लिए 750 रुपये का टारगेट प्राइस

IIFL Finance, Muthoot Finance और Manappuram Finance के शेयरों में 2 से 8 फीसदी की तेजी दिखी। सबसे ज्यादा 7.26 फीसदी की तेजी IIFL Finance के शेयर में दिखी। इससे शेयर का भाव 682.90 रुपये पर पहुंच गया। जेपी मॉर्गन ने आईआईएफएल के शेयर के लिए 750 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है। इसका मतलब है कि यह शेयर करीब 18 फीसदी चढ़ सकता है।

IIFL Finance का शेयर बीते एक साल में 48 फीसदी चढ़ा है

सीएनबीसी-टीवी18 की खबर के मुताबिक, जेपी मॉर्गन का मानना है कि आईआईएफएल फाइनेंस टर्नअराउंड की शुरुआती अवस्था में है। प्रॉफिट बनाने की बढ़ती क्षमता को देखते हुए इसके शेयरों की रिरेटिंग हो सकती है। बीते एक साल में आईआईएफएल फाइनेंस का शेयर 48 फीसदी से ज्यादा चढ़ा है।

मुथूट फाइनेंस के शेयरों में भा सकती है तेजी

मुथूट फाइनेंस के शेयरों के बारे में भी जेपी मॉर्गन की राय पॉजिटिव है। उसने इस शेयर के लिए 3,400 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है। इसका मतलब है कि यह शेयर 14 फीसदी चढ़ सकता है। ब्रोकरेज फर्म ने कहा है कि इस शेयर का प्रदर्शन इस साल दूसरी गोल्ड लोन कंपनियों के शेयरों से कमजोर रहा है। ऐसे में अभी निवेश करने से आगे अच्छी कमाई हो सकती है। Muthoot Finance का शेयर 21 अगस्त को 2.29 फीसदी चढ़कर 3,038 रुपये पर बंद हुआ। बीते एक साल में यह 13.54 फीसदी चढ़ा है।

Manappuram Finance के शेयरों में भी निवेश से भी होगी कमाई

Manappuram Finance के शेयरों में भी निवेश करने पर अच्छी कमाई हो सकती है। जेपी मॉर्गन ने इस शेयर के लिए 395 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है। इसका मतलब है कि इस शेयर में 13 फीसदी तेजी आ सकती है। उसने कहा है कि कंपनी के जून तिमाही के नतीजों से इसके टर्नअराउंड के संकेत मिले हैं। मण्णपुरम फाइनेंस का शेयर 21 अगस्त को 2.35 फीसदी चढ़कर 357.45 रुपये पर बंद हुआ। बीते एक साल में यह शेयर करीब 35 फीसदी उछला है।

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शेयर बाजार के प्रमुख सूचकांकों में नाममात्र की तेजी 

गोल्ड लोन कंपनियों के शेयरों में तब जोरदार तेजी दिखी, जब बाजार के प्रमुख सूचकांक सीमित दायरे में बने रहे। 21 अगस्त को निफ्टी 0.08 फीसदी यानी 20 अंक चढ़कर 24,252 पर बंद हुआ। सेंसेक्स सिर्फ 3 अंक चढ़कर 77,540 पर क्लोज हुआ। हालांकि, बैंक निफ्टी में 0.46 फीसदी की मजबूती दिखी।

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इस हफ्ते बीते चार महीनों में सबसे ज्यादा चढ़ा बाजार, जानिए अगले हफ्ते कैसी रहेगी चाल

भारतीय शेयर बाजारों के लिए यह हफ्ता बीते करीब चार महीनों में सबसे अच्छा रहा। बाजार के प्रमुख सूचकांकों में 2.5 फीसदी से ज्यादा तेजी आई। इसमें उम्मीद से बेहतर जून तिमाही के कंपनियों के नतीजों, रुपये में मजबूती और विदेशी निवेशकों की खरीदारी का हाथ रहा।

सेंसेक्स-निफ्टी में 2.5 फीसदी से ज्यादा तेजी

इस हफ्ते सेंसेक्स 2.67 फीसदी यानी 2,034 अंक चढ़कर 78,094 पर बंद हुआ। Nifty 50 भी 2.59 फीसदी यानी 616 अंक की मजबूती के साथ 24,383 पर बंद हुआ। निफ्टी आईटी इस हफ्ते सबसे ज्यादा चढ़ने वाला सूचकांक रहा। इसमें 6.75 फीसदी उछाल आया। निफ्टी ऑटो में भी 5.61 फीसदी मजबूती आई।

निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स में भी अच्छी तेजी

खास बात यह है कि इस हफ्ते छोटी-बड़ी हर तरह की कंपनियों के शेयरों में तेजी दिखी। Nifty Smallcap 100 Index 2.6 फीसदी चढ़ा। Redington, Kaynes Technology India, Firstsource Solutions, Brigade Enterprises, Affle 3I, IIFL Finance, KFin Technologies और IFCI के शेयरों में 24 फीसदी तक तेजी दिखी।

इन मिडकैप शेयरों में 10 फीसदी तक की तेजी

Nifty Midcap Index में भी इस हफ्ते 2 फीसदी तेजी आई। Coforge, Lauras Labs, Swiggy, Container Corporation of India और Ashok Leyland के शेयरों में 10 फीसदी तक की तेजी आई। गिरने वाले शेयरों में Suzlon Energy, Phoenix Mills, Billionbrains Garage Ventures, Bank of India और LICHF प्रमुख रहे।

विदेशी निवेशकों की अच्छी खरीदारी 

विदेशी संस्थागत निवेशकों ने दो हफ्ते के बाद भारतीय बाजार में इस हफ्ते निवेश किया। उन्होंने 5,946 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे। घरेलू संस्थागत निवेशकों (DIIs) ने भी 5,387 करोड़ रुपये की खरीदारी कर बाजार को अच्छा सपोर्ट दिया। रुपये में बीते पांच हफ्तों से जारी गिरावट पर भी ब्रेक लग गया। यह अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 118 पैसे की मजबूती के साथ 95.39 के लेवल पर बंद हुआ।

निफ्टी अगले हफ्ते 24,500-24,60 लेवल टेस्ट कर सकता है

सेबी रजिस्टर्ड एनालिस्ट अनुज गुप्ता ने कहा कि अगले हफ्ते निफ्टी के लिए 24,100-23,800 पर स्ट्रॉन्ग सपोर्ट है। रेसिस्टेंस 24,500-24,700 के लेवल पर है। बैंक निफ्टी के लिए 56,000-54,500 पर स्ट्रॉन्ग सपोर्ट है। इसे 58,500-6000 के लेवल पर रेसिस्टेंस का सामना करना पड़ेगा। अगले हफ्ते निफ्टी के 24,500-24,600 का लेवल टेस्ट करने की उम्मीद है।

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इस हफ्ते आए इन दिग्गज कंपनियों के जून तिमाही के नतीजे

इस हफ्ते मारुति सुजुकी, ह्युंडई, एशियन पेंट्स, स्विगी, आईटीसी और सन फार्मा सहित कई दिग्गज कंपनियों के जून तिमाही के नतीजे आए। मारुति का प्रॉफिट 11 फीसदी गिरा। आईटीसी का प्रॉफिट 27 फीसदी गिरा। लेकिन, सन फॉर्मा का प्रॉफिट 27 फीसदी बढ़ा। एशियन पेंट्स का प्रॉफिट तो 40 फीसदी तक बढ़ गया।

Stocks to Watch : 23 जुलाई को फोकस में रहेंगे ये 13 स्टॉक्स, दिख सकता है तगड़ा एक्शन

Stocks to Watch: शेयर बाजार में 23 जुलाई को कई बड़े स्टॉक्स फोकस में रहेंगे। कुछ कंपनियों ने जून तिमाही के मजबूत नतीजे पेश किए हैं। कुछ के नतीजे उम्मीद से कमजोर रहे। इसके अलावा एक कंपनी ने बड़ा जॉइंट वेंचर भी किया है। ऐसे में इन 13 शेयरों में गुरुवार को अच्छी-खासी हलचल देखने को मिल सकती है।

IndusInd Bank

प्राइवेट सेक्टर के बैंक IndusInd Bank का जून तिमाही में शुद्ध मुनाफा 46.5% बढ़कर ₹1,002 करोड़ रहा। यह CNBC-TV18 के ₹725 करोड़ के अनुमान से बेहतर है। बैंक की NII 1% बढ़कर ₹4,685 करोड़ रही। एसेट क्वालिटी में भी सुधार हुआ। ग्रॉस NPA 3.25% और नेट NPA 0.95% पर आ गया, जबकि प्रोविजन घटकर ₹1,340 करोड़ रह गया।

Dr Reddy’s

दवा बनाने वाली कंपनी Dr Reddy’s का जून तिमाही का शुद्ध मुनाफा 69% घटकर ₹443.5 करोड़ रह गया। कंपनी की आय 6% घटकर ₹8,070.5 करोड़ रही। EBITDA 55% गिरकर ₹1,009 करोड़ पर आ गया और EBITDA मार्जिन 26.7% से घटकर 12.5% रह गया। कंपनी के नतीजे बाजार के अनुमान से भी कमजोर रहे।

United Spirits

शराब बनाने वाली कंपनी United Spirits का जून तिमाही में शुद्ध मुनाफा 51.6% बढ़कर ₹391 करोड़ रहा। यह CNBC-TV18 के ₹316 करोड़ के अनुमान से बेहतर है। वहीं, कंपनी का रेवेन्यू 6% बढ़कर ₹2,703 करोड़ रहा, जो अनुमान से भी ज्यादा है।

HPCL

सरकारी तेल कंपनी HPCL को जून तिमाही में ₹11,526.4 करोड़ का शुद्ध घाटा हुआ। पिछली तिमाही में कंपनी ने ₹4,901.5 करोड़ का मुनाफा कमाया था। कंपनी का EBITDA ₹16,141 करोड़ के घाटे में पहुंच गया। हालांकि, रेवेन्यू 22.3% बढ़कर ₹1.41 लाख करोड़ रहा। कंपनी ने घाटे के लिए कमजोर मार्केटिंग मार्जिन और पश्चिम एशिया संकट को जिम्मेदार बताया।

UCO Bank

सरकारी बैंक UCO Bank का जून तिमाही का शुद्ध मुनाफा 8% बढ़कर ₹656.3 करोड़ हो गया। बैंक की NII 17% बढ़कर ₹2,808 करोड़ रही। एसेट क्वालिटी में सुधार के साथ ग्रॉस NPA 2.08% और नेट NPA 0.25% पर आ गया। वहीं, प्रावधान घटकर ₹234.6 करोड़ रह गए।

Shoppers Stop

रिटेल कंपनी Shoppers Stop की जून तिमाही में आय 11.2% बढ़कर ₹1,291.4 करोड़ रही। कंपनी का शुद्ध घाटा घटकर ₹14.3 करोड़ रह गया, जो पिछले साल ₹15.7 करोड़ था। EBITDA 9.2% बढ़कर ₹187.4 करोड़ हुआ। EBITDA मार्जिन मामूली घटकर 14.5% रह गया।

Nippon Life AMC

एसेट मैनेजमेंट कंपनी Nippon Life AMC का जून तिमाही का शुद्ध मुनाफा 27.2% बढ़कर ₹504 करोड़ रहा। कंपनी की आय 26.4% बढ़कर ₹767 करोड़ हो गई। बेहतर एसेट मैनेजमेंट कारोबार की बदौलत कंपनी ने मजबूत वित्तीय प्रदर्शन दर्ज किया।

Sona BLW

ऑटो कंपोनेंट्स बनाने वाली कंपनी Sona BLW ने DENSO के साथ भारत में इलेक्ट्रिक और हाइब्रिड पावरट्रेन सिस्टम के लिए दो जॉइंट वेंचर बनाने का ऐलान किया है। चार पहिया वाहन JV में DENSO की 51% हिस्सेदारी होगी। दो और तीन पहिया EV JV में Sona BLW की 51% हिस्सेदारी रहेगी। DENSO इसके लिए ₹1,750 करोड़ का निवेश करेगी।

HEG

ग्रेफाइट इलेक्ट्रोड बनाने वाली कंपनी HEG का जून तिमाही का शुद्ध मुनाफा 16.7% बढ़कर ₹122.3 करोड़ रहा। कंपनी की आय 11.1% बढ़कर ₹680.8 करोड़ और EBITDA 42.5% बढ़कर ₹150.6 करोड़ हो गया। वहीं, EBITDA मार्जिन 17.3% से बढ़कर 22.1% पर पहुंच गया।

Schaeffler India

ऑटो कंपोनेंट्स कंपनी Schaeffler India का जून तिमाही का शुद्ध मुनाफा 13.4% बढ़कर ₹325.7 करोड़ रहा। कंपनी की आय 17.3% बढ़कर ₹2,761 करोड़ हो गई। EBITDA 16% बढ़कर ₹499 करोड़ रहा, हालांकि EBITDA मार्जिन 18.1% पर मामूली नरम पड़ा।

Gandhar Oil

स्पेशलिटी ऑयल बनाने वाली कंपनी Gandhar Oil का जून तिमाही में शानदार प्रदर्शन रहा। कंपनी का मुनाफा ₹44.13 करोड़ से बढ़कर ₹179 करोड़ पहुंच गया। आय 71.2%, EBITDA ₹249.2 करोड़ और मार्जिन 15.7% पर पहुंच गया, जो पिछले साल के मुकाबले काफी बेहतर है।

IIFL Finance

एनबीएफसी कंपनी IIFL Finance का जून तिमाही का शुद्ध मुनाफा 189.3% बढ़कर ₹675.1 करोड़ रहा। कंपनी की NII 54.8% बढ़कर ₹2,003.9 करोड़ हो गई। वहीं, प्रावधान ₹512 करोड़ से घटकर ₹294.2 करोड़ रह गए, जिससे कंपनी के नतीजों में मजबूत सुधार देखने को मिला।

NACL Industries

एग्रोकेमिकल कंपनी NACL Industries का जून तिमाही में शुद्ध मुनाफा 59.8% बढ़कर ₹20.84 करोड़ हो गया। पिछले साल इसी तिमाही में कंपनी ने ₹13.04 करोड़ का मुनाफा कमाया था। कंपनी ने बेहतर परिचालन के दम पर मजबूत नतीजे पेश किए। यह कंपनी हाल ही में मुरुगप्पा ग्रुप का हिस्सा बनी है।

आज इन कंपनियों के आएंगे नतीजे

जून तिमाही के नतीजों का सिलसिला गुरुवार को भी जारी रहेगा। 3i Infotech, Banaras Beads, Capital Small Finance Bank, Chennai Petroleum Corporation (CPCL), Cipla, Coromandel International, Indiabulls और Indian Energy Exchange (IEX) अपने अप्रैल-जून तिमाही के नतीजे जारी करेंगे। निवेशकों की नजर इन शेयरों पर रहेगी।

HPCL Q1 Results: सरकारी तेल कंपनी को ₹11526 करोड़ का घाटा, फोकस में रहेगा स्टॉक

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Q1 Results: NBFC कंपनी का मुनाफा 189% उछला, शेयरों पर रहेगी नजर

IIFL Finance Q1 Results: NBFC कंपनी IIFL Finance ने जून तिमाही में शानदार नतीजे पेश किए हैं। अप्रैल-जून तिमाही में कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 189.3% बढ़कर ₹675.1 करोड़ हो गया। पिछले साल इसी तिमाही में कंपनी ने ₹233.4 करोड़ का मुनाफा कमाया था। बेहतर लोन ग्रोथ, बढ़ी ब्याज आय और कम प्रावधान (Provision) की वजह से कंपनी का प्रदर्शन मजबूत रहा।

NII में तगड़ा उछाल दिखा

तिमाही के दौरान IIFL Finance की नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) 54.8% बढ़कर ₹2,003.9 करोड़ पहुंच गई, जो पिछले साल ₹1,294.7 करोड़ थी। वहीं, प्रावधान घटकर ₹294.2 करोड़ रह गया, जो एक साल पहले ₹512.5 करोड़ था।

कंपनी की कुल आय 34% बढ़कर ₹2,202.4 करोड़ रही। वहीं, Pre-Provision Operating Profit 50% बढ़कर ₹1,252.4 करोड़ और Profit Before Tax 161% बढ़कर ₹928.6 करोड़ हो गया।

गोल्ड लोन बिजनेस में तेजी

IIFL Finance की कुल Assets Under Management (AUM) 38% बढ़कर ₹1.15 लाख करोड़ हो गई। इसमें सबसे बड़ा योगदान गोल्ड लोन कारोबार का रहा। गोल्ड लोन AUM सालाना आधार पर 114% बढ़कर ₹58,406 करोड़ पहुंच गया। इस पोर्टफोलियो का GNPA सिर्फ 0.61% रहा।

होम फाइनेंस AUM बढ़कर ₹41,540 करोड़ और MSME लोन पोर्टफोलियो ₹10,808 करोड़ हो गया। माइक्रोफाइनेंस पोर्टफोलियो भी बढ़कर ₹9,473 करोड़ पहुंच गया।

एसेट क्वालिटी भी मजबूत

IIFL Finance का GNPA 1.6% और NNPA 0.8% रहा। दोनों में पिछली तिमाही के मुकाबले 9-9 बेसिस प्वाइंट की बढ़ोतरी हुई है। हालांकि, Provision Coverage Ratio बढ़कर 94% पहुंच गया।

कंपनी का RoA 3.1%, RoE 19.5%, बुक वैल्यू ₹333.9 और CRAR 24.3% रहा। कंपनी के पास ₹7,148 करोड़ की लिक्विडिटी भी मौजूद है।

FY27 के लिए क्या है लक्ष्य?

IIFL Finance ने FY27 में करीब 25% AUM ग्रोथ का लक्ष्य रखा है। कंपनी की योजना सिक्योर्ड लेंडिंग बढ़ाने, बैंकों के साथ को-लेंडिंग साझेदारी मजबूत करने, इक्विटी जुटाने और एसेट क्वालिटी बनाए रखने की है।

IIFL Finance का शेयर बुधवार को 0.97% गिरकर ₹566.55 पर बंद हुआ। इसने एक साल में 7.12% का रिटर्न दिया है।

IndusInd Bank Q1 Results: प्रॉफिट 47% बढ़कर 1003 करोड़ रुपये रहा, एसेट क्वालिटी बेहतर हुई

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Stock in Focus: ₹1000 करोड़ जुटाने की योजना, बोर्ड ने भी दी खास मंजूरी, 3 वजहों से 29 जून को फोकस में रहेगा यह शेयर

Stock in Focus: दिग्गज NBFC (नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी) आईआईएफएल फाइनेंस के शेयरों में 29 जून को मार्केट खुलने पर तेज हलचल दिख सकती है। इसकी वजह ये है कि कंपनी अपने कैपिटल बेस को मजबूत करने की तैयारी में है। इसके लिए कंपनी के बोर्ड ने शेयरहोल्डर्स और रेगुलेटरी मंज़ूरी मिलने पर एक या इससे अधिक किश्तों में इक्विटी शेयर या अन्य एलिजिबल सिक्योरिटीज जारी करके ₹10,000 करोड़ तक जुटाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। कंपनी ने इसकी जानकारी 27 जून को एक्सचेंज फाइलिंग में दी और इस खुलासे से एक कारोबारी दिन पहले 25 जून गुरुवार को बीएसई पर यह 2.75% की गिरावट के साथ ₹510.10 (IIFL Finance Share Price) पर बंद हुआ था।

IIFL Finance से जुड़े तीन बड़े अपडेट्स

आईआईएफएल फाइनेंस के बोर्ड ने इसे ₹10 हजार करोड़ का फंड जुटाने की मंजूरी दी है। मार्केट के माहौल और कैपिटल की जरूरतों के आधार पर, फंड जुटाने का काम कई तरीकों से किया जा सकता है, जैसे कि पब्लिक इश्यू, राइट्स इश्यू, प्रेफरेंशियल अलॉटमेंट, प्राइवेट प्लेसमेंट, क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल प्लेसमेंट (QIPs) या इन्हें मिलाकर। कंपनी ने स्पष्ट किया है कि किसी भी इश्यू पर बोर्ड या उसकी कमेटियां सही समय पर विचार करेंगी।

फंड जुटाने की योजना के साथ-साथ बोर्ड ने कंपनी के ग्लोबल मीडियम टर्म नोट्स (GMTN) प्रोग्राम का साइज $100 करोड़ से बढ़ाकर $200 करने को भी मंजूरी दी। इससे कंपनी को फंडिंग के लिए विदेशी मार्केट तक पहुँचने में अधिक आसानी होगी। साथ ही बोर्ड ने कंपनी की उधार लेने की सीमा और अपनी एसेट्स पर सिक्योरिटी बनाने की सीमा को भी मौजूदा ₹60,000 करोड़ से बढ़ाकर ₹75,000 करोड़ करने को मंजूरी दी लेकिन इस पर कंपनी को आने वाली सालाना आम बैठक में शेयरहोल्डर्स की मंजूरी लेनी होगी।

इसके अलावा कंपनी ने अपने फाइनेंस डिपार्टमेंट में लीडरशिप में बदलाव का भी ऐलान किया। कपिश जैन ने चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर का पद छोड़ दिया ताकि वह कंपनी के भीतर ही दूसरा पद संभाल सकें और सीएफओ के पद पर उनकी जगह विकास जैन को 27 जून से जिम्मेदारी मिली है। विकास जैन इससे पहले हिंदुजा लेलैंड फाइनेंस, बजाज फाइनेंस, बजाज हाउसिंग फाइनेंस और PwC जैसी कंपनियों के साथ काम कर चुके है।

एक साल में कैसी रही शेयरों की चाल?

आईआईएफएल फाइनेंस के शेयरों ने निवेशकों को कम समय में तगड़ा झटका दिया है। इस साल की शुरुआत में 6 जनवरी 2026 को बीएसई पर यह ₹674.95 के भाव पर था जो इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड हाई लेवल है। इस हाई लेवल से तीन ही महीने में यह 39.34% फिसलकर 27 अप्रैल 2026 को यह ₹409.45 के भाव पर आ गया जोकि इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड निचला स्तर है।

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