Varun Beverages का शेयर 23% चढ़ सकता है, सीएलएसए ने दिया 654 रुपये का टारगेट प्राइस

वरुण बेवरेजेज का शेयर 23 फीसदी चढ़ सकता है। विदेशी ब्रोकरेज फर्म सीएलएसए ने अपनी रिपोर्ट में यह कहा है। कंपनी के शेयर में 19 जून को तेजी दिखी। 12 बजे यह 0.22 फीसदी उछाल के साथ 532.70 रुपये पर चल रहा था।

654 रुपये तक जा सकता है शेयर

CLSA का कहना है कि वरुण बेवरेजेज के शेयरों का प्रदर्शन अच्छा रह सकता है। उसने शेयर के लिए 654 रुपये का प्राइस टारगेट दिया है। ब्रोकरेज फर्म ने कहा है कि वरुण बेवरेजेज ने कैलपिस ब्रांड के लिए जापान के असाही ग्रुप होल्डिंग्स के साथ समझौता किया है। इससे वरुण बेवरेजेज के पोर्टफोलियो को मजबूती मिलेगी।

असाही ग्रुप से समझौते का होगा फायदा

वरुण बेवरेजेज ने 18 जून को बताया था कि उसने कैलपिस ब्रांड की मैन्युफैक्चरिंग, डिस्ट्रिब्यूशन और बिक्री के लिए असाही ग्रुप के साथ समझौता किया है। कैलपिस फर्मेंटेड मिल्क-बेस्ड बेवरेजेज है, जो जापान में 100 साल से ज्यादा समय से मौजूद है। असाही पर प्रोडक्ट डेवलपमेंट की जिम्मेदारी होगी। वह वरुण को टेक्निकल सपोर्ट भी उपलब्ध कराएगी। वरुण पर मार्केटिंग और ब्रांड मैनेजमेंट की जिम्मेदारी होगी।

मार्च तिमाही में अच्छा प्रदर्शन

सीएलएसए ने कहा है कि इस पार्टनरशिप से वरुण बेवरेजेज को अपना मैन्युफैक्चरिंग बेस और डिस्ट्रिब्यूशन नेटवर्क बढ़ाने में मदद मिलेगी। कंपनी अपने कोल्ड-चेन इंफ्रास्ट्रक्चर का भी विस्तार करेगी। कंपनी का प्रदर्शन मार्च तिमाही में बेहतर रहा है। इस दौरान इसका नेट प्रॉफिट 20 फीसदी बढ़कर 872 करोड़ रुपये रहा। रेवेन्यू में भी 18.3 फीसदी इजाफा हुआ।

24 एनालिस्ट्स ने दी खरीदने की सलाह

वरुण बेवरेजेज को कवर करने वाले 28 एनालिस्ट्स में से 24 ने इसके शेयरों को खरीदने की सलाह दी है। 4 एनालिस्ट्स ने शेयरों को होल्ड करने की सलाह दी है। बीते एक महीने में यह शेयर 8.7 फीसदी चढ़ा है। इधर, 19 जून को शेयर बाजारों में बड़ी गिरावट आई। बीते पांच दिनों से जारी तेजी पर ब्रेक लग गया।

यह भी पढ़ें: Rajesh Exports Share Price: 5% उछाल के बाद राजेश एक्सपोर्ट्स के शेयरों में लगा अपर सर्किट, 5 सत्रों में 28% चढ़ा है स्टॉक

शेयर बाजार में तेजी पर लगा ब्रेक

19 जून को 12 बजे निफ्टी 0.89 फीसदी यानी 216 अंक गिरकर 23,951 पर चल रहा था। सेंसेक्स 1.03 फीसदी यानी 792 अंक की कमजोरी के साथ 76,626 पर चल रहा था। बैंक निफ्टी में भी 0.68 फीसदी की कमजोरी देखने को मिली। इससे पहले अमेरिका-ईरान में डील की खबर से लगातार पांच सत्रों में बाजार में तेजी दिखी थी।

डिसक्लेमर: मनीकंट्रोल पर एक्सपर्ट्स की तरफ से व्यक्त विचार उनके अपने विचार होते हैं। ये वेबसाइट या इसके मैनेजमेंट के विचार नहीं होते। मनीकंट्रोल की यूजर्स को सलाह है कि उन्हें निवेश का फैसला लेने से पहले सर्टिफायड एक्सपर्ट्स की राय लेनी चाहिए।

Rajesh Exports Share Price: 5% उछाल के बाद राजेश एक्सपोर्ट्स के शेयरों में लगा अपर सर्किट, 5 सत्रों में 28% चढ़ा है स्टॉक

Rajesh Exports Share Price: राजेश एक्सपोर्ट्स के शेयरों में 19 जून को बड़ी तेजी आई। 5 फीसदी चढ़ने के बाद शेयर में अपर सर्किट लग गया। बीते पांच ट्रेडिंग सेशंस में यह शेयर करीब 28 फीसदी चढ़ चुका है। कंपनी और इसके फाउंडर राजेश मेहता के खिलाफ सेबी के अंतरिम आदेश के बाद शेयर में बड़ी गिरावट आई थी। लेकिन, अब शेयर तब के क्लोजिंग लेवल से करीब 11 फीसदी नीचे रह गया है।

सेबी ने 3 जून को दिया था अंतरिम आदेश

सेबी ने 3 जून को राजेश एक्सपोर्ट्स उसके फाउंडर चेयरमैन के खिलाफ अंतरिम आदेश दिया था। उसके बाद लगातार 7 सत्रों में शेयर गिरा था। इससे पिछले महीने इसका भाव गिरकर 52 हफ्ते के निचले स्तर 77.05 रुपये पर आ गया था। रेगुलेटर ने मामले की जांच पूरी होने तक राजेश एक्सपोर्ट्स और मेहता पर सिक्योरिटीज मार्केट में किसी तरह का ट्रांजेक्शन करने पर रोक लगा दी है। कंपनी पर FY21 और FY25 के बीच करीब 15.15 लाख करोड़ रुपये का रेवेन्यू बढ़ाकर दिखाने का आरोप है।

राजेश एक्सपोर्ट्स ने आरोपों को गलत बताया

सेबी का आरोप है कि राजेश एक्सपोर्ट्स की विदेश में स्थित सब्सिडियरीज के रेवेन्यू का एक बड़ा हिस्सा बढ़ाकर दिखाया गया। रेगुलेटर के मुताबिक, FY21 और FY25 के बीच राजेश एक्सपोर्ट्स के कंसॉलिडेटेड रेवेन्यू में उसकी सब्सिडियरीज कंपनियों की हिस्सेदारी 97-99 फीसदी थी। हालांकि, राजेश एक्सपोर्ट्स ने सेबी के आरोपों को गलत बताया है। पिछले हफ्ते कंपनी ने इस बारे में सफाई पेश की थी। उसने कहा था कि सेबी के आदेश में सिर्फ प्रारंभिक ऑब्जर्वेशन शामिल है। उसने यह भी कहा था कि उसका रेवेन्यू और फाइनेंशियल डिसक्लोजर्स सही हैं।

राजेश एक्सपोर्ट्स आरोपों का जवाब तैयार कर रही

राजेश एक्सपोर्ट्स ने यह भी कहा था कि वह सपोर्टिंग डॉक्युमेंट्स के साथ सेबी के आरोपों का जवाब तैयार कर रही है। उसने मनीकंट्रोल को बताया कि अलग-अलग एक्सचेंज के डिसक्लोजर्स में डेटा में जो फर्क है, उसकी वजह रिपोर्टिंग के अलग-अलग तरीके हैं। इनसे डेटा में किसी तरह की अनियमितता का संकेत नहीं मिलता है।

यह भी पढ़ें: RIL AGM 2026: रिलायंस इंडस्ट्रीज की 49वीं AGM आज, जानिए किन ऐलानों पर रहेगी बाजार की नजर

इस साल 45 फीसदी गिरा है कंपनी का शेयर 

राजेश एक्सपोर्ट्स का शेयर इस साल अब तक 45 फीसदी से ज्यादा गिरा है। इधर, 19 जून को शेयर बाजारों में 5 दिनों की तेजी पर ब्रेक लग गया। 11:20 बजे निफ्टी 0.88 फीसदी यानी 212 अंक गिरकर 23956 पर चल रहा था। सेंसेक्स 1 फीसदी की कमजोरी यानी 783 अंक गिरकर 76,624 पर चल रहा था। इससे पहले अमेरिका-ईरान में डील की खबर से शेयर बाजारों में लगातार तेजी देखने को मिली थी।