Stock in Focus: सोलर कंपनी को दो बड़े ऑर्डर मिले, शेयरों पर रहेगी नजर

Stock in Focus: रिन्यूएबल एनर्जी कंपनी Waaree Renewable Technologies Ltd (WRTL) को दो बड़े लेटर ऑफ अवॉर्ड (LoA) मिले हैं। कंपनी 800 MWac (1,082 MWp) क्षमता वाले दो ग्राउंड-माउंटेड सोलर पीवी प्लांट लगाएगी। EPC कॉन्ट्रैक्ट के तहत कंपनी डिजाइन, उपकरणों की खरीद और प्रोजेक्ट का निर्माण करेगी।

Waaree Renewable ने बताया कि यह ऑर्डर भारत की एक बड़ी रिन्यूएबल एनर्जी कंपनी से मिला है। हालांकि, कंपनी ने ग्राहक का नाम सार्वजनिक नहीं किया है।

दो सोलर प्लांट लगाएगी कंपनी

वारी रिन्यूएबल के मुताबिक, एक प्लांट की क्षमता 400 MWac / 530 MWp होगी, जबकि दूसरे की क्षमता 400 MWac / 552 MWp होगी। ये दोनों प्रोजेक्ट भारत में ही लगाए जाएंगे। इन्हें वित्त वर्ष 2027-28 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

जून तिमाही में बढ़ा मुनाफा

इस सप्ताह वारी रिन्यूएबल ने जून तिमाही के नतीजे भी जारी किए थे। कंपनी का शुद्ध मुनाफा 34% बढ़ा। वहीं, रेवेन्यू 53% बढ़कर ₹924 करोड़ और EBITDA 48% बढ़कर ₹173 करोड़ पहुंच गया। हालांकि, EBITDA मार्जिन पिछले साल के 19.5% से घटकर 18.8% रह गया।

वारी रिन्यूएबल के शेयर

वारी रिन्यूएबल का शेयर पिछले कारोबारी सत्र में 0.63% की गिरावट के साथ बंद हुआ। वहीं, साल 2026 में अब तक यह शेयर 3.15% कमजोर रहा है। पिछले 1 साल में स्टॉक 10% टूटा है। कंपनी का मार्केट कैप 9.78 हजार करोड़ रुपये है।

वारी रिन्यूएबल का बिजनेस

यह कंपनी सोलर पावर प्रोजेक्ट्स के लिए EPC सेवाएं देती है। कंपनी सोलर प्लांट्स की डिजाइनिंग, उपकरणों की खरीद और निर्माण का काम करती है। इसके अलावा इंस्टॉलेशन, कमीशनिंग और ऑपरेशन-मेंटेनेंस (O&M) जैसी सेवाएं भी उपलब्ध कराती है।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Stock in Focus: ₹1000 करोड़ जुटाने की योजना, बोर्ड ने भी दी खास मंजूरी, 3 वजहों से 29 जून को फोकस में रहेगा यह शेयर

Stock in Focus: दिग्गज NBFC (नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी) आईआईएफएल फाइनेंस के शेयरों में 29 जून को मार्केट खुलने पर तेज हलचल दिख सकती है। इसकी वजह ये है कि कंपनी अपने कैपिटल बेस को मजबूत करने की तैयारी में है। इसके लिए कंपनी के बोर्ड ने शेयरहोल्डर्स और रेगुलेटरी मंज़ूरी मिलने पर एक या इससे अधिक किश्तों में इक्विटी शेयर या अन्य एलिजिबल सिक्योरिटीज जारी करके ₹10,000 करोड़ तक जुटाने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। कंपनी ने इसकी जानकारी 27 जून को एक्सचेंज फाइलिंग में दी और इस खुलासे से एक कारोबारी दिन पहले 25 जून गुरुवार को बीएसई पर यह 2.75% की गिरावट के साथ ₹510.10 (IIFL Finance Share Price) पर बंद हुआ था।

IIFL Finance से जुड़े तीन बड़े अपडेट्स

आईआईएफएल फाइनेंस के बोर्ड ने इसे ₹10 हजार करोड़ का फंड जुटाने की मंजूरी दी है। मार्केट के माहौल और कैपिटल की जरूरतों के आधार पर, फंड जुटाने का काम कई तरीकों से किया जा सकता है, जैसे कि पब्लिक इश्यू, राइट्स इश्यू, प्रेफरेंशियल अलॉटमेंट, प्राइवेट प्लेसमेंट, क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल प्लेसमेंट (QIPs) या इन्हें मिलाकर। कंपनी ने स्पष्ट किया है कि किसी भी इश्यू पर बोर्ड या उसकी कमेटियां सही समय पर विचार करेंगी।

फंड जुटाने की योजना के साथ-साथ बोर्ड ने कंपनी के ग्लोबल मीडियम टर्म नोट्स (GMTN) प्रोग्राम का साइज $100 करोड़ से बढ़ाकर $200 करने को भी मंजूरी दी। इससे कंपनी को फंडिंग के लिए विदेशी मार्केट तक पहुँचने में अधिक आसानी होगी। साथ ही बोर्ड ने कंपनी की उधार लेने की सीमा और अपनी एसेट्स पर सिक्योरिटी बनाने की सीमा को भी मौजूदा ₹60,000 करोड़ से बढ़ाकर ₹75,000 करोड़ करने को मंजूरी दी लेकिन इस पर कंपनी को आने वाली सालाना आम बैठक में शेयरहोल्डर्स की मंजूरी लेनी होगी।

इसके अलावा कंपनी ने अपने फाइनेंस डिपार्टमेंट में लीडरशिप में बदलाव का भी ऐलान किया। कपिश जैन ने चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर का पद छोड़ दिया ताकि वह कंपनी के भीतर ही दूसरा पद संभाल सकें और सीएफओ के पद पर उनकी जगह विकास जैन को 27 जून से जिम्मेदारी मिली है। विकास जैन इससे पहले हिंदुजा लेलैंड फाइनेंस, बजाज फाइनेंस, बजाज हाउसिंग फाइनेंस और PwC जैसी कंपनियों के साथ काम कर चुके है।

एक साल में कैसी रही शेयरों की चाल?

आईआईएफएल फाइनेंस के शेयरों ने निवेशकों को कम समय में तगड़ा झटका दिया है। इस साल की शुरुआत में 6 जनवरी 2026 को बीएसई पर यह ₹674.95 के भाव पर था जो इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड हाई लेवल है। इस हाई लेवल से तीन ही महीने में यह 39.34% फिसलकर 27 अप्रैल 2026 को यह ₹409.45 के भाव पर आ गया जोकि इसके शेयरों के लिए एक साल का रिकॉर्ड निचला स्तर है।

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डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Stock in Focus: एक साल में 53% का रिटर्न, अब प्रमोटर ने ब्लॉक डील में बेचे 4 लाख शेयर

Stock in Focus: इंडस्ट्रियल मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर की कंपनी Shaily Engineering Plastics की प्रमोटर वनीता नागदा ने 18 जून को ब्लॉक डील के जरिए कंपनी के 4 लाख शेयर बेच दिए।

एक्सचेंज पर उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, यह सौदा औसतन ₹2,635.05 प्रति शेयर के भाव पर हुआ। इस हिसाब से डील की कुल वैल्यू करीब ₹105.4 करोड़ रही। फिलहाल यह जानकारी सामने नहीं आई है कि इन शेयरों को किस निवेशक ने खरीदा है।

हाल के महीनों में चर्चा में रही कंपनी

Shaily Engineering Plastics पिछले कुछ महीनों से लगातार निवेशकों की नजर में बनी हुई है। इसकी वजह कंपनी को मिले बड़े ऑर्डर और मजबूत वित्तीय नतीजे हैं।

इस साल कंपनी को एक बड़ी घरेलू फार्मा कंपनी से करीब ₹423 करोड़ का मैन्युफैक्चरिंग और कमर्शियल सप्लाई कॉन्ट्रैक्ट मिला था। इस समझौते के तहत कंपनी अगले चार साल तक पेन इंजेक्टर की सप्लाई करेगी। यह ऑर्डर कंपनी के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि इससे आने वाले वर्षों में कारोबार को सहारा मिल सकता है।

मार्च तिमाही में बढ़ा मुनाफा

मार्च 2026 तिमाही में कंपनी ने मजबूत नतीजे दर्ज किए। Q4 FY26 में कंपनी का कंसोलिडेटेड रेवेन्यू सालाना आधार पर 10.3% बढ़ा। वहीं, नेट प्रॉफिट में 40.5% की बढ़ोतरी दर्ज की गई, जो कारोबार की बेहतर लाभप्रदता को दिखाती है।

हालांकि, तिमाही आधार पर तस्वीर थोड़ी अलग रही। पिछली तिमाही की तुलना में रेवेन्यू में 4% की गिरावट आई। इसके बावजूद नेट प्रॉफिट 7.4% बढ़ने में सफल रहा। मार्च 2026 तिमाही में कंपनी की प्रति शेयर आय (EPS) ₹8.88 रही।

Shaily Engineering के शेयरों का हाल

Shaily Engineering Plastics का शेयर 18 जून को 5.49% की गिरावट के साथ ₹2,725 पर बंद हुआ। पिछले 6 महीने में स्टॉक 14.87% चढ़ा है। वहीं, एक साल में इसने करीब 53% का रिटर्न दिया है। कंपनी का मार्केट कैप 12.54 हजार करोड़ रुपये है।

Shaily Engineering इंजीनियरिंग प्लास्टिक प्रोडक्ट बनाने वाली कंपनी है। यह फार्मा, हेल्थकेयर, ऑटोमोबाइल, कंज्यूमर गुड्स और इंडस्ट्रियल सेक्टर के लिए प्लास्टिक कंपोनेंट्स और डिवाइस तैयार करती है। कंपनी पेन इंजेक्टर, ड्रग डिलीवरी डिवाइस और अन्य हाई-प्रिसिजन प्लास्टिक प्रोडक्ट्स की मैन्युफैक्चरिंग भी करती है।

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