Q2 Results: घाटे से ₹19 करोड़ के मुनाफे में लौटी सोलर कंपनी, ऑर्डर बुक ₹12000 करोड़ के पार

Q2 Results: सोलर एनर्जी से जुड़ी कंपनी Sterling and Wilson Renewable Energy (SWREL) के लिए सितंबर तिमाही अच्छी रही। कंपनी घाटे से निकलकर मुनाफे में आ गई। जुलाई-सितंबर तिमाही में कंपनी ने 19.2 करोड़ रुपये का नेट प्रॉफिट कमाया। पिछले साल इसी तिमाही में उसे 473.2 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था।

हालांकि, कंपनी का रेवेन्यू घट गया। सितंबर तिमाही में यह 12.6% गिरकर 1,527.5 करोड़ रुपये रहा। पिछले साल इसी दौरान कंपनी का रेवेन्यू 1,748.6 करोड़ रुपये था।

ऑपरेटिंग मुनाफे में सुधार

कंपनी के कारोबार से होने वाली कमाई में सुधार दिखा। सितंबर तिमाही में EBITDA बढ़कर 56 करोड़ रुपये हो गया। पिछले साल इसी तिमाही में यह सिर्फ 4 करोड़ रुपये था। EBITDA मार्जिन भी 0.2% से बढ़कर 3.7% हो गया।

वित्त वर्ष 2027 की पहली छमाही में कंपनी ने 70 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया। पिछले साल इसी अवधि में उसे 439 करोड़ रुपये का घाटा हुआ था।

ऑर्डर बुक 12,480 करोड़ रुपये पहुंची

SWREL के पास फिलहाल 12,480 करोड़ रुपये के ऐसे ऑर्डर हैं, जिन पर काम पूरा होना बाकी है। इससे आने वाले समय में कमाई की उम्मीद का अंदाजा मिलता है।

कंपनी के मुताबिक, वित्त वर्ष 2027 की पहली छमाही में उसकी ऑर्डर बुक सालाना आधार पर 34% बढ़ी है।

985 करोड़ रुपये से ज्यादा के नए ऑर्डर

Sterling and Wilson को हाल ही में भारत और विदेशों में 985 करोड़ रुपये से ज्यादा के नए ऑर्डर मिले हैं। इनमें राजस्थान में 534.3 मेगावाट-पीक क्षमता का सोलर प्रोजेक्ट शामिल है।

इसके अलावा, दक्षिण अफ्रीका में बैटरी स्टोरेज के दो प्रोजेक्ट मिले हैं। इनकी कुल क्षमता 616 मेगावाट-घंटे है। कंपनी को मिस्र में वेस्ट मिन्या सोलर पावर प्रोजेक्ट भी मिला है। इसे कंपनी ने Hassan Allam Construction के साथ जॉइंट वेंचर के जरिए हासिल किया है।

शेयर 3% से ज्यादा चढ़ा

गुरुवार को NSE पर Sterling and Wilson का शेयर 3.06% बढ़कर 177 रुपये पर बंद हुआ। पिछले 1 साल में स्टॉक 27.31% गिरा है। कंपनी का मार्केट कैप 4.09 हजार करोड़ रुपये है।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

₹12 लाख का सोलर पैनल और सिर्फ 2 घंटे का बैकअप ! नोएडा के इस कंज्यूमर को अब इंट्रेस्ट समेत वापस मिलेंगे पूरे पैसे

बिजली का बिल कम करने के लिए सोलर सिस्टम लगवाना नोएडा के कृष्ण यादव को काफी महंगा पड़ गया। करीब 12 लाख रुपये का सोलर सिस्टम लगवाने के बाद उन्हें उम्मीद थी कि इससे बिजली की जरूरत काफी हद तक पूरी हो जाएगी, लेकिन सिस्टम शुरू से ही ठीक से काम नहीं कर पाया। शुरुआत में करीब दो घंटे का बैकअप मिला और बाद में यह समय घटकर करीब एक घंटे रह गया। बार-बार शिकायत करने और इंजीनियर से जांच कराने के बाद भी समस्या दूर नहीं हुई। आखिरकार कृष्ण यादव ने जिला उपभोक्ता आयोग का दरवाजा खटखटाया, जहां सुनवाई के बाद आयोग ने कंपनी को पूरी रकम ब्याज समेत वापस करने का आदेश दिया।

करीब 12 लाख रुपये में खरीदा था सोलर सिस्टम

नोएडा के सेक्टर-91 स्थित ग्राम होशियारपुर निवासी कृष्ण यादव ने एआरएस इंटरप्राइजेज से स्मार्टन सोलर सिस्टम 15 केवीए खरीदने और लगवाने का अनुबंध किया था। कंपनी की ओर से दिए गए कोटेशन के आधार पर उन्होंने चॉइस फिनसर्व प्राइवेट लिमिटेड से 7 लाख 80 हजार रुपये का लोन कराया। इसके अलावा उन्होंने 4 लाख 20 हजार 600 रुपये नकद कंपनी को दिए। इस तरह सोलर सिस्टम के लिए कुल 12 लाख 600 रुपये का भुगतान किया गया। सिस्टम लगवाने के बाद जब इसका इस्तेमाल शुरू हुआ तो यह उम्मीद के मुताबिक काम नहीं कर पाया।

शुरू से ही नहीं मिला सही बैकअप

कृष्ण यादव के मुताबिक, घर पर सिस्टम लगने के बाद से ही इसमें परेशानी आने लगी थी। सिस्टम करीब दो घंटे का बैकअप देने के बाद बंद हो जाता था। उन्होंने इस समस्या की जानकारी कंपनी को दी, जिसके बाद कंपनी ने सर्विस इंजीनियर मनीष कुमार को जांच के लिए भेजा। इंजीनियर ने सिस्टम की गुणवत्ता में कमी की बात कही और उसे ठीक करने की कोशिश की। मरम्मत के बाद भी समस्या खत्म नहीं हुई और सिस्टम करीब एक घंटे का ही बैकअप दे पाया। इसके बाद वह फिर बंद हो गया। इससे साफ था कि केवल मरम्मत करने से भी समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो रहा था।

बार-बार शिकायत के बाद भी नहीं मिली मदद

मरम्मत के बाद दोबारा समस्या आने पर कृष्ण यादव ने डीलर से संपर्क किया, लेकिन उन्हें संतोषजनक समाधान नहीं मिला। इसके बाद उन्होंने स्मार्टन पावर सिस्टम्स की कस्टमर केयर सर्विस से भी शिकायत की। उनका कहना था कि कंपनी से संपर्क करने और समस्या बताने के बावजूद सोलर सिस्टम ठीक नहीं हुआ। जब लगातार शिकायतों के बाद भी कोई समाधान नहीं निकला तो उन्होंने 11 मई 2025 को जिला उपभोक्ता आयोग में शिकायत दर्ज कराई। उनका आरोप था कि उन्हें खराब या घटिया गुणवत्ता वाला पावर यूनिट दिया गया, जो खरीदने के बाद से ही सही तरीके से काम नहीं कर रहा था।

कंपनी ने नहीं रखा अपना पक्ष 

मामले की सुनवाई के दौरान कंपनी की ओर से कोई जवाब या काउंटर-क्लेम पेश नहीं किया गया। इसके बाद आयोग ने 10 अप्रैल 2026 को मामले में एकतरफा यानी ex-parte कार्यवाही जारी रखने का फैसला किया। आयोग ने शिकायतकर्ता की ओर से पेश किए गए दस्तावेज और लिखित बयान देखे। दूसरी तरफ से आरोपों को गलत साबित करने के लिए कोई सबूत पेश नहीं किया गया। आयोग ने माना कि शिकायत के बावजूद सोलर सिस्टम की समस्या का सही समाधान नहीं किया गया, जो सेवा में कमी के दायरे में आता है। इसके बाद 15 सितंबर को आयोग ने कंपनी को 30 दिनों के भीतर सिस्टम के लिए दी गई पूरी रकम 6 प्रतिशत ब्याज के साथ लौटाने का आदेश दिया। इसके अलावा कानूनी खर्च के तौर पर 5 हजार रुपये देने को भी कहा गया। रकम वापस मिलने के बाद कंपनी अपना सोलर सिस्टम वापस ले सकती है।

इस मामले से पता चलता है कि कोई महंगा घरेलू उपकरण या सोलर सिस्टम खरीदने के बाद अगर वह उम्मीद के मुताबिक काम नहीं करता और कंपनी शिकायत के बाद भी समस्या दूर नहीं करती, तो उपभोक्ता कानूनी मदद ले सकता है। ऐसे मामलों में खरीद से जुड़े बिल, भुगतान के कागज, लोन की जानकारी, शिकायत और सर्विस से जुड़े दस्तावेज संभालकर रखना भी काफी जरूरी होता है।

Waaree Renewable: डेटा सेंटर बिजनेस में उतरी सोलर कंपनी, नई सब्सिडियरी बनाई

Waaree Renewable: सोलर कंपनी Waaree Renewable Technologies ने डेटा सेंटर कारोबार में कदम बढ़ाया है। कंपनी ने सोमवार, 14 सितंबर को इसकी जानकारी दी। इसकी सब्सिडियरी Waaree Green Data Centers Private Ltd ने डेटा सेंटर बिजनेस के लिए नई कंपनी बनाई है। इसका नाम Aurovault Data Centers Private Ltd है।

नई कंपनी में 100% हिस्सेदारी

Aurovault Data Centers का गठन 14 सितंबर 2026 को हुआ है। इसमें Waaree Green Data Centers की 100% हिस्सेदारी है।

कंपनी भारत और विदेशों में डेटा सेंटर से जुड़ा कारोबार करेगी। इसमें डेटा सेंटर लगाना, डिजाइन करना, बनाना और चलाना शामिल है। कंपनी इन्हें खुद रख सकती है या लीज पर भी दे सकती है।

AI और क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर पर भी फोकस

Aurovault हाइपरस्केल डेटा सेंटर और AI-ready डेटा सेंटर भी डेवलप करेगी। इसके अलावा एज डेटा सेंटर, डिजास्टर रिकवरी सेंटर, क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर पार्क भी इसके कारोबार का हिस्सा होंगे।

कंपनी को-लोकेशन और मैनेज्ड होस्टिंग जैसी सेवाएं भी देगी। इसके अलावा क्लाउड कनेक्टिविटी, नेटवर्क सर्विसेज, डेटा स्टोरेज और साइबर सिक्योरिटी पर भी काम करेगी। AI से जुड़ी सेवाएं भी कंपनी के कारोबार में शामिल हैं। इसमें AI इंफ्रास्ट्रक्चर, GPU होस्टिंग और हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग जैसी सेवाएं शामिल हैं।

नकद निवेश करेगी Waaree Green Data Centers

Waaree Green Data Centers, Aurovault Data Centers में नकद के जरिए निवेश करेगी। कंपनी ने बताया कि इसके गठन के लिए किसी सरकारी या नियामकीय मंजूरी की जरूरत नहीं है।

नई कंपनी भारत में ही स्थापित की गई है। इसका गठन 14 सितंबर 2026 को हुआ।

291 MWp सोलर प्रोजेक्ट का भी मिला ऑर्डर

इससे पहले पिछले महीने Waaree Renewable Technologies को एक बड़ा EPC प्रोजेक्ट मिला था। कंपनी को 291 MWp सोलर क्षमता और 280 MWh BESS वाले प्रोजेक्ट के लिए Letter of Award (LoA) मिला था।

यह ऑर्डर एक भारतीय थर्मल पावर जेनरेटिंग कंपनी ने दिया है। यह घरेलू कमर्शियल ऑर्डर है। कंपनी के मुताबिक, प्रोजेक्ट को FY28 के दौरान पूरा किया जाना है।

पिछले कारोबारी सत्र में Waaree Renewable Technologies का शेयर ₹837 पर बंद हुआ। शेयर में ₹2.90 यानी 0.35% की तेजी रही।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Stock in Focus: सोलर कंपनी को ₹75 करोड़ का ऑर्डर मिला, शेयरों पर रहेगी नजर

Stock in Focus: सोलर एनर्जी कंपनी Solex Energy को घरेलू कंपनियों से ₹74.77 करोड़ के नए ऑर्डर मिले हैं। कंपनी को ये ऑर्डर सोलर PV मॉड्यूल बनाने और सप्लाई करने के लिए मिले हैं। इन्हें दिसंबर 2026 तक पूरा किया जाना है।

कंपनी का कहना है कि नए ऑर्डर से उसकी ऑर्डर पाइपलाइन और मजबूत हुई है। सोलर मॉड्यूल की बढ़ती मांग के बीच कंपनी को लगातार नए ऑर्डर मिल रहे हैं।

₹174 करोड़ के ऑर्डर के लिए LOI मिला

Solex Energy को करीब ₹174.30 करोड़ के एक और ऑर्डर के लिए लेटर ऑफ इंटेंट यानी LOI मिला है। इस ऑर्डर के लिए मॉड्यूल सप्लाई एग्रीमेंट पर साइन होना अभी बाकी है।

नए ऑर्डर और LOI समेत कंपनी की एग्जीक्यूटेबल ऑर्डर पाइपलाइन करीब ₹846 करोड़ तक पहुंच गई है। कंपनी का लक्ष्य इन ऑर्डर को 31 दिसंबर 2026 तक पूरा करना है।

जनवरी में मिला था ₹276 करोड़ का ऑर्डर

इस साल जनवरी में Solex Energy को घरेलू इंडिपेंडेंट पावर प्रोड्यूसर से ₹276 करोड़ का बड़ा वर्क ऑर्डर मिला था। यह ऑर्डर N-type TOPCon सोलर PV मॉड्यूल बनाने और सप्लाई करने के लिए था।

इस ऑर्डर के तहत कंपनी को 615 Wp और 620 Wp ग्लास-टू-ग्लास G12R सोलर मॉड्यूल की सप्लाई करनी थी। इनकी सप्लाई फरवरी से मई 2026 के बीच होनी थी।

Solex Energy के शेयरों का हाल

Solex Energy का शेयर गुरुवार को 2.11% की तेजी के साथ ₹728 पर बंद हुआ। पिछले 6 महीने में स्टॉक 15.48% टूटा है। वहीं, 1 साल में ये करीब 44% क्रैश हुआ है। कंपनी का मार्केट कैप 777.46 करोड़ रुपये है।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Waaree Energies Q1 Results: सोलर कंपनी को ₹850 करोड़ का मुनाफा, अमेरिका में मिली बड़ी राहत

Waaree Energies Q1 Results: रिन्यूएबल एनर्जी कंपनी वारी एनर्जीज ने जून तिमाही के मजबूत नतीजे जारी किए हैं। कंपनी का कंसोलिडेटेड शुद्ध मुनाफा 850 करोड़ रुपये रहा। पिछले साल की समान तिमाही में यह 745 करोड़ रुपये था। वहीं, मार्च तिमाही में कंपनी ने 773 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया था। इस तरह मुनाफा सालाना आधार पर 14.09% और तिमाही आधार पर 9.96% बढ़ा।

रेवेन्यू में 79% की बढ़ोतरी

जून तिमाही में वारी एनर्जीज का ऑपरेशन से रेवेन्यू 7,932 करोड़ रुपये रहा। एक साल पहले यह 4,426 करोड़ रुपये था। मार्च तिमाही में भी कंपनी का रेवेन्यू 4,426 करोड़ रुपये रहा था। इस तरह रेवेन्यू में सालाना और तिमाही, दोनों आधार पर करीब 79% की बढ़ोतरी दर्ज हुई।

जून तिमाही में कंपनी का EBITDA बढ़कर 1,440 करोड़ रुपये हो गया। पिछली तिमाही में यह 997 करोड़ रुपये था। यानी तिमाही आधार पर इसमें 44.4% की बढ़ोतरी हुई। हालांकि, EBITDA मार्जिन घटकर 18.2% रह गया। मार्च तिमाही में यह 22.5% था।

अमेरिका से मिला बड़ा फायदा

वारी एनर्जीज ने बताया कि अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले के बाद उसे बड़ा फायदा मिला है। कोर्ट ने एक्सपोर्टर्स पर लगाए गए रेसिप्रोकल ड्यूटी को गैरकानूनी करार दिया था।

इसके बाद अमेरिकी कस्टम्स एंड बॉर्डर प्रोटेक्शन (CBP) ने रिफंड क्लेम स्वीकार किए। इसी के आधार पर वारी एनर्जीज ने 349.18 करोड़ रुपये को अन्य ऑपरेटिंग रेवेन्यू के तौर पर दर्ज किया। इसके अलावा, कंपनी ने 25.13 करोड़ रुपये को एसेट्स और इन्वेंट्री की लागत में कमी के रूप में भी दर्ज किया।

वारी एनर्जीज के शेयरों का हाल

वारी एनर्जीज का शेयर बुधवार को 1.59% की बढ़त के साथ 2,738 रुपये पर बंद हुआ। पिछले 6 महीने से स्टॉक लगभग फ्लैट है। वहीं, 1 साल में इसने 14.06% का रिटर्न दिया है। कंपनी का मार्केट कैप 78.71 हजार करोड़ रुपये है।

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Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जागरूकता के लिए है। किसी भी निवेश, लोन, टैक्स, बीमा या दूसरे वित्तीय फैसले लेने से पहले संबंधित एक्सपर्ट्स से सलाह जरूर लें। मनीकंट्रोल किसी भी फाइनेंशियल प्रोडक्ट या सर्विस की सिफारिश नहीं करता।

Stock in Focus: सोलर कंपनी को दो बड़े ऑर्डर मिले, शेयरों पर रहेगी नजर

Stock in Focus: रिन्यूएबल एनर्जी कंपनी Waaree Renewable Technologies Ltd (WRTL) को दो बड़े लेटर ऑफ अवॉर्ड (LoA) मिले हैं। कंपनी 800 MWac (1,082 MWp) क्षमता वाले दो ग्राउंड-माउंटेड सोलर पीवी प्लांट लगाएगी। EPC कॉन्ट्रैक्ट के तहत कंपनी डिजाइन, उपकरणों की खरीद और प्रोजेक्ट का निर्माण करेगी।

Waaree Renewable ने बताया कि यह ऑर्डर भारत की एक बड़ी रिन्यूएबल एनर्जी कंपनी से मिला है। हालांकि, कंपनी ने ग्राहक का नाम सार्वजनिक नहीं किया है।

दो सोलर प्लांट लगाएगी कंपनी

वारी रिन्यूएबल के मुताबिक, एक प्लांट की क्षमता 400 MWac / 530 MWp होगी, जबकि दूसरे की क्षमता 400 MWac / 552 MWp होगी। ये दोनों प्रोजेक्ट भारत में ही लगाए जाएंगे। इन्हें वित्त वर्ष 2027-28 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।

जून तिमाही में बढ़ा मुनाफा

इस सप्ताह वारी रिन्यूएबल ने जून तिमाही के नतीजे भी जारी किए थे। कंपनी का शुद्ध मुनाफा 34% बढ़ा। वहीं, रेवेन्यू 53% बढ़कर ₹924 करोड़ और EBITDA 48% बढ़कर ₹173 करोड़ पहुंच गया। हालांकि, EBITDA मार्जिन पिछले साल के 19.5% से घटकर 18.8% रह गया।

वारी रिन्यूएबल के शेयर

वारी रिन्यूएबल का शेयर पिछले कारोबारी सत्र में 0.63% की गिरावट के साथ बंद हुआ। वहीं, साल 2026 में अब तक यह शेयर 3.15% कमजोर रहा है। पिछले 1 साल में स्टॉक 10% टूटा है। कंपनी का मार्केट कैप 9.78 हजार करोड़ रुपये है।

वारी रिन्यूएबल का बिजनेस

यह कंपनी सोलर पावर प्रोजेक्ट्स के लिए EPC सेवाएं देती है। कंपनी सोलर प्लांट्स की डिजाइनिंग, उपकरणों की खरीद और निर्माण का काम करती है। इसके अलावा इंस्टॉलेशन, कमीशनिंग और ऑपरेशन-मेंटेनेंस (O&M) जैसी सेवाएं भी उपलब्ध कराती है।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।