Stocks to Watch: 14 अक्टूबर को इन 11 शेयरों पर रहेगी नजर, मिल सकता है तगड़ी कमाई का मौका

Stocks to Watch: बुधवार 14 अक्टूबर को शेयर बाजार में कई कंपनियों के शेयर खबरों के दम पर एक्शन दिखा सकते हैं। इन कंपनियों ने तिमाही नतीजे और नए ऑर्डर जैसे अहम अपडेट दिए हैं। ऐसे में ट्रेडिंग से पहले इन 11 शेयरों पर निवेशकों की खास नजर रहेगी।

Tata Elxsi

टाटा ग्रुप की कंपनी टाटा एलेक्सी का सितंबर तिमाही में नेट प्रॉफिट ₹170.3 करोड़ रहा। पिछली तिमाही में यह ₹170.6 करोड़ था। रेवेन्यू 3.4% बढ़कर ₹1,055.7 करोड़ हो गया। EBIT 7.2% बढ़कर ₹207.7 करोड़ पहुंच गया। EBIT मार्जिन भी 18.97% से बढ़कर 19.68% हो गया।

Hyundai Motor India

ऑटोमोबाइल कंपनी Hyundai Motor Group ने 2032 तक भारत में 15.5 अरब डॉलर निवेश करने की योजना बनाई है। यह निवेश मैन्युफैक्चरिंग, रिसर्च एंड डेवलपमेंट (R&D) और स्थानीय सप्लाई चेन को मजबूत करने पर खर्च होगा। कंपनी भारत में R&D सेंटर के लिए 70 करोड़ डॉलर लगाने की भी योजना बना रही है। Hyundai Motor India और Kia India की उत्पादन क्षमता बढ़ाने पर भी निवेश किया जाएगा।

Bharat Electronics

सरकारी डिफेंस भारत इलेक्ट्रॉनिक्स (BEL) को ₹533 करोड़ के नए ऑर्डर मिले हैं। ये ऑर्डर 17 सितंबर 2026 के बाद मिले हैं। इनमें कम्युनिकेशन इक्विपमेंट, एवियोनिक्स, साइबर सिक्योरिटी, ड्रोन, जैमर और सॉफ्टवेयर से जुड़े काम शामिल हैं। कंपनी को अपग्रेड, स्पेयर पार्ट्स और सर्विस के ऑर्डर भी मिले हैं।

Transformers and Rectifiers

ट्रांसफॉर्मर बनाने वाली कंपनी Transformers and Rectifiers का सितंबर तिमाही में नेट प्रॉफिट बढ़कर ₹79.8 करोड़ हो गया। पिछले साल इसी तिमाही में यह ₹33.9 करोड़ था। रेवेन्यू 60.7% बढ़कर ₹739.4 करोड़ पहुंच गया। EBITDA ₹128.8 करोड़ रहा और मार्जिन 11.2% से बढ़कर 17.4% हो गया। तिमाही में कंपनी को ₹131.4 करोड़ का एक्सेप्शनल गेन भी हुआ।

GRT Jewellers

ज्वेलरी कारोबार करने वाली GRT Jewellers को लिस्टेड ज्वेलरी कंपनी Tribhovandas Bhimji Zaveri (TBZ) में 74.12% हिस्सेदारी खरीदने के लिए CCI की मंजूरी मिल गई है। GRT Jewellers ने 4.95 करोड़ शेयर खरीदने के लिए TBZ के प्रमोटर्स के साथ ₹1,033.71 करोड़ तक का सौदा किया है। हालांकि, डील पूरी होने के लिए अभी बाकी शर्तें पूरी करनी होंगी।

Adani Enterprises

अदाणी ग्रुप की फ्लैगशिप कंपनी अदाणी एंटरप्राइजेज ने अमेरिकी कंपनी Jabil Inc. के साथ 50:50 जॉइंट वेंचर बनाने के लिए MoU किया है। इसका मकसद भारत में AI और डेटा सेंटर के उपकरण बनाना है। प्रस्तावित JV में AI रैक, सर्वर, स्टोरेज, नेटवर्किंग उपकरण, पावर डिस्ट्रीब्यूशन यूनिट और लिक्विड कूलिंग सिस्टम बनाए जाएंगे।

Anand Rathi Shares

शेयर ब्रोकिंग कंपनी आनंद राठी शेयर्स एंड स्टॉक ब्रोकर्स का नेट प्रॉफिट सितंबर तिमाही में 48.4% बढ़कर ₹42.3 करोड़ हो गया। पिछले साल इसी तिमाही में यह ₹28.5 करोड़ था। कंपनी का रेवेन्यू भी 20.1% बढ़कर ₹273 करोड़ पहुंच गया। पिछले साल यह ₹227 करोड़ था।

Hindustan Oil Exploration

तेल और गैस की खोज करने वाली कंपनी हिंदुस्तान ऑयल एक्सप्लोरेशन ने देबब्रत दास को नया चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर (CFO) नियुक्त किया है। उनकी नियुक्ति 16 अक्टूबर से लागू होगी। कंपनी के मुताबिक, एलन एंड्रेड 15 अक्टूबर से CFO का पद छोड़ देंगे।

Polycab India

वायर और केबल बनाने वाली कंपनी पॉलीकैब इंडिया को कॉरपोरेट इन्सॉल्वेंसी मामले में राहत मिली है। नेशनल कंपनी लॉ अपीलेट ट्रिब्यूनल (NCLAT) ने कंपनी के खिलाफ इन्सॉल्वेंसी प्रोसेस शुरू करने के NCLT के आदेश पर रोक लगा दी है।

RailTel Corporation of India

सरकारी टेलीकॉम और ICT सेवा देने वाली कंपनी रेलटेल को ओडिशा सरकार के उच्च शिक्षा विभाग से ₹48.98 करोड़ का वर्क ऑर्डर मिला है। इसमें टैक्स भी शामिल हैं। कंपनी 83 डिजिटल एप्लिकेशन मॉड्यूल तैयार करेगी और उन्हें मौजूदा ERP सिस्टम से जोड़ेगी। इस प्रोजेक्ट को 10 मई 2027 तक पूरा करना है।

GTPL Hathway

केबल टीवी और ब्रॉडबैंड सर्विस देने वाली GTPL Hathway दूसरी तिमाही में मुनाफे से घाटे में आ गई। कंपनी को ₹9.2 करोड़ के मुनाफे के मुकाबले ₹93 लाख का कंसोलिडेटेड घाटा हुआ। हालांकि, कंपनी की इनकम बढ़कर ₹1,143 करोड़ हो गई, जो पिछले साल इसी तिमाही में ₹959 करोड़ थी।

Q2 Results

बुधवार को कई कंपनियां सितंबर तिमाही के नतीजे घोषित करेंगी। इनमें केनरा बैंक, CEAT, भारत हेवी इलेक्ट्रिकल्स (BHEL), ICICI लोम्बार्ड जनरल इंश्योरेंस, टाटा टेक्नोलॉजीज और HDB फाइनेंशियल सर्विसेज शामिल हैं। इनके अलावा बजाज कंज्यूमर केयर, एलेकॉन इंजीनियरिंग, लॉयड्स मेटल्स एंड एनर्जी, मैंगलोर रिफाइनरी एंड पेट्रोकेमिकल्स और लीला पैलेसेज होटल्स एंड रिसॉर्ट्स के नतीजे भी आने हैं।

Tata Elxsi Q2 Results: टाटा की कंपनी को ₹170 करोड़ का मुनाफा, ऑटो बिजनेस में मिला बड़ा कॉन्ट्रैक्ट

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

अदाणी ग्रुप की AI और डेटा सेंटर इक्विपमेंट बनाने की तैयारी, अमेरिकी कंपनी से मिलाया हाथ

अदाणी ग्रुप की फ्लैगशिप कंपनी अदाणी एंटरप्राइजेज और अमेरिकी कंपनी Jabil Inc. ने भारत में AI और डेटा सेंटर के इक्विपमेंट बनाने के लिए हाथ मिलाया है। दोनों कंपनियों ने 50:50 जॉइंट वेंचर (JV) बनाने के लिए MoU पर हस्ताक्षर किए हैं। इसके जरिए भारत में बड़े पैमाने पर AI इंफ्रास्ट्रक्चर बनाने की तैयारी है।

प्रस्तावित JV में AI रैक, सर्वर, स्टोरेज और नेटवर्किंग इक्विपमेंट बनाए जाएंगे। इसके अलावा, पावर डिस्ट्रीब्यूशन यूनिट, लिक्विड कूलिंग सिस्टम और ट्रांसफॉर्मर भी तैयार होंगे। इन इक्विपमेंट की सप्लाई भारत के साथ दूसरे देशों में भी की जाएगी। हालांकि, इसके लिए दोनों कंपनियों को अंतिम समझौते और जरूरी मंजूरियां लेनी होंगी।

AI रैक और सर्वर बनाने की होगी बड़ी क्षमता

इस JV के तहत कई गीगावॉट क्षमता वाले AI रैक बनाए जाने की योजना है। ये रैक हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग सिस्टम को संभालेंगे। AI से जुड़े कामों में ऐसे सिस्टम का इस्तेमाल होता है। दोनों कंपनियां उपकरणों की इंस्टॉलेशन और कमीशनिंग की सेवाएं भी देंगी।

2030 तक 8 GW हो सकती है डेटा सेंटर क्षमता

भारत में डेटा सेंटर की क्षमता 2030 तक 5 से 8 गीगावॉट पहुंचने का अनुमान है। AI का बढ़ता इस्तेमाल और क्लाउड सेवाओं का विस्तार इसकी बड़ी वजह हैं। डेटा को देश के भीतर रखने की जरूरत से भी इस कारोबार को बढ़ावा मिल रहा है।

कंपनियों के मुताबिक, डेटा सेंटर, क्लाउड और AI से जुड़े क्षेत्रों में हाइपरस्केलर्स का प्रस्तावित निवेश 50 अरब डॉलर से ज्यादा हो सकता है। वहीं, अगले सात साल में ग्लोबल AI कंप्यूटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर बाजार में 3 लाख करोड़ डॉलर से ज्यादा के अवसर का अनुमान है।

अदाणी ग्रुप की AI कारोबार में बढ़ेगी पकड़

अदाणी ग्रुप के चेयरमैन गौतम अदाणी ने कहा कि AI के विकास के लिए सिर्फ बेहतर एल्गोरिदम काफी नहीं हैं। इसके लिए ऊर्जा, डेटा सेंटर और एडवांस्ड कंप्यूटिंग से जुड़ा मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर भी चाहिए। इस JV से ग्रुप को AI के लिए जरूरी उपकरण बनाने के कारोबार में उतरने का मौका मिलेगा।

Jabil के CEO माइक डस्टूर ने कहा कि इस साझेदारी से भारत और दुनिया के दूसरे बाजारों में डेटा सेंटर उपकरणों की बढ़ती मांग पूरी करने में मदद मिलेगी।

मंगलवार को BSE पर अदाणी एंटरप्राइजेज का शेयर 2.39% चढ़कर ₹2,694 पर बंद हुआ। इसने पिछले 6 महीने में 26.59% का रिटर्न दिया है।

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Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Market Outlook : भारी गिरावट के साथ बंद हुआ बाजार, जानिए 29 सितंबर को कैसी रह सकती है सेंसेक्स-निफ्टी की चाल

Market Outlook : 28 सितंबर को भारतीय इक्विटी इंडेक्स कमजोरी के साथ बंद हुए और निफ्टी 22,800 के नीचे चला गया। ट्रेडिंग सेशन के अंत में सेंसेक्स 1,124.02 अंक या 1.52 प्रतिशत गिरकर 72,771.72 पर और निफ्टी 360.25 अंक या 1.56 प्रतिशत गिरकर 22,780.25 पर बंद हुआ। आज लगभग 1214 शेयरों में बढ़त हुई, 2905 शेयरों में गिरावट आई और 166 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ।

निफ्टी में सबसे ज़्यादा गिरावट वाले शेयरों में जियो फाइनेंशियल,टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स,टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स,अदाणी एंटरप्राइजेज और अदाणी पोर्ट्स शामिल रहे। जबकि बढ़त वाले शेयरों में डॉ.रेड्डीज लैब्स और इंफोसिस शामिल रहे।

सभी सेक्टर इंडेक्स गिरावट के साथ बंद हुए। PSU बैंक इंडेक्स 3% और टेलीकॉम इंडेक्स 2% नीचे बंद हुआ। जबकि एनर्जी,इंफ्रा,FMCG,रियल्टी,प्राइवेट बैंक, मेटल और ऑयल एंड गैस इंडेक्स में 1% से ज़्यादा की गिरावट आई। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स 1.7 प्रतिशत और स्मॉलकैप इंडेक्स 1.8 प्रतिशत गिरा।

बोनान्ज़ा के रिसर्च एनालिस्ट बालाजी राव मुदिली ने कहा कि आज बाजार में भारी गिरावट देखी गई। निफ़्टी 22,780.25 (1.56% नीचे) पर और सेंसेक्स 72,771.21 (1.52% नीचे) पर बंद हुआ। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने होर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को फिर से खोलने के ईरान के प्रस्ताव को ठुकरा दिया,जिससे ब्रेंट क्रूड की कीमतों में उछाल आया। इससे बाजार पर दबाव बना। साथ ही,बाजार को उम्मीद है कि अक्टूबर की बैठक में अमेरिका में ब्याज दरों में फिर से बढ़ोतरी हो सकती है। ब्याज दरें बढ़ने की संभावना के चलते सोने और चांदी की कीमतों में भी भारी गिरावट आई है। ये लगभग 3.36% और 5.29% नीचे आए हैं। इंडेक्स के नजरिए से देखें तो सभी इंडेक्स गिरावट के साथ बंद हुए,जिनमें बैंक,मेटल,रियल्टी और ऑयल एंड गैस सेक्टर में सबसे ज़्यादा गिरावट देखी गई।

बॉन्ड यील्ड में तेजी, रुपये में कमज़ोरी, RBI द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने की बढ़ती संभावना और बैंकिंग सेक्टर में नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) घटने की उम्मीद के कारण बड़े बैंकों के शेयरों पर भारी दबाव बना हुआ है। आज बैंक-निफ्टी में 1.99% की गिरावट दर्ज की गई।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के हेड ऑफ़ रिसर्च,विनोद नायर ने कहा कि बाजार के एक अहम साइकोलॉजिकल सपोर्ट लेवल को तोड़ने के साथ ही मंदड़ियों का दबदबा बना रहा। यह ग्लोबल मैक्रो हालात बिगड़ने के साथ ही निवेशकों में बढ़ती सावधानी की भावना को दिखाता है। अमेरिका द्वारा सीज़फायर के प्रस्ताव को ठुकराने से चिंताएं बढ़ गई हैं। पश्चिम एशिया में तनाव उम्मीद से ज़्यादा समय तक बना रह सकता है। इससे निकट भविष्य में कूटनीतिक समाधान की संभावना कम हो गई है और लंबे समय तक सप्लाई में रुकावट और कमोडिटी की कीमतें बढ़ने का जोखिम बढ़ गया है।

वहीं,अमेरिका में बॉन्ड यील्ड बढ़ने से भारत और अमेरिका के बीच यील्ड का अंतर कम हो रहा है,जिससे विदेशी फंडों की निकासी हो सकती है और बाज़ार का मूड सतर्क बना रह सकता है। फेड द्वारा ब्याज दरें और बढ़ाने की बढ़ती आशंका के कारण सभी सेक्टर में बिकवाली का दबाव देखा गया। इसके अलावा, RBI के आगामी पॉलिसी से पहले बाजार सतर्क रह सकते हैं। निकट भविष्य में ग्लोबल लिक्विडिटी की स्थिति,बॉन्ड यील्ड में उतार-चढ़ाव,तेल की कीमतें और पॉलिसी से जुड़े संकेत बाजार की दिशा तय कर सकते हैं।

कोटक सिक्योरिटीज में हेड इक्विटी रिसर्च, श्रीकांत चौहान का कहना है कि आज बेंचमार्क इंडेक्स में बड़ी गिरावट आई। निफ्टी 360 अंक नीचे बंद हुआ,जबकि सेंसेक्स 1124 अंक गिर गया। सभी अहम सेक्टर इंडेक्स नेगेटिव दायरे में रहे,जिसमें PSU बैंक इंडेक्स में सबसे ज़्यादा 3.15 प्रतिशत की गिरावट देखी गई।

टेक्निकल तौर पर कमजोर शुरुआत के बाद निफ्टी 23,000 के स्तर से नीचे फिसल गया और इस गिरावट के बाद बिकवाली का दबाव बढ़ गया। इसके अलावा, डेली चार्ट पर’बेयरिश कैंडल’और इंट्राडे चार्ट पर’लोअर-टॉप फॉर्मेशन’मौजूदा स्तरों से और कमजोरी आने का संकेत दे रहे हैं।

श्रीकांत चौहान का मानना ​​है कि मार्केट का शॉर्ट-टर्म ट्रेंड कमज़ोर बना हुआ है। हालांकि,कुछ समय के लिए’ओवरसोल्ड’पोजीशन के कारण,हम मौजूदा स्तरों से एक तेज’पुलबैक रैली’देख सकते हैं। डे ट्रेडर्स के लिए 22,800 का स्तर अहम है। इस स्तर से नीचे सेंटीमेंट कमजोर बने रहने की संभावना है,जिसमें 22,650–22,550 पर सपोर्ट मिलेगा। ऊपर की तरफ,22,800 के स्तर से ऊपर जाने पर निफ्टी 23,000–23,050 की ओर उछाल दिखा सकता है।

एनरिच मनी के CEO पोनमुडी आर ने कहा कि निफ्टी हल्की गिरावट (गैप-डाउन) के साथ खुला और उस पर बिकवाली का दबाव बढ़ गया,जिससे यह 23,300 के अहम साइकोलॉजिकल लेवल से नीचे आ गया। कमजोर शुरुआत से पता चलता है कि ऊपरी लेवल पर सेलर अभी भी एक्टिव हैं,जिससे निकट भविष्य का टेक्निकल स्ट्रक्चर खराब है। ऊपर की तरफ,23,100–23,200 का दायरा तत्काल रेजिस्टेंस बैंड का काम कर सकता है। अगर निफ्टी लगातार 23,200 के ऊपर बना रहता है,तो इससे कुछ राहत मिल सकती है और 23,300–23,400 के लेवल तक रिकवरी में मदद मिल सकती है। हालांकि,अगर यह इस रेजिस्टेंस बैंड के नीचे ही ट्रेड करता रहा तो इंडेक्स पर और बिकवाली का दबाव बन सकता है।

नीचे की तरफ 22,800 का लेवल अहम सपोर्ट बना हुआ है,जिस पर नज़र रखनी होगी। अगर यह 22,800–22,700 के दायरे से नीचे जाता है तो बिकवाली का दबाव बढ़ सकता है और इंडेक्स और निचले स्तरों पर जा सकता है। मोमेंटम इंडिकेटर और कमज़ोर हुए हैं। RSI 30 के आसपास है,जो बताता है कि मोमेंटम काफी कमजोर है और यह’ओवरसोल्ड’जोन के करीब है। बाजार का बड़ा तकनीकी ढांचा भी कमजोर बना हुआ है और इंडेक्स अहम मूविंग एवरेज से नीचे कारोबार कर रहा है। कुल मिलाकर,तकनीकी आउटलुक अधिक मंदी वाला हो गया है।

 

Market Mayhem : जियोपॉलिटकल संकट के बाद अब महाराष्ट्र के सूखे ने बढ़ाई टेंशन, निफ्टी करीब 5 महीने से ज्यादा के निचले स्तर पर

 

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Nifty और Sensex में 8 जुलाई के बाद सबसे बड़ी गिरावट, क्रूड में उछाल से सहमा बाजार

भारतीय शेयर बाजारों में 24 सितंबर को बीते 10 हफ्तों की सबसे बड़ी गिरावट आई। इसमें क्रूड ऑयल की कीमतों में उछाल का बड़ा हाथ है। ब्रेंट क्रूड का प्राइस गुरुवार को उछलकर 105 डॉलर प्रति बैरल के पार हो गया है। इससे दुनियाभर में महंगाई बढ़ने का खतरा बढ़ गया है। इसका असर शेयर बाजारों पर पड़ रहा है।

इंश्योरेंस डिस्ट्रिब्यूशन कंपनियों के शेयर क्रैश

सबसे ज्यादा गिरावट फाइनेंशियल खासकर इंश्योरेंस और इंश्योरेंस डिस्ट्रिब्यूशन कंपनियों के शेयरों में आई। इसकी वजह इंश्योरेंस सेक्टर के रेगुलेटर आईआरडीएआई का एक प्रस्ताव है, जिसके लागू होने पर इंश्योरेंस प्रोडक्ट्स की बिक्री पर मिलने वाला कमीशन कम हो जाएगा। इसका सीधा असर बीपी फिनटेक जैसी कंपनियों की कमाई पर पड़ेगा। पीबी फिनटेक का शेयर 36 फीसदी क्रैश कर गया।

सेंसेक्स, निफ्टी में 8 जुलाई के बाद सबसे बड़ी गिरावट

निफ्टी 1.64 फीसदी यानी 383 अंक गिरकर 23,063 पर बंद हुआ। सेंसेक्स 1.67 फीसदी यानी 1,247 अंक लुढ़कर 73,580 अंक पर क्लोज हुआ। दोनों ही सूचकांकों में 8 जुलाई के बाद एक दिन की सबसे बड़ी गिरावट आई। ब्रेंट क्रूड 2.4 फीसदी चढ़कर 105 डॉलर के पार जाने की वजह ईरान के राष्ट्रपति पेजेश्कियान का संयुक्त राष्ट्र की आम सभा में दिया गया भाषण है। 23 सितंबर को उन्होंने कहा कि ईरान अमेरिकी दबाव के आगे कभी नहीं झुकेगा।

क्रूड की ऊंची कीमतें बढ़ा सकती हैं महंगाई

ईरान के राष्ट्रपति के भाषण से यह साफ हो गया है कि मध्यपूर्व का संकट जल्द खत्म होने नहीं जा रहा है। हालांकि, अमेरिका और ईरान के बीच समझौते की कोशिशें जारी हैं। अगर मध्यपूर्व की यह क्राइसिस जल्द खत्म नहीं होती है तो क्रूड ऑयल की कीमत लंबे समय तक हाई बनी रह सकती है। इसका सीधा असर दुनियाभर में इनफ्लेशन पर पड़ेगा। इनफ्लेशन को काबू में करने के लिए फेडरल रिजर्व सहित दूसरे केंद्रीय बैंक इंटरेस्ट रेट बढ़ा सकते हैं। इसका असर कंपनियों के पूंजीगत निवेश पर पड़ेगा।

निफ्टी के 23500 से नीचे रहने तक बेयरिश ट्रेंड बना रहेगा

एक्सिस डायरेक्ट में सीनियर रिसर्च एनालिस्ट हेमंग गोर ने कहा, “भारत के लिए क्रूड की कीमतें काफी अहम हैं। कुछ समय तक 100 डॉलर से नीचे जाने के बाद फिर से क्रूड में उछाल दिख रहा है। इससे क्रूड की सप्लाई को लेकर चिंता बढ़ी है, जिसका असर बाजार की रिकवरी पर पड़ा है।” उन्होंने कहा कि निफ्टी जब तक 23,500 से नीचे बना रहता है, मार्केट का ट्रेंड बेयरिश बना रहेगा।

इन कंपनियों के शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट 

24 सितंबर को सबसे ज्यादा गिरने वाले शेयरों में एचडीएफसी लाइफ इंश्योरेंस (6.16 फीसदी), बजाज फिनसर्व (5.87 फीसदी), चोलामंडलम इनवेस्ट (5.20 फीसदी), एक्सिस बैंक (4.56 फीसदी), बजाज फिनसर्व (4.56 फीसदी), टाटा कैपिटल (3.94 फीसदी) और अदाणी एंटरप्राइजेज शामिल रहे।

Stocks to buy: जोरदार रिटर्न के लिए इन 5 दमदार स्टॉक्स पर लगा सकते हैं दांव

शेयर बाजार के कमजोर सेंटीमेंट का खराब असर निवेशकों पर पड़ा है। खासकर नए निवेशक तो अब बाजार में एंट्री करने से घबरा रहे हैं। हालांकि, एक्सपर्ट्स का कहना है कि यह निवेशक करने का सही समय है, क्योंकि कई दिग्गज शेयरों की कीमतें अट्रैक्टिव लेवल पर आ गई हैं। ब्रोकरेज फर्म सैमको सिक्योरिटीज ने खासकर नए निवेशकों के लिए कुछ खास शेयरों की लिस्ट तैयार की है। इन शेयरों में निवेश से अच्छी कमाई हो सकती है।

अदाणी एंटरप्राइजेज का शेयर लंबी रेस का घोड़ा

इस लिस्ट का पहला स्टॉक अदाणी एंटरप्राइजेज है। यह अदाणी ग्रुप की फ्लैगशिप कंपनी है। इसका मतलब है कि समूह के कई महत्वपूर्ण बिजनेसेज इस कंपनी के तहत आते हैं। यह शेयर 18 सितंबर को 1.94 फीसदी गिरकर 2,980 रुपये पर बंद हुआ। बीते छह महीनों में यह शेयर 48 फीसदी से ज्यादा चढ़ा है।

प्राइवेट बैंकों के शेयरों में तेजी लौटने का मिलेगा फायदा

एक्सिस बैंक इस लिस्ट का दूसरा स्टॉक है। यह शेयर 18 सितंबर को 0.41 फीसदी चढ़कर 1,245 रुपये पर बंद हुआ। यह देश के सबसे बड़े प्राइवेट बैंकों में शामिल है। बीते छह महीनों में इस शेयर ने कोई रिटर्न नहीं दिया है, क्योंकि प्राइवेट बैंकों के मुकाबले निवेशकों ने सरकारी बैंकों के शेयरों में ज्यादा दिलचस्पी दिखाई है।

बजाज ऑटो को मिलेगा फेस्टिव सीजन का फायदा 

दोपहिया और तीन-पहिया बनाने वाली दिग्गज कंपनी बजाज ऑटो इस लिस्ट की तीसरी कंपनी है। 18 सितंबर को यह शेयर 0.12 फीसदी गिरकर 11,486 रुपये पर बंद हुआ। हालांकि, बीते छह महीने में यह शेयर करीब 24 फीसदी चढ़ा है। कंपनी को त्योहारी सीजन का बड़ा फायदा मिल सकता है। देश में धनतेरस और दीवाली के मौके पर टू-व्हीलर्स और फोर-व्हीलर्स खरीदना शुभ माना जाता है।

डिफेंस स्टॉक्स में तेजी का फायदा बीईएल को मिलेगा

डिफेंस कंपनी भारत इलेक्ट्रॉनिक्स इस लिस्ट का चौथा स्टॉक है। भारत इलेक्ट्रॉनिक्स का शेयर 18 सितंबर को 397 रुपये पर बंद हुआ। बीते छह महीनों में यह शेयर 10 फीसदी से ज्यादा गिरा है। कंपनी की ऑर्डरबुक स्ट्रॉन्ग है। इसके अलावा डिफेंस पर सरकार के बढ़ते फोकस का फायदा भी कंपनी को मिलेगा।

टेलीकॉम कंपनी ने बढ़ाया वैल्यू एडेड सर्विसेज पर फोकस

दिग्गज टेलीकॉम कंपनी भारती एयरटेल भी इस लिस्ट में शामिल है। यह देश की दूसरी सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी है। 18 सितंबर को यह शेयर हल्की कमजोरी के साथ बंद हुआ। बीते छह महीने में इस शेयर ने कोई रिटर्न नहीं दिया है। वैल्यू एडेड सर्विसेज पर बढ़ते फोकस का फायदा कंपनी को मिलेगा।

डिसक्लेमर: मनीकंट्रोल पर एक्सपर्ट्स की तरफ से व्यक्त विचार उनके अपने विचार होते हैं। ये वेबसाइट या इसके मैनेजमेंट के विचार नहीं होते। मनीकंट्रोल की यूजर्स को सलाह है कि उन्हें निवेश का फैसला लेने से पहले सर्टिफायड एक्सपर्ट्स की राय लेनी चाहिए।

Market Outlook : लाल निशान में बंद हुए सेंसेक्स-निफ्टी, जानिए 1 सितंबर को कैसी रह सकती है इनकी चाल

Market Outlook : नीचे से सुधार आने के बावजूद भारतीय बाजार आज सोमवार 31 अगस्त को गिरावट लेकर बंद हुए। निफ्टी 95 अंक गिरकर 24080.40 पर और सेंसेक्स 307 अंक गिरकर 76957.27 पर आ गया,जिससे सेशन की क्लोजिंग गिरावट के साथ हुई। सर्विसेज सेक्टर सबसे आगे रहा और इसमें 8.88% की बढ़त देखी गई,जबकि इंजीनियरिंग सर्विसेज सेक्टर को सबसे ज़्यादा नुकसान हुआ और इसमें 3.12% की गिरावट आई। यूटिलिटीज़ और कैपिटल गुड्स और इलेक्ट्रिकल इक्विपमेंट सेक्टर में भी बिकवाली का दबाव रहा,जिससे इंडस्ट्रियल सेक्टर को लेकर सेंटीमेंट कमज़ोर रहा।

ईरान के साथ अमेरिका के बढ़ते तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतें बढ़ गईं,जबकि निवेशक MSCI इंडेक्स में बदलाव और CAS से संभावित उतार-चढ़ाव को लेकर सतर्क नजर आए। इसका असर बाजार पर दिखा। अलग-अलग सेक्टरों का मूड काफी कमजोर रहा और बाजार के ज्यादातर हिस्सों में बिकवाली का दबाव दिखा। मेटल और मीडिया सेक्टर में सबसे ज्यादा गिरावट देखी गई। जबकि टेक्नोलॉजी,रियल्टी और फाइनेंशियल सर्विस सेक्टर पर भी काफी दबाव रहा। फार्मा और हेल्थकेयर जैसे डिफेंसिव सेक्टर में भी गिरावट आई। सिर्फ प्राइवेट बैंकों ने ही कुछ हद तक मजबूती दिखाई।

क्लोजिंग ऑक्शन सेशन के बाद बैंक निफ्टी में बड़ा बदलाव देखा गया और यह दोपहर 3:15 बजे के प्री-CAS लेवल से 600 अंक से ज्यादा ऊपर बंद हुआ। इंडेक्स दोपहर 3:15 बजे के करीब 57,397 से बढ़कर CAS के बाद 58,025 पर पहुंच गया। भारतीय शेयर बाज़ार पर दबाव के बावजूद निफ्टी 24,000 के अहम मनोवैज्ञानिक स्तर से ऊपर बने रहने में कामयाब रहा और 24,080.40 पर बंद हुआ।

MSCI में बदलाव के चलते अदाणी ग्रुप के शेयरों में जबरदस्त बिकवाली देखी गई, जिसमें अदाणी एंटरप्राइजेज और अदाणी पोर्ट्स निफ्टी में सबसे ज़्यादा गिरने वाले शेयरों में शामिल रहे। अदाणी एंटरप्राइजेज़ के शेयरों में भारी गिरावट आई, जबकि अदाणी पोर्ट्स के शेयर करीब 7 प्रतिशत गिरे। रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों में ट्रेडिंग के आखिरी घंटे में जबरदस्त तेज़ी देखी गई और यह लगभग 1 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुआ,जिससे बेंचमार्क इंडेक्स को सहारा मिला।

आनंद राठी शेयर एंड स्टॉक ब्रोकर्स में इक्विटी टेक्निकल रिसर्च के सीनियर मैनेजर जिगर एस पटेल का कहना है कि 24,000 का स्तर निफ्टी के लिए मज़बूत सपोर्ट बना हुआ है। इसे डेली गैप एरिया,बढ़ती ट्रेंडलाइन और 61.8% फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट का सपोर्ट मिल रहा है।

जिगर एस पटेल गिरावट पर खरीदारी की रणनीति अपनाने की सलाह दे रहे हैं। उनका मानना है कि 24,100–24,000 का जोन निफ्टी के लिए अहम सपोर्ट जोन है। उनका मानना ​​है कि जब तक क्लोजिंग बेसिस पर 23,600 का स्तर बना रहता है,तब तक बाजार का ओवरऑल स्ट्रक्चर पॉजिटिव रहेगा।

ऊपर की तरफ,24,400 का स्तर तत्काल रेजिस्टेंस बना हुआ है। पटेल ने कहा कि अगर इस स्तर के ऊपर ब्रेकआउट होता है तो निफ्टी के लिएृ 24,600–24,750 और उसके बाद 25,000 के सबसे नजदीकी टारेगट की ओर बढ़ने का रास्ता खुल सकता है।

निफ्टी बैंक के लिए, 58,200 के ऊपर निर्णायक ब्रेकआउट से नई तेज़ी आ सकती है,जबकि 57,000 का स्तर अहम सपोर्ट बना हुआ है। पटेल ने कहा कि हमारा उनका नजरिया तेजी का है। ऐसे में 57,000 के ऊपर टिके रहने तक गिरावट पर खरीदारी करने की सलाह होगी।

 

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DK Shivakumar-Adani meeting: कर्नाटक में अदाणी-शिवकुमार की मुलाकात को लेकर सियासी घमासान! BJP ने कांग्रेस पर दोहरे मापदंड को लेकर साधा निशाना

DK Shivakumar-Adani meeting: दिग्गज उद्योगपति गौतम अदाणी ने रविवार 24 अगस्त को कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार से मुलाकात की। दोनों के बीच करीब एक घंटे तक बातचीत हुई। मुख्यमंत्री शिवकुमार ने इस मुलाकात को एक शिष्टाचार भेंट बताया। अदाणी समूह के चेयरमैन गौतम अदाणी के साथ मुलाकात को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) की प्रदेश इकाई ने सत्तारूढ़ कांग्रेस पर ‘दोहरा मापदंड’ अपनाने का आरोप लगाते हुए निशाना साधा।

सूत्रों के अनुसार, अदाणी ‘आर्ट ऑफ लिविंग’ गए थे। एयरपोर्ट लौटते समय सदाशिवनगर स्थित मुख्यमंत्री आवास पर शिवकुमार से मिले। मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) ने भी इसे एक शिष्टाचार भेंट बताया। यह मुलाकात हेब्बाल से सिल्क बोर्ड तक प्रस्तावित सुरंग सड़क परियोजना के बीच हुई है। सूत्रों के मुताबिक, इस परियोजना के लिए अदाणी एंटरप्राइजेज सबसे कम बोली लगाने वाली कंपनी के रूप में उभरी है। हालांकि, टेंडर को अभी आधिकारिक रूप से अंतिम रूप नहीं दिया गया है।

यह तत्काल पता नहीं चल सका कि शिवकुमार और अदाणी के बीच बातचीत में सुरंग सड़क परियोजना का मुद्दा उठा या मुलाकात केवल औपचारिक शिष्टाचार तक सीमित रही। शिवकुमार ने बेंगलुरु में पत्रकारों से बातचीत में कहा, “मुख्यमंत्री बनने के बाद यह पहली बार था जब वह (अदाणी) यहां मुझसे मिलने आना चाहते थे। वे यहां कई कारोबार कर रहे हैं। वह शिष्टाचारवश मुझसे मिलने आए थे।”

BJP हुई हमलावर

इस बीच, BJP के वरिष्ठ नेता आर अशोक ने इस मुलाकात की आलोचना करते हुए सवाल किया कि क्या कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने शिवकुमार को अदाणी से मिलने की अनुमति दी थी। कर्नाटक विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष अशोक ने कहा, “कांग्रेस दिल्ली में अदाणी का विरोध करती है, जबकि कर्नाटक में उसके पक्ष में है। क्या यह दोहरा मापदंड नहीं है?” उन्होंने कहा कि कर्नाटक सरकार ने अदाणी के लिए ‘लाल कालीन बिछा दी’ है।

अशोक ने शिवकुमार से राहुल गांधी को यह बताने को कहा कि अदाणी एक कारोबारी हैं। वह केवल कारोबार कर रहे हैं। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पर पर्यावरण संरक्षण को लेकर तंज कसते हुए अशोक ने उनसे बेंगलुरु आने और लालबाग या सैंकी टैंक में किसी पेड़ को गले लगाने को कहा जो प्रस्तावित सुरंग सड़क परियोजना से प्रभावित होंगे। BJP सुरंग सड़क परियोजना का विरोध कर रही है। भगवा पार्टी के युवा सांसद तेजस्वी सूर्या ने भी इस मुद्दे को लेकर कर्नाटक हाई कोर्ट का रुख किया है।

प्रियांक खड़गे की आई सफाई

कर्नाटक के गृह मंत्री प्रियांक खड़गे ने सीएम डीके शिवकुमार की गौतम अदाणी के साथ हुई मीटिंग का बचाव किया। उन्होंने कहा कि यह उद्योगपति राज्य सरकार के लिए सिर्फ एक कॉन्ट्रैक्टर है। टेंडर प्रोसेस पर कोई असर नहीं डाला गया है। खड़गे ने पत्रकारों से कहा, “हमारे लिए अदाणी एक कॉन्ट्रैक्टर हैं। वे कुछ प्रोजेक्ट्स में सबसे कम बोली लगाने वाले हैं। ये कर्नाटक सरकार के लिए अहम प्रोजेक्ट्स हैं। हमने टेंडर प्रोसेस को प्रभावित नहीं किया है। कोई भी L1 बन सकता है।”

BJP से पूछा सवाल

उन्होंने कहा कि अदाणी ग्रुप पर कांग्रेस का राजनीतिक रुख नहीं बदला है। लेकिन साथ ही कहा कि राजनीतिक मतभेदों से यह तय नहीं हो सकता कि सरकारी टेंडर की प्रक्रिया कैसे होगी। खड़गे ने कहा, “अगर अदाणी कानूनी तरीके से टेंडर हासिल करते हैं, तो ठीक है।” उन्होंने टनल रोड प्रोजेक्ट पर बीजेपी के रुख पर भी सवाल उठाया। साथ ही पूछा कि क्या विपक्ष अब भी इसका विरोध करेगा, जब अदाणी ग्रुप की एक कंपनी सबसे कम बोली लगाने वाली कंपनी बनकर उभरी है।

राज्य सरकार द्वारा बताई गई बोली की जानकारी के अनुसार, अदाणी एंटरप्राइजेज ने 16.75 किलोमीटर लंबे टनल रोड प्रोजेक्ट के लिए 22,267 करोड़ रुपये की बोली लगाई। यह बोली सरकार की शुरुआती अनुमानित प्रोजेक्ट लागत 17,698 करोड़ रुपये से ज्यादा है।

वहीं, शिवकुमार की अदाणी से मुलाकात पर कांग्रेस सांसद और प्रवक्ता पवन खेड़ा ने कहा, “हमने साफ तौर पर कहा है कि हम एकाधिकार के खिलाफ हैं। हम किसी उद्योगपति के खिलाफ नहीं हैं। लेकिन हम हमेशा कहते हैं कि अगर किसी एक उद्योगपति का एकाधिकार हो जाए, तो यह देश के लिए अच्छा नहीं है।”

Share Market Fall: निफ्टी में लगातार चौथे दिन गिरावट, सेंसेक्स 71 अंक टूटा; निवेशकों की दौलत ₹1.97 लाख करोड़ घटी

शेयर बाजार में शुक्रवार, 14 अगस्त को बिकवाली का आलम रहा। स्वतंत्रता दिवस से एक दिन पहले सेंसेक्स 70.71 अंकों की गिरावट के साथ 78,009.25 पर और निफ्टी 29.85 अंकों की गिरावट के साथ 24,366 पर बंद हुआ। इस बीच BSE पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप 1.97 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा घट गया। दिन में सेंसेक्स पिछले बंद भाव से 395.66 अंक तक टूटकर 77,684.37 के लो तक गया। इसी तरह निफ्टी भी पिछली क्लोजिंग से 99 अंक तक टूटकर 24,296.80 के लो तक गया। निफ्टी में लगातार चौथे कारोबारी सत्र में गिरावट रही।

गुरुवार, 13 अगस्त को शेयर मार्केट बंद होने पर BSE पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैप 4,94,13,560.799 करोड़ रुपये रहा था। शुक्रवार को यह घटकर 4,92,16,152.08 करोड़ रुपये रह गया। यानि कि 1,97,408.719 करोड़ रुपये की कमी।

मार्केट बंद होने पर NSE पर अपोलो हॉस्पिटल्स एंटरप्राइज, भारती एयरटेल, अदाणी पोर्ट्स, अदाणी एंटरप्राइजेज और ICICI Bank टॉप गेनर रहे। दूसरी ओर टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल्स, जियो फाइनेंशियल सर्विसेज, एशियन पेंट्स, हिंडाल्को इंडस्ट्रीज और ONGC टॉप लूजर रहे।

गुरुवार को कैसा रहा था कारोबार

गुरुवार को कारोबार के अंतिम घंटे में हुई बाइंग से सेंसेक्स 113.61 अंक या 0.15 प्रतिशत की बढ़त के साथ 78,079.96 पर बंद हुआ था। वहीं, निफ्टी 40.10 अंक या 0.16 प्रतिशत टूटकर 24,395.85 पर बंद हुआ था। BSE मिडकैप सेलेक्ट सूचकांक में 0.53 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई, जबकि स्मॉलकैप सेलेक्ट में 0.35 प्रतिशत का लाभ रहा।

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वैश्विक बाजारों का हाल

एशियाई बाजारों में हेंग सेंग, SET कंपोजिट और ताइवान वेटेड में गिरावट है। वहीं कॉस्पी, निक्केई 225, शंघाई कंपोजिट और जकार्ता कंपोजिट बढ़त में हैं। यूरोपीय बाजार हरे निशान में हैं। अमेरिकी बाजार गुरुवार को बढ़त के साथ बंद हुए थे।

रुपये में आई 3 पैसे की मजबूती

विदेशी बाजारों में अमेरिकी डॉलर के कमजोर रुख के बीच रुपया शुक्रवार को 3 पैसे की बढ़त के साथ 95.42 प्रति डॉलर (अस्थायी) पर बंद हुआ। घरेलू शेयर बाजार से विदेशी पूंजी की निकासी और वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के कारण रुपये पर दबाव बना रहा। रुपया गुरुवार को 12 पैसे की गिरावट के साथ 95.45 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Market Outlook : भारतीय इक्विटी इंडेक्स मामूली गिरावट के साथ हुए बंद, जानिए 17 अगस्त को कैसी रह सकती है बाजार की चाल

Market Outlook : 14 अगस्त को उतार-चढ़ाव भरे ट्रेडिंग सेशन में भारतीय इक्विटी इंडेक्स मामूली गिरावट के साथ बंद हुए हैं। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 70.71 अंक या 0.09 प्रतिशत गिरकर 78,009.25 पर और निफ्टी 29.85 अंक या 0.12 प्रतिशत गिरकर 24,366 पर बंद हुआ। आज लगभग 1855 शेयरों में बढ़त हुई,2244 शेयरों में गिरावट आई और 174 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ। निफ्टी में सबसे ज़्यादा बढ़त वाले शेयरों में अपोलो हॉस्पिटल्स,भारती एयरटेल,अदाणी एंटरप्राइजेज,अदाणी पोर्ट्स और विप्रो शामिल रहे। जबकि गिरावट वाले शेयरों में टाटा मोटर्स पैसेंजर व्हीकल,जियो फाइनेंशियल,ONGC,हिंडाल्को और SBI शामिल रहे।

सेक्टरों की बात करें तो ऑटो,एनर्जी,FMCG,मेटल,फार्मा और रियल्टी में 0.3-1% की गिरावट आई,जबकि कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और मीडिया में लगभग 1% की बढ़त हुई। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स में 0.5 प्रतिशत और स्मॉलकैप इंडेक्स में 0.7 प्रतिशत की गिरावट आई।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के हेड ऑफ़ रिसर्च,विनोद नायर का कहना है कि आज मार्केट में कम उतार-चढ़ाव देखने को मिला। निवेशक की नजर एनर्जी की कीमतों और ग्लोबल बॉन्ड यील्ड के आउटलुक पर लगी हुई है। हालांकि,कंज्यूमर ड्यूरेबल्स और डिस्क्रिशनरी कंजम्पशन स्टॉक्स की अगुवाई में मार्केट दिन के निचले स्तरों से रिकवरी हुआ, जिसे बेहतर डिमांड ट्रेंड्स का भी सपोर्ट मिला।

इस तिमाही में उम्मीद से बेहतर नतीजों और घरेलू सपोर्टिव फैक्टर्स(जिनसे FY27 के अर्निंग अनुमानों में बढ़ोतरी हो सकती है) की वजह से बॉटम-अप स्टॉक सिलेक्शन अप्रोच के लिए मौके बन रहे हैं।

इसके अलावा,रुपये में स्थिरता,भारत की 10-साल की बॉन्ड यील्ड में गिरावट और FII की खरीदारी में धीरे-धीरे सुधार से घरेलू मैक्रो-एनवायरनमेंट को सपोर्ट मिल रहा है और महंगाई की स्थिति भी बेहतर हो रही है।

17 अगस्त को कैसी रह सकती है बाजार की चाल

LKP सिक्योरिटीज के सीनियर टेक्निकल एनालिस्ट रूपक डे का कहना है कि निफ्टी में एक और दिन सुस्त ट्रेडिंग देखने को मिली। ट्रेडर्स वीकेंड से पहले किसी खास दिशा में पोजीशन लेने से बचते दिखे। निफ्टी थोड़ी गिरावट के साथ बंद हुआ,लेकिन 20EMA के ठीक ऊपर रहा और मोटे तौर पर अपनी शॉर्ट-टर्म मजबूती बनाए रखने में कामयाब रहा।

मोमेंटम इंडिकेटर RSI और कमजोर होने लगा है और बेयरिश क्रॉसओवर ओवरसोल्ड जोन की ओर बढ़ रहा है। कुल मिलाकर,सेंटीमेंट कमजोर बना हुआ है और 24,180 के स्तर तक और गिरावट की संभावना है। ऊपरी स्तर पर 24,400 का लेवल निफ्टी के लिए एक अहम रेजिस्टेंस का काम कर सकता है।

SBI सिक्योरिटीज में टेक्निकल एंड डेरिवेटिव्स रिसर्च हेड ,सुदीप शाह का कहना है कि आगे निफ्टी के लिए तत्काल रेजिस्टेंस 24500-24550 के जोन में नजर आ रहा है। अगर निफ्टी इस जोन के ऊपर टिकता है तो यह 24700 और उसके बाद शॉर्ट टर्म में 24850 तक जा सकता है। नीचे की तरफ,निफ्टी के लिए तत्काल सपोर्ट 24230-24200 के जोनन में है,जो 100 डे EMA के लेवल के पास ही है।

HDFC सिक्योरिटीज के सीनियर टेक्निकल रिसर्च एनालिस्ट नागराज शेट्टी ने कहा कि शुक्रवार को मार्केट में एक छोटे दायरे में उतार-चढ़ाव और कंसोलिडेशन का दौर जारी रहा। अंत में निफ्टी 29 अंक गिरकर बंद हुआ। ओवरऑल चार्ट पैटर्न से पता चलता है कि पिछले 9 सेशन से मार्केट में धीरे-धीरे कमजोरी बढ़ती जा रही है।

पिछले हफ्ते हाई लेवल पर डोजी टाइप का वीकली पैटर्न बनने के बाद इस हफ्ते निफ्टी के वीकली चार्ट पर एक साफ नेगेटिव कैंडल बनी है। यह 24500-24600 के अहम रेजिस्टेंस लेवल के पास ऊपर की ओर एक फॉल्स ब्रेकआउट का संकेत है।

पिछले कुछ महीनों में लगातार हायर बॉटम बनते हुए देखे गए हैं। अभी दिख रही कमजोरी नए हायर बॉटम बनने की प्रक्रिया का हिस्सा हो सकती है। इसलिए,आने वाले सेशन में कुछ और कंसोलिडेशन की संभावना है। अगर यहां से और कमजोरी आती है तो निफ्टी जल्द ही 24200-24000 के अगले निचले सपोर्ट लेवल तक गिर सकता है। फिलहाल 24500 के लेवल पर तत्काल रेजिस्टेंस दिख रहा है।

बैंक निफ्टी का आउटलुक

सुदीप शाह ने कहा बैंक निफ्टी ने शुरुआती कमजोरी को पीछे छोड़ते हुए बढ़त बनाई,लेकिन 57,681 के आसपास उसे रेजिस्टेंस का सामना करना पड़ा और फिर यह नीचे गिरकर 57,380 के इंट्राडे निचले स्तर पर आ गया। सेशन के दूसरे हिस्से में निचले स्तरों से आई रिकवरी ने इंडेक्स को अपने शुरुआती नुकसान की कुछ भरपाई करने में मदद की और बैंक निफ्टी 0.25% की गिरावट के साथ 57,491 पर बंद हुआ।

इंडेक्स ने दोनों तरफ विक्स वाली एक छोटी बॉडी वाली कैंडल बनाई। यह बाजार में अनिश्चितता का संकेत है। फ्लैट RSI और ADX मजबूत डायरेक्शनल मोमेंटम और उतार-चढ़ाव की कमी का संकेत देते हैं,जिससे पता चलता है कि इंडेक्स अभी भी कंसोलिडेशन के दौर में है।

आगे की बात करें तो बैंक निफ्टी के लिए तत्काल रेजिस्टेंस 57900-58000 के जोन में है। अगर यह इस जोन के ऊपर टिकता है तो बैंक निफ्टी का यह पुलबैक 58400 और उसके बाद शॉर्ट टर्म में 58800 तक बढ़ सकता है। नीचे की तरफ,बैंक निफ्टी के लिए तत्काल सपोर्ट 57100-57000 के जोन में है।

 

Trading plan: बाजार कह रहा है कुछ दिन ट्रेडिंग ना करें, एकदम पक्का भरोसा मिले तभी करें ट्रेड

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।