Stocks to buy: जोरदार रिटर्न के लिए इन 5 दमदार स्टॉक्स पर लगा सकते हैं दांव

शेयर बाजार के कमजोर सेंटीमेंट का खराब असर निवेशकों पर पड़ा है। खासकर नए निवेशक तो अब बाजार में एंट्री करने से घबरा रहे हैं। हालांकि, एक्सपर्ट्स का कहना है कि यह निवेशक करने का सही समय है, क्योंकि कई दिग्गज शेयरों की कीमतें अट्रैक्टिव लेवल पर आ गई हैं। ब्रोकरेज फर्म सैमको सिक्योरिटीज ने खासकर नए निवेशकों के लिए कुछ खास शेयरों की लिस्ट तैयार की है। इन शेयरों में निवेश से अच्छी कमाई हो सकती है।

अदाणी एंटरप्राइजेज का शेयर लंबी रेस का घोड़ा

इस लिस्ट का पहला स्टॉक अदाणी एंटरप्राइजेज है। यह अदाणी ग्रुप की फ्लैगशिप कंपनी है। इसका मतलब है कि समूह के कई महत्वपूर्ण बिजनेसेज इस कंपनी के तहत आते हैं। यह शेयर 18 सितंबर को 1.94 फीसदी गिरकर 2,980 रुपये पर बंद हुआ। बीते छह महीनों में यह शेयर 48 फीसदी से ज्यादा चढ़ा है।

प्राइवेट बैंकों के शेयरों में तेजी लौटने का मिलेगा फायदा

एक्सिस बैंक इस लिस्ट का दूसरा स्टॉक है। यह शेयर 18 सितंबर को 0.41 फीसदी चढ़कर 1,245 रुपये पर बंद हुआ। यह देश के सबसे बड़े प्राइवेट बैंकों में शामिल है। बीते छह महीनों में इस शेयर ने कोई रिटर्न नहीं दिया है, क्योंकि प्राइवेट बैंकों के मुकाबले निवेशकों ने सरकारी बैंकों के शेयरों में ज्यादा दिलचस्पी दिखाई है।

बजाज ऑटो को मिलेगा फेस्टिव सीजन का फायदा 

दोपहिया और तीन-पहिया बनाने वाली दिग्गज कंपनी बजाज ऑटो इस लिस्ट की तीसरी कंपनी है। 18 सितंबर को यह शेयर 0.12 फीसदी गिरकर 11,486 रुपये पर बंद हुआ। हालांकि, बीते छह महीने में यह शेयर करीब 24 फीसदी चढ़ा है। कंपनी को त्योहारी सीजन का बड़ा फायदा मिल सकता है। देश में धनतेरस और दीवाली के मौके पर टू-व्हीलर्स और फोर-व्हीलर्स खरीदना शुभ माना जाता है।

डिफेंस स्टॉक्स में तेजी का फायदा बीईएल को मिलेगा

डिफेंस कंपनी भारत इलेक्ट्रॉनिक्स इस लिस्ट का चौथा स्टॉक है। भारत इलेक्ट्रॉनिक्स का शेयर 18 सितंबर को 397 रुपये पर बंद हुआ। बीते छह महीनों में यह शेयर 10 फीसदी से ज्यादा गिरा है। कंपनी की ऑर्डरबुक स्ट्रॉन्ग है। इसके अलावा डिफेंस पर सरकार के बढ़ते फोकस का फायदा भी कंपनी को मिलेगा।

टेलीकॉम कंपनी ने बढ़ाया वैल्यू एडेड सर्विसेज पर फोकस

दिग्गज टेलीकॉम कंपनी भारती एयरटेल भी इस लिस्ट में शामिल है। यह देश की दूसरी सबसे बड़ी टेलीकॉम कंपनी है। 18 सितंबर को यह शेयर हल्की कमजोरी के साथ बंद हुआ। बीते छह महीने में इस शेयर ने कोई रिटर्न नहीं दिया है। वैल्यू एडेड सर्विसेज पर बढ़ते फोकस का फायदा कंपनी को मिलेगा।

डिसक्लेमर: मनीकंट्रोल पर एक्सपर्ट्स की तरफ से व्यक्त विचार उनके अपने विचार होते हैं। ये वेबसाइट या इसके मैनेजमेंट के विचार नहीं होते। मनीकंट्रोल की यूजर्स को सलाह है कि उन्हें निवेश का फैसला लेने से पहले सर्टिफायड एक्सपर्ट्स की राय लेनी चाहिए।

NSE IPO : 17 सितंबर में खुल रहे इश्यू में पैसा लगाएं या नहीं? जानिए ब्रोकरेज की राय, जोखिम और लेटेस्ट GMP

NSE IPO: कई साल के इंतजार के बाद देश के सबसे बड़े स्टॉक एक्सचेंज NSE का अब IPO आने वाला है। NSE का IPO 17 सितंबर 2026 को खुलेगा। यह 21 सितंबर को बंद होगा। इसका प्राइस बैंड ₹1,700 से ₹1,785 प्रति शेयर रखा गया है। शेयर की फेस वैल्यू ₹1 है।

यह पूरा IPO ऑफर फॉर सेल (OFS) है। यानी IPO से मिलने वाला पैसा NSE को नहीं मिलेगा। खर्च और टैक्स घटाने के बाद पूरी रकम शेयर बेचने वाले मौजूदा शेयरधारकों को जाएगी। IPO का अलॉटमेंट 22 सितंबर को हो सकता है। वहीं, लिस्टिंग 24 सितंबर को होने की संभावना है। एंकर निवेशकों के लिए बोली 16 सितंबर को होगी।

NSE IPO का लेटेस्ट GMP

ग्रे मार्केट में NSE IPO के GMP में लगातार उतार-चढ़ाव हो रहा है। यह शुरुआत में ₹310 के आसपास था। लेकिन, अब घटकर ₹192 पर आ गया है। ये अपर प्राइस बैंड के हिसाब से 11.71% के लिस्टिंग गेन का संकेत देता है। हालांकि GMP को लिस्टिंग प्राइस की गारंटी नहीं मानना चाहिए। ये बस आईपीओ की डिमांड का अंदाजा होता है।

NSE IPO की अहम डिटेल

पैमानाडिटेल
IPO कब खुलेगा17 सितंबर 2026
IPO कब बंद होगा21 सितंबर 2026
प्राइस बैंड₹1,700-₹1,785
लॉट साइज8 शेयर
न्यूनतम निवेश₹14,280
इश्यू का प्रकार100% OFS
संभावित लिस्टिंग24 सितंबर 2026
कुल इश्यू साइजकरीब ₹22,569 करोड़ तक
कर्मचारी छूट₹170 प्रति शेयर

NSE IPO पर ब्रोकरेज की राय

ब्रोकरेज हाउस SAMCO Securities ने NSE IPO पर Subscribe की सलाह दी है। ब्रोकरेज का मानना है कि लंबी अवधि के निवेशकों के लिए यह IPO अच्छा मौका हो सकता है। ₹1,785 के अपर प्राइस बैंड पर NSE का वैल्यूएशन FY2026 की कमाई का 42.89 गुना है।

SAMCO के मुताबिक NSE की सबसे बड़ी ताकत उसकी मजबूत मार्केट पोजिशन है। NSE देश का सबसे बड़ा स्टॉक एक्सचेंज है। इसके पास बड़ा निवेशक बेस है। टेक्नोलॉजी इंफ्रास्ट्रक्चर भी मजबूत है। इसके अलावा कंपनी के पास अपना क्लियरिंग सिस्टम है। बैलेंस शीट भी मजबूत है। कंपनी पर फंड-बेस्ड कर्ज भी नहीं है।

NSE IPO में क्या जोखिम हैं?

NSE के लिए सबसे बड़ा जोखिम डेरिवेटिव्स पर ज्यादा निर्भरता है। FY2026 में सिर्फ ऑप्शंस से 60.22% रेवेन्यू आया था। ऐसे में नियमों में बदलाव का असर कंपनी के कारोबार पर पड़ सकता है। एक और चिंता इक्विटी ऑप्शंस में NSE की घटती हिस्सेदारी है। FY2024 में यह 96.86% थी। Q1 FY2027 में यह घटकर 68.48% रह गई।

कंपनी का रेवेन्यू कुछ बड़े ट्रेडिंग मेंबर्स पर भी निर्भर है। Q1 FY2027 में टॉप 10 ट्रेडिंग मेंबर्स से 47% रेवेन्यू आया। अगर इनमें से बड़े सदस्य दूसरी जगह चले जाते हैं या उनकी ट्रेडिंग गतिविधि घटती है, तो NSE के कारोबार पर असर पड़ सकता है।

Upcoming IPOs: इस हफ्ते मेनबोर्ड सेगमेंट में NSE समेत 5 नए इश्यू, ₹24328 करोड़ जुटाने की होगी कोशिश

Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Nifty Outlook: 31 अगस्त को निफ्टी किस तरफ जाएगा? HDFC Bank समेत इन ट्रिगर्स पर रहेगी नजर

Nifty Outlook: निफ्टी में अगस्त की शुरुआत से ही खास हलचल नहीं दिखी है। पूरे महीने इंडेक्स सीमित दायरे में फंसा रहा। न नीचे की तरफ कोई बड़ा ब्रेकडाउन हुआ और न ऊपर की तरफ ब्रेकआउट मिला। महीने के आखिरी कारोबारी दिन से पहले Nifty, 31 जुलाई के मुकाबले करीब 200 अंक नीचे था।

लेकिन महीने का आखिरी कारोबारी दिन काफी अहम रहने वाला है। बाजार के सामने कई बड़े ट्रिगर हैं। इनमें सबसे ज्यादा नजर HDFC Bank पर रहेगी। बैंक के MD और CEO शशिधर जगदीशन ने अक्टूबर में अपना कार्यकाल खत्म होने के बाद दोबारा नियुक्ति नहीं लेने का फैसला किया है।

HDFC Bank बाजार की दिशा तय कर सकता है?

अब बाजार की नजर इस बात पर है कि निवेशक इस खबर को कैसे लेते हैं। इसे नेतृत्व को लेकर तस्वीर साफ होने के तौर पर देखा जाएगा या फिर नया CEO चुने जाने तक एक और अनिश्चितता बनी रहेगी।

इसका असर सिर्फ HDFC Bank पर नहीं, बल्कि Nifty की चाल पर भी पड़ सकता है। भारत के सबसे बड़े प्राइवेट बैंक का शेयर इस साल दबाव में रहा है। ऐसे में सोमवार को यह शेयर एक बार फिर फोकस में रहेगा।

Nifty सुस्त, लेकिन स्मॉलकैप में तगड़ी तेजी

Nifty भले ही पूरे महीने सीमित दायरे में रहा, लेकिन छोटे शेयरों में जोरदार हलचल दिखी। पिछले हफ्ते BSE Smallcap Index के 13 शेयर 20% या उससे ज्यादा चढ़े। वहीं 58 शेयरों में 10% से 20% तक की तेजी रही।

Nifty 500 के भी 10 शेयरों ने पिछले हफ्ते 10% से 25% तक का रिटर्न दिया। शुक्रवार को BSE Smallcap Index के 29 शेयरों ने नया ऑल टाइम हाई बनाया।

IPO में भी जमकर दिखा जोश

प्राइमरी मार्केट में भी जबरदस्त हलचल रही। अगस्त में 14 कंपनियों ने शेयर बाजार में डेब्यू किया। इन कंपनियों को औसतन 30% से ज्यादा का लिस्टिंग प्रीमियम मिला।

शुक्रवार को लिस्ट हुई Tempsens Instruments ने निवेशकों को चौंका दिया। कंपनी का शेयर अपने इश्यू प्राइस से 111% प्रीमियम पर लिस्ट हुआ। यह 2026 का पहला IPO बन गया, जिसने लिस्टिंग के दिन इश्यू प्राइस से 100% से ज्यादा की छलांग लगाई। इससे पहले साल की शुरुआत में Bharat Coking Coal ने 96% प्रीमियम पर लिस्टिंग की थी।

Nifty के लिए 24,400 बड़ा स्तर

पिछले हफ्ते Nifty ने 24,400 के स्तर को पार करने की कोशिश की थी। हालांकि, यह सफल नहीं हो सका। पिछले हफ्ते Nifty का हाई 24,378 रहा। इसलिए 24,400 का स्तर अब काफी अहम हो गया है।

नीचे की तरफ 24,100 से नीचे का दायरा बाजार के लिए अहम सपोर्ट रहेगा। शुक्रवार का इंट्राडे लो 24,077 था। गुरुवार को Nifty 24,090 तक गिरा था।

24,200 के नीचे कमजोरी बढ़ सकती है

LKP Securities के रुपक डे के मुताबिक हाल की चाल को देखते हुए Nifty का ट्रेंड फिलहाल बहुत बुलिश नहीं है। 24,200 के आसपास मजबूत रेजिस्टेंस दिख रहा है।

उनका मानना है कि 24,200 के नीचे रहने पर बाजार का सेंटिमेंट कमजोर रह सकता है। इससे Nifty में 23,900 तक गिरावट की गुंजाइश बन सकती है। अगर 23,900 का सपोर्ट भी टूटता है, तो गिरावट और बढ़ सकती है। हालांकि, Nifty अगर 24,200 के ऊपर टिकता है तो शॉर्ट टर्म ट्रेंड मजबूत हो सकता है।

24,000-24,400 के बीच फंसा Nifty

HDFC Securities के नागराज शेट्टी का कहना है कि Nifty फिलहाल 24,000 से 24,400 के दायरे में बना हुआ है। हालांकि, इस रेंज में तेजी का हल्का रुझान है।

अगर निचले स्तरों से मजबूत रिकवरी आती है तो Nifty जल्द ही 24,300 से 24,400 के स्तर की तरफ जा सकता है। ट्रेंड में बदलाव के लिए 24,000 का स्तर बेहद अहम है।

Bank Nifty में भी ब्रेकआउट का इंतजार

Nifty के मुकाबले Bank Nifty ने अगस्त में कुछ बेहतर प्रदर्शन किया है। यह 31 जुलाई के मुकाबले 200 अंक से ज्यादा चढ़ा है। हालांकि, बैंकिंग इंडेक्स भी अपने रेंज से बाहर नहीं निकल पाया।

Bank Nifty फिलहाल 57,000 से 58,000 के दायरे में फंसा हुआ है। SAMCO Securities के ओम मेहरा के मुताबिक 57,200 इसका पहला अहम सपोर्ट है। इसके बाद 57,100 का स्तर महत्वपूर्ण होगा ऊपर की तरफ 57,800 पहला बड़ा रेजिस्टेंस है। इसके बाद 57,900 का स्तर अहम होगा। अगर Bank Nifty इस जोन के ऊपर मजबूती से बंद होता है, तो तेजी का रुझान फिर मजबूत हो सकता है।

Upcoming IPO: 31 अगस्त से शुरू हो रहे हफ्ते में 7 नए IPO खुलेंगे, 15 कंपनियों की लिस्टिंग होगी

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Market Outlook: जुलाई में शेयर बाजार में आएगी तेजी? पिछले 25 साल का रिकॉर्ड दे रहा बड़ा संकेत

Market Outlook: पिछले करीब तीन महीने से भारतीय शेयर बाजार सीमित दायरे में घूम रहा है। कभी हल्की तेजी तो कभी हल्की गिरावट, लेकिन कोई बड़ा मूव देखने को नहीं मिला। ऐसे में निवेशकों के मन में सवाल है कि क्या जुलाई का महीना बाजार के लिए कुछ नया लेकर आएगा?

मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि अगर इतिहास पर नजर डालें तो जुलाई का महीना शेयर बाजार के लिए अक्सर अच्छा साबित हुआ है। वहीं, मौजूदा आर्थिक हालात भी बाजार के पक्ष में नजर आ रहे हैं।

जुलाई का रिकॉर्ड क्या कहता है?

SAMCO Securities के इक्विटी रिसर्च एनालिस्ट जहोल प्रजापति का कहना है कि ऐतिहासिक आंकड़े जुलाई के पक्ष में इशारा करते हैं। उन्होंने कहा, ‘साल 2001 से 2025 के बीच 25 साल में निफ्टी 50 ने जुलाई में 18 बार बढ़त दर्ज की है। यानी करीब 72% बार बाजार हरे निशान में बंद हुआ। इस दौरान औसत रिटर्न 2.19% रहा। दिसंबर और नवंबर के बाद जुलाई निफ्टी के लिए तीसरा सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाला महीना रहा है।’

हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि सिर्फ पुराने ट्रेंड देखकर निवेश का फैसला नहीं करना चाहिए। लेकिन जुलाई में हर साल कुछ ऐसे फैक्टर देखने को मिलते हैं, जो बाजार को सपोर्ट देते हैं। इनमें सामान्य मानसून की शुरुआत, पहली तिमाही (Q1) के नतीजों से जुड़ी उम्मीदें और घरेलू निवेशकों की मजबूत खरीदारी शामिल हैं।

मौजूदा हालात भी बाजार के लिए अच्छे

जहोल प्रजापति का कहना है कि इस समय कई ऐसे फैक्टर हैं, जो बाजार के लिए राहत की खबर हो सकते हैं।

  • भू-राजनीतिक तनाव कम होने और अमेरिका-ईरान के बीच समझौते की उम्मीद है।
  • कच्चे तेल की कीमतें घटकर करीब 72 डॉलर प्रति बैरल पर आ गई हैं।
  • इससे कंपनियों की लागत कम हो सकती है और महंगाई पर भी दबाव घट सकता है।
  • साल की शुरुआत में कमजोर पड़ा रुपया अब संभलता दिख रहा है।
  • विदेशी निवेशकों (FPI) की बिकवाली भी पहले के मुकाबले कम हुई है, जिससे बाजार में भरोसा बढ़ा है।

उन्होंने कहा कि अगर दुनिया में कोई बड़ा नकारात्मक घटनाक्रम नहीं होता है, तो ये सभी बातें भारतीय शेयर बाजार के लिए सकारात्मक माहौल बना सकती हैं।

चार्ट क्या बता रहे हैं?

SAMCO Securities के डेरिवेटिव्स रिसर्च एनालिस्ट धूपेश धामेजा का कहना है कि 1 जुलाई को निफ्टी ने अच्छी मजबूती दिखाई और बुलिश कैंडल बनाई। इंडेक्स ने 23,850-23,900 के सपोर्ट जोन को बचाए रखा। यही इलाका हालिया ब्रेकआउट एरिया और 50-DEMA के आसपास भी है। हालांकि, 24,000 के ऊपर पहुंचने के बावजूद निफ्टी को 100-DEMA के पास मजबूत रुकावट मिल रही है। यही वजह है कि बाजार अभी भी एक छोटी रेंज में फंसा हुआ है।

उन्होंने बताया कि RSI अब धीरे-धीरे मजबूत हो रहा है और फिलहाल 55.13 पर है। जब तक RSI 50 से ऊपर रहेगा, तब तक बाजार का रुख पॉजिटिव माना जाएगा। हालांकि, असली तेजी का संकेत तभी मिलेगा, जब निफ्टी मौजूदा रेजिस्टेंस के ऊपर निकल जाएगा। धामेजा ने यह भी कहा कि India VIX 2.63% गिरकर 13.24 पर आ गया है। इसका मतलब है कि बाजार में घबराहट कम हो रही है और निवेशक फिलहाल ज्यादा सहज नजर आ रहे हैं।

क्या 24,200 तक जा सकता है निफ्टी?

LKP Securities के सीनियर टेक्निकल एनालिस्ट रूपक डे का कहना है कि 1 जुलाई को भी निफ्टी अपनी हालिया ट्रेडिंग रेंज से बाहर नहीं निकल पाया। पिछले कुछ सत्रों से इंडेक्स 24,000 के आसपास ही घूम रहा है, जिससे साफ है कि बाजार को अभी नई दिशा नहीं मिली है।

हालांकि, उनका मानना है कि शॉर्ट टर्म ट्रेंड अभी भी सकारात्मक है। जब तक निफ्टी 23,800 के ऊपर बना रहता है, तब तक तेजी की उम्मीद कायम रहेगी। उन्होंने कहा कि अगर यह सपोर्ट नहीं टूटता है, तो आने वाले दिनों में निफ्टी धीरे-धीरे 24,200 और उससे ऊपर के स्तर की ओर बढ़ सकता है। 1 जुलाई को निफ्टी 50 में 0.59% की तेजी आई और यह 24,005.85 पर बंद हुआ। वहीं, BSE Sensex 0.58% चढ़कर 76,922.64 के स्तर पर पहुंच गया।

Vedanta Oil & Gas का शेयर 20% भागा, समूह की बाकी तीन कंपनियों के शेयरों को भी लगे पंख

Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।