दिवाली-छठ में कंफर्म टिकट की टेंशन खत्म! कानपुर और गोविंदपुरी से गुजरेंगी ये स्पेशल ट्रेनें, शेड्यूल-टाइमिंग जान लीजिए

दीपावली और छठ पूजा पर घर जाने की तैयारी कर रहे यात्रियों के लिए राहत भरी खबर है। त्योहारों के दौरान ट्रेनों में बढ़ती भीड़ और लंबी वेटिंग के बीच रेलवे ने कानपुर से होकर चलने वाली विशेष ट्रेनों का इंतजाम किया है। इनमें नई दिल्ली-पटना वंदे भारत फेस्टिवल स्पेशल भी शामिल है। इसके अलावा मालदा टाउन और खुर्दा रोड से चलने वाली विशेष ट्रेनें भी कानपुर के रास्ते यात्रियों को सफर का विकल्प देंगी। इससे दिल्ली, बिहार और पूर्वी भारत की ओर जाने वाले यात्रियों को फायदा मिल सकता है। खास बात यह है कि इन ट्रेनों का ठहराव कानपुर सेंट्रल और गोविंदपुरी जैसे स्टेशनों पर निर्धारित किया गया है।

दिल्ली से पटना तक वंदे भारत, कानपुर में पांच मिनट ठहराव

त्योहारों के लिए चलाई जा रही वंदे भारत फेस्टिवल स्पेशल दिल्ली से बिहार जाने वाले यात्रियों के लिए खास विकल्प है। ट्रेन नंबर 02252 नई दिल्ली से सुबह 8:35 बजे रवाना होगी और दोपहर 1:30 बजे कानपुर सेंट्रल पहुंचेगी। यहां पांच मिनट ठहरने के बाद यह 1:35 बजे पटना के लिए रवाना हो जाएगी। रास्ते में प्रयागराज, पंडित दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन, बक्सर और आरा में भी इसका ठहराव होगा। ट्रेन रात 9:30 बजे पटना पहुंचेगी। इस तरह दिल्ली से पटना तक का सफर करीब 13 घंटे में पूरा होगा।

यह ट्रेन 16 और 18 अक्टूबर को चलने के बाद 21 अक्टूबर से 25 नवंबर तक सोमवार, बुधवार और शनिवार को संचालित होगी। वापसी में ट्रेन नंबर 02251 पटना से सुबह 10 बजे रवाना होगी और शाम 5:50 बजे कानपुर सेंट्रल पहुंचेगी। पांच मिनट बाद यहां से चलकर रात 11:30 बजे नई दिल्ली पहुंचेगी। वापसी में इसका संचालन 17 और 19 अक्टूबर के बाद 22 अक्टूबर से 26 नवंबर तक मंगलवार, बृहस्पतिवार और रविवार को निर्धारित है।

कानपुर से अखंड प्रताप सिंह की रिपोर्ट

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चारपाई पर पति की लाश और पास बैठा जिंदा सांप… मेरठ कोर्ट ने प्रेमी संग मिलकर हत्या करने वाली पत्नी को सुनाई फांसी की सजा

Meerut Amit Kashyap Murder Case: उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में चर्चित और सनसनीखेज अमित कश्यप हत्याकांड में कोर्ट ने कड़ा फैसला सुनाया है। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (ACJM) जयवीर सिंह नागर की अदालत ने शुक्रवार को अपने पति की गला घोटकर हत्या करने वाली बेवफा पत्नी और उसके प्रेमी को मौत की सजा सुनाई है। इस खौफनाक वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपियों ने मौत को प्राकृतिक रूप देने के लिए चारपाई पर एक जिंदा सांप छोड़ दिया था ताकि सबको लगे कि पति की मौत सांप के डसने से हुई है। अदालत ने हत्या के इस संगीन मामले में मृतका की पत्नी रविता और उसके प्रेमी अमरदीप को दोषी करार देते हुए फांसी की सजा सुनाई है।

क्या था पूरा मामला और कैसे रचा गया षड्यंत्र?

यह सनसनीखेज मामला मेरठ के अकबरपुर सादात गांव का है। यहां रहने वाले अमित कश्यप उर्फ मिक्की कश्यप की पत्नी रविता के अमरदीप नाम के शख्स के साथ संबंध थे। प्रेम प्रसंग के रास्ते का कांटा बन रहे पति को रास्ते से हटाने के लिए दोनों ने एक खतरनाक साजिश रची। 17 अप्रैल 2025 की रात रविता ने अपने प्रेमी अमरदीप के साथ मिलकर सोते समय अपने पति अमित कश्यप की गला घोटकर बेरहमी से हत्या कर दी। इस जघन्य हत्याकांड को एक दुर्घटना या प्राकृतिक मौत का रूप देने के लिए आरोपियों ने हत्या के बाद अमित की चारपाई के पास एक जिंदा सांप लाकर छोड़ दिया था। अगले दिन जब परिवार के लोगों ने अमित को चारपाई पर मृत देखा और पास में सांप को बैठा पाया तो शुरुआत में परिजनों को यही लगा कि उसकी मौत किसी जहरीले सांप के डसने से हुई है।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने खोली पोल, 551 दिनों में आया फैसला

जब अमित का पोस्टमार्टम कराया गया तो डॉक्टरों की रिपोर्ट ने इस पूरी साजिश का पर्दाफाश कर दिया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में अमित के गले और नाक पर गंभीर चोट के निशान मिले। इससे यह साफ हो गया कि उसकी मौत सांप के काटने से नहीं, बल्कि गला घोटकर की गई थी। इसके बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए हत्या का मुकदमा दर्ज किया।

पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए घटना के सिर्फ 60 दिनों के भीतर ही अदालत में चार्जशीट दाखिल कर दी थी। एसीजेएम जयवीर सिंह नागर की अदालत में इस मामले की सुनवाई चली। महज 551 दिनों के भीतर इस ट्रायल के दौरान कुल 87 तारीखें पड़ीं और अभियोजन पक्ष की ओर से 12 से अधिक गवाहों के बयान दर्ज कराए गए। गवाहों और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर 7 अक्टूबर को कोर्ट ने रविता और अमरदीप को दोषी करार दे दिया था, जिसके बाद आज अदालत ने दोनों को फांसी की सजा सुनाई है।

मेरठ कोर्ट का ऐतिहासिक कदम: 3 दिन में 4 दोषियों को मौत की सजा

मेरठ की अदालत ने पिछले कुछ दिनों में अपराधियों के खिलाफ बेहद सख्त रुख अपनाया है। कोर्ट ने महज 3 दिनों के भीतर दो अलग-अलग चर्चित मामलों में कुल 4 दोषियों को फांसी की सजा सुनाई है। इससे पहले मेरठ कोर्ट ने चर्चित ‘नीले ड्रम हत्याकांड में साहिल और मुस्कान को भी फांसी की सजा सुनाई थी।

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नवरात्रि में माता वैष्णो देवी जाने या छुट्टियों में कश्मीर जाने का प्लान बना रहे हैं, लेकिन कन्फर्म ट्रेन टिकट नहीं मिल रहा है। आप दिल्ली से बस से भी अपनी ट्रिप प्लान कर सकते हैं। दिल्ली में कश्मीरी गेट पर इंटर-स्टेट बस टर्मिनल (ISBT) से जम्मू, कटरा और श्रीनगर के लिए बसें मिलती हैं। इन बसों का किराया और चलने का समय अलग-अलग होता है। इसलिए, अपनी यात्रा शुरू करने से पहले किराए, समय और टिकट की उपलब्धता के बारे में पूछना जरूरी है।

दिल्ली से जम्मू जाने का किराया 811 रुपये

आईएसबीटी कश्मीरी गेट के काउंटर नंबर 6 पर तैनात अधिकारी सुशील कुमार शर्मा के मुताबिक, जम्मू के लिए नॉन-एसी बसें रोजाना चलती हैं। ये बसें प्लेटफॉर्म नंबर 28 से हर घंटे रवाना होती हैं। जम्मू बस स्टैंड तक जाने का किराया 811 रुपये बताया गया है। वहीं, माता वैष्णो देवी के दर्शन के लिए कटरा जाने वाले यात्रियों के लिए बस का किराया 890 रुपये बताया गया है। नवरात्रि के दौरान यात्रा करने वाले लोग बस की उपलब्धता और प्रस्थान के समय की जानकारी संबंधित काउंटर से ले सकते हैं।

श्रीनगर के लिए एसी वोल्वो बस का भी ऑप्शन

अगर आप छुट्टियों में श्रीनगर घूमने का प्लान बना रहे हैं, तो आप AC वोल्वो बस के बारे में भी सोच सकते हैं। सुशील कुमार शर्मा के मुताबिक, यह बस दिल्ली से श्रीनगर के लिए बुधवार और शनिवार को चलती है। इसका किराया ₹2,697 बताया गया है। निकलने का समय रात 1 बजे बताया गया है। हालांकि, यात्रा से पहले श्रीनगर में निकलने की जगह और पहुंचने का समय कन्फर्म कर लेना सबसे अच्छा है।

टिकट बुक करने से पहले जान लें ये बातें

जम्मू, कटरा और श्रीनगर जाने वाले यात्री ISBT कश्मीरी गेट पर अपने-अपने काउंटर से बस का किराया, टाइमिंग और उपलब्धता के बारे में जानकारी ले सकते हैं। उपलब्ध ऑप्शन ऑनलाइन बुकिंग प्लेटफॉर्म पर भी देखे जा सकते हैं। जो लोग नवरात्रि और दूसरी छुट्टियों में यात्रा करने की योजना बना रहे हैं, उन्हें टिकट बुक करने से पहले किराया और बस के चलने की जानकारी कन्फर्म कर लेनी चाहिए। इससे उन्हें अपना बजट और यात्रा प्लान बनाने में मदद मिलेगी।

दिल्ली से शुभांगी तिवारी की रिपोर्ट

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अब वैष्णो देवी जाना हुआ और आसान! सिर्फ 6 घंटे में दिल्ली से कटरा पहुंच जाएंगे भक्त, जानिए पूरी डिटेल्स

Delhi-Amritsar-Katra Expressway: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शुक्रवार (17 जुलाई) को दिल्ली-अमृतसर-कटरा एक्सप्रेसवे के कई महत्वपूर्ण हिस्सों को राष्ट्र को समर्पित करेंगे। इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट के पूरा होने के बाद राजधानी दिल्ली से माता वैष्णो देवी (कटरा) तक सड़क यात्रा का समय करीब 14 घंटे से घटकर सिर्फ 6 घंटे रह जाएगा। जबकि दिल्ली से अमृतसर की यात्रा 8 घंटे से घटकर लगभग 4 घंटे में पूरी हो सकेगी। यह एक्सप्रेसवे 667 किलोमीटर लंबे दिल्ली-अमृतसर-कटरा कॉरिडोर का हिस्सा है। इसे लगभग 38,905 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से विकसित किया जा रहा है।

प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) के अनुसार, पीएम मोदी हरियाणा के जींद में आयोजित कार्यक्रम के दौरान 157.92 किलोमीटर लंबे चार-लेन ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे (पैकेज 1 से 5) का लोकार्पण करेंगे। इस हिस्से का निर्माण लगभग 9,680 करोड़ रुपये की लागत से किया गया है। इसके बाद प्रधानमंत्री पंजाब के जालंधर में 30.9 किलोमीटर लंबे पैकेज-6 का भी उद्घाटन करेंगे।

तेज यात्रा के साथ हाईवे पर घटेगा दबाव

पूरे कॉरिडोर के चालू होने के बाद दिल्ली से कटरा की यात्रा लगभग 6 घंटे और दिल्ली से अमृतसर की यात्रा करीब 4 घंटे में पूरी हो सकेगी। इससे मौजूदा एनएच-44 (जीटी रोड) पर ट्रैफिक का दबाव भी कम होगा।

पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा

इस एक्सप्रेसवे से माता वैष्णो देवी के दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को बड़ी सुविधा मिलेगी। साथ ही पंजाब, हरियाणा और जम्मू-कश्मीर के बीच कनेक्टिविटी मजबूत होगी। परियोजना से पर्यटन, लॉजिस्टिक्स, माल परिवहन और औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। इसके अलावा, प्रमुख इंटरचेंज के आसपास व्यावसायिक और रियल एस्टेट विकास को भी नई गति मिलेगी। साथ ही इससे उत्तर भारत में भी आर्थिक गतिविधियां और तेज होंगी।

भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन लॉन्च

पीएम मोदी ने शुक्रवार को हरियाणा के जींद और सोनीपत के बीच चलने वाली भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इसके साथ ही भारत उन चुनिंदा देशों की कैटेगरी में शामिल हो गया है, जहां हाइड्रोजन से चलने वाली ट्रेनें हैं। यह रेलवे क्षेत्र में स्वच्छ और टिकाऊ परिवहन व्यवस्था को अपनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। जींद और सोनीपत के बीच 89 किलोमीटर की दूरी यह ट्रेन दो घंटे में तय करेगी। इस दौरान यह 12 स्टेशनों पर रुकेगी।

प्रधानमंत्री ने जींद रेलवे स्टेशन से ट्रेन को रवाना करते समय हाथ हिलाकर अभिवादन किया। इस ट्रेन में बड़ी संख्या में स्कूली बच्चे भी सवार थे। यह ट्रेन पूरी तरह भारत में डिजाइन, विकसित और एकीकृत की गई है। इसका निर्माण स्वदेशी तकनीक से किया गया है, जो उन्नत रेलवे इंजीनियरिंग के क्षेत्र में देश की बढ़ती क्षमता को दर्शाता है।

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आसमानी नीले और सफेद रंग की आकर्षक डिजाइन वाली यह ट्रेन ‘हाइड्रोजन फ्यूल सेल’ टेक्नोलॉजी से चलती है। इस तकनीक में हाइड्रोजन को बिजली में परिवर्तित किया जाता है। इससे ट्रेन को चलाने के लिए आवश्यक ऊर्जा प्राप्त होती है। भारत की इस हाइड्रोजन ट्रेन में 10 डिब्बे हैं, जिससे यह अब तक विकसित सबसे लंबी हाइड्रोजन चालित यात्री ट्रेनों में शामिल हो गई है।