Delhi To Vaishno Devi Bus:ट्रेन का टिकट नहीं मिला तो दिल्ली से सिर्फ इतने रुपये में जाएं वैष्णो देवी और श्रीनगर, जानिए किराया, टाइमिंग

नवरात्रि में माता वैष्णो देवी जाने या छुट्टियों में कश्मीर जाने का प्लान बना रहे हैं, लेकिन कन्फर्म ट्रेन टिकट नहीं मिल रहा है। आप दिल्ली से बस से भी अपनी ट्रिप प्लान कर सकते हैं। दिल्ली में कश्मीरी गेट पर इंटर-स्टेट बस टर्मिनल (ISBT) से जम्मू, कटरा और श्रीनगर के लिए बसें मिलती हैं। इन बसों का किराया और चलने का समय अलग-अलग होता है। इसलिए, अपनी यात्रा शुरू करने से पहले किराए, समय और टिकट की उपलब्धता के बारे में पूछना जरूरी है।

दिल्ली से जम्मू जाने का किराया 811 रुपये

आईएसबीटी कश्मीरी गेट के काउंटर नंबर 6 पर तैनात अधिकारी सुशील कुमार शर्मा के मुताबिक, जम्मू के लिए नॉन-एसी बसें रोजाना चलती हैं। ये बसें प्लेटफॉर्म नंबर 28 से हर घंटे रवाना होती हैं। जम्मू बस स्टैंड तक जाने का किराया 811 रुपये बताया गया है। वहीं, माता वैष्णो देवी के दर्शन के लिए कटरा जाने वाले यात्रियों के लिए बस का किराया 890 रुपये बताया गया है। नवरात्रि के दौरान यात्रा करने वाले लोग बस की उपलब्धता और प्रस्थान के समय की जानकारी संबंधित काउंटर से ले सकते हैं।

श्रीनगर के लिए एसी वोल्वो बस का भी ऑप्शन

अगर आप छुट्टियों में श्रीनगर घूमने का प्लान बना रहे हैं, तो आप AC वोल्वो बस के बारे में भी सोच सकते हैं। सुशील कुमार शर्मा के मुताबिक, यह बस दिल्ली से श्रीनगर के लिए बुधवार और शनिवार को चलती है। इसका किराया ₹2,697 बताया गया है। निकलने का समय रात 1 बजे बताया गया है। हालांकि, यात्रा से पहले श्रीनगर में निकलने की जगह और पहुंचने का समय कन्फर्म कर लेना सबसे अच्छा है।

टिकट बुक करने से पहले जान लें ये बातें

जम्मू, कटरा और श्रीनगर जाने वाले यात्री ISBT कश्मीरी गेट पर अपने-अपने काउंटर से बस का किराया, टाइमिंग और उपलब्धता के बारे में जानकारी ले सकते हैं। उपलब्ध ऑप्शन ऑनलाइन बुकिंग प्लेटफॉर्म पर भी देखे जा सकते हैं। जो लोग नवरात्रि और दूसरी छुट्टियों में यात्रा करने की योजना बना रहे हैं, उन्हें टिकट बुक करने से पहले किराया और बस के चलने की जानकारी कन्फर्म कर लेनी चाहिए। इससे उन्हें अपना बजट और यात्रा प्लान बनाने में मदद मिलेगी।

दिल्ली से शुभांगी तिवारी की रिपोर्ट

1 साल में बदलेगी रांची की तस्वीर! 2.85 करोड़ से 100 जगहों पर बनेंगे ग्रीन पैच, जानिए अपने इलाके का प्लान

NPPA Cancer Drug Pricing: कैंसर की दवाओं के दाम पर सरकार का बड़ा फैसला, 70% तक सस्ती हो सकती हैं दवाएं

NPPA Cancer Drug Pricing: कैंसर एक ऐसी बीमारी है, जिसकी चपेट में आने वाले मरीज के साथ-साथ उसका पूरा परिवार जूझता है। यह बीमारी शरीर ही नहीं, आत्मबल और आर्थिक स्थिति को भी चोट पहुंचाती है। बहुत से मरीज और उनके परिजन इसका इलाज तक पूरा नहीं कर पाते हैं। लेकिन सरकार के इस कदम से कैंसर की बीमारी से जूझ रहे मरीजों और उनके परिजनों को बड़ी राहत मिल सकती है। सरकार इस जानलेवा बीमारी की दवाओं के दाम 70% तक घटाने की तैयारी कर रही है। सरकार ने कुछ कैंसर दवाओं पर व्यापारिक मार्जिन अधिकतम 30% तक सीमित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है।

कैंसर की अन्य दवाओं को मूल्य सुरक्षा देना

सरकार ने गैर सूचीबद्ध कैंसररोधी दवाओं की आपूर्ति और बिक्री में लगने वाले मार्जिन को सीमित करने को मंजूरी दे दी है। ये मार्जिन अधिकतम बिक्री मूल्य (MRP) के 30% तक सीमित होंगे। इस कदम से दवाओं की कीमतें 70% तक कम होने और कैंसर के मरीजों को हर साल ₹2,500 करोड़ बचाने में मदद मिलने की उम्मीद है। इससे उनकी जेब से चुकाने वाली रकम में काफी कमी आएगी।

शेड्यूल्ड लिस्ट में शामिल जरूरी कैंसर की दवाएं पहले से ही सरकार द्वारा तय की गई सख्त सीलिंग प्राइस के तहत हैं। लेकिन इस सूची से बाहर गैर सूचीबद्ध कैंसर दवाओं को सरकार के नए फैसले से मूल्य सुरक्षा मिलेगी। मरीजों तक पहुंचने से पहले दवाओं पर जोड़े जाने वाले मार्जिन को सीमित किया जाएगा।

डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ हेल्थ सर्विसेज (DGHS) के तहत एक विशेषज्ञ समिति कवर की जाने वाली दवाओं की सूची को अंतिम रूप देगी। नेशनल फार्मास्यूटिकल प्राइसिंग अथॉरिटी (NPPA) फिर फैसला लेगी और अधिसूचना जारी करेगी।

कम होगा कैंसर के इलाज का भारी खर्च

भारत में कैंसर के मामले बढ़ रहे हैं, हर एक लाख की आबादी पर लगभग 60 लोग कैंसर से प्रभावित हैं। इलाज से मरीजों और उनके परिवारों पर पैसे का भारी बोझ पड़ता है। एनपीपीए के मार्केट डेटा के एनालिसिस में पाया गया कि गैर सूचीबद्ध कैंसररोधी दवाओं की कीमत में औसतन लगभग 170% का मार्क-अप होता है। कुछ मामलों में यह 700% या उससे भी अधिक हो जाता है। आसान शब्दों में कहें तो, मरीज तक पहुंचने से पहले सप्लाई चेन से गुजरने वाली दवा की कीमत तेजी से बढ़ जाती है। रिटेल फार्मेसी, हॉस्पिटल फार्मेसी या ऑनलाइन फार्मेसी से खरीदी गई दवाओं की कीमतें भी काफी अलग-अलग होती हैं।

महाराष्ट्र, राजस्थान और कर्नाटक सहित राज्य अधिकारियों ने, मरीजों और सिविल सोसाइटी के साथ मिलकर दवाओं की बहुत ज्यादा कीमतों को लेकर गंभीर चिंता जताई है। इन चिंताओं पर सार्वजनिक मंचों पर भी आवाज उठाई गई है। खासकर जिस कीमत पर दवाएं बेचने के लिए खरीदी जाती हैं और कंज्यूमर से ली जाने वाली MRP के बीच बड़े अंतर को लेकर।

महंगी कैंसर की दवाओं पर इतना अधिक मार्जिन मरीजों के इलाज का खर्च काफी बढ़ा देता है। नई लिमिट से बहुत ज्यादा मुनाफाखोरी पर रोक लगेगी, बाजार में गलत कीमत तय करने के तरीकों पर ध्यान दिया जाएगा और मरीजों के लिए सही कीमतें पक्का करने में मदद मिलेगी।

2019 के फैसले से मिली राहत को आगे बढ़ाना

फरवरी 2019 में, सरकार के निर्देश पर, एनपीपीए ने ड्रग्स (प्राइस कंट्रोल) ऑर्डर, 2013 के पैराग्राफ 19 के तहत 42 चुनी हुई नॉन-शेड्यूल्ड एंटी-कैंसर दवाओं पर ट्रेड मार्जिन की लिमिट लगा दी थी। सरकार के इस दखल से पता चलता है कि मार्जिन को सीमित करने से मरीजों को बड़ी राहत मिल सकती है।

उस फैसले से MRP 91% तक कम हो गई, जिससे 526 ब्रांड पर सालाना ₹984 करोड़ की बचत हुई। इससे कैंसर के मरीजों पर पैसे का बोझ काफी कम हुआ और उनकी जिंदगी आसान हुई। इससे सबक लेते हुए और सप्लाई चेन में कीमत की समस्याओं को दूर करते हुए, सरकार ने अब बड़ी लिमिट को मंजूरी दे दी है।

उत्पादन बनाए रखना और लगातार उपलब्धता पक्का करना

कैंसर की जीवनरक्षक दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए नॉन-शेड्यूल्ड एंटी-कैंसर दवाओं के मैन्युफैक्चरर्स को अपने मौजूदा उत्पादन स्तर को बनाए रखना होगा। इस हस्तक्षेप में ब्रांडेड और जेनेरिक, देश में बनी और आयातित, पेटेंटेड और नॉन-पेटेंटेड, सभी श्रेणी की गैर सूचीबद्ध कैंसररोधी दवाएं शामिल होंगी। इससे मरीजों को कम कीमतों का काफी फायदा होगा। साथ ही, उन्हें जरूरी दवाएं लगातार मिलती रहेंगी।

Delhi Metro News: 10 अक्टूबर को राजीव चौक, मंडी हाउस और कश्मीरी गेट समेत ये 57 मेट्रो रह सकते हैं बंद, पूरी लिस्ट यहां देखिए

जंतर-मंतर पर ही क्यों होता है प्रदर्शन? कब और कैसे मिलती है प्रोटेस्ट की मंजूरी? नियमों के साथ जानिए कल का लेटेस्ट अपडेट

Delhi Jantar Mantar Protest Rules Explained: कल 10 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर बड़ा प्रदर्शन होने वाला है। इस प्रदर्शन का ऐलान ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) और देश के तमाम छात्र संगठनों ने किया है। यह प्रदर्शन मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ आयोजित किया जा रहा है। इससे पहले दिल्ली पुलिस ने शुक्रवार, 9 अक्टूबर को ही इस प्रदर्शन की अनुमति देने से इनकार कर दिया है। पुलिस ने अनुमति न देने के पीछे आवेदन देने में हुई देरी और पुराने प्रदर्शनों के दौरान नियमों के उल्लंघन की वजह बताई है।

अनुमति खारिज होने के बावजूद राजधानी में समर्थकों की भारी भीड़ जुटने की आशंका है। इसे देखते हुए प्रशासन ने पूरी दिल्ली में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। ऐसे में आइए आसान भाषा में समझते हैं कि जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन करने के क्या नियम हैं और पुलिस का इस पर क्या कहना है।

जंतर-मंतर पर प्रदर्शन की शुरुआत कैसे हुई?

1980 के दशक के उत्तरार्ध से पहले दिल्ली में इंडिया गेट के पास बॉट क्लब किसी भी प्रदर्शन का मुख्य ठिकाना हुआ करता था। उस समय किसानों के एक विशाल आंदोलन के कारण बॉट क्लब के आसपास का पूरा इलाका ठप हो गया था। इसके बाद सरकार को प्रदर्शन का स्थान बदलना पड़ा। साल 1993 में जंतर-मंतर को प्रदर्शनों के लिए नए स्थान के रूप में चुना गया। तब से लोग अपनी मांगें उठाने और सरकार से सवाल पूछने के लिए यहां जुटते आए हैं।

जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने के क्या नियम हैं?

दिल्ली पुलिस के नए दिशानिर्देशों के अनुसार, प्रदर्शन की इजाजत के लिए कम से कम 10 दिन पहले डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस (DCP, नई दिल्ली जिला) को आवेदन देना होता है। जंतर-मंतर पर एक समय में अधिकतम 1,000 लोग ही प्रदर्शन में शामिल हो सकते हैं।

साथ ही आयोजकों को भीड़ प्रबंधन, सार्वजनिक सुरक्षा और शांति बनाए रखने की शर्तों का पालन करना अनिवार्य है। सेंट्रल विस्टा, इंडिया गेट और इसके आसपास के लॉन पूरी तरह प्रतिबंधित क्षेत्र हैं। यहां प्रदर्शन की अनुमति नहीं है।

दिल्ली में कल क्या-क्या रहेगा बंद? मेट्रो, ट्रेन से लेकर शराब दुकानें तक, जानिए हर बड़ा अपडेट

अगर 1,000 से ज्यादा लोग हों, तो कहां होगा प्रदर्शन?

अगर प्रदर्शन में शामिल होने वाले लोगों की संख्या 1,000 से अधिक और 50,000 तक है, तो इसके लिए रामलीला मैदान तय किया गया है। भीड़ अगर 50,000 से भी अधिक होती है, तो प्रदर्शन केवल बुराड़ी के मैदान में ही आयोजित किया जा सकता है।

दिल्ली पुलिस ने अनुमति क्यों नहीं दी?

नई दिल्ली रेंज की जॉइंट कमिश्नर ऑफ पुलिस नूपुर प्रसाद ने शुक्रवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में स्थिति साफ की। उन्होंने बताया कि CJP ने प्रदर्शन के लिए 7 अक्टूबर को आवेदन किया था, जो कार्यक्रम से सिर्फ 3 दिन पहले मिला। नियमों के अनुसार आवेदन कम से कम 10 दिन पहले मिलना चाहिए था। इसके अलावा, संगठन द्वारा पिछले प्रदर्शनों में नियमों का उल्लंघन भी किया गया था। इसी कारण सुरक्षा और समय सीमा के नियमों के तहत इस प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी गई।

क्या है आज की स्थिति? ट्रेन और मेट्रो को लेकर ये आदेश जारी

10 अक्टूबर, शनिवार को दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन और सुरक्षा स्थिति को देखते हुए राजधानी में कड़े प्रशासनिक आदेश लागू किए गए हैं। रेलवे बोर्ड के आदेशानुसार, शनिवार सुबह 4 बजे से दोपहर 2 बजे के बीच नई दिल्ली और हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन पहुंचने वाली कई प्रमुख मेल, एक्सप्रेस व लोकल ट्रेनों को उनके शुरुआती स्टेशनों से ही रद्द कर दिया गया है।

दिल्ली पुलिस के निर्देश पर DMRC ने 9 अक्टूबर रात 9 बजे से राजीव चौक, कश्मीरी गेट, नई दिल्ली और केंद्रीय सचिवालय सहित करीब 57 प्रमुख मेट्रो स्टेशनों के प्रवेश व निकास गेट बंद रखने और ट्रेनों की फ्रीक्वेंसी घटाने का फैसला किया है।

दिल्ली में कल क्या-क्या रहेगा बंद? मेट्रो, ट्रेन से लेकर शराब दुकानें तक, जानिए हर बड़ा अपडेट

Jantar Mantar Protest Delhi Band: शनिवार को जंतर-मंतर पर प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन के मद्देनजर पुलिस ने दिल्ली को किले में तब्दील कर दिया है। कानून-व्यवस्था बनाए रखने और उपद्रव रोकने के लिए चप्पे-चप्पे पर अर्धसैनिक बलों की तैनाती के साथ-साथ अभेद्य नाकेबंदी की गई है। इस कड़े पहरे का सीधा असर आम जनता की जिंदगी पर पड़ने वाला है, क्योंकि मेट्रो के 57 प्रमुख स्टेशनों के एंट्री-एग्जिट गेट बंद करने, दिल्ली आने वाली कई ट्रेनों को निरस्त करने से लेकर शहर भर में शराब की दुकानों पर पूरी तरह ताला लटका दिया गया है।

अगर आप शनिवार, 10 अक्टूबर को अपने घर से बाहर निकलने, दफ्तर जाने या सफर की योजना बना रहे हैं, तो अलर्ट हो जाइए। सड़कों पर ट्रैफिक के भारी जाम से लेकर मेट्रो के बंद दरवाजे और ट्रेनों का बदला शेड्यूल आपकी मुसीबत बढ़ा सकता है। यात्रा पर निकलने से पहले जानिए कल दिल्ली में कौन-कौन सी जरूरी सेवाएं ठप रहेंगी और प्रशासन ने क्या-क्या पाबंदियां लागू की हैं।

1. शराब की दुकानें पूरी तरह बंद

कानून-व्यवस्था और सुरक्षा कारणों से दिल्ली सरकार के आबकारी विभाग ने सख्त निर्देश जारी किए हैं। 9 अक्टूबर और 10 अक्टूबर को दिल्ली में सभी खुदरा शराब की दुकानें पूरी तरह से बंद रहेंगी। इसके पीछे की वजह संवेदनशील इलाकों में शांति व्यवस्था बनाए रखना और किसी भी प्रकार के हुड़दंग को रोकना है।

2. दिल्ली मेट्रो के 57 स्टेशनों पर एंट्री-एग्जिट बंद

दिल्ली पुलिस के जॉइंट कमिश्नर द्वारा दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) को जारी आधिकारिक पत्र के अनुसार, 9 अक्टूबर रात 9:00 बजे से लेकर 10 अक्टूबर को स्थिति सामान्य होने तक दिल्ली के 57 प्रमुख मेट्रो स्टेशनों के प्रवेश/निकास गेट बंद किए जा सकते हैं और ट्रेनों की फ्रीक्वेंसी कम की जा सकती है। प्रभावित मुख्य मेट्रो स्टेशन ये है:

सेंट्रल दिल्ली व राजीव चौक लाइन: जनपथ, पटेल चौक, सेंट्रल सेक्रेटरीएट, लोक कल्याण मार्ग, राजीव चौक, नई दिल्ली, सेवा तीर्थ (उद्योग भवन), मंडी हाउस, बाराखम्भा रोड, आईटीओ, दिल्ली गेट, खान मार्केट, आर.के. आश्रम मार्ग, झंडेवालान, शिवाजी स्टेडियम।

अन्य प्रमुख स्टेशन: सुप्रीम कोर्ट, कश्मीरी गेट, राजीव चौक, चांदनी चौक, विश्वविद्यालय, सिविल लाइन्स, जामा मस्जिद, करोल बाग, लाजपत नगर, एम्स, आईएनए, वसंत कुंज, साकेत, और बाहरी स्टेशनों में जहांगीरपुरी, सीलमपुर, वेलकम, शाहदरा, रिठाला, रोहिणी ईस्ट/वेस्ट आदि शामिल हैं।

3. नई दिल्ली और हजरत निजामुद्दीन स्टेशन आने वाली कई ट्रेनें रद्द

रेलवे बोर्ड के कोचिंग निदेशालय द्वारा जारी आधिकारिक आदेश के अनुसार, 10 अक्टूबर को सुबह 4:00 बजे से दोपहर 2:00 बजे के बीच नई दिल्ली और हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन पहुंचने वाली सभी मेल/एक्सप्रेस ट्रेनों को उनके शुरुआती स्टेशनों से ही रद्द कर दिया गया है। यह नियम 9 अक्टूबर दोपहर 2:00 बजे के बाद अपने शुरुआती स्टेशनों से रवाना होने वाली ट्रेनों पर लागू है।

4. जंतर-मंतर और सेंट्रल दिल्ली में आवाजाही पर प्रतिबंध

पुलिस ने जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों को किले में तब्दील कर दिया है। कहीं भी विरोध प्रदर्शन की अनुमति नहीं दी गई है। जंतर-मंतर, लुटियंस दिल्ली और संसद मार्ग से सटे सभी रास्तों पर दिल्ली पुलिस और अर्धसैनिक बलों की भारी तैनाती की गई है। आम जनता के लिए इन इलाकों में आवाजाही प्रतिबंधित की गई है।

अपराधियों में मौत का भय पैदा करना होगा

नई दिल्ली। यह टिप्पणी सुप्रीम कोर्ट ने की है। देश की सर्वोच्च अदालत ने दिल्ली और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र में नाबालिगों से गैंगरेप की तीन घटनाओं पर सुनवाई करते हुए कहा, ‘जब तक अपराधी के मन में मौत का डर नहीं होगा, तब तक ऐसे अपराध नहीं रुकेंगे’। सुप्रीम कोर्ट ने गैंगरेप की तीन घटनाओं का स्वतः नोटिस लिया और उनके ऊपर सुनवाई की।

सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली पुलिस से कहा कि सिर्फ चीजों को कागज पर लिखना पर्याप्त नहीं है, सख्त कार्रवाई करनी होगी। जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस के विनोद चंद्रन की बेंच ने कहा कि जरूरत पड़ने पर सख्त होने से हिचकिचाएं नहीं। बेंच ने कहा कि कुछ लोग अनुच्छेद 21 यानी जीवन के अधिकार का हवाला देकर सवाल उठाएंगे, लेकिन पुलिस को अपना कर्तव्य निभाना होगा। इसके बाद अदालत ने दिल्ली पुलिस और गृह मंत्रालय से चार हफ्ते में जवाब देने को कहा।

गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली और एनसीआर में चार अगस्त से 21 सितंबर के बीच ग्रेटर नोएडा, दिल्ली बस, आस्था कुंज पार्क और स्वरूप नगर में रेप की तीन घटनाओं पर स्वत: संज्ञान लिया था। इस मामले में पहली सुनवाई 28 सितंबर को हुई थी। असल में चार अगस्त को दिल्ली में 16 साल की नाबालिग से चलती बस में गैंगरेप की घटना हुई थी। पीड़ित ग्रेटर नोएडा के परी चौक से बस में बैठी। आरोपियों ने उसे कश्मीरी गेट पर छोड़ा। इस दौरान बस करीब 47 किमी दौड़ती रही। बस के शीशों पर पर्दे लगे थे।

इसके बाद दूसरी घटना 12 सितंबर की है, जिस दिन स्वरूप नगर में 16 साल की नाबालिग से बलात्कार के बाद हत्या कर दी गई। अगले दिन खेत के पास खुले मैदान में उसका शव मिला। इस मामले में चार आरोपी गिरफ्तार हुए, जिनमें तीन नाबालिग हैं। तीसरी घटना 21 सितबंर की है, जिस दिन दिल्ली के कालकाजी मंदिर के पास आस्था कुंज पार्क में 17 साल की नाबालिग के साथ तीन युवकों ने फर्जी पुलिस वाला बन कर रेप किया। पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।

यमुना एक्सप्रेस-वे पर चलती बस में लगी भीषण आग 9 यात्रियों की मौत

उत्तर प्रदेश में ग्रेटर नोएडा जेवर थाना क्षेत्र में यमुना एक्सप्रेस-वे पर बुधवार देर रात एक चलती बस में अचानक भीषण आग लगने से बड़ा हादसा हो गया।

कश्मीरी गेट, नई दिल्ली से महोबा जा रही एक बस में 33 किलोमीटर माइलस्टोन के पास आग लगी। देखते ही देखते आग ने पूरी बस को अपनी चपेट में ले लिया। हादसे में बस के अंदर मौजूद नौ यात्रियों की जलने और दम घुटने से मौत हो गई, जबकि बचाव दल ने 20 से अधिक यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। मुख्य अग्निशमन अधिकारी प्रदीप कुमार ने गुरुवार को जानकारी दी और बताया कि,बस में आग लगने की सूचना मिलते ही पुलिस के उच्चाधिकारी स्थानीय पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे।

जेवर टोल पर तैनात फायर टेंडर के अलावा अन्य चार फायर टेंडर, रेस्क्यू टेंडर और फायर सर्विस यूनिट को भी तत्काल घटनास्थल पर भेजा गया। दमकल कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पाया। आग बुझाने के बाद पुलिस और फायर सर्विस की टीम ने तत्काल रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। बस के अंदर धुआं भरा होने के बावजूद जवानों और दमकलकर्मियों ने अथक प्रयास करते हुए यात्रियों को बाहर निकाला।

Also Read : भाजपा ने विभिन्न राज्यों में पार्टी पदाधिकारियों की नियुक्ति की

रेस्क्यू के दौरान बस के अंदर नौ लोग मृत अवस्था में मिले। प्रथम दृष्टया उनकी मौत जलने अथवा दम घुटने के कारण होने की बात सामने आई है। प्रारंभिक जांच में बस में आग लगने का कारण एसी में स्पार्क/ब्लास्ट होना बताया जा रहा है। इसके बाद बस के इंजन के लुब्रिकेंट ऑयल में आग लगने और तेजी से फैलने की आशंका जताई गई है। हालांकि घटना के वास्तविक कारणों की विस्तृत जांच की जा रही है। हादसे के बाद जेवर थाना पुलिस ने मृतकों की पहचान कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। पुलिस द्वारा मृतकों के परिजनों से संपर्क करने और उनकी शिनाख्त कराने के प्रयास किए जा रहे हैं। घटना के संबंध में सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत किया गया है।

पुलिस ने बस के चालक और परिचालक को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। मामले में अन्य आवश्यक विधिक कार्रवाई की जा रही है। घटना का उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संज्ञान लिया है। मुख्यमंत्री की ओर से हादसे में जान गंवाने वाले प्रत्येक मृतक के परिजन को दो-दो लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की गई है। प्रशासन द्वारा हादसे से संबंधित अन्य आवश्यक कार्रवाई भी की जा रही है।

Pic Credit : UNI

5000 अमेरिकी सैनिकों की एंट्री से पहले थाईलैंड के पटाया में हड़कंप! जानिए प्रॉस्टिट्यूशन पर पुलिस ने क्यों शुरू किया बड़ा क्रैकडाउन

US Military in Thailand: अमेरिकी नौसेना का विशाल एयरक्राफ्ट कैरियर USS अब्राहम लिंकन (USS Abraham Lincoln) इस सप्ताह थाईलैंड पहुंचने वाला है। उसके आगमन से पटाया सिटी के पर्यटन और मनोरंजन कारोबार को कुछ समय के लिए बड़ा फायदा मिलने की उम्मीद है। लेकिन इसके साथ ही शहर में सुरक्षा व्यवस्था भी कड़ी कर दी गई है। खास तौर पर सार्वजनिक स्थानों पर अवैध रूप से प्रॉस्टिट्यूशन के लिए ग्राहकों को आकर्षित करने और अन्य कानून-व्यवस्था से जुड़े मामलों पर पुलिस की नजर है।

न्यूज एजेंसी ‘रॉयटर्स’ की रिपोर्ट के मुताबिक, मिडिल ईस्ट में लंबे समय तक तैनात रहने के बाद, अमेरिकी नौसेना का यह एयरक्राफ्ट कैरियर इस हफ्ते थाईलैंड के रिजॉर्ट शहर पटाया (Thailand’s ‌resort city of Pattaya) में रुकेगा। इससे आर्थिक फायदे की उम्मीदें जगी हैं। हालांकि, स्थानीय प्रशासन ने सेक्स-टूरिज्म वाले इलाकों पर सख्ती भी की है।

USS Abraham Lincoln के 2 सितंबर को पटाया के पास लाम चाबांग पोर्ट पहुंचने का शेड्यूल है। यह पोत 6 सितंबर तक थाईलैंड में रहेगा। इसके साथ अमेरिकी नौसेना के दो अन्य जहाज भी होंगे। करीब 5,000 अमेरिकी नौसैनिकों और मरीन के तट पर आने की उम्मीद है। ये जवान 200 दिनों से ज्यादा समय समुद्र में रहने के बाद शोर लीव पर शहर में जा सकेंगे।

पटाया में क्यों बढ़ाई गई पुलिस की निगरानी?

अमेरिकी सैनिकों के बड़ी संख्या में पटाया पहुंचने की संभावना को देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने सुरक्षा और कानून-व्यवस्था की तैयारियां बढ़ा दी हैं। पटाया बीच, सेकंड रोड और प्रमुख नाइटलाइफ इलाकों में अतिरिक्त गश्त और जांच की जा रही है। 29 अगस्त को पटाया सिटी पुलिस, टूरिस्ट पुलिस, इमिग्रेशन और सामाजिक विकास से जुड़ी एजेंसियों के 20 से ज्यादा अधिकारियों ने शहर के अलग-अलग इलाकों में जांच अभियान चलाया।

25 को हिरासत में लिया गया

रिपोर्ट के मुताबिक, सार्वजनिक स्थानों पर वेश्यावृत्ति के संदेह में 25 लोगों को हिरासत में लिया गया है। इनमें 18 थाई नागरिक, 5 लाओस के नागरिक और 2 युगांडा के नागरिक बताए गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि अमेरिकी नौसैनिकों के आने के दौरान भी ऐसे अभियान जारी रहेंगे। पुलिस बच्चों और युवाओं की सुरक्षा, भीख मांगने तथा सार्वजनिक व्यवस्था से जुड़े दूसरे मामलों पर भी नजर रखेगी।

थाईलैंड में वेश्यावृत्ति गैरकानूनी, फिर भी पटाया में नहीं है कोई रोक

थाईलैंड में वेश्यावृत्ति कानूनन प्रतिबंधित है। इसके बावजूद पटाया शहर जैसे प्रमुख पर्यटन केंद्रों और बैंकॉक के कुछ इलाकों में सेक्स इंडस्ट्री लंबे समय से काफी दिखाई देती रही है। पटाया पुलिस प्रमुख अनेक श्रीथोंगयू ने सार्वजनिक स्थानों पर लोगों को ग्राहकों को आकर्षित करने से रोकने की मुश्किल को स्वीकार किया है। उन्होंने कहा कि पुलिस अपनी तरफ से पूरी कोशिश कर रही है। लेकिन इस गतिविधि पर पूरी तरह रोक लगाना आसान नहीं है।

अधिकारियों ने बताया कि इसके आने से पहले, पुलिस पटाया के मुख्य बीच-फ्रंट और नाइटलाइफ वाले इलाके में अतिरिक्त गश्त की तैयारी कर रही है। पटाया का स्थानीय कारोबार अमेरिकी नौसैनिकों के आने को कम पर्यटन वाले दौर में एक बड़े अवसर के तौर पर देख रहा है।

पटाया के मेयर पोरामासे नगामपिचेस के मुताबिक, एक अमेरिकी सैन्यकर्मी शहर में अपनी यात्रा के दौरान प्रतिदिन करीब 1,000 से 3,000 Thai Baht (लगभग 30 से 91 डॉलर) खर्च कर सकता है। हालांकि. करीब 5,000 जवान एक साथ शहर में नहीं आएंगे। उनकी शोर लीव अलग-अलग समय पर होगी। फिर भी होटल, रेस्तरां, दुकानों और मनोरंजन क्षेत्र से जुड़े कारोबारियों को उम्मीद है कि अमेरिकी जहाजों का यह दौरा शहर में ग्राहकों और पर्यटकों की संख्या बढ़ाएगा।

200 दिनों से ज्यादा लंबी तैनाती के बाद पहुंच रहा है विमानवाहक पोत

USS Abraham Lincoln की यह यात्रा ऐसे समय हो रही है जब जहाज के चालक दल ने लंबे समय तक समुद्र में तैनाती पूरी की है। पोत नवंबर में सैन डिएगो से रवाना हुआ था। बाद में उसे मध्य पूर्व में अमेरिकी सैन्य अभियानों के समर्थन के लिए भेजा गया। इसकी तैनाती 200 दिनों से अधिक लगातार चली है। अमेरिकी सांसदों ने इतनी लंबी तैनाती को असामान्य बताया है। अगस्त में सैन्य मामलों पर नजर रखने वाले मीडिया में जहाज पर कर्मियों के मनोबल में गिरावट और आत्महत्या के प्रयासों को लेकर भी रिपोर्टें सामने आई थीं।

सुरक्षा और पर्यटन के बीच संतुलन की चुनौती

अब पटाया प्रशासन के सामने दोहरी चुनौती है। एक तरफ अमेरिकी नौसैनिकों की मौजूदगी से पर्यटन और स्थानीय कारोबार को फायदा पहुंचाना। वहीं. दूसरी तरफ शहर में कानून-व्यवस्था और सुरक्षा बनाए रखना। अमेरिकी पोत और उसके साथ आने वाले जहाजों के मद्देनजर पुलिस ने गश्त बढ़ा दी है। खास तौर पर सार्वजनिक स्थानों पर अवैध गतिविधियों, बच्चों की सुरक्षा और पर्यटकों से जुड़े अपराधों पर नजर रखने की तैयारी की गई है।

ये भी पढ़ें- Delhi Gangrape: ग्रेटर नोएडा से कश्मीरी गेट तक 16 वर्षीय छात्रा से गैंगरेप, स्लीपर बस के अंदर 47 KM तक हैवानियत, दिल्ली पुलिस ने क्या बताया?

Delhi Gangrape: ग्रेटर नोएडा से कश्मीरी गेट तक 16 वर्षीय छात्रा से गैंगरेप, स्लीपर बस के अंदर 47 KM तक हैवानियत, दिल्ली पुलिस ने क्या बताया?

Delhi Gangrape: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के कश्मीरी गेट इलाके में एक स्लीपर बस के अंदर 11वीं क्लास की 16 वर्षीय छात्रा के साथ कथित तौर पर गैंगरेप किया गया। पीड़िता की शिकायत के बाद दिल्ली पुलिस ने ड्राइवर और कंडक्टर को गिरफ्तार कर लिया है। यह घटना चार अगस्त की रात की है जब ग्रेटर नोएडा में अपने रिश्तेदार से मिलने जा रही लड़की भारी बारिश के दौरान गलती से परी चौक पर उतर गई। उसने कथित तौर पर खाली स्लीपर बस को रूकने का इशारा किया। फिर ड्राइवर कुलदीप और कंडक्टर संदीप ने उसे बस में बैठा लिया। पुलिस ने कहा कि आरोपियों ने कथित तौर पर उसके साथ गैंगरेप किया। फिर आरोपियों ने उसे कश्मीरी गेट के पास छोड़ दिया।

आरोपियों ने पीड़िता को घटना के बारे में किसी को बताने पर परिणाम भुगतने की धमकी दी। बस को फोरेंसिक जांच के लिए जब्त कर लिया गया है। पुलिस के मुताबिक, बस परी चौक से नोएडा सेक्टर 63 तक गई। फिर नोएडा सेक्टर 63 से दिल्ली के बस कश्मीरी गेट की तरफ गई। लड़की को रिंग रोड पर उतारा गया। फिर बस को तिमारपुर बस डिपो में पार्क किया गया।

दिल्ली पुलिस ने क्या बताया?

दिल्ली पुलिस ने न्यूज एजेंसी ANI को बताया, “राजधानी में एक स्लीपर बस में 16 साल की स्कूली छात्रा के साथ गैंगरेप का मामला सामने आया है। पुलिस ने गैंगरेप के आरोपी ड्राइवर और कंडक्टर को गिरफ़्तार कर लिया है। बताया जा रहा है कि यह घटना 4 अगस्त की रात को हुई थी। पुलिस ने अपराध में इस्तेमाल की गई स्लीपर बस को जब्त कर लिया है और उसकी फोरेंसिक जांच की जा रही है।” पुलिस ने बताया कि पीड़िता उत्तर प्रदेश के मैनपुरी जिले की रहने वाली है। वह 11वीं क्लास की छात्रा है।

47 किलोमीटर तक दरिंदगी!

पुलिस ने बताया कि 4 तारीख को ही दोनों आरोपियों कुलदीप (39) और संदीप (26) को गिरफ्तार कर लिया गया। पीड़िता ने पुलिस को बताया कि परी चौक और नोएडा सेक्टर 63 के बीच उसके साथ गैंगरेप किया गया। पुलिस ने बताया कि बस के CCTV कैमरे बंद थे। ग्रेटर नोएडा के परी चौक से दिल्ली के कश्मीरी गेट के 47 किलोमीटर की दूरी के दौरान दोनों आरोपियों ने छात्रा के साथ जबरन हैवानियत की। पुलिस का दावा है कि स्लीपर बस में पर्दे लगे थे, इसलिए इस सफर के दौरान अंदर का किसी को दिखाई नहीं दिया।

गलती से परी चौक उतर गई थी पीड़िता

पुलिस के मुताबिक, भारी बारिश और अंधेरे के बीच पीड़िता गलती से परी चौक पर उतर गई। फिर उसके मदद के लिए इशारा करने पर उस इलाके से गुजर रही एक खाली स्लीपर बस रुकी। इस दौरान पूछने पर ड्राइवर कुलदीप और कंडक्टर संदीप ने कथित तौर पर उससे कहा कि बस नोएडा सेक्टर 63 जा रही है। दोनों दरिंदों ने उसे बस में प्यार से चढ़ने को कहा। पुलिस ने बताया कि बस चलने के कुछ ही देर बाद कंडक्टर ने कथित तौर पर उस लड़की के साथ अश्लील हरकतें शुरू कर दीं।

गैंगरेप के बाद जान से मारने की धमकी दी

लड़की का आरोप है कि इसके बाद ड्राइवर और कंडक्टर दोनों ने उसका जबरन गैंगरेप किया। विरोध करने पर उसे जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद बस परी चौक से कश्मीरी गेट तक लगभग 47 किलोमीटर तक दौड़ती रही। आरोपियों ने कथित तौर पर देर रात कश्मीरी गेट बस टर्मिनल के पास रिंग रोड पर लड़की को छोड़कर भाग गए। डरी हुई छात्रा ने कश्मीरी गेट पुलिस से संपर्क किया और घटना की पूरी जानकारी दी। इसके बाद पुलिस ने तिमारपुर के बस पार्किंग एरिया से कुलदीप और संदीप को गिरफ्तार कर लिया। साथ ही स्लीपर बस को जब्त कर लिया।

बस को फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है। जांच करने वालों ने बताया कि बस पहले खराब हो गई थी। उसे मरम्मत के लिए सूरजपुर के एक वर्कशॉप में ले जाया गया था। मरम्मत पूरी होने के बाद, ड्राइवर और कंडक्टर खाली बस को तिमारपुर ले जा रहे थे, तभी परी चौक पर उन्हें पीड़िता दिखी। पुलिस ने बताया कि स्लीपर बस की बर्थ के चारों ओर पर्दे लगे थे, जिससे कथित तौर पर आरोपियों को यात्रा के दौरान अंदर हो रही गतिविधियों को छिपाने में मदद मिली। परी चौक और कश्मीरी गेट के बीच बस ने लगभग 47 किलोमीटर का सफर तय किया, जिसके बाद कथित तौर पर किशोर को छोड़ दिया गया। फिलहाल, मामले में आगे की जांच जारी है।

बस से आरोपियों के सफर का रूट

47 किलोमीटर की सड़क यात्रा के दौरान जिस रूट पर गैंगरेप हुआ, उसे इस तरह समझा जा सकता है:-

– ग्रेटर नोएडा के परी चौक से नोएडा सेक्टर 63 तक।

– फिर सेक्टर 63 से NH-24 तक गए।

– इसके बाद NH-24 से आउटर रिंग रोड गए।

– फिर लड़की को कश्मीरी गेट रिंग रोड पर उतार दिया।

– इसके बाद बस को आरोपियों ने तिमारपुर पार्किंग में पार्क किया

– यह बस ‘विश्वनाथ ट्रैवल्स’ की है।