ट्रेन बदली, स्टेशन बदले और बन गया रिकॉर्ड! दिल्ली मेट्रो एम्प्लॉई की अनोखी कहानी

दिल्ली मेट्रो के एम्प्लॉई ने सभी मेट्रो स्टेशनों का सफर सबसे कम समय में पूरा करके नया गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया है। उन्होंने बहुत ही कम टाइम में पूरी जर्नी कर पिछला रिकॉर्ड तोड़ दिया। इससे पहले भी वह 2022 में यह कोशिश कर चुके थे, लेकिन इस बार सही रूट और बेहतर प्लानिंग के साथ उन्होंने अपना ही परफॉरमेंस काफी बेहतर किया। दिल्ली मेट्रो के कामकाज और रूट की अच्छी जानकारी ने भी इस रिकॉर्ड को बनाने में उनकी काफी मदद की।

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सिर्फ 15 घंटे में रचा इतिहास

दिल्ली मेट्रो के एम्प्लॉई ने सभी मेट्रो स्टेशनों का सफर सबसे कम समय में पूरा करके नया गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया है। उन्होंने यह पूरी जर्नी 14 घंटे, 54 मिनट और 36 सेकंड में पूरी की। सिंह ने 23 मई को सुबह करीब 6 बजे वायलेट लाइन के राजा नाहर सिंह मेट्रो स्टेशन से अपनी जर्नी शुरू की थी। इसके बाद उन्होंने अलग-अलग मेट्रो लाइनों और इंटरचेंज का इस्तेमाल करते हुए सफर जारी रखा और रात करीब 9 बजे गुरुग्राम के मिलेनियम सिटी सेंटर मेट्रो स्टेशन पर पहुंचकर इसे पूरा किया। इतने बड़े नेटवर्क में इतने कम समय में सफर पूरा करना आसान नहीं था।

सही रूट ने बचाया समय

प्रफुल्ल सिंह ने इस बार जून 2023 में बनाए गए पुराने गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया। इससे पहले सुजॉय कुमार मित्रा और शिप्रा गुप्ता ने 15 घंटे, 21 मिनट और 4 सेकंड में दिल्ली मेट्रो के सभी स्टेशनों का सफर पूरा किया था। सिंह ने इस समय से करीब 26 मिनट कम में अपना सफर पूरा किया। भले ही यह अंतर ज्यादा बड़ा न लगे, लेकिन मेट्रो के इतने बड़े नेटवर्क में कुछ मिनट बचाना भी काफी मुश्किल होता है। एक लाइन से दूसरी लाइन पर जाने में थोड़ा सा भी समय ज्यादा लग जाए, तो पूरी प्लानिंग बिगड़ सकती है।

पुरानी गलती से मिली सीख

इस रिकॉर्ड को बनाने की कोशिश सिंह ने पहली बार नहीं की थी। वह 2022 में भी दिल्ली मेट्रो के 254 स्टेशनों का सफर कर चुके हैं। उस समय उन्होंने यह जर्नी 16 घंटे, 2 मिनट और 17 सेकंड में पूरी की थी। पहली कोशिश के दौरान गलत रूट लेने की वजह से उनका काफी समय खराब हो गया था। इस एक्सपीरियंस से सीखते हुए उन्होंने इस बार पहले से ज्यादा तैयारी की। ‘द प्रिंट’ की रिपोर्ट के मुताबिक, सिंह ने बताया कि पिछली बार उन्हें गलत रूट की वजह से करीब डेढ़ घंटे की देरी हुई थी, लेकिन इस बार उन्हें भरोसा था कि वह अच्छा परफॉर्म करेंगे।

मेट्रो की जानकारी बनी ताकत

प्रफुल्ल सिंह के लिए उनकी नौकरी का एक्सपीरियंस भी इस चुनौती में काफी फायदेमंद रहा। दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन यानी DMRC के ऑपरेशन्स सेक्टर में काम करने की वजह से उन्हें मेट्रो के रूट, ट्रेन के शेड्यूल, इंटरचेंज स्टेशन और अलग-अलग लाइनों की कनेक्टिविटी की अच्छी जानकारी थी। इसी वजह से वह जर्नी में सही रास्ता चुनने और समय बचाने में कामयाब रहे। पूरे मेट्रो नेटवर्क को कम से कम समय में कवर करना एक तरह की स्पीड चैलेंज जैसा है, जिसमें हर मिनट मायने रखता है। एक स्टेशन से दूसरे स्टेशन तक पहुंचने के साथ-साथ सही समय पर ट्रेन बदलना भी जरूरी होता है।

प्रफुल्ल सिंह को मिला यह अचीवमेंट बताता है कि सही तैयारी, हिम्मत और लगन के साथ मुश्किल से मुश्किल चुनौती भी पूरी की जा सकती है। उनका रिकॉर्ड न सिर्फ उनकी मेहनत को दिखाता है, बल्कि यह भी बताता है कि अपने काम की अच्छी समझ किसी भी लक्ष्य को हासिल करने में कितनी मददगार हो सकती है।

Delhi 2047 का मास्टर प्लान पास, DDA के पुराने मकानों को मिलेगी नई जिंदगी! मेट्रो, सड़क सब पर असर

Delhi Master Plan 2047: दिल्ली के विकास को लेकर दिल्ली विकास प्राधिकरण यानी DDA ने कई बड़े फैसले लिए हैं। DDA की बैठक में Master Plan for Delhi-2047 को मंजूरी दी गई। बैठक की अध्यक्षता दिल्ली के उपराज्यपाल और DDA के चेयरमैन सरदार तरनजीत सिंह संधू ने की। अब इस प्लान को अंतिम मंजूरी के लिए केंद्रीय आवास एवं शहरी मामलों के मंत्रालय को भेजा जाएगा।

दिल्ली का विकास कैसे होगा?

Master Plan 2047 में दिल्ली के आने वाले वर्षों के विकास की रूपरेखा तैयार की गई है। इसमें आवास, रोजगार, ट्रांसपोर्ट, पर्यावरण और इंफ्रास्ट्रक्चर पर फोकस रहेगा। बढ़ती आबादी को देखते हुए शहर के विकास को एक साथ कई क्षेत्रों से जोड़ने की कोशिश की गई है।

इसमें पुराने इलाकों को बेहतर बनाने, ऐतिहासिक जगहों को बचाने और लोगों को बेहतर सुविधाएं देने पर भी ध्यान दिया गया है। प्लान तैयार करने से पहले दिल्ली सरकार, MCD, NDMC, DJB, DMRC, NCRTC और RWAs समेत कई संस्थाओं से चर्चा की गई थी।

पुराने DDA मकानों का पुनर्निर्माण आसान होगा

DDA ने पुराने दो मंजिला मकानों के पुनर्निर्माण के लिए एक समान नीति को भी मंजूरी दी है। इसका फायदा 50 साल से ज्यादा पुराने उन DDA मकानों को मिलेगा, जो अब जर्जर या कमजोर हो चुके हैं।

पहले ऐसे बने-बनाए मकानों के पुनर्विकास के लिए एक समान नियम नहीं थे। अब इन मकानों को खाली रिहायशी प्लॉट की तरह रीडेवपलमेंट का अधिकार मिलेगा। हालांकि, इसके लिए FAR, ग्राउंड कवरेज, ऊंचाई, फायर सेफ्टी और स्ट्रक्चरल सेफ्टी जैसे नियमों का पालन करना होगा।

रिठाला-कुंडली मेट्रो को भी बढ़ावा

DDA ने नरेला सब-सिटी में रिठाला-कुंडली मेट्रो कॉरिडोर के डिपो के लिए 19.63 हेक्टेयर जमीन का लैंड यूज बदलने को मंजूरी दी है। जमीन का इस्तेमाल अब ट्रांसपोर्टेशन के लिए किया जा सकेगा।

रिठाला से कुंडली तक मेट्रो विस्तार से नॉर्थ-वेस्ट दिल्ली, रोहिणी और नरेला की कनेक्टिविटी बेहतर होने की उम्मीद है। इससे हरियाणा के कुंडली तक पहुंच भी आसान होगी। DDA को उम्मीद है कि इससे नरेला में आवास, रिटेल, हॉस्पिटैलिटी और दूसरे कारोबार को बढ़ावा मिलेगा।

बिल्डिंग परमिशन में भी राहत

DDA ने Unified Building Bye-Laws यानी UBBL-2016 में बदलाव को मंजूरी दी है। इसका मकसद बिल्डिंग प्लान की मंजूरी को आसान बनाना है।

अब बिल्डिंग परमिट के लिए DPCC, Chief Inspector of Factories, Delhi Jal Board और Forest Department से पहले NOC लेने की जरूरत को हटाने का प्रावधान किया गया है। इससे प्रोजेक्ट की मंजूरी में लगने वाला समय कम हो सकता है।

कई जमीनों के लैंड यूज में बदलाव

DDA ने रोशनपुरा में 7,978 वर्ग मीटर जमीन का लैंड यूज बदलने को भी मंजूरी दी है। यहां Veterinary Council of India का मुख्यालय बनाया जाना है। सरोजिनी नगर के पास 24,400 वर्ग मीटर जमीन को ट्रांसपोर्टेशन से रेजिडेंशियल में बदलने का प्रस्ताव भी मंजूर हुआ है।

इसके अलावा Copernicus Lane में तीन प्लॉट का लैंड यूज रेजिडेंशियल से पब्लिक और सेमी-पब्लिक करने की मंजूरी दी गई। यहां भारतीय विद्या भवन अपनी उच्च शिक्षा और रिसर्च गतिविधियों का विस्तार करना चाहता है।

DDA ने मंगोलपुरी और केशोपुर के कुछ इंडस्ट्रियल एरिया को डी-नोटिफाई करने का फैसला भी लिया। वहीं, Gazipur में Waste-to-Energy प्लांट के लिए जमीन का लैंड यूज कमर्शियल से यूटिलिटी करने को मंजूरी दी गई है। इसके साथ ग्रीन एरिया बढ़ाने के लिए भी जमीन के इस्तेमाल में बदलाव किया गया है।

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Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जागरूकता के लिए है। किसी भी निवेश, लोन, टैक्स, बीमा या दूसरे वित्तीय फैसले लेने से पहले संबंधित एक्सपर्ट्स से सलाह जरूर लें। मनीकंट्रोल किसी भी फाइनेंशियल प्रोडक्ट या सर्विस की सिफारिश नहीं करता।

दिल्ली मेट्रो से सफर करने वाले ध्यान दें! 9 अगस्त से स्टेशनों पर बढ़ेगी सख्ती…DMRC ने जारी की एडवाइजरी

दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (डीएमआरसी) ने शुक्रवार को यात्रियों के लिए अहम सलाह जारी की है। डीएमआरसी के अनुसार, रविवार से अगले आठ दिनों तक कई मेट्रो स्टेशनों पर यात्रियों को लंबी कतारों का सामना करना पड़ सकता है। डीएमआरसी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर बताया कि पूरे मेट्रो नेटवर्क पर सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी की जा रही है। इसी वजह से यात्रियों की सुरक्षा जांच में अधिक समय लग सकता है, जिससे कई स्टेशनों पर लंबी लाइनें लगने की संभावना है।

डीएमआरसी ने यात्रियों से अपील की है कि वे अपनी यात्रा की योजना बनाते समय अतिरिक्त समय लेकर घर से निकलें, ताकि उन्हें किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।

स्वतंत्रता दिवस से पहले दिल्ली मेट्रो में बढ़ाई जाएगी सुरक्षा

दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (डीएमआरसी) के अनुसार, स्वतंत्रता दिवस के मद्देनजर मेट्रो स्टेशनों पर सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी की जा रही है। इसके तहत केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) 9 अगस्त से 16 अगस्त तक सभी मेट्रो स्टेशनों पर यात्रियों की सख्त सुरक्षा जांच करेगा। डीएमआरसी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बताया कि 15 अगस्त 2026 के स्वतंत्रता दिवस समारोह को देखते हुए सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए गए हैं। इसी कारण 9 अगस्त (रविवार) से सभी मेट्रो स्टेशनों पर यात्रियों की जांच पहले से ज्यादा सख्ती से की जाएगी।

डीएमआरसी ने अपनी पोस्ट में कहा कि सख्त सुरक्षा जांच के कारण 16 अगस्त तक, खासकर सुबह और शाम के व्यस्त समय (पीक आवर्स) में कई मेट्रो स्टेशनों पर लंबी कतारें लग सकती हैं। इसलिए यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे अपनी यात्रा की योजना पहले से बनाएं और घर से थोड़ा अतिरिक्त समय लेकर निकलें। साथ ही सुरक्षा जांच के दौरान सीआईएसएफ और अन्य सुरक्षा कर्मियों का पूरा सहयोग करें।

यह सलाह ऐसे समय में जारी की गई है, जब 15 अगस्त के स्वतंत्रता दिवस समारोह से पहले राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी गई है। लाल किले पर होने वाले मुख्य कार्यक्रम को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह सतर्क हैं। इसी वजह से मेट्रो स्टेशनों पर यात्रियों की जांच पहले से ज्यादा सख्ती से होगी। ऐसे में यात्रियों से अपील की गई है कि वे विशेष रूप से सुबह और शाम के व्यस्त समय में समय से पहले स्टेशन पहुंचें, ताकि किसी तरह की देरी से बचा जा सके।

Delhi Metro का मेगा प्लान! 15 नए इंटरचेंज स्टेशन बनेंगे, अब सफर होगा और आसान

दिल्ली मेट्रो आने वाले समय में यात्रियों के लिए 15 नए इंटरचेंज स्टेशन तैयार करने जा रही है। इनमें से 5 स्टेशन ऐसे होंगे, जहां एक साथ तीन मेट्रो लाइनों का आपस में जुड़ाव होगा। यह काम दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (डीएमआरसी) की फेज-4 और फेज-5ए विस्तार योजना के तहत बनाए जा रहे आठ नए मेट्रो कॉरिडोर के जरिए किया जाएगा। फिलहाल दिल्ली मेट्रो नेटवर्क में कुल 31 इंटरचेंज स्टेशन हैं। इनमें नोएडा-ग्रेटर नोएडा की एक्वा लाइन और गुरुग्राम रैपिड मेट्रो के दो स्टेशन भी शामिल हैं। अभी कश्मीरी गेट ही ऐसा इकलौता स्टेशन है, जहां तीन मेट्रो लाइनें आपस में मिलती हैं। सभी नए प्रोजेक्ट पूरे होने के बाद इंटरचेंज स्टेशनों की संख्या बढ़कर 46 हो जाएगी। इसके बाद मैजेंटा लाइन पर सबसे ज्यादा 22 इंटरचेंज स्टेशन होंगे। वहीं ब्लू लाइन पर 15 और पिंक लाइन पर 14 इंटरचेंज स्टेशन मौजूद होंगे।

5 नए ट्रिपल-इंटरचेंज स्टेशन बनाने का प्लान

फेज-4 और फेज-5ए विस्तार योजना के बाद दिल्ली मेट्रो में पांच नए ट्रिपल इंटरचेंज स्टेशन बनेंगे। इनमें नई दिल्ली, इंद्रलोक, लाजपत नगर, सेंट्रल सेक्रेटेरिएट और आजादपुर स्टेशन शामिल हैं। इन स्टेशनों पर एक साथ तीन मेट्रो लाइनों के बीच आसानी से सफर किया जा सकेगा। नई दिल्ली स्टेशन पर अभी येलो लाइन और एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन का इंटरचेंज है। नए विस्तार के बाद इसे मैजेंटा लाइन से भी जोड़ दिया जाएगा। वहीं इंद्रलोक स्टेशन, जहां अभी रेड और ग्रीन लाइन मिलती हैं, उसे भी मैजेंटा लाइन से जोड़ा जाएगा।

  • नई दिल्ली
  • इंदरलोक
  • लाजपत नगर
  • सेंट्रल सेक्रेटेरिएट
  • आजादपुर

लाजपत नगर स्टेशन भविष्य में वायलेट, पिंक और गोल्डन लाइन का प्रमुख जंक्शन बनेगा। वहीं आजादपुर स्टेशन येलो, पिंक और नई मैजेंटा लाइन को आपस में जोड़ेगा। इसके अलावा सेंट्रल सेक्रेटेरिएट स्टेशन भी तीन लाइनों वाला इंटरचेंज बन जाएगा, जहां येलो, वायलेट और नई मैजेंटा लाइन के बीच यात्री आसानी से सफर कर सकेंगे।

फेज IV में बनेंगे 11 और इंटरचेंज स्टेशन

फेज-4 विस्तार योजना के तहत दिल्ली गेट, इंद्रप्रस्थ, चिराग दिल्ली, साकेत जी ब्लॉक, छतरपुर, तुगलकाबाद, पीरागढ़ी, मधुबन चौक, पुलबंगश, आरके आश्रम मार्ग और नबी करीम को भी नए इंटरचेंज स्टेशन के रूप में विकसित किया जाएगा। इससे यात्रियों को अलग-अलग मेट्रो लाइनों के बीच आसानी से सफर करने की सुविधा मिलेगी। इसके अलावा दिल्ली एयरोसिटी और आईजीआई एयरपोर्ट टर्मिनल-1 पर भी दो नए इंटरचेंज स्टेशन बनाए जाएंगे। इससे इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय (आईजीआई) एयरपोर्ट तक पहुंचना पहले से ज्यादा आसान हो जाएगा।

  • दिल्ली गेट
  • इंद्रप्रस्थ
  • चिराग दिल्ली
  • साकेत G ब्लॉक
  • छतरपुर
  • तुगलकाबाद
  • पीरागढ़ी
  • मधुबन चौक
  • पुलबंगश
  • RK आश्रम मार्ग
  • नबी करीम

वहीं, फेज-5ए के नए मेट्रो कॉरिडोर शुरू होने के बाद शिवाजी स्टेडियम और कालिंदी कुंज भी इंटरचेंज स्टेशन बन जाएंगे। इससे यात्रियों को मेट्रो बदलने के लिए अधिक विकल्प मिलेंगे और सफर का समय भी कम होगा। डीएमआरसी के एक अधिकारी ने कहा कि नए मेट्रो कॉरिडोर और इंटरचेंज स्टेशनों के बनने से पूरे एनसीआर में दिल्ली मेट्रो का नेटवर्क और मजबूत होगा। इससे लोगों के लिए सार्वजनिक परिवहन पहले से अधिक सुविधाजनक और बेहतर बन जाएगा।

  • DMRC नेटवर्क में अभी 31 इंटरचेंज स्टेशन हैं
  • 15 नए इंटरचेंज स्टेशन
  • DMRC नेटवर्क में अभी 1 ट्रिपल इंटरचेंज स्टेशन है (कश्मीरी गेट)

नए इंटरचेंज से क्या फ़ायदा होगा:

  • तेजी से लाइन बदलना
  • बेहतर नेटवर्क कनेक्टिविटी
  • यात्रियों के लिए ज़्यादा रूट ऑप्शन
  • दिल्ली-NCR में यात्रा का समय कम होगा

नए कॉरिडोर जुड़ने के बाद इन मेट्रो लाइनों में सबसे ज़्यादा इंटरचेंज होंगे:

  • मैजेंटा: 22
  • पिंक: 14
  • ब्लू: 15

राहुल गांधी का पीएम मोदी पर पलटवार, बोले- युवाओं का भविष्य आपने बर्बाद किया, धर्मेंद्र प्रधान को हटाइए

CJP Protest : rahul gandhi answer to PM Modi

छात्र आंदोलन के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के फास्ट ट्रेक कोर्ट के एलान पर लोकसभा में विपक्ष नेता राहुल गांधी ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि आपने ही हमारे युवाओं के भविष्य को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाया और इसके जिम्मेदार व्यक्तियों को संरक्षण दिया। ALSO READ: CJP Protest : आख़िर पेपर लीक पर बोले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, किया फास्ट ट्रेक कोर्ट का ऐलान

 

राहुल गांधी ने एक्स पर अपनी पोस्ट में कहा कि आपने ही हमारे युवाओं के भविष्य को सबसे ज़्यादा नुकसान पहुंचाया है। आपने न सिर्फ हमारी education system पर पूरा कब्ज़ा होने और उसे बर्बाद होने दिया, उसे बढ़ावा भी दिया – और इसके ज़िम्मेदार हर व्यक्ति को संरक्षण दिया। उन्होंने कहा कि छात्रों की मांगें साफ़ हैं: धर्मेंद्र प्रधान को पद से हटाएं। छात्रों से माफ़ी मांगे। छात्रों के साथ हिंसा करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करें। ALSO READ: प्रीति जिंटा का छात्रों को समर्थन, सता रहा है CJP प्रोटेस्ट हाईजैक होने का डर

क्या बोले पीएम मोदी?

इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जंतर मंतर पर छात्र आंदोलन के बीच पेपर लीक पर फास्ट ट्रेक कोर्ट का ऐलान किया था। उन्होंने कहा कि पेपर लीक के सभी मामलों में दोषियों को जल्द से जल्द कठोर दंड मिलेगा। युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। पीएम की घोषणा के बाद भी छात्र शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर अड़े हुए हैं।

 

पीएम मोदी ने एक्स पर अपनी पोस्ट में कहा- देश के युवाओं का हित और उनका भविष्य हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। पेपर लीक के सभी मामलों में दोषियों को जल्द से जल्द कठोर दंड देने के लिए, केस के त्वरित निस्तारण के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट्स का गठन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस संबंध में निर्देश दे दिए गए हैं कि संबंधित विभाग आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करें। विद्यार्थियों के हितों को सुरक्षित करने के लिए, सरकार द्वारा लिए जा रहे निर्णयों की श्रृंखला में ये एक महत्वपूर्ण कदम है। युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। ALSO READ: CJP प्रदर्शन के कारण आज भी 16 मेट्रो स्टेशन बंद, DMRC ने जारी की सूची

 

गौरतलब है कि नीट पेपर लीक मामले में संसद से सड़क तक बवाल मचा हुआ है। सरकार संसद से जंतर मंतर तक गतिरोध तोड़ने का हरसंभव प्रयास कर रही है। सोनम वांगचुक लंबे समय से भूख हड़ताल कर रहे हैं। सीजेपी के प्रदर्शनकारी जंतर मंतर पर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर अड़े हुए हैं। हालांकि सरकार आंदोलनकारियों की इस मांग से सहमत नजर नहीं आ रही है। युवा प्रदर्शनकारी डटे हुए हैं तो पिछले 4 दिनों से संसद विपक्ष के हंगामे की वजह से ठप है।

Delhi Metro Stations closed: CJP प्रोटेस्ट के कारण दिल्ली मेट्रो के 16 स्टेशन आज भी बंद! देखें पूरी लिस्ट, यहां मिलेगी इंटरचेंज सुविधा

Delhi Metro Stations closed: देश की राजधानी दिल्ली में कॉकरोच जनता (CJP)पार्टी के विरोध प्रदर्शन के बीच सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए दिल्ली मेट्रो रेल निगम (DMRC) ने 16 मेट्रो स्टेशनों को अस्थायी रूप से बंद कर दिया है। डीएमआरसी ने गुरुवार (23 जुलाई) सुबह बताया कि लोक कल्याण मार्ग, राजीव चौक, पटेल चौक, रामकृष्ण आश्रम मार्ग, बाराखंबा रोड, सुप्रीम कोर्ट, सेवा तीर्थ, जनपथ, मंडी हाउस, केंद्रीय सचिवालय, आईटीओ, दिल्ली गेट, इंद्रप्रस्थ, खान मार्केट, जोर बाग और शिवाजी स्टेडियम मेट्रो स्टेशनों को अगले आदेश तक बंद कर दिया गया है। DMRC के अनुसार, राजीव चौक, मंडी हाउस और केंद्रीय सचिवालय स्टेशनों पर ट्रेन बदलने की सुविधा उपलब्ध है।

डीएमआरसी का यह कदम जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी के जारी विरोध प्रदर्शन के बीच उठाया गया है। इससे पहले बुधवार को भी इसी तरह मेट्रो सेवाएं प्रभावित हुई थीं। 16 मेट्रो स्टेशनों को बंद किए जाने की वजह से बुधवार सुबह के व्यस्त समय में हजारों लोगों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। दफ्तर जाने वाले कई यात्रियों को बीच रास्ते में अपना रूट बदलना पड़ा। कुछ को अपरिचित स्टेशनों पर उतरना पड़ा और वैकल्पिक परिवहन के लिए मशक्कत करनी पड़ी।

DMRC ने क्या कहा?

दिल्ली मेट्रो रेल निगम (DMRC) की तरफ से गुरुवार (23 जुलाई) सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट में लिखा, “सेवा अपडेट! नीचे बताए गए मेट्रो स्टेशन सुबह 07:30 बजे से अगले आदेश तक बंद रहेंगे। हालांकि, राजीव चौक, मंडी हाउस और सेंट्रल सेक्रेटेरिएट यानी केंद्रीय सचिवालय पर इंटरचेंज (दूसरी लाइन की मेट्रो बदलने की सुविधा) की सुविधा उपलब्ध रहेगी।

ये 16 स्टेशन हैं बंद

1. लोक कल्याण मार्ग

2. राजीव चौक

3. पटेल चौक

4. रामकृष्ण आश्रम मार्ग

5. बाराखंभा रोड

6. सुप्रीम कोर्ट

7. सेवा तीर्थ

8. जनपथ

9. मंडी हाउस

10. केंद्रीय सचिवालय

11. आईटीओ

12. दिल्ली गेट

13. इंद्रप्रस्थ

14. खान मार्केट

15. जोर बाग

16. शिवाजी स्टेडियम

मेट्रो बंद होने से लोग हुए परेशान

इससे पहले बुधवार को प्रदर्शन के मद्देनजर सुरक्षा उपायों के तहत 16 मेट्रो स्टेशनों को बंद किए जाने से दफ्तर जाने के व्यस्त समय में मध्य दिल्ली में यात्रियों की आवाजाही बड़े पैमाने पर प्रभावित हुई। यात्रियों ने बताया कि कई मार्गों पर मेट्रो सेवाएं जारी थीं। लेकिन ट्रेनें बंद किए गए स्टेशनों पर नहीं रुक रही थीं। इसके कारण यात्रियों के पास आगे जाने और फिर सड़क मार्ग से वापस लौटने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा।

केंद्रीय सचिवालय से होकर यात्रा कर रही वृंदा नामक एक यात्री ने बताया कि प्रदर्शनकारी स्टेशन परिसर के पास जमा हो गए थे, जिससे यात्रियों के बीच भ्रम की स्थिति पैदा हो गई। उन्होंने कहा, “केंद्रीय सचिवालय मेट्रो स्टेशन पर प्रदर्शनकारी जमा हो गए थे। उनमें से कई लोग निकास द्वार के पास एकत्र होकर ‘वंदे मातरम’ के नारे लगा रहे थे। वहां भारी अनिश्चितता का माहौल था और लोगों को समझ नहीं आ रहा था कि वे स्टेशन से बाहर निकल पाएंगे या नहीं।”

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येलो लाइन पर यात्रा कर रहे एक अन्य यात्री ने बताया कि ट्रेन में की जा रही घोषणाओं के जरिए यात्रियों को सूचित किया जा रहा था कि दिल्ली गेट से खान मार्केट के बीच के स्टेशनों पर उतरने की अनुमति नहीं दी जाएगी। कई यात्रियों ने बताया कि जब उन्हें पता चला कि उनके गंतव्य स्टेशन बंद कर दिए गए हैं तो वे वैकल्पिक रूट तलाशने में जुट गए।

इससे उन्हें दफ्तर, कॉलेज पहुंचने और अन्य जरूरी कामों के लिए देरी हुई। चालू स्टेशनों के बाहर कई लोग ‘नेविगेशन ऐप’ देखते नजर आए। जबकि कुछ अपने परिवार के सदस्यों को फोन कर रहे थे। कई लोग कैब बुक करते दिखे। वहीं, बस स्टॉप और ऑटो-रिक्शा स्टैंड पर लोगों की लंबी कतारें लग गईं।

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Delhi Metro Stations closed: दिल्ली मेट्रो के 16 स्टेशन अगले आदेश तक बंद, यहां देखें पूरी लिस्ट और जानिए कहां मिलेगी इंटरचेंज सुविधा

Delhi Metro Stations Closed: सुरक्षा कारणों से बुधवार (22 जुलाई) सुबह राजधानी दिल्ली में जनपथ, राजीव चौक, पटेल चौक और केंद्रीय सचिवालय समेत 16 मेट्रो स्टेशन को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है। दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) ने सोशल मीडिया प्लटेफॉर्म X पर एक पोस्ट में यह जानकारी दी। यह कदम जंतर-मंतर पर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के जारी विरोध प्रदर्शन के बीच उठाया गया है।

परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी के संसद तक मार्च के ऐलान पर हजारों लोगों के मध्य दिल्ली में पहुंचने के कारण सोमवार को भी कई मेट्रो स्टेशन बंद कर दिए गए थे।

डीएमआरसी ने X पर एक पोस्ट में कहा, “नीचे दिए गए मेट्रो स्टेशन अगले आदेश तक बंद रहेंगे। हालांकि, राजीव चौक, मंडी हाउस और सेंट्रल सेक्रेटेरिएट पर इंटरचेंज (दूसरी लाइन की मेट्रो बदलने) की सुविधा उपलब्ध रहेगी।”

ये मेट्रो स्टेशन रहेंगे बंद

1. लोक कल्याण मार्ग

2. राजीव चौक

3. पटेल चौक

4. रामकृष्ण आश्रम मार्ग

5. बाराखंभा रोड

6. सुप्रीम कोर्ट

7. सेवा तीर्थ

8. जनपथ

9. मंडी हाउस

10. सेंट्रल सेक्रेटेरिएट

11. ITO

12. दिल्ली गेट

13. इंद्रप्रस्थ

14. खान मार्केट

15. जोर बाग

16. शिवाजी स्टेडियम

ट्रैफिक एडवाइजरी जारी

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में आज यात्रियों और पर्यटकों को अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। संसद के मानसून सत्र और प्रस्तावित विरोध मार्च के मद्देनज़र दिल्ली पुलिस ने स्पेशल ट्रैफिक एडवाइजरी जारी की है। इसके चलते संसद भवन और आसपास के इलाकों में भारी जाम, ट्रैफिक डायवर्जन और कड़ी सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है। दिल्ली पुलिस ने लोगों से यात्रा की पहले से योजना बनाने, अतिरिक्त समय लेकर निकलने और जहां तक संभव हो दिल्ली मेट्रो का इस्तेमाल करने की अपील की है। पुलिस के अनुसार, संसद क्षेत्र के आसपास वाहनों की आवाजाही प्रभावित रह सकती है।

इन सड़कों पर जाने से बचें

दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने निम्नलिखित रूट्स से बचने की सलाह दी है:-

रफी मार्ग

मोतीलाल नेहरू मार्ग

मौलाना आजाद रोड

के. कामराज मार्ग

रायसीना रोड

राजेंद्र प्रसाद रोड

संसद मार्ग

अशोक रोड

तालकटोरा रोड

पंडित पंत मार्ग

रकाबगंज गुरुद्वारा रोड

इन पर्यटन स्थलों पर भी पड़ सकता है असर

ट्रैफिक प्रतिबंधों के कारण राजधानी के कई प्रमुख पर्यटन स्थल भी प्रभावित हो सकते हैं, जिनमें:-

इंडिया गेट

राष्ट्रपति भवन

कर्तव्य पथ

संसद भवन क्षेत्र

राष्ट्रीय संग्रहालय

जनपथ मार्केट

कनॉट प्लेस

जंतर-मंतर

यात्रियों के लिए जरूरी सलाह

  • घर से समय से पहले निकलें।
  • प्रभावित इलाकों और सड़कों से जानें से बचें।
  • IGI एयरपोर्ट या नई दिल्ली रेलवे स्टेशन जाने वाले यात्री अतिरिक्त समय रखें।
  • ट्रैफिक की लाइव अपडेट और दिल्ली ट्रैफिक पुलिस की आधिकारिक एडवाइजरी पर नजर बनाए रखें।
  • जहां संभव हो, दिल्ली मेट्रो का उपयोग करें। लेकिन पहले DMRC के अकाउंट से अपडेट जरूर ले लें।

CJP Parliament March: दिल्ली मेट्रो के ये 5 स्टेशन बंद, घर से निकलने से पहले देख लें ट्रैफिक एडवाइजरी

CJP Parliament March: दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) ने सोमवार (20 जुलाई) को सुरक्षा कारणों से राजीव चौक, जनपथ, पटेल चौक, केंद्रीय सचिवालय और सेवा तीर्थ मेट्रो स्टेशनों को अगले आदेश तक बंद कर दिया है। यह कदम कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की ओर से निकाले जा रहे विरोध मार्च के मद्देनजर उठाया गया है। डीएमआरसी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जारी एक पोस्ट में कहा कि अगले आदेश तक ये पांचों मेट्रो स्टेशन बंद रहेंगे। CJP ने शिक्षा क्षेत्र में सुधार की मांग को लेकर संसद के मानसून सत्र के पहले दिन सोमवार को संसद तक विरोध मार्च निकालने का आह्वान किया है।

इस बीच, दिल्ली पुलिस ने व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की है। साथ ही उन्होंने बताया कि इस विरोध मार्च के लिए कोई अनुमति नहीं ली गई है। संसद के मानसून सत्र और कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के प्रस्तावित ‘चलो संसद’ मार्च को देखते हुए सोमवार को दिल्ली पुलिस अत्यधिक सतर्क है। जंतर-मंतर, संसद और अन्य प्रमुख स्थानों के आसपास भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। नई दिल्ली जिले में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी है।

अनशन पर अड़े वांगचुक, रखीं ये शर्तें

सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक ने सोमवार को कहा कि उनकी भूख हड़ताल प्रस्तावित ‘संसद चलो’ मार्च के बाद भी जारी रहेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह अपना अनशन तभी समाप्त करेंगे, जब सरकार शिक्षा व्यवस्था में हाल में हुई विफलताओं की जिम्मेदारी स्वीकार करेगी या राजनीतिक दलों के नेता उन्हें यह भरोसा देंगे कि इस मुद्दे को संसद में उठाया जाएगा।

सोशल मीडिया पर शेयर किए गए एक संदेश में वांगचुक ने लिखा, “आपमें से कई लोगों ने पूछा है कि मैं अपना अनशन कब समाप्त करूंगा। जैसा कि मैंने पहले अपने समर्थकों से कहा था, यदि सरकार शिक्षा व्यवस्था में हाल की विफलताओं, पेपर लीक जैसी घटनाओं की जिम्मेदारी 20 जुलाई तक स्वीकार करती है, तो मैं अपना अनशन समाप्त कर दूंगा।”

उन्होंने कहा कि यदि ऐसा नहीं होता है, तो उनका अनशन जारी रहेगा। वांगचुक ने कहा कि वह अपना अनशन तब भी समाप्त कर देंगे, यदि कॉकरोच जनता पार्टी का नेतृत्व और वह स्वयं संसद के गेट तक पहुंचते हैं और वहां विभिन्न राजनीतिक दलों के सांसद तथा नेता उन्हें यह आश्वासन देते हैं कि वे इस मुद्दे को अब संसद में उठाएंगे।

उन्होंने कहा, “यदि मेरी सेहत या अन्य कारणों से मैं संसद तक नहीं पहुंच पाता, तो विभिन्न दलों के सम्मानित सांसद और नेता इस अस्पताल में आकर मुझे यही आश्वासन दें।” वांगचुक ने यह भी आरोप लगाया कि उन्हें सफदरजंग अस्पताल में अवैध रूप से हिरासत में रखा गया है।

उन्होंने लिखा, “मैं सफदरजंग अस्पताल में अवैध हिरासत में हूं, जहां मेरी आवाजाही, अभिव्यक्ति और हर तरह के संचार की स्वतंत्रता पर रोक लगा दी गई है।” शनिवार को वांगचुक की पत्नी गीतांजलि जे. आंग्मो ने कहा था कि यदि राजनीतिक दलों के नेता अस्पताल आकर उन्हें यह भरोसा दें कि वे संसद के मानसून सत्र में शिक्षा व्यवस्था में जवाबदेही का मुद्दा उठाएंगे, तो वांगचुक अपना अनशन समाप्त कर देंगे।

आंग्मो ने ‘संसद चलो’ मार्च में शामिल समर्थकों से वांगचुक की ओर से शांति बनाए रखने और यह सुनिश्चित करने की अपील भी की थी कि आंदोलन का किसी तरह दुरुपयोग न हो। वांगचुक ने कॉजपा के संस्थापक अभिजीत दीपके के आंदोलन का समर्थन करते हुए 28 जून को जंतर-मंतर पर अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू की थी।

लगातार 21 दिन तक अनशन करने के बाद स्वास्थ्य बिगड़ने पर 18 जुलाई की सुबह दिल्ली पुलिस वांगचुक को जंतर-मंतर से सफदरजंग अस्पताल ले गई थी। उनके समर्थकों का आरोप है कि वांगचुक को प्रदर्शन स्थल से जबरन हटाया गया और उनके साथ दुर्व्यवहार किया गया। वहीं, दिल्ली पुलिस का कहना है कि स्वास्थ्य संबंधी कारणों से उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया।

Delhi Metro: दिल्ली वालों के लिए बड़ी खुशखबरी! द्वारका से राजीव चौक तक सिर्फ 25 मिनट में पहुंचेगी मेट्रो

Delhi Metro: दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) ने द्वारका सेक्टर-25 स्थित यशोभूमि से कनॉट प्लेस के राजीव चौक तक 20 किलोमीटर लंबे हाई-स्पीड अंडरग्राउंड मेट्रो कॉरिडोर के लिए एक डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) तैयार किया है। इसका उद्देश्य पश्चिमी दिल्ली से सेंट्रल दिल्ली तक सफर का समय काफी कम करना है।

यह नया कॉरिडोर मौजूदा एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन का विस्तार होगा। इससे यशोभूमि इंडिया इंटरनेशनल कन्वेंशन एंड एक्सपो सेंटर, तेजी से विकसित हो रहे द्वारका इलाके और दिल्ली के केंद्रीय हिस्सों के बीच कनेक्टिविटी बेहतर होगी।

पांच अंडरग्राउंड स्टेशनों की योजना

DPR के अनुसार, प्रस्तावित रूट पर पांच रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण अंडरग्राउंड स्टेशन होंगे। यात्रियों की संख्या बढ़ाने के लिए इन्हें प्रमुख रिहायशी और संस्थागत इलाकों के पास बनाया जाएगा।

प्रोजेक्ट की मुख्य जानकारी इस प्रकार है:

प्रोजेक्ट की जानकारीविवरण
रूट की लंबाईलगभग 20 किलोमीटर
मेट्रो का प्रकारहाई-स्पीड अंडरग्राउंड मेट्रो
प्रस्तावित स्टेशन5 अंडरग्राउंड स्टेशन
रूटयशोभूमि (द्वारका सेक्टर-25) से राजीव चौक तक
प्रोजेक्ट एजेंसीदिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC)
अनुमानित यात्रा समयघटकर करीब 25 मिनट होने की उम्मीद

इस कॉरिडोर का मुख्य उद्देश्य दिल्ली के पश्चिमी उपनगरों और सेंट्रल बिजनेस डिस्ट्रिक्ट के बीच तेज और ज्यादा सीधा संपर्क उपलब्ध कराना है।

फिलहाल, अभी बाहरी द्वारका से कनॉट प्लेस जाने वाले लोग आम तौर पर भीड़-भाड़ वाली सड़कों या ब्लू लाइन से लंबे सफर पर निर्भर रहते हैं।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, प्रस्तावित हाई-स्पीड कॉरिडोर से यशोभूमि और राजीव चौक के बीच सफर का समय 25 मिनट से भी कम होने की उम्मीद है। इससे रोजाना सफर करने वालों, बिजनेस के लिए यात्रा करने वालों और कन्वेंशन सेंटर आने वाले लोगों को एक तेज विकल्प मिलेगा।

अधिकारियों का मानना ​​है कि इस सीधे कनेक्शन से दिल्ली की सड़कों पर दबाव कम होगा और राजधानी के सबसे बड़े कन्वेंशन और एग्जिबिशन वेन्यू तक पहुंचना भी आसान हो जाएगा।

इंजीनियरिंग और मंजूरी की प्रक्रिया चल रही है

DPR के अनुसार, संबंधित अधिकारी फंडिंग की मंजूरी और जरूरी कानूनी मंजूरी की प्रक्रिया में तेजी ला रहे हैं। DMRC के इंजीनियरों ने शुरुआती मिट्टी की जांच और अलाइनमेंट स्टडी पूरी कर ली है, ताकि यह पक्का किया जा सके कि प्रस्तावित रूट मौजूदा अंडरग्राउंड यूटिलिटी और इंफ्रास्ट्रक्चर के रास्ते में न आए।

क्योंकि पूरा कॉरिडोर घनी आबादी वाले शहरी इलाकों के नीचे से गुजरेगा, इसलिए सड़क पर ट्रैफिक और जमीन पर होने वाली गतिविधियों में कम से कम रुकावट आए, इसके लिए टनल बोरिंग मशीनों (TBMs) का इस्तेमाल करके निर्माण करने का प्रस्ताव है।

रियल एस्टेट पर संभावित असर

प्रस्तावित मेट्रो कॉरिडोर से नेशनल कैपिटल रीजन (NCR) में रियल एस्टेट मार्केट पर भी असर पड़ने की उम्मीद है।

इंडस्ट्री के अनुमानों के मुताबिक, प्रस्तावित रूट के आस-पास के इलाकों, खासकर द्वारका और गुरुग्राम के सटे हुए हिस्सों में, इस प्रोजेक्ट की खबर के बाद से ही घर खरीदने वालों और निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ी है।

प्रॉपर्टी कंसल्टेंट्स का कहना है कि बेहतर कनेक्टिविटी से द्वारका और द्वारका एक्सप्रेसवे के आस-पास रेजिडेंशियल डेवलपमेंट की मांग बढ़ सकती है, जबकि पड़ोसी गुरुग्राम सेक्टरों में रेजिडेंशियल प्लॉट और हाउसिंग प्रोजेक्ट्स को भी मेट्रो की बेहतर सुविधा का फायदा मिल सकता है।

वेस्ट दिल्ली और सिटी सेंटर के बीच एक नया लिंक

अगर मंजूरी मिल जाती है, तो यशोभूमि-राजीव चौक मेट्रो कॉरिडोर दिल्ली मेट्रो के हाई-स्पीड नेटवर्क का एक अहम हिस्सा बन जाएगा। यह मौजूदा एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन का विस्तार होगा, जो दिल्ली के बीचों-बीच तक सीधी कनेक्टिविटी देगा।

इस प्रोजेक्ट से रिहायशी इलाकों, कमर्शियल जोन और इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर के बीच कनेक्टिविटी बेहतर होने की उम्मीद है। साथ ही, इससे मौजूदा ट्रांसपोर्ट कॉरिडोर पर भीड़ कम होगी और पूरे NCR में भविष्य के शहरी विकास में मदद मिलेगी।

बता दें कि प्रस्तावित कॉरिडोर अभी ‘डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट’ (DPR) के स्टेज पर है और निर्माण शुरू होने से पहले जरूरी मंज़ूरी का इंतजार कर रहा है।

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