VA Tech Wabag Share Price: एनालिस्ट शेयर पर हुआ बुलिश, 30% रिटर्न संभव, क्या आप करेंगे निवेश

VA Tech Wabag Share Price: इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी VA Tech Wabag के शेयर पर ब्रोकरेज फर्म मोतीलाल ओसवाल बुलिश नजर आ रहा है। ब्रोकरेज फर्म ने स्टॉक पर Buy रेटिंग की राय दी है और इसके लिए 2529 रुपये का टारगेट प्राइस दिया है। शेयर आज 1.29 फीसदी की बढ़त के साथ 1961.80 रुपये के स्तर पर क्लोज हुआ।

मोतीलाल ओसवाल ने कहा कि कंपनी लगातार ग्रोथ के लिए अच्छी स्थिति में है। इसे रेगुलर ऑर्डर मिलने और प्रोजेक्ट्स के सामान्य रूप से पूरे होने से मदद मिल रही है, जिसमें युद्ध से प्रभावित वेस्ट एशिया क्षेत्र भी शामिल है। VA Tech Wabag की मौजूदा ऑर्डर बुक ₹20,000 करोड़ की है, जो इसके FY26 के रेवेन्यू का पांच गुना है। ब्रोकरेज का कहना है कि इससे और मजबूत बिड पाइपलाइन से अगले तीन से चार वर्षों में 20% रेवेन्यू ग्रोथ की उम्मीद है।

इसने आगे कहा कि VA Tech Wabag का फोकस प्रॉफिटेबल ग्रोथ और विदेशी बाजार पर बना हुआ है।FY21-26 के दौरान रेवेन्यू में 7%, EBITDA में 17% और टैक्स के बाद एडजस्टेड प्रॉफिट (APAT) में 28% की कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) दर्ज करने के बाद, मोतीलाल ओसवाल को उम्मीद है कि FY26-28 के दौरान ये आंकड़े क्रमशः 19%, 26% और 23% की CAGR से बढ़ेंगे।

रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि मजबूत फ्री कैश फ्लो जेनरेशन, ₹1,000 करोड़ की नेट कैश पोजीशन और बेहतर होते रिटर्न रेश्यो इस स्टॉक को FY28 के अनुमानित प्राइस-टू-अर्निंग्स रेश्यो के 21 गुना पर आकर्षक बनाते हैं।

लगातार ऑर्डर मिलना

मोतीलाल ओसवाल ने कहा कि पिछले छह महीनों में, VA Tech Wabag ने भारत और विदेशी बाजारों में कई तरह के कामों के लिए कई बेहतरीन ऑर्डर हासिल किए हैं।

हाल ही में इसने जामनगर में रिलायंस इंडस्ट्रीज से EPT काम के लिए ₹250 करोड़ का रिपीट ऑर्डर जीता है, और कुवैत तथा UAE के बाजारों में क्रमशः ₹100 करोड़ और ₹600 करोड़ के ऑर्डर हासिल करके प्रवेश किया है। भारत में, VA Tech Wabag ने नए ऑर्डर हासिल करके BWSSB और DJB के साथ अपने पुराने रिश्तों को और मजबूत किया है। वहीं यूरोप में, कंपनी ने ऑस्ट्रिया में Donauinsel Water Works से एक प्रोजेक्ट हासिल किया है। Motilal Oswal ने यह भी बताया कि चेन्नई का डिसेलिनेशन (खारे पानी को मीठा बनाने का) प्रोजेक्ट भी धीरे-धीरे पूरा होने की ओर बढ़ रहा है।

कंपनी ने कहा कि विदेशी प्रोजेक्ट्स से कंपनी का 50% रेवेन्यू आता है और ऑर्डर बुक में भी इनका बड़ा हिस्सा है। ब्रोकरेज का कहना है कि डिसेलिनेशन प्लांट की अहमियत और उनकी ज़रूरत को देखते हुए, कंपनी का कामकाज बिना किसी रुकावट के चलता रहेगा।

मुनाफे के साथ ग्रोथ और कैश फ्लो

कंपनी ने कहा कि भारतीय प्रोजेक्ट्स की तुलना में वेस्ट एशिया और दूसरे विदेशी प्रोजेक्ट्स वर्किंग कैपिटल साइकिल और कैश फ्लो जेनरेशन के मामले में बेहतर स्थिति में हैं।

Motilal Oswal ने कहा कि VA Tech Wabag का EP, इंडस्ट्रियल और ऑपरेशन एंड मेंटेनेंस जैसे ज़्यादा मार्जिन वाले सेगमेंट में बड़े प्रोजेक्ट्स को पूरा करने पर ज़्यादा ध्यान देना मार्जिन के लिए अच्छा संकेत है।

स्टॉक पर असर

VA Tech Wabag पर नज़र रखने वाले सभी 13 एनालिस्ट ने इसे “खरीदने” (buy) की सलाह दी है। इस साल अब तक स्टॉक में 50% की बढ़त हुई है, लेकिन यह अभी भी अपने रिकॉर्ड हाई ₹2,319 से 15% नीचे है, जो इस साल 15 सितंबर को बना था।

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सत्येंद्र जैन को मिली जमानत, DJB STP टेंडर घोटाले में कोर्ट का बड़ा फैसला

सत्येंद्र जैन को मिली जमानत, DJB STP टेंडर घोटाले में कोर्ट का बड़ा फैसला

satyendra jain

दिल्ली के पूर्व मंत्री सत्येंद्र जैन को गुरुवार को राउज एवेन्यू कोर्ट ने जमानत दे दी। उन्हें 2 लाख रुपये के जमानती बॉन्ड और उतनी ही राशि के 2 जमानती बॉन्ड पर जमानत दी गई है। सत्येंद्र जैन समेत 6 लोगों को एंटी-करप्शन ब्रांच ने DJB STP टेंडर घोटाले के मामले में गिरफ्तार किया था। ALSO READ: पंजाब SIR में राघव चड्ढा का नाम वोटर लिस्ट से कटा! AAP सरकार पर भड़के BJP सांसद

 

विशेष न्यायाधीश (पीसी एक्ट) दिग्विजय सिंह ने जैन की जमानत याचिका पर सुनवाई करते हुए सत्येंद्र जैन जमानत दे दी। AAP नेता सौरभ भारद्वाज ने सत्येंद्र जैन की जमानत पर खुशी जताई है। उन्होंने सोशल मीडिया साइट एक्स पर अपनी पोस्ट में लिखा, सत्येंद्र जैन को जमानत मिली। भाजपा का ऑपरेशन पंजाब फेल। 'सत्यमेव जयते'।

एसीबी ने जमानत का विरोध करते हुए अदालत के समक्ष दावा किया कि सत्येंद्र जैन आदतन अपराधी हैं।  जमानत याचिका पर फैसला करते समय इस पहलू को भी ध्यान में रखा जाना चाहिए।

 

एसीबी के प्रमुख सयुंक्त पुलिस आयुक्त विक्रमजीत सिंह ने बताया था कि मामला एसटीपी के उन्नयन और क्षमता बढ़ाने के लिए जारी टेंडरों में बड़े पैमाने पर अनियमितता, टेंडर शर्तों में हेरफेर और आपराधिक साजिश से जुड़ा था।

 

जांच में सामने आया था कि टेंडर में ऐसी तकनीकी शर्तें शामिल की गईं, जिनसे एक खास तकनीक और उसके प्रदाता यूरोटेक को फायदा हुआ। इससे प्रतिस्पर्धा सीमित हुई और सरकारी खजाने पर वित्तीय बोझ पड़ा।

 

एसीबी ने इस मामले में 11 मई 2024 को एफआईआर दर्ज की थी। इसमें भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं के साथ धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात और आपराधिक साजिश की धाराएं लगाई गई हैं। एजेंसी का दावा है कि मामले में पैसों के पूरे लेन-देन और अपराध से अर्जित रकम की जांच जारी है।

Delhi 2047 का मास्टर प्लान पास, DDA के पुराने मकानों को मिलेगी नई जिंदगी! मेट्रो, सड़क सब पर असर

Delhi Master Plan 2047: दिल्ली के विकास को लेकर दिल्ली विकास प्राधिकरण यानी DDA ने कई बड़े फैसले लिए हैं। DDA की बैठक में Master Plan for Delhi-2047 को मंजूरी दी गई। बैठक की अध्यक्षता दिल्ली के उपराज्यपाल और DDA के चेयरमैन सरदार तरनजीत सिंह संधू ने की। अब इस प्लान को अंतिम मंजूरी के लिए केंद्रीय आवास एवं शहरी मामलों के मंत्रालय को भेजा जाएगा।

दिल्ली का विकास कैसे होगा?

Master Plan 2047 में दिल्ली के आने वाले वर्षों के विकास की रूपरेखा तैयार की गई है। इसमें आवास, रोजगार, ट्रांसपोर्ट, पर्यावरण और इंफ्रास्ट्रक्चर पर फोकस रहेगा। बढ़ती आबादी को देखते हुए शहर के विकास को एक साथ कई क्षेत्रों से जोड़ने की कोशिश की गई है।

इसमें पुराने इलाकों को बेहतर बनाने, ऐतिहासिक जगहों को बचाने और लोगों को बेहतर सुविधाएं देने पर भी ध्यान दिया गया है। प्लान तैयार करने से पहले दिल्ली सरकार, MCD, NDMC, DJB, DMRC, NCRTC और RWAs समेत कई संस्थाओं से चर्चा की गई थी।

पुराने DDA मकानों का पुनर्निर्माण आसान होगा

DDA ने पुराने दो मंजिला मकानों के पुनर्निर्माण के लिए एक समान नीति को भी मंजूरी दी है। इसका फायदा 50 साल से ज्यादा पुराने उन DDA मकानों को मिलेगा, जो अब जर्जर या कमजोर हो चुके हैं।

पहले ऐसे बने-बनाए मकानों के पुनर्विकास के लिए एक समान नियम नहीं थे। अब इन मकानों को खाली रिहायशी प्लॉट की तरह रीडेवपलमेंट का अधिकार मिलेगा। हालांकि, इसके लिए FAR, ग्राउंड कवरेज, ऊंचाई, फायर सेफ्टी और स्ट्रक्चरल सेफ्टी जैसे नियमों का पालन करना होगा।

रिठाला-कुंडली मेट्रो को भी बढ़ावा

DDA ने नरेला सब-सिटी में रिठाला-कुंडली मेट्रो कॉरिडोर के डिपो के लिए 19.63 हेक्टेयर जमीन का लैंड यूज बदलने को मंजूरी दी है। जमीन का इस्तेमाल अब ट्रांसपोर्टेशन के लिए किया जा सकेगा।

रिठाला से कुंडली तक मेट्रो विस्तार से नॉर्थ-वेस्ट दिल्ली, रोहिणी और नरेला की कनेक्टिविटी बेहतर होने की उम्मीद है। इससे हरियाणा के कुंडली तक पहुंच भी आसान होगी। DDA को उम्मीद है कि इससे नरेला में आवास, रिटेल, हॉस्पिटैलिटी और दूसरे कारोबार को बढ़ावा मिलेगा।

बिल्डिंग परमिशन में भी राहत

DDA ने Unified Building Bye-Laws यानी UBBL-2016 में बदलाव को मंजूरी दी है। इसका मकसद बिल्डिंग प्लान की मंजूरी को आसान बनाना है।

अब बिल्डिंग परमिट के लिए DPCC, Chief Inspector of Factories, Delhi Jal Board और Forest Department से पहले NOC लेने की जरूरत को हटाने का प्रावधान किया गया है। इससे प्रोजेक्ट की मंजूरी में लगने वाला समय कम हो सकता है।

कई जमीनों के लैंड यूज में बदलाव

DDA ने रोशनपुरा में 7,978 वर्ग मीटर जमीन का लैंड यूज बदलने को भी मंजूरी दी है। यहां Veterinary Council of India का मुख्यालय बनाया जाना है। सरोजिनी नगर के पास 24,400 वर्ग मीटर जमीन को ट्रांसपोर्टेशन से रेजिडेंशियल में बदलने का प्रस्ताव भी मंजूर हुआ है।

इसके अलावा Copernicus Lane में तीन प्लॉट का लैंड यूज रेजिडेंशियल से पब्लिक और सेमी-पब्लिक करने की मंजूरी दी गई। यहां भारतीय विद्या भवन अपनी उच्च शिक्षा और रिसर्च गतिविधियों का विस्तार करना चाहता है।

DDA ने मंगोलपुरी और केशोपुर के कुछ इंडस्ट्रियल एरिया को डी-नोटिफाई करने का फैसला भी लिया। वहीं, Gazipur में Waste-to-Energy प्लांट के लिए जमीन का लैंड यूज कमर्शियल से यूटिलिटी करने को मंजूरी दी गई है। इसके साथ ग्रीन एरिया बढ़ाने के लिए भी जमीन के इस्तेमाल में बदलाव किया गया है।

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Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जागरूकता के लिए है। किसी भी निवेश, लोन, टैक्स, बीमा या दूसरे वित्तीय फैसले लेने से पहले संबंधित एक्सपर्ट्स से सलाह जरूर लें। मनीकंट्रोल किसी भी फाइनेंशियल प्रोडक्ट या सर्विस की सिफारिश नहीं करता।

South Delhi Water Crisis: दिल्ली के कई इलाकों में होगी पानी की किल्लत, DJB ने जारी किया अपडेट

South Delhi Water Crisis: अगर आप दक्षिण दिल्ली के इलाकों में रहते हैं, तो आपको पानी की किल्लत का सामना करना पड़ सकता है। दरअसल, अधिकारियों ने मंगलवार को बताया कि दिल्ली जल बोर्ड द्वारा सोनिया विहार वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट में मरम्मत का काम किए जाने के कारण दक्षिण दिल्ली के कुछ इलाकों में पानी की सप्लाई प्रभावित रही।

दिल्ली जल बोर्ड ने कहा, “साउथ दिल्ली मेन लाइन पर जरूरी रखरखाव कार्य के कारण 22 जुलाई 2026 को सुबह 10 बजे से सोनिया विहार वाटर ट्रीटमेंट प्लांट से होने वाली पानी की सप्लाई प्रभावित रहेगी। 22 जुलाई की शाम को पानी की सप्लाई नहीं होगी, जबकि 23 जुलाई की सुबह पानी लो प्रेशर के साथ उपलब्ध होगा।”

दिल्ली जल बोर्ड ने प्रभावित इलाकों के निवासियों से अनुरोध है कि वे अपनी जरूरत के हिसाब से पहले ही पर्याप्त पानी जमा कर लें। बोर्ड ने आगे कहा कि जरूरत पड़ने पर तय हेल्पलाइन नंबरों के जरिए अनुरोध करने पर DJB टैंकर उपलब्ध कराए जाएंगे।

प्रभावित होने वाले इलाकों में लाजपत नगर, ग्रेटर कैलाश साउथ, छतरपुर, निजामुद्दीन, ओखला, मालवीय नगर, सरिता विहार और आसपास के क्षेत्र शामिल है।

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