Delhi Holiday: दिल्ली में 11 सितंबर से लेकर लगातार 3 दिन छुट्टी! जानिए क्या बंद रहेगा और कौन सी सर्विस रहेंगी चालू

BRICS Summit 2026 In Delhi: राष्ट्रीय राजधानी में होने वाले 18वें ब्रिक्स लीडर्स समिट को देखते हुए दिल्ली में केंद्र सरकार के सभी दफ्तर 11 सितंबर 2026 (शुक्रवार) को बंद रहेंगे। BRICS समिट 2026 के लिए बड़े पैमाने पर लॉजिस्टिकल इंतजाम करने और आम लोगों को होने वाली परेशानी को कम करने के लिए नई दिल्ली इलाके में सभी केंद्र सरकार के ऑफिस शुक्रवार, 11 सितंबर 2026 को बंद रहेंगे।

सरकार ने गुरुवार (3 सितंबर) को इस बारे में एक नोटिफिकेशन जारी कर कहा कि BRICS बिजनेस फोरम और 18वां BRICS लीडर्स समिट 11 से 13 सितंबर 2026 को नई दिल्ली के ‘भारत मंडपम’ में आयोजित किया जाएगा। इस समिट में लगभग तीस BRICS सदस्य और पार्टनर देशों के नेता, इंटरनेशनल संगठनों के प्रमुख और भारत सहित BRICS देशों के बिजनेस प्रतिनिधि शामिल होंगे।

लगातार तीन दिन मिलेगी छुट्टी

कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन मंत्रालय की तरफ से गुरुवार (3 सितंबर) को जारी एक आधिकारिक आदेश के अनुसार, दिल्ली और नई दिल्ली में केंद्र सरकार के दफ्तरों को बंद करने का फैसला इस कार्यक्रम के बड़े पैमाने और इस हाई-लेवल समिट के आयोजन के लिए ज़रूरी बड़े लॉजिस्टिकल इंतज़ामों को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। 11 सितंबर के अगले दिन शनिवार और रविवार है। यानी केंद्रीय कर्मचारियों को 11 सितंबर से लगातार तीन दिन छुट्टी मिलेगी।

11 से 13 सितंबर तक आयोजित होगा समिट

BRICS बिजनेस फोरम और 18वां BRICS लीडर्स समिट नई दिल्ली के ‘भारत मंडपम’ में 11 से 13 सितंबर तक आयोजित होने हैं। इस समिट में भारत समेत BRICS देशों के बिजनेस प्रतिनिधियों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों के प्रमुखों के अलावा, लगभग 30 BRICS सदस्य और पार्टनर देशों के नेता शामिल होंगे। इस कदम का मकसद समिट के दौरान आम जनता को होने वाली परेशानी को कम करना भी है। इसके लिए राजधानी में बड़े पैमाने पर सुरक्षा और ट्रैफिक इंतजाम किए जाएंगे। यह बंदी 11 सितंबर (शुक्रवार) को लागू होगी। जबकि 12 और 13 सितंबर को क्रमशः शनिवार और रविवार है।

BRICS देशों के दिग्गज होंगे शामिल

एक आदेश में कहा गया है, “मुझे यह बताने का निर्देश दिया गया है कि BRICS बिजनेस फोरम और 18वां BRICS लीडर्स समिट 11-13 सितंबर, 2026 को भारत मंडपम, नई दिल्ली में आयोजित होने वाला है। समिट में लगभग तीस BRICS सदस्य और पार्टनर देशों के नेता, अंतरराष्ट्रीय संगठनों के प्रमुख और भारत सहित BRICS देशों के बिजनेस प्रतिनिधि शामिल होंगे। इस कार्यक्रम के बड़े पैमाने और इसमें शामिल लॉजिस्टिकल इंतजामों को देखते हुए और आम जनता को होने वाली परेशानी को कम करने के लिए यह निर्णय लिया गया है कि दिल्ली/नई दिल्ली में स्थित केंद्र सरकार के दफ्तर शुक्रवार, 11 सितंबर 2026 को बंद रखे जाएं (12 और 13 सितंबर 2026 को क्रमशः शनिवार और रविवार है)।”

25 शहरों में 350 से ज्यादा बैठकें होंगी

इस साल भारत की अध्यक्षता में ब्रिक्स समिट देश भर के 25 से ज्यादा शहरों में 350 से अधिक बैठकें और उच्च-स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों और बिजनेस-टू-बिजनेस तथा लोगों के बीच आपसी पहल के जरिए भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता ने व्यावहारिक और विकास-उन्मुख नतीजों के माध्यम से ब्रिक्स सहयोग को आगे बढ़ाने में योगदान दिया है।

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भारत ‘ब्रिक्स’ का एक संस्थापक सदस्य है। इससे पहले भारत 2012, 2016 और 2021 में इसकी अध्यक्षता कर चुका है। भारत ने 1 जनवरी 2026 को चौथी बार ब्रिक्स की अध्यक्षता संभाली। साल 2026 एक महत्वपूर्ण पड़ाव भी है क्योंकि ब्रिक्स अपनी स्थापना के बीस साल पूरे कर रहा है।

जल बोर्ड टेंडर घोटाले में बड़ा एक्शन, AAP नेता सत्येंद्र जैन गिरफ्तार, 1.52 करोड़ की रिश्वत का आरोप

दिल्ली के पूर्व मंत्री और आम आदमी पार्टी के नेता सत्येंद्र जैन समेत छह लोगों को एंटी करप्शन ब्रांच (एसीबी) ने गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई दिल्ली जल बोर्ड के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) से जुड़े टेंडरों में कथित गड़बड़ी और हेरफेर के मामले में की गई है। सत्येंद्र जैन के अलावा दिल्ली जल बोर्ड के पूर्व सीईओ उदित प्रकाश राय, पूर्व कॉन्ट्रैक्ट सलाहकार अंकित श्रीवास्तव, एएन एंटरप्राइजेज के मालिक नागेंद्र यादव, यूरोटेक एनवायरनमेंट प्राइवेट लिमिटेड के मालिक राजा कुमार कुर्रा और सृजनहार के मालिक पंकज वर्मा को भी इस मामले में गिरफ्तार किया गया है।

यह मामला डायरेक्टोरेट ऑफ विजिलेंस की शिकायत के आधार पर दर्ज किया गया था। शिकायत में दिल्ली जल बोर्ड के सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट को बेहतर बनाने और अपग्रेड करने के लिए जारी टेंडर प्रक्रिया में कथित तौर पर बड़े स्तर पर गड़बड़ी का आरोप लगाया गया था। जांच एजेंसी का आरोप है कि टेंडर की शर्तों में कथित तौर पर बदलाव किए गए और कुछ कंपनियों को फायदा पहुंचाने की कोशिश की गई। एसीबी इस मामले में गिरफ्तार किए गए लोगों से पूछताछ कर रही है और टेंडर प्रक्रिया से जुड़ी पूरी जानकारी की जांच की जा रही है।

इन धाराओं में दर्ज हुआ केस

एंटी करप्शन ब्रांच (एसीबी) के मुताबिक, आरोपियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 7, 7ए, 9 और 13 के तहत मामला दर्ज किया गया है। इसके अलावा भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) की धारा 420, 409, 418 और 120-बी भी लगाई गई हैं।

टेंडर की शर्तों में हेरफेर का आरोप

एसीबी का आरोप है कि दिल्ली जल बोर्ड के टेंडर में ऐसी तकनीकी शर्तें और नियम शामिल किए गए, जिनसे एक खास कंपनी को फायदा पहुंच सकता था। जांच एजेंसी के मुताबिक, इन शर्तों से यूरोटेक एनवायरनमेंट प्राइवेट लिमिटेड को कथित तौर पर फायदा पहुंचाने की कोशिश की गई। एसीबी का कहना है कि टेंडर की शर्तों ने दूसरी कंपनियों के लिए मुकाबले का मौका सीमित कर दिया और एक निजी कंपनी को अनुचित लाभ मिला।

जांच में टेंडर प्रक्रिया से जुड़ी कई कथित अनियमितताएं भी सामने आई हैं। इनमें प्रस्तावित पायलट प्रोजेक्ट का नहीं किया जाना, इस्तेमाल होने वाली तकनीक या फिल्टर मीडिया को लेकर ऐसी शर्तें रखना जिनसे दूसरी कंपनियों की भागीदारी सीमित हो सकती थी, साफ किए गए पानी की गुणवत्ता के लिए जरूरी मानक तय नहीं करना और बाद में टेंडर की तकनीकी शर्तों में बदलाव करना शामिल है। एसीबी अब इन सभी आरोपों की जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि टेंडर प्रक्रिया में नियमों का उल्लंघन किस स्तर पर और किसके निर्देश पर हुआ।

एंटी करप्शन ब्रांच (एसीबी) ने कहा कि टेंडर की शर्तों में किए गए कथित बदलावों से सरकारी खजाने पर बड़ा वित्तीय बोझ पड़ा। एजेंसी के मुताबिक, इलेक्ट्रॉनिक सबूतों की जांच में प्राइवेट कंपनियों के लोगों, सरकारी कर्मचारियों और बिचौलियों के बीच सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) प्रोजेक्ट से जुड़े टेंडर की शर्तों, उनमें किए गए बदलाव और दूसरे दस्तावेजों को लेकर बातचीत के सबूत मिले हैं। एसीबी का कहना है कि बातचीत में जिन कई शर्तों और दस्तावेजों का जिक्र था, उन्हें बाद में दिल्ली जल बोर्ड की ओर से जारी किए गए टेंडर में शामिल कर लिया गया। जांच एजेंसी को शक है कि प्राइवेट कंपनियों और सरकारी अधिकारियों के बीच कथित मिलीभगत हुई थी। इसका मकसद एक खास तकनीक देने वाली कंपनी के पक्ष में टेंडर की शर्तों को प्रभावित करना था।

पूर्व सीईओ को 1.52 करोड़ रुपये की रिश्वत देने का आरोप

एसीबी ने आरोप लगाया है कि सृजनहार और एएन एंटरप्राइजेज जैसी बीच की कंपनियों के जरिए कमीशन या रिश्वत के तौर पर पैसों का लेन-देन किया गया। एजेंसी के मुताबिक, वित्तीय जांच में पता चला कि यूरोटेक से कथित तौर पर जुड़ी कंपनियों से आरोपी नागेंद्र यादव की कंपनी में बड़ी रकम ट्रांसफर की गई थी। एसीबी अब इन पैसों के लेन-देन और टेंडर प्रक्रिया के बीच संबंध की जांच कर रही है। एसीबी का यह भी आरोप है कि इस पूरे मामले में दिल्ली जल बोर्ड के पूर्व सीईओ उदित प्रकाश राय को कथित तौर पर 1.52 करोड़ रुपये की रिश्वत दी गई थी।

एंटी करप्शन ब्रांच (एसीबी) ने आरोप लगाया है कि बाद में यह रकम दिल्ली जल बोर्ड के पूर्व सीईओ उदित प्रकाश राय और उनके कुछ रिश्तेदारों के बैंक खातों में भेजी गई।एसीबी ने अपने बयान में कहा कि जांच के दौरान पता चला है कि उस समय दिल्ली जल बोर्ड के सीईओ रहे उदित प्रकाश राय को एएन एंटरप्राइजेज के जरिए बैंकिंग चैनल से करीब 1.52 करोड़ रुपये की कथित रिश्वत मिली। एजेंसी के मुताबिक, यह रकम राय के अलावा उनके कुछ रिश्तेदारों के बैंक खातों में भी ट्रांसफर की गई थी।

जांच एजेंसी का आरोप है कि बाद में इस पैसे का इस्तेमाल अचल संपत्ति खरीदने के लिए किया गया। एसीबी का यह भी कहना है कि एएन एंटरप्राइजेज के जरिए भेजी गई रकम कथित तौर पर तकनीक उपलब्ध कराने वाली कंपनी यूरोटेक से जुड़ी थी। एसीबी ने बताया कि वह इस मामले में पैसों के पूरे लेन-देन की कड़ी यानी मनी ट्रेल की जांच कर रही है। एजेंसी यह भी पता लगा रही है कि कथित भ्रष्टाचार से हासिल रकम कहां-कहां इस्तेमाल हुई और इसमें कौन-कौन लोग शामिल थे।

South Delhi Water Crisis: दिल्ली के कई इलाकों में होगी पानी की किल्लत, DJB ने जारी किया अपडेट

South Delhi Water Crisis: अगर आप दक्षिण दिल्ली के इलाकों में रहते हैं, तो आपको पानी की किल्लत का सामना करना पड़ सकता है। दरअसल, अधिकारियों ने मंगलवार को बताया कि दिल्ली जल बोर्ड द्वारा सोनिया विहार वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट में मरम्मत का काम किए जाने के कारण दक्षिण दिल्ली के कुछ इलाकों में पानी की सप्लाई प्रभावित रही।

दिल्ली जल बोर्ड ने कहा, “साउथ दिल्ली मेन लाइन पर जरूरी रखरखाव कार्य के कारण 22 जुलाई 2026 को सुबह 10 बजे से सोनिया विहार वाटर ट्रीटमेंट प्लांट से होने वाली पानी की सप्लाई प्रभावित रहेगी। 22 जुलाई की शाम को पानी की सप्लाई नहीं होगी, जबकि 23 जुलाई की सुबह पानी लो प्रेशर के साथ उपलब्ध होगा।”

दिल्ली जल बोर्ड ने प्रभावित इलाकों के निवासियों से अनुरोध है कि वे अपनी जरूरत के हिसाब से पहले ही पर्याप्त पानी जमा कर लें। बोर्ड ने आगे कहा कि जरूरत पड़ने पर तय हेल्पलाइन नंबरों के जरिए अनुरोध करने पर DJB टैंकर उपलब्ध कराए जाएंगे।

प्रभावित होने वाले इलाकों में लाजपत नगर, ग्रेटर कैलाश साउथ, छतरपुर, निजामुद्दीन, ओखला, मालवीय नगर, सरिता विहार और आसपास के क्षेत्र शामिल है।

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