दिल्ली मास्टर प्लान 2027 के तहत राजधानी का बदलेगा पूरा नक्शा, 40 लाख नए फ्लैट और मेट्रो नेटवर्क का होगा विस्तार

Delhi Master Plan 2047: केंद्रीय आवास और शहरी मामलों के मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने गुरुवार, 20 अगस्त को ‘दिल्ली मास्टर प्लान 2047’ (MPD-2047) जारी किया। इस प्लान में लगभग 40 लाख नए घर बनाने, दिल्ली के मेट्रो नेटवर्क को 695 किलोमीटर तक बढ़ाने और लगभग 383 किलोमीटर का RRTS नेटवर्क बनाने का प्रस्ताव है।

खट्टर ने इसे दिल्ली के लिए एक “ऐतिहासिक दिन” बताया और कहा कि यह प्लान ‘विकसित भारत’ के विजन के अनुरूप है। इसका मकसद दिल्ली को एक वर्ल्ड-क्लास शहर बनाना और साथ ही इसके विकास को ज्यादा टिकाऊ बनाना है।

फिलहाल, अभी दिल्ली की आबादी करीब 2.4 करोड़ है। यहां पर करीब 520 वर्ग किलोमीटर कृषि भूमि और 180 वर्ग किलोमीटर रिज व वन क्षेत्र भी हैं। मनोहर लाल ने कहा कि दिल्ली के विकास के साथ इन प्राकृतिक इलाकों को बचाना भी बेहद जरूरी है।

2047 तक बनेंगे करीब 40 लाख नए घर

MPD-2047 में दिल्ली में करीब 40 लाख नए घर बनाने का लक्ष्य रखा गया है। इसमें किफायती घरों (Affordable Housing) पर खास फोकस रहेगा। आबादी बढ़ने और परिवारों के आकार में बदलाव को देखते हुए अनुमान है कि 2047 तक दिल्ली को करीब 40 लाख अतिरिक्त घरों की जरूरत होगी।

इस प्लान में दिल्ली के मौजूदा इलाकों को फिर से विकसित (री-डेवलप) करने और ज्यादा घनी आबादी वाले विकास की अनुमति देने का प्रस्ताव है। इससे ज्यादा लोगों के लिए घर उपलब्ध हो सकेंगे और शहर की बुनियादी सुविधाओं को भी बेहतर बनाया जा सकेगा।

‘जहां झुग्गी, वहां मकान’ के सिद्धांत के तहत झुग्गी बस्तियों और JJ क्लस्टर्स को उसी इलाके में दोबारा बसाया जाएगा। वहीं, अनधिकृत कॉलोनियों के विकास, नियमितीकरण और पुनर्विकास के लिए भी एक अलग व्यवस्था तैयार की जाएगी।

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि रिहायशी इलाकों में 30 मीटर चौड़ी सड़कों के किनारे बनी इमारतों की ग्राउंड फ्लोर पर कमर्शियल गतिविधियों की इजाजत होगी।

695 किमी तक फैलेगा दिल्ली का मेट्रो नेटवर्क

फिलहाल, दिल्ली का मेट्रो नेटवर्क करीब 416 किलोमीटर लंबा है। MPD-2047 के तहत इसमें 279 किलोमीटर का और विस्तार करने की योजना है। इसके बाद दिल्ली का मेट्रो नेटवर्क बढ़कर करीब 695 किलोमीटर हो जाएगा।

इस प्लान में दिल्ली को गाजियाबाद, मेरठ, पानीपत, करनाल और अलवर से जोड़ने वाले लगभग 383 किलोमीटर लंबे RRTS नेटवर्क का भी प्रस्ताव है।

इसके अलावा, दिल्ली के आनंद विहार में मल्टी-मॉडल ट्रांजिट हब भी बनाए जाएंगे, जो ट्रांसपोर्ट के अलग-अलग साधनों को एक ही जगह पर जोड़ेंगे।

कुल मिलाकर, मास्टर प्लान में बताया गया है कि दिल्ली 2047 तक अपनी हाउसिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर की जरूरतों को कैसे पूरा करेगी, साथ ही शहर की खेती की जमीन, रिज और जंगल वाले इलाकों को भी बचाकर रखेगी।

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Delhi 2047 का मास्टर प्लान पास, DDA के पुराने मकानों को मिलेगी नई जिंदगी! मेट्रो, सड़क सब पर असर

Delhi Master Plan 2047: दिल्ली के विकास को लेकर दिल्ली विकास प्राधिकरण यानी DDA ने कई बड़े फैसले लिए हैं। DDA की बैठक में Master Plan for Delhi-2047 को मंजूरी दी गई। बैठक की अध्यक्षता दिल्ली के उपराज्यपाल और DDA के चेयरमैन सरदार तरनजीत सिंह संधू ने की। अब इस प्लान को अंतिम मंजूरी के लिए केंद्रीय आवास एवं शहरी मामलों के मंत्रालय को भेजा जाएगा।

दिल्ली का विकास कैसे होगा?

Master Plan 2047 में दिल्ली के आने वाले वर्षों के विकास की रूपरेखा तैयार की गई है। इसमें आवास, रोजगार, ट्रांसपोर्ट, पर्यावरण और इंफ्रास्ट्रक्चर पर फोकस रहेगा। बढ़ती आबादी को देखते हुए शहर के विकास को एक साथ कई क्षेत्रों से जोड़ने की कोशिश की गई है।

इसमें पुराने इलाकों को बेहतर बनाने, ऐतिहासिक जगहों को बचाने और लोगों को बेहतर सुविधाएं देने पर भी ध्यान दिया गया है। प्लान तैयार करने से पहले दिल्ली सरकार, MCD, NDMC, DJB, DMRC, NCRTC और RWAs समेत कई संस्थाओं से चर्चा की गई थी।

पुराने DDA मकानों का पुनर्निर्माण आसान होगा

DDA ने पुराने दो मंजिला मकानों के पुनर्निर्माण के लिए एक समान नीति को भी मंजूरी दी है। इसका फायदा 50 साल से ज्यादा पुराने उन DDA मकानों को मिलेगा, जो अब जर्जर या कमजोर हो चुके हैं।

पहले ऐसे बने-बनाए मकानों के पुनर्विकास के लिए एक समान नियम नहीं थे। अब इन मकानों को खाली रिहायशी प्लॉट की तरह रीडेवपलमेंट का अधिकार मिलेगा। हालांकि, इसके लिए FAR, ग्राउंड कवरेज, ऊंचाई, फायर सेफ्टी और स्ट्रक्चरल सेफ्टी जैसे नियमों का पालन करना होगा।

रिठाला-कुंडली मेट्रो को भी बढ़ावा

DDA ने नरेला सब-सिटी में रिठाला-कुंडली मेट्रो कॉरिडोर के डिपो के लिए 19.63 हेक्टेयर जमीन का लैंड यूज बदलने को मंजूरी दी है। जमीन का इस्तेमाल अब ट्रांसपोर्टेशन के लिए किया जा सकेगा।

रिठाला से कुंडली तक मेट्रो विस्तार से नॉर्थ-वेस्ट दिल्ली, रोहिणी और नरेला की कनेक्टिविटी बेहतर होने की उम्मीद है। इससे हरियाणा के कुंडली तक पहुंच भी आसान होगी। DDA को उम्मीद है कि इससे नरेला में आवास, रिटेल, हॉस्पिटैलिटी और दूसरे कारोबार को बढ़ावा मिलेगा।

बिल्डिंग परमिशन में भी राहत

DDA ने Unified Building Bye-Laws यानी UBBL-2016 में बदलाव को मंजूरी दी है। इसका मकसद बिल्डिंग प्लान की मंजूरी को आसान बनाना है।

अब बिल्डिंग परमिट के लिए DPCC, Chief Inspector of Factories, Delhi Jal Board और Forest Department से पहले NOC लेने की जरूरत को हटाने का प्रावधान किया गया है। इससे प्रोजेक्ट की मंजूरी में लगने वाला समय कम हो सकता है।

कई जमीनों के लैंड यूज में बदलाव

DDA ने रोशनपुरा में 7,978 वर्ग मीटर जमीन का लैंड यूज बदलने को भी मंजूरी दी है। यहां Veterinary Council of India का मुख्यालय बनाया जाना है। सरोजिनी नगर के पास 24,400 वर्ग मीटर जमीन को ट्रांसपोर्टेशन से रेजिडेंशियल में बदलने का प्रस्ताव भी मंजूर हुआ है।

इसके अलावा Copernicus Lane में तीन प्लॉट का लैंड यूज रेजिडेंशियल से पब्लिक और सेमी-पब्लिक करने की मंजूरी दी गई। यहां भारतीय विद्या भवन अपनी उच्च शिक्षा और रिसर्च गतिविधियों का विस्तार करना चाहता है।

DDA ने मंगोलपुरी और केशोपुर के कुछ इंडस्ट्रियल एरिया को डी-नोटिफाई करने का फैसला भी लिया। वहीं, Gazipur में Waste-to-Energy प्लांट के लिए जमीन का लैंड यूज कमर्शियल से यूटिलिटी करने को मंजूरी दी गई है। इसके साथ ग्रीन एरिया बढ़ाने के लिए भी जमीन के इस्तेमाल में बदलाव किया गया है।

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Delhi Metro का मेगा प्लान! 15 नए इंटरचेंज स्टेशन बनेंगे, अब सफर होगा और आसान

दिल्ली मेट्रो आने वाले समय में यात्रियों के लिए 15 नए इंटरचेंज स्टेशन तैयार करने जा रही है। इनमें से 5 स्टेशन ऐसे होंगे, जहां एक साथ तीन मेट्रो लाइनों का आपस में जुड़ाव होगा। यह काम दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (डीएमआरसी) की फेज-4 और फेज-5ए विस्तार योजना के तहत बनाए जा रहे आठ नए मेट्रो कॉरिडोर के जरिए किया जाएगा। फिलहाल दिल्ली मेट्रो नेटवर्क में कुल 31 इंटरचेंज स्टेशन हैं। इनमें नोएडा-ग्रेटर नोएडा की एक्वा लाइन और गुरुग्राम रैपिड मेट्रो के दो स्टेशन भी शामिल हैं। अभी कश्मीरी गेट ही ऐसा इकलौता स्टेशन है, जहां तीन मेट्रो लाइनें आपस में मिलती हैं। सभी नए प्रोजेक्ट पूरे होने के बाद इंटरचेंज स्टेशनों की संख्या बढ़कर 46 हो जाएगी। इसके बाद मैजेंटा लाइन पर सबसे ज्यादा 22 इंटरचेंज स्टेशन होंगे। वहीं ब्लू लाइन पर 15 और पिंक लाइन पर 14 इंटरचेंज स्टेशन मौजूद होंगे।

5 नए ट्रिपल-इंटरचेंज स्टेशन बनाने का प्लान

फेज-4 और फेज-5ए विस्तार योजना के बाद दिल्ली मेट्रो में पांच नए ट्रिपल इंटरचेंज स्टेशन बनेंगे। इनमें नई दिल्ली, इंद्रलोक, लाजपत नगर, सेंट्रल सेक्रेटेरिएट और आजादपुर स्टेशन शामिल हैं। इन स्टेशनों पर एक साथ तीन मेट्रो लाइनों के बीच आसानी से सफर किया जा सकेगा। नई दिल्ली स्टेशन पर अभी येलो लाइन और एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन का इंटरचेंज है। नए विस्तार के बाद इसे मैजेंटा लाइन से भी जोड़ दिया जाएगा। वहीं इंद्रलोक स्टेशन, जहां अभी रेड और ग्रीन लाइन मिलती हैं, उसे भी मैजेंटा लाइन से जोड़ा जाएगा।

  • नई दिल्ली
  • इंदरलोक
  • लाजपत नगर
  • सेंट्रल सेक्रेटेरिएट
  • आजादपुर

लाजपत नगर स्टेशन भविष्य में वायलेट, पिंक और गोल्डन लाइन का प्रमुख जंक्शन बनेगा। वहीं आजादपुर स्टेशन येलो, पिंक और नई मैजेंटा लाइन को आपस में जोड़ेगा। इसके अलावा सेंट्रल सेक्रेटेरिएट स्टेशन भी तीन लाइनों वाला इंटरचेंज बन जाएगा, जहां येलो, वायलेट और नई मैजेंटा लाइन के बीच यात्री आसानी से सफर कर सकेंगे।

फेज IV में बनेंगे 11 और इंटरचेंज स्टेशन

फेज-4 विस्तार योजना के तहत दिल्ली गेट, इंद्रप्रस्थ, चिराग दिल्ली, साकेत जी ब्लॉक, छतरपुर, तुगलकाबाद, पीरागढ़ी, मधुबन चौक, पुलबंगश, आरके आश्रम मार्ग और नबी करीम को भी नए इंटरचेंज स्टेशन के रूप में विकसित किया जाएगा। इससे यात्रियों को अलग-अलग मेट्रो लाइनों के बीच आसानी से सफर करने की सुविधा मिलेगी। इसके अलावा दिल्ली एयरोसिटी और आईजीआई एयरपोर्ट टर्मिनल-1 पर भी दो नए इंटरचेंज स्टेशन बनाए जाएंगे। इससे इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय (आईजीआई) एयरपोर्ट तक पहुंचना पहले से ज्यादा आसान हो जाएगा।

  • दिल्ली गेट
  • इंद्रप्रस्थ
  • चिराग दिल्ली
  • साकेत G ब्लॉक
  • छतरपुर
  • तुगलकाबाद
  • पीरागढ़ी
  • मधुबन चौक
  • पुलबंगश
  • RK आश्रम मार्ग
  • नबी करीम

वहीं, फेज-5ए के नए मेट्रो कॉरिडोर शुरू होने के बाद शिवाजी स्टेडियम और कालिंदी कुंज भी इंटरचेंज स्टेशन बन जाएंगे। इससे यात्रियों को मेट्रो बदलने के लिए अधिक विकल्प मिलेंगे और सफर का समय भी कम होगा। डीएमआरसी के एक अधिकारी ने कहा कि नए मेट्रो कॉरिडोर और इंटरचेंज स्टेशनों के बनने से पूरे एनसीआर में दिल्ली मेट्रो का नेटवर्क और मजबूत होगा। इससे लोगों के लिए सार्वजनिक परिवहन पहले से अधिक सुविधाजनक और बेहतर बन जाएगा।

  • DMRC नेटवर्क में अभी 31 इंटरचेंज स्टेशन हैं
  • 15 नए इंटरचेंज स्टेशन
  • DMRC नेटवर्क में अभी 1 ट्रिपल इंटरचेंज स्टेशन है (कश्मीरी गेट)

नए इंटरचेंज से क्या फ़ायदा होगा:

  • तेजी से लाइन बदलना
  • बेहतर नेटवर्क कनेक्टिविटी
  • यात्रियों के लिए ज़्यादा रूट ऑप्शन
  • दिल्ली-NCR में यात्रा का समय कम होगा

नए कॉरिडोर जुड़ने के बाद इन मेट्रो लाइनों में सबसे ज़्यादा इंटरचेंज होंगे:

  • मैजेंटा: 22
  • पिंक: 14
  • ब्लू: 15

मेट्रो कॉरिडोर, एलिवेटेड रोड और फ्लाईओवर… 1647 करोड़ के ये 28 इन्फ्रा प्रोजेक्ट्स मंजूर, अब बदल जाएगी दिल्ली की सूरत

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली की रफ्तार और सूरत को बदलने के लिए एक बहुत बड़ी खुशखबरी सामने आई है। केंद्र सरकार ने दिल्ली में अलग-अलग परियोजनाओं के लिए 1647 करोड़ रुपये के फंड को मंजूरी दे दी है। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने रविवार को इस बात की जानकारी दी। इस भारी-भरकम बजट से दिल्ली में मेट्रो कॉरिडोर, बारापुला एलिवेटेड रोड, नए फ्लाईओवर और ईवी (इलेक्ट्रिक व्हीकल) चार्जिंग स्टेशन समेत कई बड़े प्रोजेक्ट्स पूरे किए जाएंगे। केंद्र सरकार ने पूंजीगत व्यय (कैपिटल एक्सपेंडिचर) को बढ़ाने के लिए दिल्ली सरकार के प्रयासों की सराहना करते हुए प्रोत्साहन के रूप में 756 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि को भी मंजूरी दी है। यह जानकारी दिल्ली मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा जारी एक बयान में दी गई है।

आइए विस्तार से जानते हैं कि इस योजना के तहत दिल्ली को क्या-क्या मिलने जा रहा है:

मंजूर हुए दिल्ली सरकार के सभी 28 बड़े प्रोजेक्ट्स

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि दिल्ली सरकार की ओर से प्रस्तावित सभी 28 प्रमुख कैपिटल प्रोजेक्ट्स को केंद्र सरकार ने हरी झंडी दे दी है। इन परियोजनाओं को केंद्र सरकार की SASCI योजना के तहत मंजूरी मिली है। मंजूर किए गए इन 28 प्रोजेक्ट्स में मुख्य रूप से ये चीजें शामिल हैं:

  • दिल्ली मेट्रो रेल परियोजनाएं: नए मेट्रो कॉरिडोर के विकास को रफ्तार मिलेगी।
  • बारापुला एलिवेटेड कॉरिडोर: इस महत्वपूर्ण कॉरिडोर के काम को आगे बढ़ाया जाएगा।
  • करावल नगर फ्लाईओवर: इस इलाके में जाम की समस्या से मुक्ति दिलाने के लिए फ्लाईओवर का निर्माण होगा।
  • डीटीसी डिपो में ईवी चार्जिंग स्टेशन: दिल्ली परिवहन निगम के डिपो में इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए चार्जिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर तैयार किया जाएगा।
  • सड़क बुनियादी ढांचा: इनके अलावा कई अन्य महत्वपूर्ण सड़क बुनियादी ढांचा परियोजनाएं भी इस मंजूरी का हिस्सा हैं।

क्या है SASCI स्कीम, इससे दिल्ली को मिला फंड?

ये सभी 28 प्रोजेक्ट्स केंद्र सरकार की स्पेशल असिस्टेंस टू स्टेट्स फॉर कैपिटल इन्वेस्टमेंट (SASCI) योजना के तहत मंजूर किए गए हैं। यह केंद्र सरकार की एक विशेष योजना है। इसके तहत राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के लिए पूरी तरह से ब्याज मुक्त वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है। यह योजना सिर्फ वित्तीय सहायता देने तक ही सीमित नहीं है बल्कि यह राज्यों द्वारा रणनीतिक सुधारों को लागू करने और पूंजीगत निवेश को बढ़ाने को प्रोत्साहित करने के लिए वित्तीय इंसेंटिव भी देती है। इसी के तहत दिल्ली को 756 करोड़ रुपये का अतिरिक्त इंसेंटिव मिला है।

समय पर काम पूरा करने के निर्देश

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि उनकी सरकार ने शुरुआत से ही इस योजना को प्राथमिकता दी है और दिल्ली की बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को इसके तहत मंजूरी दिलाने के लिए लगातार केंद्र सरकार से आग्रह किया था। अब फंड मंजूर होने के बाद, मुख्यमंत्री ने दिल्ली सरकार के वित्त विभाग को निर्देश दिए हैं कि वे इन स्वीकृत परियोजनाओं से जुड़े सभी संबंधित विभागों के साथ बेहतर तालमेल बिठाएं। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य की गति को तेजी से आगे बढ़ाना सुनिश्चित किया जाए, ताकि दिल्ली के निवासियों को जल्द से जल्द इन परियोजनाओं का लाभ मिल सके।