दिल्ली मास्टर प्लान 2027 के तहत राजधानी का बदलेगा पूरा नक्शा, 40 लाख नए फ्लैट और मेट्रो नेटवर्क का होगा विस्तार

Delhi Master Plan 2047: केंद्रीय आवास और शहरी मामलों के मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने गुरुवार, 20 अगस्त को ‘दिल्ली मास्टर प्लान 2047’ (MPD-2047) जारी किया। इस प्लान में लगभग 40 लाख नए घर बनाने, दिल्ली के मेट्रो नेटवर्क को 695 किलोमीटर तक बढ़ाने और लगभग 383 किलोमीटर का RRTS नेटवर्क बनाने का प्रस्ताव है।

खट्टर ने इसे दिल्ली के लिए एक “ऐतिहासिक दिन” बताया और कहा कि यह प्लान ‘विकसित भारत’ के विजन के अनुरूप है। इसका मकसद दिल्ली को एक वर्ल्ड-क्लास शहर बनाना और साथ ही इसके विकास को ज्यादा टिकाऊ बनाना है।

फिलहाल, अभी दिल्ली की आबादी करीब 2.4 करोड़ है। यहां पर करीब 520 वर्ग किलोमीटर कृषि भूमि और 180 वर्ग किलोमीटर रिज व वन क्षेत्र भी हैं। मनोहर लाल ने कहा कि दिल्ली के विकास के साथ इन प्राकृतिक इलाकों को बचाना भी बेहद जरूरी है।

2047 तक बनेंगे करीब 40 लाख नए घर

MPD-2047 में दिल्ली में करीब 40 लाख नए घर बनाने का लक्ष्य रखा गया है। इसमें किफायती घरों (Affordable Housing) पर खास फोकस रहेगा। आबादी बढ़ने और परिवारों के आकार में बदलाव को देखते हुए अनुमान है कि 2047 तक दिल्ली को करीब 40 लाख अतिरिक्त घरों की जरूरत होगी।

इस प्लान में दिल्ली के मौजूदा इलाकों को फिर से विकसित (री-डेवलप) करने और ज्यादा घनी आबादी वाले विकास की अनुमति देने का प्रस्ताव है। इससे ज्यादा लोगों के लिए घर उपलब्ध हो सकेंगे और शहर की बुनियादी सुविधाओं को भी बेहतर बनाया जा सकेगा।

‘जहां झुग्गी, वहां मकान’ के सिद्धांत के तहत झुग्गी बस्तियों और JJ क्लस्टर्स को उसी इलाके में दोबारा बसाया जाएगा। वहीं, अनधिकृत कॉलोनियों के विकास, नियमितीकरण और पुनर्विकास के लिए भी एक अलग व्यवस्था तैयार की जाएगी।

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि रिहायशी इलाकों में 30 मीटर चौड़ी सड़कों के किनारे बनी इमारतों की ग्राउंड फ्लोर पर कमर्शियल गतिविधियों की इजाजत होगी।

695 किमी तक फैलेगा दिल्ली का मेट्रो नेटवर्क

फिलहाल, दिल्ली का मेट्रो नेटवर्क करीब 416 किलोमीटर लंबा है। MPD-2047 के तहत इसमें 279 किलोमीटर का और विस्तार करने की योजना है। इसके बाद दिल्ली का मेट्रो नेटवर्क बढ़कर करीब 695 किलोमीटर हो जाएगा।

इस प्लान में दिल्ली को गाजियाबाद, मेरठ, पानीपत, करनाल और अलवर से जोड़ने वाले लगभग 383 किलोमीटर लंबे RRTS नेटवर्क का भी प्रस्ताव है।

इसके अलावा, दिल्ली के आनंद विहार में मल्टी-मॉडल ट्रांजिट हब भी बनाए जाएंगे, जो ट्रांसपोर्ट के अलग-अलग साधनों को एक ही जगह पर जोड़ेंगे।

कुल मिलाकर, मास्टर प्लान में बताया गया है कि दिल्ली 2047 तक अपनी हाउसिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर की जरूरतों को कैसे पूरा करेगी, साथ ही शहर की खेती की जमीन, रिज और जंगल वाले इलाकों को भी बचाकर रखेगी।

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दिल्ली लक्ष्मी योजना के तहत 26 अगस्त से बांटे जाएंगे सैंक्शंस लेटर, महिलाओं के खाते में इस दिन से आएंगे ₹2,500!

Delhi Lakshmi Yojana 2026: दिल्ली सरकार की ‘लक्ष्मी योजना’ के तहत पात्र महिलाओं को 26 अगस्त से आर्थिक सहायता के सैंक्शन लेटर मिलना शुरू हो जाएंगे। योजना के तहत पात्र महिलाओं को हर महीने 2,500 रुपये की वित्तीय सहायता दी जाएगी। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मंगलवार (18 अगस्त) को दिल्ली सचिवालय में हुई बैठक के बाद यह अहम जानकारी दी। मुख्यमंत्री ने बताया कि सैंक्शन लेटर जारी होने के बाद योजना की राशि सीधे लाभार्थी महिलाओं के बैंक अकाउंट में भेजी जाएगी। सरकार के अनुसार, 1 सितंबर से महिलाओं के खातों में 2,500 रुपये की राशि जमा होना शुरू हो जाएगी।

सरकार ने 1 अगस्त से इस योजना के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू की थी। आवेदन मिलने के बाद सरकार ने आवेदनकर्ताओं की जांच और लाभार्थियों के सत्यापन की प्रक्रिया शुरू की है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि योजना का लाभ पात्र महिलाओं तक समय पर पहुंचे और पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता बरती जाए।

कौन महिलाएं होंगी पात्र?

इस योजना का लाभ लेने के लिए महिला की उम्र 21 से 60 साल के बीच होनी चाहिए। साथ ही वह दिल्ली की निवासी हो और उसकी पारिवारिक आय निर्धारित सीमा के भीतर हो। आवेदन करने वाली महिला की आयु 18 साल से अधिक होने के साथ-साथ वह दिल्ली में कम से कम 10 वर्षों से रह रही होनी चाहिए। सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि महिला या उसके परिवार में कोई सरकारी कर्मचारी अथवा पेंशनभोगी होने पर वह योजना के लिए पात्र नहीं होगी। आयकर दाता परिवारों को भी योजना के दायरे से बाहर रखा गया है।

इसके अलावा, जो महिलाएं पहले से किसी अन्य सरकारी योजना के तहत नियमित आर्थिक सहायता प्राप्त कर रही हैं, वे भी इस योजना का लाभ नहीं ले सकेंगी। सरकारी नियमों के अनुसार, जिन महिलाओं या उनके परिवार के सदस्यों के पास चार पहिया वाहन है, उन्हें भी योजना का लाभ नहीं मिलेगा। इसके अलावा इलेक्ट्रिक वाहन को इस नियम से अलग रखा गया है।

बैंक खाते में सीधे पहुंचेगी स्कीम की राशि

सरकार ने योजना में भुगतान की प्रक्रिया को डिजिटल और पारदर्शी रखने पर जोर दिया है। पात्र महिलाओं को हर महीने 2,500 रुपये सीधे उनके बैंक अकाउंट में डायरेक्ट भेजे जाएंगे। इसके लिए लाभार्थी के बैंक खाते का सत्यापन किया जाएगा। सरकार के मुताबिक, यदि किसी महिला के परिवार में सरकारी कर्मचारी, आयकरदाता या निर्धारित सीमा से अधिक आय वाला सदस्य है, तो वह इस योजना के लिए पात्र नहीं होगी। वहीं, परिवार के किसी सदस्य के पास चार पहिया वाहन होने की स्थिति में भी आवेदन अस्वीकार किया जा सकता है।

आवेदन प्रक्रिया पर रखी जा रही नजर

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने अधिकारियों के साथ बैठक में योजना के क्रियान्वयन की समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि आवेदन प्रक्रिया में किसी भी तरह की अनियमितता न हो और पात्र महिलाओं को समय पर योजना का लाभ मिले। सरकार ने बताया कि आवेदन की जांच पूरी होने के बाद लाभार्थियों को स्वीकृति पत्र दिए जाएंगे।

26 अगस्त से स्वीकृति पत्र मिलने शुरू होंगे और 1 सितंबर से बैंक खातों में आर्थिक सहायता पहुंचने की प्रक्रिया शुरू होगी। सरकार का कहना है कि लक्ष्मी योजना का उद्देश्य दिल्ली की जरूरतमंद और पात्र महिलाओं को नियमित आर्थिक सहायता उपलब्ध कराकर उन्हें आर्थिक रूप से मजबूत बनाना है। योजना के लागू होने के बाद बड़ी संख्या में महिलाओं को हर महीने सीधे बैंक खाते में वित्तीय सहायता मिलने की उम्मीद है।

पैसा प्राप्त करने का विकल्प

लाभार्थियों को राशि प्राप्त करने के लिए विकल्प दिए गए हैं:-

पहला विकल्प: दैनिक खर्चों के लिए ₹1,000 प्रति माह सेंट्र्ल बैंक डिजिटल करेंसी (CBDC) वॉलेट में प्राप्त कर सकते हैं और बाकी ₹1,500 को आवर्ती जमा (RD) या फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) खाते में जमा करा सकते हैं।

दूसरा विकल्प: लंबी अवधि की बचत के लिए पूरी ₹2,500 की राशि को RD या FD में जमा करा सकते हैं।

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Delhi Lakshmi Yojana: हर महीने खाते में आएंगे ₹2,500! 2 मिनट में समझें अप्लाई करने का पूरा प्रोसेस

Delhi Laxmi Yojna Registration Process: दिल्ली सरकार ने राष्ट्रीय राजधानी की महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के लिए ‘दिल्ली लक्ष्मी योजना’ की शुरुआत की है। योजना के तहत परिवार की सबसे वरिष्ठ महिला सदस्य को ₹2,500 प्रति माह की वित्तीय सहायता दी जाएगी।

दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने लक्ष्मी योजना का आधिकारिक पोर्टल लॉन्च कर दिया है, जिस पर आवेदन मिलने भी शुरू हो चुके हैं। योजना शुरू होने के महज दो दिनों के भीतर ही 1.47 लाख से अधिक पंजीकरण हो चुके हैं। सरकार ने इसके लिए ₹5,100 करोड़ का बजट आवंटित किया है। आइए आपको बताते हैं इस योजना का लाभ उठाने के लिए कौन पात्र है, किन दस्तावेजों की आवश्यकता होगी और ऑनलाइन आवेदन कैसे करना है।

एक साथ खाते में नहीं आएंगे ₹2,500

दिल्ली लक्ष्मी योजना एक अनोखी हाइब्रिड कैश-ट्रांसफर और सेविंग्स स्कीम है, जिसमें महिलाओं के लिए दो विकल्प दिए गए हैं:

विकल्प 1 (कैश + एफडी): ₹1,000 की राशि सीधे लाभार्थी महिला के बैंक खाते में भेजी जाएगी, जबकि शेष ₹1,500 की राशि को सरकार द्वारा ‘फिक्स्ड डिपॉजिट’ (FD) में निवेश किया जाएगा।

विकल्प 2 (पूरी एफडी): लाभार्थी चाहें तो पूरे ₹2,500 को फिक्स्ड डिपॉजिट में निवेश करने का विकल्प चुन सकती हैं।

इस FD पर 3 साल का लॉक-इन पीरियड लागू होगा, जिस पर राज्य सरकार सॉवरेन गारंटी प्रदान करेगी।

कौन कर सकता है आवेदन?

योजना का लाभ लेने के लिए महिला आवेदकों को ये शर्तें पूरी करनी होंगी:

  • परिवार की प्रमुख: आवेदक महिला परिवार की सबसे वरिष्ठ सदस्य होनी चाहिए।
  • आयु सीमा: महिला की उम्र 21 से 60 वर्ष के बीच होनी चाहिए।
  • पारिवारिक आय: परिवार की कुल वार्षिक आय ₹2.5 लाख से अधिक नहीं होनी चाहिए।
  • दिल्ली का निवासी होना: आवेदक, उसका पति या उसके माता-पिता कम से कम 10 वर्षों से दिल्ली के निवासी हों।
  • वोटर आईडी: आवेदक दिल्ली की पंजीकृत मतदाता होनी चाहिए।
  • बिजली खपत: पिछले 1 वर्ष के दौरान परिवार की वार्षिक बिजली खपत 2,400 यूनिट से अधिक नहीं होनी चाहिए।

किन्हें नहीं मिलेगा लाभ?

  1. जो परिवार इनकम टैक्स पेयर हैं या जीएसटी (GST) फाइल करते हैं।
  2. परिवार में कोई सदस्य सरकारी नौकरी, सार्वजनिक उपक्रम (PSU) या लोकल बॉडी में स्थायी/संविदा कर्मचारी है।
  3. जिनके पास चार पहिया वाहन है।
  4. आवेदक महिला के 3 से अधिक बच्चे नहीं होने चाहिए।
  5. आपराधिक रिकॉर्ड वाले लोग योजना के लिए पात्र नहीं होंगे।

आवेदन के लिए आवश्यक दस्तावेज

पहचान व पते का प्रमाण: वोटर आईडी कार्ड (दिल्ली) और आधार कार्ड।

पासपोर्ट साइज फोटो और हस्ताक्षर: आवेदक की स्पष्ट फोटो और सिग्नेचर।

सांसद या विधायक का सिफारिश पत्र: क्षेत्र के सांसद (MP) या विधायक (MLA) का हस्ताक्षरित सिफारिश/समर्थन पत्र।

पते/बिजली खपत का प्रमाण: बिजली का बिल या गैस कनेक्शन का बिल।

उम्र का प्रमाण (कोई भी एक): जन्म प्रमाण पत्र, 10वीं की मार्कशीट, ड्राइविंग लाइसेंस, पैन कार्ड, वोटर आईडी या आधार कार्ड।

बैंक खाता विवरण: डीबीटी के माध्यम से राशि प्राप्त करने के लिए बैंक पासबुक की कॉपी।

ऑनलाइन आवेदन का स्टेप-बाय-स्टेप प्रोसेस

पात्र महिलाएं घर बैठे नीचे दिए गए आसान स्टेप्स को फॉलो करके रजिस्ट्रेशन कर सकती हैं:

स्टेप 1: आधिकारिक वेबसाइट https://dly.delhi.gov.in पर जाएं और ‘Apply for Scheme’ के बाद ‘Register Now’ पर क्लिक करें।

स्टेप 2: अपनी व्यक्तिगत जानकारी और बेसिक विवरण दर्ज करें।

स्टेप 3: परिवार के सभी सदस्यों का ब्योरा सही-सही भरें।

स्टेप 4: पैसे ट्रांसफर के लिए अपना चालू बैंक खाता दर्ज करें।

स्टेप 5: मांगे गए सभी आवश्यक दस्तावेजों को निर्धारित फॉर्मेट में अपलोड करें।

स्टेप 6: फॉर्म का प्रीव्यू ध्यान से जांचें और फाइनल सबमिट करें।

स्टेप 7: क्षेत्रीय MP या MLA द्वारा हस्ताक्षरित अनुशंसा की प्रति अपलोड करें।

स्टेप 8: आवेदन पूरा होने के बाद पावती रसीद डाउनलोड करके भविष्य के लिए सुरक्षित रख लें।

दिल्ली लक्ष्मी योजना में ₹2500 पाने के लिए ऑनलाइन आवेदन शुरू, इसके लिए 6 जरूरी डॉक्युमेंट्स की पूरी लिस्ट

Delhi Lakshmi Yojana: दिल्ली की महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए दिल्ली सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शनिवार 1 अगस्त को ‘दिल्ली लक्ष्मी योजना’ का ऑनलाइन पोर्टल शुरू कर दिया है। इस योजना के तहत पात्र महिलाओं को हर महीने ₹2500 दिए जाएंगे। पोर्टल की शुरुआत के साथ ही इसके लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन भी शुरू हो गया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि दिल्ली लक्ष्मी योजना दिल्ली की बहनों को आर्थिक सशक्तिकरण प्रदान करने वाली योजना है।

सरकार ने इसके लिए ₹5100 करोड़ का बजट आवंटित किया है। आज से पोर्टल और रजिस्ट्रेशन शुरू हो गया है। लगभग 500 बहनों ने अपने फॉर्म सफलतापूर्वक भर दिए हैं। दिल्ली कैबिनेट ने मंगलवार को इस योजना को मंजूरी दी थी, जो पिछले वर्ष आयोजित विधानसभा चुनावों में भाजपा के प्रमुख चुनावी वादों में से एक थी।

ऑनलाइन आवेदन के लिए 6 अनिवार्य दस्तावेज

योजना के तहत ऑनलाइन आवेदन करते समय महिलाओं को निम्नलिखित 6 महत्वपूर्ण दस्तावेज अपलोड करने होंगे:-

स्थानीय विधायक (MLA) या सांसद (MP) का एंडोर्समेंट/अनुशंसा पत्र

आधार कार्ड

पैन कार्ड

आय प्रमाण पत्र

आधार से लिंक सिंगल-होल्डर बैंक अकाउंट डिटेल्स

दिल्ली वोटर पहचान पत्र / कम से कम 10 साल से दिल्ली में निवास का प्रमाण

कौन होगा पात्र? (Eligibility Criteria)

कैबिनेट द्वारा मंजूर दिशा-निर्देशों के अनुसार, योजना का लाभ उठाने के लिए कुछ शर्तें तय की गई हैं। इसके मुताबिक परिवार की सबसे बड़ी महिला इस योजना की पात्र होंगी। महिला की उम्र 21 से 60 वर्ष के बीच होनी चाहिए। आवेदक के परिवार की कुल वार्षिक आय ₹2.50 लाख से अधिक नहीं होनी चाहिए। आवेदक दिल्ली का पंजीकृत वोटर होना चाहिए और कम से कम 10 वर्षों से दिल्ली का निवासी होना अनिवार्य है।

किन्हें नहीं मिलेगा योजना का लाभ?

योजना के नियमों के तहत कई कैटेगिरी को इससे बाहर रखा गया है। जो महिलाएं पहले से किसी अन्य वित्तीय सहायता योजना या पेंशन का लाभ ले रही हैं वो इसका फायदा नहीं उठा पाएंगी। टैक्सपेयर्स और सरकारी कर्मचारी को भी इसका फायदा नहीं मिलेगा। 3 से अधिक जीवित बच्चों वाली महिलाओं को इस स्कीम में शामिल नहीं किया जाएगा। ऐसे परिवार जिनकी वार्षिक बिजली खपत 2,400 यूनिट से अधिक है वो इस स्कीम का हिस्सा नहीं बन पाएंगे। जिन परिवारों के किसी सदस्य के पास सरकारी नौकरी है, कोई आपराधिक मामला दर्ज है या जिनके पास चार पहिया वाहन मौजूद है वो भी इस स्कीम के पात्र नहीं हैं।

2500 रुपये भुगतान के 2 विकल्प

योजना के तहत मिलने वाली ₹2500 की राशि के भुगतान के लिए लाभार्थियों को दो विकल्प दिए जाएंगे। ₹1000 प्रति माह सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी वॉलेट में दैनिक खर्चों के लिए और बाकी 1500 रुपये RD/FD खाते में रखे जाएंगे (जिसमें तीन साल की लॉक-इन अवधि होगी)। महिलाएं चाहें तो दीर्घकालिक बचत के लिए पूरी राशि (₹2500) को सीधे RD या FD खाते में जमा कराया जा सकता है।

फंड के इस्तेमाल पर कड़े प्रतिबंध

योजना के तहत मिलने वाली सहायता राशि के उपयोग को लेकर सरकार ने कड़े नियम तय किए हैं। इस राशि का उपयोग शराब, तंबाकू, लॉटरी, सट्टेबाजी या किसी भी अन्य प्रतिबंधित सामान व सेवाओं की खरीदारी पर पूरी तरह से प्रतिबंधित है। अगर कोई आवेदक गलत जानकारी देकर योजना का लाभ लेता है, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी और वितरित की गई राशि की वसूली की जाएगी।

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मेट्रो कॉरिडोर, एलिवेटेड रोड और फ्लाईओवर… 1647 करोड़ के ये 28 इन्फ्रा प्रोजेक्ट्स मंजूर, अब बदल जाएगी दिल्ली की सूरत

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली की रफ्तार और सूरत को बदलने के लिए एक बहुत बड़ी खुशखबरी सामने आई है। केंद्र सरकार ने दिल्ली में अलग-अलग परियोजनाओं के लिए 1647 करोड़ रुपये के फंड को मंजूरी दे दी है। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने रविवार को इस बात की जानकारी दी। इस भारी-भरकम बजट से दिल्ली में मेट्रो कॉरिडोर, बारापुला एलिवेटेड रोड, नए फ्लाईओवर और ईवी (इलेक्ट्रिक व्हीकल) चार्जिंग स्टेशन समेत कई बड़े प्रोजेक्ट्स पूरे किए जाएंगे। केंद्र सरकार ने पूंजीगत व्यय (कैपिटल एक्सपेंडिचर) को बढ़ाने के लिए दिल्ली सरकार के प्रयासों की सराहना करते हुए प्रोत्साहन के रूप में 756 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि को भी मंजूरी दी है। यह जानकारी दिल्ली मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा जारी एक बयान में दी गई है।

आइए विस्तार से जानते हैं कि इस योजना के तहत दिल्ली को क्या-क्या मिलने जा रहा है:

मंजूर हुए दिल्ली सरकार के सभी 28 बड़े प्रोजेक्ट्स

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि दिल्ली सरकार की ओर से प्रस्तावित सभी 28 प्रमुख कैपिटल प्रोजेक्ट्स को केंद्र सरकार ने हरी झंडी दे दी है। इन परियोजनाओं को केंद्र सरकार की SASCI योजना के तहत मंजूरी मिली है। मंजूर किए गए इन 28 प्रोजेक्ट्स में मुख्य रूप से ये चीजें शामिल हैं:

  • दिल्ली मेट्रो रेल परियोजनाएं: नए मेट्रो कॉरिडोर के विकास को रफ्तार मिलेगी।
  • बारापुला एलिवेटेड कॉरिडोर: इस महत्वपूर्ण कॉरिडोर के काम को आगे बढ़ाया जाएगा।
  • करावल नगर फ्लाईओवर: इस इलाके में जाम की समस्या से मुक्ति दिलाने के लिए फ्लाईओवर का निर्माण होगा।
  • डीटीसी डिपो में ईवी चार्जिंग स्टेशन: दिल्ली परिवहन निगम के डिपो में इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए चार्जिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर तैयार किया जाएगा।
  • सड़क बुनियादी ढांचा: इनके अलावा कई अन्य महत्वपूर्ण सड़क बुनियादी ढांचा परियोजनाएं भी इस मंजूरी का हिस्सा हैं।

क्या है SASCI स्कीम, इससे दिल्ली को मिला फंड?

ये सभी 28 प्रोजेक्ट्स केंद्र सरकार की स्पेशल असिस्टेंस टू स्टेट्स फॉर कैपिटल इन्वेस्टमेंट (SASCI) योजना के तहत मंजूर किए गए हैं। यह केंद्र सरकार की एक विशेष योजना है। इसके तहत राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के लिए पूरी तरह से ब्याज मुक्त वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है। यह योजना सिर्फ वित्तीय सहायता देने तक ही सीमित नहीं है बल्कि यह राज्यों द्वारा रणनीतिक सुधारों को लागू करने और पूंजीगत निवेश को बढ़ाने को प्रोत्साहित करने के लिए वित्तीय इंसेंटिव भी देती है। इसी के तहत दिल्ली को 756 करोड़ रुपये का अतिरिक्त इंसेंटिव मिला है।

समय पर काम पूरा करने के निर्देश

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि उनकी सरकार ने शुरुआत से ही इस योजना को प्राथमिकता दी है और दिल्ली की बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को इसके तहत मंजूरी दिलाने के लिए लगातार केंद्र सरकार से आग्रह किया था। अब फंड मंजूर होने के बाद, मुख्यमंत्री ने दिल्ली सरकार के वित्त विभाग को निर्देश दिए हैं कि वे इन स्वीकृत परियोजनाओं से जुड़े सभी संबंधित विभागों के साथ बेहतर तालमेल बिठाएं। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य की गति को तेजी से आगे बढ़ाना सुनिश्चित किया जाए, ताकि दिल्ली के निवासियों को जल्द से जल्द इन परियोजनाओं का लाभ मिल सके।

दिल्ली में महिलाओं को 2500 रुपये देने वाली सरकारी स्कीम के लिए आया नया अपडेट, पोर्टल तैयार और अब होगा ये काम

Delhi Mahila Samridhi Yojna: दिल्ली में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की महिलाओं को हर महीने 2500 रुपये की वित्तीय सहायता देने वाली सरकारी योजना को लेकर एक बड़ा अपडेट सामने आया है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेतृत्व वाली दिल्ली सरकार अपनी इस बहुप्रतीक्षित महिला समृद्धि योजना को धरातल पर उतारने से पहले इसका नाम बदलने की तैयारी कर रही है। पीटीआई ने सूत्रों के हवाले से बताया है कि अब इस योजना को दिल्ली लक्ष्मी योजना (Delhi Laxmi Yojna) के नए नाम से शुरू किया जा सकता है। सरकार ने इस योजना के सुचारू संचालन के लिए रजिस्ट्रेशन पोर्टल को पूरी तरह से तैयार कर लिया है। इसके साथ ही महिलाओं की सुरक्षा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से एक मोबाइल एप्लिकेशन भी लॉन्च करने की योजना बनाई जा रही है।

17 लाख महिलाओं को मिलेगा लाभ, सुरक्षा ऐप भी होगा लॉन्च

यह योजना 2025 के दिल्ली विधानसभा चुनावों के दौरान बीजेपी द्वारा किए गए प्रमुख वादों में से एक है। दिल्ली में इस योजना से आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की करीब 17 लाख महिलाओं को सीधा लाभ मिलने की उम्मीद है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता वाला महिला एवं बाल विकास विभाग इस महत्वाकांक्षी योजना को लागू करेगा। एक सूत्र ने पीटीआई को बताया कि पहले इस योजना की घोषणा 1 जून को होने की उम्मीद थी लेकिन सरकार द्वारा इसका नाम बदलने का निर्णय लेने के कारण इसके लॉन्च को टाल दिया गया था। अब इसका रजिस्ट्रेशन पोर्टल तैयार है और योजना के औपचारिक शुभारंभ के तुरंत बाद इसे चालू कर दिया जाएगा।

बजट में 5100 करोड़ रुपये का आवंटन, प्रमाणन के चलते हुई थी देरी

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मार्च में पेश किए गए साल 2026-27 के बजट में इस योजना के लिए 5100 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं। इससे पिछले वित्तीय वर्ष में भी ऐसा ही बजटीय आवंटन किया गया था लेकिन पात्र लाभार्थियों के सत्यापन के लिए प्रमाणित और सटीक डेटा की कमी के कारण इसे लागू करने में देरी हुई थी।

मुख्यमंत्री ने बार-बार स्पष्ट किया है कि इस योजना को एक ऐसी अचूक प्रणाली स्थापित करने के बाद ही लॉन्च किया जाएगा जिससे यह सुनिश्चित हो सके कि योजना का लाभ केवल वास्तविक और सही लाभार्थियों तक ही पहुंचे। इस योजना के क्रियान्वयन और देखरेख के लिए पिछले साल मार्च में मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में एक समिति का गठन किया गया था। इसमें कई कैबिनेट मंत्री भी शामिल हैं।

कौन होगा पात्र? पात्रता के नियम हुए फाइनल

सूत्रों के अनुसार, योजना के लिए पात्रता के मानदंडों को भी अंतिम रूप दे दिया गया है-

  • दिल्ली का निवासी होना अनिवार्य: सिर्फ वही महिलाएं इस मासिक वित्तीय सहायता के लिए आवेदन करने की पात्र होंगी जिनके पास दिल्ली का प्रामाणिक आधार नंबर होगा।
  • आर्थिक मानदंड: इसके साथ ही आवेदन करने वाली महिला का गरीबी रेखा से नीचे श्रेणी से संबंधित होना अनिवार्य है।
  • पोर्टल के लाइव होते ही इन तय मानकों को पूरा करने वाली महिलाएं हर महीने 2500 रुपये की सहायता राशि के लिए आवेदन कर सकेंगी।

Delhi EV 2.0 policy brings no incentives for hybrid cars

Curvv EV

The Delhi EV 2.0 policy will be implemented from July 1, 2026, and remain in effect till March 31, 2030, Chief Minister Rekha Gupta announced. Over this period, the government plans to invest around Rs 15,000 crore to curb vehicular pollution and accelerate the transition towards electric vehicles in the national capital, however, no incentives will be on offer for strong hybrid vehicles. In fact, 50 percent exemption from both road tax and registration fees for hybrid vehicles priced up to Rs 30 lakh was a major sticking point in the April 2026 draft policy.

  1. 100 percent exemption from road tax and registration charges for EVs up to Rs 30 lakh
  2. Only electric two-wheelers to be registered in Delhi from April 1, 2028

Delhi EV 2.0 policy key highlights

The Delhi EV 2.0 policy comprises a 100 percent exemption on road tax and registration charges for electric cars priced up to Rs 30 lakh, something that was proposed earlier in April. It also offers purchase incentives of up to Rs 30,000 for electric two-wheelers, Rs 50,000 for electric three-wheelers and Rs 1 lakh for electric goods vehicles (N1 category). Owners replacing older vehicles will also be eligible for scrapping incentives ranging from Rs 5,000 to Rs 1 lakh.

The policy also aims to expand Delhi’s EV charging network with more than 30,000 charging points across the city. From January 1, 2027, only new electric auto-rickshaws and N1 goods carriers will be registered, while from April 1, 2028, only new electric two-wheelers will be eligible for registration. Notably, all eligible incentives will be transferred directly to beneficiaries’ bank accounts through the direct benefit transfer.

Investments in charging infrastructure, public transport electrification and supporting infrastructure will be made, Delhi CM said. Detailed allocations for charging infrastructure, incentives and other programmes are expected to be announced in the detailed notification.

Delhi EV 2.0 policy to take effect from July 1

Tata Curvv EV

The Delhi EV 2.0 policy will be implemented from July 1, 2026, and remain in effect till March 31, 2030. Over this period, the government plans to invest around Rs 15,000 crore to curb vehicular pollution and accelerate the transition towards electric vehicles in the national capital. Investments in charging infrastructure, public transport electrification and supporting infrastructure will be made, Delhi Chief Minister Rekha Gupta said.

Delhi EV 2.0 policy key highlights

The Delhi EV 2.0 policy comprises a 100 percent exemption on road tax and registration charges for electric cars priced up to Rs 30 lakh, something that was proposed earlier in April 2026. It also offers purchase incentives of up to Rs 30,000 for electric two-wheelers, Rs 50,000 for electric three-wheelers and Rs 1 lakh for electric goods vehicles (N1 category). Owners replacing older vehicles will also be eligible for scrapping incentives ranging from Rs 5,000 to Rs 1 lakh.

The policy also aims to expand Delhi’s EV charging network with more than 30,000 charging points across the city. From January 1, 2027, only new electric auto-rickshaws and N1 goods carriers will be registered, while from April 1, 2028, only new electric two-wheelers will be eligible for registration. Notably, all eligible incentives will be transferred directly to beneficiaries’ bank accounts through the direct benefit transfer.

No incentive for hybrid cars

The April draft had also proposed a 50 percent exemption from both road tax and registration fees for strong hybrid vehicles priced up to Rs 30 lakh, but that did not materialise. In fact, incentives for hybrid vehicles was a major sticking point in Delhi’s new EV Policy, but the focus is clearly on EVs. 

A traditional strong hybrid vehicle has an internal combustion engine, which works with an electric motor. Power is supplied to the electric motor via a separate battery, allowing the car to run on electric power alone at certain times, reducing both fuel consumption and pollution. Thus, hybrids have the potential to serve as a practical middle ground, effectively bridging the gap until EV infrastructure improves and charging times become more convenient.

NEET UG Re-exam 2026: नीट यूजी री-एग्जाम के लिए राज्यों ने ट्रांसपोर्ट और सुविधाओं का किया इंतजाम, परीक्षा केंद्रों के आसपास सुरक्षा व्यवस्था सख्त

NEET UG Re-exam 2026: नीट यूजी 2026 पुन:परीक्षा का आयोजन कल, 21 जून 2026 को पूरे देश में बने परीक्षा केंद्रों पर किया जाएगा। परीक्षा केंद्रों तक छात्रों को सुरक्षित और बिना किसी परेशानी के पहुंचाने के लिए कई राज्यों ने मुफ्त बस यात्रा और रेल सेवा सुविधा देने की घोषणा की है। अधिकारियों ने यह भी निर्देश दिया है कि सभी सेंटर्स में पीने का पानी, बिना रुकावट बिजली की सप्लाई, बैकअप जनरेटर, फर्स्ट-एड की सुविधा, एम्बुलेंस और ज़रूरत पड़ने पर पोर्टेबल टॉयलेट मौजूद हों। डायबिटीज से पीड़ित छात्रों के लिए परीक्षा के दौरान हल्का नाश्ता भी देने का प्रबंध किया गया है। इसके अलावा कुछ परीक्षा केंद्रों के आसपास के दायरे में निषेधाज्ञा लागू करने की भी जानकारी है।

कई राज्यों में फ्री बस यात्रा की घोषणा

कल नीट यूजी री-एग्जाम में शामिल होने वाले परीक्षार्थियों के लिए पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, राजस्थान, मध्य प्रदेश, गुजरात, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, बिहार और छत्तीसगढ़ समेत कई राज्यों ने परीक्षा केंद्र तक जाने वाले छात्रों के लिए ट्रांसपोर्टेशन सपोर्ट की घोषणा की है। छात्र अपना एडमिट कार्ड दिखाकर बसों में मुफ्त सफर कर सकते हैं।

ये राज्य दे रहे अलग सुविधाएं भी

  • बिहार में राज्य सरकार, जिला प्रशासन, धार्मिक संस्थाओं और एनजीओ के साथ मिल कर रेलवे स्टेशनों, बस स्टैंडों और मुख्य ट्रांजिट पॉइंट्स पर छात्रों और उनके माता-पिता के लिए पीने का पानी, सत्तू और दूसरी रिफ्रेशमेंट्स देने की तैयारी की है।
  • उत्तर प्रदेश में योगी सरकार ने छात्रों को बस किराए में 50% छूट के साथ ही जिला प्रशासन को परीक्षार्थियों के लिए अस्थायी रहने की जगह का इंतजाम करने का निर्देश दिया गया है।
  • दिल्ली सरकार ने नीट परीक्षा केंद्रों के पास कूलिंग जोन बनाने का ऐलान किया है। इनमें कूलिंग जोन में बैठने की व्यवस्था के साथ-साथ पीने का पानी, नींबू पानी (शिकंजी) और दूसरी जरूरी सुविधाए भी मिलेंगी।

  • मुंबई का सबअर्बन रेलवे नेटवर्क 21 जून, रविवार को अपने रेगुलर संडे मेंटेनेंस ब्लॉक रोक देगा। सेंट्रल रेलवे और वेस्टर्न रेलवे दोनों ने बिना संडे ब्लॉक के काम करने का फैसला किया है।

परीक्षा केंद्र के पास निषेधाज्ञा लागू

कई जगहों पर परीक्षा केंद्रों के आसपास 500 गज के दायरे में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा-163 (द.प्र.सं. की धारा 144) के अंतर्गत निषेधाज्ञा लागू करने का आदेश दिया गया है। इसके तहत परीक्षा केंद्रों के पास 5 या 5 से अधिक व्यक्ति एक साथ एकत्रित नहीं रहीं होंगे। कोई भी व्यक्ति घातक हथियार लेकर नहीं चलेंगे।

सेना के हेलीकॉप्टर से प्रश्न पत्र पहुंचाए जाएंगे

भारतीय सेना के एक हेलीकॉप्टर ने हाल ही में तमिलनाडु में हाई-सिक्योरिटी प्रोटोकॉल के तहत क्वेश्चन पेपर्स पहुंचाने के प्लान के तहत ड्राई रन किया। इस व्यवस्था के तहत, पेपर्स दिल्ली से मदुरै लाए जाएंगे और फिर हथियारों की सुरक्षा में तिरुनेलवेली पहुंचाए जाएंगे।

सुरक्षा के सख्त इंतजाम

परीक्षा केंद्रों पर दूसरे सुरक्षा उपायों में एआई मॉनिटरिंग के साथ चार-स्तर की सीसीटीवी सर्विलांस, एंट्री से पहले बायोमेट्रिक और फेशियल रिकग्निशन-बेस्ड वेरिफिकेशन, कई राउंड की तलाशी और मल्टी-लेवल ओवरसाइट शामिल हैं। देश की सबसे बड़ी मेडिकल परीक्षा की ईमानदारी सुनिश्चित करने के लिए परीक्षा प्रक्रिया पर भी सबसे ऊंचे लेवल पर कड़ी नजर रखी जा रही है।

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