दिल्ली की रफ्तार होने वाली है सुपरफास्ट! आ रही हैं नई इलेक्ट्रिक बसें और चार्जिंग की शानदार सुविधा

नई दिल्ली, (ANI)। दिल्ली में बसों से सफर करने वालों के लिए 150 नई इलेक्ट्रिक बसें शुरू की जाएंगी। पांच जगहों पर गाड़ियां चार्ज करने के स्टेशन भी शुरू होंगे। जिससे लोगों को बस से सफर करने में आसानी होगी और इलेक्ट्रिक गाड़ियों को चार्ज करने की सुविधा भी बढ़ेगी।

150 नई बसें आने के बाद दिल्ली में इलेक्ट्रिक बसों की संख्या बढ़कर 5,238 हो जाएगी। अभी शहर के पास करीब 6,838 इलेक्ट्रिक बसें हैं। नई बसों के आने के बाद इनकी कुल संख्या 6,988 हो जाएगी। इनमें 1,750 CNG बसें भी हैं।

सरकार आने वाले सालों में दिल्ली में बसों की संख्या बढ़ाना चाहती है। 2028-29 तक शहर में कुल बसों की संख्या करीब 14 हजार करने का लक्ष्य है।

किन सुविधाओं से लैस होंगी नई बसें?

नई इलेक्ट्रिक बसें लो-फ्लोर और एयर-कंडीशन्ड होंगी। इन्हें इस तरह तैयार किया गया है कि पैसेंजर को सफर के दौरान आराम और सुविधा मिल सके। बसों में कई आधुनिक सुविधाएं भी दी गई हैं।

• CCTV कैमरे: बसों में सुरक्षा पर नजर रखने के लिए।

• पैनिक बटन: जरूरत पड़ने पर मदद मांगने के लिए।

• रियल-टाइम ट्रैकिंग: बस की लोकेशन की जानकारी पाने के लिए।

• दिव्यांगों के लिए सुविधा: बस में चढ़ने और सफर करने को आसान बनाने के लिए।

दिल्ली में इलेक्ट्रिक गाड़ियों की चार्जिंग सुविधा बढ़ाने के लिए पांच जगहों पर स्टेशन तैयार किए गए हैं। इनमें एक स्टेशन अंतर-राज्यीय बस अड्डे पर और चार DTC डिपो में हैं।

इन पांच जगहों पर मिलेंगे EV चार्जिंग स्टेशन:

स्वामी विवेकानंद ISBT, आनंद विहार

नंद नगरी DTC डिपो,

रोहिणी सेक्टर-37 DTC डिपो,

नांगलोई DTC डिपो,

केशवपुर DTC डिपो

आनंद विहार ISBT पर दिल्ली ट्रांसपोर्ट इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड (DTIDC) ने ज्यादा कैपेसिटी वाला EV चार्जिंग स्टेशन बनाया है। इस बस अड्डे पर रोज करीब 1.25 लाख पैसेंजर आते-जाते हैं और औसतन 2,300 बसें गुजरती हैं। इनमें दिल्ली, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड की बसों के साथ टूरिस्ट बसें भी शामिल हैं।

दिल्ली परिवहन निगम (DTC) दूसरे डिपो में भी EV चार्जिंग स्टेशन बना रहा है। परिवहन मंत्री पंकज कुमार सिंह के मुताबिक, नई इलेक्ट्रिक बसें शुरू करने और चार्जिंग की सुविधा बढ़ाने से लोगों को बेहतर पब्लिक ट्रांसपोर्ट मिलेगा। इससे इलेक्ट्रिक गाड़ियों का इस्तेमाल बढ़ाने और दिल्ली में प्रदूषण कम करने में मदद मिलेगी।

दिल्ली में चलेंगी 200 नई इलेक्ट्रिक बसें, इनमें 56 लेडीज स्पेशल! DU के इन कॉलेजों तक मिलेगी सीधी कनेक्टिविटी

Delhi Public Transport: दिल्ली सरकार पब्लिक ट्रांसपोर्ट को बेहतर और राजधानी को प्रदूषण मुक्त बनाने के लिए एक बड़ा कदम उठाने जा रही है। अधिकारियों ने जानकारी दी कि दिल्ली सरकार जल्द ही 200 नई इलेक्ट्रिक बसों की शुरुआत करने जा रही है। इनमें से 56 बसें लेडीज स्पेशल होंगी। ये स्पेशल बसें बिजी रूट वाले यूनिर्सिटी इलाकों को ध्यान में रखकर चलाई जाएंगी। बुधवार को होने वाले इस नए लॉन्च के साथ ही दिल्ली में 6800 बसों की फ्लीट हो जाएगी। इसमें 4938 इलेक्ट्रिक बसें और 1750 सीएनजी बसें होंगी।

दिल्ली के परिवहन मंत्री पंकज सिंह ने इसकी जानकारी देते हुए बताया कि दिल्ली के पब्लिक ट्रांसपोर्ट इंफ्रा को मजबूत करने के साथ पर्यावरण और सस्टेनेबल मोबिलिटी के लक्ष्यों को देखते हुए ये कदम उठाया जा रहा है।

56 लेडीज स्पेशल बसें: कामकाजी महिलाओं और छात्रों के लिए खास सुविधा

परिवहन विभाग की योजना के मुताबिक दिल्ली परिवहन निगम (DTC) अधिक डिमांड वाले 15 रूटों पर 30 लेडीज स्पेशल ट्रिप्स शुरू करेगा। इसके अलावा 13 रूटों पर 26 यूनिवर्सिटी लेडीज स्पेशल (U-SPL) ट्रिप्स चलाई जाएंगी। मंत्री पंकज सिंह ने बताया कि वर्किंग वूमने और छात्राओं की रोजाना की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए इसे डिजाइन किया गया है। ये खास बसें पीक आवर्स के दौरान सर्विस देंगी और आवासीय क्षेत्रों को नेहरू प्लेस, एम्स (AIIMS), साउथ एक्सटेंशन, आरके पुरम, कनॉट प्लेस, आईटीओ, दिल्ली सचिवालय, करोल बाग, कश्मीरी गेट और शिवाजी स्टेडियम जैसे प्रमुख रोजगार और सरकारी केंद्रों से जोड़ेंगी।

आधुनिक सुविधाओं से लैस होंगी नई लो-फ्लोर एसी बसें

परिवहन मंत्री के मुताबिक ये सभी बसें लो-फ्लोर और एसी वाली होंगी। यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा के लिए इनमें आधुनिक सुविधाएं दी गई हैं। इनमें सीसीटीवी कैमरे, पैनिक्स बटन, रियल-टाइम ट्रैकिंग और दिव्यांग यात्रियों के लिए एक्सेसिबिलिटी से जुड़े फीचर्स शामिल हैं। नए बेड़े के तहत 12-मीटर की 88 इलेक्ट्रिक बसें और DEVI 9-मीटर की 112 इलेक्ट्रिक बसें सड़कों पर उतारी जा रही हैं।

दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) के इन प्रमुख कॉलेजों तक मिलेगी सीधी कनेक्टिविटी

अधिकारियों के मुताबिक यूनिवर्सिटी लेडीज स्पेशल सेवाएं छात्राओं के लिए यूनिवर्सिटी आने-जाने की टेंशन को खत्म करेंगी। यह सेवा दिल्ली विश्वविद्यालय और अन्य प्रमुख संस्थानों को जोड़ेगी। इनमें हिंदू कॉलेज, रामजस कॉलेज, दौलत राम कॉलेज, श्रीराम कॉलेज, एलएसआर / लेडी श्री राम कॉलेज, गार्गी कॉलेज, हंसराज कॉलेज, एसपीएम कॉलेज और देशबंधु कॉलेज जैसे महत्वपूर्ण संस्थान शामिल हैं।

दिल्ली-करनाल ऐतिहासिक रूट पर भी दौड़ेंगी 5 ई-बसें

परिवहन मंत्री पंकज सिंह ने यह भी बताया कि डीटीसी ऐतिहासिक दिल्ली-करनाल रूट पर भी 5 पूरी तरह से इलेक्ट्रिक, वातानुकूलित बसें शुरू करेगा। लगभग 133 किलोमीटर लंबे इस कॉरिडोर पर यह सेवा दोनों ओर रोजाना 10 ट्रिप्स देगी।

मेट्रो कॉरिडोर, एलिवेटेड रोड और फ्लाईओवर… 1647 करोड़ के ये 28 इन्फ्रा प्रोजेक्ट्स मंजूर, अब बदल जाएगी दिल्ली की सूरत

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली की रफ्तार और सूरत को बदलने के लिए एक बहुत बड़ी खुशखबरी सामने आई है। केंद्र सरकार ने दिल्ली में अलग-अलग परियोजनाओं के लिए 1647 करोड़ रुपये के फंड को मंजूरी दे दी है। दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने रविवार को इस बात की जानकारी दी। इस भारी-भरकम बजट से दिल्ली में मेट्रो कॉरिडोर, बारापुला एलिवेटेड रोड, नए फ्लाईओवर और ईवी (इलेक्ट्रिक व्हीकल) चार्जिंग स्टेशन समेत कई बड़े प्रोजेक्ट्स पूरे किए जाएंगे। केंद्र सरकार ने पूंजीगत व्यय (कैपिटल एक्सपेंडिचर) को बढ़ाने के लिए दिल्ली सरकार के प्रयासों की सराहना करते हुए प्रोत्साहन के रूप में 756 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि को भी मंजूरी दी है। यह जानकारी दिल्ली मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा जारी एक बयान में दी गई है।

आइए विस्तार से जानते हैं कि इस योजना के तहत दिल्ली को क्या-क्या मिलने जा रहा है:

मंजूर हुए दिल्ली सरकार के सभी 28 बड़े प्रोजेक्ट्स

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि दिल्ली सरकार की ओर से प्रस्तावित सभी 28 प्रमुख कैपिटल प्रोजेक्ट्स को केंद्र सरकार ने हरी झंडी दे दी है। इन परियोजनाओं को केंद्र सरकार की SASCI योजना के तहत मंजूरी मिली है। मंजूर किए गए इन 28 प्रोजेक्ट्स में मुख्य रूप से ये चीजें शामिल हैं:

  • दिल्ली मेट्रो रेल परियोजनाएं: नए मेट्रो कॉरिडोर के विकास को रफ्तार मिलेगी।
  • बारापुला एलिवेटेड कॉरिडोर: इस महत्वपूर्ण कॉरिडोर के काम को आगे बढ़ाया जाएगा।
  • करावल नगर फ्लाईओवर: इस इलाके में जाम की समस्या से मुक्ति दिलाने के लिए फ्लाईओवर का निर्माण होगा।
  • डीटीसी डिपो में ईवी चार्जिंग स्टेशन: दिल्ली परिवहन निगम के डिपो में इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए चार्जिंग इन्फ्रास्ट्रक्चर तैयार किया जाएगा।
  • सड़क बुनियादी ढांचा: इनके अलावा कई अन्य महत्वपूर्ण सड़क बुनियादी ढांचा परियोजनाएं भी इस मंजूरी का हिस्सा हैं।

क्या है SASCI स्कीम, इससे दिल्ली को मिला फंड?

ये सभी 28 प्रोजेक्ट्स केंद्र सरकार की स्पेशल असिस्टेंस टू स्टेट्स फॉर कैपिटल इन्वेस्टमेंट (SASCI) योजना के तहत मंजूर किए गए हैं। यह केंद्र सरकार की एक विशेष योजना है। इसके तहत राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को बुनियादी ढांचा परियोजनाओं के लिए पूरी तरह से ब्याज मुक्त वित्तीय सहायता प्रदान की जाती है। यह योजना सिर्फ वित्तीय सहायता देने तक ही सीमित नहीं है बल्कि यह राज्यों द्वारा रणनीतिक सुधारों को लागू करने और पूंजीगत निवेश को बढ़ाने को प्रोत्साहित करने के लिए वित्तीय इंसेंटिव भी देती है। इसी के तहत दिल्ली को 756 करोड़ रुपये का अतिरिक्त इंसेंटिव मिला है।

समय पर काम पूरा करने के निर्देश

मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि उनकी सरकार ने शुरुआत से ही इस योजना को प्राथमिकता दी है और दिल्ली की बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को इसके तहत मंजूरी दिलाने के लिए लगातार केंद्र सरकार से आग्रह किया था। अब फंड मंजूर होने के बाद, मुख्यमंत्री ने दिल्ली सरकार के वित्त विभाग को निर्देश दिए हैं कि वे इन स्वीकृत परियोजनाओं से जुड़े सभी संबंधित विभागों के साथ बेहतर तालमेल बिठाएं। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्य की गति को तेजी से आगे बढ़ाना सुनिश्चित किया जाए, ताकि दिल्ली के निवासियों को जल्द से जल्द इन परियोजनाओं का लाभ मिल सके।