‘सिद्धिविनायक मंदिर में हर साल ₹18 करोड़ की चोरी’; राज ठाकरे का सनसनीखेज आरोप

Siddhivinayak Temple donations theft: महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) के अध्यक्ष राज ठाकरे ने मुंबई के प्रसिद्ध सिद्धिविनायक मंदिर में हर साल 18 करोड़ रुपये की चोरी होने का सनसनीखेज दावा किया है। MNS प्रमुख ने शनिवार 1 अगस्त को एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि आजकल मंदिर भी सुरक्षित नहीं हैं। मनसे की छात्र इकाई के एक कार्यक्रम में ठाकरे ने यह दावा भी किया कि अयोध्या के राम मंदिर में 1,400 करोड़ रुपये की चोरी हुई है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इस मुद्दे पर बोलना चाहिए।

MNS प्रमुख राज ठाकरे ने कहा कि निराश युवा मंदिरों में जाते हैं। लेकिन मंदिर भी भ्रष्टाचार से मुक्त नहीं हैं। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को आठ न्यासियों द्वारा लिखा गया एक लेटर पढ़ते हुए ठाकरे ने कहा कि सिद्धिविनायक मंदिर में दान पेटी से पैसे चुराने वाले कुछ कर्मचारियों को न्यासियों की सतर्कता के कारण पकड़ लिया गया।

‘हर साल 18 करोड़ रुपये की चोरी’

ठाकरे ने कहा कि इस चोरी के पकड़े जाने से पहले मंदिर में दान से होने वाली साप्ताहिक आय 50 लाख रुपये से भी कम थी। लेकिन इसके बाद दान की राशि बढ़कर 1.5 करोड़ रुपये हो गई। न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक ठाकरे ने दावा किया, “हर साल 18 करोड़ रुपये की चोरी की गई है।”

9 कर्मचारी गिरफ्तार

इस बीच सिद्धिविनायक मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष और एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना के नेता सदा सरवणकर ने पत्रकारों से कहा कि इस मामले में 9 कर्मचारियों को गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने पत्रकारों से कहा, “जहां भी आवश्यक था, हमने मामले दर्ज कर दिए हैं।” सरवणकर ने कहा कि दान में वृद्धि न्यास द्वारा किए गए प्रयासों के कारण हुई।

‘आजकल मंदिर भी सुरक्षित नहीं हैं’

अपनी पार्टी के छात्र विंग द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में बोलते हुए ठाकरे ने कहा, “आजकल मंदिर भी सुरक्षित नहीं हैं।” राज ठाकरे ने मांग की है कि प्रधानमंत्री मोदी इस मुद्दे पर बात करें। उन्होंने यह भी कहा, “निराश युवा मंदिरों में जाते हैं, लेकिन मंदिर भी भ्रष्टाचार से सुरक्षित नहीं हैं।”

सिद्धिविनायक मंदिर का ज़िक्र करते हुए ठाकरे ने कहा कि दान पेटी से पैसे चुराने वाले कुछ कर्मचारियों को ट्रस्टियों की सतर्कता के कारण पकड़ा गया था। आठ ट्रस्टियों द्वारा महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को लिखे गए एक पत्र को पढ़कर उन्होंने बताया कि चोरी का पता चलने से पहले मंदिर की साप्ताहिक दान आय 50 लाख रुपये से कम थी। बाद में यह बढ़कर 1.5 करोड़ रुपये हो गई।

ये भी पढ़ें- रेप की धमकियों से डरी नोएडा की लड़की की मां, पीएम मोदी से की भावुक अपील, बोलीं- ‘मेरी बेटी को गोद ले लीजिए’

ठाकरे ने यह दावा अयोध्या के राम मंदिर में कथित दान चारी केारोपों के बाद आया है। अयोध्या में पुलिस ने राम मंदिर में दान की चोरी के मामले में कई आरोपियों को गिरफ्तार किया है। अभी जांच चल रही है। मुंबई में दिए गए इन बयानों ने मंदिर के दान को लेकर ठाकरे के आरोपों, सिद्धिविनायक मामले में की गई कार्रवाई और प्रधानमंत्री से जवाब की उनकी मांग पर ध्यान केंद्रित किया है।

दिल्ली लक्ष्मी योजना में ₹2500 पाने के लिए ऑनलाइन आवेदन शुरू, इसके लिए 6 जरूरी डॉक्युमेंट्स की पूरी लिस्ट

Delhi Lakshmi Yojana: दिल्ली की महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के लिए दिल्ली सरकार ने एक बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शनिवार 1 अगस्त को ‘दिल्ली लक्ष्मी योजना’ का ऑनलाइन पोर्टल शुरू कर दिया है। इस योजना के तहत पात्र महिलाओं को हर महीने ₹2500 दिए जाएंगे। पोर्टल की शुरुआत के साथ ही इसके लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन भी शुरू हो गया है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने बताया कि दिल्ली लक्ष्मी योजना दिल्ली की बहनों को आर्थिक सशक्तिकरण प्रदान करने वाली योजना है।

सरकार ने इसके लिए ₹5100 करोड़ का बजट आवंटित किया है। आज से पोर्टल और रजिस्ट्रेशन शुरू हो गया है। लगभग 500 बहनों ने अपने फॉर्म सफलतापूर्वक भर दिए हैं। दिल्ली कैबिनेट ने मंगलवार को इस योजना को मंजूरी दी थी, जो पिछले वर्ष आयोजित विधानसभा चुनावों में भाजपा के प्रमुख चुनावी वादों में से एक थी।

ऑनलाइन आवेदन के लिए 6 अनिवार्य दस्तावेज

योजना के तहत ऑनलाइन आवेदन करते समय महिलाओं को निम्नलिखित 6 महत्वपूर्ण दस्तावेज अपलोड करने होंगे:-

स्थानीय विधायक (MLA) या सांसद (MP) का एंडोर्समेंट/अनुशंसा पत्र

आधार कार्ड

पैन कार्ड

आय प्रमाण पत्र

आधार से लिंक सिंगल-होल्डर बैंक अकाउंट डिटेल्स

दिल्ली वोटर पहचान पत्र / कम से कम 10 साल से दिल्ली में निवास का प्रमाण

कौन होगा पात्र? (Eligibility Criteria)

कैबिनेट द्वारा मंजूर दिशा-निर्देशों के अनुसार, योजना का लाभ उठाने के लिए कुछ शर्तें तय की गई हैं। इसके मुताबिक परिवार की सबसे बड़ी महिला इस योजना की पात्र होंगी। महिला की उम्र 21 से 60 वर्ष के बीच होनी चाहिए। आवेदक के परिवार की कुल वार्षिक आय ₹2.50 लाख से अधिक नहीं होनी चाहिए। आवेदक दिल्ली का पंजीकृत वोटर होना चाहिए और कम से कम 10 वर्षों से दिल्ली का निवासी होना अनिवार्य है।

किन्हें नहीं मिलेगा योजना का लाभ?

योजना के नियमों के तहत कई कैटेगिरी को इससे बाहर रखा गया है। जो महिलाएं पहले से किसी अन्य वित्तीय सहायता योजना या पेंशन का लाभ ले रही हैं वो इसका फायदा नहीं उठा पाएंगी। टैक्सपेयर्स और सरकारी कर्मचारी को भी इसका फायदा नहीं मिलेगा। 3 से अधिक जीवित बच्चों वाली महिलाओं को इस स्कीम में शामिल नहीं किया जाएगा। ऐसे परिवार जिनकी वार्षिक बिजली खपत 2,400 यूनिट से अधिक है वो इस स्कीम का हिस्सा नहीं बन पाएंगे। जिन परिवारों के किसी सदस्य के पास सरकारी नौकरी है, कोई आपराधिक मामला दर्ज है या जिनके पास चार पहिया वाहन मौजूद है वो भी इस स्कीम के पात्र नहीं हैं।

2500 रुपये भुगतान के 2 विकल्प

योजना के तहत मिलने वाली ₹2500 की राशि के भुगतान के लिए लाभार्थियों को दो विकल्प दिए जाएंगे। ₹1000 प्रति माह सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी वॉलेट में दैनिक खर्चों के लिए और बाकी 1500 रुपये RD/FD खाते में रखे जाएंगे (जिसमें तीन साल की लॉक-इन अवधि होगी)। महिलाएं चाहें तो दीर्घकालिक बचत के लिए पूरी राशि (₹2500) को सीधे RD या FD खाते में जमा कराया जा सकता है।

फंड के इस्तेमाल पर कड़े प्रतिबंध

योजना के तहत मिलने वाली सहायता राशि के उपयोग को लेकर सरकार ने कड़े नियम तय किए हैं। इस राशि का उपयोग शराब, तंबाकू, लॉटरी, सट्टेबाजी या किसी भी अन्य प्रतिबंधित सामान व सेवाओं की खरीदारी पर पूरी तरह से प्रतिबंधित है। अगर कोई आवेदक गलत जानकारी देकर योजना का लाभ लेता है, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी और वितरित की गई राशि की वसूली की जाएगी।

ये भी पढ़ें- ‘मेरी बेटी को गोद लें PM मोदी’; नोएडा की लड़की की मां ने लगाई सुरक्षा की गुहार, बेटी को मिल रही रेप की धमकी

‘मेरी बेटी को नई जिंदगी मिली’: PM मोदी के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी के लिए लड़की की मां क्या बोली?

CJP Protest News Update: राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर नीट पेपर लीक के खिलाफ विरोध प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने के लिए पहले माफी मांग चुकी 15 साल की छात्रा ने अब सार्वजनिक रूप से पहली बार खुलकर बात की है। छात्रा ने कहा कि उसने कभी नहीं सोचा था कि उसे माफ कर दिया जाएगा। उसने PM मोदी के संदेश को दूसरी जिंदगी मिलने जैसा बताया।

उसने यह भी दावा किया कि विरोध प्रदर्शन के दौरान वह अपने आस-पास के लोगों से प्रभावित थी। आरोप लगाया कि उसे धमकियां मिल रही हैं। उसने कहा कि उसके खिलाफ दर्ज पुलिस केस अभी तक वापस नहीं लिया गया है। छात्रा ने कहा कि उसने अनजाने में वे बातें नहीं कही थीं। बल्कि वह विरोध प्रदर्शन वाली जगह के माहौल और दूसरे लोग जो उसे बता रहे थे, उससे प्रभावित थी।

लड़की की मां ने क्या कहा?

वहीं, लड़की की मां ने कहा कि PM मोदी के माफ करने के फैसले की वजह से उनकी बेटी को नई जिंदगी मिली है। न्यूज एजेंसी PTI से बात करते हुए लड़की की मां ने कहा कि वे PM मोदी की शुक्रगुजार हैं कि उन्होंने बदला लेने के बजाय माफ करने का रास्ता चुना। उन्होंने इसे अपनी बेटी के लिए एक दूसरा मौका बताया।

उन्होंने कहा, “PM मोदी ने उस बच्ची को माफ करके अपनी महानता दिखाई है, जिसने इतने गंदे और अश्लील शब्दों का इस्तेमाल किया था। आज उसका जन्मदिन है और PM मोदी ने उसे सबसे बड़ा तोहफा दिया है जीवनदान….। आज इस लड़की का पुनर्जन्म हुआ है।” शुक्रवार को PM मोदी ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो पोस्ट करके संयम बरतने की अपील की थी।

यह अपील जंतर-मंतर पर NEET-UG पेपर लीक के खिलाफ कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के नेतृत्व में हुए छात्र विरोध-प्रदर्शन के दौरान उनके खिलाफ अपशब्दों वाले नारे लगाए जाने के बाद की गई थी। प्रधानमंत्री ने उन्हें अपशब्द कहने वालों को गुमराह बताया और कहा कि उन्हें नहीं लगता कि इसका समाधान गुस्से या बदले की भावना में है।

‘बहकावे में आ गई थी’

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने वाली लड़की ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर देशवासियों से सार्वजनिक रूप से माफी मांगी है। खुद को 15 साल का बताने वाली लड़की ने कहा कि वीडियो में प्रधानमंत्री को अपशब्द कहने संबंधी उसका वीडियो सोशल मीडिया पर उसने खुद पोस्ट नहीं किया था। उसने कहा कि वह इस पर बहुत शर्मिंदा है।

पीटीआई द्वारा संबंधित वीडियो की प्रामाणिकता की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की जा सकी। प्रधानमंत्री मोदी ने भी शुक्रवार को एक वीडियो संदेश में प्रदर्शन के दौरान उनके और उनकी दिवंगत मां के खिलाफ अपशब्द कहने वालों को माफ करने की बात कही।

पीएम मोदी ने कहा कि हमारी बेटियों द्वारा इस तरह की भाषा का इस्तेमाल किया जाना चिंता का विषय है। हालांकि, उन्होंने कहा कि इन गुमराह बच्चों को माफ किए जाने की जरूरत है। प्रधानमंत्री ने कहा कि वह समाज में व्याप्त आक्रोश को समझते हैं। लेकिन यह गुमराह बच्चों को अपनाने और उन्हें सही राह दिखाने का समय है।

जंतर-मंतर कैसे पहुंचीं लड़की?

माफी वाले वीडियो में लड़की ने कहा, “मैं अपने दोस्तों के साथ सीपी (कनॉट प्लेस) गई थी, जहां प्रदर्शन हो रहा था।…वहां लोग बहुत चीजें बोल रहे थे। प्रधानमंत्री जी को बहुत गालियां दे रहे थे। उन लोगों के बहकावे में आकर मैंने वे सब चीजें बोलीं।”

लड़की ने कहा, “मैं अभी मात्र 15 साल की हूं। मैंने जो किया वह माफी के लायक नहीं है। मैंने बहुत गंदी चीजें बोलीं। लेकिन यह मेरी पहली और आखिरी गलती होगी। इसके बाद मैं ऐसा कुछ नहीं करूंगी। न ही वो चीज मैंने कभी पोस्ट की थी।…मैं पूरे देश से माफी मांगती हूं। मैं इतनी शर्मिंदा हूं कि अपनी नजरें भी नहीं उठा पा रही हूं।”

गाजियाबाद में शिकायत दर्ज

लड़की का यह वीडियो गाजियाबाद निवासी स्मृति सिंह की ओर से 29 जुलाई को नोएडा के एक्सप्रेसवे थाने में शिकायत दर्ज कराए जाने के बाद आया है। शिकायत में आरोप लगाया गया कि जंतर-मंतर पर सेक्टर-168 स्थित लोटस जिंग आवासीय सोसाइटी की निवासी लड़की ने प्रधानमंत्री के खिलाफ अभद्र एवं आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग किया, जिससे संवैधानिक पद की गरिमा को ठेस पहुंची।

ये भी पढ़ें- Abhijeet Dipke: रिटायर्ड पिता ने US में अभिजीत दिपके की पढ़ाई का खर्च कैसे उठाया? RTI कार्यकर्ता ने CJP के फंड पर उठाए सवाल, जांच की मांग

पुलिस के अनुसार, शिकायत के आधार पर जीरो FIR दर्ज की गई और उसे जांच के लिए दिल्ली पुलिस को ट्रांसफर कर दिया गया। इससे पहले, दिल्ली पुलिस ने इस कंटेंट के प्रसार को लेकर साइबर सेल थाने में FIR दर्ज की थी। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X को इसे हटाने का नोटिस जारी कर जांच के तहत संबंधित इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड सुरक्षित रखने को कहा था।