‘राम मंदिर में चंदा चोरी से संतों का कोई वास्ता नहीं’; पप्पू यादव और राहुल गांधी से SP ने बनाई दूरी! राम गोपाल यादव भड़के

Pappu Yadav News: संसद परिसर में बिहार के पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव के भगवा कपड़े पहनकर राम मंदिर चंदा चोरी का नुक्कड़ नाटक करने पर समाजवादी पार्टी (SP) के सीनियर नेता राम गोपाल यादव ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इस नाटक को गलत ठहराते हुए कहा कि राम मंदिर में चोरी से संतों का कोई वास्ता नहीं है। सपा सांसद ने कहा कि पप्पू यादव ने गलत किया। उन्हें संसद परिसर में ऐसा नहीं करना चाहिए था। यादव ने कहा कि संतों का चंदा चोरी से कोई संबंध नहीं है। बता दें कि हाल ही में समाजवादी पार्टी के कई सांसद भी पप्पू यादव के साथ नाटक कर रहे थे।

न्यूज एजेंसी ANI के मुताबिक, संसद परिसर में पप्पू यादव द्वारा भगवा कपड़े पहनकर नुक्कड़ नाटक पर सपा सांसद राम गोपाल यादव ने कहा, “वो गलत था क्योंकि राम मंदिर में चोरी से संतों का कोई वास्ता नहीं है। वो गलत चीज थी, ऐसा नहीं होना चाहिए था।” उन्होंने आगे कहा, “हम राम मंदिर चंदा चोरी का मामला सदन में उठाएंगे। ये गंभीर मामला है।”

राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने शुक्रवार को भगवा कपड़े पहनकर संसद परिसर में मकर द्वार के सामने अन्य विपक्षी सांसदों के साथ नाटक किया था। यह प्रदर्शन अयोध्या स्थित राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के विरोध में किया गया था। इस दौरान लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी समेत कांग्रेस और सपा के विभिन्न सांसदों ने दान पेटी में पैसे डाले। जबकि यादव ने राम मंदिर में हुई चोरी को दिखाने के लिए कथित रूप से पैसे अपनी जेब में रख लिए।

BJP ने विपक्ष से की माफी की मांग

भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने आरोप लगाया कि लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और निर्दलीय सांसद पप्पू यादव ने राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में संसद परिसर में नाटक करके हिंदू भावनाओं को ठेस पहुंचाई। भगवा पार्टी ने कहा कि उन्हें इसके लिए माफी मांगनी चाहिए। यादव ने हालांकि कहा कि वह सनातन की रक्षा के लिए विरोध कर रहे हैं। कितनी भी FIR दर्ज हो जाएं। लेकिन वह नहीं झुकेंगे।

BJP नेताओं ने राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की तरफ ध्यान खींचने के लिए संसद परिसर में नाटक करने को लेकर पप्पू यादव, राहुल गांधी और अयोध्या से समाजवादी पार्टी (सपा) के सांसद अवधेश प्रसाद के खिलाफ शनिवार को वाराणसी में शिकायत दर्ज करवाई। जबकि राष्ट्रीय राजधानी में दिल्ली पुलिस को तहरीर दी। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) से जुड़े विश्व हिंदू परिषद (VHP) ने भी गांधी और यादव पर हमला करते हुए आरोप लगाया कि दोनों नेताओं ने संसद परिसर में विरोध प्रदर्शन के जरिए सनातन धर्म का अपमान किया।

आखिर क्या हुआ था जिस पर मचा है बवाल?

दरअसल, भगवा कपड़े पहने पप्पू यादव ने शुक्रवार को संसद परिसर में ‘मकर द्वार’ के सामने विपक्ष के दूसरे सांसदों के साथ यह राम मंदिर चढ़ावा चोरी का नाटक किया। इस दौरान राहुल गांधी समेत अन्य सांसदों ने दान पेटी में पैसे डाले। जबकि राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने राम मंदिर में कथित चढ़ावा चोरी को दिखाने के लिए अपनी जेब में पैसे डाले। BJP के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ ने आरोप लगाया कि इस तरह के विरोध से लाखों राम भक्तों की भावनाओं को ठेस पहुंची है। यह सिर्फ राजनीतिक विरोध का काम नहीं था। बल्कि एक सोचा-समझा अपराध था।

चुघ ने न्यूज एजेंसी पीटीआई से कहा, “राहुल गांधी और इस काम में शामिल हर किसी को, चाहें वह समाजवादी पार्टी से हो या किसी दूसरी राजनीतिक पार्टी से, पूरे देश और दुनिया भर के हिंदुओं से सबके सामने माफी मांगनी चाहिए।” उन्होंने आरोप लगाया कि जिन नेताओं ने राम जन्मभूमि आंदोलन का विरोध किया था। राम मंदिर के निर्माण का बहिष्कार किया था, वे अब मंदिर से जुड़े प्रतीकों का मजाक उड़ा रहे हैं।

VHP नेता सुरेंदर गुप्ता ने भी गांधी और यादव की आलोचना की। इस विरोध को अश्लील प्रदर्शन बताया, जो सनातन धर्म और संतों का अपमान करता है। गुप्ता ने पीटीआई से बातचीत में कहा, “‘यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है कि देश की राजधानी में संसद के बाहर ऐसा अश्लील प्रदर्शन किया गया। जिस तरह से दो ‘पप्पुओं’ ने सनातन और संतों का अपमान किया। उससे संतों के साथ-साथ हिंदू समुदाय में भी बहुत गुस्सा है।”

पप्पू यादव की सफाई

इस बीच, पप्पू यादव ने कहा कि उन्होंने न तो किसी संत को गाली दी और न ही उनका अपमान किया। यादव ने पीटीआई से कहा, “मैंने किसी को गाली नहीं दी। मैंने किसी संत का नाम नहीं लिया और न ही उनका अपमान किया। सनातन और इस देश के सौ करोड़ लोगों की आस्था की रक्षा के लिए हम एक लाख बार कुर्बानी देने को तैयार हैं। आप हमारे खिलाफ जितने चाहें मुकदमे कर लें और जितना चाहें हमला कर लें।” यादव बिहार के पूर्णिया से निर्दलीय सांसद हैं।

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‘सिद्धिविनायक मंदिर में हर साल ₹18 करोड़ की चोरी’; राज ठाकरे का सनसनीखेज आरोप

Siddhivinayak Temple donations theft: महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) के अध्यक्ष राज ठाकरे ने मुंबई के प्रसिद्ध सिद्धिविनायक मंदिर में हर साल 18 करोड़ रुपये की चोरी होने का सनसनीखेज दावा किया है। MNS प्रमुख ने शनिवार 1 अगस्त को एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि आजकल मंदिर भी सुरक्षित नहीं हैं। मनसे की छात्र इकाई के एक कार्यक्रम में ठाकरे ने यह दावा भी किया कि अयोध्या के राम मंदिर में 1,400 करोड़ रुपये की चोरी हुई है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इस मुद्दे पर बोलना चाहिए।

MNS प्रमुख राज ठाकरे ने कहा कि निराश युवा मंदिरों में जाते हैं। लेकिन मंदिर भी भ्रष्टाचार से मुक्त नहीं हैं। महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को आठ न्यासियों द्वारा लिखा गया एक लेटर पढ़ते हुए ठाकरे ने कहा कि सिद्धिविनायक मंदिर में दान पेटी से पैसे चुराने वाले कुछ कर्मचारियों को न्यासियों की सतर्कता के कारण पकड़ लिया गया।

‘हर साल 18 करोड़ रुपये की चोरी’

ठाकरे ने कहा कि इस चोरी के पकड़े जाने से पहले मंदिर में दान से होने वाली साप्ताहिक आय 50 लाख रुपये से भी कम थी। लेकिन इसके बाद दान की राशि बढ़कर 1.5 करोड़ रुपये हो गई। न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक ठाकरे ने दावा किया, “हर साल 18 करोड़ रुपये की चोरी की गई है।”

9 कर्मचारी गिरफ्तार

इस बीच सिद्धिविनायक मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष और एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना के नेता सदा सरवणकर ने पत्रकारों से कहा कि इस मामले में 9 कर्मचारियों को गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने पत्रकारों से कहा, “जहां भी आवश्यक था, हमने मामले दर्ज कर दिए हैं।” सरवणकर ने कहा कि दान में वृद्धि न्यास द्वारा किए गए प्रयासों के कारण हुई।

‘आजकल मंदिर भी सुरक्षित नहीं हैं’

अपनी पार्टी के छात्र विंग द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम में बोलते हुए ठाकरे ने कहा, “आजकल मंदिर भी सुरक्षित नहीं हैं।” राज ठाकरे ने मांग की है कि प्रधानमंत्री मोदी इस मुद्दे पर बात करें। उन्होंने यह भी कहा, “निराश युवा मंदिरों में जाते हैं, लेकिन मंदिर भी भ्रष्टाचार से सुरक्षित नहीं हैं।”

सिद्धिविनायक मंदिर का ज़िक्र करते हुए ठाकरे ने कहा कि दान पेटी से पैसे चुराने वाले कुछ कर्मचारियों को ट्रस्टियों की सतर्कता के कारण पकड़ा गया था। आठ ट्रस्टियों द्वारा महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को लिखे गए एक पत्र को पढ़कर उन्होंने बताया कि चोरी का पता चलने से पहले मंदिर की साप्ताहिक दान आय 50 लाख रुपये से कम थी। बाद में यह बढ़कर 1.5 करोड़ रुपये हो गई।

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ठाकरे ने यह दावा अयोध्या के राम मंदिर में कथित दान चारी केारोपों के बाद आया है। अयोध्या में पुलिस ने राम मंदिर में दान की चोरी के मामले में कई आरोपियों को गिरफ्तार किया है। अभी जांच चल रही है। मुंबई में दिए गए इन बयानों ने मंदिर के दान को लेकर ठाकरे के आरोपों, सिद्धिविनायक मामले में की गई कार्रवाई और प्रधानमंत्री से जवाब की उनकी मांग पर ध्यान केंद्रित किया है।

Ram Mandir Chanda Chori Update: राम मंदिर दान घोटाले में बड़ा खुलासा! वॉशरूम में मिले ₹40,000 कैश से खुली करोड़ों की चोरी की परतें

Ram Mandir Chanda Chori Update: अयोध्या स्थित श्री राम मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा चढ़ाए गए दान में कथित हेराफेरी का मामला उस समय सामने आया, जब मंदिर परिसर के एक शौचालय में 40 हजार रुपये कैश छिपे मिले। ‘टाइम्स ऑफ इंडिया (TOI)’ की रिपोर्ट के अनुसार, एक सुरक्षा गार्ड की सतर्कता से हुई इस बरामदगी ने ऐसे संगठित गिरोह का खुलासा किया, जो पिछले कई महीनों से दान की रकम में कथित तौर पर सेंध लगा रहा था।

शौचालय में कैश मिलने के बाद मंदिर प्रशासन ने दान गिनने वाले रूम की सीसीटीवी फुटेज खंगाली। जांच में कथित तौर पर सामने आया कि दान की गिनती में लगे कुछ कर्मचारी नोटों को अपने कपड़ों और शरीर में छिपा रहे थे। इसके बाद पूरे दान प्रबंधन तंत्र की जांच शुरू की गई।

ऐसे की जाती थी दान की रकम की चोरी

जांच एजेंसियों के अनुसार, आरोपी दान की गिनती के दौरान कैश निकालकर पहले उसे मंदिर परिसर के शौचालयों में छिपा देते थे। बाद में सुरक्षा कर्मियों और अन्य कर्मचारियों की नजर से बचते हुए उस रकम को थोड़ी-थोड़ी मात्रा में बाहर ले जाया जाता था। पुलिस का मानना है कि इसी तरीके से लंबे समय तक चोरी को अंजाम दिया जाता रहा।

SIT जांच में बड़ा खुलासा

शुरुआती जांच में मंदिर ट्रस्ट ने लगभग 80 लाख रुपये की बरामदगी दर्ज की। मामला तूल पकड़ने के बाद जांच स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) को सौंप दी गई। अब तक दान की गिनती से जुड़े आठ लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। जांच के दौरान पुलिस ने आरोपियों के पास से बड़ी मात्रा में नकदी, आभूषण और कथित तौर पर चोरी के पैसों से खरीदी गई एक गाड़ी भी बरामद की है। इसके अलावा आरोपियों और उनके परिजनों से जुड़े करीब 50 बैंक खातों की जांच कर धन के लेन-देन का पता लगाया जा रहा है।

कई महीनों से चल रही थी कथित हेराफेरी

जांच अधिकारियों का मानना है कि दान की रकम में यह कथित चोरी कई महीनों से जारी थी। हालांकि, मंदिर में प्रतिदिन बड़ी संख्या में आने वाले दान और रिकॉर्ड की सीमाओं के कारण यह तय कर पाना मुश्किल है कि कुल कितनी राशि का गबन हुआ। TOI की रिपोर्ट के मुताबिक, यह अहम खुलासा तब हुआ जब एक सिक्योरिटी गार्ड को मंदिर परिसर के अंदर एक वॉशरूम में छिपे हुए ₹40,000 मिले। इस खोज से तुरंत शक पैदा हुआ, जिसके बाद मंदिर प्रशासन ने डोनेशन गिनने वाली जगह के CCTV फुटेज की जांच की। उन्हें जो मिला, वह छिपे हुए कैश के एक बंडल से कहीं ज़्यादा गंभीर मामला था।

दान व्यवस्था में मिलीं खामियां, ट्रस्ट ने बदली पूरी सिस्टम

SIT की जांच में यह भी सामने आया कि मुख्य आरोपियों में से एक के पास दान पेटियों की चाबियों तक अनधिकृत पहुंच थी। इससे मंदिर की आंतरिक निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हुए हैं। यह भी जांच की जा रही है कि क्या अन्य कर्मचारी या अधिकारी इस कथित गड़बड़ी से अनजान थे या उन्होंने इसे नजरअंदाज किया।

मामले के सामने आने के बाद ‘श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट’ ने दान संग्रह और गिनती की पूरी व्यवस्था में व्यापक बदलाव किए हैं। अब दान की गिनती के दौरान सुरक्षा बढ़ा दी गई है, सीसीटीवी निगरानी को मजबूत किया गया है, सख्त मॉनिटरिंग प्रोटोकॉल लागू किए गए हैं और नकदी प्रबंधन प्रणाली में बदलाव कर मानवीय हस्तक्षेप को कम करने की कोशिश की गई है। इन सुधारों का उद्देश्य लाखों श्रद्धालुओं का भरोसा दोबारा कायम करना है।

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