DDA Plans: डीडीए ने दिल्ली के 45 जेजे क्लस्टर्स के इन-सिटू पुनर्वास की प्रक्रिया शुरू की, 1 लाख लोगों को मिलेगा फायदा

DDA Plans: राष्ट्रीय राजधानी में झुग्गी-झोपड़ी बस्तियों में रहने वाले लोगों को बेहतर और सम्मानजनक आवास उपलब्ध कराने की दिशा में दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) ने बड़ा कदम उठाया है। ‘दिल्ली मास्टर प्लान-2047’ के तहत DDA ने 45 JJ क्लस्टरों के इन-सिटू रिहैबिलिटेशन (उसी जगह पुनर्वास) की प्रक्रिया शुरू कर दी है। इसके लिए 15 परियोजनाओं की व्यवहार्यता रिपोर्ट तैयार करने के लिए तीन ट्रांजैक्शन एडवाइजर नियुक्त करने की प्रक्रिया शुरू की गई है। इस पहल से करीब 21,229 परिवारों और एक लाख से अधिक लोगों को लाभ मिलने की उम्मीद है।

क्या है DDA की योजना?

दिल्ली के उपराज्यपाल (Delhi LG) सरदार तरनजीत सिंह संधू के मार्गदर्शन में DDA ने दिल्ली मास्टर प्लान-2047 में परिकल्पित In-Situ Rehabilitation (ISR) योजना को आगे बढ़ाने की शुरुआत की है। इसका उद्देश्य झुग्गी बस्तियों में रहने वाले लोगों को उनकी मौजूदा जगह या उसके आसपास ही बेहतर और सम्मानजनक आवास उपलब्ध कराना है। DDA ने इसके लिए रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल (RFP) जारी किया है। इसके तहत तीन ट्रांजेक्शन एडवाइजर्स(TA) नियुक्त किए जाएंगे। ये सलाहकार दिल्ली के 15 प्रोजेक्ट्स से जुड़े 45 JJ क्लस्टरों के लिए विस्तृत व्यवहार्यता रिपोर्ट तैयार करेंगे।

45 JJ क्लस्टरों में कितने परिवार?

DDA के मुताबिक, इन 15 परियोजनाओं में शामिल 45 JJ क्लस्टर करीब 135.74 एकड़ जमीन पर फैले हुए हैं। इनमें लगभग 21,229 परिवार रहते हैं। प्रस्तावित पुनर्वास योजना से एक लाख से ज्यादा लोगों को बेहतर आवास, नागरिक सुविधाएं और रहने की बेहतर परिस्थितियां मिलने की संभावना है।

ट्रांजेक्शन एडवाइजर्स क्या करेंगे?

नियुक्त किए जाने वाले ट्रांजेक्शन एडवाइजर्स सिर्फ जमीन और मकानों का आकलन नहीं करेंगे। बल्कि प्रत्येक परियोजना की पूरी व्यवहार्यता जांचेंगे। इसमें मुख्य रूप से:-

– कितने लोगों और परिवारों के पुनर्वास की जरूरत है

– जमीन पर विकास की कितनी संभावनाएं हैं

– सड़क, पानी, सीवर और अन्य बुनियादी ढांचे की जरूरत

– परियोजना की वित्तीय व्यवहार्यता

– पुनर्वास के लिए उपयुक्त मॉडल

– परियोजना को व्यवस्थित और टिकाऊ तरीके से लागू करने की योजना जैसे पहलुओं का विस्तृत अध्ययन किया जाएगा।

17 लाख लोगों के पुनर्वास का लक्ष्य

दिल्ली मास्टर प्लान-2047 में दिल्ली के 650 से अधिक JJ क्लस्टरों में रहने वाले करीब 17 लाख लोगों के लिए सम्मानजनक आवास उपलब्ध कराने का प्रावधान किया गया है। मौजूदा पहल को इसी बड़े लक्ष्य की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। DDA के अनुसार, यह योजना प्रधानमंत्री के ‘सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास’ के विजन के अनुरूप समावेशी शहरी विकास को बढ़ावा देने की दिशा में काम करेगी।

सिर्फ पुनर्वास नहीं, जमीन का भी बेहतर इस्तेमाल

इस योजना का उद्देश्य केवल झुग्गी बस्तियों में रहने वाले लोगों का पुनर्वास करना नहीं है। DDA के मुताबिक, इन-सिटू स्लम रिहैबिलिटेशन के जरिए झुग्गी बस्तियों की जमीन का योजनाबद्ध और बेहतर इस्तेमाल भी किया जा सकेगा। इससे एक तरफ मौजूदा निवासियों को बेहतर आवास और नागरिक सुविधाएं मिलेंगी, वहीं दूसरी तरफ बड़ी मात्रा में आवासीय और व्यावसायिक स्थान विकसित किया जा सकेगा। इससे दिल्ली की बढ़ती आबादी के लिए अतिरिक्त हाउसिंग स्टॉक और कमर्शियल स्पेस उपलब्ध कराने में मदद मिलने की उम्मीद है।

अब आगे क्या होगा?

पहले ट्रांजेक्शन एडवाइजर्स इन 15 परियोजनाओं की विस्तृत रिपोर्ट तैयार करेंगे। इन रिपोर्टों में तकनीकी और वित्तीय पहलुओं का अध्ययन किया जाएगा। इसके आधार पर आगे परियोजनाओं की संरचना और क्रियान्वयन का मॉडल तैयार किया जाएगा। DDA का कहना है कि यह प्रक्रिया व्यवस्थित, पारदर्शी और टिकाऊ तरीके से JJ क्लस्टरों के पुनर्विकास का आधार तैयार करेगी। यह पहल दिल्ली में झुग्गी बस्तियों के पुनर्वास और समावेशी शहरी विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण पड़ाव मानी जा रही है।

ये भी पढ़ें- PM Modi 25 years in office: 25 साल की सरकारी सेवा पर इस खास मंदिर में क्यों गए PM मोदी? खुद बताया प्रार्थना में क्या मांगा

DDA Housing Scheme: दिल्ली में सिर्फ ₹35 लाख में घर खरीदने का मौका! DDA ने निकाली 209 EWS फ्लैटों की स्कीम, जानिए कौन कर सकता है आवेदन

DDA Housing Scheme in Delhi: दिल्ली विकास प्राधिकरण यानी DDA ने राष्ट्रीय राजधानी में घर खरीदने की योजना बना रहे लोगों के लिए एक नई स्कीम शुरू की है। ‘जनता आवास योजना फेज-2’ के तहत 209 EWS फ़्लैट्स के लिए आवेदन शुरू हो गए हैं। इन फ़्लैट्स की कीमत लगभग ₹34.86 लाख से 35.50 लाख रुपये के बीच है। हालांकि, बेस प्राइस के अलावा GST और दूसरे लागू होने वाले चार्ज भी लग सकते हैं। इसलिए, आवेदन करने से पहले कुल लागत और स्कीम की शर्तों को समझना जरूरी है। आइए जानते हैं कि यह योजना क्या है और इसकी शर्तें क्या हैं।

कहां मिलेंगे ये फ्लैट

DDA की यह योजना दिल्ली के रोहतक रोड इलाके में झाखिरा फ्लाईओवर के पास स्थित प्रगति-1 ग्रुप हाउसिंग प्रोजेक्ट से जुड़ी है। इस योजना के तहत EWS कैटेगरी के कुल 209 फ्लैट्स उपलब्ध कराए जा रहे हैं। फ्लैट लेने के इच्छुक लोगों को आवेदन करने से पहले लोकेशन और प्रोजेक्ट से जुड़ी जानकारी भी देख लेनी चाहिए।

फ्लैट की कीमत क्या है?

इन फ्लैट्स की कीमत लगभग ₹34.86 लाख से 35.50 लाख रुपये के बीच बताई जा रही है। यह कीमत फ्लैट के हिसाब से अलग-अलग हो सकती है। इसके अलावा, GST और दूसरे लागू होने वाले चार्ज भी देने पड़ सकते हैं। इसलिए, खरीदारों को सिर्फ बेस प्राइस के आधार पर अपना बजट तय नहीं करना चाहिए कुल लागत का हिसाब लगाना जरूरी है।

कौन कर सकता है आवेदन

इस योजना में आवेदन के लिए आवेदक की उम्र कम से कम 18 साल होनी चाहिए। आवेदक का भारतीय नागरिक होना जरूरी है। योजना EWS कैटेगरी के लिए है, इसलिए परिवार की सालाना आय 10 लाख रुपये से ज्यादा नहीं होनी चाहिए।आवेदन के लिए PAN कार्ड और अपने नाम का बैंक अकाउंट होना भी जरूरी है। इसके अलावा पात्रता से जुड़े जरूरी दस्तावेज और आय प्रमाण से संबंधित शर्तों को पूरा करना होगा।

आवेदन शुल्क कितना है?

इस DDA स्कीम के लिए आवेदन करने हेतु ₹2,500 का रजिस्ट्रेशन शुल्क आवश्यक है। यह शुल्क वापस नहीं किया जाएगा। इसलिए, आवेदन करने से पहले अपनी पात्रता और दस्तावेजों की जांच करना आवश्यक है।

कैसे होगा फ्लैट का आवंटन?

इन फ्लैट्स का आवंटन ‘पहले आओ-पहले पाओ’ के आधार पर नहीं होगा। योग्य आवेदकों के बीच कंप्यूटराइज्ड ड्रॉ के जरिए फ्लैट का आवंटन किया जाएगा। इसका मतलब है कि आवेदन करने मात्र से फ्लैट मिलना तय नहीं है। पात्र आवेदकों में से ड्रॉ के जरिए चयन किया जाएगा।

आय प्रमाणपत्र की तारीख भी जरूरी

आवेदकों को आय और EWS स्टेटस से जुड़े दस्तावेजों की तारीखों पर भी ध्यान देना चाहिए। इस स्कीम के तहत, आय या EWS सर्टिफिकेट 7 दिसंबर, 2026 को या उससे पहले जारी किया गया होना चाहिए। इसलिए, पुराने या गलत तारीख वाले दस्तावेज़ों के साथ आवेदन करने से पहले स्कीम की शर्तों और नियमों को ध्यान से पढ़ना जरूरी है।

आवेदन से पहले इन बातों का रखें ध्यान

अगर आप इस स्कीम के तहत अप्लाई करने के बारे में सोच रहे हैं, तो सिर्फ फ्लैट की कीमत के आधार पर ही फैसला न करें। सबसे पहले GST और दूसरे लागू होने वाले चार्ज समेत कुल लागत को समझें। इसके अलावा, सालाना पारिवारिक आय, उम्र, PAN, बैंक अकाउंट की जानकारी और EWS कैटेगरी से जुड़े डॉक्युमेंट्स के मामले में अपनी पात्रता (eligibility) की जांच कर लें।

ये भी पढ़ें- Who is Dhanraj Nathwani: कौन हैं धनराज परिमल नाथवानी? सपा ने राज्यसभा के लिए बनाया उम्मीदवार, पिता भी हैं सांसद

DDA ने अप्लाई करने की प्रक्रिया को ऑनलाइन कर दिया है। इच्छुक आवेदक DDA की ऑफिशियल वेबसाइट और संबंधित ई-सर्विसेज के जरिए स्कीम के बारे में पूरी जानकारी पा सकते हैं और अपना एप्लीकेशन जमा कर सकते हैं। अप्लाई करने से पहले नियम और शर्तें पढ़ना जरूरी है, क्योंकि पात्रता की शर्तों को पूरा न करने या जरूरी डॉक्युमेंट्स न होने पर आपके एप्लीकेशन पर बुरा असर पड़ सकता है।

(दिल्ली से शुभांगी तिवारी की रिपोर्ट)

DDA World Tourism Day celebration: बांसेरा पार्क में 26-27 सितंबर को डीडीए मनाएगा विश्व पर्यटन दिवस, जानें क्या कुछ होगा खास

DDA World Tourism Day celebration: दिल्ली डेवलपमेंट अथॉरिटी (DDA) 26 और 27 सितंबर को दिल्ली के सराय काले खां स्थित बांसेरा पार्क में वर्ल्ड टूरिज्म डे उत्सव का आयोजन करेगी। इस पर्यटन मेले का आयोजन दिल्ली के लेफ्टिनेंट गवर्नर सरदार तरनजीत सिंह संधू के निर्देशों के तहत शहर को एक टिकाऊ पर्यटन और सोशियो-कल्चरल हब के तौर पर प्रोत्साहित करने के लिए किया जा रहा है। इसमें भारत के पर्यटन, कला, क्राफ्ट, खाने, संगीत और सांस्कृति की विविधता की झलक पेश की जाएगी।

बांसेरा पार्क को छह थीम वाले जोन में बांटा जाएगा। इसमें पहला हुनर गली होगा, जहां आर्टिस्ट परंपरागत कला और शिल्प पेश करेंगे। यहां पॉटरी, ब्लॉक प्रिंटिंग, चूड़ी बनाना, मेहंदी और मंडला आर्ट दिखेगी। इस जोन का मकसद आने वालों को इंटरैक्टिव गतिविधियों के जरिए पारंपरिक शिलप देखने का मौका देना है। इस मेले में दूसरा जोन यादों की गली का होगा, जो विजिटर्स को विंटेज-थीम वाले अनुभव के जरिए पुरानी यादों में ले जाएगा, जिसमें एक फोटो बूथ, पपेट शो और बायोस्कोप होगा। तीसरा जोन होगा बचपन की दुकान, जो बचपन की यादों पर फोकस करेगा।

विश्व पर्यटन मेले का एक और आकर्षण चिट्ठी घर होगा। इसमें विजिटर्स को पोस्टकार्ड लिखने और पोस्ट करने का अनुभव कराया जाएगा। इससे पोस्टकार्ड लिखने और भेजने का पारंपरिक तरीका वापस आएगा। एक अधिकारी ने कहा, “जहां बड़े लोग पुरानी यादें ताजा करेंगे, वहीं छोटे विजिटर्स को पारंपरिक कला और क्राफ्ट के बारे में पता चलेगा जो अब नहीं होते।”

विश्व पर्यटन मेला भारत के खानपान के लिए पूरा नहीं हो सकता है। खाना इस सेलिब्रेशन का एक बड़ा हिस्सा होगा। भारत के जायके नाम का एक सेक्शन कम से कम 10-12 राज्यों या इलाकों के खाने दिखाएगा। एक अधिकारी ने कहा, “यह जोन देश की अलग-अलग तरह की खाने की चीजों को दिखाएगा और विजिटर्स को अलग-अलग पारंपरिक खाने का स्वाद चखने का मौका देगा।”

बच्चों के लिए, मस्ती का अड्डा में राइड्स और दूसरी मजेदार एक्टिविटीज होंगी। एक अधिकारी ने कहा, “ये छह जोन विजिटर के अनुभव का एक जरूरी हिस्सा हैं।” एजेंसियों को शामिल करने के लिए टेंडरिंग प्रोसेस शुरू हो गया है।

कल का मौसम: 18 सितंबर को बिहार, राजस्थान से तमिलनाडु तक भारी बारिश, 50 kmph तक तेज हवाओं की चेतावनी, इन राज्यों में अलर्ट जारी

द्वारका में बनेगा दिल्ली का सबसे भव्य 5-Star होटल! 1000 करोड़ के इस प्रोजेक्ट से मिलेंगी 800 नौकरियां

DDA Plan: दिल्ली के द्वारका सब-सिटी को एक इकॉनमिक, कॉर्मर्शियल और इन्वेस्टमेंट डेस्टिनेशन बनाने के लिए दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) ने एक बड़ा कदम उठाया है। डीडीए और जुनिपर होटल्स लिमिटेड ने द्वारका के सेक्टर-23 में एक भव्य 5-स्टार होटल बनाने के लिए MoU किया है। इस प्रोजेक्ट में 1000 करोड़ रुपये से अधिक का कैपिटल इन्वेस्टमेंट होगा। होटल बनने और इसके चलने करीब 800 लोगों के लिए डायरेक्ट एंप्लॉयमेंट के मौके तैयार होंगे। यह होटल दिल्ली-एनसीआर में गुणवत्तापूर्ण 5-स्टार आवास की उपलब्धता को काफी मजबूत करेगा।

यह प्रोजेक्ट जुनिपर द्वारा लाइसेंस शुल्क के आधार पर क्रियान्वित की जाएगी। इसके लिए जल्द ही जमीन जुनिपर होटल्स लिमिटेड को सौंप दी जाएगी। इस होटल को 2030 तक ऑपरेशनल करने का टारगेट बनाया गया है। 55 वर्षों की लाइसेंस अवधि के दौरान इस होटल से डीडीए के लिए 6000 करोड़ रुपये से अधिक का राजस्व आने का अनुमान है।

गोल्फ कोर्स और यशोभूमि के पास प्राइम लोकेशन

जुनिपर होटल्स लिमिटेड, सराफ होटल्स और अंतरराष्ट्रीय हॉस्पिटैलिटी ब्रांड हयात के बीच एक रणनीतिक साझेदारी है। अभी यह भारत के प्रमुख स्थलों पर 245 सर्विस अपार्टमेंट्स सहित 1895 कमरों वाले सात होटलों का प्रबंधन करता है। कंपनी द्वारका में प्रस्तावित इस 5-स्टार होटल को हयात के साथ साझेदारी में अपने प्रीमियम ग्रैंड हयात ब्रांड के तहत विकसित और संचालित करेगी।

यह होटल देश के सबसे लंबे 18-होल वाले डीडीए द्वारका गोल्फ कोर्स के ठीक सामने स्थित होगा। इससे गोल्फ खिलाड़ियों और मेहमानों की विशेष जरूरतों को पूरा किया जा सकेगा। यह जगह क्षेत्रफल के हिसाब से भारत और एशिया के सबसे बड़े कन्वेंशन सेंटर यशोभूमि के बेहद करीब है। ये द्वारका स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स से भी नजदीकी दूरी पर होगा। इसके अलावा यह होटल ठीक सामने प्रस्तावित डिप्लोमैटिक एन्क्लेव के मेहमानों की जरूरतों को भी पूरा करेगा।

यह भी पढ़ें: Sukhbir Singh Badal Attacked: पंजाब के पूर्व डिप्टी CM सुखबीर सिंह बादल पर जानलेवा हमला, नांदेड़ गुरुद्वारे के पास निहंग ने किया अटैक

Delhi 2047 का मास्टर प्लान पास, DDA के पुराने मकानों को मिलेगी नई जिंदगी! मेट्रो, सड़क सब पर असर

Delhi Master Plan 2047: दिल्ली के विकास को लेकर दिल्ली विकास प्राधिकरण यानी DDA ने कई बड़े फैसले लिए हैं। DDA की बैठक में Master Plan for Delhi-2047 को मंजूरी दी गई। बैठक की अध्यक्षता दिल्ली के उपराज्यपाल और DDA के चेयरमैन सरदार तरनजीत सिंह संधू ने की। अब इस प्लान को अंतिम मंजूरी के लिए केंद्रीय आवास एवं शहरी मामलों के मंत्रालय को भेजा जाएगा।

दिल्ली का विकास कैसे होगा?

Master Plan 2047 में दिल्ली के आने वाले वर्षों के विकास की रूपरेखा तैयार की गई है। इसमें आवास, रोजगार, ट्रांसपोर्ट, पर्यावरण और इंफ्रास्ट्रक्चर पर फोकस रहेगा। बढ़ती आबादी को देखते हुए शहर के विकास को एक साथ कई क्षेत्रों से जोड़ने की कोशिश की गई है।

इसमें पुराने इलाकों को बेहतर बनाने, ऐतिहासिक जगहों को बचाने और लोगों को बेहतर सुविधाएं देने पर भी ध्यान दिया गया है। प्लान तैयार करने से पहले दिल्ली सरकार, MCD, NDMC, DJB, DMRC, NCRTC और RWAs समेत कई संस्थाओं से चर्चा की गई थी।

पुराने DDA मकानों का पुनर्निर्माण आसान होगा

DDA ने पुराने दो मंजिला मकानों के पुनर्निर्माण के लिए एक समान नीति को भी मंजूरी दी है। इसका फायदा 50 साल से ज्यादा पुराने उन DDA मकानों को मिलेगा, जो अब जर्जर या कमजोर हो चुके हैं।

पहले ऐसे बने-बनाए मकानों के पुनर्विकास के लिए एक समान नियम नहीं थे। अब इन मकानों को खाली रिहायशी प्लॉट की तरह रीडेवपलमेंट का अधिकार मिलेगा। हालांकि, इसके लिए FAR, ग्राउंड कवरेज, ऊंचाई, फायर सेफ्टी और स्ट्रक्चरल सेफ्टी जैसे नियमों का पालन करना होगा।

रिठाला-कुंडली मेट्रो को भी बढ़ावा

DDA ने नरेला सब-सिटी में रिठाला-कुंडली मेट्रो कॉरिडोर के डिपो के लिए 19.63 हेक्टेयर जमीन का लैंड यूज बदलने को मंजूरी दी है। जमीन का इस्तेमाल अब ट्रांसपोर्टेशन के लिए किया जा सकेगा।

रिठाला से कुंडली तक मेट्रो विस्तार से नॉर्थ-वेस्ट दिल्ली, रोहिणी और नरेला की कनेक्टिविटी बेहतर होने की उम्मीद है। इससे हरियाणा के कुंडली तक पहुंच भी आसान होगी। DDA को उम्मीद है कि इससे नरेला में आवास, रिटेल, हॉस्पिटैलिटी और दूसरे कारोबार को बढ़ावा मिलेगा।

बिल्डिंग परमिशन में भी राहत

DDA ने Unified Building Bye-Laws यानी UBBL-2016 में बदलाव को मंजूरी दी है। इसका मकसद बिल्डिंग प्लान की मंजूरी को आसान बनाना है।

अब बिल्डिंग परमिट के लिए DPCC, Chief Inspector of Factories, Delhi Jal Board और Forest Department से पहले NOC लेने की जरूरत को हटाने का प्रावधान किया गया है। इससे प्रोजेक्ट की मंजूरी में लगने वाला समय कम हो सकता है।

कई जमीनों के लैंड यूज में बदलाव

DDA ने रोशनपुरा में 7,978 वर्ग मीटर जमीन का लैंड यूज बदलने को भी मंजूरी दी है। यहां Veterinary Council of India का मुख्यालय बनाया जाना है। सरोजिनी नगर के पास 24,400 वर्ग मीटर जमीन को ट्रांसपोर्टेशन से रेजिडेंशियल में बदलने का प्रस्ताव भी मंजूर हुआ है।

इसके अलावा Copernicus Lane में तीन प्लॉट का लैंड यूज रेजिडेंशियल से पब्लिक और सेमी-पब्लिक करने की मंजूरी दी गई। यहां भारतीय विद्या भवन अपनी उच्च शिक्षा और रिसर्च गतिविधियों का विस्तार करना चाहता है।

DDA ने मंगोलपुरी और केशोपुर के कुछ इंडस्ट्रियल एरिया को डी-नोटिफाई करने का फैसला भी लिया। वहीं, Gazipur में Waste-to-Energy प्लांट के लिए जमीन का लैंड यूज कमर्शियल से यूटिलिटी करने को मंजूरी दी गई है। इसके साथ ग्रीन एरिया बढ़ाने के लिए भी जमीन के इस्तेमाल में बदलाव किया गया है।

PPF Calulator: हर साल PPF में ₹1.5 लाख डालने पर कितना पैसा मिलेगा? पूरा कैलकुलेशन समझिए

Disclaimer: यहां दी गई जानकारी सिर्फ सामान्य जागरूकता के लिए है। किसी भी निवेश, लोन, टैक्स, बीमा या दूसरे वित्तीय फैसले लेने से पहले संबंधित एक्सपर्ट्स से सलाह जरूर लें। मनीकंट्रोल किसी भी फाइनेंशियल प्रोडक्ट या सर्विस की सिफारिश नहीं करता।

दिल्ली में DDA ने TOD प्रोजेक्ट्स के लिए खोला ऑनलाइन सिंगल-विंडो, अब इस 207 Sq Km क्षेत्र में मेट्रो-रैपिड रेल रूट के पास बनेंगे टावर्स और सस्ते घर

Delhi: दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) ने अपनी ट्रांजिट ओरिएंटेड डेवलपमेंट (TOD) नीति के तहत जमीन विकसित करने की योजना को अमलीजामा पहनाना शुरू कर दिया है। पीटीआई की रिपोर्ट के मुताबिक डीडीए ने इसके लिए डेवलपर संस्थाओं को आमंत्रित करने की प्रक्रिया आधिकारिक रूप से शुरू कर दी है। दिल्ली के उपराज्यपाल तरनजीत सिंह संधू के मार्गदर्शन में तैयार की गई संशोधित टीओडी नीति को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए डीडीए ने ऑनलाइन बिल्डिंग परमिट सिस्टम (OBPS) के जरिए आवेदन प्रक्रिया को खोल दिया है। इस नीति के जरिए दिल्ली के एक बड़े हिस्से का कायाकल्प होगा और किफायती आवास के साथ-साथ आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास होगा।

दिल्ली का 207 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र होगा विकसित

DDA के मुताबिक इस नीति के लागू होने से दिल्ली का 207 वर्ग किलोमीटर का एक विशाल क्षेत्र विकास के लिए खुल जाएगा। इस दायरे में मिक्स्ड लैंड यूज एरिया, ऑफिस स्पेस, गेस्ट हाउस और स्टूडियो अपार्टमेंट्स जैसे इंफ्रा डेवलप किए जा सकेंगे।

मेट्रो और रैपिड रेल रूट के पास क्या है योजना?

टीओडी नीति के तहत दिल्ली में परिवहन गलियारों के आसपास के क्षेत्रों को योजनाबद्ध विकास और पुनर्विकास के लिए चिन्हित किया गया है। मेट्रो कॉरिडोर की बात करें तो मेट्रो लाइनों के दोनों तरफ 500 मीटर का दायरा इसके लिए तय किया गया है। इसी तरह रैपिड रेल स्टेशनों के चारों तरफ 500 मीटर के रेडियस को नियोजित विकास के लिए चिन्हित किया गया है। इसका उद्देश्य है कि इन क्षेत्रों में योजनाबद्ध तरीके से किफायती आवास और उससे जुड़े बुनियादी ढांचे को तैयार किया जाए। अधिकारियों का मानना है कि इससे न सिर्फ लोगों के रहने की स्थिति बेहतर होगी बल्कि मेट्रो की राइडरशिप भी बढ़ेगी।

ईज ऑफ डूइंग बिजनेस: अब सिंगल-विंडो क्लीयरेंस

डीडीए ने बताया कि यह नीति ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को बढ़ावा देती है। इसके तहत परियोजनाओं की मंजूरी के लिए एक बेहद सरल और सिंगल-विंडो क्लीयरेंस व्यवस्था बनाई गई है। जमीन विकसित करने के इच्छुक किसी भी व्यक्ति या डेवलपर इकाई को शुल्क के साथ सिर्फ एक पॉइंट पर मंजूरी के लिए आवेदन करना होगा। डेवलपर्स को अब दिल्ली नगर निगम, दिल्ली जल बोर्ड, दिल्ली फायर सर्विस जैसी अलग अलग एजेंसियों के पास अलग से चक्कर लगाने की जरूरत नहीं होगी।

TOD कमेटी करेगी फैसला

डेवलपर्स को सबसे पहले डीडीए के ऑनलाइन बिल्डिंग परमिट सिस्टम के माध्यम से आवेदन करना होगा ताकि टीओडी समिति द्वारा टीओडी प्लॉटों को मंजूरी दी जा सके। यह समिति डीडीए के उपाध्यक्ष के तहत काम करती है। टीओडी समिति द्वारा स्वीकृत परियोजनाओं के बिल्डिंग प्लान को अंतिम मंजूरी के लिए ओबीपीएस के माध्यम से डीडीए के पास जमा करना होगा।

मौजूदा और प्रस्तावित दोनों रूटों पर मिलेगी छूट

डीडीए के बयान के मुताबिक इस नीति में काफी फ्लेक्सिबिलिटी दी गई है। यह नीति अभी चालू मेट्रो कॉरिडोर और रेलवे स्टेशनों के साथ-साथ भविष्य में प्रस्तावित मेट्रो कॉरिडोर के आसपास भी टीओडी विकास की अनुमति देती है। इसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि नए मेट्रो कॉरिडोर के निर्माण के साथ-साथ ही इन क्षेत्रों में रियल एस्टेट और बुनियादी ढांचे का विकास भी साथ के साथ हो सकेगा।

यह भी पढ़ें: UPSIDA Mega E-Auction 2026: प्रयागराज की हाईटेक सिटी से उन्नाव की ट्रांसगंगा सिटी तक यूपी के इन 4 शहरों में सरकारी प्लॉट लेने का बंपर मौका, पूरी डिटेल जानिए

DDA Housing Scheme 2026: दिल्‍ली की सस्ता फ्लैट लेने का सुनहरा मौका! पाएं 25% का विशेष डिस्काउंट, आज ही अपना ड्रीम होम बुक करें!

DDA Housing Scheme 2026: देश की राजधानी दिल्ली में अपना घर खरीदने का सपना देख रहे लोगों के लिए बड़ी खुशखबरी है। दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) ने नागरिक आवास योजना 2026 के तहत रेडी-टू-मूव फ्लैट्स पर 25 प्रतिशत तक का स्पेशल डिस्काउंट देने की घोषणा की है। इच्छुक खरीदार ऑनलाइन बुकिंग के जरिए ऑनलाइन अप्लाई कर सकते हैं। योजना के तहत आवासों का आवंटन ‘फर्स्ट कम, फर्स्ट सर्व’ (FCFS) आधार पर किया जाएगा। आवेदन की आखिरी तारीख 30 जून 2026 निर्धारित की गई है।

दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) ने राजधानी में किफायती और तैयार आवास उपलब्ध कराने के उद्देश्य से नागरिक आवास योजना 2026 को आकर्षक ऑफर के साथ पेश किया है। योजना के तहत पात्र खरीदारों को चयनित रेडी-टू-मूव फ्लैट्स पर 25 प्रतिशत तक की विशेष छूट दी जा रही है, जिससे घर खरीदने की लागत में बड़ी कमी आएगी।

DDA के अनुसार, योजना में शामिल सभी आवास तत्काल रहने योग्य हैं और खरीदारों को निर्माण पूरा होने का इंतजार नहीं करना पड़ेगा। ऑनलाइन अप्लाई और बुकिंग की सुविधा के कारण लोग घर बैठे ही अपनी पसंद के फ्लैट का चयन कर सकते हैं। यह योजना दिल्ली में घर खरीदने की इच्छा रखने वाले हजारों परिवारों के लिए एक बड़ा अवसर मानी जा रही है।

तुरंत करें अप्लाई

योजना के तहत आवासों का आवंटन ‘फर्स्ट कम, फर्स्ट सर्व’ (FCFS) सिस्टम के माध्यम से किया जाएगा। इसका मतलब है कि जो आवेदक पहले आवेदन और आवश्यक प्रक्रिया पूरी करेंगे, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर आवास आवंटित किए जाएंगे। ऐसे में इच्छुक लोगों को जल्द आवेदन करने की सलाह दी गई है। DDA का कहना है कि सीमित संख्या में आवास उपलब्ध हैं। विशेष छूट का लाभ भी निर्धारित अवधि तक ही मिलेगा। नरेला और सिरसपुर में स्थित इन फ्लैट्स के लिए ऑनलाइन बुकिंग शुरू हो चुकी है। आवंटन ‘फर्स्ट कम, फर्स्ट सर्व’ (FCFS) आधार पर किया जाएगा।

मीडियम क्लास के लोगों को लिए शानदार मौका

DDA की यह योजना खास तौर पर मध्यम वर्गीय परिवारों, नौकरीपेशा लोगों और पहली बार घर खरीदने वालों के लिए लाभकारी साबित हो सकती है। प्राधिकरण ने नागरिकों से अपील की है कि वे योजना की अंतिम तिथि 30 जून 2026 से पहले आवेदन प्रक्रिया पूरी कर लें, ताकि वे रियायती दरों पर अपना घर खरीदने के अवसर का लाभ उठा सकें। सीमित संख्या में आवास उपलब्ध हैं। अपने सपनों का घर पाने का यह सुनहरा अवसर हाथ से न जाने दें।

हाउसिंग स्कीम की बड़ी बातें

फ्लैट पर 25% तक का विशेष डिस्काउंट

रेडी-टू-मूव फ्लैट्स उपलब्ध

ऑनलाइन बुकिंग की सुविधा

FCFS आधार पर आवंटन

सीमित संख्या में आवास

आवेदन की आखिरी तारीख: 30 जून 2026

कितने फ्लैट्स हैं?

DDA की हाउसिंग स्कीम 2026 के तहत राजधानी में विभिन्न आय वर्गों के लिए कुल 1,712 फ्लैट्स उपलब्ध कराए गए हैं। इनमें नरेला में 1,301 और सिरसपुर में 411 फ्लैट्स शामिल हैं। फ्लैट्स की कैटेगरी संख्या देखें तो हाई इनकम ग्रुप (HIG) के 298, मिडिल इनकम ग्रुप (MIG) के 459, लो इनकम ग्रुप (LIG) के 892 और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के 63 फ्लैट्स उपलब्ध हैं।

कीमत

कीमतों की बात करें तो EWS कैटेगरी के फ्लैट 9.60 लाख रुपये से शुरू होते हैं। LIG फ्लैट्स की कीमत 11.5 लाख से 15.3 लाख रुपये के बीच है। वहीं, MIG फ्लैट्स 66 लाख से 82 लाख रुपये और HIG फ्लैट्स 95 लाख रुपये से 1.13 करोड़ रुपये तक उपलब्ध हैं। बुकिंग के लिए आवेदकों को कैटेगरी के अनुसार एडवांस राशि जमा करनी होगी।

ये भी पढ़ें- मंगेतर सिया गोयल को लेकर केतन को हो गया था शक और उसने अपने पापा को बताई थी ये बात! अफसोस तब किसी ने नहीं सुना और वो मारा गया

HIG फ्लैट के लिए 10 लाख रुपये, MIG के लिए 4 लाख रुपये, LIG के लिए 1 लाख रुपये और EWS कैटेगरी के लिए 50 हजार रुपये बुकिंग अमाउंट निर्धारित किया गया है। इसके अलावा सभी आवेदकों को DDA आवास पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन के लिए 2,500 रुपये की एकमुश्त और गैर-वापसी योग्य (नॉन-रिफंडेबल) फीस भी जमा करनी होगी। इच्छुक खरीदारों को लास्ट डेट से पहले आवेदन करने की सलाह दी गई है।