ट्रेन बदली, स्टेशन बदले और बन गया रिकॉर्ड! दिल्ली मेट्रो एम्प्लॉई की अनोखी कहानी

दिल्ली मेट्रो के एम्प्लॉई ने सभी मेट्रो स्टेशनों का सफर सबसे कम समय में पूरा करके नया गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया है। उन्होंने बहुत ही कम टाइम में पूरी जर्नी कर पिछला रिकॉर्ड तोड़ दिया। इससे पहले भी वह 2022 में यह कोशिश कर चुके थे, लेकिन इस बार सही रूट और बेहतर प्लानिंग के साथ उन्होंने अपना ही परफॉरमेंस काफी बेहतर किया। दिल्ली मेट्रो के कामकाज और रूट की अच्छी जानकारी ने भी इस रिकॉर्ड को बनाने में उनकी काफी मदद की।

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सिर्फ 15 घंटे में रचा इतिहास

दिल्ली मेट्रो के एम्प्लॉई ने सभी मेट्रो स्टेशनों का सफर सबसे कम समय में पूरा करके नया गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया है। उन्होंने यह पूरी जर्नी 14 घंटे, 54 मिनट और 36 सेकंड में पूरी की। सिंह ने 23 मई को सुबह करीब 6 बजे वायलेट लाइन के राजा नाहर सिंह मेट्रो स्टेशन से अपनी जर्नी शुरू की थी। इसके बाद उन्होंने अलग-अलग मेट्रो लाइनों और इंटरचेंज का इस्तेमाल करते हुए सफर जारी रखा और रात करीब 9 बजे गुरुग्राम के मिलेनियम सिटी सेंटर मेट्रो स्टेशन पर पहुंचकर इसे पूरा किया। इतने बड़े नेटवर्क में इतने कम समय में सफर पूरा करना आसान नहीं था।

सही रूट ने बचाया समय

प्रफुल्ल सिंह ने इस बार जून 2023 में बनाए गए पुराने गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया। इससे पहले सुजॉय कुमार मित्रा और शिप्रा गुप्ता ने 15 घंटे, 21 मिनट और 4 सेकंड में दिल्ली मेट्रो के सभी स्टेशनों का सफर पूरा किया था। सिंह ने इस समय से करीब 26 मिनट कम में अपना सफर पूरा किया। भले ही यह अंतर ज्यादा बड़ा न लगे, लेकिन मेट्रो के इतने बड़े नेटवर्क में कुछ मिनट बचाना भी काफी मुश्किल होता है। एक लाइन से दूसरी लाइन पर जाने में थोड़ा सा भी समय ज्यादा लग जाए, तो पूरी प्लानिंग बिगड़ सकती है।

पुरानी गलती से मिली सीख

इस रिकॉर्ड को बनाने की कोशिश सिंह ने पहली बार नहीं की थी। वह 2022 में भी दिल्ली मेट्रो के 254 स्टेशनों का सफर कर चुके हैं। उस समय उन्होंने यह जर्नी 16 घंटे, 2 मिनट और 17 सेकंड में पूरी की थी। पहली कोशिश के दौरान गलत रूट लेने की वजह से उनका काफी समय खराब हो गया था। इस एक्सपीरियंस से सीखते हुए उन्होंने इस बार पहले से ज्यादा तैयारी की। ‘द प्रिंट’ की रिपोर्ट के मुताबिक, सिंह ने बताया कि पिछली बार उन्हें गलत रूट की वजह से करीब डेढ़ घंटे की देरी हुई थी, लेकिन इस बार उन्हें भरोसा था कि वह अच्छा परफॉर्म करेंगे।

मेट्रो की जानकारी बनी ताकत

प्रफुल्ल सिंह के लिए उनकी नौकरी का एक्सपीरियंस भी इस चुनौती में काफी फायदेमंद रहा। दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन यानी DMRC के ऑपरेशन्स सेक्टर में काम करने की वजह से उन्हें मेट्रो के रूट, ट्रेन के शेड्यूल, इंटरचेंज स्टेशन और अलग-अलग लाइनों की कनेक्टिविटी की अच्छी जानकारी थी। इसी वजह से वह जर्नी में सही रास्ता चुनने और समय बचाने में कामयाब रहे। पूरे मेट्रो नेटवर्क को कम से कम समय में कवर करना एक तरह की स्पीड चैलेंज जैसा है, जिसमें हर मिनट मायने रखता है। एक स्टेशन से दूसरे स्टेशन तक पहुंचने के साथ-साथ सही समय पर ट्रेन बदलना भी जरूरी होता है।

प्रफुल्ल सिंह को मिला यह अचीवमेंट बताता है कि सही तैयारी, हिम्मत और लगन के साथ मुश्किल से मुश्किल चुनौती भी पूरी की जा सकती है। उनका रिकॉर्ड न सिर्फ उनकी मेहनत को दिखाता है, बल्कि यह भी बताता है कि अपने काम की अच्छी समझ किसी भी लक्ष्य को हासिल करने में कितनी मददगार हो सकती है।

Delhi Metro का मेगा प्लान! 15 नए इंटरचेंज स्टेशन बनेंगे, अब सफर होगा और आसान

दिल्ली मेट्रो आने वाले समय में यात्रियों के लिए 15 नए इंटरचेंज स्टेशन तैयार करने जा रही है। इनमें से 5 स्टेशन ऐसे होंगे, जहां एक साथ तीन मेट्रो लाइनों का आपस में जुड़ाव होगा। यह काम दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (डीएमआरसी) की फेज-4 और फेज-5ए विस्तार योजना के तहत बनाए जा रहे आठ नए मेट्रो कॉरिडोर के जरिए किया जाएगा। फिलहाल दिल्ली मेट्रो नेटवर्क में कुल 31 इंटरचेंज स्टेशन हैं। इनमें नोएडा-ग्रेटर नोएडा की एक्वा लाइन और गुरुग्राम रैपिड मेट्रो के दो स्टेशन भी शामिल हैं। अभी कश्मीरी गेट ही ऐसा इकलौता स्टेशन है, जहां तीन मेट्रो लाइनें आपस में मिलती हैं। सभी नए प्रोजेक्ट पूरे होने के बाद इंटरचेंज स्टेशनों की संख्या बढ़कर 46 हो जाएगी। इसके बाद मैजेंटा लाइन पर सबसे ज्यादा 22 इंटरचेंज स्टेशन होंगे। वहीं ब्लू लाइन पर 15 और पिंक लाइन पर 14 इंटरचेंज स्टेशन मौजूद होंगे।

5 नए ट्रिपल-इंटरचेंज स्टेशन बनाने का प्लान

फेज-4 और फेज-5ए विस्तार योजना के बाद दिल्ली मेट्रो में पांच नए ट्रिपल इंटरचेंज स्टेशन बनेंगे। इनमें नई दिल्ली, इंद्रलोक, लाजपत नगर, सेंट्रल सेक्रेटेरिएट और आजादपुर स्टेशन शामिल हैं। इन स्टेशनों पर एक साथ तीन मेट्रो लाइनों के बीच आसानी से सफर किया जा सकेगा। नई दिल्ली स्टेशन पर अभी येलो लाइन और एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन का इंटरचेंज है। नए विस्तार के बाद इसे मैजेंटा लाइन से भी जोड़ दिया जाएगा। वहीं इंद्रलोक स्टेशन, जहां अभी रेड और ग्रीन लाइन मिलती हैं, उसे भी मैजेंटा लाइन से जोड़ा जाएगा।

  • नई दिल्ली
  • इंदरलोक
  • लाजपत नगर
  • सेंट्रल सेक्रेटेरिएट
  • आजादपुर

लाजपत नगर स्टेशन भविष्य में वायलेट, पिंक और गोल्डन लाइन का प्रमुख जंक्शन बनेगा। वहीं आजादपुर स्टेशन येलो, पिंक और नई मैजेंटा लाइन को आपस में जोड़ेगा। इसके अलावा सेंट्रल सेक्रेटेरिएट स्टेशन भी तीन लाइनों वाला इंटरचेंज बन जाएगा, जहां येलो, वायलेट और नई मैजेंटा लाइन के बीच यात्री आसानी से सफर कर सकेंगे।

फेज IV में बनेंगे 11 और इंटरचेंज स्टेशन

फेज-4 विस्तार योजना के तहत दिल्ली गेट, इंद्रप्रस्थ, चिराग दिल्ली, साकेत जी ब्लॉक, छतरपुर, तुगलकाबाद, पीरागढ़ी, मधुबन चौक, पुलबंगश, आरके आश्रम मार्ग और नबी करीम को भी नए इंटरचेंज स्टेशन के रूप में विकसित किया जाएगा। इससे यात्रियों को अलग-अलग मेट्रो लाइनों के बीच आसानी से सफर करने की सुविधा मिलेगी। इसके अलावा दिल्ली एयरोसिटी और आईजीआई एयरपोर्ट टर्मिनल-1 पर भी दो नए इंटरचेंज स्टेशन बनाए जाएंगे। इससे इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय (आईजीआई) एयरपोर्ट तक पहुंचना पहले से ज्यादा आसान हो जाएगा।

  • दिल्ली गेट
  • इंद्रप्रस्थ
  • चिराग दिल्ली
  • साकेत G ब्लॉक
  • छतरपुर
  • तुगलकाबाद
  • पीरागढ़ी
  • मधुबन चौक
  • पुलबंगश
  • RK आश्रम मार्ग
  • नबी करीम

वहीं, फेज-5ए के नए मेट्रो कॉरिडोर शुरू होने के बाद शिवाजी स्टेडियम और कालिंदी कुंज भी इंटरचेंज स्टेशन बन जाएंगे। इससे यात्रियों को मेट्रो बदलने के लिए अधिक विकल्प मिलेंगे और सफर का समय भी कम होगा। डीएमआरसी के एक अधिकारी ने कहा कि नए मेट्रो कॉरिडोर और इंटरचेंज स्टेशनों के बनने से पूरे एनसीआर में दिल्ली मेट्रो का नेटवर्क और मजबूत होगा। इससे लोगों के लिए सार्वजनिक परिवहन पहले से अधिक सुविधाजनक और बेहतर बन जाएगा।

  • DMRC नेटवर्क में अभी 31 इंटरचेंज स्टेशन हैं
  • 15 नए इंटरचेंज स्टेशन
  • DMRC नेटवर्क में अभी 1 ट्रिपल इंटरचेंज स्टेशन है (कश्मीरी गेट)

नए इंटरचेंज से क्या फ़ायदा होगा:

  • तेजी से लाइन बदलना
  • बेहतर नेटवर्क कनेक्टिविटी
  • यात्रियों के लिए ज़्यादा रूट ऑप्शन
  • दिल्ली-NCR में यात्रा का समय कम होगा

नए कॉरिडोर जुड़ने के बाद इन मेट्रो लाइनों में सबसे ज़्यादा इंटरचेंज होंगे:

  • मैजेंटा: 22
  • पिंक: 14
  • ब्लू: 15