Video: 61 साल की उम्र में गजब की फिटनेस, एक घंटे में 1,575 पुश-अप्स के बाद 5 घंटे प्लैंक कर रचा इतिहास

उम्र सिर्फ एक नंबर है, यह बात कनाडा की 61 साल की डोना जीन वाइल्ड ने साबित कर दी है। 12 बच्चों की दादी डोना ने लगातार पांच घंटे तक प्लैंक करके अपनी पिछली रिकॉर्ड उपलब्धि को पीछे छोड़ दिया। उनकी कहानी इसलिए खास है, क्योंकि फिटनेस का यह सफर किसी बड़े लक्ष्य से नहीं, बल्कि हाथ में फ्रैक्चर होने के बाद शुरू हुआ था। आज वह अपनी मेहनत और हौसले से दुनियाभर के लोगों को प्रेरित कर रही हैं।

हाथ में फ्रैक्चर के बाद शुरू किया प्लैंक

डोना जीन वाइल्ड ने करीब 15 साल पहले प्लैंक करना शुरू किया था। उस समय उनके हाथ में फ्रैक्चर हो गया था। वह खुद को फिट रखना चाहती थीं, इसलिए उन्होंने प्लैंक का अभ्यास शुरू किया। शुरुआत में वह केवल एक से डेढ़ मिनट तक ही इस एक्सरसाइज को कर पाती थीं। लेकिन लगातार अभ्यास से उनका आत्मविश्वास बढ़ता गया और कुछ मिनटों का समय घंटों में बदल गया।

4 घंटे 30 मिनट का रिकॉर्ड तोड़कर पहुंचीं 5 घंटे तक

21 मार्च 2024 को डोना ने 4 घंटे, 30 मिनट और 11 सेकंड तक प्लैंक करके महिलाओं के वर्ग में गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया था। इसके बाद उन्होंने एक बार फिर अपनी क्षमता को चुनौती दी। यूटा में आयोजित हंट्समैन वर्ल्ड सीनियर गेम्स में उन्होंने पांच घंटे तक प्लैंक किया। इस दौरान दर्शक लगातार उनका हौसला बढ़ाते रहे।

पोती को पीठ पर बैठाकर करती थीं प्रैक्टिस

डोना की ट्रेनिंग का एक दिलचस्प पहलू उनकी तीन साल की पोती रोज भी है। रिकॉर्ड की तैयारी के दौरान उनकी पोती कई बार उनकी पीठ पर लेट जाती थी और डोना प्लैंक करती रहती थीं। परिवार का साथ उनकी इस फिटनेस यात्रा का अहम हिस्सा रहा।

प्लैंक करते हुए पूरी की मास्टर डिग्री

डोना केवल एक्सरसाइज ही नहीं करतीं, बल्कि प्लैंक करते हुए पढ़ाई, मैसेज और दूसरे काम भी निपटाती हैं। उन्होंने इसी दौरान मास्टर डिग्री पूरी की और एक किताब भी लिखी। वह अपनी रोजमर्रा की जिंदगी में फिटनेस के लिए कई घंटे निकालती हैं।

एक घंटे में 1,575 पुश-अप्स का भी रिकॉर्ड

साल 2024 में डोना ने एक घंटे में 1,575 पुश-अप्स करके महिलाओं के वर्ग में एक और गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया था। अब उनका लक्ष्य एक घंटे में 1,600 से ज्यादा पुश-अप्स करना है।

आखिरी 10 मिनट में छोड़ने का मन हुआ

पांच घंटे के प्लैंक के दौरान एक समय डोना को लगा कि वह अब आगे नहीं कर पाएंगी। लेकिन दर्शकों की हौसलाअफजाई ने उन्हें चुनौती पूरी करने में मदद की। हैरानी की बात यह है कि अगले ही दिन वह 3,000 मीटर की दौड़ में भी शामिल हुईं।

डोना की कहानी बताती है कि सही अभ्यास, धैर्य और मजबूत इच्छाशक्ति से बड़ी उपलब्धियां हासिल की जा सकती हैं। हालांकि, किसी भी कठिन एक्सरसाइज को अपनी शारीरिक क्षमता के अनुसार ही करना चाहिए।

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‘प्रेम कीटाणु’ के ट्रेलर में वीर पहाड़िया का कॉमिक अंदाज और रोमांटिक चार्म

अभिनेता वीर पहाड़िया आगामी कमिंग-ऑफ-एज रोमांटिक कॉमेडी-ड्रामा फिल्म ‘प्रेम कीटाणु’ के ट्रेलर में कॉमिक अंदाज और रोमांटिक चार्म से दर्शकों का ध्यान आकर्षित कर रहे हैं। अपूर्व सिंह कार्की के निर्देशन में बनी फिल्म में वीर एक मासूम आशिक और सच्चे दोस्त की भूमिका में नजर आएंगे।

ट्रेलर में वीर का बेफिक्र कॉलेज बैकबेंचर वाला किरदार और निखिल विजय के साथ उनकी दोस्ती तथा मजेदार नोकझोंक मनोरंजन का प्रमुख हिस्सा है। वहीं आफिया सैयद के साथ उनकी रोमांटिक केमिस्ट्री कहानी में प्रेम का रंग भरती है। 

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अपारशक्ति खुराना की एंट्री के साथ कहानी में लव ट्रायंगल की झलक भी देखने को मिलती है। फिल्म में राकेश बेदी भी अहम भूमिका में हैं। ‘प्रेम कीटाणु’ 02 अक्टूबर 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी।

इसके अलावा वीर पहाड़िया एक्शन थ्रिलर फिल्म ‘नाम-टू लिव इज़ वॉर’ में भी नजर आएंगे। सिद्धांत सचदेव के निर्देशन में बनी इस फिल्म में उनके साथ वरुण शर्मा दिखाई देंगे और महेश भट्ट इसके प्रस्तुतकर्ता हैं।

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‘राका’ के नाम गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड

आइकॉन स्टार अल्लू अर्जुन अभिनीत और एटली निर्देशित फिल्म ‘राका’ ने सिनेमाई तकनीक के क्षेत्र में गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया है। फिल्म ने एक साथ सर्वाधिक लोगों के रियल-टाइम मोशन कैप्चर का रिकॉर्ड अपने नाम किया है।

फिल्म के लिए फरवरी 2026 में एक साथ 37 कलाकारों का रियल-टाइम मोशन कैप्चर किया गया था, जिसे 15 सितंबर 2026 को आधिकारिक रूप से प्रमाणित किया गया। गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के वरिष्ठ निर्णायक स्वप्निल डांगरिकर ने विशेष समारोह में अल्लू अर्जुन और निर्देशक एटली को प्रमाणपत्र प्रदान किया।

इस मोशन-कैप्चर अभ्यास में चार वर्ष के बच्चे से लेकर 70 वर्ष की उम्र तक के कुल 37 कलाकारों को एक साथ कैप्चर किया गया। इसके लिए एक ही कैप्चर वॉल्यूम में सभी कलाकारों के प्रदर्शन को सटीकता और गुणवत्ता के साथ रिकॉर्ड करने की चुनौती थी।

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रिकॉर्ड बनाने के दौरान 92 ऑप्टिकल मोशन-कैप्चर कैमरों का इस्तेमाल किया गया। इसके अलावा कैप्चर, कैलिब्रेशन, नेटवर्किंग, सिंक्रोनाइजेशन, रियल-टाइम अनरियल विजुअलाइजेशन और फेसियल कैप्चर समेत कई तकनीकी प्रणालियों का इस्तेमाल किया गया।

अल्लू अर्जुन ने इस उपलब्धि पर खुशी जताते हुए कहा कि यह सिनेमा की सीमाओं को आगे बढ़ाने और वैश्विक स्तर पर नया मानदंड स्थापित करने वाला क्षण है। उन्होंने इस उपलब्धि का श्रेय निर्देशक एटली के विजन, पूरी टीम की मेहनत और सन पिक्चर्स के सहयोग को दिया।

एटली ने कहा कि बचपन से गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स के बारे में सुनते आए हैं और कभी नहीं सोचा था कि एक दिन उनकी टीम खुद ऐसा रिकॉर्ड बनाएगी। उन्होंने 37 मोशन-कैप्चर एसेट्स को एक साथ कैप्चर करने के लिए मिले सम्मान को पूरी टीम की मेहनत का परिणाम बताया।

फिल्म की तकनीकी टीम ने इसकी जरूरतों और बड़े पैमाने को ध्यान में रखते हुए विशेष मोशन-कैप्चर पाइपलाइन और वर्कफ्लो विकसित किया। निर्माताओं के अनुसार, यह उपलब्धि फिल्म की तकनीकी टीम, वीएफएक्स वर्कफ्लो और कलाकारों एवं क्रू के सामूहिक प्रयास का परिणाम है।

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ट्रेन बदली, स्टेशन बदले और बन गया रिकॉर्ड! दिल्ली मेट्रो एम्प्लॉई की अनोखी कहानी

दिल्ली मेट्रो के एम्प्लॉई ने सभी मेट्रो स्टेशनों का सफर सबसे कम समय में पूरा करके नया गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया है। उन्होंने बहुत ही कम टाइम में पूरी जर्नी कर पिछला रिकॉर्ड तोड़ दिया। इससे पहले भी वह 2022 में यह कोशिश कर चुके थे, लेकिन इस बार सही रूट और बेहतर प्लानिंग के साथ उन्होंने अपना ही परफॉरमेंस काफी बेहतर किया। दिल्ली मेट्रो के कामकाज और रूट की अच्छी जानकारी ने भी इस रिकॉर्ड को बनाने में उनकी काफी मदद की।

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सिर्फ 15 घंटे में रचा इतिहास

दिल्ली मेट्रो के एम्प्लॉई ने सभी मेट्रो स्टेशनों का सफर सबसे कम समय में पूरा करके नया गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया है। उन्होंने यह पूरी जर्नी 14 घंटे, 54 मिनट और 36 सेकंड में पूरी की। सिंह ने 23 मई को सुबह करीब 6 बजे वायलेट लाइन के राजा नाहर सिंह मेट्रो स्टेशन से अपनी जर्नी शुरू की थी। इसके बाद उन्होंने अलग-अलग मेट्रो लाइनों और इंटरचेंज का इस्तेमाल करते हुए सफर जारी रखा और रात करीब 9 बजे गुरुग्राम के मिलेनियम सिटी सेंटर मेट्रो स्टेशन पर पहुंचकर इसे पूरा किया। इतने बड़े नेटवर्क में इतने कम समय में सफर पूरा करना आसान नहीं था।

सही रूट ने बचाया समय

प्रफुल्ल सिंह ने इस बार जून 2023 में बनाए गए पुराने गिनीज़ वर्ल्ड रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया। इससे पहले सुजॉय कुमार मित्रा और शिप्रा गुप्ता ने 15 घंटे, 21 मिनट और 4 सेकंड में दिल्ली मेट्रो के सभी स्टेशनों का सफर पूरा किया था। सिंह ने इस समय से करीब 26 मिनट कम में अपना सफर पूरा किया। भले ही यह अंतर ज्यादा बड़ा न लगे, लेकिन मेट्रो के इतने बड़े नेटवर्क में कुछ मिनट बचाना भी काफी मुश्किल होता है। एक लाइन से दूसरी लाइन पर जाने में थोड़ा सा भी समय ज्यादा लग जाए, तो पूरी प्लानिंग बिगड़ सकती है।

पुरानी गलती से मिली सीख

इस रिकॉर्ड को बनाने की कोशिश सिंह ने पहली बार नहीं की थी। वह 2022 में भी दिल्ली मेट्रो के 254 स्टेशनों का सफर कर चुके हैं। उस समय उन्होंने यह जर्नी 16 घंटे, 2 मिनट और 17 सेकंड में पूरी की थी। पहली कोशिश के दौरान गलत रूट लेने की वजह से उनका काफी समय खराब हो गया था। इस एक्सपीरियंस से सीखते हुए उन्होंने इस बार पहले से ज्यादा तैयारी की। ‘द प्रिंट’ की रिपोर्ट के मुताबिक, सिंह ने बताया कि पिछली बार उन्हें गलत रूट की वजह से करीब डेढ़ घंटे की देरी हुई थी, लेकिन इस बार उन्हें भरोसा था कि वह अच्छा परफॉर्म करेंगे।

मेट्रो की जानकारी बनी ताकत

प्रफुल्ल सिंह के लिए उनकी नौकरी का एक्सपीरियंस भी इस चुनौती में काफी फायदेमंद रहा। दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन यानी DMRC के ऑपरेशन्स सेक्टर में काम करने की वजह से उन्हें मेट्रो के रूट, ट्रेन के शेड्यूल, इंटरचेंज स्टेशन और अलग-अलग लाइनों की कनेक्टिविटी की अच्छी जानकारी थी। इसी वजह से वह जर्नी में सही रास्ता चुनने और समय बचाने में कामयाब रहे। पूरे मेट्रो नेटवर्क को कम से कम समय में कवर करना एक तरह की स्पीड चैलेंज जैसा है, जिसमें हर मिनट मायने रखता है। एक स्टेशन से दूसरे स्टेशन तक पहुंचने के साथ-साथ सही समय पर ट्रेन बदलना भी जरूरी होता है।

प्रफुल्ल सिंह को मिला यह अचीवमेंट बताता है कि सही तैयारी, हिम्मत और लगन के साथ मुश्किल से मुश्किल चुनौती भी पूरी की जा सकती है। उनका रिकॉर्ड न सिर्फ उनकी मेहनत को दिखाता है, बल्कि यह भी बताता है कि अपने काम की अच्छी समझ किसी भी लक्ष्य को हासिल करने में कितनी मददगार हो सकती है।