बिना फ्लाइट टिकट हवा से देखें पूरा भारत, दिल्ली में बनी यह जादुई जगह!

दिल्ली के लोगों और देश-विदेश से आने वाले टूरिस्ट के लिए एक नया पार्क बनाया गया है। द्वारका सेक्टर-20 में करीब 200 एकड़ में फैला यह पार्क जल्द ही प्लानिंग के साथ सभी लोगों के लिए खोला जाएगा। यहां टूरिस्ट को पर्यावरण, मनोरंजन और भारतीय संस्कृति का यूनिक एक्सपीरियंस मिल सकेगा।

भारत वंदना पार्क की सबसे बड़ा फीचर इसका 1.2 किलोमीटर लंबा स्काइब्रिज और ‘मिनी इंडिया’ जोन है। स्काइब्रिज पर घूमते हुए लोग पार्क के खूबसूरत नजारों का मजा ले सकेंगे और साथ ही मिनी इंडिया जोन में देश के अलग-अलग हिस्सों का कल्चर देखने को मिलेगा। यह पार्क के लोगों के घूमने की नई जगह तो बनेगा ही, साथ ही देश-विदेश से आने वाले टूरिस्ट को भी अट्रैक्शन पोईटन भी बनेगा।

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कॉस्ट और इनॉगरेशन

भारत वंदना पार्क को लगभग 550 करोड़ रुपये की कॉस्ट से तैयार किया जा रहा है। तकरीबन 200 एकड़ में फैले इस पार्क का बाहरी हिस्सा लगभग तैयार हो चुका है और अब इसे कुछ समय बाद ही लोगों के लिए खोला जाएगा। उम्मीद है कि अगले एक से दो महीनों में इनॉगरेशन हो सकता है। पार्क में घूमने के साथ-साथ लोगों के लिए बोटिंग, लेक-व्यू रेस्तरां और मॉडर्न टिकट काउंटर जैसी सुविधाएं भी तैयार की गई हैं।

एलिवेटेड स्काइब्रिज

पार्क का सबसे बड़ा अट्रैक्शन 1.2 किलोमीटर लंबा एलिवेटेड स्काइब्रिज होगा। यह जमीन से करीब 18 मीटर की ऊंचाई पर बनाया जा रहा है और नौ बड़े पाइलान पर टिका होगा। यहां चलते हुए लोगों को पूरे पार्क और ‘मिनी इंडिया’ का ऊपर से 360 डिग्री नजारा देखने को मिलेगा। इसकी डिजाइन पेड़ों के तनों से इंस्पायर्ड है। नौ पाइलान को पेड़ का शेप दिया जा रहा है, जिन पर पत्तियों जैसे एल्युमिनियम पैनल लगाए जाएंगे, जिससे स्काइब्रिज का लुक एकदम यूनिक नजर आएगा।

मिनी इंडिया

भारत वंदना पार्क का ‘मिनी इंडिया’ जोन यहां आने वाले लोगों के लिए बेस्ट एक्सपीरियंस होगा। इसमें देश के अलग-अलग राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की फेमस बिल्डिंग और सांस्कृतिक धरोहरों की कॉपी बनाई गई हैं। जिसमे जयपुर का हवा महल, कर्नाटक का हंपी रथ मंदिर, एलोरा की गुफाएं, अंडमान का सेल्यूलर जेल, पटना का गोलघर, बनारस के घाट और पुराने संसद भवन जैसी जगहों की झलक देखने को मिलेगी। गुजरात के स्टैच्यू ऑफ यूनिटी की प्रतिकृति और महावीर मंदिर मेजर अट्रैक्शन रहेंगे।

कई चुनौतियों के बाद हुआ तैयार

भारत वंदना पार्क का शिलान्यास 17 दिसंबर 2019 को किया गया था और इसे मार्च 2022 तक पूरा करने की प्लानिंग थी। लेकिन कोरोना महामारी, कंस्ट्रक्शन से जुड़ी परेशानियों और पार्क के कॉम्प्लेक्स डिजाइन के कारण काम में देरी हुई। स्काइब्रिज के ऊंचे पाइलान, एयरपोर्ट के पास होने के कारण काफी दिक्कत हुयी। इसके बाद पाइलान की ऊंचाई कम करके डिजाइन चेंज करना पड़ा।

भारत वंदना पार्क के खुलने के बाद दिल्ली में घूमने के लिए एक नया और यूनिक टूरिस्ट डेस्टिनेशन खुल जाएगा। यहां लोग स्काइब्रिज से खूबसूरत नजारे देखने के साथ ‘मिनी इंडिया’ में देश की संस्कृति और फेमस हेरिटेज को एक ही जगह देख सकेंगे। हरियाली, झील, बोटिंग और मनोरंजन की सुविधाओं के साथ यह पार्क फैमिली और टूरिस्ट के लिए मेजर अट्रैक्शन बन सकता है।

DDA ने खोली द्वारका गोल्फ कोर्स की लाइफटाइम मेंबरशिप, सिर्फ 850 लोगों को मिलेगा मौका! फीस 3.5 लाख से स्टार्ट, ये है एलिजिबिलिटी

DDA Dwarka Golf Course Lifetime Membership: दिल्ली में रहने वाले गोल्फ के शौकीनों के लिए एक बेहतरीन और बड़ा मौका सामने आया है। दिल्ली के उपराज्यपाल सरदार तरनजीत सिंह संधू के निर्देशों पर, दिल्ली विकास प्राधिकरण (DDA) ने द्वारका सेक्टर-24 में स्थित अपने 18-होल चैंपियनशिप गोल्फ कोर्स की लाइफटाइम मेंबरशिप खोलने का ऐलान किया है। बता दें कि यह देश का सबसे लंबा गोल्फ कोर्स है।

इसके लिए मेंबरशिप कल यानी 21 जुलाई 2026 से शुरू हो रही है। अब तक DDA इस गोल्फ कोर्स के लिए केवल सीमित समय वाली मेंबरशिप ही ऑफर कर रहा था, लेकिन अब पहली बार लाइफटाइम मेंबरशिप दी जा रही है। आइए आपको बताते हैं कि इसकी फीस कितनी है, सीटें कितनी हैं और आप इसके लिए कैसे आवेदन कर सकते हैं।

सिर्फ 850 लोगों को मिलेगा मौका, 2 कैटेगरी में बंटी हैं सीटें

DDA कुल मिलाकर 850 लाइफटाइम मेंबरशिप जारी करेगा। इसे पारदर्शिता बनाए रखने के लिए दो अलग-अलग कैटेगरी में बांटा गया है:

सरकारी कैटेगरी: इसके तहत 250 मेंबरशिप आरक्षित की गई हैं।

गैर-सरकारी कैटेगरी: इसके तहत आम जनता या कॉर्पोरेट जगत के लिए 600 मेंबरशिप उपलब्ध होंगी।

अगर किसी भी कैटेगरी में तय सीटों से ज्यादा आवेदन आते हैं, तो मेंबरशिप का अलॉटमेंट कंप्यूटराइज्ड लकी ड्रा के जरिए पूरी तरह पारदर्शी तरीके से किया जाएगा।

फीस का पूरा स्ट्रक्चर

DDA ने लाइफटाइम मेंबरशिप के साथ-साथ 3 साल और 5 साल की शॉर्ट-टर्म मेंबरशिप के विकल्प भी खुले रखे हैं। फीस का पूरा ढांचा इस प्रकार है:

फीस का पूरा स्ट्रक्चर

फीस का पूरा स्ट्रक्चर

आवेदन करने का तरीका और जरूरी नियम

अगर आप इस शानदार गोल्फ कोर्स का हिस्सा बनना चाहते हैं, तो इन नियमों का ध्यान रखें:

  • ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन 21 जुलाई 2026 से शुरू होगा और यह अगले दो महीनों तक खुला रहेगा।
  • आवेदन करने के लिए ₹2,500 की नॉन-रिफंडेबल रजिस्ट्रेशन फीस ऑनलाइन चुकानी होगी।
  • आवेदनों की जांच के बाद, जिन सफल आवेदकों को मेंबरशिप ऑफर की जाएगी, उन्हें 30 दिनों के भीतर पूरी मेंबरशिप फीस ऑनलाइन जमा करनी होगी।
  • एक आवेदक केवल एक ही फॉर्म भर सकता है। अगर किसी ने एक से ज्यादा आवेदन किए, तो उसका फॉर्म रिजेक्ट कर दिया जाएगा।

क्यों खास है द्वारका का यह गोल्फ कोर्स?

साल 2024 में शुरू हुआ द्वारका सेक्टर-24 का यह गोल्फ कोर्स इंटरनेशनल स्टैंडर्ड का है और इसमें वर्ल्ड-क्लास सुविधाएं मौजूद हैं। 158 एकड़ से अधिक क्षेत्र में फैले इस 18-होल गोल्फ कोर्स की लंबाई 7377 यार्ड है जो देश का सबसे लंबा गोल्फ कोर्स है।

इसमें 375 यार्ड लंबी ड्राइविंग रेंज है, जिसमें 52 बे हैं। यह देश की सबसे लंबी ड्राइविंग रेंज है। भारत में पहली बार इसके फेयरवे के लिए नॉर्थ शोर एसएलटी घास का इस्तेमाल किया गया है।

यहां शानदार रेस्टोरेंट, कैफे, स्विमिंग पूल, सौना, स्टीम बाथ, कॉन्फ्रेंस हॉल, मल्टी-पर्पज हॉल, टेक स्टूडियो और इक्विपमेंट फिटमेंट स्टूडियो जैसी सुविधाएं हैं।

पानी के सही इस्तेमाल के लिए यहां कंप्यूटराइज्ड ऑटोमैटिक इरिगेशन सिस्टम, अंडरग्राउंड ड्रेनेज और वाटर कंजर्वेशन के लिए स्टॉर्म वाटर रीचार्ज वेल बनाया गया है। यहां एक गोल्फ एकेडमी भी बनाई जा रही है।

आपकी जानकारी के लिए बता दें कि दिल्ली में खेल के बुनियादी ढांचे को बढ़ावा देने में DDA की बड़ी भूमिका रही है। वर्तमान में DDA के पास दिल्ली में 18 स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, 4 मिनी स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स और 3 पब्लिक गोल्फ कोर्स हैं।

Delhi Metro: दिल्ली वालों के लिए बड़ी खुशखबरी! द्वारका से राजीव चौक तक सिर्फ 25 मिनट में पहुंचेगी मेट्रो

Delhi Metro: दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) ने द्वारका सेक्टर-25 स्थित यशोभूमि से कनॉट प्लेस के राजीव चौक तक 20 किलोमीटर लंबे हाई-स्पीड अंडरग्राउंड मेट्रो कॉरिडोर के लिए एक डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) तैयार किया है। इसका उद्देश्य पश्चिमी दिल्ली से सेंट्रल दिल्ली तक सफर का समय काफी कम करना है।

यह नया कॉरिडोर मौजूदा एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन का विस्तार होगा। इससे यशोभूमि इंडिया इंटरनेशनल कन्वेंशन एंड एक्सपो सेंटर, तेजी से विकसित हो रहे द्वारका इलाके और दिल्ली के केंद्रीय हिस्सों के बीच कनेक्टिविटी बेहतर होगी।

पांच अंडरग्राउंड स्टेशनों की योजना

DPR के अनुसार, प्रस्तावित रूट पर पांच रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण अंडरग्राउंड स्टेशन होंगे। यात्रियों की संख्या बढ़ाने के लिए इन्हें प्रमुख रिहायशी और संस्थागत इलाकों के पास बनाया जाएगा।

प्रोजेक्ट की मुख्य जानकारी इस प्रकार है:

प्रोजेक्ट की जानकारीविवरण
रूट की लंबाईलगभग 20 किलोमीटर
मेट्रो का प्रकारहाई-स्पीड अंडरग्राउंड मेट्रो
प्रस्तावित स्टेशन5 अंडरग्राउंड स्टेशन
रूटयशोभूमि (द्वारका सेक्टर-25) से राजीव चौक तक
प्रोजेक्ट एजेंसीदिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC)
अनुमानित यात्रा समयघटकर करीब 25 मिनट होने की उम्मीद

इस कॉरिडोर का मुख्य उद्देश्य दिल्ली के पश्चिमी उपनगरों और सेंट्रल बिजनेस डिस्ट्रिक्ट के बीच तेज और ज्यादा सीधा संपर्क उपलब्ध कराना है।

फिलहाल, अभी बाहरी द्वारका से कनॉट प्लेस जाने वाले लोग आम तौर पर भीड़-भाड़ वाली सड़कों या ब्लू लाइन से लंबे सफर पर निर्भर रहते हैं।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, प्रस्तावित हाई-स्पीड कॉरिडोर से यशोभूमि और राजीव चौक के बीच सफर का समय 25 मिनट से भी कम होने की उम्मीद है। इससे रोजाना सफर करने वालों, बिजनेस के लिए यात्रा करने वालों और कन्वेंशन सेंटर आने वाले लोगों को एक तेज विकल्प मिलेगा।

अधिकारियों का मानना ​​है कि इस सीधे कनेक्शन से दिल्ली की सड़कों पर दबाव कम होगा और राजधानी के सबसे बड़े कन्वेंशन और एग्जिबिशन वेन्यू तक पहुंचना भी आसान हो जाएगा।

इंजीनियरिंग और मंजूरी की प्रक्रिया चल रही है

DPR के अनुसार, संबंधित अधिकारी फंडिंग की मंजूरी और जरूरी कानूनी मंजूरी की प्रक्रिया में तेजी ला रहे हैं। DMRC के इंजीनियरों ने शुरुआती मिट्टी की जांच और अलाइनमेंट स्टडी पूरी कर ली है, ताकि यह पक्का किया जा सके कि प्रस्तावित रूट मौजूदा अंडरग्राउंड यूटिलिटी और इंफ्रास्ट्रक्चर के रास्ते में न आए।

क्योंकि पूरा कॉरिडोर घनी आबादी वाले शहरी इलाकों के नीचे से गुजरेगा, इसलिए सड़क पर ट्रैफिक और जमीन पर होने वाली गतिविधियों में कम से कम रुकावट आए, इसके लिए टनल बोरिंग मशीनों (TBMs) का इस्तेमाल करके निर्माण करने का प्रस्ताव है।

रियल एस्टेट पर संभावित असर

प्रस्तावित मेट्रो कॉरिडोर से नेशनल कैपिटल रीजन (NCR) में रियल एस्टेट मार्केट पर भी असर पड़ने की उम्मीद है।

इंडस्ट्री के अनुमानों के मुताबिक, प्रस्तावित रूट के आस-पास के इलाकों, खासकर द्वारका और गुरुग्राम के सटे हुए हिस्सों में, इस प्रोजेक्ट की खबर के बाद से ही घर खरीदने वालों और निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ी है।

प्रॉपर्टी कंसल्टेंट्स का कहना है कि बेहतर कनेक्टिविटी से द्वारका और द्वारका एक्सप्रेसवे के आस-पास रेजिडेंशियल डेवलपमेंट की मांग बढ़ सकती है, जबकि पड़ोसी गुरुग्राम सेक्टरों में रेजिडेंशियल प्लॉट और हाउसिंग प्रोजेक्ट्स को भी मेट्रो की बेहतर सुविधा का फायदा मिल सकता है।

वेस्ट दिल्ली और सिटी सेंटर के बीच एक नया लिंक

अगर मंजूरी मिल जाती है, तो यशोभूमि-राजीव चौक मेट्रो कॉरिडोर दिल्ली मेट्रो के हाई-स्पीड नेटवर्क का एक अहम हिस्सा बन जाएगा। यह मौजूदा एयरपोर्ट एक्सप्रेस लाइन का विस्तार होगा, जो दिल्ली के बीचों-बीच तक सीधी कनेक्टिविटी देगा।

इस प्रोजेक्ट से रिहायशी इलाकों, कमर्शियल जोन और इंटरनेशनल कन्वेंशन सेंटर के बीच कनेक्टिविटी बेहतर होने की उम्मीद है। साथ ही, इससे मौजूदा ट्रांसपोर्ट कॉरिडोर पर भीड़ कम होगी और पूरे NCR में भविष्य के शहरी विकास में मदद मिलेगी।

बता दें कि प्रस्तावित कॉरिडोर अभी ‘डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट’ (DPR) के स्टेज पर है और निर्माण शुरू होने से पहले जरूरी मंज़ूरी का इंतजार कर रहा है।

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