चारपाई पर पति की लाश और पास बैठा जिंदा सांप… मेरठ कोर्ट ने प्रेमी संग मिलकर हत्या करने वाली पत्नी को सुनाई फांसी की सजा

Meerut Amit Kashyap Murder Case: उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में चर्चित और सनसनीखेज अमित कश्यप हत्याकांड में कोर्ट ने कड़ा फैसला सुनाया है। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (ACJM) जयवीर सिंह नागर की अदालत ने शुक्रवार को अपने पति की गला घोटकर हत्या करने वाली बेवफा पत्नी और उसके प्रेमी को मौत की सजा सुनाई है। इस खौफनाक वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपियों ने मौत को प्राकृतिक रूप देने के लिए चारपाई पर एक जिंदा सांप छोड़ दिया था ताकि सबको लगे कि पति की मौत सांप के डसने से हुई है। अदालत ने हत्या के इस संगीन मामले में मृतका की पत्नी रविता और उसके प्रेमी अमरदीप को दोषी करार देते हुए फांसी की सजा सुनाई है।

क्या था पूरा मामला और कैसे रचा गया षड्यंत्र?

यह सनसनीखेज मामला मेरठ के अकबरपुर सादात गांव का है। यहां रहने वाले अमित कश्यप उर्फ मिक्की कश्यप की पत्नी रविता के अमरदीप नाम के शख्स के साथ संबंध थे। प्रेम प्रसंग के रास्ते का कांटा बन रहे पति को रास्ते से हटाने के लिए दोनों ने एक खतरनाक साजिश रची। 17 अप्रैल 2025 की रात रविता ने अपने प्रेमी अमरदीप के साथ मिलकर सोते समय अपने पति अमित कश्यप की गला घोटकर बेरहमी से हत्या कर दी। इस जघन्य हत्याकांड को एक दुर्घटना या प्राकृतिक मौत का रूप देने के लिए आरोपियों ने हत्या के बाद अमित की चारपाई के पास एक जिंदा सांप लाकर छोड़ दिया था। अगले दिन जब परिवार के लोगों ने अमित को चारपाई पर मृत देखा और पास में सांप को बैठा पाया तो शुरुआत में परिजनों को यही लगा कि उसकी मौत किसी जहरीले सांप के डसने से हुई है।

पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने खोली पोल, 551 दिनों में आया फैसला

जब अमित का पोस्टमार्टम कराया गया तो डॉक्टरों की रिपोर्ट ने इस पूरी साजिश का पर्दाफाश कर दिया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में अमित के गले और नाक पर गंभीर चोट के निशान मिले। इससे यह साफ हो गया कि उसकी मौत सांप के काटने से नहीं, बल्कि गला घोटकर की गई थी। इसके बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए हत्या का मुकदमा दर्ज किया।

पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए घटना के सिर्फ 60 दिनों के भीतर ही अदालत में चार्जशीट दाखिल कर दी थी। एसीजेएम जयवीर सिंह नागर की अदालत में इस मामले की सुनवाई चली। महज 551 दिनों के भीतर इस ट्रायल के दौरान कुल 87 तारीखें पड़ीं और अभियोजन पक्ष की ओर से 12 से अधिक गवाहों के बयान दर्ज कराए गए। गवाहों और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर 7 अक्टूबर को कोर्ट ने रविता और अमरदीप को दोषी करार दे दिया था, जिसके बाद आज अदालत ने दोनों को फांसी की सजा सुनाई है।

मेरठ कोर्ट का ऐतिहासिक कदम: 3 दिन में 4 दोषियों को मौत की सजा

मेरठ की अदालत ने पिछले कुछ दिनों में अपराधियों के खिलाफ बेहद सख्त रुख अपनाया है। कोर्ट ने महज 3 दिनों के भीतर दो अलग-अलग चर्चित मामलों में कुल 4 दोषियों को फांसी की सजा सुनाई है। इससे पहले मेरठ कोर्ट ने चर्चित ‘नीले ड्रम हत्याकांड में साहिल और मुस्कान को भी फांसी की सजा सुनाई थी।

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UP Panchayat Chunav 2026: यूपी पंचायत चुनाव पर इलाहाबाद हाईकोर्ट का बड़ा आदेश, तीन महीने के भीतर इलेक्शन कराने के निर्देश

UP Panchayat Chunav 2026: उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बड़ा आदेश दिया है। कोर्ट ने तीन महीने के भीतर यूपी पंचायत चुनाव कराने का निर्देश दिया है। इसके साथ ही निवर्तमान ग्राम प्रधानों को प्रशासक के रूप में बने रहने की बात कही गई है। इस आदेश के बाद प्रदेश में पंचायत चुनाव की तैयारियों और समयसीमा को लेकर चर्चा तेज हो गई है। हाईकोर्ट के निर्देश के अनुसार, पंचायत चुनाव की प्रक्रिया को तीन महीने के भीतर पूरा कराने की बात कही गई है। यह आदेश ग्राम पंचायतों में निर्वाचित प्रतिनिधियों का कार्यकाल समाप्त होने और आगे की प्रशासनिक व्यवस्था के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

निवर्तमान ग्राम प्रधानों की भूमिका पर भी निर्देश

कोर्ट ने निवर्तमान ग्राम प्रधानों को प्रशासक के रूप में बनाए रखने की बात भी कही है। इससे चुनाव होने तक ग्राम पंचायतों के प्रशासनिक कामकाज को जारी रखने की व्यवस्था प्रभावित होगी। हालांकि, प्रशासक के तौर पर उनकी शक्तियों और जिम्मेदारियों का सटीक दायरा आधिकारिक आदेश के विस्तृत डिटेल्स आने के बाद ही स्पष्ट होगा। कोर्ट ने उन याचिकाओं को खारिज कर दिया है, जिसमें निवर्तमान ग्राम प्रधानों को प्रशासक बनाने के फैसले को अवैध बताया गया था। इसका मतलब है कि अगले तीन महीने तक पंचायतों का कामकाज प्रशासकों के माध्यम से जारी रह सकता है।

चुनाव की तैयारियों पर रहेगी नजर

हाईकोर्ट के आदेश के बाद अब राज्य सरकार और संबंधित प्रशासनिक विभागों की ओर से पंचायत चुनाव की तैयारियों को लेकर उठाए जाने वाले कदम अहम होंगे। चुनाव की तारीखों, अधिसूचना और अन्य प्रक्रियाओं से संबंधित आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद स्थिति और स्पष्ट होगी। फिलहाल, इलाहाबाद हाईकोर्ट ने साफ कहा है कि तीन महीने के अंदर यूपी के पंचायत चुनाव हो जाने चाहिए। पहले कयास ये कगाए जा रहे थे कि विधानसभा चुनाव के बाद पंचायत चुनाव होगा। यह फैसला जस्टिस अजीत कुमार और जस्टिस गरिमा प्रसाद की खंडपीठ ने करीब तीन घंटे तक चली सुनवाई के बाद सुनाया।

सरकार के आदेश को कोर्ट ने बताया वैध

हाईकोर्ट ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि प्रशासकों की नियुक्ति को लेकर यूपी सरकार की ओर से जारी शासनादेश पूरी तरह वैध है। अदालत ने सरकार को निर्देश दिया कि पंचायत निकायों के चुनाव निर्धारित समयसीमा के भीतर पूरे कराए जाएं। इस फैसले से पंचायत चुनाव की तैयारी और समयसीमा को लेकर स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है। अदालत ने प्रशासकों को चुनाव समाप्त होने तक कामकाज जारी रखने की व्यवस्था भी बरकरार रखी है।

OBC आयोग की प्रक्रिया से अलग होगी चुनाव की तैयारी?

हाई कोर्ट ने कहा कि अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) आयोग अपना काम बिना किसी बाधा के जारी रखेगा। लेकिन पंचायत चुनाव कराने की प्रक्रिया आयोग की कार्यवाही पूरी होने पर निर्भर नहीं रहेगी। यानी आयोग की प्रक्रिया के कारण चुनाव को अनिश्चितकाल तक टाला नहीं जा सकेगा। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि पंचायत चुनाव मौजूदा नियमों और व्यवस्था के तहत कराए जाएंगे।

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चुनाव प्रक्रिया में 27 प्रतिशत आरक्षण के प्रावधान का पालन करना होगा। इस फैसले के बाद अब राज्य सरकार के सामने तीन महीने के भीतर पंचायत चुनाव कराने की समयसीमा पूरी करने की जिम्मेदारी होगी। हालांकि, चुनाव की तारीखों और मतदान के शेड्यूल को लेकर सरकार की ओर से जारी होने वाली आधिकारिक अधिसूचना महत्वपूर्ण होगी।

काशी विश्वनाथ मंदिर के शिखर से सोना गायब? PMO तक पहुंची शिकायत, मंडलायुक्त ने बताई सच्चाई

Kashi Vishwanath Temple Gold Controversy: अयोध्या स्थित राम मंदिर से चंदा चोरी के बाद अब वाराणसी के श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के शिखर से सोना गायब होने के आरोप ने नया विवाद खड़ा कर दिया है। इस मामले में अधिवक्ता नित्यानंद राय ने शिकायत दर्ज कराते हुए दावा किया है कि मंदिर के शिखर पर लगे सोने के कई कलश गायब हो गए हैं। उनका आरोप है कि यह मामला लगातार गंभीर होता जा रहा है और कथित तौर पर हर दूसरे दिन सोना निकाला जा रहा है। अधिवक्ता ने यह भी दावा किया है कि प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) ने उनकी शिकायत पर संज्ञान लिया है। हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

29 सितंबर को की थी PMO से शिकायत

वाराणसी के तेलियाबाग निवासी अधिवक्ता नित्यानंद राय ने बताया कि 29 सितंबर को उन्होंने मंडल आयुक्त समेत प्रधानमंत्री कार्यालय को एक पत्र भेज कर शिकायत की थी। पत्र में उन्‍होंने बताया कि मंदिर के उत्तरी द्वार के ठीक ऊपर दो स्थानों पर स्वर्ण कलश गायब है। उसकी जगह वहां पर कुछ पेंट किया गया है। नित्यानंद राय ने बताया कि यह तकरीबन 2 से लेकर 3 फीट की चौड़ाई का था। पहले भी मंदिर से सोना चांदी की चोरी हो चुकी है, इसलिए इस प्रकरण की गंभीरता से जांच किए जाने की आवश्यकता है। ऐसा पैच करीब दो से तीन जगहों पर है।

श्वेत पत्र जारी करने और वेबसाइट पर जानकारी देने की मांग

अधिवक्ता नित्यानंद राय ने मांग की है कि मंदिर के शिखर से सोना गायब होने के आरोपों की निष्पक्ष जांच कराई जाए। उनका कहना है कि मंदिर में सोना कब से गायब हो रहा है और अब तक कितनी मात्रा में सोना या चांदी गायब हुआ है, इसकी पूरी जानकारी सामने आनी चाहिए।

उन्होंने मंदिर प्रशासन से इस मामले में श्वेत पत्र जारी करने की मांग की है। साथ ही, मंदिर के अंदर और शिखर पर लगे सोने-चांदी का पूरा ब्योरा सार्वजनिक करने की बात कही है। नित्यानंद राय चाहते हैं कि यह जानकारी मंदिर की आधिकारिक वेबसाइट पर भी उपलब्ध कराई जाए, ताकि लोग इसे आसानी से देख सकें। शिकायतकर्ता के मुताबिक, मंदिर प्रशासन की ओर से अब तक जो जवाब दिया गया है, उससे वह संतुष्ट नहीं हैं।

ओलावृष्टि में टूटा था कलश का हिस्सा, मंदिर प्रशासन ने सुरक्षित रखा

दूसरी ओर, वाराणसी के मंडलायुक्त एस. राजलिंगम ने मंदिर से सोना गायब होने के आरोपों को खारिज किया है। उन्होंने इन खबरों को भ्रामक और बेबुनियाद बताया। मंडलायुक्त के मुताबिक, करीब तीन महीने पहले ओलावृष्टि के दौरान मंदिर के प्रवेश द्वार के ठीक ऊपर बने गुंबद या कलश का एक हिस्सा टूटकर गिर गया था। उन्होंने स्पष्ट किया कि टूटे हुए हिस्से को मंदिर प्रशासन ने सुरक्षित रख लिया है।

IIT मद्रास की तकनीकी टीम करेगी सर्वे

मंडलाआयुक्त ने बताया कि गिरा हुआ कलश जिसे विश्वनाथ धाम में सुरक्षित रखा गया है, पुनर्स्थापना के लिए IIT मद्रास से सर्वे कराया गया है। उसकी मदद से जल्द ही फिर से कलश स्थापित कराया जाएगा। बिना किसी तकनीकी परीक्षण के कलश को दोबारा लगाना वैज्ञानिक दृष्टि से उचित नहीं है। इसके लिए IIT मद्रास से संपर्क किया गया है और वहां की टीम प्राथमिक सर्वे का काम कर चुकी है।

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ट्रिपल मर्डर से पहले AI पर क्या सर्च कर रहा था टेक कर्मचारी? सामने आई हिस्ट्री

बेंगलुरु के KR पुरा इलाके के सीगेहल्ली में जून में हुए ट्रिपल मर्डर केस की जांच में एक चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है। पुलिस को 25 साल के टेक कर्मचारी जे. केनेथ के लैपटॉप से AI पर की गई कई सर्च मिली हैं। ये सर्च उन सवालों से जुड़ी थीं, जिनसे किसी पर हमला करने के तरीके की जानकारी मिल सकती है।

लोकल 18 के रिपोर्टर आफरीन हुसैन की रिपोर्ट के मुताबिक, ये सर्च 22 जून को हुई घटना से पहले की गई थीं। इसी दिन केनेथ पर अपनी लिव-इन पार्टनर श्वेता के माता-पिता और बहन पर हमला करने का आरोप है।

केनेथ ने AI पर सर्च किये ये सवाल

• किचन नाइफ से हमला करने के तरीके

• सिरके और मिर्च पाउडर से किसी की आंखों को नुकसान पहुंचाने के सवाल

• तीन लोगों के घुटने तोड़ने से जुड़ी जानकारी

• घर में घुसे तीन चोरों को काबू करने के तरीके

• खतरनाक हथियारों के बारे में जानकारी

पुलिस को इन सर्च के अलावा बैंक से आने वाली लोन की कॉल और दिवालिया होने से जुड़ी जानकारी भी मिली है।

चार्जशीट के मुताबिक, श्वेता ने केनेथ की मदद के लिए करीब 52 लाख रुपये का लोन लिया था। इसमें बिजनेस लोन, पर्सनल लोन और दोस्तों-रिश्तेदारों से लिया पैसा शामिल था। किस्तें नहीं चुकने पर बैंक ने उसके माता-पिता के घर नोटिस भेजा। इसके बाद परिवार को कर्ज के बारे में पता चला और श्वेता के पिता ने केनेथ से पैसों को लेकर सवाल किया।

पैसों के विवाद के बाद हुआ हमला

आरोप है कि 22 जून की रात सीगेहल्ली के साई ग्रीन अपार्टमेंट में विवाद बढ़ गया। इसी दौरान सोमसुंदर, उनकी पत्नी मुथुलक्ष्मी और 20 साल की बेटी सुप्रिया पर हमला किया गया।

सोमसुंदर घायल होने के बाद किसी तरह सीढ़ियों तक पहुंचे। उन्होंने गार्ड और वहां मौजूद लोगों को बताया कि केनेथ उनकी पत्नी और बेटी पर हमला कर रहा है। उन्हें अस्पताल ले जाया गया, लेकिन बाद में उनकी मौत हो गई। मुथुलक्ष्मी और सुप्रिया की भी जान चली गई।

घटनास्थल से मिले ये अहम सबूत

जांच के दौरान पुलिस को घटनास्थल से सिरके और मिर्च पाउडर की एक बोतल भी मिली। इसे जांच के लिए फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी भेजा गया है।

पुलिस के मुताबिक, केनेथ AI का काफी इस्तेमाल करता था और उसे एक दोस्त की तरह मानता था। लैपटॉप की जांच और Google सर्च हिस्ट्री से ये जानकारी मिली है। पुलिस अभी यह पता कर रही है कि AI ने उसके सवालों के क्या जवाब दिए थे।

इस मामले में पुलिस ने कोर्ट में 2,085 पेज की चार्जशीट दाखिल की है। इसमें श्वेता का बयान भी है। श्वेता ने बताया कि केनेथ ने उसके माता-पिता और बहन पर हमला किया था और वह उस समय वहीं मौजूद थी।

ASI हत्याकांड: अमृतसर में पुलिस मुठभेड़ में आरोपी की मौत

ASI हत्याकांड: अमृतसर में पुलिस मुठभेड़ में आरोपी की मौत

Accused in ASI murder case dies in police encounter

Amritsar ASI murder case : पंजाब के अमृतसर में एक सहायक सब-इंस्पेक्टर (ASI) की हत्या के मामले में कथित रूप से शामिल एक आरोपी की शनिवार रात पुलिस के साथ मुठभेड़ में मौत हो गई। अधिकारियों के मुताबिक, मृतक की पहचान अमृतसर के मुलेचक गांव निवासी दीपक सिंह के रूप में हुई है। रात करीब 9:45 बजे एक चेकपॉइंट पर स्कूटर सवार 2 संदिग्धों को रुकने का इशारा किया गया। इनमें से एक संदिग्ध ने पुलिस टीम पर कथित तौर पर गोली चला दी और अगले चेकपॉइंट की ओर भाग गया।

पुलिस के अनुसार, दीपक सिंह उन दो मोटरसाइकल सवार आरोपियों में शामिल था, जिन्होंने गुरुवार और शुक्रवार की दरमियानी रात भगतांवाला अनाज मंडी में ASI हरजीत सिंह की कथित तौर पर गोली मारकर हत्या कर दी थी।

CCTV और तकनीकी इनपुट से आरोपियों तक पहुंची पुलिस

अधिकारियों के मुताबिक, आरोपियों की पहचान और तलाश के लिए CCTV फुटेज, तकनीकी इनपुट, टावर-डंप विश्लेषण, स्थानीय खुफिया जानकारी और मुखबिरों से मिली सूचना का इस्तेमाल किया गया।

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पुलिस के मुताबिक, रात करीब 9:45 बजे एक चेकपॉइंट पर स्कूटर सवार दो संदिग्धों को रुकने का इशारा किया गया। पुलिस के अनुसार, इनमें से एक संदिग्ध ने पुलिस टीम पर कथित तौर पर गोली चला दी और अगले चेकपॉइंट की ओर भाग गया।

 

पुलिस की जवाबी कार्रवाई में आरोपी घायल

पुलिस के मुताबिक, अगले चेकपॉइंट पर संदिग्धों ने पुलिस टीम पर चार राउंड फायरिंग की। अधिकारियों ने बताया कि इसके बाद पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की।

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अमृतसर के इस्लामाबाद थाना क्षेत्र में हुई गोलीबारी के दौरान दीपक सिंह को गोली लगी। पुलिस के अनुसार, उसे तत्काल अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। पुलिस ने बताया कि मामले में आगे की जांच जारी है और मुठभेड़ से जुड़े तथ्यों की भी जांच की जा रही है।

डांस क्लास जाने के लिए खाना बनाने से किया इनकार, तो पति ने पत्नी को उतारा मौत के घाट, पोस्टमार्टम में गर्दन की हड्डी टूटने और आंत फटने का पता चला

Nagpur Murder Case: महाराष्ट्र के नागपुर में एक अस्पताल में इलाज के दौरान 38 वर्षीय महिला की मौत हो गई। आरोप है कि खाना पकाने को लेकर हुई बहस के दौरान उसके पति ने उस पर हमला किया और चाकू घोंप दिया। पुलिस के मुताबिक, 41 वर्षीय पति कृष्ण लाल यादव को गिरफ्तार कर लिया गया है और उस पर हत्या का मामला दर्ज किया गया है।

बता दें कि मृतक महिला की पहचान यामिनी कृष्ण लाल यादव के तौर पर हुई है। आरोप है कि उस पर तब हमला किया गया जब उसने खाना बनाने से इनकार कर दिया, क्योंकि वह अपनी हाउसिंग सोसाइटी में आयोजित डांस क्लास में जाने की तैयारी कर रही थी। दंपति के दो छोटे बच्चे हैं।

न्यूज 18 की रिपोर्ट के मुताबिक, यह घटना मनकापुर पुलिस स्टेशन के अधिकार क्षेत्र में आने वाले झिंगाबाई टाकली के साईनगर स्थित गोविंद सिटी में हुई।

खाना बनाने को लेकर बहस

पुलिस के मुताबिक, कृष्ण लाल काम से घर लौटे और यामिनी से अपने और बच्चों के लिए खाना बनाने को कहा। यामिनी हाउसिंग सोसाइटी में हो रही डांस क्लास के लिए निकलने की तैयारी कर रही थीं और उन्होंने खाना बनाने से मना कर दिया।

इस बात पर पति-पत्नी के बीच बहस हो गई। पुलिस का आरोप है कि शराब के नशे में धुत कृष्ण लाल ने अपनी पत्नी के साथ मारपीट की और उनके गले व पेट पर हाथों से वार किया। बताया जा रहा है कि यह झगड़ा उनके दोनों बच्चों के सामने हुआ।

पुलिस ने यह भी बताया कि हाथापाई के दौरान यामिनी ने भी जवाबी कार्रवाई की थी।

बाद में यामिनी ने गर्दन और पेट में तेज दर्द की शिकायत की और अपने पति से दर्द निवारक दवा लाने को कहा। बताया जाता है कि कृष्ण लाल पास की एक मेडिकल दुकान पर गए, लेकिन वह बंद थी और वे बिना दवा के ही लौट आए।

इसके बाद उनकी हालत बिगड़ गई। उनके पेट में सूजन आ गई और बाद में पुलिस को पता चला कि उन्हें गंभीर अंदरूनी चोटें आई थीं, जिसमें उनकी आंत को भी नुकसान पहुंचा था।

जब उनकी हालत गंभीर हो गई, तो कृष्ण लाल उन्हें मनकापुर के मैक्स हॉस्पिटल ले गए, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।

पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से मौत पर उठे सवाल

मनकापुर पुलिस ने शुरू में इसे दुर्घटनावश हुई मौत का मामला दर्ज किया और यामिनी के शव को पोस्टमॉर्टम के लिए मेयो अस्पताल भेजा।

हालांकि, खबरों के मुताबिक पोस्टमॉर्टम में गंभीर चोटें पाई गईं, जिनमें गर्दन की हड्डी टूटना और आंतें फटना शामिल था। इन नतीजों के बाद पुलिस ने उसकी मौत से जुड़े हालात पर सवाल उठाए और अपनी जांच उसके पति पर केंद्रित की।

यामिनी के भाई ने पत्रकारों को बताया कि परिवार को पहले लगा था कि उसकी मौत दुखद हालात में हुई है। उन्होंने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट से गला घोंटे जाने और पेट में गंभीर चोटों के निशान का पता चलने के बाद परिवार को मामले की गंभीरता का एहसास हुआ।

भाई ने बताया कि यामिनी ने पहले भी उन्हें अपने पति के साथ हुई बहस के बारे में बताया था। हालांकि, उसने परिवार से इसमें दखल न देने को कहा था क्योंकि उसे डर था कि उनके शामिल होने से उसकी मुश्किलें और बढ़ सकती हैं।

उन्होंने कहा कि परिवार ने पहले की घटनाओं को पति-पत्नी के बीच आम झगड़े के तौर पर देखा था और उन्हें अंदाजा नहीं था कि मामला इतना गंभीर हो सकता है।

हत्या के मामले में पति गिरफ्तार

पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के आधार पर, पुलिस ने गिरफ्तारी से पहले कृष्णा लाल से उसकी पत्नी की मौत से जुड़ी परिस्थितियों के बारे में पूछताछ की।

उस पर हत्या से संबंधित कानूनों की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है और आगे की जांच चल रही है।

पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि घर के अंदर क्या हुआ था, कथित मारपीट कैसे हुई और किन परिस्थितियों के कारण आखिरकार यामिनी की मौत हुई।

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क्या दिल्ली की 21 साल की मॉडल मुस्कान को उसके जिम ट्रेनर इमरान ने मारा? घुर में घुस ऐसे की गई जघन्य वारदात

Muskan Murder Case: दिल्ली के पश्चिमी इलाके तिलक नगर में बुधवार शाम एक 21 साल की छात्रा और मॉडल मुस्कान की कथित तौर पर चाकू मारकर हत्या कर दी गई। TOI की रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस को शक है कि इस वारदात में उसके पूर्व जिम ट्रेनर इमरान का हाथ हो सकता है।

बताया जा रहा है कि घटना के समय मुस्कान घर में अकेली थी। आरोप है कि इमरान घर में घुसा और उस पर चाकू से कई बार हमला किया। इसके बाद वह मौके से फरार हो गया। वहीं, मुस्कान की चीखें सुनकर पड़ोसी उसके घर पहुंचे, जहां वह गंभीर हालत में खून से लथपथ पड़ी मिली।

पड़ोसी उसे तुरंत अस्पताल ले गए, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस को घटना के बारे में PCR कॉल मिली और आरोपी की तलाश शुरू कर दी है।

ADCP ने दी जानकारी

एडिशनल डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस अभिषेक गुप्ता ने पत्रकारों को बताया, “हम दोषी की तलाश कर रहे हैं और आस-पास के इलाके के CCTV फुटेज की जांच की जा रही है।”

वहीं, पुलिस के एक सीनियर अधिकारी ने कहा, “लगभग 21 साल की एक महिला की उसके घर पर अकेले होने के दौरान चाकू मारकर हत्या कर दी गई। CCTV फुटेज की जांच की जा रही है और पुलिस मामले की छानबीन कर रही है।”

TOI की रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस ने इमरान का पता लगाने के लिए कई टीमें बनाई हैं और सुराग पाने के लिए मुस्कान के फोन की भी जांच कर रही है।

जांचकर्ताओं ने उस जिम में छापेमारी की है जहां इमरान काम करता था और उसके घर पर भी तलाशी ली है, साथ ही उसके परिवार वालों और दोस्तों से भी पूछताछ की है।

कौन है संदिग्ध?

रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस ने बताया कि मुस्कान और इमरान एक-दूसरे को करीब डेढ़ साल से जानते थे। कुछ रिश्तेदारों और पड़ोसियों ने जांच करने वालों को बताया कि इमरान अक्सर उस इलाके में देखा जाता था और कथित तौर पर मुस्कान का पीछा करता था। माना जाता है कि मुस्कान ने उसे ठुकरा दिया था।

TOI के अनुसार, मुस्कान के दोस्त अमन ने बताया कि वह तीन बहनों में सबसे छोटी थी। उसकी एक बड़ी बहन, जो अभी चंडीगढ़ में है, ने हमले के बारे में पता चलने पर कथित तौर पर उसे फोन किया और मुस्कान के घर तुरंत पहुंचने को कहा।

अमन ने कहा, “मुझे एक फोन आया था, लेकिन मुझे ठीक-ठीक समय याद नहीं है। उन्होंने मुझे बताया कि वे घर पर नहीं थे और कोई घर में घुसकर मुस्कान को चाकू मार गया।”

उन्होंने बताया कि उन्होंने तुरंत एक और दोस्त से संपर्क किया और उससे घर पहुंचकर मुस्कान को मेडिकल मदद दिलाने को कहा। जब तक वह वहां पहुंचा, तब तक एम्बुलेंस मौके पर पहुँच चुकी थी और उसे अस्पताल ले जा चुकी थी।

अमन ने यह भी आरोप लगाया कि मुस्कान की बहनों ने पहले ही इमरान द्वारा उसे परेशान किए जाने को लेकर चिंता जताई थी। अमन ने कहा, “उसने पहले भी उसे परेशान किया था, और इस घटना के बाद तुरंत उसी पर शक गया।”

पुलिस की नजर में जिम

जिस जिम में इमरान काम करता था, वह भी पुलिस की जांच के दायरे में आ गया। ‘सेवन ज़ोन फिटनेस डेस्टिनेशन’ की रिसेप्शनिस्ट डिंपल ने बताया कि इमरान को उसके बर्ताव को लेकर हुई शिकायतों के बाद करीब एक-दो महीने पहले नौकरी से निकाल दिया गया था।

डिंपल ने कहा, “उसके बात करने का तरीका ठीक नहीं था, और इसी वजह से उसे नौकरी से निकाल दिया गया। उसे नौकरी छोड़े हुए 1-2 महीने हो चुके हैं। यहां उनके बीच कुछ भी नहीं था। हां, उसने एक-दो बार उससे बात करने की कोशिश की थी, लेकिन उसे ऐसा न करने के लिए कहा गया और फिर सब ठीक हो गया।”

फिलहाल, पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि क्या मुस्कान और इमरान के बीच कथित उत्पीड़न और पहले हुई बातचीत का संबंध बुधवार को हुए हमले से है।

इलाके में फैला तनाव

इस हत्या के कारण इलाके में तनाव भी फैल गया है क्योंकि मुस्कान और आरोपी अलग-अलग धर्मों से हैं। किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।

TOI की रिपोर्ट के मुताबिक, मुस्कान के शव को मुर्दाघर में रखा गया है और गुरुवार सुबह उसका पोस्टमार्टम किया जाएगा। पुलिस अपनी जांच जारी रखे हुए है और इमरान को गिरफ्तार करने की कोशिशें चल रही हैं।

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