‘वह बस वहां से गुजर रहे थे’: CEC-विरोध प्रदर्शन में शामिल होने के आरोपों पर इमरान खान के वकीलों का जवाब

Imran Khan Controversy: बॉलीवुड अभिनेता इमरान खान की कानूनी टीम ने अब उन दावों को खारिज कर दिया है, जिनमें कहा गया था कि उन्होंने 10 अक्टूबर को मुंबई के अगस्त क्रांति मैदान में मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) के खिलाफ हुए विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लिया था। टीम का कहना है कि वह बस उस इलाके से गुजर रहे थे। यह स्पष्टीकरण तब आया है जब अधिकारियों ने अभिनेता – जो अमेरिकी नागरिक हैं और जिनके पास ‘ओवरसीज सिटीजन ऑफ इंडिया’ (OCI) कार्ड है – को 28 अक्टूबर तक भारत छोड़ने का निर्देश दिया है।

‘द टाइम्स ऑफ इंडिया’ की एक रिपोर्ट के अनुसार, खान के वकीलों ने इस दावे को चुनौती दी है कि उन्होंने उस विरोध प्रदर्शन में सक्रिय रूप से हिस्सा लिया था, जिसमें मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की गई थी।

वहीं, विरोध प्रदर्शन में उनकी मौजूदगी को लेकर यह विवाद तब और अहम हो गया, जब ‘फॉरेनर्स रीजनल रजिस्ट्रेशन ऑफिस’ (FRRO) ने उन्हें देश छोड़ने का नोटिस जारी किया।

इस घटनाक्रम ने अभिनेता के आव्रजन (इमिग्रेशन) दर्जे और भारत में विदेशी नागरिकों की राजनीतिक गतिविधियों से जुड़े नियमों को चर्चा के केंद्र में ला दिया है।

अगस्त क्रांति मैदान में क्या हुआ?

10 अक्टूबर को मुंबई पुलिस ने अगस्त क्रांति मैदान में जुटे या वहां पहुंचने की कोशिश कर रहे सैकड़ों लोगों को हिरासत में लिया था। ये लोग कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) की ओर से बुलाए गए प्रदर्शन में शामिल होने पहुंचे थे। इस प्रदर्शन में मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की जा रही थी।

पुलिस की इस कार्रवाई के दौरान हिरासत में लिए गए लोगों में इमरान खान भी शामिल थे। बाद में उन्होंने सोशल मीडिया पर पुलिस वैन के अंदर की अपनी एक तस्वीर शेयर की और कैप्शन लिखा, “लगता है मैं ड्राइव पर जा रहा हूं।”

वहीं, बीजेपी नेता किरीट सोमैया के पुलिस से संपर्क करने के बाद, उस जगह पर अभिनेता की मौजूदगी विवाद का विषय बन गई। सोमैया ने सवाल उठाया कि विदेशी नागरिक होने के बावजूद, अभिनेता ने एक राजनीतिक प्रदर्शन में कैसे हिस्सा लिया। सोमैया ने खान के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि प्रदर्शन में उनकी भागीदारी से यह सवाल उठता है कि क्या उन्होंने विदेशी नागरिकों और OCI कार्डधारकों पर लागू नियमों का पालन किया है। इसके बाद खान को 28 अक्टूबर तक भारत छोड़ने का नोटिस दिया गया, जिससे यह विवाद और गहरा गया।

अब अभिनेता के वकीलों ने प्रदर्शन में उनकी मौजूदगी को लेकर लगाए गए आरोपों को चुनौती दी है। उनका कहना है कि अभिनेता प्रदर्शन में हिस्सा नहीं ले रहे थे, बल्कि वे बस उस इलाके से गुजर रहे थे।

इमरान खान को भारत छोड़ने के लिए क्यों कहा गया है?

‘जाने तू… या जाने ना’ और ‘डेल्ही बेली’ जैसी फिल्मों के लिए पहचाने जाने वाले इमरान खान, अमेरिका के नागरिक हैं और उनके पास OCI कार्ड है। हालांकि, OCI का दर्जा पात्र विदेशी नागरिकों को कुछ शर्तों के साथ भारत आने और यहां रहने की अनुमति देता है, लेकिन इससे उन्हें भारत की नागरिकता नहीं मिल जाती।

नागरिकता अधिनियम के तहत, OCI कार्ड धारकों को वे राजनीतिक अधिकार नहीं मिलते जो भारतीय नागरिकों को प्राप्त हैं; इनमें वोट देने या चुनाव लड़ने का अधिकार शामिल है। अनुच्छेद 19 के तहत मिलने वाले संवैधानिक संरक्षण – जिनमें अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और शांतिपूर्ण तरीके से इकट्ठा होने का अधिकार शामिल है – विशेष रूप से केवल भारतीय नागरिकों को ही दिए गए हैं।

हालांकि, भारत में विदेशी नागरिकों के राजनीतिक प्रदर्शनों में शामिल होने को लेकर कानूनी स्थिति इतनी सीधी नहीं है कि उन पर पूरी तरह से रोक हो। इमिग्रेशन एंड फॉरेनर्स एक्ट, 2025 के तहत सरकार को भारत में विदेशी नागरिकों की मौजूदगी और उनके आचरण को नियंत्रित करने के व्यापक अधिकार मिले हैं। लेकिन इस कानून में स्पष्ट रूप से यह नहीं कहा गया है कि विदेशी नागरिकों या OCI कार्डधारकों के प्रदर्शन में शामिल होने पर पूरी तरह प्रतिबंध है।

ऐसे में इमरान खान के मामले में यह जानना अहम है कि उन्हें भारत छोड़ने का नोटिस किन कानूनी आधारों पर जारी किया गया है। इससे यह स्पष्ट हो सकेगा कि उनके खिलाफ कार्रवाई किस वजह से की गई।

वकीलों ने अपने दावे के समर्थन में CCTV फुटेज मांगी

इमरान खान की कानूनी टीम ने संकेत दिया है कि वे घटना के दिन उनकी गतिविधियों का पता लगाने के लिए उस इलाके की CCTV फुटेज मांगेंगे। वकीलों का कहना है कि फुटेज से यह स्पष्ट हो सकेगा कि अभिनेता वहां प्रदर्शन में शामिल होने पहुंचे थे या सिर्फ उस इलाके से गुजर रहे थे।

अधिवक्ता जुल्फिकार मेमन ने ‘द टाइम्स ऑफ इंडिया’ से कहा, “पुलिस इलाके की CCTV फुटेज निकलवाए, सब कुछ साफ हो जाएगा।”

बचाव पक्ष के मुताबिक, खान नाना चौक से गुजर रहे थे, तभी पुलिस की बैरिकेडिंग के कारण रास्ता रुक गया और मीडिया के लोग उनके पास आ गए। वकीलों ने शिकायतकर्ता के उस आरोप को चुनौती दी है, जिसमें दावा किया गया है कि अभिनेता ने प्रदर्शन में उसी तरह हिस्सा लिया था, जैसा शिकायत में बताया गया है।

बता दें कि हिरासत में लिए जाने से कुछ समय पहले मीडिया से बात करते हुए, खान ने वहां अपनी मौजूदगी के बारे में एक अलग ही बात कही थी। उन्होंने कहा, “मैं यहां एक नागरिक के तौर पर हूं, एक ऐसे व्यक्ति के तौर पर जो इसी शहर में रहता है। मैं यह देखने आया हूं कि लोगों की आवाजाही की आजादी पर रोक क्यों लगाई जा रही है, और लोगों की आवाज को क्यों दबाया जा रहा है।”

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Imran Khan: एक्टर इमरान खान को 28 अक्टूबर तक भारत छोड़ने का नोटिस, CJP प्रोटेस्ट में शामिल हुए थे आमिर खान के भांजे

Actor Imran Khan: मुंबई में एक विरोध प्रदर्शन में हिस्सा लेने के बाद अमेरिकी नागरिक और बॉलीवुड अभिनेता इमरान खान इमिग्रेशन जांच के दायरे में आ गए हैं। भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेता किरीट सोमैया ने मशहूर अभिनेता आमिर खान के भांजे इमरान की कथित विदेशी नागरिकता और ओवरसीज सिटीजन ऑफ इंडिया (OCI) स्टेटस को लेकर उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। खबरों के अनुसार, इमरान खान से कथित तौर पर 28 अक्टूबर तक भारत छोड़ने के लिए कहा गया है। 10 अक्टूबर को मुंबई पुलिस ने अगस्त क्रांति मैदान से सैकड़ों लोगों को हिरासत में लिया था, जिनमें इमरान खान भी शामिल थे।

वहां प्रदर्शनकारी ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के समर्थन में इकट्ठा हुए थे। इस प्रदर्शन में मतदाता सूची के ‘स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन’ (SIR) में कथित अनियमितताओं को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की गई थी। अभिनेता को उसी शाम रिहा कर दिया गया। रिपोर्ट के मुताबिक, इस मामले में अब मुंबई पुलिस द्वारा एक नोटिस जारी किया गया है। एक अधिकारी ने पीटीआई को बताया, “मुंबई पुलिस ने आव्रजन और विदेशी नागरिक अधिनियम के उल्लंघन के आरोप में अमेरिकी नागरिक एवं अभिनेता इमरान खान को भारत छोड़ने के लिए कहा है।”

इमरान खान को इमिग्रेशन से जुड़ी कार्रवाई का सामना क्यों करना पड़ रहा है?

न्यूज एजेंसी IANS के मुताबिक, इमरान खान को मुंबई पुलिस ने गुरुवार (15 अक्टूबर) को एक नोटिस जारी कर 28 अक्टूबर तक भारत छोड़ने का निर्देश दिया है। मुंबई पुलिस के अनुसार, भारतीय नागरिक न होने के बावजूद विरोध प्रदर्शन में शामिल होने के कारण इमरान खान के खिलाफ इमिग्रेशन एक्ट (प्रवासन अधिनियम) की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की गई है।

‘टाइम्स नाउ’ की रिपोर्ट के मुताबिक, बीजेपी के पूर्व सांसद किरीट सोमैया ने आरोप लगाया है कि खान एक अमेरिकी नागरिक हैं। उन्होंने कहा कि उनके पास OCI कार्ड है। इसलिए उन्होंने राजनीतिक प्रदर्शन में हिस्सा लेकर नियमों का उल्लंघन किया है। उन्होंने अभिनेता के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। अधिकारियों से उन्हें हिरासत में लेने और देश से बाहर भेजने (निर्वासन) पर विचार करने को कहा है।

इमरान खान के खिलाफ कार्रवाई की मांग

इमरान खान उन प्रदर्शनकारियों में शामिल थे जिन्हें पुलिस ने अगस्त क्रांति मैदान से हिरासत में लिया था। मुंबई के संयुक्त पुलिस आयुक्त मनोज कुमार शर्मा को लिखे पत्र में बीजेपी नेता ने सवाल उठाया कि क्या खान को इस आंदोलन में शामिल होने की कानूनन अनुमति थी। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में BJP नेता ने इमरान खान को तुरंत देश से बाहर निकालने की मांग की।

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हिरासत में लिए जाने के बाद मुंबई पुलिस के वैन से अभिनेता ने सोशल मीडिया पर लिखा, “ऐसा लगता है कि मैं ड्राइव पर जा रहा हूं।” बाद में एक वीडियो भी सामने आया, जिसमें खान पुलिस अधिकारियों से यह पूछते दिखे, “मैंने क्या किया है? मेरे साथ धक्का-मुक्की क्यों की जा रही है?”

Imran Khan: इमरान खान ‘अधूरे हम अधूरे तुम’ से करने जा रहे कमबैक, दिसंबर में नेटफ्लिक्स पर रिलीज होगी फिल्म

Imran Khan: इमरान खान ने आखिरकार अपनी आने वाली फिल्म ‘अधूरे हम अधूरे तुम’ की रिलीज डेट कन्फर्म कर दी है। बड़े पर्दे पर इमरान खान की वापसी बॉलीवुड की सबसे चर्चित वापसी कहानियों में से एक रही है। ‘कट्टी बट्टी’ (2015) के बाद से ही यह एक्टर फिल्मों से काफी हद तक दूर रहे हैं, जिससे फैन्स यह सोचते रहे कि वे कब किसी प्रोजेक्ट में लीड रोल में नजर आएंगे।

इमरान ने अब हिंदुस्तान टाइम्स को बताया-“हमें बताया गया है कि वे इसे दिसंबर 18 को रिलीज करना चाहते हैं। इसलिए हम पोस्ट-प्रोडक्शन का काम तेजी से पूरा करने की कोशिश कर रहे हैं। यह OTT पर रिलीज होगी, न कि सिनेमाघरों में। इसलिए मुझे नहीं लगता कि तारीख से कोई फर्क पड़ता है। मैं बस इस बात से खुश हूं कि आखिरकार हम यह फिल्म सभी के साथ शेयर कर सकते हैं।”

हालांकि इमरान ने इस साल की शुरुआत में वीर दास की फिल्म ‘हैप्पी पटेल: खतरनाक जासूस’ में एक छोटा सा रोल करके दर्शकों को चौंका दिया था। लेकिन लीड एक्टर के तौर पर उनकी वापसी एक राज बनी हुई थी। अब एक्टर ने आखिरकार कन्फर्म कर दिया है कि उनकी वापसी वाली फ़िल्म इस साल क्रिसमस से पहले रिलीज होगी। यह फिल्म नेटफिलिक्स पर उपलब्ध होगी।

इमरान के अलावा इस फिल्म में भूमि पेडनेकर और गुरफतेह पीरजादा भी हैं। इसे दानिश असलम ने डायरेक्ट किया है। इससे पहले ‘द हॉलीवुड रिपोर्टर इंडिया’ के साथ बातचीत में इमरान ने इस फिल्म को “एक मैच्योर रोमांटिक कॉमेडी… जो मेरी मौजूदा उम्र के हिसाब से सही है” बताया था।

इससे पहले News18 से बात करते हुए इमरान ने बताया था कि ‘अधूरे हम अधूरे तुम’ टाइटल ‘ब्रेक के बाद’ फिल्म के एक गाने से लिया गया है। हालांकि यह फिल्म ‘ब्रेक के बाद’ का सीक्वल नहीं है। लेकिन वे इसे उसका ‘स्पिरिचुअल सक्सेसर’ (आध्यात्मिक उत्तराधिकारी) मानते हैं। इसमें ‘ब्रेक के बाद’ की झलक भी शामिल की है। कहा जा रहा है कि यह एक मैच्योर रोमांटिक कॉमेडी है जो इमरान के निजी जीवन के अनुभवों—जैसे शादी और अलगाव—पर काफी हद तक आधारित है, जिससे यह एक्टर के लिए एक बहुत ही पर्सनल प्रोजेक्ट बन गया है।

इस प्रोजेक्ट के शुरू होने के बारे में बात करते हुए, इमरान ने कहा कि उन्हें फिल्म बनाने की इच्छा हुई और उनके मन में कुछ ऐसे विषय थे जिन पर वे काम करना चाहते थे। वे पहले से ही दानिश की सोच और काम करने के तरीके से वाकिफ थे, इसलिए उन्होंने एक प्रोजेक्ट पर साथ काम करने के लिए उनसे संपर्क किया और दानिश ने भी पूरे उत्साह के साथ हामी भरी। दानिश पिछले लगभग एक दशक से अपने मन में एक कहानी पर काम कर रहे थे। इमरान को वह कहानी तुरंत पसंद आ गई। इसके बाद दोनों ने मिलकर इस फिल्म को बनाने का फैसला किया।

इमरान खान के बाद अब उनकी 3 बहनें भी जेल में, 27 सितंबर के प्रदर्शन से पहले सहमी शहबाज सरकार की खुली धमकी

इमरान खान के बाद अब उनकी 3 बहनें भी जेल में, 27 सितंबर के प्रदर्शन से पहले सहमी शहबाज सरकार की खुली धमकी

Imran Khan

Imran Khan PTI Long March: पाकिस्तान में पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की रिहाई और संविधान की बहाली की मांग को लेकर 27 सितंबर को होने वाले ‘लॉन्ग मार्च’ से पहले शहबाज शरीफ सरकार सख्त रुख अपना रही है। सरकार और सेना इमरान खान के समर्थन में उठने वाली हर आवाज को दबाने में जुटी है। इमरान के बाद अब उनकी तीन बहनों को जेल भेज दिया गया है, वहीं सरकार ने प्रदर्शनकारियों को इस्लामाबाद आने पर गंभीर परिणाम भुगतने की खुली चेतावनी दी है।

बहनें कोट लखपत जेल में बंद

पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) के संस्थापक इमरान खान के परिवार पर शिकंजा कसता जा रहा है। कानून और व्यवस्था बनाए रखने के बहाने पुलिस ने इमरान खान की दो और बहनों, नूरीन नियाजी और उजमा खान को 30 दिनों के लिए हिरासत में ले लिया है। इससे एक दिन पहले ही उनकी तीसरी बहन अलीमा खान को हिरासत में लेकर लाहौर की कोट लखपत जेल भेजा गया था। ALSO READ: इमरान को जेल में धीरे-धीरे मार रहे आसिम मुनीर, इमरान के बेटों का सनसनीखेज आरोप

जियो न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक, अब तीनों बहनों को इसी जेल में रखा गया है। इससे पहले अलीमा खान के दो बेटों, शहरज खान और शेर शाह को भी लाहौर में हिरासत में लिया गया था। हालांकि, वकील राणा मुदस्सिर ने पुष्टि की है कि कुछ समय बाद दोनों को रिहा कर दिया गया। ALSO READ: आधी रात शिफा अस्पताल पहुंचे इमरान खान, 6 डॉक्टरों ने की जांच; फिर अडियाला जेल भेजे गए

सरकार की खुली धमकी

27 सितंबर को इस्लामाबाद तक निकाले जाने वाले ‘लॉन्ग मार्च’ को रोकने के लिए शहबाज सरकार की तरफ से धमकियों का दौर शुरू हो गया है। पाकिस्तान के गृह राज्यमंत्री तलाल चौधरी ने साफ लहजे में चेतावनी दी कि विरोध प्रदर्शन के दौरान जो लोग कथित तौर पर ‘आतंकवाद या हिंसा’ का सहारा लेंगे, उन्हें इस्लामाबाद से वापस नहीं जाने दिया जाएगा।

 

दूसरी ओर, सरकार की धमकियों और कार्रवाई के बावजूद पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी अपने रुख पर कायम है। PTI खैबर पख्तूनख्वा के अध्यक्ष जुनैद अकबर ने स्पष्ट किया है कि पार्टी कार्यकर्ता पीछे हटने वाले नहीं हैं और वे अलग-अलग रास्तों से देश की राजधानी इस्लामाबाद में दाखिल होंगे। इस बीच, इमरान खान की रिहाई और देश में संविधान को पूर्ण रूप से लागू कराने की मांग को लेकर पूरे पाकिस्तान में तनाव की स्थिति बनी हुई है।

Imran Khan: मोहसिन नकवी पर अब इमरान खान के बेटों ने कर दिया बड़ा खुलासा, इंटरव्यू विवाद में आया नया मोड़

इमरान खान के बेटों सुलेमान और कासिम ने मोहसिन नकवी और पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) के रवैये पर नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि इमरान पर दिए गए एक इंटरव्यू को लेकर इंग्लैंड दौरा छोड़ने की धमकी देना PCB का गलत कदम था। बताया जा रहा कि PCB स्काई स्पोर्ट्स के लिए माइकल एथरटन द्वारा सुलेमान और कासिम के साथ किए गए इमरान खान से जुड़े इंटरव्यू से नाराज था। ये इंटरव्यू दूसरे टेस्ट के दौरान एयर हुआ था।

बता दें हाल ही में पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की सेहत को लेकर चिंता बढ़ गई है। करीब तीन साल से जेल में बंद इमरान की मेडिकल जांच को लेकर उनके बेटे और कई पूर्व क्रिकेट कप्तानों ने सवाल उठाए हैं।

दौरा रद्द करने की दी थी धमकी

इमरान खान से जुड़ा इंटरव्यू शुरुआत में थोड़ी देर से एयर (प्रसारित) हुआ, लेकिन इसे रद्द नहीं किया गया। इसके बाद पाकिस्तान की टीम ने मैच में हिस्सा लिया।इसके बाद पाकिस्तान और इंग्लैंड की कई रिपोर्ट्स में PCB की ओर से दौरा छोड़ने की धमकी दिए जाने की बात सामने आई। हालांकि, आधिकारिक तौर पर उस समय के कोच सरफराज अहमद और कप्तान बाबर आजम ने ऐसी किसी धमकी या संभावित बहिष्कार की जानकारी होने से इनकार किया था।

इतने बेवकूफ होंगे नकवी

कासिम ने द टेलीग्राफ से कहा, “उन्होंने पूरी तरह बेवकूफी की।” सुलेमान ने कहा, “मुझे किसी तरह के जवाब की उम्मीद थी।लेकिन मुझे नहीं लगा था कि वे इतने बेवकूफ होंगे कि मैदान पर न उतरने की धमकी देंगे। PCB को ये तय करने का अधिकार नहीं होना चाहिए कि इंग्लैंड में 22 साल से रह रहे किसी पुराने पाकिस्तानी खिलाड़ी का इंटरव्यू लिया जाए या नहीं। यह मामला राजनीति से जुड़ा नहीं था, बल्कि इंसानी हालात और उनकी सेहत से जुड़ा था।”

इमरान की सेहत को लेकर हैं चितिंत

इमरान खान करीब तीन साल से जेल में हैं और उनके बेटे लगातार उनकी सेहत को लेकर चिंता जाहिर करते रहे हैं। पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी और इमरान खान के बीच राजनीतिक मतभेद भी हैं। इसी बीच भारत के पूर्व क्रिकेट कप्तान सुनील गावस्कर और कपिल देव समेत 21 पूर्व अंतरराष्ट्रीय कप्तानों ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ से इमरान को बेहतर इलाज और जरूरी मेडिकल सुविधाएं देने की अपील की है।

कब उठी थी मांग

21 पूर्व अंतरराष्ट्रीय कप्तानों ने ये अपील तक किया जब कोर्ट के आदेश पर इमरान खान को मेडिकल जांच के लिए कुछ समय के लिए सरकारी अस्पताल ले जाया गया था। जांच के बाद उन्हें वापस अदियाला जेल भेज दिया गया। पूर्व क्रिकेट कप्तानों ने मांग की कि सुप्रीम कोर्ट की ओर से बनाए गए मेडिकल बोर्ड को खान की जांच की पूरी आजादी दी जाए और उनके निजी डॉक्टरों को भी इसमें शामिल किया जाए। यह मांग खास तौर पर उन खबरों के बाद उठी है, जिनमें इमरान खान की दाहिनी आंख की रोशनी जाने की बात कही गई है।

पाक टेस्ट टीम ने नहीं प्रसारित होने दिया इमरान खान के बेटों का दुख, टेस्ट मैच बॉयकॉट करने की दी धमकी

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पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड ने इंग्लैंड के शीर्ष स्पोर्ट्स चैनल और डजीटल स्पोर्ट्स प्रसारणकर्ता के ख़िलाफ़ औपचारिक शिकायत की है। यह शिकायत तब की गई, जब प्रसारणकर्ता ने लॉर्ड्स में पहले दिन लंच के दौरान पूर्व प्रधानमंत्री और कप्तान इमरान ख़ान के बेटों का इंटरव्यू प्रसारित किया। एक अग्रणी क्रिकेट वेबसाइट को मिली जानकारी के मुताबिक़ PCB ने विरोध के तौर पर ब्रेक के बाद पाकिस्तान की टीम के मैदान पर वापस नहीं उतरने के विकल्प पर भी विचार किया था।

इंग्लैंड के पूर्व कप्तान और मौजूदा स्पोर्ट्स प्रेसेंटर माइक एथर्टन ने यह इंटरव्यू किया था। इसमें इमरान के बेटों सुलेमान और क़ासिम ख़ान ने अपने पिता की सेहत को लेकर चिंता जताई थी। इमरान पिछले तीन साल से जेल में हैं। उनके बेटों ने कहा कि उन्हें अपने पिता की ज़िंदगी को लेकर भी डर है। माना जा रहा है कि PCB ने लंच ब्रेक से पहले ही स्काई स्पोर्ट्स से संपर्क करके इस सेगमेंट को लेकर विरोध दर्ज कराया था। PCB ने कथित तौर पर यह भी चेतावनी दी थी कि अगर इंटरव्यू प्रसारित किया गया, तो पाकिस्तान के खिलाड़ी लंच के बाद मैदान पर वापस नहीं लौटेंगे।

इन बातचीत के दौरान स्काई ने इंटरव्यू को कुछ देर के लिए रोक दिया। लेकिन बाद में उसने 18 मिनट का यह इंटरव्यू प्रसारित कर दिया। जब तक इंटरव्यू ख़त्म हुआ, पाकिस्तान के खिलाड़ी दूसरे सेशन के लिए मैदान पर लौटने की तैयारी कर रहे थे। दूसरा सेशन दोपहर 2:40 बजे शुरू होना था।

एथर्टन ने बुधवार सुबह लॉर्ड्स के राइटर्स रूम में इमरान के बेटों का यह इंटरव्यू किया था। स्काई ने टेस्ट मैच से पहले इस इंटरव्यू की एक छोटी झलक भी दिखाई थी। हालांकि पाकिस्तान में इस सीरीज़ का प्रसारण करने वाले PTV ने इस इंटरव्यू को प्रसारित नहीं किया। पिछले कुछ हफ़्तों से इमरान की सेहत को लेकर लगातार सवाल उठ रहे हैं। उनके बेटे भी उन्हें सही इलाज और बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं दिलाने की कोशिशें तेज़ कर रहे हैं।

पिछले हफ़्ते पाकिस्तान की सुप्रीम कोर्ट ने आदेश दिया था कि इमरान को राजधानी इस्लामाबाद के शिफ़ा अस्पताल में भर्ती कराया जाए। लेकिन इसके बजाय उन्हें सरकारी PIMS अस्पताल ले जाया गया और जांच के कुछ ही समय बाद वापस जेल भेज दिया गया था।

इमरान की बहनों और बेटों ने आरोप लगाया है कि यह सुप्रीम कोर्ट के आदेश का उल्लंघन था। उन्होंने यह भी मांग की है कि इमरान को अपने निजी डॉक्टर से मिलने की इजाज़त दी जाए। पिछले हफ़्ते एथर्टन समेत 21 पूर्व कप्तानों ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज़ शरीफ़ को एक ख़त लिखा था। इसमें उन्होंने उनसे अपील की थी कि यह सुनिश्चित किया जाए कि इमरान को जेल में सही इलाज और ज़रूरी स्वास्थ्य सुविधाएं मुहैया कराई जाए।

इस ख़त पर भारत, ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड, वेस्टइंडीज़ और न्यूज़ीलैंड के पूर्व कप्तानों ने दस्तख़त किए थे। यह फ़रवरी में 14 पूर्व कप्तानों द्वारा लिखे गए एक पिछले ख़त के बाद भेजा गया था। उस पहले ख़त का पाकिस्तान सरकार की तरफ़ से कोई जवाब नहीं आया था।

एक अग्रणी क्रिकेट वेबसाइट ने इस मामले पर PCB की आधिकारिक प्रतिक्रिया के लिए उससे संपर्क भी किया है। वहीं, पाकिस्तान सरकार ने पिछले हफ़्ते एसोसिएटेड प्रेस को दिए एक बयान में उन आरोपों को ख़ारिज किया था कि इमरान के साथ जेल में बदसलूक़ी की गई या उन्हें अपने परिवार और वकीलों से मिलने नहीं दिया गया। सरकार ने कहा था कि अगस्त 2023 में जेल जाने के बाद से इमरान से उनके परिवार, वकीलों और डॉक्टरों ने 900 से ज़्यादा बार मुलाक़ात की है।

क्या दिल्ली की 21 साल की मॉडल मुस्कान को उसके जिम ट्रेनर इमरान ने मारा? घुर में घुस ऐसे की गई जघन्य वारदात

Muskan Murder Case: दिल्ली के पश्चिमी इलाके तिलक नगर में बुधवार शाम एक 21 साल की छात्रा और मॉडल मुस्कान की कथित तौर पर चाकू मारकर हत्या कर दी गई। TOI की रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस को शक है कि इस वारदात में उसके पूर्व जिम ट्रेनर इमरान का हाथ हो सकता है।

बताया जा रहा है कि घटना के समय मुस्कान घर में अकेली थी। आरोप है कि इमरान घर में घुसा और उस पर चाकू से कई बार हमला किया। इसके बाद वह मौके से फरार हो गया। वहीं, मुस्कान की चीखें सुनकर पड़ोसी उसके घर पहुंचे, जहां वह गंभीर हालत में खून से लथपथ पड़ी मिली।

पड़ोसी उसे तुरंत अस्पताल ले गए, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस को घटना के बारे में PCR कॉल मिली और आरोपी की तलाश शुरू कर दी है।

ADCP ने दी जानकारी

एडिशनल डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस अभिषेक गुप्ता ने पत्रकारों को बताया, “हम दोषी की तलाश कर रहे हैं और आस-पास के इलाके के CCTV फुटेज की जांच की जा रही है।”

वहीं, पुलिस के एक सीनियर अधिकारी ने कहा, “लगभग 21 साल की एक महिला की उसके घर पर अकेले होने के दौरान चाकू मारकर हत्या कर दी गई। CCTV फुटेज की जांच की जा रही है और पुलिस मामले की छानबीन कर रही है।”

TOI की रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस ने इमरान का पता लगाने के लिए कई टीमें बनाई हैं और सुराग पाने के लिए मुस्कान के फोन की भी जांच कर रही है।

जांचकर्ताओं ने उस जिम में छापेमारी की है जहां इमरान काम करता था और उसके घर पर भी तलाशी ली है, साथ ही उसके परिवार वालों और दोस्तों से भी पूछताछ की है।

कौन है संदिग्ध?

रिपोर्ट के मुताबिक, पुलिस ने बताया कि मुस्कान और इमरान एक-दूसरे को करीब डेढ़ साल से जानते थे। कुछ रिश्तेदारों और पड़ोसियों ने जांच करने वालों को बताया कि इमरान अक्सर उस इलाके में देखा जाता था और कथित तौर पर मुस्कान का पीछा करता था। माना जाता है कि मुस्कान ने उसे ठुकरा दिया था।

TOI के अनुसार, मुस्कान के दोस्त अमन ने बताया कि वह तीन बहनों में सबसे छोटी थी। उसकी एक बड़ी बहन, जो अभी चंडीगढ़ में है, ने हमले के बारे में पता चलने पर कथित तौर पर उसे फोन किया और मुस्कान के घर तुरंत पहुंचने को कहा।

अमन ने कहा, “मुझे एक फोन आया था, लेकिन मुझे ठीक-ठीक समय याद नहीं है। उन्होंने मुझे बताया कि वे घर पर नहीं थे और कोई घर में घुसकर मुस्कान को चाकू मार गया।”

उन्होंने बताया कि उन्होंने तुरंत एक और दोस्त से संपर्क किया और उससे घर पहुंचकर मुस्कान को मेडिकल मदद दिलाने को कहा। जब तक वह वहां पहुंचा, तब तक एम्बुलेंस मौके पर पहुँच चुकी थी और उसे अस्पताल ले जा चुकी थी।

अमन ने यह भी आरोप लगाया कि मुस्कान की बहनों ने पहले ही इमरान द्वारा उसे परेशान किए जाने को लेकर चिंता जताई थी। अमन ने कहा, “उसने पहले भी उसे परेशान किया था, और इस घटना के बाद तुरंत उसी पर शक गया।”

पुलिस की नजर में जिम

जिस जिम में इमरान काम करता था, वह भी पुलिस की जांच के दायरे में आ गया। ‘सेवन ज़ोन फिटनेस डेस्टिनेशन’ की रिसेप्शनिस्ट डिंपल ने बताया कि इमरान को उसके बर्ताव को लेकर हुई शिकायतों के बाद करीब एक-दो महीने पहले नौकरी से निकाल दिया गया था।

डिंपल ने कहा, “उसके बात करने का तरीका ठीक नहीं था, और इसी वजह से उसे नौकरी से निकाल दिया गया। उसे नौकरी छोड़े हुए 1-2 महीने हो चुके हैं। यहां उनके बीच कुछ भी नहीं था। हां, उसने एक-दो बार उससे बात करने की कोशिश की थी, लेकिन उसे ऐसा न करने के लिए कहा गया और फिर सब ठीक हो गया।”

फिलहाल, पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि क्या मुस्कान और इमरान के बीच कथित उत्पीड़न और पहले हुई बातचीत का संबंध बुधवार को हुए हमले से है।

इलाके में फैला तनाव

इस हत्या के कारण इलाके में तनाव भी फैल गया है क्योंकि मुस्कान और आरोपी अलग-अलग धर्मों से हैं। किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।

TOI की रिपोर्ट के मुताबिक, मुस्कान के शव को मुर्दाघर में रखा गया है और गुरुवार सुबह उसका पोस्टमार्टम किया जाएगा। पुलिस अपनी जांच जारी रखे हुए है और इमरान को गिरफ्तार करने की कोशिशें चल रही हैं।

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