Bhumi Pednekar: पीएम मोदी के लिए अश्लील शब्दों के इस्तेमाल को भूमि पेडनेकर बताया गलत, बोलीं- ये हमारा कल्चर नहीं

Bhumi Pednekar: भूमि पेडनेकर ने अपने इंस्टाग्राम पेज पर एक वीडियो शेयर किया है। इसमें वह युवाओं को खास मैसेज देती दिख रही हैं। साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ इस्तेमाल की गई अभद्र भाषा पर भी चिंता जाहिर करती दिख रही हैं। जानिए एक्ट्रेस ने क्या कहा है…

भूमि पेडनेकर ने इंस्टाग्राम पेज पर वीडियो शेयर किया है। वह कार में बैठी हैं और कहती हैं- ‘अभी जो हमारी फीड में वीडियो सामने आ रहे हैं, उनमें बहुत खराब भाषा बोली जा रही है। हमारे देश के युवा या हम ऐसे बात नहीं करते हैं, ये हमारा कल्चर नहीं है। हम उस इंसान के बारे में बोल रहे हैं, जो आज देश के सबसे ऊंचे पद पर है। इतना ही नहीं यहां बात सिर्फ पद की नहीं है, क्या हम अपने घर के बड़ों से ऐसे बात करते हैं? क्या हम सच में गाली-गलौज वाली भाषा बोल सकते हैं?’

भूमि ने आगे कहा कि ‘दोस्तों यह हमारा कल्चर नहीं है। यह पूरी तरह से गलत है और इस बात ने मुझे सच में काफी परेशान किया है। इसीलिए मैं सामने आकर इस बारे में सबके सामने बात कर रही हूं। कोई देश तभी आगे बढ़ता है और तरक्की करता है जब हम सब मिलकर अपनी कमियों और अच्छाइयों, दोनों पर बात करते हैं। हमारी संस्कृति और हमारे संस्कार ही हमारी बैकबोन हैं। हमें उनसे भटकना नहीं है, वरना हम सही बातें सही तरीके से नहीं कर पाएंगे और न ही उन पर कभी अमल होगा।’

भूमि ने वीडियो में कई बदलावों के बारे में भी बात की है, जो देश और शिक्षा क्षेत्र में करने की जरूरत है। भूमि पेडनेकर के करियर की बात करें तो वह फिल्म ‘द प्राइड ऑफ भारत छत्रपति शिवाजी महाराज’ में नजर आने वाली हैं। इस फिल्म में ऋषभ, शिवाजी महाराज के किरदार में दिखेंगे। फिल्म में भूमि पेडनेकर वॉरियर क्वीन बेलवाडी मल्लम्मा का रोल कर रही हैं।

Bhumi Pednekar: ‘आज हमारे… लिए एक बहुत बड़ा पल है’, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद भूमि पेडनेकर ने शेयर किया नोट

Bhumi Pednekar: एक्ट्रेस भूमि पेडनेकर ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े पर अपनी प्रतिक्रिया दी है। शनिवार को एक्ट्रेस ने अपने इंस्टाग्राम पर एक लंबा नोट लिखा और कहा कि यह पल एक मज़बूत और निष्पक्ष भारत की शुरुआत का प्रतीक है। एक्ट्रेस ने यह उम्मीद भी जताई कि यह अहम पल कमियों को पहचानने और उन्हें दूर करने की दिशा में एक सार्थक बदलाव लाएगा।

उन्होंने लिखा, “उम्मीद है कि इससे हमारा भारत और मज़बूत और बेहतर बनेगा। आज हमारे लोकतंत्र के लिए एक बहुत अहम पल है। ऐसे नागरिक जिन्होंने हार नहीं मानी और ऐसी लीडरशिप जिसने उनकी बात सुनी। युवाओं ने अपनी बात रखी; उनका पक्का इरादा, उनकी हिम्मत और बदलाव की ताकत में उनका भरोसा वाकई प्रेरणा देने वाला था।”

उन्होंने आगे कहा, “उस मंच पर बहुत कुछ कहा गया, लेकिन आखिर में वही आवाज़ गूंजी जो छात्र सही मायने में चाहते थे। मेरे लिए, जवाबदेही का मतलब है असल और समाधान-केंद्रित बदलाव लाना। कमियों को पहचानना और उन्हें दूर करना। ऐसा असली सुधार जो सच में हमारे छात्रों के भविष्य की चर्चा पर असर डाले। मुझे लगता है कि हर भारतीय के लिए—चाहे आप किसी सरकारी पद पर हों या आम नागरिक—देश, उसकी खुशहाली, उसके लोग और उसकी सुरक्षा हमेशा सबसे पहले होनी चाहिए। जय हिंद।”

राष्ट्रीय राजधानी के बीचों-बीच हफ़्तों तक चले बड़े छात्र विरोध-प्रदर्शनों और लगातार जन-आंदोलन के बाद, शनिवार को धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफ़ा दे दिया। छात्र परीक्षा में गड़बड़ियों, खासकर NEET-UG पेपर लीक को लेकर उनके इस्तीफ़े की मांग कर रहे थे। उनका इस्तीफ़ा 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों के ख़िलाफ़ दिल्ली पुलिस की सख़्त कार्रवाई के बाद आया है।

पुलिस की इस कार्रवाई से पूरे देश में आक्रोश फैल गया और नाराज़ नागरिक बड़ी संख्या में जंतर-मंतर पर छात्रों का समर्थन करने के लिए उमड़ पड़े।

ये विरोध-प्रदर्शन दिल्ली से पहले मेट्रो शहरों और फिर छोटे कस्बों तक फैल गए। 18 जुलाई की सुबह, सोनम वांगचुक को 21 दिनों की अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पूरी करने के बाद जंतर-मंतर पर प्रदर्शन स्थल से दिल्ली पुलिस द्वारा ज़बरदस्ती हटाए जाने के बाद विरोध-प्रदर्शन और तेज़ हो गए।

अधिकारियों ने उनकी बिगड़ती सेहत, डॉक्टरी सलाह और दिल्ली हाई कोर्ट के आदेश का पालन करते हुए उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया। सोनम वांगचुक प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए भूख हड़ताल पर हैं।