लखनऊ कैफे ऑनर मर्डर केस : पुलिस महकमे में भूचाल! DCP, ACP और SO पर गिरी गाज, फरार मॉडल श्रद्धा पर 25 हजार का इनाम

लखनऊ कैफे ऑनर मर्डर केस : पुलिस महकमे में भूचाल! DCP, ACP और SO पर गिरी गाज, फरार मॉडल श्रद्धा पर 25 हजार का इनाम

Lucknow Cafe Owner Shiva Sharma Case

Lucknow Cafe Owner Shiva Sharma Case: नवाबों के शहर लखनऊ में 28 वर्षीय कैफे मालिक शिवा शर्मा की संदिग्ध मौत का मामला अब सिर्फ एक क्राइम स्टोरी नहीं, बल्कि खाकी के लिए साख का सवाल बन चुका है। घटना के 10वें दिन भी आरोपी फैशन मॉडल श्रद्धा दुबे पुलिस की पकड़ से बाहर है, वहीं दूसरी तरफ इस हाई-प्रोफाइल केस में लापरवाही और गाज गिरने का बड़ा दौर शुरू हो गया है। सोमवार को प्रशासनिक फेरबदल करते हुए लखनऊ के डीसीपी, एसीपी और हजरतगंज थाना प्रभारी को उनके पदों से हटा दिया गया है। 25 हजार की इनामी मॉडल का एक सनसनीखेज इंटरव्यू वीडियो भी सामने आया है, जिसने पूरी जांच की दिशा ही मोड़ दी है।

क्या है पूरा मामला?

5वीं मंजिल से रहस्यमयी मौत या हत्या? : बीती 9 अक्टूबर को हजरतगंज के बालू अड्डा इलाके के ‘अवध ग्रीन अपार्टमेंट’ से गिरकर कैफे मालिक शिवा शर्मा की मौत हो गई थी। शुरुआती तौर पर इसे हादसा या खुदकुशी माना जा रहा था, लेकिन मृतक की मां रंजना शर्मा के बयानों और साक्ष्यों ने पुलिस की थ्योरी बदल दी। मां का आरोप है कि शिवा की लिव-इन पार्टनर व फैशन मॉडल श्रद्धा दुबे, उसकी बहन रश्मि और साथियों ने शिवा को बेरहमी से पीटा, प्रताड़ित किया और बालकनी से नीचे फेंक दिया।

पुलिस अफसरों का तबादला

मामले में लापरवाही और जांच में देरी की सुगबुगाहट के बीच शासन ने सख्त कदम उठाया है। डीसीपी (मध्य) विक्रांत वीर को यूपी पुलिस मुख्यालय से संबद्ध कर दिया गया। एसीपी रजनीश वर्मा को क्राइम ब्रांच में भेज दिया गया। हजरतगंज थाना प्रभारी (SO) विक्रम सिंह को लाइन हाजिर कर दिया गया है।

फरार मॉडल का ‘इंटरव्यू बम’ और आत्महत्या का दावा

जब पुलिस मॉडल श्रद्धा दुबे, उसकी बहन और सहयोगी दानिश की तलाश में नेपाल बॉर्डर तक खाक छान रही है, तभी श्रद्धा का एक रिकॉर्डेड इंटरव्यू सामने आया। वीडियो में उसने खुद को बेकसूर बताते हुए दावा किया कि शिवा पर 15-20 लाख रुपए का कर्ज था और उसने आर्थिक तंगी में आत्महत्या की है।

 

उसने कहा- घटना वाले दिन शिवा ने खुद को बाथरूम में बंद किया और अचानक बालकनी से छलांग लगा दी। श्रद्धा ने कहा कि मैं भगोड़ी नहीं हूं, पुलिस के सामने सच रखूंगी। साथ ही सोशल मीडिया पर एक ऑडियो भी वायरल हुआ, जिसमें शिवा कथित तौर पर श्रद्धा के 6 लाख के गहने बेच देने की बात मान रहा है।

नेपाल भागने की आशंका और पुलिस का शिकंजा

श्रद्धा का महिंद्रा स्कॉर्पियो-एन वाहन बहराइच के रूपईडीहा में लावारिस हालत में मिला है, जो नेपाल सीमा से महज 1 किलोमीटर दूर है। पुलिस को अंदेशा है कि आरोपी नेपाल सीमा पार कर चुके हैं। तीनों मुख्य आरोपियों पर 25-25 हजार रुपए का इनाम घोषित कर दिया गया है। फिलहाल, शिवा के परिजनों की मांग है कि जब आरोपी बेकसूर है, तो वह पुलिस के सामने आने के बजाय क्यों भाग रही है?

इंटरनेशनल ट्रेड शो में दिखाई दे रही यूपी की ताकत : मुख्यमंत्री योगी

इंटरनेशनल ट्रेड शो में दिखाई दे रही यूपी की ताकत : मुख्यमंत्री योगी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 25 से 29 सितंबर तक ग्रेटर नोएडा में आयोजित इंटरनेशनल ट्रेड शो (यूपीआईटीएस-2026) में उत्तर प्रदेश की ताकत दिखाई दे रही है। यहां उत्तर प्रदेश में निर्मित तमाम उत्पादों को प्रदर्शित किया गया है, जिसमें गोरखपुर के टेराकोट उत्पाद भी शामिल हैं। रविवार को वहां 1.5 लाख से अधिक लोग आए, सोमवार को भी भारी भीड़ उमड़ी है। इस ट्रेड शो में 90 देशों के खरीदार पहुंचे हैं, जो यूपी की सामर्थ्य दिखाता है। शो में शिल्पकारों के उत्पादों की बिक्री और उनकी आमदनी में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।

 

सीएम योगी सोमवार को गोरखपुर में एक मीडिया समूह द्वारा आयोजित बाल मेला सम्मान समारोह को संबोधित कर रहे थे। दिग्विजयनाथ स्नातकोत्तर महाविद्यालय में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 के पहले भी उत्तर प्रदेश के पास सामर्थ्य था, लेकिन नेतृत्व के पास इच्छाशक्ति नहीं थी। इसके परिणामस्वरूप यूपी बीमारू और बदनाम प्रदेश बनकर रह गया था। इसे देश के सबसे पिछड़े राज्यों में गिना जाता था। किंतु, बीते साढ़े नौ सालों में सम-विषम परिस्थितियों में नेतृत्व के जूझने और अनथक प्रयास का परिणाम है कि उत्तर प्रदेश आज बीमारू की छवि से उबरकर देश की अर्थव्यवस्था का ग्रोथ इंजन बन चुका है।

चुनौतियों से जूझकर किए हर क्षेत्र में रिफॉर्म

मुख्यमंत्री ने कहा कि साढ़े नौ वर्ष पहले उत्तर प्रदेश में कई चुनैतियां थीं। बाहर के लोग यूपी का नाम सुनकर चौंकते थे। पहचान का संकट ऐसा था कि युवाओं के लिए राज्य, देश या विदेश में नौकरी नहीं थी। कर्फ्यू-दंगे प्रदेश की नियति बन गए थे। पुलिस में दो लाख पद खाली थे तो कानून व्यवस्था कैसे ठीक रहती। सरकार में आने के बाद हमने हर क्षेत्र में रिफॉर्म किए। युवाओं के हित में सरकार ने न केवल भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया, बल्कि प्रशिक्षण और इससे जुड़े इन्फ्रास्ट्रक्चर को भी आगे बढ़ाया। साढ़े नौ सालों में प्रदेश सरकार ने शुचिता व पारदर्शिता के साथ 9.5 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी दी है। इसमें अकेले यूपी पुलिस में 2 लाख 30 हजार नौकरियां दी गईं। 

कर्फ्यू-दंगे से मुक्त होकर तेजी से बढ़ी अर्थव्यवस्था

मुख्यमंत्री ने कहा कि बीते साढ़े नौ वर्षों में उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था तीन गुना बढ़ी है। प्रति व्यक्ति आय में भी तीन गुना वृद्धि हुई है। कभी बीमारू के तमगे वाला प्रदेश अब देश की टॉप-थ्री इकॉनमी में है। कर्फ्यू-दंगे से मुक्त होने के बाद यूपी तेज प्रगति की वजह से देश की अर्थव्यवस्था और प्रगति का ग्रोथ इंजन कहला रहा है। यूपी वही है, लेकिन प्रयास से परिणाम की यात्रा में बदलाव हर क्षेत्र में देखने को मिल रहा। 2017  से पहले राज्य में सिर्फ 130 स्टार्टअप थे, जिनकी संख्या अब बढ़कर 24 हजार से अधिक हो चुकी है। 

कविता सुनाकर बोले सीएम- प्रयास से ही मिलेगी मंजिल

समारोह में विद्यार्थियों को शिक्षक व अभिभावक की तरह समझाते हुए सीएम योगी ने कहा कि किसी प्रतियोगिता में पदक जीतने से पहले सबसे महत्वपूर्ण प्रतिभाग करना है। उन्होंने महान कवि सोहनलाल द्विवेदी की कविता, ‘कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती’ सुनाते हुए कहा कि सबसे जरूरी है प्रयास करना, क्योंकि प्रयास ही मंजिल तक पहुंचाएगा। मुख्यमंत्री ने बच्चों को प्रेरित करने के लिए पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम का भी उदाहरण दिया। कहा कि डॉ. कलाम फाइटर पायलट बनना चाहते थे, लेकिन फेल होने पर भी उन्होंने हिम्मत नहीं हारी। परिवार में कम साधन होने के बावजूद वह भारत के मिसाइल मैन बने। राष्ट्रपति बनने के पहले उन्हें देश का सर्वोच्च सम्मान भारत रत्न मिला। सीएम ने विद्यार्थियों को सीख दी कि वे अपने हौसलों को कभी कमजोर न होने दें। जो ठान लेता है, वही करके भी दिखाता है। इसलिए जीवन में कभी हिम्मत नहीं हारना है। 

500 खिलाड़ियों के लिए सीधी भर्ती अगले सप्ताह से

मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को खेल क्षेत्र में भी बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करते हुए कहा कि सरकार शिक्षा, तकनीक, स्टार्टअप के साथ ही खेलों को भी बढ़ावा दे रही है। ओलंपिक, एशियाड, कामनवेल्थ गेम्स में पदक विजेता को खूब नकद पुरस्कार देने साथ ही उन्हें सीधे सरकारी नौकरी दी जा रही है। अब तक 550 खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी दी गई है। अगले सप्ताह 500 और खिलाड़ियों के लिए सरकारी नौकरी की सीधी भर्ती शुरू होगी।

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने सभी उपस्थितजन को पर्यावरण संरक्षण, स्वच्छता, यातायात नियमों के पालन और नशे से दूर रहने की शपथ दिलाई तथा विभिन्न प्रतियोगिताओं के विजेता विद्यार्थियों को पुरस्कृत किया। इस अवसर पर सांसद रविकिशन शुक्ल, महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव, विधायक विपिन सिंह, मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. अनुपमा शर्मा कौशिक, दिग्विजयनाथ स्नातकोत्तर महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. ओपी सिंह आदि प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।

Azamgarh Triple Murder: पत्नी और 2 पुजारियों को गोलियों से भूना, फिर 3 मासूम बच्चों को बनाया बंधक… आजमगढ़ में अरविंद का 7 घंटे का खौफनाक ड्रामा!

Azamgarh Triple Murder: उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले के अहरौला थाना क्षेत्र के शंभूपुर गांव में मंगलवार (22 सितंबर) शाम पूजा के दौरान हुए विवाद के बाद तीन लोगों की हत्या के आरोपी अरविंद सिंह को आजमगढ़ की स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप और ATS की संयुक्त टीम ने देर रात मुठभेड़ में मार गिराया। आजमगढ़ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉक्टर अनिल कुमार ने बताया कि रात्रि साढ़े तीन बजे मुठभेड़ में घायल अहरौला पुलिस थाना अंतर्गत शंभूपुर गांव निवासी अरविंद सिंह की इलाज के दौरान मौत हो गई।

पत्नी और दो पूजारियों की हत्या

आजमगढ़ पुलिस के मुताबिक, अरविंद सिंह मंगलवार शाम छह बजे घर लौटा। उस समय, उसकी पत्नी बबिता सिंह (32) दो पंडितों से पूजा-पाठ करवा रही थी। घर में धार्मिक अनुष्ठान होता देख अरविंद भड़क गया। फिर नाराज अरविंद ने अपनी पत्नी एवं दो पंडितों को गाली देना शुरू कर दिया। पत्नी की आपत्ति पर विवाद बढ़ गया। इस बीच, अरविंद ने अपनी लाइसेंसी बंदूक निकाली और कथित तौर पर पत्नी बबिता सिंह को गोली मार दी। इसके बाद दोनों पंडितों को भी गोली मार दी। पंडितों की पहचान महेंद्र पाठक (60) और अखिलेश मिश्रा (50) के रूप में की गई है।

तीन बच्चों को बनाया बंधक

इस घटना के बाद उसने खुद को घर के भीतर बंद कर लिया। मामले की सूचना मिलने पर कई थानों से पुलिस टीमें मौके पर पहुंची और घर को चारों तरफ से घेर लिया। डॉक्टर अनिल कुमार ने बताया कि तीन हत्याओं के आरोपी ने तीन बच्चों के साथ खुद को कमरे में बंद कर लिया था। इस दौरान वह लगातार उन बच्चों को मारने की धमकी दे रहा था। आरोपी द्वारा चलाई गई गोली से एक बच्चे को भी गोली लगी है जिसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया।

घायल बेटे ने भी तोड़ा दम, दो बेटियां बचाई गईं

पुलिस ने सबसे पहले घायल बेटे को कमरे से बाहर निकाला। ‘दैनिक जागरण’ की रिपोर्ट के मुताबिक, उसकी पहचान आठ वर्षीय शौर्य के रूप में हुई। उसे गोली लगी थी। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। इसके बाद पुलिस ने अरविंद की दोनों बेटियों को सुरक्षित बाहर निकाला। दोनों बच्चियां सदमे में थीं। पुलिस के मुताबिक उनमें पानी और भोजन की कमी के संकेत दिखाई दिए। उन्हें इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया।

पुलिस पर की फायरिंग

अधिकारियों ने बताया कि आरोपी ने पुलिस पर अंधाधुंध फायरिंग करनी शुरू कर दी। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में आरोपी को गोली लगी। मंगलवार रात साढ़े तीन बजे आरोपी की इलाज के दौरान मौत हो गई। जबकि दो बच्चे खतरे से बाहर हैं। डॉक्टर अनिल कुमार ने न्यूज एजेंसी पीटीआई को बताया कि आरोपी को लगभग सात घंटे तक समझाने का प्रयास किया गया। इसके साथ ही रिश्तेदारों और परिजनों को बुलाकर भी प्रयास किया गया। लेकिन वह लगातार बच्चों को मारने की धमकी दे रहा था।

भूत प्रेत और आत्मा के साए!

गांव के लोगों ने बताया कि आरोपी की मानसिक स्थिति ठीक नहीं थी। इसलिए भूत प्रेत और आत्मा के साए की बात को लेकर उसके घर में पूजा पाठ का आयोजन किया गया था। इसी बात से आरोपी नाराज था। वाराणसी के एडीजी नवीन अरोड़ा का कहना है कि लगातार सात घंटे के प्रयास के बाद भी आरोपी बाहर नहीं निकला। इसी बीच फायरिंग की आवाज आई जिसके बाद हमारे पास कोई विकल्प नहीं था।

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स्टन ग्रेनेड और टियर गैस ग्रेनेड का प्रयोग करके दरवाजा तोड़ा गया। इसके बाद डॉक्टर अनिल कुमार एसओजी टीम के साथ अंदर गए। उन्होंने बताया कि अंदर जाते ही लगातार आरोपी फायरिंग करने लगा। अधिकारियों ने बताया कि उसने पांच राउंड फायर किया। इसी दौरान पुलिस की जवाबी कार्रवाई में आरोपी को गोली लगी। इस मुठभेड़ में आरोपी की मौत हो गई है।

5 मौतों से दहला आजमगढ़

इस पूरी वारदात में कुल पांच लोगों की मौत हुई। इनमें अरविंद सिंह, उसकी पत्नी बाबिता सिंह, दो पुजारी महेंद्र पाठक और अखिलेश मिश्रा तथा उसका आठ वर्षीय बेटा शौर्य शामिल है। इस हत्याकांड के बाद पूरे जिले में दहशत का माहौल है। फिलहाल पुलिस पूरे घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है। धार्मिक अनुष्ठान से शुरू हुए विवाद से लेकर गोलीबारी, बच्चों को कमरे में बंद करने और सात घंटे बाद पुलिस कार्रवाई तक की पूरी घटनाक्रम की जांच की जा रही है।

झूठ की गूंज में कांग्रेस के युवराज का आचरण नारी शक्ति का अपमान : योगी आदित्यनाथ

झूठ की गूंज में कांग्रेस के युवराज का आचरण नारी शक्ति का अपमान : योगी आदित्यनाथ

Chief Minister Yogi Adityanath targeted Rahul Gandhi in Greater Noida

– ग्रेटर नोएडा में दो दिवसीय ‘प्रेरणा विमर्श-2026’ के समापन समारोह को मुख्यमंत्री योगी ने किया संबोधित

– मुख्यमंत्री योगी ने राहुल गांधी पर साधा निशाना, बोले- देश को उनसे उम्मीद करना छोड़ देना चाहिए, ये पथभ्रष्ट और मार्ग से भटके हुए लोग

– मुख्यमंत्री योगी ने कहा- समाज में भ्रम पैदा कर अव्यवस्था और अराजकता फैलाना इनका एकमात्र लक्ष्य

– मुख्यमंत्री योगी ने हामिद अंसारी पर भी साधा निशाना, बोले- भारत की समदृष्टि समझते तो हिंदू दृष्टि को नहीं कोसते

– मुख्यमंत्री योगी बोले- बीमारू राज्य से रेवेन्यू सरप्लस स्टेट बना यूपी, अर्थव्यवस्था, प्रति व्यक्ति आय और बजट हुआ तीन गुना

– मुख्यमंत्री योगी ने कहा- 9.5 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी, 96 लाख एमएसएमई इकाइयों में सवा तीन करोड़ को काम

– मुख्यमंत्री योगी बोले- यूपी में 24 हजार से अधिक स्टार्टअप, इनमें आधे महिलाओं के हाथ, महिला वर्कफोर्स 12 से बढ़कर 36-37 फीसदी

– मुख्यमंत्री योगी ने कहा- अगले तीन-चार महीने में यूपी पुलिस में 50 हजार से अधिक होगी महिलाओं की संख्या

Chief Minister Yogi Adityanath : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी और पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी पर निशाना साधा। राहुल गांधी का नाम लिए बिना उन्हें ‘कांग्रेस का युवराज’ बताते हुए कहा कि अपने झूठ की गूंज में उन्होंने जिस प्रकार का आचरण किया, वह पूरी नारी शक्ति का अपमान है। मुख्यमंत्री ने कहा कि देश को ऐसे लोगों से उम्मीद करना छोड़ देना चाहिए। ये पथभ्रष्ट और मार्ग से भटके हुए लोग हैं, जिनका लक्ष्य समाज में भ्रम पैदा कर अव्यवस्था और अराजकता फैलाना है।

 

ग्रेटर नोएडा में दो दिवसीय ‘प्रेरणा विमर्श-2026’ के समापन समारोह में मुख्यमंत्री योगी ने पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी के वक्तव्य को दुर्भाग्यपूर्ण और डरावना बताया। उन्होंने कहा कि महत्वपूर्ण संवैधानिक पद पर रहे व्यक्ति से पद की गरिमा के अनुरूप आचरण की अपेक्षा होती है। काश वह भारत की समदृष्टि को समझ पाते तो भारत, भारतीयता और हिंदू दृष्टि को नहीं कोसते। मुख्यमंत्री ने महिला सशक्तीकरण, युवाओं को रोजगार, स्टार्टअप और प्रदेश की अर्थव्यवस्था का उल्लेख करते हुए कहा कि बीमारू कहा जाने वाला उत्तर प्रदेश अब रेवेन्यू सरप्लस स्टेट और देश का ग्रोथ इंजन बन चुका है।

 

नारी सशक्तीकरण भाषण से नहीं, काम से होगा

मुख्यमंत्री ने कहा कि नारी गरिमा की रक्षा और महिला सशक्तीकरण केवल भाषणों से नहीं होगा। सरकार ने योजनाओं में महिलाओं को प्राथमिकता दी है। देश में तीन करोड़ परिवारों को घरौनी के माध्यम से मकान का मालिकाना अधिकार दिया गया, जिसमें पहला अधिकार महिलाओं का है। 12 करोड़ परिवारों को एलपीजी कनेक्शन और 12 करोड़ घरों में शौचालय की सुविधा दी गई। यूपी में 54 हजार बैंकिंग कॉरेस्पोंडेंट सखी गांवों में बैंकिंग सेवाएं दे रही हैं।

 

उन्होंने झांसी के बलिनी मिल्क प्रोड्यूसर का उदाहरण देते हुए कहा कि 2019 में पांच महिलाओं से शुरू समूह से आज 62 हजार महिलाएं जुड़ी हैं। इसका टर्नओवर 115 करोड़ रुपए है और प्रत्येक महिला आठ से 10 हजार रुपए महीने कमा रही है। आगरा, काशी, गोरखपुर और लखनऊ में भी मिल्क प्रोड्यूसर काम कर रहे हैं। इनसे करीब चार लाख महिलाएं जुड़ी हैं।

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महिला पुलिस 10 हजार से बढ़कर 44 हजार

मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 में यूपी पुलिस में केवल 10 हजार महिलाएं थीं, जिनकी संख्या अब 44 हजार हो गई है। अगले तीन-चार महीने में यह आंकड़ा 50 हजार के पार होगा। प्रदेश में महिला वर्कफोर्स की भागीदारी भी 12 प्रतिशत से बढ़कर 36-37 प्रतिशत हो गई है। डिजिटल एंटरप्रेन्योरशिप की नई योजना के तहत आठ हजार न्याय पंचायतों में से चार हजार में महिला उद्यमियों को जोड़कर प्रशिक्षण दिया जाएगा।

 

9.5 लाख सरकारी नौकरियां, सवा तीन करोड़ को एमएसएमई में काम

मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत में सबसे बड़ी युवा शक्ति उत्तर प्रदेश के पास है और प्रदेश में 56 प्रतिशत युवा हैं। पिछले साढ़े नौ वर्ष में 9.5 लाख युवाओं को सरकारी नौकरी दी गई। 96 लाख एमएसएमई इकाइयों में सवा तीन करोड़ युवा काम कर रहे हैं। बेहतर सुरक्षा व्यवस्था के कारण प्रदेश को 50 लाख करोड़ रुपए के निवेश प्रस्ताव मिले। इनमें 15 लाख करोड़ रुपए से अधिक का निवेश धरातल पर उतरा और इससे 65 लाख से अधिक युवाओं को नौकरी मिली।

 

अब यूपी को कोई बीमारू राज्य नहीं कहता

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था, प्रति व्यक्ति आय और बजट तीन गुना हुआ है। नौ-दस वर्ष पहले बीमारू कहा जाने वाला उत्तर प्रदेश आज रेवेन्यू सरप्लस स्टेट और भारत का ग्रोथ इंजन है। अब प्रदेश के सामने पहचान का संकट नहीं है। यह बदलाव विरासत के सम्मान और अपराध व भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति से आया है।

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विपक्ष पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि जो लोग पहले यूपी के सामने पहचान का संकट खड़ा करते थे, वे फिर दंगा, कर्फ्यू, समाज को बांटने, भेदभाव, अव्यवस्था और अराजकता का दौर लाना चाहते हैं।

 

120 से कम थे स्टार्टअप, अब 24 हजार से अधिक

मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 से पहले यूपी में 120 से भी कम स्टार्टअप थे, जबकि आज इनकी संख्या 24 हजार से अधिक है। इनमें करीब आधे महिलाओं द्वारा संचालित हैं। उन्होंने पंडित राम प्रसाद बिस्मिल, ठाकुर रोशन सिंह, चंद्रशेखर आजाद, नेताजी सुभाष चंद्र बोस और वीर सावरकर का उल्लेख करते हुए युवाओं से राष्ट्रीय नायकों से प्रेरणा लेने का आह्वान किया।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए राष्ट्र प्रथम है। देश सुरक्षित है तो धर्म, उपासना पद्धति, जाति, परिवार और व्यक्ति भी सुरक्षित हैं। नारी और युवा शक्ति का स्वावलंबन ही उत्तर प्रदेश और भारत के स्वावलंबन का आधार बनेगा।

 

भूतकाल जानेंगे तभी भविष्य के सपने गढ़ेंगे

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय प्रचारक प्रमुख स्वांत रंजन ने महर्षि अरविंद का उल्लेख करते हुए कहा कि जो समाज अपने भूतकाल के गौरव, वर्तमान की पीड़ा और भविष्य के सपनों को समझता है, वही उन्नति के मार्ग पर आगे बढ़ता है। आचार्य धर्मपाल की पुस्तक ‘द ब्यूटीफुल ट्री’ का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि युवाओं को अपने देश, संस्कृति और उपलब्धियों को जानकर भविष्य के सपने गढ़ने चाहिए।

 

2020 में शुरू हुई प्रेरणा विमर्श की यात्रा

संसद टीवी के संपादक श्याम किशोर ने कहा कि कृपा शंकर के मार्गदर्शन में 2020 में प्रेरणा विमर्श की यात्रा शुरू हुई। इसके तहत स्मारिका, पुस्तकें और ‘केशव संवाद’ प्रकाशित होते हैं। विषय आधारित प्रदर्शनी भी इसका प्रमुख हिस्सा है। समाज और राष्ट्रहित में सकारात्मक पत्रकारिता करने वाली एक महिला को हर वर्ष सम्मानित किया जाता है। उन्होंने बताया कि प्रेरणा विमर्श-2026 का विषय ‘उत्कर्ष नारी सम्मान, युवा स्वाभिमान’ है।

 

दीप प्रज्ज्वलन से हुआ समापन समारोह का शुभारंभ

मुख्यमंत्री योगी ने दीप प्रज्ज्वलित कर समारोह का शुभारंभ किया। कार्यक्रम में ‘केशव संवाद’ और ‘प्रेरणा विचार’ की वैचारिक यात्रा पर वीडियो दिखाया गया और मुख्यमंत्री को दोनों पत्रिकाओं की प्रतियां सौंपी गईं। एक अन्य वीडियो में प्रदेश की नारी और युवा शक्ति की बदलती तस्वीर प्रस्तुत की गई।

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कार्यक्रम में ये रहे मौजूद

समारोह में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अखिल भारतीय प्रचारक प्रमुख स्वांत रंजन, गौतम बुद्ध विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. राणा प्रताप सिंह, प्रेरणा विमर्श के कार्यकारी अध्यक्ष वीके गुप्ता, अध्यक्ष अनिल त्यागी, डॉ. मनमोहन सिंह सिसोदिया, प्रेरणा शोध संस्थान की अध्यक्ष प्रीति दादू, सचिव मोनिका चौहान, गौतम बुद्ध नगर के जनप्रतिनिधि और स्वयंसेवक मौजूद रहे।

UP Homeguard PET: यूपी में कल होगी होमगार्ड भर्ती पीईटी परीक्षा, अब तक डाउनलोड नहीं किया है एडमिट कार्ड तो आधिकारिक वेबसाइट पर देखें

UP Homeguard PET: उत्तर प्रदेश पुलिस में होमगार्ड के 41,424 पदों पर भर्ती के लिए जरूरी शारीरिक दक्षता परीक्षा (PET) लंबे इंतजार के बाद कल यानी 15 सितंबर 2026 को आयोजित की जाएगी। बार-बार टलने के बाद परीक्षा की तारीख सामने आने से इसमें शामिल होने का इंतजार कर रहे उम्मीदवारों को काफी राहत मिली है। इस परीक्षा का आयोजन यूपी पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड (UPPRPB) की ओर से किया जाएगा। राज्य में जारी लगातार बारिश और कई परीक्षा केंद्रों पर जलभराव की स्थिति को देखते हुए इस परीक्षा को कई बार टालना पड़ा था।

यूपी होमगार्ड भर्ती 2026 प्रक्रिया के तहत रिकॉर्ड की स्क्रूटनी, डॉक्यूमेंट वेरीफिकेशन और शारीरिक मानक परीक्षण (DV/PST) में सफल करीब एक लाख अभ्यर्थी अब फिजिकल एफिसिएंसी टेस्ट में शामिल होंगे। इस परीक्षा के लिए यूपीपीआरपीबी ने संशोधित प्रवेश पत्र जारी कर दिया है। परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों को पुराने एडमिट कार्ड के बजाय संशोधित एडमिट कार्ड डाउनलोड करना होगा। बोर्ड के अनुसार, नए एडमिट कार्ड 13 सितंबर 2026 को जारी किए जा चुके हैं। अभ्यर्थी इसे यूपी पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट से डाउनलोड कर सकते हैं। अभ्यर्थियों को सलाह दी गई है कि वे संशोधित एडमिट कार्ड जारी होने के बाद उसे डाउनलोड कर लें और उसमें दर्ज सभी विवरणों की जांच करें।

परीक्षा केंद्र पर समय से करें रिपोर्ट

यूपी पुलिस भर्ती बोर्ड के अनुसार, होमगार्ड्स के पदों पर एनरोलमेंट-2025 के तहत रिकॉर्ड की स्क्रूटनी और DV/PST में सफल उम्मीदवारों की शारीरिक दक्षता परीक्षा 15 सितंबर से शुरू होगी। अभ्यर्थियों को अपने एडमिट कार्ड पर दिए गए परीक्षा केंद्र, रिपोर्टिंग टाइम और अन्य जरूरी निर्देशों को ध्यान से पढ़ने की सलाह दी गई है। परीक्षा केंद्र पर निर्धारित समय से पहले पहुंचना जरूरी होगा।

खराब मौसम बना पीईटी टलने का कारण

होमगार्ड भर्ती का पीईटी पहले 14 सितंबर को आयोजित किया जाना था। मगर राज्य के कई हिस्सों में हुई भारी बारिश और परीक्षा स्थलों पर जलभराव के कारण इसे स्थगित करना पड़ा। अब संशोधित कार्यक्रम के अनुसार परीक्षा 15 सितंबर से आयोजित होगी। इससे पहले भी खराब मौसम और बारिश के चलते शारीरिक दक्षता परीक्षा दो बार स्थगित की जा चुकी है। परीक्षा से संबंधित किसी भी नए अपडेट के लिए अभ्यर्थी केवल यूपी पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड की आधिकारिक सूचना पर भरोसा करें।

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CM Yogi News: मुख्यमंत्री से बेझिझक सवाल पूछने लगीं बेटियां, योगी बोले- यही तो 2017 के बाद आया बदलाव है

CM Yogi News: मुख्यमंत्री से बेझिझक सवाल पूछने लगीं बेटियां, योगी बोले- यही तो 2017 के बाद आया बदलाव है

cm yogi

उत्तर प्रदेश की बेटियों को मंच मिला तो उनकी भावनाएं शब्दों में उतर आईं। प्रदेश के मुखिया योगी आदित्यनाथ के सामने बेटियां आत्मिक भाव से अपने हृदय के उद्गार व्यक्त करती रहीं, जिसे मुख्यमंत्री ने भी मुस्कुराते हुए बड़े ही उत्साह से सुना। उन्होंने बेटियों से संवाद किया, उन्हें सफल जीवन का 'आशीष' दिया और हर कदम पर सरकार के साथ होने का विश्वास भी दिलाया। 

 

रक्षाबंधन पर स्कूली छात्राओं ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को तिलक लगाकर राखी बांधी। मुख्यमंत्री ने बच्चियों को उपहार स्वरूप चॉकलेट और ओडीओपी बैग भेंट किए। एक छात्रा के आग्रह पर मुख्यमंत्री ने उसकी पॉकेट डायरी पर संदेश भी लिखा। छात्राओं से संवाद करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आज यहां जो दृश्य देखने को मिला है, यही उत्तर प्रदेश में आए परिवर्तन को दिखा रहा है। 

 

उन्होंने कहा कि 2017 से पहले बेटियां इस तरह सुरक्षित और उन्मुक्त वातावरण में मुख्यमंत्री से न तो मिल सकती थीं और न ही सीधे संवाद कर सकती थीं। आज बड़ी संख्या में बेटियां मुख्यमंत्री आवास पहुंचकर बिना किसी भय के सवाल और बातचीत कर अनुभव साझा कर रही हैं। आज न असुरक्षा का भय है और न ही किसी प्रोटोकॉल का डर है।

 

2017 से पहले स्कूल भेजने में अभिभावकों को होती थी चिंता

सीएम योगी ने कहा कि 2017 से पहले बड़ा संकट यह था कि बेटियां स्कूल तक नहीं जा पाती थीं। कई अभिभावक बेटियों की पढ़ाई बंद कर देते थे या उन्हें घर से दूर दूसरे प्रदेशों के हॉस्टल में रखने को मजबूर होते थे। जिस समय बेटी को अपने माता-पिता का सबसे अधिक संरक्षण मिलना चाहिए, उस समय उसका दूर रहना मजबूरी बन जाता था। आज परिस्थितियां बदल चुकी हैं और बेटियां सुरक्षित वातावरण में शिक्षा हासिल कर रही हैं।

 

जन्म से लेकर स्नातक तक बेटियों के लिए योजनाएं

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार ने बेटी के जन्म से लेकर उसकी स्नातक तक की पढ़ाई के लिए योजनाबद्ध तरीके से व्यवस्थाएं सुनिश्चित की हैं। मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना के माध्यम से बेटियों को सहायता दी जा रही है। शादी योग्य होने पर मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के जरिए मदद उपलब्ध कराई जा रही है। स्कूल और कॉलेज में पढ़ने वाली बेटियों के लिए छात्रवृत्ति की व्यवस्था की गई है। मेधावी छात्राओं के बीच स्वस्थ प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देने के लिए स्नातक स्तर की 50 हजार मेधावी बेटियों को स्कूटी प्रदान करने की योजना भी आगे बढ़ाई जा रही है। 

 

यूपी पुलिस में महिला कर्मियों की संख्या 10 हजार से बढ़कर 45 हजार हुई

मुख्यमंत्री ने कहा कि अब बेटी किसी से कम नहीं है।  2017 से पहले उत्तर प्रदेश पुलिस में महिला पुलिसकर्मियों की संख्या महज करीब 10 हजार थी। आज यह संख्या बढ़कर 45 हजार हो चुकी है और जल्द ही यह आंकड़ा 50 हजार तक पहुंचने वाला है। इसका परिणाम है कि बेटियां हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं।

 

यूपी अब 'बीमारू' नहीं, देश की अर्थव्यवस्था का ग्रोथ इंजन

मुख्यमंत्री ने कहा कि बेटियों की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन का सीधा संबंध प्रदेश के विकास से है। आज उत्तर प्रदेश की बेटियां जीवन के प्रत्येक क्षेत्र में आगे बढ़कर प्रदेश और देश को आगे ले जाने में योगदान दे रही हैं। यह बदलाव केवल योजनाओं का परिणाम नहीं, बल्कि बदलते उत्तर प्रदेश की तस्वीर है। कभी बीमारू राज्य के रूप में पहचाना जाने वाला उत्तर प्रदेश आज तेजी से आगे बढ़ रहा है और भारतीय अर्थव्यवस्था का ग्रोथ इंजन बनकर उभर रहा है। बेटियों की सुरक्षा, शिक्षा, सम्मान और स्वावलंबन इसी परिवर्तन की महत्वपूर्ण तस्वीर है।

 

75 जनपदों की छात्राओं ने दी रक्षाबंधन की बधाई

इस दौरान 75 जनपदों की छात्राओं की वीडियो क्लिप भी प्रदर्शित की गई। इसमें छात्राओं ने अपना परिचय देते हुए मुख्यमंत्री को रक्षाबंधन की बधाई दी और उन्हें राखी भेजने की बात कही। इस दौरान कई छात्राओं ने अनुभव साझा करते हुए मुख्यमंत्री के सामने अपनी आकांक्षाएं और सवाल भी रखे। कक्षा आठ की शैल कुमारी ने कहा कि उनके स्कूल में कंप्यूटर लैब की सुविधा है और वह कंप्यूटर चलाना भी सीख चुकी हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री को धन्यवाद देते हुए कहा कि सरकार की ओर से विद्यार्थियों को सारी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं, जिससे आगे बढ़ने का अवसर मिल रहा है।

 

टीवी पर देखते थे सीएम सर को, आज सामने हैं

पायनियर मॉन्टेसरी इंटर कॉलेज की कक्षा आठ की छात्रा समृद्धि वर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री जी से आमने-सामने मिलना मेरे लिए गोल्डेन अपॉर्च्युनिटी रहा। बचपन से सीएम सर को टीवी पर देखती थी। उनसे आमने-सामने मिलने की इच्छा रक्षाबंधन पर पूरी हो गई। श्री गुरु नानक गर्ल्स इंटर कॉलेज की कक्षा सात की छात्रा आयशा बानो ने सीएम से कहा कि आपसे मिलकर और आपका आशीर्वाद पाकर बेहद खुशी हुई। आपका आशीर्वाद हमेशा बच्चों पर बना रहे।

 

मुझे भी आपके जैसा नेता बनना है

कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय मलिहाबाद की कक्षा नौ की छात्रा वैष्णवी पाल ने मुख्यमंत्री से मुलाकात को जीवन का बेहद खास अवसर बताया। उसने कहा कि टीवी पर मुख्यमंत्री को देखकर मेरे मन में भी उनकी तरह नेता बनने की इच्छा पैदा हुई। मुख्यमंत्री से मिलने की जानकारी मिलने के बाद वह इस दिन का इंतजार कर रही थी। वैष्णवी ने बताया कि वह हॉकी खिलाड़ी है और राष्ट्रीय स्तर पर चयनित हुई है। कस्तूरबा गांधी विद्यालय में मिली सुविधाओं और शिक्षकों के मार्गदर्शन ने उसे आगे बढ़ने का अवसर दिया।

 

इसी विद्यालय की छात्रा दिव्या ने बताया कि पहले उसका स्कूल कक्षा आठ तक था, लेकिन अब कक्षा नौ से 12वीं तक की पढ़ाई की सुविधा मिलने से वह बेहद खुश है। वह फुटबॉल खेलती है और राज्य स्तर तक प्रतियोगिताओं में हिस्सा ले चुकी है। कक्षा सात की छात्रा अंजावती सिंह ने भी मुख्यमंत्री को रक्षाबंधन की शुभकामनाएं देते हुए बताया कि वह हॉकी और कराटे खिलाड़ी है। हॉकी में उनका राष्ट्रीय स्तर के लिए चयन हुआ है, जबकि कराटे में उसने राज्य स्तर पर कांस्य पदक हासिल किया है।

 

सोशल मीडिया के दौर में चुनौतियों पर सवाल

द संस्कृति स्कूल लखनऊ की छात्राओं ने भी मुख्यमंत्री से संवाद किया। एक छात्रा ने शिक्षा के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों और उन्हें उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं के लिए मुख्यमंत्री का धन्यवाद किया। कक्षा आठ की श्रेयशी सिंह ने मुख्यमंत्री से सोशल मीडिया के बढ़ते इस्तेमाल के बीच विद्यार्थियों के सामने आने वाली चुनौतियों पर सवाल किया। उसने पूछा कि सोशल मीडिया के दौर में जब कुछ खराब चीजें भी सामने आती हैं, तो विद्यार्थी उनसे दूर रहकर अपना ध्यान पढ़ाई और लक्ष्य पर कैसे केंद्रित रख सकते हैं।

 

स्मार्ट फोन से दूरी और अच्छी पुस्तकों की आदत

छात्रा के सवाल का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जीवन में आगे बढ़ने के लिए सबसे पहले अच्छी सोच विकसित करनी होगी और अपने लक्ष्य के अनुरूप स्वयं को तैयार करना होगा। आज के दौर में तकनीक महत्वपूर्ण है, लेकिन उसकी भी सीमा और आवश्यकता है। तकनीक का इस्तेमाल आवश्यकता के अनुरूप होना चाहिए। स्मार्टफोन आज की पीढ़ी का बहुत अधिक समय खर्च कर रहा है। अगर किसी मशीन या तकनीक पर हमारी निर्भरता इतनी बढ़ जाए कि वह हमारी सोचने-समझने की क्षमता और रचनात्मकता को कमजोर करने लगे, तो उससे दूरी बनाना जरूरी है।

 

मुख्यमंत्री ने उदाहरण दिया कि एक समय लोग बिना कैलकुलेटर के गिनती और पहाड़े याद रखते थे तथा गणित के सवालों का तत्काल जवाब दे देते थे। कैलकुलेटर पर निर्भरता बढ़ने के साथ लोगों की याददाश्त पर भी इसका असर पड़ा। स्मार्टफोन डिजिटल लाइब्रेरी, अच्छे शैक्षिक कंटेंट और ऑनलाइन शिक्षा के लिए उपयोगी माध्यम हो सकता है। पाठ्यक्रम और प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़ी महत्वपूर्ण सामग्री हासिल करने के लिए इसका इस्तेमाल किया जाना चाहिए, लेकिन इसमें उपलब्ध हर सामग्री हमारे हित में हो, यह जरूरी नहीं है। अनावश्यक कंटेंट से दूरी बनाए रखना जरूरी है। उन्होंने अत्यधिक स्मार्टफोन इस्तेमाल के दुष्परिणामों के प्रति भी आगाह किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि लंबे समय तक स्मार्टफोन देखने से आंखों की रोशनी प्रभावित हो सकती है और सोचने-समझने की क्षमता भी कमजोर हो सकती है। जो बच्चे चार से छह घंटे स्मार्टफोन पर बिताते हैं, उन्हें धीरे-धीरे स्क्रीन टाइम कम करने का प्रयास करना चाहिए।

 

सोशल मीडिया पर अच्छे-बुरे दोनों कंटेंट

मुख्यमंत्री ने कहा कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अच्छे और बुरे, दोनों कंटेंट मौजूद हैं। इसलिए केवल आवश्यकता, पाठ्यक्रम व प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए उपयोगी सामग्री ही देखनी चाहिए। स्मार्टफोन और सोशल मीडिया के इस्तेमाल की भी सीमा निर्धारित होनी चाहिए। सीएम योगी ने प्रदेश के बच्चों से स्मार्टफोन पर अनावश्यक समय खर्च करने के बजाय अच्छी और प्रेरणादायी पुस्तकें पढ़ने की आदत विकसित करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि पाठ्यक्रम के अलावा भी अच्छी किताबें पढ़ना और लिखने की आदत डालना आपके व्यक्तित्व और ज्ञान के विकास में लाभदायक होगा।

 

“मैं स्वयं मुश्किल से आधा घंटा स्मार्टफोन इस्तेमाल करता हूं”

मुख्यमंत्री ने छात्रा से अपने अनुभव भी साझा किए। उन्होंने कहा कि मैं स्वयं बहुत कम बमुश्किल आधा घंटा स्मार्टफोन का उपयोग करता हूं और वह भी राज्य से जुड़े किसी महत्वपूर्ण विषय या मुद्दे के लिए। अन्यथा स्मार्टफोन का इस्तेमाल नहीं करता। मुझे मालूम है कि स्मार्टफोन मेरा अधिक समय खराब कर सकता है और इससे प्रदेश के विभिन्न मुद्दों पर काम करने के लिए जरूरी समय प्रभावित हो सकता है। सीएम ने छात्राओं से कहा कि आपको भी स्मार्टफोन से दूरी बनानी चाहिए। 

 

छात्रा ने पूछा, कैसे संभालते हैं सर्वाधिक आबादी वाला प्रदेश

संवाद के दौरान संस्कृति विद्यालय की छात्रा श्रेजा ने मुख्यमंत्री से पूछा कि देश में सबसे अधिक आबादी वाले उत्तर प्रदेश को वह कैसे संभालते हैं। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में 25 करोड़ से अधिक आबादी रहती है, लेकिन यह आबादी चुनौती नहीं बल्कि प्रदेश की संभावनाओं को आगे बढ़ाने का महत्वपूर्ण माध्यम है। जो लोग आबादी को चुनौती मानते थे, उन्होंने यूपी को बीमारू बना दिया था। हमारी सरकार ने इसी आबादी को डेमोग्राफिक डिविडेंड से जोड़ते हुए युवाओं की स्किलिंग, रोजगार और प्रदेश के विकास से जोड़ने का काम किया।

 

25 करोड़ लोगों को साथ लेकर आगे बढ़ा यूपी

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्केल के अनुरूप स्किलिंग के लिए प्लेटफॉर्म तैयार किए गए और स्किलिंग को रोजगार से जोड़ने का प्रयास हुआ है। रोजगार को प्रदेश के विकास और विकास को मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर से जोड़ा गया। जब इतनी बड़ी आबादी एक साथ आगे बढ़ती है और एक साथ सोचती है तो उसके परिणाम भी सामने आते हैं। आज यूपी बीमारू प्रदेश नहीं है, बल्कि देश की टॉप-3 अर्थव्यवस्थाओं में शामिल है। नौ वर्ष पहले प्रदेश की गिनती देश के पिछड़े राज्यों में होती थी, लेकिन आज सबसे प्रगतिशील राज्यों में यूपी की गिनती होती है। 25 करोड़ लोगों की सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन को शुद्ध नीयत और स्पष्ट नीति के साथ आगे बढ़ाने का परिणाम प्रदेश के सामने है। उन्होंने छात्राओं से कहा कि जीवन में नीयत शुद्ध और लक्ष्य स्पष्ट हो तो परिणाम जरूर प्राप्त होता है।

 

अटल आवासीय विद्यालयों में निर्माण श्रमिकों के बच्चों को शिक्षा

अटल आवासीय विद्यालय की कक्षा छह की छात्रा अग्रिमा ने मुख्यमंत्री को रक्षाबंधन की शुभकामनाएं देते हुए उनके साथ अपने ग्रुप की फोटो खिंचवाने की इच्छा जताई। मुख्यमंत्री ने खुशी से फोटो खिंचवाने के लिए सहमति दी। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी की प्रेरणा से प्रदेश सरकार ने निर्माण श्रमिकों के बच्चों के लिए इन विद्यालयों की शुरुआत की है। निर्माण श्रमिकों के माता-पिता काम के सिलसिले में अलग-अलग स्थानों पर जाते रहते हैं, जिसके कारण उनके बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होती थी। इसी समस्या को ध्यान में रखते हुए प्रदेश में 18 अटल आवासीय विद्यालय शुरू किए गए हैं। इन विद्यालयों में बच्चों को बेहतर शिक्षा और सुविधाएं मिल रही हैं तथा यहां पढ़ने वाले बच्चे अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं।

 

टीवी पर देखा, आज आमने-सामने मिलने की खुशी

कार्यक्रम में एनएस पब्लिक स्कूल की छात्रा सौम्या ने मुख्यमंत्री से मिलकर खुशी जताई। सौम्या ने कहा कि वह मुख्यमंत्री को अब तक टीवी पर देखती थी, लेकिन आज उनसे वास्तविक रूप से मिलकर उसे बहुत अच्छा लग रहा है। कक्षा तीन की छात्रा याशिका सोनकर ने भी मुख्यमंत्री से संवाद किया। छात्रा ने अपना परिचय देते हुए बताया कि मैंने आपको कई बार टीवी पर देखा है और आज मैं आपसे आमने-सामने बात कर रही हूं। याशिका ने भी मुख्यमंत्री से अपने ग्रुप के साथ फोटो खिंचवाने की इच्छा जताई और 'जय हिंद-जय भारत' नारे के साथ अपनी बात पूरी की।

Ankit Balyan Shot Dead: मशहूर हरियाणवी गायक को जिम के बाहर मार दी गईं 15 गोलियां, कौन थे अंकित बालियान?

Ankit Balyan Shot Dead: मशहूर यूट्यूबर और हरियाणवी सिंगर अंकित बालियान की बुधवार (26 अगस्त) शाम उत्तर प्रदेश के शामली जिले में एक जिम के बाहर कुछ अज्ञात हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी। पुलिस सूत्रों ने बताया कि शामली के शहर कोतवाली इलाके में शाम को अंकित बालियान जब जिम से बाहर निकले, तभी कुछ अज्ञात हमलावरों ने उन्हें गोली मार दी। इससे उनकी मौत हो गई। बताया जा रहा है कि सिंगर पर करीब 15 से 18 राउंड फायरिंग की गई।

पुलिस अधीक्षक (SP) नरेंद्र प्रताप सिंह ने पत्रकारों को बताया कि सूचना मिलने पर पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। फिर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मामले की जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि आरोपियों को पकड़ने के लिए पुलिस की टीमें बनाई गई हैं। हत्या के पीछे की वजह का अभी तक पता नहीं चल पाया है। पुलिस के मुताबिक, हमलावर दो मोटरसाइकिलों पर आए और बालियान पर कई राउंड गोलियां चलाईं। इस दौरान उनकी मौके पर ही मौत हो गई।

अंकित बालियान की हत्या कैसे हुई?

मौके पर मौजूद एक शख्स ने घटनाक्रम के बारे में बताया कि बालियान जिम में कसरत करने के बाद जैसे ही बाहर निकले उनपर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू हो गई। चश्मदीद ने कहा, “अंकित एक्सरसाइज के बाद जिम से बाहर आए थे। फायरिंग शुरू होते ही हम बाहर भागे और उन्हें गोली लगने से घायल पाया।

अंकित पिछले एक साल से रोज इस जिम में आ रहे थे। वह शाम करीब 4 से 4:15 बजे के बीच जिम पहुंचे थे। कम से कम 10 से 15 राउंड फायरिंग हुई। हमने चार लोगों को भागते हुए देखा। आरोपी पैदल थे और उनके हाथों में पिस्तौल थी।” इस बयान से पता चलता है कि हमलावर हथियारों से लैस थे। गोलीबारी के तुरंत बाद वे मौके से भाग गए।

हत्या के पीछे की असल वजह अभी साफ नहीं है। पुलिस सभी संभावित पहलुओं की जांच कर रही है। उम्मीद है कि जांच आगे बढ़ने पर हत्या से जुड़ी परिस्थितियों का पता चल जाएगा। जांचकर्ता हमलावरों की पहचान करने और घटनाक्रम को समझने के लिए CCTV फुटेज की जांच कर रहे हैं। वे यह पता लगाने की भी कोशिश कर रहे हैं कि हमलावर कहां से आए थे। वे मौके तक कैसे पहुंचे और भागने के लिए उन्होंने किस रास्ते का इस्तेमाल किया।

अखिलेश का बीजेपी पर हमला

समाजवादी पार्टी (SP) के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने इस वारदात को लेकर राज्य की भारतीय जनता पार्टी (BJP) की अगुवाई वाली सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रदेश का पूरा जाट समुदाय इसे खुद पर प्रहार मानकर आक्रोशित है। सपा प्रमुख ने बालियान की हत्या को बेहद निंदनीय बताते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति शून्य पर पहुंच गई है। उन्होंने हत्या की राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता के पहलू से भी जांच किए जाने की मांग की।

उन्होंने देर रात X पर कहा, “उप्र की कानून-व्यवस्था को शून्य करते हुए जिस प्रकार शामली में लोकप्रिय गायक अंकित बालियान की 18 राउंड गोलियां चलाकर बेरहमी से हत्या की गई है उससे पूरे क्षेत्र में भय व्याप्त हो गया है।”

यादव ने इसी पोस्ट में आगे कहा, ”मृतक की दुखी मां के द्वारा अपने बेटे के शव को गोद में रखकर सड़क पर ही शोकाकुल होने का समाचार हृदयविदारक है। जाट समाज ने हमलावारों की गिरफ्तारी को लेकर सड़क पर ही अपनी मांग बुलंद की है। उत्तर प्रदेश का समस्त जाट समुदाय इसे अपने ऊपर प्रहार मानकर आक्रोशित है।” उन्होंने कहा, ”इस हत्याकांड की जांच राजनीतिक प्रतिद्वंदिता के दृष्टिकोण से भी किये जाने की मांग उठ रही है। बेहद निंदनीय!”

पंचायत चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे थे बालियान?

यह अटकलें भी लगाई जा रही थीं कि अंकित बालियान आगामी पंचायत चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे थे। हालांकि, अधिकारियों या उनके सहयोगियों की ओर से तत्काल इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई, और न ही यह स्पष्ट हो सका कि क्या यह उनकी हत्या की वजह हो सकती है। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि गोलीबारी की सूचना मिलने के बाद पुलिस तुरंत घटनास्थल पर पहुंची। उन्होंने कहा, “शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और मामले की जांच की जा रही है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें गठित की गई हैं।”

पुलिस के अनुसार, हमलावर दो मोटरसाइकिलों पर आए और बालियान पर कई गोलियां चलाईं जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। अधिकारियों ने बताया कि हमलावरों की पहचान के लिए इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच की जा रही है।

कौन थे अंकित बालियान?

हरियाणवी सिंगर अंकित बालियान के यूट्यूब चैनल के 3.66 लाख से अधिक सब्सक्राइबर थे। वह अपने वीडियो में विभिन्न सहयोगियों के साथ गायक और कलाकार के रूप में नजर आते थे। उनके कई वीडियो में बंदूक, हथियार और SUV का इस्तेमाल दिखाया गया था। संगीत के अलावा बालियान ने हरियाणवी पॉप वीडियो, पॉडकास्ट और जमीनी स्तर के व्लॉग के जरिए अपनी मजबूत डिजिटल मौजूदगी बनाई थी।

उनका कंटेंट अक्सर क्षेत्रीय गर्व, देसी पहचान, ग्रामीण जीवन और युवा संस्कृति पर केंद्रित होता था। उनके कई गानों में बंदूक संस्कृति, स्थानीय राजनीति और बहादुरी जैसे विषय शामिल थे। एक गायक और क्रिएटर के तौर पर बालियान ने मासूम शर्मा, राजू पंजाबी और आशु ट्विंकल जैसे हरियाणवी कलाकारों के साथ भी काम किया।

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बालियान ने राजनीतिक पॉडकास्ट और स्थानीय व्लॉगिंग में भी हाथ आजमाया। उत्तर प्रदेश तथा हरियाणा के राजनेताओं और समुदाय के प्रमुख लोगों के इंटरव्यू लिए। उनके लोकप्रिय गानों में ‘भारी कोर्ट में गोली मारेंगे मेरी जान’, ‘112 NE’, ‘गोली के बारूद’, ‘जाट जाटनी’, ‘अगला जनम जाट’, ‘संविधान’, ‘मोदी बरगा रुतबा’, ‘जाट धर्मेंद्र की तरिया’, ‘एक खटोला जेल के भीतर’, ‘वेट’, ‘सिस्टम’ और ‘राइफलें’ शामिल थे।