Urmi Sinha IPS Story: मुंगेर की बेटी बनी देश की पहली सबसे कम उम्र की IPS, महज 21 साल की उम्र में यूपीएससी क्रैक कर रचा इतिहास

Urmi Sinha IPS Story: बिहार के मुंगेर जिले से ताल्लुक रखने वाली उर्मी सिन्हा ने शायद खुद भी कभी नहीं सोचा होगा कि एक दिन पूरा देश उनका नाम सम्मान के साथ लेगा। लेकिन उनके बुलंद इरादों और सही दिशा में की गई मेहनत ने इस उपलब्धि को उनकी तरफ मोड़ दिया। उर्मी ने महज 21 साल की उम्र में देश की सबसे कठिन मानी जाने वाली संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की सिविल सेवा परीक्षा पास की। इतना ही नहीं, उन्होंने अपने लिए आईपीएस सेवा चुनकर सबसे कम उम्र की अधिकारी बनने का खिताब अपने नाम कर लिया।

तेलंगाना स्थित हैदराबाद की सरदार वल्लभभाई पटेल राष्ट्रीय पुलिस अकादमी (SVPNPA) में 17 अक्टूबर 2026 को पासिंग आउट परेड में 135 IPS अधिकारियों देश की पुलिस सेवा में शामिल हुए। इसमें उर्मी सिन्हा अपने बैच की सबसे कम उम्र की अधिकारी बनकर उभरी हैं। उर्मी ने प्रतिष्ठित संघ लोक सेवा आयोग की सिविल सेवा परीक्षा में ऑल इंडिया 170वीं रैंक हासिल की। उनकी आईपीएस ट्रेनिंग पूरी हो चुकी है। अब वह बतौर आईपीएस आंध्र प्रदेश कैडर में अपनी सेवाएं देने के लिए तैयार हैं।

बिहार से है उर्मी सिन्हा का गहरा नाता

आईपीएस उर्मी सिन्हा का देश के पूर्वी राज्यों बिहार और पश्चिम बंगाल से गहरा नाता है। बिहार के मुंगेर जिले के हवेली खड़गपुर स्थित मारवाड़ी टोला से जुड़ी उर्मी के पिता डॉ. रंजीत सिन्हा हावड़ा के प्रसिद्ध बाल रोग विशेषज्ञ हैं और मां कुशल गृहिणी हैं। उनका परिवार पश्चिम बंगाल के हावड़ा में बस गया था, जहां उनकी शुरुआती पढ़ाई पूरी हुई। इसके बाद उन्होंने कोलकाता के सेंट जेवियर्स कॉलेज से पॉलिटिकल साइंस में बीए की डिग्री हासिल की। ग्रेजुएशन पूरी होने के साथ ही उर्मी ने यूपीएससी सीएसई की तैयारी शुरू कर दी थी।

घर पर रह कर पूरी की यूपीएससी की तैयारी

उर्मी सिन्हा ने यूपीएससी की तैयारी अपने घर पर रहकर करने का फैसला किया। उन्होंने 2023 में ग्रेजुएशन के बाद ऑनलाइन स्टडी मटीरियल, मेंटर्स के सही गाइडेंस और खुद के बनाए स्टडी प्लान पर भरोसा किया। उन्होंने प्रीलिम्स, मेन्स और इंटरव्यू, तीनों चरण एक ही बार में पार कर लिए। UPSC CSE 2024 में AIR 170 हासिल कर उन्होंने अपना और अपने परिवार का नाम रोशन किया।

17 अक्टूबर को पासिंग आउट परेड में ली देश सेवा की शपथ

उर्मी 17 अक्टूबर 2026 को हैदराबाद के SVPNPA में 78वें नियमित बैच की पासिंग आउट परेड में शामिल थीं। इस बैच में 135 भारतीय आईपीएस अफसरों (37 महिला अधिकारी शामिल हैं) के अलावा नेपाल, भूटान और मालदीव के 16 विदेशी अधिकारी भी शामिल थे। इस बैच में 23 वर्षीय उर्मी सबसे युवा अधिकारी रहीं। पासिंग आउट परेड के बाद उर्मी सिन्हा अपने आवंटित आंध्र प्रदेश कैडर में तैनात होंगी और ट्रेनी आईपीएस अधिकारी पुलिस प्रशासन, कानून-व्यवस्था और फील्ड पुलिसिंग की प्रैक्टिकल ट्रेनिंग हासिल करेंगी।

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Barda Wildlife Sanctuary: गुजरात की इस वाइल्डलाइफ सैंक्चुअरी में फिर सुनाई देने लगी है शेरों की दहाड़, 144 साल बाद बर्दा बना 17 एशियाटिक शेरों का घर

Barda Wildlife Sanctuary: गुजरात में गिर के जंगलों में एशियाई शेरों की आबादी अब सीमित नहीं रह गई है। इसी राज्य का एक और इलाका शेरों की आबादी की पसंदीदा ठिकाना बनकर उभर रहा है। हाल की रिपोर्ट्स के मुताबिक, बर्दा वाइल्डलाइफ सैंक्चुअरी में लगभग 144 सालों से गायब एशियाई शेरों की दहाड़ फिर से सुनाई देने लगी है। यह जंगल अब 17 एशियाई शेरों का घर है।

PLOS One जर्नल में छपी एक स्टडी में पाया गया है कि बर्दा में सही रहने की जगह, पर्याप्त शिकार और ऐसे माहौल के हालात हैं जो लंबे समय तक शेरों की आबादी को सहारा दे सकते हैं। ये नतीजे गिर के अलावा एशियाई शेरों के लिए इस सैंक्चुअरी को दूसरे घर के तौर पर तैयार करने लिए पर्याप्त बता रहे हैं। इससे एशियाई शेरों आबादी को एक ही जगह इकट्ठा करने से जुड़े खतरों को कम करने में मदद मिलेगी।

एशियाई शेर कैसे लौटे बर्दा वाइल्डलाइफ सैंक्चुअरी

‘बियॉन्ड गिर: बर्दा वाइल्डलाइफ सैंक्चुअरी एज ए पोटेंशियल स्ट्रॉन्गहोल्ड फॉर एशियन लायंस’ नाम की इस स्टडी में जानवरों की जांच की गई। शोधकर्ताओं ने छह शेरों, एक नर और पांच मादा को GPS कॉलर लगाए, और जनवरी 2023 और जुलाई 2025 के बीच 169,000 से अधिक लोकेशन पॉइंट रिकॉर्ड किए। आंकड़ों से पता चला कि जानवर बर्दा के जंगलों और घास के मैदानों का इस्तेमाल कर रहे थे और सैंक्चुअरी के अंदर अपना क्षेत्र बना रहे थे।

शेरों की वापसी में प्राकृतिक फैलाव और एक योजनाबद्ध संरक्षण कोशिश, दोनों शामिल थे। एक नर शेर गिर के दक्षिण-पश्चिमी हिस्सों से बर्दा में आया। गुजरात फॉरेस्ट डिपार्टमेंट ने बाद में आबादी बनाने में मदद के लिए पांच मादा शेरों को दाखिल किया।

राज्य सरकार ने दशकों पहले बर्दा को एक संभावित वैकल्पिक हैबिटैट के तौर पर पहचाना था। 1979 में, जिस साल सैंक्चुअरी को संरक्षित क्षेत्र घोषित किया गया था, उसने जंगल को एशियाई शेरों के लिए एक और घर के तौर पर विकसित करने के लिए गिर-बर्दा प्रोजेक्ट शुरू किया।

जंगली सूअर बने शेरों के भोजन का 55% हिस्सा

शेरों की आबादी के पनपने का एक अहम फैक्टर है शिकार की उपलब्धता। इससे तय होता है कि कोई हैबिटैट एक बड़ी शिकारी आबादी को बनाए रख सकता है या नहीं। बार्दा स्टडी में पाया गया कि जंगली सूअरों का रिकॉर्डेड डाइट में 55% हिस्सा था, जबकि पालतू मवेशियों का 17% हिस्सा था।

नतीजे इस बात पर जोर देते हैं कि जैसे-जैसे शेरों की संख्या बढ़ रही है, जंगली शिकार की आबादी को बचाना कितना जरूरी है। एक हैबिटैट उन्हें छिपने और रहने की जगह दे सकता है, लेकिन जानवरों के लंबे समय तक जिदा रहने के लिए एक टिकाऊ फूड सप्लाई भी उतनी ही जरूरी है।

एशियाई शेरों के संरक्षण के लिए बार्दा क्यों जरूरी है?

एशियाई शेर ज्यादातर गुजरात में पाए जाते हैं, और गिर उनका मुख्य गढ़ है। एक और रहने लायक आबादी बनाने से उन खतरों को कम करने में मदद मिल सकती है जो इतनी सारी प्रजातियों के एक ही इलाके में जमा होने से आते हैं। बार्दा गिर से फैलने वाले शेरों के लिए पॉपुलेशन बफर का भी काम कर सकता है। गुजरात के जंगल और एनवायरनमेंट मिनिस्टर अर्जुन मोढवाडिया ने छोटे हैबिटैट को बचाने और उनके बीच संपर्क बनाए रखने की अहमियत पर जोर दिया है, ताकि वाइल्डलाइफ लैंडस्केप में घूम सकें।

बर्दा वाइल्डलाइफ सैंक्चुअरी कहां है?

बर्दा वाइल्डलाइफ़ सैंक्चुअरी गुजरात के सौराष्ट्र इलाके में, पोरबंदर और देवभूमि द्वारका जिलों के कुछ हिस्सों में है। यह 192.31 स्क्वायर किलोमीटर में फैला है और पोरबंदर शहर से लगभग 15 km दूर है। अपने बेहद छोटे आकार के बावजूद, यह सैंक्चुअरी बबूल, धव, रायन, बेर, जामुन, अमली और बांस सहित कई तरह के पेड़-पौधों का समर्थन करती है। यह गुग्गल जैसे औषधीय पौधों के साथ-साथ कई दुर्लभ पौधों की प्रजातियों का भी घर है। बड़े वाइल्डलाइफ समुदाय में तेंदुए, लकड़बग्घा और सियार के साथ-साथ सांभर, चीतल और चिंकारा जैसे हिरण भी शामिल हैं।

क्या टूरिस्ट बार्दा वाइल्डलाइफ सैंक्चुअरी जा सकते हैं?

गुजरात के जंगलों और वाइल्डलाइफ में दिलचस्पी रखने वाले यात्रियों के लिए बार्दा एक विकल्प है। सफारी के मौके सुबह और दोपहर में मिल सकते हैं, लेकिन आगंतुकों को ट्रिप प्लान करने से पहले गुजरात वन विभाग से मौजूदा व्यवस्था और टाइमिंग कन्फर्म कर लेनी चाहिए।

UPSC CRT 2026: एनसीटी के शिक्षा विभाग में प्रिंसिपल और वाइस प्रिंसिपल पद के लिए यूपीएससी सीआरटी पोस्टपोन, 828 पदों के लिए 9 जनवरी को होगी परीक्षा

UPSC CRT 2026: एनसीटी के शिक्षा विभाग में प्रिंसिपल और वाइस प्रिंसिपल पद के लिए यूपीएससी सीआरटी पोस्टपोन, 828 पदों के लिए 9 जनवरी को होगी परीक्षा

UPSC CRT 2026: संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (NCT) दिल्ली सरकार के शिक्षा विभाग में प्रिंसिपल और वाइस-प्रिंसिपल के पदों के लिए कंबाइंड रिक्रूटमेंट टेस्ट (CRT) को पोस्टपोन कर दिया है। यह परीक्षा पहले 1 नवंबर, 2026 को आयोजित की जानी थी। लेकिन 16 अक्टूबर, 2026 के एक करिजेंडम नोटिस के अनुसार, अब इस परीक्षा का आयोजन 9 जनवरी, 2027 को होगा।

यूपीएससी सीआरटी 2026 सुबह 9:30 बजे से 11:30 बजे तक सुबह के सत्र में होगी। इस भर्ती प्रक्रिया के जरिए कुल 828 पदों पर नियुक्ति की जाएगी। बदला हुआ शेड्यूल प्रिंसिपल के 124 पदों और वाइस-प्रिंसिपल के 704 पदों पर भर्ती के लिए लागू होगा। के लिए के लिए भर्ती पर लागू होता है।

UPSC CRT 2026: पदों का विवरण

भर्ती प्रक्रिया में ये पद शामिल हैं :

प्रिंसिपल : एनसीटी दिल्ली सरकार के शिक्षा विभाग में 124 पद।

वाइस-प्रिंसिपल : एनसीटी दिल्ली सरकार के शिक्षा विभाग में 704 पद। इन पदों को विज्ञापन संख्या 51/2026 के तहत नोटिफाई किया गया था।

UPSC CRT 2026: संशोधित परीक्षा तारीख

इवेंट डिटेल्स

नियुक्ति करने वाली संस्था : यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन

परीक्षा : कंबाइंड रिक्रूटमेंट टेस्ट

पहले की परीक्षा तारीख : 1 नवंबर, 2026

संशोधित परीक्षा तारीख : 9 जनवरी, 2027

परीक्षा का समय : सुबह 9:30 बजे से 11:30 बजे तक

कुल पद 828

परीक्षार्थियों को आगे क्या करना चाहिए?

कैंडिडेट को संशोधित तारीख पर ध्यान देना चाहिए और नए कार्यक्रम के हिसाब से तैयारी करनी चाहिए। उन्हें भर्ती प्रक्रिया से जुड़े आगे के नोटिस और अपडेट के लिए संघ लोक सेवा आयोग की आधिकारिक वेबसाइट, upsc.gov.in भी चेक करनी चाहिए। करिजेंडम के अनुसार परीक्षा की तारीख 1 नवंबर, 2026 से बदलकर 9 जनवरी, 2027 कर दी गई है। नोटिस में भर्ती विवरण में किसी और बदलाव का जिक्र नहीं है।

प्रिंसिपल के पदों का वर्गों में बंटवारा

दिल्ली सरकार के शिक्षा विभाग में प्रिंसिपल के कुल 124 पदों पर भर्ती होनी है। इनमें सामान्य यानी अनारक्षित वर्ग के लिए 69 पद निर्धारित किए गए हैं। आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS) के लिए 11 पद हैं। अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के उम्मीदवारों के लिए 18 रिक्तियां हैं। अनुसूचित जाति (SC) के लिए 16 पद और अनुसूचित जनजाति (ST) के लिए 10 पद निर्धारित हैं। इस तरह सभी श्रेणियों को मिलाकर प्रिंसिपल के कुल 124 पद हैं।

वाइस प्रिंसिपल के 704 पद 

यूपीएससी सीआरटी 2026 भर्ती में सबसे ज्यादा रिक्तियां वाइस प्रिंसिपल के पदों पर हैं। वाइस प्रिंसिपल के कुल 704 पदों में से सामान्य वर्ग के लिए 287 पद निर्धारित किए गए हैं। EWS वर्ग के लिए 71 रिक्तियां हैं। ओबीसी वर्ग के उम्मीदवारों के लिए 189 पद रखे गए हैं। वहीं एससी वर्ग के लिए 103 और एसटी वर्ग के लिए 54 पद निर्धारित किए गए हैं। इन सभी श्रेणियों को मिलाकर वाइस प्रिंसिपल के कुल 704 पदों पर भर्ती की जाएगी।

कैसे होगा चयन?

इस भर्ती में उम्मीदवारों का चयन निर्धारित प्रक्रिया के आधार पर किया जाएगा। यूपीएससी सीआरटी 2026 भर्ती परीक्षा के बाद निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार उम्मीदवारों को इंटरव्यू के लिए बुलाया जाएगा। इसके बाद दस्तावेज सत्यापन भी किया जाएगा। इस दौरान उम्मीदवारों के सभी जरूरी प्रमाणपत्रों की जांच की जाएगी। सभी निर्धारित चरण पूरे होने के बाद अंतिम चयन किया जाएगा।

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क्रिकेट, टेनिस से लेकर योग और EV चार्जिंग तक, जानिए DDA के नए द्वारका स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में क्या है खास

दिल्ली के लेफ्टिनेंट गवर्नर तरनजीत सिंह संधू ने द्वारका में डीडीए के एक स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स का उद्घाटन किया। अधिकारियों ने बताया कि, इसमें इनडोर और आउटडोर स्पोर्ट्स एक्टिविटीज़ दोनों शामिल हैं। दिल्ली डेवलपमेंट अथॉरिटी (DDA) ने इलेक्ट्रिक व्हीकल चार्जिंग सिस्टम के साथ 8 हेक्टेयर की एक फैसिलिटी भी विकसित की है। डीडीए ने कहा, “स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स की लोकेशन, स्केल और भविष्य में इसके विस्तार की संभावना को देखते हुए, इसे बाहरी और उत्तर पश्चिम दिल्ली के लिए एक स्पोर्टिंग और वेलनेस एसेट के तौर पर देखा जा रहा है।”

अधिकारियों के मुताबिक, कॉम्प्लेक्स में छह लॉन टेनिस सिंथेटिक कोर्ट, दो बास्केटबॉल सिंथेटिक कोर्ट, एक नेटबॉल सिंथेटिक कोर्ट, एक वॉलीबॉल सिंथेटिक कोर्ट, एक स्केटिंग रिंक, नेचुरल टर्फ वाला एक क्रिकेट ग्राउंड, मिट्टी की पिचों वाले दो क्रिकेट प्रैक्टिस नेट, नेचुरल टर्फ वाला फुटबॉल-कम-हॉकी ग्राउंड और एक जॉगिंग ट्रैक है। डीडीए के पब्लिक एक्सेस के वादे को ध्यान में रखते हुए, स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स पे एंड प्ले बेसिस पर काम करना शुरू करेगा, जिससे लोग शुरू से ही उपलब्ध सुविधाओं का इस्तेमाल कर सकें। इसके बाद मेंबरशिप के लिए बुलाया जाएगा, जिससे नियमित यूजर्स को कॉम्प्लेक्स में आने-जाने का एक और रास्ता मिलेगा।

डीडीए ने एक बयान में कहा, “इनडोर सुविधाओं में टेबल टेनिस, योगा हॉल, एरोबिक्स हॉल, जिम, मल्टीपर्पस हॉल और दूसरी सुविधाएं शामिल हैं। कॉम्प्लेक्स में एक प्रो-शॉप और उससे जुड़ी सुविधाएं भी हैं, साथ ही लगभग 1.3 किलोमीटर की अंदरूनी पेरिफेरल रोड और लगभग 155 गाड़ियों के लिए पार्किंग की जगह भी है।” अधिकारियों ने कहा कि जल्द ही पहली मंजिल पर एक फिटनेस सेंटर और रिहैबिलिटेशन सेंटर का प्रस्ताव है, और बाद में एक स्विमिंग पूल भी बनाया जा सकता है।

डीडीए अभी शहर भर में 18 स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, चार मिनी स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स और तीन गोल्फ कोर्स चलाता है। इसके रोहिणी स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, सेक्टर-33, दिल्ली के लोगों की रोजमर्रा की ज़िंदगी को बेहतर बनाने वाले क्वालिटी पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर देने के डीडीए के विजन के लगातार विकास को दिखाता है। अपनी पूरी स्पोर्टिंग सुविधाओं और भविष्य में होने वाले प्लान के साथ, इस कॉम्प्लेक्स में बाहरी और उत्तर-पश्चिम दिल्ली के लिए एक अहम स्पोर्ट्स, फिटनेस और वेलनेस डेस्टिनेशन बनने की क्षमता है।

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Smit Machchhar: ‘हिंदुस्तानी ने 9/11 होने से बचा लिया…’; पीएम मोदी ने कैप्टन स्मित मच्छार के परिवार से की बात, पायलट की बहादुरी की जमकर की तारीफ

Smit Machchhar: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार (1 अक्टूबर) को 174 लोगों की जान बचाने वाले भारतीय कैप्टन स्मित मच्छार की पत्नी और माता-पिता से फोन पर बात की। इस दौरान उनकी बहादुरी की जमकर सराहना की। कैप्टन मच्छार ने ‘फ्लाईदुबई’ विमान को दुर्घटनाग्रस्त करने की अपने सह-पायलट की कोशिश को नाकाम कर दिया था, जिससे सैकड़ों लोगों की जान बची। पायलट की पत्नी और उनके माता-पिता के साथ फोन पर बातचीत में पीएम मोदी ने यह भी कहा कि भारतीय मिशन घायल पायलट को हर संभव मदद मुहैया करा रहे हैं। पायलट का सऊदी अरब के एक अस्पताल में इलाज किया जा रहा है।

सरकारी सूत्रों ने न्यूज एजेंसी पीटीआई को बताया कि फोन पर बातचीत के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने पायलट की बहादुरी की तारीफ की, जिसकी वजह से सैकड़ों लोगों की जान बची। इससे पहले, पीएम मोदी ने भारतीय पायलट की प्रशंसा करते हुए उन्हें नायक बताया था। उन्होंने कहा था कि देश को उनकी बहादुरी पर गर्व है। पीएम मोदी ने कहा कि हिंदुस्तानी ने 9/11 होने से बचा लिया।

PM मोदी ने कैप्टन मच्छार की सराहना करते हुए कहा कि गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद उन्होंने सैकड़ों लोगों की जान बचाने में मदद की और बड़ी त्रासदी टाली। दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की उड़ान एफजेड1073 ने बुधवार को इमरजेंसी अलर्ट भेजे थे। इसके बाद विमान 34,000 फुट की ऊंचाई से तेजी से 17,000 फुट से अधिक नीचे आ गया। बाद में उसका रूट सऊदी अरब के तबूक शहर स्थित प्रिंस सुल्तान बिन अब्देल अजीज एयरपोर्ट की ओर मोड़ दिया गया। विमान में 27 बच्चों समेत 174 यात्री सवार थे।

‘स्मित मच्छार एक नायक हैं’

PM मोदी ने X पर एक पोस्ट में कहा, “कैप्टन स्मित मच्छार एक नायक हैं। सबसे गंभीर खतरे का सामना करते हुए और गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद उन्होंने दूसरों की जान बचाने के लिए अदम्य साहस और अटूट संकल्प दिखाया। उनके साहस ने सैकड़ों लोगों की जान बचाने में मदद की और बड़ी त्रासदी टाली।” प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत को कैप्टन मच्छार पर गर्व है। उन्होंने कहा, “मैं उनके जल्द स्वस्थ होने और अच्छे स्वास्थ्य की कामना करता हूं।”

‘भारत ने 9/11 होने से बचा लिया’

इसके अलावा प्रधानमंत्री मोदी ने गुरुवार को ‘भारत मंडपम’ में UPSC के शताब्दी समारोह के दौरान भी भारतीय पायलट की तारीफ की। पीएम मोदी ने कहा, “कल एक घटना घटी थी जिसमें भारत के कैप्टन स्मित ने धैर्य, सूझबूझ और साहस का परिचय दिया है। कल इजरायल के प्रधानमंत्री ने कहा है कि भारत ने 9/11 होने से बचा लिया है। उनका यह पराक्रम हमें गौरव से भर देता है… आज पूरी दुनिया पर गर्व कर रही है। हम सभी स्मित की दीर्घायु के लिए प्रार्थना करें और उनका अभिनंदन करें।”

नेतन्याहू ने भी की तारीफ

बुधवार रात इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी मच्छार की सराहना करते हुए उन्हें सच्चा नायक बताया। नेतन्याहू ने कहा, “चाकू से हमला किए जाने और गंभीर रूप से घायल होने के बावजूद उन्होंने मुकाबला किया, हमलावर का प्रतिरोध किया तथा कॉकपिट का दरवाजा खोला, जिससे यात्री तथा चालक दल के सदस्य हमलावर को काबू में कर पाए। इससे हवा में एक भयावह दुर्घटना टल गई।”

इजरायली प्रधानमंत्री ने कहा, “उन्होंने इजराइली नागरिकों और अन्य देशों के नागरिकों समेत 174 लोगों की जान बचाई। मैं कैप्टन मच्छार के जल्द और पूरी तरह स्वस्थ होने की कामना करता हूं। वह सच्चे नायक हैं।” उन्होंने कहा, “असाधारण बहादुरी दिखाने वाले भारतीय पायलट कैप्टन स्मित मच्छार को मेरा सलाम।” सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में पायलट खून से लथपथ, ऑक्सीजन मास्क पहने और विमान की गैली में पीठ के बल लेटे हुए दिखाई दे रहे हैं।

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अपने पहले के बयान में नेतन्याहू ने कहा था कि एक इजरायली यात्री ने उन्हें बताया कि विमान तेजी से घूमने लगा और नीचे उतरने लगा। इसके बाद यात्री और चालक दल का एक सदस्य कॉकपिट में घुसने में कामयाब रहा और दोनों ने मिलकर उस पायलट पर काबू पाया, जिसने विमान की प्रणाली को नुकसान पहुंचाने की कोशिश के दौरान मच्छार पर चाकू से हमला किया था। नेतन्याहू के अनुसार, चालक दल का एक अन्य सदस्य इसके बाद कॉकपिट में पहुंचा और विमान को स्थिर करने में मदद की।

IAS से इस्तीफा देकर पॉलिटिक्स करने का ऐलान करने वाली दिव्या मित्तल कितना पढ़ी-लिखी हैं? इनकी पूरी प्रोफाइल जानिए

पूर्व IAS अधिकारी दिव्या मित्तल ने प्रशासनिक सेवा के बाद अब राजनीति की राह चुनने का ऐलान किया है। करीब 13 साल तक IAS के तौर पर काम करने के बाद उन्होंने उत्तर प्रदेश से अपनी राजनीतिक शुरुआत करने की बात कही है। सोशल मीडिया पर जारी वीडियो में उन्होंने लोगों से जुड़ने और उनके मुद्दों को उठाने की बात कही। दिव्या मित्तल के राजनीति में आने की खबर के साथ उनकी पढ़ाई और अब तक के सफर को लेकर भी चर्चा शुरू हो गई है। आखिर IAS बनने से पहले उन्होंने क्या पढ़ाई की और उनका करियर कैसा रहा? आइए जानते हैं।

IIT दिल्ली से शुरू हुई पढ़ाई

दिव्या मित्तल ने IIT दिल्ली से Engineering Physics में BTech किया। उनके LinkedIn प्रोफाइल के मुताबिक, उन्होंने 2001 से 2005 के बीच यह पढ़ाई की। ग्रेजुएशन में उनका CGPA 9.07/10 था और वह अपने विभाग में दूसरे स्थान पर रही थीं। इसके बाद उन्होंने IIM बेंगलुरु से MBA किया। 2005 से 2007 के बीच की गई इस पढ़ाई में भी उनका प्रदर्शन अच्छा रहा। उपलब्ध प्रोफाइल जानकारी के अनुसार, वह अपनी MBA बैच के टॉप 5 फीसदी छात्रों में शामिल थीं।

पढ़ाई के बाद लंदन में नौकरी

MBA पूरा करने के बाद दिव्या मित्तल ने विदेश में कॉर्पोरेट करियर शुरू किया। उन्होंने लंदन में JP Morgan में Associate के तौर पर काम किया। अप्रैल 2007 से जुलाई 2008 तक उन्होंने वहां नौकरी की। इसके बाद उन्होंने कॉर्पोरेट करियर छोड़कर भारत लौटने और UPSC की तैयारी करने का फैसला किया।

UPSC में सफलता और IAS का सफर

दिव्या मित्तल ने UPSC सिविल सेवा परीक्षा पास की। रिपोर्टों के मुताबिक, अपने पहले प्रयास में वह IPS के लिए चुनी गईं और बाद के प्रयास में ऑल इंडिया रैंक 68 हासिल कर IAS बनीं। वह 2013 बैच की उत्तर प्रदेश कैडर की अधिकारी रहीं। IAS के तौर पर उन्होंने उत्तर प्रदेश में कई अहम जिम्मेदारियां संभालीं। वह संत कबीर नगर, मिर्जापुर और देवरिया की जिलाधिकारी रह चुकी हैं। इसके अलावा उन्होंने NITI Aayog और उत्तर प्रदेश सरकार में भी अलग-अलग पदों पर काम किया।मिर्जापुर में उनके कार्यकाल के दौरान एक पहाड़ी गांव तक पाइपलाइन के जरिए पानी पहुंचाने की पहल भी चर्चा में रही।

MIT से भी की पढ़ाई

दिव्या मित्तल ने नौकरी और प्रशासनिक जिम्मेदारियों के बीच अपनी पढ़ाई जारी रखी। उन्होंने 2019 से 2020 के बीच MITx से Data, Economics and Development Policy में MicroMasters किया। यानी उनकी शैक्षणिक यात्रा इंजीनियरिंग से शुरू होकर मैनेजमेंट, डेटा और डेवलपमेंट पॉलिसी तक पहुंची।

IAS के बाद अब राजनीति में एंट्री

अगस्त 2026 में दिव्या मित्तल ने करीब 13 साल की IAS सेवा के बाद इस्तीफा दे दिया। अब उन्होंने साफ कर दिया है कि उनकी अगली पारी राजनीति में होगी।

उन्होंने कहा है कि वह उत्तर प्रदेश से राजनीतिक शुरुआत करेंगी और किसी राजनीतिक पार्टी के साथ नहीं जाएंगी। अपने वीडियो संदेश में उन्होंने शिक्षक, डॉक्टर, किसान, मजदूर, वकील और छात्रों से जुड़ने की अपील की है।

IIT दिल्ली की पढ़ाई, IIM बेंगलुरु का MBA, लंदन की नौकरी, UPSC में सफलता और करीब 13 साल की प्रशासनिक सेवा के बाद दिव्या मित्तल अब अपने करियर का एक नया अध्याय शुरू करने जा रही हैं।

दिल्ली का सबसे गोल-मटोल कुत्ता कौन? 64 उम्मीदवारों से शुरू हुआ मुकाबला, जानिए कौन-कौन है रेस में

Who is Bushra Bano: इंशाअल्लाह-जजाकअल्लाह कहने को लेकर क्यों घेरा जा रहा है? IPS बुशरा बानो कौन हैं, जानिए इनकी पूरी कहानी

Who is Bushra Bano: भारतीय जनता पार्टी (BJP) शासित पश्चिम बंगाल में एक IPS अधिकारी के ट्रांसफर को लेकर राज्य में राजनीतिक और सोशल मीडिया पर विवाद खड़ा हो गया है। ‘इंडिया टुडे’ की रिपोर्ट के मुताबिक, यह विवाद तब शुरू हुआ जब एक ‘हिंदू अधिकार समूह’ ने कॉम्पिटिटिव एग्जाम के लिए कोचिंग प्लेटफॉर्म को प्रमोट करने वाले एक वीडियो में उनके इस्लामिक अभिवादन के इस्तेमाल पर आपत्ति जताई। खड़गपुर में एडिशनल सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस (ASP) और 2021 बैच की IPS अधिकारी बुशरा बानो को 14 सितंबर को राज्य सशस्त्र पुलिस की चौथी बटालियन में डिप्टी कमांडेंट के पद पर ट्रांसफर कर दिया गया। उनकी जगह पार्थ घोष को खड़गपुर का नया ASP बनाया गया है।

दबाव में हुआ ट्रांसफर या रूटीन प्रक्रिया है?

विवाद के बीच बंगाल सरकार ने इस ट्रांसफर को रूटीन प्रक्रिया बताया है। हलांकि, यह फेरबदल बुशरा बानो द्वारा एक दिन पहले यानी 13 सितंबर को X पर पोस्ट किए गए एक वीडियो पर हुई आलोचना के समय ही हुआ। रिपोर्ट के मुताबिक, वीडियो में वह पुलिस की वर्दी में थीं। इस दौरान वह अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (AMU) की रेजिडेंशियल कोचिंग एकेडमी में बिताए अपने समय के बारे में बात कर रही थीं। यहां उन्होंने UPSC परीक्षाओं की तैयारी की थी।

वीडियो में क्या है?

वीडियो में बुशरा बानो ने बताया कि UPSC की तैयारी के लिए सऊदी अरब में असिस्टेंट प्रोफेसर के तौर पर काम करने के बाद वह भारत लौटी थीं। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय कोचिंग एकेडमी की किताबों, लाइब्रेरी और मॉक टेस्ट को दिया। साथ ही छात्रों को वहां एडमिशन लेने के लिए प्रोत्साहित किया। रिपोर्ट के अनुसार उन्होंने कहा, “मुझे उम्मीद है कि और छात्र एकेडमी में दाखिला लेंगे और इस प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करेंगे ताकि मेरे जैसे और लोग आगे आ सकें।”

विवाद उनके संदेश से नहीं। बल्कि उसे देते समय उनके द्वारा इस्तेमाल किए गए धार्मिक शब्दों से पैदा हुआ। रिपोर्ट में बताया गया है कि उन्होंने वीडियो की शुरुआत ‘अस्सलाम-अलैकुम’ से की। फिर अपनी बातचीत के दौरान ‘इंशाल्लाह’ का इस्तेमाल किया। साथ ही इसका अंत ‘जजाकल्लाह खैर’ से किया।

हिंदू संगठनों ने जताया विरोध

‘हिंदू नेटवर्क फाउंडेशन’ की एक यूनिट के तौर पर अपनी पहचान रखने वाले ‘हिंदू लीगल फंड’ ने उनके शब्दों के चयन को लेकर पश्चिम बंगाल के गृह सचिव के पास शिकायत दर्ज कराई। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट में संगठन ने तर्क दिया कि भारतीय राज्य का प्रतिनिधित्व करने वाले एक कार्यरत अधिकारी को इसके बजाय ‘वंदे मातरम’ या ‘जय हिंद’ जैसे राष्ट्रीय अभिवादनों का इस्तेमाल करना चाहिए था।

उन्होंने मामले की समीक्षा करने और उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। रिपोर्ट के मुताबिक, ग्रुप की शिकायत में यह सवाल उठाया गया कि एक सरकारी अधिकारी, जो अपनी रैंक बता रही थी और यूनिफॉर्म में थी, वह आधिकारिक दिखने वाले सार्वजनिक संदेश में ऐसी भाषा का इस्तेमाल कैसे कर सकती है।

सोशल मीडिया पर बढ़ा विवाद

वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर यह विवाद बढ़ गया। रिपोर्ट में बताया गया कि यूज़र्स के बीच इसे लेकर मतभेद था। कछ लोग धार्मिक बातों का जिक्र करने के लिए बुशरा बानो की आलोचना कर रहे थे। जबकि दूसरे यह सवाल उठा रहे थे कि क्या सभी सरकारी अधिकारियों के लिए निष्पक्षता का नियम एक जैसा लागू किया जा रहा है।

किसने क्या कहा?

पूर्व सिविल सर्वेंट आशीष जोशी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर सार्वजनिक रूप से उनका समर्थन किया है। उन्होंने लिखा, “भारत की असली ताकत विविधता में एकता है। बुशरा बानो IPS की तारीफ़ होनी चाहिए। उन्होंने दो बार UPSC पास किया,।सऊदी अरब में एक आरामदायक नौकरी छोड़ी और अब पूरी लगन से देश की सेवा कर रही हैं।”

उन्होंने आगे कहा, “उनके शब्दों का चुनाव उनके निजी विश्वास को दिखाता है, न कि उस देश के प्रति अनादर को जिसकी वह रक्षा करती हैं। भारत जैसे विशाल और विविधता वाले देश में यह सह-अस्तित्व कोई कमजोरी नहीं, बल्कि हमारा गर्व है। आपकी सेवा के लिए धन्यवाद, बुशरा! जजाकल्लाह खैर!”

अन्य यूजर्स ने सार्वजनिक जीवन में वरिष्ठ राजनीतिक नेताओं द्वारा हिंदू धार्मिक नारों के इस्तेमाल से इसकी तुलना की। वहीं, मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, एक सोशल मीडिया ग्रुप ने आरोप लगाया कि दक्षिणपंथी संगठन बुशरा बानो को इसलिए निशाना बना रहे हैं, क्योंकि वह अल्पसंख्यक समुदाय से हैं।

बुशरा बानो!

इस विवाद ने उनके अनोखे करियर सफर पर भी असर डाला है। उत्तर प्रदेश के कन्नौज की रहने वाली बुशरा बानो ने सऊदी अरब में काम करने से पहले अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी से अपनी PhD पूरी की थी। रिपोर्ट के मुताबिक, भारत लौटने पर उन्होंने UPSC की तैयारी जारी रखते हुए कोल इंडिया में नौकरी की।

उन्होंने सिविल सेवा परीक्षा पास की और शुरू में इंडियन रेलवे ट्रैफिक सर्विस के लिए चुनी गईं। बाद में उन्होंने सब-डिविजनल मजिस्ट्रेट बनने के लिए उत्तर प्रदेश प्रशासनिक सेवा परीक्षा पास की। फिर दूसरी बार UPSC सिविल सेवा परीक्षा पास करके IPS में जगह बनाई। उनकी उपलब्धि ने पहले भी लोगों का ध्यान खींचा था क्योंकि उन्होंने दो बच्चों की परवरिश करते हुए दो बार UPSC पास किया था।

रिपोर्ट में बताया गया है कि भारत की प्रतिस्पर्धी सिविल सेवा प्रणाली में दृढ़ता के उदाहरण के तौर पर अक्सर इस बात का ज़िक्र किया जाता है। ट्रांसफर और वीडियो विवाद ने अब एक खास सवाल को सामने ला दिया है। क्या आधिकारिक संदेश में किसी अधिकारी का निजी धार्मिक इजहार सरकारी सेवकों से अपेक्षित निष्पक्षता के सिद्धांत का उल्लंघन करता है? सुवेंदु अधिकारी सरकार अपने इस रुख पर कायम है कि तबादला एक सामान्य प्रक्रिया थी, जबकि धर्म, सार्वजनिक पद और व्यक्तिगत अभिव्यक्ति को लेकर बहस जारी है।

15 सितंबर से IAS सेवा से बाहर हुईं दिव्या मित्तल, इस्तीफा मंजूर होते ही किया ये पोस्ट

उत्तर प्रदेश कैडर की 2013 बैच की चर्चित आईएएस अधिकारी दिव्या मित्तल ने प्रशासनिक सेवा से विदाई ले ली है। निजी कारणों, पारिवारिक जिम्मेदारियों और जिंदगी में कुछ नए लक्ष्य तय करने का हवाला देते हुए उन्होंने 30 अगस्त को इस्तीफे की घोषणा की थी। अब केंद्र सरकार के कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) ने उनके इस्तीफे को मंजूरी दे दी है। 15 सितंबर से उनका इस्तीफा प्रभावी हो गया।

दिव्या मित्तल का यह फैसला इसलिए खास है, क्योंकि IAS बनने के लिए उन्होंने पहले भी एक सुरक्षित और शानदार करियर को पीछे छोड़ा था। उनकी कहानी सिर्फ एक अफसर के इस्तीफे की नहीं, बल्कि बार-बार अपनी जिंदगी की दिशा खुद तय करने वाली महिला की कहानी है।

लंदन में शानदार नौकरी, फिर भी मन में थी एक कसक

IIT दिल्ली और IIM बेंगलुरु से पढ़ाई करने के बाद दिव्या मित्तल ने लंदन में अच्छी नौकरी हासिल की। विदेश में बेहतर करियर, आकर्षक सैलरी और सुविधाओं के बावजूद उन्हें लगा कि जिंदगी में कुछ कमी है। उन्होंने नौकरी छोड़कर भारत लौटने और UPSC की तैयारी करने का फैसला किया। पहले प्रयास में IPS और दूसरे प्रयास में 2013 में IAS बनकर उन्होंने साबित कर दिया कि बड़ा जोखिम उठाने का साहस उनमें शुरू से रहा है।

उनके पति गगनदीप सिंह ने भी 2022 में सरकारी नौकरी छोड़कर अपनी कंपनी शुरू की थी। यानी परिवार में पारंपरिक सुरक्षित करियर से हटकर अपनी राह चुनने का सिलसिला नया नहीं है।

सख्त तेवर और काम की अलग पहचान

IAS बनने के बाद दिव्या मित्तल की पहचान तेजतर्रार, बेबाक और सख्त अधिकारी के रूप में बनी। मिर्जापुर, बस्ती और देवरिया समेत कई जिलों में उन्होंने प्रशासनिक जिम्मेदारियां संभालीं। मिर्जापुर में उनके काम को खास तौर पर याद किया जाता है। ग्रामीण इलाकों में पानी की समस्या को लेकर उन्होंने गंभीरता से काम किया। जिन क्षेत्रों में आजादी के 75 साल बाद भी पानी पहुंचना बड़ी चुनौती थी, वहां उनकी पहल से लोगों को राहत मिली। यही वजह है कि उनके इस्तीफे की खबर के बाद कई ग्रामीण भावुक दिखाई दिए और उनके कार्यकाल को याद किया।

एक सोशल मीडिया पोस्ट ने बढ़ाई चर्चाएं

इस्तीफा मंजूर होने के बाद दिव्या मित्तल ने सोशल मीडिया पर जयशंकर प्रसाद की पंक्ति लिखी “प्रशस्त पुण्य पंथ है, बढ़े चलो, बढ़े चलो।” इस एक पंक्ति ने उनके अगले कदम को लेकर उत्सुकता बढ़ा दी। क्या वह सामाजिक क्षेत्र में जाएंगी, कोई नया काम शुरू करेंगी या राजनीति का रुख करेंगी? फिलहाल उन्होंने अपने भविष्य की योजना सार्वजनिक नहीं की है, लेकिन संदेश साफ है एक सफर खत्म हुआ है और शायद किसी नई मंजिल की ओर कदम बढ़ चुके हैं।

इस्तीफे के साथ राजनीति भी गरमाई

दिव्या मित्तल के इस्तीफे पर राजनीतिक बयानबाजी भी हुई। समाजवादी पार्टी की ओर से आरोप लगाया गया कि प्रदेश में ईमानदार अधिकारियों को काम करने की पर्याप्त स्वतंत्रता नहीं मिल रही। कांग्रेस नेता अजय राय ने राज्यपाल को पत्र लिखकर मामले में हस्तक्षेप की मांग की और संकेत दिया कि अगर दिव्या मित्तल चुनाव लड़ना चाहें तो कांग्रेस उनके नाम पर विचार कर सकती है।

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UP Homeguard PET: यूपी में कल होगी होमगार्ड भर्ती पीईटी परीक्षा, अब तक डाउनलोड नहीं किया है एडमिट कार्ड तो आधिकारिक वेबसाइट पर देखें

UP Homeguard PET: उत्तर प्रदेश पुलिस में होमगार्ड के 41,424 पदों पर भर्ती के लिए जरूरी शारीरिक दक्षता परीक्षा (PET) लंबे इंतजार के बाद कल यानी 15 सितंबर 2026 को आयोजित की जाएगी। बार-बार टलने के बाद परीक्षा की तारीख सामने आने से इसमें शामिल होने का इंतजार कर रहे उम्मीदवारों को काफी राहत मिली है। इस परीक्षा का आयोजन यूपी पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड (UPPRPB) की ओर से किया जाएगा। राज्य में जारी लगातार बारिश और कई परीक्षा केंद्रों पर जलभराव की स्थिति को देखते हुए इस परीक्षा को कई बार टालना पड़ा था।

यूपी होमगार्ड भर्ती 2026 प्रक्रिया के तहत रिकॉर्ड की स्क्रूटनी, डॉक्यूमेंट वेरीफिकेशन और शारीरिक मानक परीक्षण (DV/PST) में सफल करीब एक लाख अभ्यर्थी अब फिजिकल एफिसिएंसी टेस्ट में शामिल होंगे। इस परीक्षा के लिए यूपीपीआरपीबी ने संशोधित प्रवेश पत्र जारी कर दिया है। परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों को पुराने एडमिट कार्ड के बजाय संशोधित एडमिट कार्ड डाउनलोड करना होगा। बोर्ड के अनुसार, नए एडमिट कार्ड 13 सितंबर 2026 को जारी किए जा चुके हैं। अभ्यर्थी इसे यूपी पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट से डाउनलोड कर सकते हैं। अभ्यर्थियों को सलाह दी गई है कि वे संशोधित एडमिट कार्ड जारी होने के बाद उसे डाउनलोड कर लें और उसमें दर्ज सभी विवरणों की जांच करें।

परीक्षा केंद्र पर समय से करें रिपोर्ट

यूपी पुलिस भर्ती बोर्ड के अनुसार, होमगार्ड्स के पदों पर एनरोलमेंट-2025 के तहत रिकॉर्ड की स्क्रूटनी और DV/PST में सफल उम्मीदवारों की शारीरिक दक्षता परीक्षा 15 सितंबर से शुरू होगी। अभ्यर्थियों को अपने एडमिट कार्ड पर दिए गए परीक्षा केंद्र, रिपोर्टिंग टाइम और अन्य जरूरी निर्देशों को ध्यान से पढ़ने की सलाह दी गई है। परीक्षा केंद्र पर निर्धारित समय से पहले पहुंचना जरूरी होगा।

खराब मौसम बना पीईटी टलने का कारण

होमगार्ड भर्ती का पीईटी पहले 14 सितंबर को आयोजित किया जाना था। मगर राज्य के कई हिस्सों में हुई भारी बारिश और परीक्षा स्थलों पर जलभराव के कारण इसे स्थगित करना पड़ा। अब संशोधित कार्यक्रम के अनुसार परीक्षा 15 सितंबर से आयोजित होगी। इससे पहले भी खराब मौसम और बारिश के चलते शारीरिक दक्षता परीक्षा दो बार स्थगित की जा चुकी है। परीक्षा से संबंधित किसी भी नए अपडेट के लिए अभ्यर्थी केवल यूपी पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड की आधिकारिक सूचना पर भरोसा करें।

UPSC Recruitment 2026: असिस्टेंट प्रोफेसर सहित 212 पदों पर भर्ती के लिए आज से शुरू हुए आवेदन, जानें किन विभागों में होगी नियुक्ति और आवेदन की लास्ट डेट

UPSC EPFO APFC 2026: ईपीएफओ में एपीएफसी भर्ती के लिए अब इस तारीख तक कर सकते हैं आवेदन, आयोग ने बढ़ाई लास्ट डेट

UPSC EPFO APFC 2026: संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने एम्प्लॉयी प्रॉविडेंट फंड ऑर्गेनाइजेशन (EPFO) में असिस्टेंट प्रोविडेंट फंड कमिश्नर (APFC) भर्ती 2026 के लिए आवेदन करने की आखिरी तारीख बढ़ा दी है। इस भर्ती प्रक्रिया में शामिल होने के इच्छुक उम्मीदवार अब 14 सितंबर 2026, शाम 6:00 बजे तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इससे कैंडिडेट्स को भर्ती प्रक्रिया को पूरा करने के लिए कुछ और दिन मिल जाएंगे। इस भर्ती प्रक्रिया के जरिए ईपीएफओ में 80 एपीएफसी की भर्ती की जाएगी।

इससे पहले यूपीएससी ईपीएफओ एपीएफसी भर्ती 2026 के लिए आवेदन की आखिरी तारीख 11 सितंबर 2026 थी। पिछली डेडलाइन से चूक गए उम्मीदवारों के पास अब आवेदन करने का एक और मौका है। इस कदम से देश भर के उन हजारों कैंडिडेट्स को फायदा होने की उम्मीद है जो समय पर अपने फॉर्म नहीं भर पाए थे। आवेदकों को आखिरी समय तक इंतजार नहीं करना चाहिए और यूपीएससी वेबसाइट पर तकनीकी दिक्कतों से बचने के लिए जल्द से जल्द अप्लाई करना चाहिए। इच्छुक आवेदक आधिकारिक वेबसाइट upsconline.nic.in के जरिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।

यूपीएससी ईपीएफओ एपीएफसी 2026 हाइलाइट्स

जानकारी डिटेल्स

कंडक्टिंग बॉडी यूनियन पब्लिक सर्विस कमीशन (UPSC)

पोस्ट का नाम असिस्टेंट प्रोविडेंट फंड कमिश्नर (APFC)

टोटल वैकेंसी 80

एप्लीकेशन शुरू होने की तारीख 22 अगस्त 2026

पहले की आखिरी तारीख 11 सितंबर 2026, शाम 6:00 बजे

बढ़ी हुई आखिरी तारीख 14 सितंबर 2026, शाम 6:00 बजे

आवेदन का तरीका ऑनलाइन (UPSC ORA पोर्टल)

ऑफिशियल वेबसाइट upsc.gov.in

आवेदन शुल्क ₹25 (UR/OBC/EWS पुरुष कैंडिडेट); SC/ST/PwBD/महिला कैंडिडेट्स के लिए छूट

चयन प्रक्रिया रिक्रूटमेंट टेस्ट (RT) जिसके बाद इंटरव्यू होगा

भर्ती परीक्षा की तारीख 20 दिसंबर 2026

यूपीएससी ईपीएफओ एपीएफसी 2026 योग्ता मानदंड

शैक्षणिक योग्यता : यूपीएससी ईपीएफओ एपीएफसी 2026 भर्ती प्रक्रियर में शामिल होने के इच्छुक आवेदक के पास किसी मान्यता प्राप्त यूनिवर्सिटी या इंस्टीट्यूशन से बैचलर डिग्री होनी चाहिए। डिग्री किसी भी विषय में हो सकती है।

उम्र सीमा : एपीएफसी पद के लिए ऊपरी उम्र सीमा UR/EWS कैंडिडेट्स के लिए 35 साल, OBC कैंडिडेट्स के लिए 38 साल और SC/ST कैंडिडेट्स के लिए 40 साल है। उम्र की गणना आवेदन जमा करने की आखिरी तारीख के हिसाब से की जाती है। सरकारी नियमों के अनुसार PwBD और दूसरी एलिजिबल कैटेगरी के लिए भी छूट लागू है।

राष्ट्रीयता : इन पदों पर भर्ती के इच्छुक उम्मीदवार का भारतीय नागरिक होना जरूरी है।

यूपीएससी ईपीएफओ एपीएफसी भर्ती 2026 एप्लीकेशन फीस

एप्लीकेशन फीस कैटेगरी के हिसाब से अलग-अलग है। आवेदकों को फॉर्म शुरू करने से पहले पेमेंट डिटेल्स तैयार रखनी चाहिए।

UR/OBC/EWS पुरुष कैंडिडेट: ₹25

SC/ST/PwBD और सभी महिला कैंडिडेट: फीस से छूट

यूपीएससी ईपीएफओ एपीएफसी भी 2026 के लिए कैसे करें आवेदन

  • यूपीएससी की आधिकारिक वेबसाइट upsconline.nic.in पर जाएं।
  • अगर पहले से नहीं किया है, तो वन टाइम रजिस्ट्रेशन (OTR) सिस्टम का इस्तेमाल करके रजिस्टर करें।
  • लॉग इन करें और UPSC EPFO APFC 2026 अप्लाई ऑनलाइन लिंक ढूंढें।
  • पर्सनल, एजुकेशनल और कैटेगरी की जानकारी ध्यान से भरें।
  • तय फॉर्मेट में फोटो, सिग्नेचर और ज़रूरी डॉक्यूमेंट अपलोड करें।
  • एप्लीकेशन फीस (अगर लागू हो) भरें और पेमेंट स्टेटस वेरिफाई करें।
  • फाइनल सबमिशन से पहले फॉर्म को अच्छी तरह से रिव्यू करें।
  • फॉर्म सबमिट करें और भविष्य के लिए एक कॉपी डाउनलोड/सेव करें।

UPSSSC Livestock Extension Officer: यूपी में पशुधन प्रसार अधिकारी के 1251 पदों पर भर्ती के लिए आवेदन शुरू, 12वीं पास भी कर सकते हैं आवेदन