UPSC NDA 2 Admit Card 2026: आधिकारिक वेबसाइट से डाउनलोड करें एनडीए 2 का एडमिट कार्ड, 13 सितंबर को आयोजित होगी परीक्षा

UPSC NDA 2 Admit Card 2026: संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने नेशनल डिफेंस एकेडमी (NDA) 2 परीक्षा के लिए एडमिट कार्ड 2026 जारी कर दिया है। यूपीएससी एनडीए 2 2026 के पंजीकृत उम्मीदवार अपने लॉगइन क्रेडेंशियल की मदद से आयोग की आधिकारिक वेबसाइट upsc.gov.in पर जाकर अपने एडमिट कार्ड चेक और डाउनलोड कर सकते हैं।

यूपीएससी एनडीए 2 परीक्षा में शामिल होने वाले सभी उम्मीदवार ध्यान दें कि एडमिट कार्ड एक जरूरी डॉक्यूमेंट है जिसे उन्हें परीक्षा के दिन साथ रखना होगा। एडमिट कार्ड के बिना, किसी भी कैंडिडेट को परीक्षा केंद्र में एंट्री नहीं दी जाएगी। उम्मीदवारों यूपीएससी एनडीए 2 परीक्षा में शामिल होने के लिए एडमिट कार्ड डाउनलोड करने के बाद उसका प्रिंटआउट लेना होगा। एग्जाम अथॉरिटी एडमिट कार्ड की डिजिटल कॉपी स्वीकार नहीं करेगी। एनडीए 2 एडमिट कार्ड प्राप्त करने के लिए, उम्मीदवारों को लॉगिन पोर्टल पर दिए गए फील्ड में अपनी पंजीकरण संख्या और जन्मतिथि डालनी होगी। यूपीएससी एनडीए परीक्षा साल में दो बार आयोजित कराता है। एनडीए 2 परीक्षा 2026, 13 सितंबर को होगी।

यूपीएससी एनडीए 2 एडमिट कार्ड 2026: जरूरी जानकारी

यूपीएससी एनडीए 2 एडमिट कार्ड में उम्मीदवारों के बारे में जरूरी जानकारी होती है, जिसमें उनका नाम, रोल नंबर, जन्म की तारीख, कैटेगरी, एग्जाम सेंटर का पता, एग्जाम की तारीख और समय, फोटो, सिग्नेचर और जेंडर शामिल हैं। कैंडिडेट्स को एडमिट कार्ड पर दी गई सभी जानकारी को ध्यान से चेक करना चाहिए। किसी भी तरह की गड़बड़ी या गलती होने पर, उन्हें तुरंत संबंधित अथॉरिटी से संपर्क करना चाहिए और एग्जाम के दिन से पहले उसे ठीक करवाना चाहिए।

यूपीएससी एनडीए 2 एडमिट कार्ड 2026: जरूरी निर्देश

कैंडिडेट्स को नीचे दी गई जरूरी गाइडलाइंस देखनी चाहिए:

आखिरी समय में देरी या भ्रम से बचने के लिए उम्मीदवारों को हर सत्र शुरू होने से कम से कम 30 मिनट पहले परीक्षा केंद्र पर पहुच जाना चाहिए।

गेट बंद होने के बाद किसी भी हालत में एग्जाम की जगह पर देर से एंट्री की इजाजत नहीं होगी।

एग्जाम हॉल में मोबाइल फ़ोन, स्मार्टवॉच, ब्लूटूथ डिवाइस और इसी तरह के गैजेट जैसे इलेक्ट्रॉनिक आइटम ले जाने की इजाजत नहीं है।

बैन चीजें रखने पर सख्त कार्रवाई हो सकती है या आगे की परीक्षाओं से बैन किया जा सकता है। कैंडिडेट्स को सलाह दी जाती है कि वे परीक्षा की जगह पर कीमती या महंगी चीजें न ले जाएं।

एडमिट कार्ड के साथ, कैंडिडेट्स को जरूरी चीजें जैसे एक वैलिड फोटो ID प्रूफ, एक पासपोर्ट-साइज फोटो और एक काला बॉलपॉइंट पेन ले जाना होगा।

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IIT-IIM के बाद लंदन में थी शानदार नौकरी, UPSC के लिए छोड़ा करियर; अब IAS दिव्या मित्तल ने दिया इस्तीफा

दिव्या मित्तल की कहानी उस सोच से बिल्कुल अलग है, जिसमें अच्छी पढ़ाई, विदेश की नौकरी और शानदार करियर को सफलता की आखिरी मंजिल माना जाता है। IIT Delhi और IIM Bangalore जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों से पढ़ाई करने के बाद उन्होंने लंदन में ट्रेडर के तौर पर काम किया। बाहर से उनकी जिंदगी पूरी तरह सफल नजर आती थी, लेकिन उनके मन में अपने देश के लिए कुछ करने की इच्छा बनी रही। इसी सोच ने उन्हें विदेश की नौकरी छोड़कर भारत लौटने और IAS बनने के लिए प्रेरित किया। करीब 13 साल तक सिविल सेवा में रहने के बाद अब उन्होंने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है।

30 अगस्त को सोशल मीडिया पर साझा किए गए भावुक पोस्ट में उन्होंने अपने सफर और उससे जुड़ी यादों को साझा किया। उनका ये फैसला इसलिए भी चर्चा में है, क्योंकि उन्होंने सफलता की कई मंजिलें हासिल करने के बाद भी अपनी राह बदलने का साहस दिखाया।

साधारण परिवार से IIT और IIM तक का सफर

दिव्या मित्तल ने बताया कि वह एक साधारण माहौल में पली-बढ़ीं और एक अच्छा और सफल जीवन बनाने का सपना देखा था। इस सपने को पूरा करने के लिए उन्होंने कड़ी मेहनत की और IIT Delhi में दाखिला लिया। इसके बाद उन्होंने IIM Bangalore से MBA किया और पढ़ाई पूरी करने के बाद लंदन में ट्रेडर के तौर पर काम शुरू किया। प्रतिष्ठित संस्थानों की डिग्री और विदेश में शानदार नौकरी के बावजूद उन्हें महसूस हुआ कि उनकी जिंदगी में कुछ कमी है।

लंदन की नौकरी छोड़ भारत लौटने का फैसला

विदेश में रहते हुए उन्हें अपने देश से दूर होने का एहसास लगातार परेशान करता रहा। Mittal के मुताबिक, उन्हें लगता था कि उनकी शिक्षा, आत्मविश्वास और मिले अवसरों पर देश का भी हक है। इसी सोच ने उन्हें वापस भारत आने और देश के लिए कुछ करने का फैसला लेने के लिए प्रेरित किया। इसके बाद उन्होंने IAS को अपना रास्ता चुना और 2013 में सिविल सेवा में शामिल हो गईं।

उत्तर प्रदेश में अफसर रहते हुए बदली सफलता की परिभाषा

IAS बनने के बाद मित्तल ने उत्तर प्रदेश में कई महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां संभालीं। वह Deoria, Mirzapur और Sant Kabir Nagar की District Magistrate भी रहीं। प्रशासनिक जिम्मेदारियों के दौरान उनके सामने ऐसे कई मौके आए, जिन्होंने उनके लिए सफलता का मतलब बदल दिया। किसी परिवार को पहली बार जमीन का अधिकार मिलना, दिव्यांग लोगों को सम्मान के साथ आगे बढ़ने का मौका मिलना या किसानों के खेतों तक पानी पहुंचना इन अनुभवों ने उन्हें महसूस कराया कि सरकारी काम सिर्फ फाइलों तक सीमित नहीं है।

उन्होंने लिखा कि हर सरकारी फाइल के पीछे एक इंसान की जिंदगी जुड़ी होती है।

एक बुजुर्ग महिला का आशीर्वाद कभी नहीं भूल पाईं

Mirzapur के Lahuriya Dih गांव की एक घटना मित्तल के दिल में हमेशा के लिए बस गई। उन्होंने याद किया कि जब पहली बार गांव में पानी पहुंचा तो एक बुजुर्ग महिला ने यह देखकर कुछ नहीं कहा। इसके बजाय उसने कांपते हाथों से Mittal के सिर पर हाथ रखा और उन्हें आशीर्वाद दिया। Mittal के लिए वह पल किसी पद या उपलब्धि से कहीं बड़ा था। उन्होंने भावुक होकर कहा कि पद आज भले पीछे छूट जाए, लेकिन उस बुजुर्ग महिला का स्पर्श उनकी जिंदगीभर की याद बनकर रहेगा।

13 साल बाद समझ आया- देने से ज्यादा पाया

IAS के 13 सालों को याद करते हुए Mittal ने बताया कि शुरुआत में उन्हें लगता था कि वह लोगों को कुछ देने के लिए सेवा में आई हैं। लेकिन समय के साथ उनकी सोच बदल गई। उन्हें एहसास हुआ कि लोगों से मिले प्यार, भरोसे और सम्मान ने उन्हें कहीं ज्यादा समृद्ध किया। जब भी वह थकतीं या खुद मुश्किल दौर से गुजरतीं, लोगों का विश्वास उन्हें आगे बढ़ने की ताकत देता था।

पद छोड़ा, लेकिन सपना अब भी वही है

साधारण परिवेश से निकलकर IIT और IIM तक पहुंचना, लंदन में ट्रेडर बनना और फिर देश की सेवा के लिए IAS में आना Mittal का सफर कई मोड़ों से गुजरा है।

अब उन्होंने 13 साल की सेवा के बाद IAS से इस्तीफा दे दिया है। हालांकि, पद छोड़ने के बावजूद उनका कहना है कि जिस भारत का सपना देखकर वह विदेश से वापस लौटी थीं, वह सपना आज भी उनके साथ है।

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Divya Mittal: कौन हैं दिव्या मित्तल जिन्होंने 13 साल करके छोड़ दी IAS की नौकरी और दिया इस्तीफा?

उत्तर प्रदेश की 2013 बैच की आईएएस दिव्या मित्तल ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। इंडियन एडमिनिस्ट्रेटिव सर्विस (आईएएस) के पद पर उन्होंने 13 सालों तक काम किया। वहीं सोशल मीडिया पर एक लंबे-चौड़े पोस्ट के जरिए उन्होंने इस बात की जानकारी दी है। अपने पोस्ट में दिव्या मित्तल ने लिखा, “आज मैंने 13 साल की इस यादगार यात्रा को अपनी इच्छा से खत्म करते हुए IAS से इस्तीफा दे दिया है।” वहीं इस पोस्ट के बाद से सोशल मीडिया पर चर्चा शुरू हो गई कि कौन है दिव्या मित्तल। दिव्या ने आईएएस ऑफिसर बनने के लिए लंदन से वापस भारत आई थी। आइए जानते हैं कौन हैं कौन है दिव्या मित्तल

कौन है दिव्या मित्तल

दिव्या मित्तल ने अपनी शुरुआती पढ़ाई दिल्ली से की है। वहीं 12वीं के बाद IIT दिल्ली में 2001 से 2005 के बीच बीटेक की डिग्री पूरी की। इसके बाद उन्होंने CAT परीक्षा पास की और IIM बेंगलुरु में MBA में प्रवेश लिया। 2005-07 के दौरान पढ़ाई पूरी होने के बाद दिव्या ने लंदन में नौकरी मिल गई। लेकिन लंदन में कुछ समय काम करने के बाद भारत लौटने का फैसला किया। इसके बाद उन्होंने UPSC सिविल सेवा परीक्षा की तैयारी शुरू की। रिपोर्ट्स के मुताबिक, पहले प्रयास में UPSC पास कर IPS सेवा हासिल की और इसके अगले प्रयास में ऑल इंडिया रैंक 68 हासिल करते हुए IAS के लिए चयनित हुईं।

देश के लिए कुछ करना था

सोशल मीडिया पर किए इमोशनल पोस्ट में दिव्या ने कहा, “आज मैंने 13 साल की इस यादगार यात्रा को अपनी इच्छा से खत्म करते हुए IAS से इस्तीफा दे दिया है। एक साधारण परिवार में पली-बढ़ी और एक अच्छे व सफल जीवन का सपना देखा था। दिन-रात मेहनत करके IIT दिल्ली और IIM बैंगलोर से पढ़ाई की और इसके बाद लंदन में नौकरी भी मिल गई। लेकिन सब कुछ हासिल करने के बाद भी मन में कुछ कमी महसूस होती थी। अपने देश से दूर रहना हमेशा खलता था।”

‘मेरी पढ़ाई, मेरा आत्मविश्वास और दुनिया में कहीं भी अपने दम पर आगे बढ़ने की ताकत, सब इसी देश की देन थी। मुझे लगा कि इस मिट्टी का कर्ज चुकाना चाहिए। मैं चाहती थी कि जिस भारत का सपना मैंने देखा है, उसे बनाने वाली ईंटों पर मेरे भी हाथों के निशान हों। इसी सोच के साथ मैं वापस भारत आई और IAS अधिकारी बनने का मौका मिला।”

हर जगह से काफी कुछ सीखने को मिला

पोस्ट में आगे कहा, “इस दौरान मुझे बहुत कुछ करने और सीखने का मौका मिला। देवरिया ने मुझे सिखाया कि सही बात के साथ खड़ा होना कोई विकल्प नहीं, बल्कि हमारी जिम्मेदारी है। मीरजापुर ने सिखाया कि ‘असंभव’ कोई सच नहीं होता, यह सिर्फ हमारी सोच हो सकती है। मां विंध्यवासिनी के चरणों में बैठकर यह समझ आया कि असली ताकत किसी पद से नहीं, बल्कि उनकी कृपा और लोगों के भरोसे से मिलती है। मेरी सबसे बड़ी सीख यह रही कि अपने लिए देखे गए सपने तो पूरे हो चुके थे, अब बारी अपने लोगों के सपनों को पूरा करने की थी। इस जीवन में सबसे ज्यादा खुशी तब मिली, जब किसी परिवार को पहली बार जमीन का अधिकार मिला, किसी दिव्यांग व्यक्ति को सम्मान के साथ जीने का मौका मिला या किसी किसान के खेत तक पानी पहुंचा। लोगों के संघर्ष में उनके साथ चलते हुए मैंने जाना कि हर सरकारी फाइल के पीछे एक इंसान होता है और उसकी गरिमा का सम्मान करना ही असली न्याय है।”

मूर्ख थी जो सोचती थी

पोस्ट में आगे कहा, “मूर्ख थी जो सोचा था कि कुछ देने आयी हूं। सच यह है कि सबसे ज्यादा मैंने ही पाया, और वो कर्ज और भी बढ़ता गया। लोगों ने मेरी खुशी में मुझसे भी ज्यादा खुश हुए। जब मैं खुद थकी या परेशान होती थी, तब भी उन्होंने मुझ पर पूरा भरोसा बनाए रखा। इसी भरोसे ने मुझे आगे बढ़ते रहने की ताकत दी। मुझे इतना प्यार, सम्मान और अपनापन मिला कि मेरी जिंदगी पूरी तरह भर गई। इस सफर में मेरे साथ काम करने वाले साथियों, अधिकारियों और कर्मचारियों का भी बड़ा योगदान रहा, जिन्होंने हर कदम पर मेरा साथ दिया और मिलकर काम किया।”

 

नम आंखों से दे रही इस्तीफा

दिव्या ने पोस्ट के आखिर में कहा, “आज दिल में आभार है और आंखें नम हैं। बस एक तस्वीर बार-बार आंखों के सामने आ रही है। लहुरिया दह की पहाड़ी की वह बुजुर्ग मां, जिसने अपने गांव में पहली बार पानी पहुंचते देखा था। उन्होंने कुछ नहीं कहा, बस कांपते हाथों से मेरे सिर पर हाथ रखकर आशीर्वाद दिया। आज मेरा पद जरूर छूट गया है, लेकिन उनका वह प्यार भरा स्पर्श मैं जिंदगी भर नहीं भूल पाऊंगी। और इस देश की मिट्टी ने जो सपना मुझे दिया है, वह भी हमेशा मेरे साथ रहेगा।”

UPSC CAPF AC result 2026: सफल उम्मीदवार पीएसटी और पीईटी के लिए करेंगे तैयारी, 15 दिनों में यूपीएससी पोर्टल पर दर्ज करें अपनी डीटेल

UPSC CAPF AC result 2026: संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) ने सेंट्रल आर्म्ड पुलिस फोर्स (असिस्टेंट कमांडेंट्स) परीक्षा, 2026 का रिजल्ट घोषित कर दिया है। यह परीक्षा 19 जुलाई 2026 को आयोजित की गई थी। इस परीक्षा में शामिल उम्मीदवार आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर जारी पीडीएफ फाइल में अपना रोल नंबर चेक कर सकते हें। जो कैंडिडेट्स लिखित परीक्षा में सफल हुए हैं, उन्हें अब फिजिकल स्टैंडर्ड्स टेस्ट (PST) और फिजिकल एफिशिएंसी टेस्ट (PET) देना होगा। शॉर्टलिस्ट किए गए उम्मीदवारों के रोल नंबर यूपीएससी द्वारा जारी ऑफिशियल रिजल्ट डॉक्यूमेंट में दिए गए हैं।

शॉर्टलिस्ट किए गए कैंडिडेट्स को क्या करना होगा

शॉर्टलिस्ट कैंडिडेट्स की उम्मीदवार अस्थायी है। आगे के चरणों के लिए विचार किए जाने से पहले उन्हें सभी पात्रता जरूरतें पूरी करनी होंगी। जो उम्मीदवार पीएसटी या पीईटी के लिए चयनित हुए हैं, उन्हें लिखित परीक्षा के 15 दिनों के अंदर आयोग के पोर्टल पर लॉग इन करना होगा। उन्हें अपनी डीटेल्स और शैक्षिक योग्यता स्टेटस अपडेट करना होगा और प्रमाण के तौर पर जरूरी दस्तावेज अपलोड करने होंगे। जो उम्मीदवार यह प्रक्रिया पूरा नहीं करेंगे, उन्हें परीक्षा के आगे के चरण में शामिल नहीं होने दिया जाएगा।

कैंडिडेट्स को अपना पता, उच्च शिक्षा प्रमाण, एम्प्लॉयमेंट या सर्विस एक्सपीरियंस, फोर्स की प्रेफरेंस, मैरिटल स्टेटस, पेरेंटल डिटेल्स और दूसरी जानकारी, जहां भी लागू हो, अपडेट करनी पड़ सकती है। इसके बाद उन्हें ऑनलाइन एप्लीकेशन फॉर्म जमा करना होगा। पहले ही सभी जरूरी जानकारी और डॉक्यूमेंट्स अपलोड कर चुके उम्मीदवारों को भी लॉग इन करना होगा, अपनी डिटेल्स चेक करनी होंगी और आखिर में ऑनलाइन आवेदन फॉर्म जमा करना होगा। उन्हें जमा किए गए फॉर्म का प्रिंटआउट भी ले लेना चाहिए, क्योंकि PST/PET स्टेज पर और पर्सनैलिटी टेस्ट या इंटरव्यू के लिए ई-समन लेटर या ई-एडमिट कार्ड बनाने के लिए इसकी जरूरत होगी।

पीएसटी और पीईटी कार्यक्रम

गृह मंत्रालय के अधीन सशस्त्र सीमा बल (SSB) को नोडल अथॉरिटी के तौर पर नामित किया गया है, शॉर्टलिस्ट किए गए कैंडिडेट्स को PST/PET की तारीख, समय और जगह के बारे में बताएगा।

जरूरी जानकारी एसएसबी भर्ती वेबसाइट पर अपलोड की जाएंगी। ई-एडमिट कार्ड भी ऑनलाइन जारी किए जाएंगे, जबकि कैंडिडेट्स को उनकी रजिस्टर्ड ईमेल आईडी के जरिए जानकारी मिलेगी। कैंडिडेट्स को सलाह दी गई है कि वे नियमित एसएसबी वेबसाइट और अपने ईमेल के स्पैम फोल्डर के साथ इनबॉक्स को चेक करते रहें।

पीएसटी के लिए आने वाले उम्मीदवारों को अपना ई-एडमिट कार्ड, आखिर में जमा किए गए डीएएफ की हार्ड कॉपी और एक वैलिड फोटो आइडेंटिटी प्रूफ जैसे आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, पासपोर्ट या वोटर आइडेंटिटी कार्ड साथ लाना होगा।