अमरनाथ यात्रा 2026: बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए पहला जत्था रवाना, PM मोदी ने श्रद्धालुओं को दिए 5 संकल्प

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Amarnath Yatra 2026 : पहलगाम और बालटाल के लिए अमरनाथ यात्रियों का पहला जत्था पवित्र गुफा के लिए निकला। हर हर महादेव और बम बम भोले के जयकारों के साथ बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए निकले श्रद्धालु। यात्रा के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी अमरनाथ यात्रियों को पत्र लिखकर कहा कि शिवभक्तों की यह यात्रा हर तरह से सुरक्षित और मंगलमय हो। उन्होंने यात्रा पर जा रहे श्रद्धालुओं को 5 संकल्प लेने को कहा। ALSO READ: Top News 3 July: अमरनाथ यात्रा के लिए उमड़ा आस्था का सैलाब, उत्तर भारत को गर्मी से राहत

 

पीएम मोदी ने पत्र में कहा कि जम्मू-कश्मीर में पवित्र अमरनाथ यात्रा में सम्मिलित होना, अपने आप में बहुत बड़ा सौभाग्य होता है। ज्येष्ठ पूर्णिमा के दिन हुई प्रथम पूजा के साथ ही भक्तों के लिए बाबा बर्फानी के दर्शन का क्रम शुरू हो जाता है। देश के कोने-कोने में श्रद्धालु इस पावन यात्रा में सम्मिलित होने के लिए तत्पर रहते हैं। हर वर्ष बाबा बर्फानी के प्रत्यक्ष दर्शन का यह अवसर, लाखों शिवभक्तों के लिए जीवन का एक अत्यंत शुभ और अविस्मरणीय अनुभव होता है। मैं इस वर्ष, यात्रा के इस अवसर पर आप सभी शिवभक्तों को अपनी हार्दिक शुभकामनाएं देता हूं।

 

बाबा अमरनाथ के दर्शन की यह यात्रा, भारत की आध्यात्मिक यात्रा परंपरा का एक शाश्वत अध्याय है। उन्होंने कहा कि हर वर्ष पूरे विश्व से सनातन संस्कृति को मानने वाले लाखों श्रद्धालु इस यात्रा में सम्मिलित होने के लिए जम्मू-कश्मीर पहुंचते हैं। अलग-अलग प्रांतों से, अलग-अलग भाषाएं बोलने वाले और विविध परंपराओं को मानने वाले लोग, महादेव के दर्शन का संकल्प लेकर इस यात्रा को पूरा करते हैं।

पीएम मोदी ने इन लोगों का अभिनंदन किया

प्रधानमंत्री ने पत्र में कहा कि बीते कई दशकों से, श्री अमरनाथजी श्राइन बोर्ड और जम्मू-कश्मीर सरकार बहुत कुशलता और सेवा भाव से यात्रा का प्रबंधन करते आ रहे हैं। इसके साथ ही, यात्रा को सुरक्षित संपन्न कराने में हमारे प्रशासन और सुरक्षाबलों की भी बहुत बड़ी भूमिका रहती है। इस वर्ष भी हजारों साथी इस दायित्व का निर्वहन कर रहे हैं। मैं इस अवसर पर भारतीय सेना, सीआरपीएफ, जम्मू-कश्मीर पुलिस, आईटीबीपी, बीएसएफ, एनडीआरएफ, स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े चिकित्सकों और कर्मियों, प्रशासन के अधिकारियों, सफाई मित्रों तथा मठों की सेवा में जुड़े हर साथी का हृदय से अभिनंदन करता हूं। इन दो महीनों के दौरान, बाबा बर्फानी के पवित्र धाम में भारत की विविधता में एकता का अद्भुत स्वरूप भी देखने को मिलता है।

बाबा बर्फानी के धाम की यह यात्रा, हमें जम्मू-कश्मीर के आतिथ्य भाव और देशभर से आए भक्तों के समर्पण का भी दर्शन कराती है। यात्रा के हर आयोजन में, जम्मू-कश्मीर के हजारों स्थानीय नागरिक श्रद्धालुओं का आत्मीय स्वागत करते हैं। देश के अलग-अलग हिस्सों से आने वाले असंख्य भक्त भी, पवित्र गुफा यात्रा मार्गों पर भंडारों और लंगरों का संचालन करते हैं। निःस्वार्थ सेवा की यह भावना, हमारी सनातन संस्कृति और 'सर्वे भवन्तु सुखिनः' के आदर्श की सजीव अभिव्यक्ति है।

 

अमरनाथ यात्रियों के लिए 5 संकल्प 

पहला संकल्प – हम अमरनाथ यात्रा के दौरान स्वच्छता के नियमों का पालन करें और पूरे यात्रा मार्ग में स्वच्छता बनाए रखने में अपना योगदान दें।

 

दूसरा संकल्प – हम प्रशासन के सभी आदेशों, यातायात के नियमों और सुरक्षा संबंधी निर्देशों का पूरी निष्ठा से पालन करें। यात्रा के दौरान बारिश की वजह से फिसलन और ठंड का विशेष ध्यान रखें।

 

तीसरा संकल्प – हम 'वोकल फॉर लोकल' की भावना से यात्रा के खर्चों का कम से कम 10 प्रतिशत उपयोग स्थानीय उत्पादों को खरीदने में करें। इससे जम्मू-कश्मीर के परिवारों और युवाओं की आजीविका को भी बल मिलेगा।

 

चौथा संकल्प – हम बाबा अमरनाथ यात्रा के समापन दिवस, अर्थात रक्षाबंधन के अवसर पर अपने भाई या बहन को एक पौधा भेंट करें और 'एक पेड़ माँ के नाम' अभियान को आगे बढ़ाएं।

 

पांचवां संकल्प – हम राष्ट्र प्रथम की भावना के साथ पूरे वर्ष अपने कर्तव्यों का ईमानदारी से पालन करें और विकसित भारत के निर्माण में अपना सक्रिय योगदान दें। मुझे विश्वास है कि बाबा अमरनाथ की दर्शन यात्रा, सनातन धर्म की आस्था, भारत की सांस्कृतिक एकता और सेवा की परंपरा का एक भव्य महोत्सव बनकर पूर्ण होगी।

 

उन्होंने कहा कि मेरी कामना है, बाबा अमरनाथ की असीम कृपा हम सभी पर बनी रहे। आपकी यात्रा सुरक्षित हो, मंगलमय हो और आपके जीवन में नई ऊर्जा, नई चेतना तथा नई आध्यात्मिक शक्ति का संचार हो।

 

बाबा बर्फानी हम सभी को अपने कर्तव्यों के प्रति और अधिक समर्पित बनाएं, ताकि हम मिलकर विकसित भारत के संकल्प को सिद्ध कर सकें।

किश्तवाड़ में बड़ा बवाल! थाने में घुसकर सेना के जवानों ने पुलिस कर्मियों से की मारपीट, 7 पर FIR दर्ज

Jammu and Kashmir Army Police Clash: जम्मू-कश्मीर पुलिस ने सेना के सात जवानों (जिनमें मेजर रैंक के एक अधिकारी भी शामिल हैं) के खिलाफ FIR दर्ज की है। जिसमें यह आरोप लगाया है कि सेना के कुछ जवानों ने किश्तवाड़ जिले के अथोली पुलिस स्टेशन में घुसकर पुलिस अधिकारियों, सरकारी अधिकारियों और स्टेशन परिसर में मौजूद कर्मचारियों के साथ मारपीट की। वहीं, सेना ने गुरुवार (25 जून 2026) को कहा कि इस मामले की जांच की जा रही है और संयुक्त जांच के आधार पर उचित कार्रवाई की जाएगी।

बता दें कि अथोली पुलिस स्टेशन में 24 जून को दर्ज FIR नंबर 17/2026 के अनुसार, यह घटना दोपहर 12 बजे से 1 बजे के बीच हुई। इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की 17 धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है, जिनमें धारा 109 (हत्या की कोशिश) और ‘सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान से बचाव अधिनियम’ की धारा 3(1) शामिल हैं।

अथोली पुलिस के SHO की शिकायत पर दर्ज हुई FIR

News18 के पास मौजूद FIR के अनुसार, यह मामला अथोली पुलिस थाने के थाना प्रभारी (SHO) की शिकायत पर दर्ज किया गया है। शिकायत में कहा गया है कि जब वह पड्डर स्थित ब्लॉक विकास कार्यालय (BDO) में जिला आयुक्त की अध्यक्षता में आयोजित एक सरकारी कार्यक्रम में शामिल थे, तभी उन्हें सूचना मिली कि पुलिस थाने के अंदर एक हिंसक घटना हुई है।

पुलिस शिकायत के अनुसार, 17 राष्ट्रीय राइफल्स के लगभग 30 से 40 आर्मी जवानों का एक ग्रुप, यूनिट के कमांडिंग ऑफिसर के कहने पर कथित तौर पर पुलिस स्टेशन के परिसर में घुस गया। इसे “पहले से तय हमला” बताया जा रहा है। FIR में कमांडिंग ऑफिसर, एक मेजर, नायब सूबेदार और अन्य लोगों के नाम शामिल हैं। पुलिस ने 30 से 40 अज्ञात आर्मी जवानों का भी जिक्र किया है, जिनकी पहचान जांच के दौरान की जानी बाकी है।

भारतीय सेना के अधिकारियों ने News18 को बताया कि मामले की जांच सही संस्थागत तरीकों से की जा रही है और भारतीय सेना कानूनी प्रक्रिया में पूरा सहयोग करेगी।

उन्होंने कहा, “यह मामला किश्तवाड़ के अथोली में स्थानीय पुलिस द्वारा दर्ज FIR से जुड़ा है। मामले की जांच सही संस्थागत तरीकों से की जा रही है। भारतीय सेना कानूनी प्रक्रिया में पूरा सहयोग करेगी।” उन्होंने यह भी कहा कि संयुक्त जांच के नतीजों के आधार पर उचित कार्रवाई की जाएगी।

लोहे की रॉड लेकर पुलिस स्टेशन में घुसे आर्मी के जवान

वहीं, भारतीय सेना ने आगे कहा कि अभी इस मामले में और कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी क्योंकि जांच चल रही है।

FIR के अनुसार, लाठी, लोहे की रॉड और सर्विस हथियारों से लैस सेना के जवान मुख्य गेट और बाउंड्री वॉल फांदकर जबरन पुलिस स्टेशन में घुस गए।

FIR में लिखा है, “पूरी तैयारी के साथ और लाठी, लोहे की रॉड, हथियार और गोला-बारूद से लैस होकर, उस ग्रुप ने मुख्य गेट और बाउंड्री वॉल फांदकर जबरन अथोली पुलिस स्टेशन के परिसर में घुसपैठ की। उनका मकसद ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों को जानलेवा चोट पहुंचाना और उनकी हत्या करना था। जबरन घुसने और हमले के बारे में पुलिस स्टेशन से कॉल मिलने पर, मैं तुरंत वापस पहुंचा।”

SHO, SDPO, ARTO के साथ सेना ने की मारपीट:

शिकायत के मुताबिक, जब SHO पुलिस स्टेशन लौटे, तो एक मेजर की अगुवाई में सेना के जवानों ने कथित तौर पर उनके साथ मारपीट की। FIR में यह भी कहा गया है कि हाथापाई के दौरान अधिकारी की वर्दी फट गई। पुलिस ने यह भी आरोप लगाया है कि सेना के जवानों ने SDPO अथोली विजय कुमार भगत और स्टेशन पर तैनात कई पुलिसकर्मियों के साथ मारपीट की।

FIR में कहा गया कि स्पेशल पुलिस ऑफिसर सुरेश कुमार की गर्दन पर राइफल के बट से वार किया गया, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आईं। बताया जा रहा है कि इस घटना में कई अन्य पुलिसकर्मी भी घायल हुए। FIR में यह भी कहा गया है कि किश्तवाड़ के असिस्टेंट रीजनल ट्रांसपोर्ट ऑफिसर (ARTO) और उनके पर्सनल सिक्योरिटी ऑफिसर, जो उस समय पुलिस स्टेशन के अंदर मौजूद थे, उन पर भी हाथापाई के दौरान हमला किया गया।

कथित हमले के अलावा, पुलिस ने आर्मी के जवानों पर सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने का आरोप भी लगाया है। शिकायत में कहा गया है कि ARTO, SHO अथोली और SDPO अथोली की सरकारी गाड़ियों में तोड़-फोड़ की गई, साथ ही घटना के दौरान पुलिस स्टेशन के मुख्य गेट को भी नुकसान पहुंचाया गया।

इन धाराओं के तहत मामला दर्ज

वहीं, इन आरोपों के आधार पर, पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धाराओं 109, 115(2), 121(1), 126(2), 132, 189(2), 190, 191(2), 191(3), 221, 324(4), 324(5), 324(6), 332(b), 351(2) और 352 के साथ-साथ ‘सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान से बचाव अधिनियम’ की धारा 3(1) के तहत मामला दर्ज किया।

हालांकि, FIR में उन हालात या वजहों का जिक्र नहीं है जिनकी वजह से सेना और पुलिसकर्मियों के बीच टकराव हुआ। इस कथित टकराव की वजह अभी साफ नहीं है।

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