Rahul Gandhi Dehradun event: राहुल गांधी के देहरादून कार्यक्रम से पहले बड़ा हादसा, कांग्रेस कार्यकर्ता की लोहे की रॉड गिरने से मौत

Rahul Gandhi Dehradun event: कांग्रेस नेता राहुल गांधी के प्रस्तावित कार्यक्रम के लिए देहरादून स्थित बन्नू स्कूल मैदान में लगाए गए टेंट की लोहे की एक छड़ गुरुवार (17 जुलाई) को गिर गई। इसकी चपेट में आने से एक कांग्रेस कार्यकर्ता की मौत हो गई। कांग्रेस की प्रदेश इकाई के उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि हादसा शाम को उस समय हुआ, जब पार्टी कार्यकर्ता अमर मेहता (65) टेंट के नीचे खड़े होकर व्यवस्थाओं की देखरेख कर रहे थे। इसी दौरान टेंट की लोहे की छड़ उनके ऊपर गिर गई।

उन्होंने बताया कि हादसे में मेहता के सिर पर गंभीर चोट आई। उन्हें तत्काल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। बन्नू स्कूल मैदान में शुक्रवार 17 जुलाई को राहुल गांधी का ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम प्रस्तावित है, जहां वह पेपर लीक सहित अनेक मुद्दों पर छात्रों से संवाद करेंगे।

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, जब मजदूर कार्यक्रम स्थल पर लोहे का ढांचा तैयार कर रहे थे, तभी ढांचे की एक भारी रॉड अचानक अमर मेहता के सिर पर गिर गई। इससे उनके सिर में गंभीर चोट आई और बहुत अधिक खून बहने लगा। वहां मौजूद लोग उन्हें तुरंत एक प्राइवेट अस्पताल ले गए, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।

कांग्रेस के सक्रिय कार्यकर्ता थे मेहता

मेहता कई दशकों से कांग्रेस के सक्रिय कार्यकर्ता थे। उनके बेटे भी पार्टी की युवा शाखा ‘इंडियन यूथ कांग्रेस’ से जुड़े हैं। ‘आज तक’ से बात करते हुए उत्तराखंड कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने मेहता की मौत पर गहरा दुख जताया। उन्होंने कहा, “यह बेहद दुखद घटना है… उनका बहुत ज्यादा खून बह गया था। डॉक्टरों ने उन्हें बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन दुर्भाग्य से वे उन्हें बचा नहीं सके।” यह जानलेवा घटना राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम की तैयारियों के दौरान हुई, जो शुक्रवार, 17 जुलाई को शहर के एक स्कूल मैदान में होना तय है।

कार्यक्रम तय समय पर ही होगा

गोदियाल ने साफ किया कि राहुल गांधी का कार्यक्रम तय समय पर ही होगा। हालांकि, उन्होंने कहा कि इसे सादगी और संयम के साथ आयोजित किया जाएगा। राज्य कांग्रेस प्रमुख ने यह भी कहा कि राहुल गांधी छात्रों को संबोधित करेंगे। उसके बाद राहुल के मेहता के परिवार से उनके घर जाकर संवेदना व्यक्त करने की भी संभावना है। ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम कांग्रेस पार्टी ने राहुल गांधी और छात्रों के बीच बातचीत के लिए आयोजित किया है, जिसमें पेपर लीक होने जैसे मुद्दों पर चर्चा होगी।

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Congress vs Tharoor: शशि थरूर के कश्मीर दौरे पर विवाद, कांग्रेस के भीतर आपसी झगड़े सबके सामने आए

Congress vs Tharoor: कांग्रेस नेता शशि थरूर ने हाल ही में जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा से उनके सरकारी आवास पर भेंट की। तिरुवनंतपुरम से लोकसभा सदस्य शशि थरूर के हालिया कश्मीर दौरे ने उनकी पार्टी कांग्रेस के साथ एक और विवाद खड़ा कर दिया है। कांग्रेस की जम्मू-कश्मीर इकाई ने इस बात के लिए उनकी आलोचना की है कि उन्होंने अपनी पार्टी के सहयोगियों से मुलाकात नहीं की, जबकि उन्होंने उप-राज्यपाल मनोज सिन्हा से मुलाकात की थी।

शशि थरूर ने रविवार को कहा कि जम्मू-कश्मीर के अपने दौरे के दौरान उन्हें सकारात्मक चीजें महसूस हुईं। इस केंद्र शासित प्रदेश में हालात सामान्य होने की दिशा में उत्साहजनक प्रगति हुई है। ‘नालंदा डायलॉग्स’ के लिए श्रीनगर पहुंचे थरूर ने लोक भवन में जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा से मुलाकात के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट में ये बातें कहीं।

कांग्रेस सांसद ने कहा, “श्रीनगर में! आज लोक भवन में उपराज्यपाल मनोज सिन्हा के साथ एक बेहतरीन बैठक का सौभाग्य मिला। हमने राज्य के हालात और सामान्य स्थिति की ओर बढ़ रही उत्साहजनक प्रगति पर चर्चा की।’’ उन्होंने कहा कि लोक भवन के दौरे पर उन्होंने सकारात्मक पहल देखी।

उन्होंने आगे कहा, “जब मैं वहां पहुंचा, तो वह (सिन्हा) कश्मीरी लेखक संघ और महिला संगठन की अध्यक्ष से बातचीत कर रहे थे, जो एक सकारात्मक पहल है, जिसका मैंने स्वागत किया। अब भी कई चुनौतियां हैं और बहुत कुछ किया जाना बाकी है, लेकिन बैठक के बाद मुझे सकारात्मकता का अहसास हुआ।”

कांग्रेस हुई आगबबूला

कांग्रेस की J&K यूनिट ने इस बात पर निराशा जताई कि थरूर ने कश्मीर के लोगों या अपनी पार्टी के साथियों से मुलाकात नहीं की। JKPCC के प्रवक्ता रविंदर शर्मा ने थरूर की X पोस्ट के जवाब में लिखा, “कश्मीर के लोग भी उम्मीद कर रहे थे कि आप उनसे मिलेंगे ताकि जमीनी हकीकत को बेहतर ढंग से समझ सकें। कम से कम आप उन पार्टी कार्यकर्ताओं से मिलने के लिए थोड़ा समय तो निकाल सकते थे जो उस राज्य का दर्जा वापस पाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं, जिसे 7 साल पहले हमसे छीन लिया गया था।”

यह घटनाक्रम थरूर और उनकी अपनी पार्टी के बीच हुई तनातनी के ठीक बाद सामने आया है। कांग्रेस ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ बातचीत की पृष्ठभूमि में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ करने को लेकर शनिवार को अपने नेता शशि थरूर की आलोचना की। कांग्रेस ने कहा कि पार्टी सांसद द्वारा प्रधानमंत्री के लिए प्रशंसा अब मानो भौतिक दुनिया की सीमाओं से भी आगे निकल गई है।

पार्टी के मीडिया विभाग के प्रमुख पवन खेड़ा ने यह कटाक्ष भी किया कि अब वे शायद वह भी सुन सकते हैं, जो प्रधानमंत्री मोदी ने कहा ही नहीं। थरूर ने इस पर सफाई देते हुए कहा कि उनका बयान भारतीय नाविकों की सुरक्षा से जुड़ा था। लेकिन इसे दलगत विवाद में बदल दिया गया।

थरूर ने क्या कहा था?

दरअसल, शशि थरूर ने एक बयान में कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने भारतीय नाविकों की सुरक्षा को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप को भारत की चिंताओं से अवगत कराया। साथ ही इस बात को मजबूती से रखा कि युद्ध के समय कमर्शियल नाविकों को निशाना नहीं बनाया जाना चाहिए।

खेड़ा ने एक्स पर पोस्ट किया, “मेरे वरिष्ठ सहयोगी डॉ. शशि थरूर की प्रधानमंत्री मोदी के प्रति प्रशंसा अब मानो भौतिक दुनिया की सीमाओं से भी आगे निकल गई है। अब वह शायद उसे भी सुन सकते हैं, जो मोदी ने कहा ही नहीं।”

उन्होंने कहा, “जी-7 शिखर सम्मेलन के दौरान मोदी-ट्रंप बैठक पर भारतीय विदेश मंत्रालय की आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, ओमान की खाड़ी में अमेरिका द्वारा तीन भारतीय नाविकों की निर्मम हत्या का कोई उल्लेख नहीं है।”

खेड़ा का कहना है कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के बाद यह मोदी–ट्रंप की पहली मुलाकात थी। फिर भी कहीं यह संकेत नहीं मिलता कि प्रधानमंत्री मोदी ने ट्रंप के उस बार-बार दोहराए गए दावे का प्रतिवाद किया कि उन्होंने भारत को व्यापार की धमकी देकर युद्धविराम कराया।

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