हनुमान अंश box office collection: नीम करौली बाबा की मूवी की छप्परफाड़ कमाई, बजट से 28 गुना पर पहुंची

Hanuman Ansh Day 26 Collection: फिल्ममेकर विशाल चतुर्वेदी की फिल्म ‘हनुमान अंश’, जो नीम करौली बाबा की जिंदगी पर आधारित है, को थिएटर्स में दूसरे हफ्ते में दर्शकों की संख्या में अचानक बढ़ोतरी देखने को मिली। यह फिल्म ₹2 करोड़ से कम के बजट में बनी है। इसने मंगलवार तक भारत में ₹57.54 करोड़ की कमाई कर ली है, जो इसके बताए गए बजट का 28 गुना से ज़्यादा है।

फिल्ममेकर विशाल चतुर्वेदी की फिल्म ‘हनुमान अंश’, जो नीम करोली बाबा के जीवन पर आधारित है, ने सिनेमाघरों में अपने दूसरे हफ्ते के दौरान अचानक अच्छी कमाई करना शुरू कर दिया। यह फिल्म करीब 2 करोड़ रुपये से कम के बजट में बनी है। वहीं, फिल्म ने मंगलवार तक भारत में 57.54 करोड़ रुपये की कमाई कर ली है। यानी फिल्म अपने बजट से 28 गुना से ज्यादा कमाई कर चुकी है।

हनुमान अंश बॉक्स ऑफिस कलेक्शन डे 26

26वें दिन, यानी मंगलवार को, ‘हनुमान अंश’ ने भारत में 4,638 शोज में ₹3.15 करोड़ का नेट कलेक्शन किया, जिससे इसकी कुल घरेलू कमाई ₹48.78 करोड़ हो गई। हालांकि, ये रियल-टाइम अपडेट्स हैं और इनमें बदलाव हो सकता है। फाइनल आंकड़े नाइट शोज के बाद आएंगे। इस डिवोशनल फिल्म के कलेक्शन में मंगलवार को गिरावट देखी गई, और इसने भारतीय बॉक्स ऑफिस पर ₹57.54 करोड़ की कमाई की।

‘हनुमान अंश’ 2026 की बॉक्स ऑफिस सरप्राइज फिल्म बनी

‘हनुमान अंश’ बॉक्स ऑफिस पर एक सरप्राइज हिट साबित हुई है। इसकी कमाई में तीसरे और चौथे हफ्ते में सबसे ज्यादा तेजी देखी गई। पहले हफ्ते में ₹1.08 करोड़ और दूसरे हफ्ते में ₹0.40 करोड़ की मामूली कमाई के बाद, फिल्म ने तीसरे हफ्ते में जबरदस्त उछाल दिखाया और ₹10.40 करोड़ कमाए। चौथे हफ्ते में कमाई की रफ्तार और बढ़ी। फिल्म ने शुक्रवार को ₹6.25 करोड़, शनिवार को ₹9.25 करोड़ और रविवार को ₹12.75 करोड़ कमाए, जो एक दिन की सबसे ज्यादा कमाई थी। वीकेंड के बाद कमाई में थोड़ी गिरावट के बावजूद, इसने अच्छा बिजनेस किया और सोमवार को ₹5.50 करोड़ कमाए।

फिल्म के बारे में

‘हनुमान अंश’ में शोभिनव सत्या, विहान शेडगे, चंदन के आनंद, पूर्णिमा तिवारी, अनिल रस्तोगी और गुलशन पांडे मुख्य भूमिकाओं में हैं। इसे डायरेक्टर विशाल चतुर्वेदी ने लिखा है। सिनेमैटोग्राफी विशाल बावा ने की है, जबकि एडिटिंग शंख राज्याध्यक्ष ने की है। साधु तिवारी, ऋषि पाठक, श्रेयस धर्माधिकारी, सुनील लोधी, धीरेंद्र मुल्कलवार और विशाल चतुर्वेदी ने फिल्म का संगीत तैयार किया है।

फिल्म की आधिकारिक कहानी इस प्रकार है: “कंबल, आश्रम और दुनिया भर में मिली शोहरत से पहले, अपनी गुजर चुकी मां की तलाश में निकला एक दुखी बच्चा भगवान राम से मिलता है। कुछ कहानियां सिर्फ प्रेरित नहीं करतीं, वे पीढ़ियों के लिए मार्गदर्शन का काम करती हैं। भारत की संत परंपरा पर आधारित यह फिल्म आस्था, विनम्रता, सेवा और असीम प्रेम की यात्रा को जीवंत करती है।”

डिस्क्लेमर: यहां दी गई सभी जानकारी Sacnilk.com से ली गई है।

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Kashmiri Pandits: दशकों बाद कश्मीर में लौटी उम्मीद! शोपियां में कश्मीरी पंडितों ने रखी राम मंदिर की नींव, लोगों की यादों से जुड़ा है पूरा इतिहास

Kashmiri Pandits News: कश्मीर घाटी से विस्थापन के दशकों बाद कश्मीरी पंडित समुदाय ने शनिवार (29 अगस्त) को शोपियां के एक मोहल्ला में राम मंदिर के पुनर्निर्माण की दिशा में बड़ा कदम उठाया। यहां समुदाय के सैकड़ों लोग एकत्र हुए और पारंपरिक धार्मिक अनुष्ठान के बाद भगवान राम मंदिर की आधारशिला रखी। यह कार्यक्रम कश्मीरी पंडितों के लिए धार्मिक आस्था के साथ-साथ अपनी पुरानी जड़ों और विरासत से जुड़ने का बेहद भावुक क्षण रहा।

दशकों तक विस्थापन झेलने के बाद, कश्मीरी पंडितों ने पारंपरिक पूजा और हवन के साथ जम्मू-कश्मीर के शोपियां के टाक मोहल्ले में ऐतिहासिक राम मंदिर के पुनर्निर्माण की नींव रखी। 1989 में आगजनी से क्षतिग्रस्त और बाद में अतिक्रमण का शिकार हुई इस जगह को स्थानीय प्रशासन की कोशिशों से समुदाय को वापस सौंपा गया। जबकि पुरातत्व और विरासत विभाग ने पुनर्निर्माण के लिए फंड मंजूर किया।

समुदाय और स्थानीय निवासियों ने इस पहल को सिर्फ एक मंदिर के निर्माण के तौर पर नहीं। बल्कि कश्मीरी पंडितों की कश्मीर घाटी में वापसी, उनकी सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत के पुनरुद्धार और कश्मीर की साझा सांस्कृतिक पहचान की बहाली की उम्मीद के प्रतीक के तौर पर देखा।

1989 में जला दिया गया था राम मंदिर

इस मंदिर का इतिहास कश्मीर के बेहद संवेदनशील दौर से जुड़ा हुआ है। साल 1989 में घाटी में उग्रवाद के दौर के बीच शोपियां में मौजूद राम मंदिर को जला दिया गया था। इसके बाद मंदिर की जमीन पर कथित तौर पर अतिक्रमण भी किया गया। समय बीतने के साथ कश्मीरी पंडितों का बड़े पैमाने पर घाटी से विस्थापन हुआ। इसके बाद यह धार्मिक स्थल भी समुदाय की स्मृतियों का हिस्सा बनकर रह गया। लेकिन अब करीब साढ़े तीन दशक बाद अब उसी जमीन पर मंदिर के पुनर्निर्माण की प्रक्रिया शुरू हुई है।

सैकड़ों लोग हुए धार्मिक कार्यक्रम में शामिल

राम मंदिर की आधारशिला रखने के कार्यक्रम में कश्मीरी पंडित समुदाय के सैकड़ों सदस्य शामिल हुए। इस दौरान पारंपरिक धार्मिक अनुष्ठान किया गया। राम मंदिर के पुनर्निर्माण की औपचारिक शुरुआत की गई। कार्यक्रम में मौजूद लोगों के लिए यह केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं था। बल्कि उन पुरानी यादों से दोबारा जुड़ने का अवसर था, जो विस्थापन के कारण उनसे दूर हो गई थीं।

प्रशासन की पहल से पुनर्निर्माण का रास्ता साफ

राम मंदिर के पुनर्निर्माण के लिए प्रशासन की ओर से भी महत्वपूर्ण पहल की गई है। इंडिया टुडे के मुताबिक, पुरातत्व एवं विरासत विभाग ने अपनी विरासत संरक्षण पहल के तहत इस परियोजना के लिए धनराशि स्वीकृत की है। इस कदम से शोपियां के इस पुराने धार्मिक स्थल को दोबारा विकसित करने और क्षेत्र की ऐतिहासिक एवं धार्मिक विरासत को संरक्षित करने में मदद मिलने की उम्मीद है।

‘यह सिर्फ मंदिर का निर्माण नहीं, हमारी जड़ों से जुड़ने का प्रयास’

कार्यक्रम में शामिल कुछ कश्मीरी पंडितों ने कहा कि यह मंदिर उनके लिए केवल ईंट-पत्थर से बनने वाली कोई इमारत नहीं है। यह शोपियां के साथ उनके पैतृक संबंध, उनकी धार्मिक आस्था और कश्मीर की सामाजिक-सांस्कृतिक पहचान में समुदाय की मौजूदगी की याद है। उनका कहना था कि मंदिर का दोबारा निर्माण उस विरासत को पुनर्जीवित करने की कोशिश है। इससे कश्मीरी पंडित विस्थापन के कारण लंबे समय से दूर रहे हैं।

स्थानीय लोगों ने भी किया स्वागत

मंदिर के पुनर्निर्माण की पहल का स्थानीय निवासियों ने भी स्वागत किया है। लोगों का कहना है कि कश्मीरी पंडित कश्मीर के इतिहास, संस्कृति और साझा विरासत का अभिन्न हिस्सा हैं। स्थानीय लोगों के मुताबिक, समुदाय से जुड़े पुराने धार्मिक स्थलों का पुनरुद्धार घाटी की साझी और समावेशी सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करने में योगदान दे सकता है।

एक स्थानीय निवासी ने न्यूज एजेंसी IANS से कहा, “दशकों पहले यहां एक मंदिर हुआ करता था। लेकिन धीरे-धीरे वह जर्जर हो गया। फिर उसका अस्तित्व खत्म हो गया। लेकिन अब हालात बेहतर हुए हैं। सरकार ने इसे फिर से बनाने की पहल की है। स्थानीय लोगों और प्रशासन ने इसके लिए बहुत मेहनत की है। आज यहां मंदिर का पुनर्निर्माण हो रहा है। हम इस प्रयास की सराहना करते हैं।”

अन्य लोगों ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि करीब 35 साल से अधिक समय बाद शोपियां में राम मंदिर की आधारशिला रखा जाना कश्मीरी पंडितों के लिए सिर्फ एक निर्माण कार्य की शुरुआत नहीं। बल्कि विस्थापन, पीड़ा और पुरानी यादों के बीच अपनी जड़ों की ओर लौटने की उम्मीद का प्रतीक बन गया है।

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राम की बडी बहन माता शांता की राखी अयोध्या से राष्ट्रपति, पीएम और सीएम को भेजी

राम की बडी बहन माता शांता की राखी अयोध्या से राष्ट्रपति, पीएम और सीएम को भेजी

Ayodhya Rakhi Mata Shanta: अयोध्या में भगवान श्रीराम की बड़ी बहन माता शांता की ओर से श्रृंगी ऋषि सेवा संस्थान के माध्यम से राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सहित देश के कई विशिष्ट दिग्गजों को विशेष राखियां भेजी गई हैं। इन राखियों को केले के तने, रेशमी धागे और भागलपुर की कला का उपयोग करके तैयार किया गया है।                                

राखी की मुख्य विशेषताएं

  • विशिष्ट जनों को प्रेषित : राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, पीएम नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह, रक्षामंत्री राजनाथसिंह, यूपी की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और सीएम योगी आदित्यनाथ को यह रक्षा सूत्र भेजा गया है।
  • वैदिक मंत्रोच्चार: साकेत भवन के महंत सीताराम दास ने इन सभी राखियों को वैदिक मंत्रों के साथ अभिमंत्रित किया है।
  • खास सामग्री : इस बार की राखियां मुख्य रूप से केले के तने के धागे, रेशम, मखाने और भागलपुरी पेंटिंग की कला का उपयोग करके बनाई गई हैं, जिन्हें मधुबनी की अंजलि सिंह के सहयोग से तैयार किया गया है।
  • भगवान राम को अर्पण : देश के प्रमुख नेताओं और गणमान्य लोगों तक रक्षा सूत्र पहुंचाने के बाद, माता शांता की ओर से भेजी गई यह पावन राखी अयोध्या में भगवान श्रीरामलला को भी अर्पित की गईं। 

क्या है धार्मिक मान्यता?

पौराणिक कथाओं के अनुसार माता शांता राजा दशरथ की पुत्री और भगवान श्रीराम की बड़ी बहन थीं, जिनका विवाह श्रृंगी ऋषि के साथ हुआ था। इसी धार्मिक और सांस्कृतिक परंपरा का निर्वाह करते हुए हर साल रक्षाबंधन के अवसर पर माता शांता के धाम/आश्रम की तरफ से यह रक्षा सूत्र भेजने की परंपरा निभाई जाती है। 

 

श्रृंगी ऋषि सेवा संस्थान के अध्यक्ष सुभाष सिंह ने बताया कि साकेत भवन के महंत सीताराम दास ने पूर्ण विधि-विधान और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ इन विशेष राखियों को अभिमंत्रित किया है। प्राचीन परंपरा और भ्रातृ-स्नेह को जीवंत रखने के लिए संस्थान हर वर्ष यह रक्षा सूत्र भेजता है।

Ramayana: ग्लोबल रिलीज के दो दिन बाद भारत में दिखाई जाएगी ‘रामायणम्’? प्रोड्यूसर नमित मल्होत्रा ​​का बड़ा खुलासा

Ramayana: नितेश तिवारी की ‘रामायण’ का इंग्लिश ट्रेलर इस हफ्ते की शुरुआत में रिलीज हुआ, जबकि भारतीय भाषाओं में इसके ट्रेलर कुछ दिन पहले ही आ चुके थे। इंग्लिश-डब ट्रेलर में पहली बार फ़िल्म की रिलीज़ की सही तारीख बताई गई- 6 नवंबर। अब तक मेकर्स ने कहा था कि फ़िल्म दिवाली पर रिलीज़ होगी, लेकिन कोई पक्की तारीख नहीं बताई थी। हालांकि, प्रोड्यूसर नमित मल्होत्रा ​​ने अब इशारा किया है कि फ़िल्म दुनिया भर में अलग-अलग समय पर रिलीज़ हो सकती है। रणबीर कपूर और यश स्टारर यह फ़िल्म अपनी ग्लोबल रिलीज़ के दो दिन बाद भारत में रिलीज़ हो सकती है।

रामायणम् की रिलीज डेट के बारे में जानकारी

मुंबई में दादा साहब फाल्के चित्रनगरी में अपने ‘प्राइम फोकस स्टूडियो – फेज़ 1’ के उद्घाटन के मौके पर नमित मल्होत्रा ​​ने NDTV से बात की। उन्होंने फिर से कहा, “यह (रामायण) भारत में दिवाली पर रिलीज़ होगी।” इस साल दिवाली 8 नवंबर को है, जो फिल्म की तय ग्लोबल रिलीज़ के दो दिन बाद है। जब उनसे इन दो तारीखों को लेकर कन्फ्यूजन के बारे में पूछा गया, तो नमित ने कहा, “हम इसे इंटरनेशनल लेवल पर (6 नवंबर को) रिलीज कर रहे हैं क्योंकि इंटरनेशनल डिस्ट्रीब्यूशन शुक्रवार के हिसाब से काम करता है, जो 6 नवंबर है। लेकिन भारत में, अभी हम दिवाली पर रिलीज़ करने का प्लान बना रहे हैं।”

मौजूदा स्थिति के अनुसार, ‘रामायण पार्ट वन’ दुनिया भर में शुक्रवार, 6 नवंबर को रिलीज़ हो सकती है और इसके दो दिन बाद रविवार को भारत में बड़े पैमाने पर रिलीज़ हो सकती है, जिस दिन दिवाली भी है।

रामायणम् के ट्रेलर पर नमित मल्होत्रा ​​की प्रतिक्रिया

रामायण के ट्रेलर ने ऑनलाइन काफी चर्चा बटोरी है और हर तरफ से इस पर प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। इस बारे में बात करते हुए नमित ने ANI को बताया, “ट्रेलर पिछले हफ्ते रिलीज हुआ था और मुझे लगता है कि इसने पांच दिनों में एक अरब से ज्यादा व्यूज हासिल कर लिए, जो भारत के लिए एक शानदार पल है। दुनिया भर के लोगों से हमें जो प्यार मिला है, मैं सच में उसकी सराहना करता हूं। अब हमारी कोशिश इसे दुनिया भर में ले जाने की है, जैसा कि हम सोनी पिक्चर्स के साथ अपनी साझेदारी के जरिए कर रहे हैं। हम यह सुनिश्चित करने की उम्मीद कर रहे हैं कि रामायण अब एक बड़ी ग्लोबल फिल्म के तौर पर रिलीज हो।”

रामायणम् के बारे में

नितेश तिवारी के निर्देशन में बनी रामायण, वाल्मीकि के महाकाव्य का दो-भागों वाला रूपांतरण है। फिल्म में रणबीर कपूर भगवान राम की भूमिका में हैं, यश रावण के रोल में हैं और साई पल्लवी सीता के किरदार में हैं। इनके अलावा, फिल्म में रवि दुबे, सनी देओल, अरुण गोविल, लारा दत्ता, रकुल प्रीत सिंह, विवेक ओबेरॉय और कुणाल कपूर जैसे कई कलाकार शामिल हैं। पहला भाग इस साल नवंबर में रिलीज होगा, जबकि दूसरा भाग अगले साल दिवाली से पहले रिलीज होने वाला है।

Pappu Yadav Update: सांसद पप्पू यादव पर हमला करने के इस आरोपी हैप्पी शर्मा के बारे में अबतक क्या-क्या पता चला, जानिए कौन है ये शख्स

Pappu Yadav Update: निर्दलीय सांसद पप्पू यादव के दिल्ली स्थित आवास पर रविवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान हुए हंगामे और धक्का-मुक्की के मामले में पुलिस ने दो लोगों को हिरासत में लिया है। इनमें से एक आरोपी की पहचान उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर निवासी हैप्पी शर्मा के रूप में हुई है। घटना के बाद सांसद पप्पू यादव ने अपने ऊपर जानलेवा हमले और आरोपियों के पास चाकू होने का आरोप लगाया था जबकि आरोपी हैप्पी शर्मा ने इन दावों को पूरी तरह खारिज करते हुए अपना पक्ष रखा है।

कौन है हैप्पी शर्मा और क्यों आया था दिल्ली?

एएनआई के साथ बातचीत में हैप्पी शर्मा ने बताया है कि वो उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर का रहने वाला है। घटना के वक्त उसके साथ उसका दोस्त सुमित गिरी गोस्वामी भी मौजूद था, जो बुलंदशहर के ही सेहपानी गांव का निवासी है। हैप्पी शर्मा के मुताबिक, वह और उसका दोस्त बुलंदशहर से दिल्ली में साधु-संतों के एक विरोध-प्रदर्शन में शामिल होने और उनका समर्थन करने आए थे। जब वे धरना स्थल पहुंचे तो वहां से संतों को हटाया जा चुका था। इसके बाद उन्होंने सांसद पप्पू यादव से मिलकर सवाल पूछने का फैसला किया।

हैप्पी शर्मा ने पुलिस और मीडिया को बताया कि उसने खबरों में देखा था कि सांसद पप्पू यादव साधु-संतों, सनातन धर्म, भगवा वस्त्रों और पूज्य देवी-देवताओं को लेकर कथित तौर पर आपत्तिजनक और अपमानजनक टिप्पणियां करते हैं। आरोपी का कहना है कि वह और उसका साथी सिर्फ सांसद से यह कहने गए थे कि वे भगवान राम और संतों का अपमान करना तथा ऐसी बयानबाजी बंद करें। वे वहां किसी तरह का हमला करने या हिंसा करने की नीयत से नहीं गए थे।

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान हंगामे और मारपीट का पूरा वाकया

घटना उस समय हुई जब पप्पू यादव अपने दिल्ली आवास पर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित कर रहे थे। हैप्पी शर्मा का दावा है कि सांसद आवास में प्रवेश करने से पहले मुख्य द्वार पर उनकी बाकायदा सुरक्षा जांच हुई थी। उनके पास कोई हथियार या आपत्तिजनक सामान नहीं था, इसलिए उन्हें अंदर जाने दिया गया।

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने सांसद से साधु-संतों के अपमान और सांसद अवधेश प्रसाद के चरणों में झुकने को लेकर सवाल किया, जिससे वहां कहासुनी और बहस शुरू हो गई। हैप्पी शर्मा का दावा है कि सिर्फ सवाल पूछने पर पप्पू यादव और उनके समर्थकों ने उन पर हमला कर दिया और उन्हें बहुत बेरहमी से पीटा। हैप्पी शर्मा के अनुसार समर्थकों द्वारा उनके साथ मारपीट किए जाने के बाद ही चप्पलें फेंकी गई थीं।

चाकू और जानलेवा हमले के दावों पर दी सफाई

सांसद पप्पू यादव और उनके समर्थकों द्वारा लगाए गए चाकू से हमले के आरोपों पर सफाई देते हुए हैप्पी शर्मा ने कहा कि गेट पर चेकिंग होने के कारण अंदर कोई हथियार ले जाना मुमकिन ही नहीं था। उसने कहा कि पूरी घटना पत्रकारों के सामने हुई और लाइव कवरेज हो रही थी, इसलिए चाकू होने का सवाल ही नहीं उठता। उसने आरोप लगाया कि उन्हें झूठे मामले में फंसाने की कोशिश की जा रही है। घटना की सूचना मिलने पर दिल्ली पुलिस ने तुरंत मौके पर पहुंचकर दोनों युवकों को हिरासत में ले लिया। सुमित को पुलिस थाने ले जाया गया जबकि पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है।

संसद में राम मंदिर दान चोरी वाले ‘प्रदर्शन’ पर घिरे राहुल गांधी और पप्पू यादव, वाराणसी में FIR

वाराणसी में संत समाज की शिकायत पर कांग्रेस नेता राहुल गांधी, सांसद पप्पू यादव और सांसद अवधेश प्रसाद के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है। यह मामला संसद के बाहर राम मंदिर के चढ़ावे की कथित चोरी को लेकर किए गए विरोध प्रदर्शन और उससे जुड़ी टिप्पणियों के संबंध में दर्ज किया गया है। संत समाज का आरोप है कि संसद में इस मुद्दे को जिस तरह उठाया गया, उससे सनातन धर्म की भावनाएं आहत हुई हैं। उनका कहना है कि धर्म का अपमान किसी भी हालत में स्वीकार नहीं किया जाएगा।

राम मंदिर दान चोरी वाले ‘प्रदर्शन’ पर घिरे 

काशी जोन के पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) गौरव बंसवाल ने बताया कि कोतवाली थाने में इस मामले में शिकायत दर्ज की गई है। शिकायत में सोशल मीडिया पर वायरल कुछ वीडियो का भी जिक्र किया गया है। आरोप है कि इन वीडियो में पप्पू यादव साधु के वेश में नजर आ रहे हैं और ऐसी हरकतें कर रहे हैं, जिन्हें शिकायतकर्ता सनातन धर्म का अपमान बता रहे हैं। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

वाराणसी में FIR

काशी जोन के पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) गौरव बंसवाल ने बताया कि मिली शिकायत के आधार पर मामला दर्ज किया जा रहा है और जांच के बाद आगे कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यह मामला शुक्रवार को संसद के मानसून सत्र के दौरान हुए विरोध प्रदर्शन से जुड़ा है। उस समय इंडिया गठबंधन के सांसदों ने संसद परिसर में अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे और दान के इस्तेमाल में कथित गड़बड़ी के आरोपों को लेकर प्रदर्शन किया था।

विपक्षी सांसदों ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से इस मुद्दे पर जवाब देने की मांग की। साथ ही उन्होंने हाल ही में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर भी सरकार से जवाब मांगा। प्रदर्शन के दौरान सांसदों ने “चंदा चोर, गद्दी छोड़”, “जवाब देना होगा” और “अमित शाह, सदन में आओ” जैसे नारे लगाए। इस दौरान पूर्णिया से सांसद पप्पू यादव भगवा कपड़े पहनकर प्रदर्शन में शामिल हुए। उनके हाथ में भगवान राम की तस्वीर थी और उन्होंने प्रतीकात्मक रूप से मंदिर के पुजारी का रूप धारण कर चढ़ावा इकट्ठा करने का प्रदर्शन किया।

रामायणम्: पार्ट 1 का ट्रेलर रिलीज

नमित मल्होत्रा की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘रामायणम्: पार्ट 1’ का आधिकारिक ट्रेलर गुरुवार को दुनिया भर में रिलीज़ कर दिया गया। हिंदी, कन्नड़, तेलुगु, तमिल और मलयालम सहित पांच भारतीय भाषाओं में जारी ट्रेलर में राम और रावण के बीच होने वाले महायुद्ध की भव्य झलक दिखाई गई है।

नितेश तिवारी के निर्देशन में बनी यह फिल्म प्राइम फोकस स्टूडियोज़, डीएनईजी और मॉन्स्टर माइंड क्रिएशंस के सहयोग से तैयार की गई है। फिल्म दिवाली 2026 पर विश्वभर के सिनेमाघरों में रिलीज़ होगी। इसके वैश्विक वितरण की जिम्मेदारी सोनी पिक्चर्स संभालेगी, जबकि उत्तर भारत में इसका वितरण धर्मा प्रोडक्शंस करेगा।

फिल्म में रणबीर कपूर भगवान राम, साई पल्लवी माता सीता और पैन इंडिया स्टार यश रावण की भूमिका में नजर आएंगे। कलाकारों की टोली में अरुण गोविल, लारा दत्ता, रवि दुबे, अजिंक्य देव, कुणाल कपूर और रकुल प्रीत सिंह भी शामिल हैं।

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फिल्म की कहानी भगवान विष्णु के राम अवतार, उनके वनवास और रावण के साथ होने वाले धर्म-अधर्म के संघर्ष पर आधारित है। निर्माताओं के अनुसार यह दो भागों में बनने वाली एक भव्य सिनेमाई प्रस्तुति है, जिसका उद्देश्य भारतीय संस्कृति और विरासत को वैश्विक दर्शकों तक पहुंचाना है।

फिल्म की पटकथा श्रीधर राघवन ने लिखी है, जबकि संगीत ऑस्कर विजेता हांस ज़िमर और ए.आर. रहमान ने तैयार किया है। फिल्म में अत्याधुनिक विजुअल इफेक्ट्स और अंतरराष्ट्रीय स्तर की तकनीक का उपयोग किया गया है।

निर्माता नमित मल्होत्रा ने कहा कि रामायण केवल एक महागाथा नहीं बल्कि भारतीय संस्कृति और जीवन का अभिन्न हिस्सा है। उन्होंने कहा कि इस फिल्म के माध्यम से भारत की सांस्कृतिक धरोहर को वैश्विक मंच पर भव्यता के साथ प्रस्तुत करने का प्रयास किया गया है।

निर्देशक नितेश तिवारी ने कहा कि रामायण विश्व की महानतम कहानियों में से एक है और इसे पूरी श्रद्धा, प्रामाणिकता तथा सम्मान के साथ पर्दे पर उतारना उनकी सबसे बड़ी जिम्मेदारी रही है।

Pic Credit : ANI

Ramayana Trailer: ‘रामायणम्’ का ट्रेलर हुआ रिलीज, राम-सीता को देख इमोशनल हुए लोग, रावण ने जीता फैंस का दिल

Ramayana Trailer: महाकाव्य पर आधारित नितेश तिवारी की फिल्म ‘रामायणम्’ का ऑफिशियल ट्रेलर आज ब्रह्म मुहूर्त के मौके पर जारी किया गया। ट्रेलर में इस महाकाव्य की दुनिया की झलक दिखाई गई है, जिसमें रणबीर कपूर भगवान राम के रूप में स्क्रीन पर छाए हुए हैं। इसमें पहली बार साई पल्लवी के सीता वाले किरदार को भी दिखाया गया है। ट्रेलर में रणबीर के भगवान राम और यश के रावण के बीच होने वाली टक्कर पर भी फोकस किया गया है।

ट्रेलर में भगवान हनुमान का कोई जिक्र या सीन नहीं है, शायद उन्हें दूसरे भाग के लिए बचाकर रखा गया है। इस फिल्म के म्यूजिक के लिए ऑस्कर विजेता ए.आर. रहमान और हैंस जिमर पहली बार साथ आए हैं, जबकि विज़ुअल इफ़ेक्ट्स का काम DNEG संभाल रही है। एक और बड़ी उपलब्धि के तौर पर, T-सीरीज़ ने प्रोड्यूसर नमित मल्होत्रा ​​के प्राइम फ़ोकस स्टूडियोज़ के साथ ₹75 करोड़ की रिकॉर्ड-तोड़ डील करके फ़िल्म के दोनों हिस्सों के म्यूज़िक राइट्स खरीद लिए हैं।

‘रामायणम्’ वाल्मीकि के महाकाव्य का नया रूपांतरण है, जो दुनिया के सबसे पुराने साहित्य में से एक है। यह भगवान विष्णु के अवतार भगवान राम (रणबीर कपूर) और असुर राजा रावण (यश) के बीच हुई लड़ाई की कहानी है, जो राम की पत्नी सीता (साई पल्लवी) का अपहरण कर लेता है। यह महाकाव्य भारतीय उपमहाद्वीप की सबसे जानी-मानी कहानियों में से एक है और हिंदू इसे एक पवित्र ग्रंथ मानते हैं।

फिल्म की पहली झलक, जिसे ‘राम झलक’ कहा गया, अप्रैल में दुनिया भर में दिखाई गई थी। जहां कई लोगों ने इसके विज़ुअल इफेक्ट्स और बड़े पैमाने की तारीफ़ की, वहीं कुछ लोगों ने किरदारों के डिज़ाइन, खासकर असुरों के डिज़ाइन की आलोचना की, क्योंकि वे बहुत ज़्यादा पश्चिमी शैली से प्रेरित लग रहे थे। ‘रामायण’ का ट्रेलर 18 जुलाई को नई दिल्ली में ‘प्रथम संकल्प’ इवेंट में दिखाया गया था, जिसके बाद इसकी कुछ क्लिप्स ऑनलाइन लीक हो गईं। इस बीच, प्रोड्यूसर नमित मल्होत्रा ​​ने इंस्टाग्राम पर घोषणा की: “आज हमारी ‘रामायण’ के लिए एक बहुत ही खास पल है। सोनी पिक्चर्स एंटरटेनमेंट के साथ हमारी साझेदारी से रामायण को दुनिया तक पहुँचाने का मेरा सपना अब सच हो रहा है। इसे ध्यान में रखते हुए, हम अब अपना ट्रेलर बाद की किसी तारीख़ पर दुनिया भर में लॉन्च करेंगे।”

उनके नोट में आगे कहा गया-“भारतीय सिनेमा के 100 से ज़्यादा सालों के इतिहास में यह गर्व का पल होगा, जब रामायण को दुनिया भर में किसी बड़ी हॉलीवुड फ़िल्म की तरह दिखाया जाएगा। यह इसलिए भी खास है क्योंकि इससे दुनिया भर के लोगों के लिए हमारी संस्कृति और हमारी कहानियों की समृद्धि को नए गर्व और उत्साह के साथ जानने का मौका मिलेगा। मैं उन सभी फ़ैन्स और रामायण में विश्वास रखने वालों का शुक्रिया अदा करता हूँ जिन्होंने इसे मुमकिन बनाया। हमारे देश के युवा ही हमारा भविष्य हैं, आइए हम सब मिलकर अपने भविष्य को सुरक्षित रखने के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ प्रयास करें,”

‘रामायणम् पार्ट वन’ दुनिया भर में 8 नवंबर को दिवाली के मौके पर रिलीज़ होगी। इसका दूसरा भाग 2027 में आएगा। इन फ़िल्मों में सनी देओल भगवान हनुमान की भूमिका में और रवि दुबे लक्ष्मण की भूमिका में नज़र आएंगे।

Ranbir Kapoor-Yash: ‘पूकी गर्ल डैड…’, रणबीर कपूर- यश ने ‘रामायणम्’ के प्रमोशन के दौरान कलरिंग सेशन में लिया हिस्सा

Ranbir Kapoor-Yash: सैन डिएगो कॉमिक-कॉन में एक कलरिंग चैलेंज के दौरान रणबीर कपूर और यश ने फैंस का ध्यान अपनी ओर खींचा, जिसमें उन्होंने रामायण के किरदारों की आर्ट बनाकर उसमें रंग भी भरे। इस साल की सबसे ज़्यादा इंतजार की जाने वाली फिल्मों में से एक है नितेश तिवारी की ‘रामायणम्’। फ़िल्म की टीम हाल ही में सैन डिएगो कॉमिक-कॉन में शामिल हुई, जहाँ उन्होंने एक पैनल डिस्कशन के साथ फ़िल्म के प्रमोशन कैंपेन की शुरुआत की और उसके बाद कई इंटरव्यू दिए।

इस क्लिप में, जब नितेश रामायण के बारे में बात कर रहे थे, तो रणबीर कपूर और यश बच्चों जैसे उत्साह के साथ अपनी तस्वीरों में रंग भरते हुए दिखे। जहा यश ने ध्यान से रावण के स्केच में रंग भरा, वहीं रणबीर भगवान राम की तस्वीर में रंग भरने पर ध्यान देते रहे। चल रही बातचीत से बेपरवाह, दोनों अपनी ड्राइंग में मगन दिख रहे हैं। यह एक बहुत ही प्यारा पल था, जिसने जल्द ही ऑनलाइन लोगों का दिल जीत लिया।

वीडियो शेयर करते हुए एक फैन ने लिखा, “इन प्यारी बच्चियों के पापा से मिलिए। दोनों ड्राइंग में कितने मगन हैं?” एक और ने कमेंट किया, “जैसे रामा और रावण किसी दूसरी दुनिया में ऐसा कर रहे हों।” तीसरे ने लिखा, “वे प्यारे बच्चों जैसे लग रहे हैं।” एक और फैन ने कहा, “आर्या और राहा बहुत लकी हैं।” एक कमेंट था, “यह बहुत प्यारा है।” एक और यूजर ने कहा, “यह जानकर बहुत अच्छा लगा कि दोनों की बेटियां हैं और शायद उन्होंने उनके साथ भी ऐसा ही किया होगा।” एक और फैन ने कमेंट किया, “ओह माय गॉड, यह बहुत प्यारा है!!!! जब ढेर सारे रंग मिलते हैं तो हर किसी के अंदर का बच्चा बाहर आ जाता है। हाहा। यह बहुत प्यारा है! मुझे इसे देखना बहुत अच्छा लगा।”

नितेश तिवारी के निर्देशन में बन रही ‘रामायण’ एक दो-भागों वाली महाकाव्य फिल्म है। इसमें रणबीर कपूर भगवान राम, यश रावण, साई पल्लवी सीता, रवि दुबे लक्ष्मण और सनी देओल भगवान हनुमान की भूमिका में हैं। इनके अलावा लारा दत्ता, विवेक ओबेरॉय, अरुण गोविल, रकुल प्रीत सिंह और कुणाल कपूर भी अहम भूमिकाओं में हैं। यह भारतीय सिनेमा की सबसे महत्वाकांक्षी और महंगी फ़िल्मों में से एक है, जिसका बजट 4,000 करोड़ बताया जा रहा है। इसका पहला भाग दिवाली 2026 में रिलीज होने वाला है।

फैन्स फिल्म के ट्रेलर का बेसब्री से इंतज़ार कर रहे थे, जिसे पहले शुक्रवार को रिलीज किया जाना था। हालांकि, प्रोड्यूसर नमित मल्होत्रा ​​ने घोषणा की कि इसके लॉन्च को अनिश्चित काल के लिए टाल दिया गया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा, “आज हमारी रामायण के लिए एक बहुत ही खास पल है। सोनी पिक्चर्स एंटरटेनमेंट के साथ हमारी पार्टनरशिप से रामायण को दुनिया तक पहुंचाने का मेरा सपना अब सच हो रहा है। इसे देखते हुए, हम अपना ट्रेलर बाद में किसी तारीख़ पर दुनिया भर में लॉन्च करेंगे।”

एक दूसरे इंटरव्यू में फ़िल्म के बारे में बात करते हुए नितेश ने कहा, “रामायण एक सीधी कहानी है, और जहां हम इसे पहले पार्ट में खत्म करते हैं, उसे आप ‘क्लिफ़हैंगर’ कह सकते हैं। यह ऐसी चीज है जो लोगों को थिएटर से निकलते ही दूसरा पार्ट देखने के लिए उत्सुक कर देगी। यह एक ऐसी कहानी है जिसके लिए दो पार्ट जरूरी हैं। इसे एक पार्ट में नहीं बताया जा सकता, और हमने तय किया कि पहले पार्ट को खत्म करने के लिए शायद यही सबसे सही मोड़ होगा, और बाकी कहानी दूसरे पार्ट के लिए छोड़ दी जाएगी।”

Essay on Friendship Day: फ्रेंडशिप डे: दोस्ती के अटूट बंधन का खूबसूरत पर्व, पढ़ें हिन्दी में रोचक निबंध

Friendship is a precious relationship in life, picture shows friends celebrating Friendship Day

Friendship Day 2026 : मनुष्य एक सामाजिक प्राणी है और उसके जीवन में परिवार के बाद यदि किसी रिश्ते का सबसे अधिक महत्व है, तो वह दोस्ती का रिश्ता है। दोस्ती ऐसा बंधन है जो न तो खून का रिश्ता होता है और न ही किसी स्वार्थ पर आधारित होता है। यह विश्वास, अपनापन, सहयोग और सच्ची भावनाओं से जुड़ा होता है। इसी अनमोल रिश्ते का उत्सव मनाने के लिए हर साल अगस्त के पहले रविवार को फ्रेंडशिप डे मनाया जाता है।

 

'जिंदगी में एक सच्चा दोस्त होना, 

लाखों की भीड़ में अकेले न होने का अहसास है।'


प्रस्तावना. फ्रेंडशिप डे या मित्रता दिवस केवल एक तारीख या कैलेंडर का दिन नहीं है, बल्कि यह उन खूबसूरत रिश्तों को मनाने का जरिया है जिन्हें हम खून के रिश्तों से परे, अपनी मर्जी और दिल से चुनते हैं। हर साल अगस्त महीने के पहले रविवार को भारत सहित दुनिया के कई देशों में फ्रेंडशिप डे बड़ी धूमधाम और उत्साह के साथ मनाया जाता है। इस बार यह दिवस 02 अगस्त को पड़ रहा है, जब फ्रेंडशिप डे मनाया जाएगा। यह दिन हमें अपने दोस्तों के प्रति प्यार, सम्मान और आभार व्यक्त करने का अवसर देता है।

 

फ्रेंडशिप डे की शुरुआत और इतिहास

फ्रेंडशिप डे/ मित्रता दिवस की शुरुआत सबसे पहले 1930 में हॉलमार्क कार्ड्स के संस्थापक जॉइस हॉल द्वारा की गई थी। शुरुआत में लोग इस दिन अपने दोस्तों को कार्ड भेजा करते थे। बाद में, 1958 में इंटरनेशनल फ्रेंडशिप डे का प्रस्ताव रखा गया।

 

संयुक्त राष्ट्र (UN) ने 30 जुलाई को आधिकारिक तौर पर 'अंतरराष्ट्रीय मित्रता दिवस' घोषित किया, लेकिन भारत, बांग्लादेश, संयुक्त अरब अमीरात और अमेरिका जैसे देशों में अगस्त के पहले रविवार को ही फ्रेंडशिप डे मनाने की परंपरा लोकप्रिय है।

 

फ्रेंडशिप डे कैसे मनाया जाता है?

 

आज के दौर में फ्रेंडशिप डे मनाने के तरीके भले ही बदल गए हों, लेकिन इसके पीछे की भावना आज भी वही है:

 

फ्रेंडशिप बैंड और कार्ड्स: बचपन की यादों में सबसे खास होता है दोस्तों की कलाई पर रंग-बिरंगे 'फ्रेंडशिप बैंड' बांधना। जिसके हाथ में जितने ज्यादा बैंड होते थे, वह उतना ही 'पॉपुलर' माना जाता था!

 

गेट-टुगेदर और पार्टी: इस दिन पुराने दोस्त एक साथ मिलते हैं, पुरानी खट्टी-मीठी यादें ताजा करते हैं और साथ में घूमते-फिरते या खाना खाते हैं।

 

डिजिटल शुभकामनाएं: सोशल मीडिया के इस दौर में लोग स्टेटस, फोटो कोलाज और प्यारे संदेशों/मैसेजेस के जरिए दूर बैठे दोस्तों को भी इस दिन की बधाई देते हैं।

 

फ्रेंडशिप डे के अवसर पर लोग अपने दोस्तों को फ्रेंडशिप बैंड बांधते हैं, शुभकामनाएं देते हैं और उपहार देकर अपनी भावनाएं व्यक्त करते हैं। स्कूल, कॉलेज और कार्यालयों में भी इस दिन विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। कई लोग अपने पुराने दोस्तों से मिलते हैं, साथ घूमने जाते हैं या सोशल मीडिया के माध्यम से शुभकामनाएं भेजते हैं।

 

जीवन में दोस्ती का असली महत्व

दोस्ती एक ऐसा रिश्ता है जिसमें न कोई छोटा होता है, न बड़ा; न कोई अमीर, न गरीब। यह एक निष्पक्ष और पारदर्शी रिश्ता है।

 

सुख-दुख का साथी: सच्चा दोस्त वही है जो आपकी खुशी में खुलकर हंसे और आपके बुरे वक्त में ढाल बनकर आपके साथ खड़ा रहे।

 

बिना डर के अभिव्यक्ति: माता-पिता या परिजनों से हम कई बातें कहने में झिझकते हैं, लेकिन दोस्त के सामने हम बिना किसी नकाब के पूरी तरह से 'असली हम' हो सकते हैं।

 

मानसिक तनाव से मुक्ति: जब जिंदगी की उलझनें हावी होने लगती हैं, तो दोस्त के साथ बिताए कुछ पल या एक कप चाय पूरी थकान और मानसिक तनाव को मिटा देती है।

 

पौराणिक संदर्भ: सच्ची दोस्ती की मिसालें

भारतीय संस्कृति में दोस्ती के कई महान उदाहरण मिलते हैं:

 

* कृष्ण और सुदामा की जोड़ी यह सिखाती है कि सच्ची मित्रता में धन और पद का कोई स्थान नहीं होता।

 

* भगवान राम और सुग्रीव की दोस्ती हमें विपत्ति के समय एक-दूसरे का साथ देने का संदेश देती है।

 

* दुर्योधन के गलत होने के बावजूद, कर्ण ने अपनी मित्रता का धर्म अंत तक निभाया।

 

निष्कर्ष

दोस्ती एक ऐसा पौधा है जिसे विश्वास, सम्मान और प्यार के पानी से सींचना पड़ता है। फ्रेंडशिप डे हमें यह याद दिलाने का एक बहाना है कि भागदौड़ भरी जिंदगी में हम उन लोगों को शुक्रिया कहें जो बिना किसी स्वार्थ के हमारी जिंदगी को खूबसूरत बनाते हैं। इस फ्रेंडशिप डे पर अपने व्यस्त शेड्यूल से थोड़ा समय निकालें, अपने पुराने दोस्तों को फोन करें और उन्हें बताएं कि वे आपके लिए कितने खास हैं!

 

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