Tiger Shroff Firing Case: टाइगर श्रॉफ को एग्जैक्ट कहां गोली मारनी है, पैपराजी वीडियो से कैसे की ट्रैकिंग? ये सारी जानकारियां पुलिस के हाथ लगीं

Tiger Shroff Firing Case: फिल्म अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग के मामले में जांच के दौरान कई अहम जानकारियां सामने आने की बात कही जा रही है। सूत्रों के मुताबिक, वारदात में कथित रूप से शामिल आरोपियों ने फायरिंग से पहले करीब 10 दिनों तक अभिनेता की गतिविधियों और उनके आने-जाने के समय पर नजर रखी थी। आरोपियों ने कथित तौर पर टाइगर श्रॉफ के घर और जिम की भी रेकी की थी। बताया जा रहा है कि सोशल मीडिया पर पैपराज़ी और ब्लॉगर्स के वीडियो से आरोपियों को उन जगहों का पता लगाने में मदद मिली, जहां अभिनेता अक्सर जाते थे।

10 दिनों तक टाइगर श्रॉफ की गतिविधियों पर नजर

सूत्रों के अनुसार, आरोपी फायरिंग की घटना से पहले अभिनेता की दिनचर्या और उनके शेड्यूल पर नजर रख रहे थे। बताया जा रहा है कि उन्होंने यह पता लगाने की कोशिश की कि टाइगर श्रॉफ किन जगहों पर जाते हैं और उनकी आवाजाही का सामान्य समय क्या रहता है। जांच एजेंसियां इस पहलू की पड़ताल कर रही हैं कि कथित रेकी किस उद्देश्य से की गई थी और वारदात की योजना बनाने में इसकी क्या भूमिका रही।

सोशल मीडिया वीडियो से जुटाई जानकारी?

सूत्रों का दावा है कि आरोपियों ने सोशल मीडिया पर मौजूद पैपराजी और ब्लॉगर्स के वीडियो का इस्तेमाल कर उन जगहों की पहचान की, जहां टाइगर श्रॉफ अक्सर आते-जाते थे। इन वीडियो के जरिए अभिनेता की गतिविधियों और उनके नियमित ठिकानों से जुड़ी जानकारी जुटाए जाने की आशंका है। हालांकि, सोशल मीडिया वीडियो से जानकारी जुटाने और उसका इस्तेमाल कथित वारदात की योजना में किए जाने की बातों की आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है।

WhatsApp और Signal के जरिए हैंडलर्स से संपर्क का दावा

जांच से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, आरोपी कथित तौर पर WhatsApp और Signal के जरिए अपने हैंडलर्स के लगातार संपर्क में थे। यह भी दावा किया गया है कि वारदात वाली जगह की लोकेशन आरोपियों के साथ इन्हीं मैसेजिंग ऐप के जरिए शेयर की गई थी। पुलिस अब कथित संपर्कों और आरोपियों के बीच हुई बातचीत से जुड़े पहलुओं की जांच कर सकती है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि फायरिंग की योजना किसने बनाई और इसमें अन्य लोगों की क्या भूमिका थी।

कोटा रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार हुए तीन आरोपी

इस मामले में राजस्थान पुलिस और एंटी-गैंगस्टर टास्क फोर्स ने 17, 18 और 22 साल के तीन आरोपियों को राजस्थान के कोटा रेलवे स्टेशन पर गिरफ्तार किया है। तीनों कथित तौर पर मुंबई के जुहू इलाके में टाइगर श्रॉफ की कार पर हुई फायरिंग के बाद फरार चल रहे थे। ये लोग ट्रेन से यात्रा कर रहे थे। गिरफ्तारी के बाद अब जांच का फोकस कथित रेकी, वारदात की योजना और आरोपियों के संपर्कों पर है। पुलिस जांच से यह स्पष्ट हो सकेगा कि फायरिंग के पीछे किसका हाथ था और आरोपियों को निर्देश देने में कथित हैंडलर्स की क्या भूमिका रही।

रविवार शाम मुंबई के जुहू इलाके में अज्ञात हमलावरों ने टाइगर श्रॉफ की कार पर गोलीबारी की थी। इस घटना में अभिनेता सुरक्षित बच गए। जबकि उनका चालक और एक अन्य व्यक्ति घायल हो गए। सोशल मीडिया में वायरल हुए एक पोस्ट में लॉरेंस बिश्नोई गिरोह ने हमले की जिम्मेदारी ली है। महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने सोमवार को कहा कि मुंबई पुलिस अभिनेता टाइगर श्रॉफ पर गोलीबारी की घटना में शामिल लोगों और उनके आकाओं का पता लगाएगी और इस तरह की घटनाओं को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

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फडणवीस ने नागपुर में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में पत्रकारों से कहा कि पुलिस को आरोपियों की पहचान के संबंध में अहम सुराग मिले हैं। उन्हें जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि आरोपी महाराष्ट्र के बाहर, संभवत: विदेश से काम कर रहे हैं। उन्हें पकड़ने के लिए पुलिस दूसरे राज्यों के साथ समन्वय करेगी। मुंबई पुलिस केंद्रीय एजेंसियों की मदद भी लेगी।

कौन है अनिल पंडित? टाइगर श्रॉफ पर हमले से लेकर दिल्ली-पुणे की फायरिंग तक जुड़ा है नाम

Tiger Shroff Attack: मुंबई में अभिनेता टाइगर श्रॉफ पर कथित हमले के मामले में लॉरेंस बिश्नोई गैंग का नाम सामने आया है। गैंग से जुड़े बताए जा रहे अनिल पंडित ने सोशल मीडिया पर पोस्ट कर इस हमले की जिम्मेदारी ली है। पोस्ट में यह भी कहा गया कि टाइगर श्रॉफ को सलमान खान के साथ काम न करने की चेतावनी दी गई थी, लेकिन उन्होंने इस पर ध्यान नहीं दिया। हालांकि, पुलिस अभी इस सोशल मीडिया पोस्ट और एक वॉयस नोट की जांच कर रही है।

कौन है अनिल पंडित?

32 वर्षीय पंडित के अमेरिका से काम करने का संदेह है। जांचकर्ताओं ने उसे हरियाणा, दिल्ली और पुणे में हुई गोलीबारी और जबरन वसूली (एक्सटॉर्शन) के मामलों से जोड़ा है।

मूल रूप से हरियाणा के पानीपत जिले के एक गांव का रहने वाला अनिल पंडित, 2023 में भारत छोड़कर कनाडा गया था और बाद में अमेरिका चला गया। वहां गैंगस्टर रणदीप मलिक के संपर्क में आने के बाद, वह कथित तौर पर लॉरेंस बिश्नोई गैंग में शामिल हो गया।

आरोप है कि पिछले छह महीनों में पंडित ने भारत में मौजूद शूटर्स के एक नेटवर्क का इस्तेमाल करके कई आपराधिक घटनाओं को अंजाम दिया है। हरियाणा, दिल्ली और पुणे की घटनाओं सहित गोलीबारी के कई मामलों की जांच में भी उसका नाम सामने आया है।

पानीपत से अमेरिका तक

सूत्रों के अनुसार, पंडित का सफर हरियाणा के पानीपत जिले से शुरू हुआ। बताया जाता है कि वह 2023 में भारत छोड़कर कनाडा चला गया था। बाद में, लॉरेंस बिश्नोई से जुड़े गैंगस्टर बताए जाने वाले रणदीप मलिक के संपर्क में आने के बाद, वह अमेरिका के कैलिफोर्निया पहुंच गया।

जांचकर्ताओं को शक है कि विदेश में रहते हुए भी पंडित भारत में मौजूद शूटर्स के साथ तालमेल बिठाता रहा। उससे जुड़ी कुछ घटनाओं में हरियाणा में गोलीबारी और जबरन वसूली (एक्सटॉर्शन) के मामले शामिल हैं, जिनमें पुलिस और स्पेशल टास्क फोर्स ने इसमें शामिल होने के शक में शूटर्स को गिरफ्तार किया था।

दिल्ली के जिम में हुई गोलीबारी मामले में नाम सामने आया

पंडित पर दिल्ली के पश्चिम विहार स्थित एक जिम में गोलीबारी की साजिश रचने का भी आरोप है। इस जिम में अक्सर गायक गुरु रंधावा आते-जाते थे। बताया जा रहा है कि इस घटना का संबंध गायक के सलमान खान के साथ जुड़ाव से है।

दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच और स्पेशल सेल ने इस मामले में पंडित से जुड़े चार शूटरों को गिरफ्तार किया है। जांचकर्ताओं के अनुसार, आरोपी पंडित से बातचीत करने के लिए ‘सिग्नल’ ऐप का इस्तेमाल करते थे और उनके पास से विदेशी हथियार बरामद हुए हैं।

मिली जानकारी के मुताबिक, जिम के बाहर हुई इस गोलीबारी की जिम्मेदारी पहले ही पंडित ले चुका था।

पुणे के ज्वेलरी स्टोर पर गोलीबारी में भी आया नाम

दिल्ली में हुई घटना के करीब 15 दिन बाद पुणे में एक ज्वेलरी स्टोर पर गोलीबारी की खबर सामने आई। इस मामले की जांच के दौरान एक बार फिर अनिल पंडित का नाम सामने आया।

महाराष्ट्र पुलिस ने इस घटना में कथित तौर पर शामिल शूटरों को गिरफ्तार किया। जांच में उनके तार अनिल पंडित और लॉरेंस बिश्नोई के करीबी बताए जाने वाले शुभम लोनकर से जुड़े होने की बात सामने आई।

रिपोर्ट के मुताबिक, गोलीबारी के तीनों आरोपी राजस्थान के हनुमानगढ़ के रहने वाले थे। उन पर शक है कि वे खास तौर पर इस वारदात को अंजाम देने के लिए पुणे पहुंचे थे।

टाइगर श्रॉफ पर हमले का दावा

यह नया घटनाक्रम तब सामने आया जब लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने सोशल मीडिया पर टाइगर श्रॉफ पर हुए हमले की जिम्मेदारी ली। पंडित द्वारा पोस्ट किए गए संदेश में, उसने और हरमन संधू ने अभिनेता के खिलाफ की गई इस कार्रवाई की जिम्मेदारी ली है।

पोस्ट में आरोप लगाया गया है कि श्रॉफ ने सलमान खान के साथ काम न करने की चेतावनियों को नजरअंदाज किया था। साथ ही, मुंबई फिल्म इंडस्ट्री के उन अन्य लोगों को भी धमकी दी गई है जो इस सुपरस्टार के साथ काम करना जारी रखे हुए हैं। इसमें विरोधी गैंग के सदस्यों को भी धमकी दी गई है।

सूत्रों के अनुसार, हमलावरों ने कथित तौर पर कई दिनों तक श्रॉफ की गतिविधियों पर नजर रखी थी। पुलिस जांच के हिस्से के रूप में इस सोशल मीडिया पोस्ट और एक वॉयस नोट की पुष्टि कर रही है।

अलग-अलग राज्यों के मामलों में पंडित की कथित भूमिका ने भारत में सक्रिय आपराधिक नेटवर्क और विदेशों में मौजूद गैंग के सदस्यों के बीच संभावित संबंधों की ओर ध्यान खींचा है। सोशल मीडिया पोस्ट में किए गए दावे और पंडित को अलग-अलग घटनाओं से जोड़ने वाले आरोप अभी भी पुलिस जांच के दायरे में हैं।

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Tiger Shroff Firing: एक्टर टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग का पहला वीडियो आया सामने, गोलियों की आवाज से मायानगरी में मची अफरा-तफरी

Tiger Shroff Firing: बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ को निशाना बनाकर की गई कथित फायरिंग की घटना से जुड़ा पहला वीडियो सामने आया है। मुंबई के जुहू इलाके में हुई इस फायरिंग के वीडियो में गोली चलने की आवाजें सुनाई देने और मौके पर अफरा-तफरी का माहौल दिखाई दे रहा है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, बाइक सवार अज्ञात हमलावरों ने टाइगर श्रॉफ की गाड़ी पर गोलियां चलाई थीं। सामने आए वीडियो में टोपी पहने दो संदिग्ध टाइगर श्रॉफ की ओर फायरिंग करते नजर आ रहे हैं। एक आरोपी ने सामने से, जबकि दूसरे ने भीड़ के बीच से गोली चलाई। वारदात के बाद दोनों फरार हो गए, जिनमें से एक मोटरसाइकिल के जरिए मौके से भाग निकला। इस घटना में अभिनेता को कोई चोट नहीं आई। जबकि उनके ड्राइवर और एक ऑटो रिक्शा चालक के घायल होने की खबर है।

वीडियो सामने आने के बाद पुलिस की जांच में अब हमलावरों की पहचान करने और घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने के लिए सीसीटीवी फुटेज अहम भूमिका निभा सकते हैं। हालांकि, मामले में हमलावरों की पहचान और फायरिंग के पीछे की वजह की आधिकारिक पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी। सोशल मीडिया पर वायरल एक पोस्ट के अनुसार, लॉरेंस बिश्नोई गिरोह ने हमले की जिम्मेदारी ली है।

मौके पर मची अफरा-तफरी

सामने आए कथित वीडियो में फायरिंग के दौरान का तनावपूर्ण माहौल दिखाई देता है। फुटेज में गोलियों की आवाजें सुनाई देने का दावा किया गया है। घटना के दौरान लोग अचानक हुई गोलीबारी से घबराते नजर आते हैं और मौके पर अफरा-तफरी मच जाती है। वीडियो के एक हिस्से में एक व्यक्ति को ‘टाइगर भाई’ कहते हुए भी सुना जा सकता है। इस फुटेज को जांच के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इससे हमलावरों की गतिविधियों और घटना के दौरान मौके पर मौजूद लोगों की प्रतिक्रिया को समझने में मदद मिल सकती है।

हमले के बाद एक्टर ने खुद दौड़ाई कार

एक वायरल वीडियो में ड्राइवर को चोट लगने के बाद टाइगर खुद कार चलाते हुए दिखाई दे रहे हैं। वारदात के ठीक बाद टाइगर ने बहुत सूझबूझ दिखाई। गोलीबारी की घटना के बाद वह खुद कार से बाहर नहीं निकले, बल्कि अंदर ही ड्राइवर सीट बदल ली। वह जानते थे कि कार के बाहर अभी खतरा हो सकता है, इसलिए यही जगह उन्हें सबसे सुरक्षित दिखी।

जुहू के पुष्पा पार्क के पास हुई थी फायरिंग

जानकारी के मुताबिक, रविवार शाम मुंबई के जुहू इलाके में पुष्पा पार्क के पास यह घटना हुई। आरोप है कि बाइक पर आए अज्ञात लोगों ने टाइगर श्रॉफ की गाड़ी को निशाना बनाकर फायरिंग की।

घटना के समय टाइगर श्रॉफ सुरक्षित थे। हालांकि, उनके ड्राइवर और एक ऑटो रिक्शा चालक के घायल होने की सूचना सामने आई है।

घायलों की स्थिति को लेकर विस्तृत आधिकारिक जानकारी उपलब्ध नहीं है। फायरिंग की सूचना मिलने के बाद मुंबई पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। पुलिस की कई टीमें हमलावरों की पहचान करने, उनके आने-जाने के रास्ते का पता लगाने और वारदात के पीछे की वजह समझने में जुटी हैं। घटनास्थल और आसपास के इलाकों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है।

लॉरेंस बिश्नोई गैंग के नाम से कथित ऑडियो वायरल

फायरिंग की घटना के बाद एक कथित ऑडियो संदेश भी सामने आया। इस मैसेज में अनिल पंडित नाम से अपनी पहचान बताने वाले एक व्यक्ति और हरमन संधू ने लॉरेंस बिश्नोई गैंग की ओर से घटना की जिम्मेदारी लेने का दावा किया। संदेश में सलमान खान से जुड़े फिल्म उद्योग के लोगों को भी धमकी दिए जाने की बात कही गई है।

हालांकि, इस ऑडियो की प्रामाणिकता और फायरिंग में कथित गैंग की भूमिका की पुलिस की ओर से स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि फायरिंग के पीछे व्यक्तिगत रंजिश, धमकी या कोई अन्य वजह थी। कथित ऑडियो और घटना के बीच संबंध स्थापित करने के लिए भी जांच जरूरी है।

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने पुलिस कमिश्नर से की बात

घटना के बाद महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मुंबई पुलिस कमिश्नर देवेन भारती से बातचीत की। उन्होंने मामले की गहन जांच करने और वारदात के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ जल्द कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। वहीं, महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने भी टाइगर श्रॉफ और उनके परिवार से मुलाकात। उन्होंने कानून-व्यवस्था बिगाड़ने वालों के खिलाफ कार्रवाई का भरोसा दिया और अभिनेता को सुरक्षा का आश्वासन दिया।

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अब हमलावरों की पहचान पर पुलिस की नजर

फायरिंग का कथित वीडियो सामने आने के बाद पुलिस के लिए हमलावरों की पहचान करना जांच का प्रमुख हिस्सा बन गया है। सीसीटीवी फुटेज, घटनास्थल से जुटाए गए साक्ष्य और दूसरे तकनीकी इनपुट के आधार पर वारदात की कड़ियां जोड़ी जा रही हैं। फिलहाल सबसे अहम सवाल यही हैं कि हमलावर कौन थे, उन्होंने टाइगर श्रॉफ की गाड़ी को ही निशाना क्यों बनाया और क्या इस घटना का कथित धमकी भरे ऑडियो से कोई संबंध है। इन सवालों के जवाब पुलिस जांच के बाद ही सामने आ पाएंगे।

Lawrence Bishnoi: क्या गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई को FBI को सौंपेगा भारत? निज्जर हत्याकांड मामले में अमेरिका ने की प्रत्यर्पण की मांग

Lawrence Bishnoi Extradition: कनाडा के खालिस्तानी अलगाववादी एवं आतंकवादी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या समेत कई अपराधों में शामिल गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई पर आरोप लगाने के कुछ दिनों बाद यूनाइटेड स्टेट्स डिपार्टमेंट ऑफ जस्टिस (DoJ) ने कंफर्म किया है कि वह भारत से उसके प्रत्यर्पण यानी एक्सट्रैडिशन की मांग करेगा। ‘द इंडियन एक्सप्रेस’ की एक रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका ने कंफर्म किया है कि वह जेल में बंद गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के भारत से एक्सट्रैडिशन की कोशिश करना चाहता है।

कुछ दिन पहले ही एक फेडरल चार्जशीट में उस पर कनाडा के खालिस्तानी आतंकी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या समेत कई अपराधों की साजिश रचने का आरोप लगाया गया था। रिपोर्ट में कैलिफोर्निया के सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट के US अटॉर्नी ऑफिस में पब्लिक अफेयर्स ऑफिसर सियारन मैकएवॉय के हवाले से कहा गया है कि बिश्नोई को अमेरिका लाने की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी। हालांकि इसमें समय लगने की उम्मीद है।

मैकएवॉय ने एक ईमेल में कहा, “बिश्नोई खुद भारत में जेल में बंद है। हम उसे अमेरिका में एक्सट्रैडिशन करने की कोशिश करना चाहते हैं। (एक्सट्रैडिशन एक लंबी कानूनी प्रक्रिया है और इसे पूरा होने में अक्सर सालों लग जाते हैं)।” बिश्नोई 2015 से भारत में जेल में बंद है। अभी वहगुजरात की एक जेल में बंद है। इस सप्ताह की शुरुआत में लॉस एंजिल्स में खुले एक फेडरल चार्जशीट में नामजद मुख्य आरोपियों में से एक था।

चार्जशीट के मुताबिक, बिश्नोई ने हरदीप सिंह निज्जर की हत्या का आदेश दिया था, जो एक कनाडाई नागरिक था। उसकी 18 जून, 2023 को ब्रिटिश कोलंबिया के सरे में एक गुरुद्वारे के बाहर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि मैकएवॉय ने साफ किया कि बिश्नोई गैंग के सदस्यों को अभी तक US कोर्ट के सामने पेश नहीं किया गया है क्योंकि वे अभी उसके अधिकार क्षेत्र में नहीं हैं।

बिश्नोई और उसके करीबी साथी सतिंदरजीत सिंह उर्फ गोल्डी बराड़ के अलावा चार्जशीट में जग्गू भगवानपुरिया और कनाडा में रहने वाले रविंदर सिंह ढांडा का भी नाम कथित गैंग लीडर के तौर पर है। मैकएवॉय ने कहा कि ढांडा गैंग के सदस्यों का ट्रायल लॉस एंजिल्स की एक कोर्ट में 31 अगस्त को तय किया गया है। जबकि भगवानपुरिया गैंग के सदस्यों से जुड़ी कार्यवाही 1 सितंबर को लिस्ट की गई है।

आरोपित किए जाने के बाद फिर सुर्खियों में लारेंस बिश्नोई

हरदीप सिंह निज्जर की हत्या करने का कथित तौर पर आदेश देने के मामले में अमेरिका द्वारा आरोपित किया गया लॉरेंस बिश्नोई लंबे समय से भारतीय एजेंसियों की जांच का सामना कर रहा है। गुजरात में उच्च सुरक्षा वाली जेल में शिफ्ट होने से पहले 33 वर्षीय बिश्नोई को मकोका के तहत एक मामले के सिलसिले में राष्ट्रीय राजधानी लाए जाने के बाद दिल्ली की तिहाड़ जेल में रखा गया था।

साल 2023 में गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) के तहत दायर एक आरोप पत्र में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने आरोप लगाया कि बिश्नोई के गिरोह के कई राज्यों में लगभग 700 गुर्गे हैं। उन्होंने विदेशों में भी संबंध बनाए रखे हैं।

कौन है लारेंस बिश्नोई?

पंजाब विश्वविद्यालय से कानून की ग्रेजुएट डिग्री हासिल करने वाला बिश्नोई हत्या के प्रयास, हमले, लूट और रंगदारी के कई मामलों का सामना कर रहा है। वह विश्वविद्यालय परिसर की राजनीति के माध्यम से अपराध की दुनिया में आया। जांचकर्ताओं का आरोप है कि बाद में उसने अपने गिरोह का विस्तार सुपारी लेकर हत्या करने, हथियारों की तस्करी, ड्रग्स की तस्करी और रंगदारी वसूलने में किया। उसने एन्क्रिप्टेड और इंटरनेट-आधारित संचार के माध्यम से जेल से सहयोगियों को निर्देशित करना जारी रखा।

अमेरिका ने बिश्नोई और उसके करीबी सहयोगी, सतिंदरजीत सिंह उर्फ गोल्डी बराड़ पर कनाडा में निज्जर की हत्या का आदेश देने का आरोप लगाया है, जिससे दिल्ली से जुड़े अंतरराष्ट्रीय अपराध गिरोह पर नए सिरे से ध्यान केंद्रित हो गया है। जांचकर्ताओं का कहना है कि बिश्नोई जेल में बंद रहने के बावजूद सक्रिय है।

निज्जर हत्याकांड में भी आया नाम

अमेरिकी शहर लॉस एंजिलिस की एक संघीय अदालत में मंगलवार को पेश आरोपपत्र के अनुसार, लॉरेंस बिश्नोई ने निज्जर (45) की हत्या की साजिश रची थी। अदालत के दस्तावेजों में निज्जर का उल्लेख ‘एच एस एन’ के रूप में किया गया है।

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‘ऑपरेशन हार्डबॉल’ के तहत इन आरोपों की घोषणा की गई। यह अमेरिका, कनाडा और यूरोप की कानून प्रवर्तन एजेंसियों की समन्वित कार्रवाई है, जिसके तहत भारत स्थित तीन संगठित अपराध गिरोहों से जुड़े 24 संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया है। अभियोग में बराड़ का भी नाम है, जो अब भी फरार है।

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सितंबर 2023 में कनाडा ने आरोप लगाया था कि कनाडा में सिख अलगाववादी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या में भारतीय अधिकारियों का हाथ था। इस आरोप के बाद भारत और कनाडा के रिश्तों में तनाव बढ़ गया और दोनों देशों के बीच बड़ा राजनयिक विवाद खड़ा हो गया। अब करीब तीन साल बाद, अमेरिका के न्याय विभाग (DOJ) ने जेल में बंद भारतीय गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई और उसके साथी गोल्डी बराड़ पर इस हत्या का आरोप लगाया है। अमेरिका और कनाडा की एजेंसियों ने ‘ऑपरेशन हार्ड बॉल’ नाम से संयुक्त जांच की थी। इस जांच के तहत भारत से जुड़े तीन संगठित अपराध गिरोहों के 37 लोगों पर रैकेटियरिंग, जबरन वसूली और ड्रग तस्करी जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं।

अमेरिकी न्याय विभाग (DOJ) ने अपने बयान में कहा कि कुल 37 लोगों के खिलाफ तीन अलग-अलग आरोप पत्र दाखिल किए गए हैं। इनमें दो ऐसे आरोपी भी शामिल हैं, जो भारत की जेल में बंद रहते हुए भी अपने अंतरराष्ट्रीय आपराधिक नेटवर्क चला रहे थे। DOJ के मुताबिक, अमेरिका में गिरफ्तार किए गए 13 आरोपियों में से 11 को कैलिफोर्निया, एक को इंडियाना और एक को जॉर्जिया में पकड़ा गया है। इन सभी को मंगलवार को संघीय अदालत में पेश किए जाने की उम्मीद है।

इस मामले में आरोप तय होने के बाद, अमेरिकी जांच एजेंसी FBI ने गोल्डी बराड़ (असल नाम सतविंदरजीत सिंह) की गिरफ्तारी में मदद करने वाली जानकारी देने पर 50,000 डॉलर तक के इनाम की घोषणा की है। साथ ही, अमेरिका लॉरेंस बिश्नोई को भारत से प्रत्यर्पित कराने की तैयारी भी कर रहा है। उस पर गंभीर संघीय रैकेटियरिंग के आरोप हैं। जांच एजेंसियों का कहना है कि ऐसा इसलिए किया जा रहा है ताकि वह जेल में रहते हुए अपने अंतरराष्ट्रीय आपराधिक नेटवर्क को संचालित न कर सके।

कौन है लॉरेंस बिश्नोई?

लॉरेंस बिश्नोई को बिश्नोई गैंग का सरगना माना जाता है। फिलहाल वह गुजरात की साबरमती जेल में बंद है। लॉरेंस बिश्नोई का जन्म किसी अपराधी परिवार में नहीं, बल्कि एक संपन्न परिवार में हुआ था। उसका जन्म 1993 में पंजाब के फाजिल्का जिले में हुआ। उसका परिवार इलाके के सबसे अमीर परिवारों में गिना जाता था और उनके पास कई एकड़ जमीन थी। परिवार एक बड़े बंगले में रहता था।

लॉरेंस के पिता पहले पुलिस विभाग में नौकरी करते थे, लेकिन बाद में उन्होंने खेती और परिवार की जमीन की देखभाल के लिए नौकरी छोड़ दी। परिवार के एक रिश्तेदार के अनुसार, लॉरेंस का नाम ब्रिटिश अधिकारी हेनरी मोंटगोमरी लॉरेंस के नाम पर रखा गया था, जिन्होंने सनावर में प्रसिद्ध लॉरेंस स्कूल की स्थापना की थी। लॉरेंस ने कॉन्वेंट स्कूल में पढ़ाई की। वह आठवीं कक्षा से ही बाइक चलाता था और महंगे जूते पहनता था। उस समय उसके पास ऐसी कई सुविधाएं थीं, जो आम लोगों को आसानी से नहीं मिलती थीं।

स्कूल की पढ़ाई पूरी करने के बाद लॉरेंस बिश्नोई आगे की पढ़ाई के लिए चंडीगढ़ चला गया। वहीं उसने छात्र राजनीति में कदम रखा। इसी दौरान उसका सामना विरोधी छात्र गुटों से हुआ और धीरे-धीरे वह अपराध की दुनिया की ओर बढ़ता चला गया। कई लोगों का मानना है कि अपने गांव में अमीर और प्रभावशाली परिवार से होने के बावजूद, चंडीगढ़ जैसे बड़े शहर में उसकी पहचान और परिवार की दौलत का ज्यादा असर नहीं था। इसी वजह से वह गैंग और अपराध के रास्ते पर चला गया।

उत्तर भारत में गैंगवार पर लंबे समय से नजर रखने वाले लेखक जुपिंदरजीत सिंह के मुताबिक, लॉरेंस अपने गांव में बेहद संपन्न परिवार से था। उसके परिवार के पास बड़ी जमीन थी और बचपन से उसे हर तरह की सुविधाएं मिली थीं। लेकिन चंडीगढ़ पहुंचने के बाद उसे एहसास हुआ कि वहां पहचान बनाने के लिए सिर्फ जमीन नहीं, बल्कि पैसा, रुतबा और सामाजिक प्रभाव भी जरूरी है। माना जाता है कि इसी सोच ने उसे अपराध की दुनिया की ओर धकेल दिया।

गोल्डी बराड़ कौन है?

गोल्डी बराड़ का असली नाम सतविंदरजीत सिंह है। उसे लॉरेंस बिश्नोई का सबसे करीबी साथी माना जाता है। उसका जीवन भी काफी हद तक बिश्नोई जैसा रहा है। गोल्डी का जन्म 1994 में पंजाब में हुआ था। बताया जाता है कि कॉलेज के दौरान उसकी लॉरेंस बिश्नोई से गहरी दोस्ती हो गई थी। ‘ओपन’ मैगज़ीन की एक रिपोर्ट के मुताबिक, बिश्नोई और बराड़ 2012 से पहले ही हिंसक घटनाओं में शामिल हो चुके थे। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि छात्र संघ चुनाव के दौरान एक विरोधी उम्मीदवार पर गोली चलाई गई थी। बाद में जमानत पर बाहर आने के बाद चुनावी रंजिश में उस उम्मीदवार के एक रिश्तेदार की भी हत्या कर दी गई, जिसने चुनाव जीता था।

इसके बाद दोनों ने धीरे-धीरे अपना आपराधिक नेटवर्क बढ़ाया। उन पर जबरन वसूली, कॉन्ट्रैक्ट किलिंग और पंजाब समेत उत्तर भारत के कई इलाकों में विरोधी गैंग के लोगों पर हमले कराने के आरोप लगते रहे हैं। बताया जाता है कि 2017 में गोल्डी बराड़ स्टूडेंट वीज़ा पर कनाडा चला गया। इसके बाद से उस पर कनाडा में रहते हुए बिश्नोई गैंग की गतिविधियों को संचालित करने के आरोप लगते रहे हैं।

बिश्नोई गैंग कैसे बना अंतरराष्ट्रीय अपराध नेटवर्क?

समय के साथ लॉरेंस बिश्नोई और उसके भाई अनमोल बिश्नोई ने अपने गैंग का नेटवर्क लगातार बढ़ाया। आज इस गैंग की पहुंच पंजाब, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और दिल्ली समेत कई राज्यों तक बताई जाती है। इसके अलावा संयुक्त अरब अमीरात (UAE), कनाडा, अमेरिका, थाईलैंड, फिलीपींस, मध्य एशिया, चीन और यूरोप के कुछ देशों में भी इसके नेटवर्क होने की बात कही जाती है।

रिपोर्टों के अनुसार, बिश्नोई गैंग के पास दुनिया भर में 700 से ज्यादा शूटर होने का दावा किया जाता है। जेल में बंद होने के बावजूद लॉरेंस पर आरोप है कि वह अपने गैंग की गतिविधियां संचालित करता रहता है। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) का कहना है कि लॉरेंस अपने मजबूत संपर्कों और अलग-अलग आपराधिक गठजोड़ का इस्तेमाल करता है। एजेंसी का यह भी आरोप है कि उसके कुछ संबंध खालिस्तान समर्थक संगठनों से भी रहे हैं। वहीं, कुछ मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, लॉरेंस जानबूझकर जमानत की अर्जी नहीं देता और जेल के अंदर से अपने साथियों से “डब्बा कॉलिंग” और VoIP जैसी तकनीकों के जरिए संपर्क में रहता है।

रिपोर्टों के मुताबिक, लॉरेंस बिश्नोई अपने गैंग को चलाने के लिए एक खास “बिजनेस मॉडल” अपनाता है। इसके तहत वह अलग-अलग राज्यों के जेल में बंद गैंगस्टरों से गठजोड़ करता है। इनमें उत्तर प्रदेश के धनंजय सिंह, हरियाणा के काला जठेड़ी, राजस्थान के रोहित गोदारा और दिल्ली के रोहित मोई व हाशिम बाबा जैसे नाम शामिल बताए जाते हैं। बिश्नोई गैंग की ताकत उसके सक्रिय सदस्यों की वजह से भी बढ़ी है। गोल्डी बराड़ के अलावा रोहित गोदारा को भी गैंग का अहम सदस्य माना जाता है। बताया जाता है कि वह लॉरेंस का करीबी है और ब्रिटेन (UK) से गैंग की गतिविधियां संभालता है। राजस्थान के बीकानेर का रहने वाला रोहित गोदारा हत्या, रंगदारी और अन्य गंभीर मामलों समेत 35 से ज्यादा आपराधिक मामलों में आरोपी है।

हरदीप सिंह निज्जर से लेकर सलमान खान तक, किन लोगों को बनाया गया निशाना?

बिश्नोई गैंग का नाम कई चर्चित लोगों को निशाना बनाने के आरोपों में सामने आ चुका है। अमेरिका ने जून 2023 में कनाडा के सरे शहर में गुरु नानक सिंह गुरुद्वारे के बाहर खालिस्तानी आतंकवादी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के मामले में लॉरेंस बिश्नोई पर आरोप लगाए हैं। अमेरिकी आरोप पत्र के अनुसार, 18 जून 2023 या उससे पहले लॉरेंस बिश्नोई और गोल्डी बराड़ ने निज्जर की हत्या का आदेश दिया था। आरोप है कि इस साजिश के लिए बिश्नोई ने अपने एक साथी को निज्जर की तस्वीर और उसके ठिकानों की जानकारी भी उपलब्ध कराई थी। इसके अलावा, साल 2022 में पंजाबी गायक सिद्धू मूसे वाला की हत्या की जिम्मेदारी भी बिश्नोई गैंग ने ली थी। हत्या के कुछ घंटों बाद ही गोल्डी बराड़ ने फेसबुक पर पोस्ट कर इस वारदात की जिम्मेदारी लेने का दावा किया था।

जब बीबीसी ने गोल्डी बराड़ से पूछा कि सिद्धू मूसे वाला को क्यों निशाना बनाया गया, तो उसने कहा कि मूसे वाला ने ऐसी गलतियां की थीं जिन्हें वह माफ नहीं कर सकता था। बराड़ का दावा था कि उनके पास उसे मारने के अलावा कोई दूसरा रास्ता नहीं बचा था। करीब दो साल बाद, बिश्नोई गैंग का नाम मुंबई में हुए चर्चित नेता बाबा सिद्दीकी की हत्या में भी सामने आया। अक्टूबर 2024 में बांद्रा इलाके में उनके बेटे के ऑफिस के पास 66 वर्षीय बाबा सिद्दीकी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।

बाबा सिद्दीकी तीन बार विधायक रह चुके थे और महाराष्ट्र सरकार में मंत्री भी रहे थे। वे बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान के करीबी दोस्त माने जाते थे। हत्या की जिम्मेदारी लेते हुए बिश्नोई गैंग से जुड़े एक व्यक्ति की कथित फेसबुक पोस्ट में लिखा गया था कि उनकी किसी से निजी दुश्मनी नहीं है, लेकिन जो भी सलमान खान की मदद करेगा, उसे इसके परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं।