Lawrence Bishnoi: क्या गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई को FBI को सौंपेगा भारत? निज्जर हत्याकांड मामले में अमेरिका ने की प्रत्यर्पण की मांग

Lawrence Bishnoi Extradition: कनाडा के खालिस्तानी अलगाववादी एवं आतंकवादी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या समेत कई अपराधों में शामिल गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई पर आरोप लगाने के कुछ दिनों बाद यूनाइटेड स्टेट्स डिपार्टमेंट ऑफ जस्टिस (DoJ) ने कंफर्म किया है कि वह भारत से उसके प्रत्यर्पण यानी एक्सट्रैडिशन की मांग करेगा। ‘द इंडियन एक्सप्रेस’ की एक रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका ने कंफर्म किया है कि वह जेल में बंद गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के भारत से एक्सट्रैडिशन की कोशिश करना चाहता है।

कुछ दिन पहले ही एक फेडरल चार्जशीट में उस पर कनाडा के खालिस्तानी आतंकी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या समेत कई अपराधों की साजिश रचने का आरोप लगाया गया था। रिपोर्ट में कैलिफोर्निया के सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट के US अटॉर्नी ऑफिस में पब्लिक अफेयर्स ऑफिसर सियारन मैकएवॉय के हवाले से कहा गया है कि बिश्नोई को अमेरिका लाने की कानूनी प्रक्रिया जारी रहेगी। हालांकि इसमें समय लगने की उम्मीद है।

मैकएवॉय ने एक ईमेल में कहा, “बिश्नोई खुद भारत में जेल में बंद है। हम उसे अमेरिका में एक्सट्रैडिशन करने की कोशिश करना चाहते हैं। (एक्सट्रैडिशन एक लंबी कानूनी प्रक्रिया है और इसे पूरा होने में अक्सर सालों लग जाते हैं)।” बिश्नोई 2015 से भारत में जेल में बंद है। अभी वहगुजरात की एक जेल में बंद है। इस सप्ताह की शुरुआत में लॉस एंजिल्स में खुले एक फेडरल चार्जशीट में नामजद मुख्य आरोपियों में से एक था।

चार्जशीट के मुताबिक, बिश्नोई ने हरदीप सिंह निज्जर की हत्या का आदेश दिया था, जो एक कनाडाई नागरिक था। उसकी 18 जून, 2023 को ब्रिटिश कोलंबिया के सरे में एक गुरुद्वारे के बाहर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि मैकएवॉय ने साफ किया कि बिश्नोई गैंग के सदस्यों को अभी तक US कोर्ट के सामने पेश नहीं किया गया है क्योंकि वे अभी उसके अधिकार क्षेत्र में नहीं हैं।

बिश्नोई और उसके करीबी साथी सतिंदरजीत सिंह उर्फ गोल्डी बराड़ के अलावा चार्जशीट में जग्गू भगवानपुरिया और कनाडा में रहने वाले रविंदर सिंह ढांडा का भी नाम कथित गैंग लीडर के तौर पर है। मैकएवॉय ने कहा कि ढांडा गैंग के सदस्यों का ट्रायल लॉस एंजिल्स की एक कोर्ट में 31 अगस्त को तय किया गया है। जबकि भगवानपुरिया गैंग के सदस्यों से जुड़ी कार्यवाही 1 सितंबर को लिस्ट की गई है।

आरोपित किए जाने के बाद फिर सुर्खियों में लारेंस बिश्नोई

हरदीप सिंह निज्जर की हत्या करने का कथित तौर पर आदेश देने के मामले में अमेरिका द्वारा आरोपित किया गया लॉरेंस बिश्नोई लंबे समय से भारतीय एजेंसियों की जांच का सामना कर रहा है। गुजरात में उच्च सुरक्षा वाली जेल में शिफ्ट होने से पहले 33 वर्षीय बिश्नोई को मकोका के तहत एक मामले के सिलसिले में राष्ट्रीय राजधानी लाए जाने के बाद दिल्ली की तिहाड़ जेल में रखा गया था।

साल 2023 में गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) के तहत दायर एक आरोप पत्र में राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने आरोप लगाया कि बिश्नोई के गिरोह के कई राज्यों में लगभग 700 गुर्गे हैं। उन्होंने विदेशों में भी संबंध बनाए रखे हैं।

कौन है लारेंस बिश्नोई?

पंजाब विश्वविद्यालय से कानून की ग्रेजुएट डिग्री हासिल करने वाला बिश्नोई हत्या के प्रयास, हमले, लूट और रंगदारी के कई मामलों का सामना कर रहा है। वह विश्वविद्यालय परिसर की राजनीति के माध्यम से अपराध की दुनिया में आया। जांचकर्ताओं का आरोप है कि बाद में उसने अपने गिरोह का विस्तार सुपारी लेकर हत्या करने, हथियारों की तस्करी, ड्रग्स की तस्करी और रंगदारी वसूलने में किया। उसने एन्क्रिप्टेड और इंटरनेट-आधारित संचार के माध्यम से जेल से सहयोगियों को निर्देशित करना जारी रखा।

अमेरिका ने बिश्नोई और उसके करीबी सहयोगी, सतिंदरजीत सिंह उर्फ गोल्डी बराड़ पर कनाडा में निज्जर की हत्या का आदेश देने का आरोप लगाया है, जिससे दिल्ली से जुड़े अंतरराष्ट्रीय अपराध गिरोह पर नए सिरे से ध्यान केंद्रित हो गया है। जांचकर्ताओं का कहना है कि बिश्नोई जेल में बंद रहने के बावजूद सक्रिय है।

निज्जर हत्याकांड में भी आया नाम

अमेरिकी शहर लॉस एंजिलिस की एक संघीय अदालत में मंगलवार को पेश आरोपपत्र के अनुसार, लॉरेंस बिश्नोई ने निज्जर (45) की हत्या की साजिश रची थी। अदालत के दस्तावेजों में निज्जर का उल्लेख ‘एच एस एन’ के रूप में किया गया है।

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‘ऑपरेशन हार्डबॉल’ के तहत इन आरोपों की घोषणा की गई। यह अमेरिका, कनाडा और यूरोप की कानून प्रवर्तन एजेंसियों की समन्वित कार्रवाई है, जिसके तहत भारत स्थित तीन संगठित अपराध गिरोहों से जुड़े 24 संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया है। अभियोग में बराड़ का भी नाम है, जो अब भी फरार है।

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सितंबर 2023 में कनाडा ने आरोप लगाया था कि कनाडा में सिख अलगाववादी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या में भारतीय अधिकारियों का हाथ था। इस आरोप के बाद भारत और कनाडा के रिश्तों में तनाव बढ़ गया और दोनों देशों के बीच बड़ा राजनयिक विवाद खड़ा हो गया। अब करीब तीन साल बाद, अमेरिका के न्याय विभाग (DOJ) ने जेल में बंद भारतीय गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई और उसके साथी गोल्डी बराड़ पर इस हत्या का आरोप लगाया है। अमेरिका और कनाडा की एजेंसियों ने ‘ऑपरेशन हार्ड बॉल’ नाम से संयुक्त जांच की थी। इस जांच के तहत भारत से जुड़े तीन संगठित अपराध गिरोहों के 37 लोगों पर रैकेटियरिंग, जबरन वसूली और ड्रग तस्करी जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं।

अमेरिकी न्याय विभाग (DOJ) ने अपने बयान में कहा कि कुल 37 लोगों के खिलाफ तीन अलग-अलग आरोप पत्र दाखिल किए गए हैं। इनमें दो ऐसे आरोपी भी शामिल हैं, जो भारत की जेल में बंद रहते हुए भी अपने अंतरराष्ट्रीय आपराधिक नेटवर्क चला रहे थे। DOJ के मुताबिक, अमेरिका में गिरफ्तार किए गए 13 आरोपियों में से 11 को कैलिफोर्निया, एक को इंडियाना और एक को जॉर्जिया में पकड़ा गया है। इन सभी को मंगलवार को संघीय अदालत में पेश किए जाने की उम्मीद है।

इस मामले में आरोप तय होने के बाद, अमेरिकी जांच एजेंसी FBI ने गोल्डी बराड़ (असल नाम सतविंदरजीत सिंह) की गिरफ्तारी में मदद करने वाली जानकारी देने पर 50,000 डॉलर तक के इनाम की घोषणा की है। साथ ही, अमेरिका लॉरेंस बिश्नोई को भारत से प्रत्यर्पित कराने की तैयारी भी कर रहा है। उस पर गंभीर संघीय रैकेटियरिंग के आरोप हैं। जांच एजेंसियों का कहना है कि ऐसा इसलिए किया जा रहा है ताकि वह जेल में रहते हुए अपने अंतरराष्ट्रीय आपराधिक नेटवर्क को संचालित न कर सके।

कौन है लॉरेंस बिश्नोई?

लॉरेंस बिश्नोई को बिश्नोई गैंग का सरगना माना जाता है। फिलहाल वह गुजरात की साबरमती जेल में बंद है। लॉरेंस बिश्नोई का जन्म किसी अपराधी परिवार में नहीं, बल्कि एक संपन्न परिवार में हुआ था। उसका जन्म 1993 में पंजाब के फाजिल्का जिले में हुआ। उसका परिवार इलाके के सबसे अमीर परिवारों में गिना जाता था और उनके पास कई एकड़ जमीन थी। परिवार एक बड़े बंगले में रहता था।

लॉरेंस के पिता पहले पुलिस विभाग में नौकरी करते थे, लेकिन बाद में उन्होंने खेती और परिवार की जमीन की देखभाल के लिए नौकरी छोड़ दी। परिवार के एक रिश्तेदार के अनुसार, लॉरेंस का नाम ब्रिटिश अधिकारी हेनरी मोंटगोमरी लॉरेंस के नाम पर रखा गया था, जिन्होंने सनावर में प्रसिद्ध लॉरेंस स्कूल की स्थापना की थी। लॉरेंस ने कॉन्वेंट स्कूल में पढ़ाई की। वह आठवीं कक्षा से ही बाइक चलाता था और महंगे जूते पहनता था। उस समय उसके पास ऐसी कई सुविधाएं थीं, जो आम लोगों को आसानी से नहीं मिलती थीं।

स्कूल की पढ़ाई पूरी करने के बाद लॉरेंस बिश्नोई आगे की पढ़ाई के लिए चंडीगढ़ चला गया। वहीं उसने छात्र राजनीति में कदम रखा। इसी दौरान उसका सामना विरोधी छात्र गुटों से हुआ और धीरे-धीरे वह अपराध की दुनिया की ओर बढ़ता चला गया। कई लोगों का मानना है कि अपने गांव में अमीर और प्रभावशाली परिवार से होने के बावजूद, चंडीगढ़ जैसे बड़े शहर में उसकी पहचान और परिवार की दौलत का ज्यादा असर नहीं था। इसी वजह से वह गैंग और अपराध के रास्ते पर चला गया।

उत्तर भारत में गैंगवार पर लंबे समय से नजर रखने वाले लेखक जुपिंदरजीत सिंह के मुताबिक, लॉरेंस अपने गांव में बेहद संपन्न परिवार से था। उसके परिवार के पास बड़ी जमीन थी और बचपन से उसे हर तरह की सुविधाएं मिली थीं। लेकिन चंडीगढ़ पहुंचने के बाद उसे एहसास हुआ कि वहां पहचान बनाने के लिए सिर्फ जमीन नहीं, बल्कि पैसा, रुतबा और सामाजिक प्रभाव भी जरूरी है। माना जाता है कि इसी सोच ने उसे अपराध की दुनिया की ओर धकेल दिया।

गोल्डी बराड़ कौन है?

गोल्डी बराड़ का असली नाम सतविंदरजीत सिंह है। उसे लॉरेंस बिश्नोई का सबसे करीबी साथी माना जाता है। उसका जीवन भी काफी हद तक बिश्नोई जैसा रहा है। गोल्डी का जन्म 1994 में पंजाब में हुआ था। बताया जाता है कि कॉलेज के दौरान उसकी लॉरेंस बिश्नोई से गहरी दोस्ती हो गई थी। ‘ओपन’ मैगज़ीन की एक रिपोर्ट के मुताबिक, बिश्नोई और बराड़ 2012 से पहले ही हिंसक घटनाओं में शामिल हो चुके थे। रिपोर्ट में दावा किया गया है कि छात्र संघ चुनाव के दौरान एक विरोधी उम्मीदवार पर गोली चलाई गई थी। बाद में जमानत पर बाहर आने के बाद चुनावी रंजिश में उस उम्मीदवार के एक रिश्तेदार की भी हत्या कर दी गई, जिसने चुनाव जीता था।

इसके बाद दोनों ने धीरे-धीरे अपना आपराधिक नेटवर्क बढ़ाया। उन पर जबरन वसूली, कॉन्ट्रैक्ट किलिंग और पंजाब समेत उत्तर भारत के कई इलाकों में विरोधी गैंग के लोगों पर हमले कराने के आरोप लगते रहे हैं। बताया जाता है कि 2017 में गोल्डी बराड़ स्टूडेंट वीज़ा पर कनाडा चला गया। इसके बाद से उस पर कनाडा में रहते हुए बिश्नोई गैंग की गतिविधियों को संचालित करने के आरोप लगते रहे हैं।

बिश्नोई गैंग कैसे बना अंतरराष्ट्रीय अपराध नेटवर्क?

समय के साथ लॉरेंस बिश्नोई और उसके भाई अनमोल बिश्नोई ने अपने गैंग का नेटवर्क लगातार बढ़ाया। आज इस गैंग की पहुंच पंजाब, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और दिल्ली समेत कई राज्यों तक बताई जाती है। इसके अलावा संयुक्त अरब अमीरात (UAE), कनाडा, अमेरिका, थाईलैंड, फिलीपींस, मध्य एशिया, चीन और यूरोप के कुछ देशों में भी इसके नेटवर्क होने की बात कही जाती है।

रिपोर्टों के अनुसार, बिश्नोई गैंग के पास दुनिया भर में 700 से ज्यादा शूटर होने का दावा किया जाता है। जेल में बंद होने के बावजूद लॉरेंस पर आरोप है कि वह अपने गैंग की गतिविधियां संचालित करता रहता है। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) का कहना है कि लॉरेंस अपने मजबूत संपर्कों और अलग-अलग आपराधिक गठजोड़ का इस्तेमाल करता है। एजेंसी का यह भी आरोप है कि उसके कुछ संबंध खालिस्तान समर्थक संगठनों से भी रहे हैं। वहीं, कुछ मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक, लॉरेंस जानबूझकर जमानत की अर्जी नहीं देता और जेल के अंदर से अपने साथियों से “डब्बा कॉलिंग” और VoIP जैसी तकनीकों के जरिए संपर्क में रहता है।

रिपोर्टों के मुताबिक, लॉरेंस बिश्नोई अपने गैंग को चलाने के लिए एक खास “बिजनेस मॉडल” अपनाता है। इसके तहत वह अलग-अलग राज्यों के जेल में बंद गैंगस्टरों से गठजोड़ करता है। इनमें उत्तर प्रदेश के धनंजय सिंह, हरियाणा के काला जठेड़ी, राजस्थान के रोहित गोदारा और दिल्ली के रोहित मोई व हाशिम बाबा जैसे नाम शामिल बताए जाते हैं। बिश्नोई गैंग की ताकत उसके सक्रिय सदस्यों की वजह से भी बढ़ी है। गोल्डी बराड़ के अलावा रोहित गोदारा को भी गैंग का अहम सदस्य माना जाता है। बताया जाता है कि वह लॉरेंस का करीबी है और ब्रिटेन (UK) से गैंग की गतिविधियां संभालता है। राजस्थान के बीकानेर का रहने वाला रोहित गोदारा हत्या, रंगदारी और अन्य गंभीर मामलों समेत 35 से ज्यादा आपराधिक मामलों में आरोपी है।

हरदीप सिंह निज्जर से लेकर सलमान खान तक, किन लोगों को बनाया गया निशाना?

बिश्नोई गैंग का नाम कई चर्चित लोगों को निशाना बनाने के आरोपों में सामने आ चुका है। अमेरिका ने जून 2023 में कनाडा के सरे शहर में गुरु नानक सिंह गुरुद्वारे के बाहर खालिस्तानी आतंकवादी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के मामले में लॉरेंस बिश्नोई पर आरोप लगाए हैं। अमेरिकी आरोप पत्र के अनुसार, 18 जून 2023 या उससे पहले लॉरेंस बिश्नोई और गोल्डी बराड़ ने निज्जर की हत्या का आदेश दिया था। आरोप है कि इस साजिश के लिए बिश्नोई ने अपने एक साथी को निज्जर की तस्वीर और उसके ठिकानों की जानकारी भी उपलब्ध कराई थी। इसके अलावा, साल 2022 में पंजाबी गायक सिद्धू मूसे वाला की हत्या की जिम्मेदारी भी बिश्नोई गैंग ने ली थी। हत्या के कुछ घंटों बाद ही गोल्डी बराड़ ने फेसबुक पर पोस्ट कर इस वारदात की जिम्मेदारी लेने का दावा किया था।

जब बीबीसी ने गोल्डी बराड़ से पूछा कि सिद्धू मूसे वाला को क्यों निशाना बनाया गया, तो उसने कहा कि मूसे वाला ने ऐसी गलतियां की थीं जिन्हें वह माफ नहीं कर सकता था। बराड़ का दावा था कि उनके पास उसे मारने के अलावा कोई दूसरा रास्ता नहीं बचा था। करीब दो साल बाद, बिश्नोई गैंग का नाम मुंबई में हुए चर्चित नेता बाबा सिद्दीकी की हत्या में भी सामने आया। अक्टूबर 2024 में बांद्रा इलाके में उनके बेटे के ऑफिस के पास 66 वर्षीय बाबा सिद्दीकी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी।

बाबा सिद्दीकी तीन बार विधायक रह चुके थे और महाराष्ट्र सरकार में मंत्री भी रहे थे। वे बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान के करीबी दोस्त माने जाते थे। हत्या की जिम्मेदारी लेते हुए बिश्नोई गैंग से जुड़े एक व्यक्ति की कथित फेसबुक पोस्ट में लिखा गया था कि उनकी किसी से निजी दुश्मनी नहीं है, लेकिन जो भी सलमान खान की मदद करेगा, उसे इसके परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं।