दूसरे गोल्ड का इंतजार खत्म किया शूटिंग टीम ने, दिलाया एक सिल्वर भी

भारतीय निशानेबाज कमलजीत और सुरुचि सिंह ने व्यक्तिगत स्पर्धाओं में निराशाजनक प्रदर्शन के बाद जोरदार वापसी करते हुए शुक्रवार को एशियाई खेलों की 10 मीटर एयर पिस्टल मिश्रित टीम स्पर्धा में हुए स्वर्ण पदक जीता।

ऐश्वर्य प्रताप सिंह तोमर, रुद्रांक्ष पाटिल और नीरज कुमार की भारतीय तिकड़ी ने पुरुषों की 50 मीटर राइफल थ्री पोजिशन टीम स्पर्धा में 1762 अंक के साथ रजत पदक जीता। चीन ने 1766 अंक के साथ स्वर्ण, जबकि कोरिया ने 1751 अंक के साथ कांस्य पदक हासिल किया।

तोमर ने 589 और नीरज ने 588 अंक के साथ व्यक्तिगत 3पी स्पर्धा के फाइनल में भी जगह बनाई। दोनों क्रमश: तीसरे और चौथे स्थान पर रहे।

रुद्रांक्ष हालांकि व्यक्तिगत फाइनल में जगह नहीं बना सके क्योंकि एक देश से अधिकतम दो निशानेबाज ही व्यक्तिगत फाइनल में प्रवेश कर सकते हैं। कमलजीत और सुरुचि ने फाइनल में कुल 484.6 अंक हासिल किए। दक्षिण कोरिया की सुह्योन होंग और गाउन चू की जोड़ी 478.0 अंक के साथ दूसरे स्थान पर रही, जबकि ईरान ने 415.8 अंक के साथ कांस्य पदक जीता। भारतीय जोड़ी ने रजत पदक विजेता जोड़ी से 6.6 अंक की बढ़त बनाई।

इससे पहले कमलजीत और सुरुचि ने क्वालीफिकेशन में शीर्ष स्थान हासिल कर फाइनल में प्रवेश किया था। उन्होंने पहली सीरीज में 196 अंक, दूसरी में 195 और तीसरी में 196 अंक जुटाकर कुल 587 अंक हासिल किए, जिसमें 29 इनर-10 शामिल थे।

यह 10 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धाओं में भारत का पदक जीतने का आखिरी मौका था। कमलजीत व्यक्तिगत क्वालीफिकेशन में नौवें और सुरुचि 26वें स्थान पर रही थीं और दोनों व्यक्तिगत फाइनल में जगह नहीं बना सकी थीं। भारत पुरुष और महिला टीम स्पर्धाओं में भी पदक से चूक गया था।

फाइनल में भारतीय जोड़ी ने शुरुआत से ही बढ़त बनाए रखी। पहले 10 शॉट के बाद वे 202.4 अंक के साथ शीर्ष पर थीं। सुरुचि ने पहली कोशिश में 10.4 और कमलजीत ने 9.7 अंक हासिल किए, जबकि दूसरी कोशिश में सुरुचि ने 10.2 और कमलजीत ने 9.8 अंक जुटाए। इसके बाद 101.3 अंक की अगली सीरीज के साथ भी भारतीय जोड़ी ने अपनी बढ़त बरकरार रखी।

पुरुष टीम जापान को हराकर पहुंची सेमीफाइनल लेकिन महिला टीम हारी

INDvsJPN लक्ष्य सेन ने वापसी करते हुए शानदार जीत हासिल की जिसकी मदद से भारतीय पुरुष बैडमिंटन टीम ने मंगलवार को क्वार्टरफाइनल में मेजबान जापान को 3-0 से हराकर एशियाई खेलों में पदक पक्का कर दिया एशियाड से पहले लगातार कुछ टूर्नामेंट में शुरूआती दौर से बाहर होने के कारण सेन का मनोबल थोड़ा गिरा हुआ था, उन्होंने पहला गेम गंवाकर शुरुआत की और निर्णायक गेम में 14-19 से पिछड़ने के बाद हार की कगार पर थे।

लेकिन अल्मोड़ा के 25 वर्षीय खिलाड़ी ने अपनी काबिलियत के बूते लगातार सात अंक हासिल कर दुनिया के सातवें नंबर और दो बार के विश्व चैंपियनशिप रजत पदक विजेता कोडाई नाराओका को 11-21, 21-5, 21-19 से हराकर भारत को 1-0 की बढ़त दिलाई। इस सत्र में दो खिताब जीतने वाली सात्विकसाईराज रंकीरेड्डी और चिराग शेट्टी की जोड़ी ने पूर्व विश्व चैंपियन होकी ताकुरो और कोबायाशी युगो की जोड़ी को 21-18, 24-22 से हराकर भारत की बढ़त 2-0 कर दी।

इसके बाद इस साल बैडमिंटन एशिया चैंपियनशिप के फाइनल में पहुंचने वाले आयुष शेट्टी ने शानदार प्रदर्शन करते हुए दुनिया के 16वें नंबर के कोकी वातानाबे को 21-10, 21-19 से हराने के साथ मुकाबला और भारत का पदक पक्का कर दिया।

वहीं विश्व चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीतने वाली त्रीसा जॉली और गायत्री गोपीचंद की जोड़ी ने शानदार खेल दिखाया लेकिन एकल खिलाड़ियों के निराशाजनक प्रदर्शन के कारण भारतीय महिला बैडमिंटन टीम  क्वार्टर फाइनल में जापान से 1-3 से हारकर एशियाई खेलों से बाहर हो गई।

 भारत की तरफ से दो बार की ओलंपिक पदक विजेता पीवी सिंधू ने मुकाबले की शुरुआत की। उन्होंने विश्व में तीसरे नंबर की खिलाड़ी अकाने यामागुची के सामने कड़ी चुनौती पेश की लेकिन निर्णायक गेम में उनका प्रदर्शन बेहद निराशाजनक रहा और वह आखिर में 23-21, 18-21, 6-21 से हार गईं।उन्नाति हुड्डा इसके बाद 2022 की विश्व जूनियर चैंपियन और विश्व में सातवें नंबर की खिलाड़ी टोमोका मियाजाकी से 16-21, 18-21 से हार गईं, जिससे जापान 2-0 से आगे हो गया।

नयी दिल्ली में हाल ही में विश्व चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीतने वाली त्रीसा और गायत्री ने पहले युगल मैच में युकी फुकुशिमा और मायु मात्सुमोतो को 21-17, 21-16 से हराकर भारत को मुकाबले में बनाए रखा।लेकिन युवा शटलर तन्वी शर्मा तीसरे एकल मुकाबले में पूर्व विश्व चैंपियन नोजोमी ओकुहारा से 12-21, 10-21 से हार गईं और इस तरह से जापान ने 3-1 से जीत हासिल कर ली। 

Asian Games 2026: सुचिका तारियाल ने रचा इतिहास, मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स (MMA) में भारत को दिलाया पहला मेडल!

एशियन गेम्स में सुचिका तारियाल ने भारत के लिए एक बड़ी जीत हासिल की है। 36 साल की सुचिका ने महिलाओं के ट्रेडिशनल MMA 60 किलो वर्ग में कांस्य पदक जीता है। इसके साथ ही वह एशियन गेम्स में MMA में भारत के लिए मेडल जीतने वाली पहली खिलाड़ी बन गई हैं। MMA से पहले वह जूडो और जिउ-जित्सु में भी भारत को रिप्रेजेंट कर चुकी हैं।

क्वार्टर फाइनल में मिली शानदार जीत

सोमवार, 21 सितंबर को आइची-नागोया में हुए मैच में सुचिका ने क्वार्टर फाइनल में मंगोलिया की अल्तानचिमेग बैगलमा को 2-0 से हराया। इस जीत के बाद उन्होंने सेमीफाइनल में जगह बनाई। यहां उनका मुकाबला सिंगापुर की टेओ हुई हून से हुआ, जिसमें सुचिका को 3-0 से हार मिली। लेकिन सेमीफाइनल में हारने वाले दोनों खिलाड़ियों को कांस्य पदक दिया जाता है।

जूडो से शुरू हुआ खेल का सफर

सुचिका ने सिर्फ 12 साल की उम्र में जूडो खेलना शुरू कर दिया था। उन्होंने इस खेल में खूब मेहनत की और आठ बार नेशनल चैंपियन बनीं। इसके अलावा 2019 कॉमनवेल्थ जूडो चैंपियनशिप और 2019 साउथ एशियन गेम्स में उन्होंने गोल्ड मेडल जीता। इसके बाद 2022 बर्मिंघम कॉमनवेल्थ गेम्स में उन्होंने महिलाओं के 57 किलो वर्ग में भारत को रिप्रेजेंट किया।

इस तरह कॉम्बैट स्पोर्ट्स में बनाया अपना नाम

  • जिउ-जित्सु में मिली सफलता: जूडो के बाद सुचिका ने जिउ-जित्सु में भी हाथ आजमाया। 2024 जिउ-जित्सु वर्ल्ड चैंपियनशिप में उन्होंने महिलाओं की 63 किलो कॉन्टैक्ट कैटेगरी में गोल्ड मेडल जीता।
  • MMA में शुरुआत: सुचिका ने 2017 में पहली बार MMA में कदम रखा था। लेकिन इसके बाद वह करीब सात साल तक इस खेल से दूर रहीं।
  • 2024 में फिर की वापसी: लंबे ब्रेक के बाद उन्होंने 2024 में MMA में वापसी की। बहरीन में वापसी में उन्होंने मैच जीतकर अच्छी शुरुआत की।
  • BRAVE से जुड़ीं: MMA में वापसी के बाद सुचिका ने BRAVE Combat Federation के साथ कॉन्ट्रैक्ट भी साइन किया।

पहले भी खेल चुकी हैं एशियन गेम्स

  • 2023 में पार्टिसिपेट किया: सुचिका ने 2023 के हांग्जो एशियन गेम्स में भारत को रिप्रेजेंट किया था। उस समय उन्होंने कुराश में हिस्सा लिया था।
  • टारगेट ग्रुप से जुड़ी: आइची-नागोया एशियन गेम्स की तैयारी के लिए उन्हें खेल मंत्रालय के टारगेट एशियन गेम्स ग्रुप में शामिल किया गया।
  • 2026 में भी जीता मेडल: एशियन गेम्स से पहले 2026 की शुरुआत में सुचिका ने एशियन मिक्स्ड मार्शल आर्ट्स चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीता था।
  • टीवी शो में भी आईं नजर: खेल के अलावा सुचिका MTV Roadies और India’s Ultimate Warrior जैसे टीवी रियलिटी शो में काम कर चुकी हैं।

सुचिका तारियाल की जीत भारतीय खेलों में नया मुकाम बनाती है। जिस तरह कॉम्बैट स्पोर्ट्स में महिला खिलाड़ी लगातार अपनी जगह बना रही हैं, उससे आने वाली जनरेशन को भी इससे आगे बढ़ने की प्रेरणा मिल सकती है। सुचिका की जीत इसी बदलती तस्वीर की एक खास मिसाल है।