खराब मौसम की चेतावनी: इन राज्यों में 3 दिन तक मूसलाधार बारिश का खतरा, IMD ने दिल्ली-यूपी से बिहार तक दिया हैवी रेन का अलर्ट

India Weather Weekly Update: देशभर में मानसूनी हवाओं और कई मजबूत वायुमंडलीय प्रणालियों के एक्टिव होने की वजह से कई इलाकों में धुंआधार बारिश हो रही है। इस बीच भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने केरल, तटीय कर्नाटक और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में अगले 2 से 3 दिनों तक भारी से बहुत भारी बारिश होने का पू्र्वानुमान दिया है। मौसम विभाग ने केरल में 6 अगस्त को एक्सट्रीमली हैवी भारी बारिश को लेकर खास चेतावनी जारी की है। इसके अलावा उत्तर-पश्चिम भारत, मध्य भारत, पूर्वी भारत और पूर्वोत्तर राज्यों में पूरे सप्ताह भारी बारिश का सिलसिला जारी रहने का अनुमान है।

बीते 24 घंटों के दौरान देश के कई राज्यों में भीषण बारिश दर्ज की गई है। इस दौरान पूर्वी राजस्थान, बिहार, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, मध्य महाराष्ट्र, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, लक्षद्वीप और मिजोरम के अलग-अलग हिस्सों में 12 से 20 सेमी तक बारिश हुई है। गंगातटीय पश्चिम बंगाल, छत्तीसगढ़, झारखंड, ओडिशा, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पूर्वी उत्तर प्रदेश, तटीय कर्नाटक, असम और दिल्ली में 7 से 11 सेमी तक बारिश दर्ज की गई।

देश में सक्रिय मौसम प्रणालियां

मौसम विभाग के मुताबिक अभी में कई मौसमी प्रणालियां एक साथ सक्रिय हैं, जिससे बारिश की गतिविधियों में तेजी आई है। इस समय मानसून ट्रफ रेखा का पश्चिमी सिरा अपनी सामान्य स्थिति से उत्तर की ओर है, जबकि पूर्वी सिरा मध्य समुद्र तल पर अपनी सामान्य स्थिति के पास बना हुआ है। मध्य और ऊपरी क्षोभमंडलीय पछुआ हवाओं के रूप में एक पश्चिमी विक्षोभ ट्रफ रेखा के रूप में करीब 73° पूर्व देशांतर और 29° उत्तर अक्षांश के उत्तर में सक्रिय है।

निचले क्षोभमंडलीय स्तर पर एक ऊपरी हवा का चक्रवातीय परिसंचरण दक्षिण-पश्चिम उत्तर प्रदेश पर बना हुआ है जबकि दूसरा निचले व मध्य क्षोभमंडलीय स्तर पर दक्षिण-पूर्व उत्तर प्रदेश के ऊपर मौजूद है। इसके साथ ही उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उससे सटे उत्तरी ओडिशा व गंगातटीय पश्चिम बंगाल के तटों के पास निचले क्षोभमंडल में एक अन्य चक्रवातीय परिसंचरण सक्रिय है। वहीं दक्षिण गंगातटीय पश्चिम बंगाल और बांग्लादेश के ऊपर भी एक चक्रवातीय परिसंचरण बना हुआ है।

उत्तर-पश्चिम भारत: दिल्ली, यूपी, राजस्थान और पहाड़ों का हाल

उत्तर-पश्चिम भारत के राज्यों में मानसूनी बादल जमकर बरस रहे हैं। हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में 6 से 12 अगस्त के दौरान कई जगहों पर भारी बारिश का अनुमान है। उत्तराखंड, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और पूर्वी उत्तर प्रदेश में 6 अगस्त को कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश होने की संभावना है। दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा, चंडीगढ़ और पंजाब में 6 और 7 अगस्त को कई जगहों पर भारी बारिश का अलर्ट है। उत्तर प्रदेश की बात करें तो पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 9 और 10 अगस्त को तथा पूर्वी उत्तर प्रदेश में 7 से 9 अगस्त तक भारी बारिश की संभावना है।

पहाड़ी क्षेत्रों में जम्मू-कश्मीर, लद्दाख में 6 अगस्त और 9 से 12 अगस्त के दौरान व्यापक बारिश और 9 से 12 अगस्त के बीच भारी बारिश दर्ज की जा सकती है। पूर्वी राजस्थान में 6 से 9 अगस्त के दौरान बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है जबकि 10 और 11 अगस्त को भारी बारिश हो सकती है। वहीं पश्चिमी राजस्थान में 8 से 10 अगस्त के दौरान भारी बारिश होने का अनुमान है। उत्तराखंड में 6 से 12 अगस्त तक गरज-चमक और बिजली गिरने का अलर्ट भी जारी किया गया है।

मध्य भारत: मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और विदर्भ में बारिश का अलर्ट

मध्य भारत के राज्यों में मानसूनी गति में तेजी देखी जा रही है। मध्य प्रदेश में भारी से बहुत भारी बारिश का अनुमान जताया गया है। पश्चिमी मध्य प्रदेश में 6 अगस्त को बहुत भारी बारिश हो सकती है जबकि 7 से 11 अगस्त तक भारी बारिश जारी रहने की संभावना है। पूर्वी मध्य प्रदेश में 6 अगस्त और 8 से 10 अगस्त तक भारी बारिश होगी जबकि 7 अगस्त को बहुत भारी बारिश का अलर्ट दिया गया है।

छत्तीसगढ़ में 6 और 7 अगस्त और 11 और 12 अगस्त को व्यापक बारिश और 6-7 अगस्त को भारी बारिश होने का अनुमान है। विदर्भ में 6 से 10 अगस्त तक बारिश होगी। मौसम विभाग ने विदर्भ में 6 अगस्त को तथा छत्तीसगढ़ में 6 से 10 अगस्त के बीच गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की चेतावनी दी है।

पूर्वी भारत: बिहार, झारखंड, ओडिशा और बंगाल में बिजली गिरने का खतरा

पूर्वी भारत में साइक्लोनिक एक्टिविटी के असर से बारिश का जोर रहेगा। बिहार में 6 से 9 अगस्त के दौरान कई जगहों पर भारी बारिश हो सकती है। झारखंड में 6 से 8 अगस्त और 10 से 12 अगस्त के दौरान व्यापक बारिश के साथ 6 से 8 अगस्त तक भारी बारिश की आशंका है। गंगातटीय पश्चिम बंगाल में 6 अगस्त को बहुत भारी बारिश होने की संभावना है जबकि 7 और 9 अगस्त को भारी बारिश दर्ज की जा सकती है।

ओडिशा में 6 और 7 अगस्त को बहुत भारी बारिश का अलर्ट है जिसके बाद 8 से 12 अगस्त तक भारी बारिश जारी रहेगी। उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम में 8 तथा 9 अगस्त को भारी बारिश हो सकती है। इसके अलावा अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में 6 से 8 अगस्त के दौरान भारी बारिश का अनुमान है। मौसम विभाग ने 6 अगस्त को झारखंड, गंगातटीय पश्चिम बंगाल और ओडिशा में मध्यम से तीव्र आकाशीय बिजली गिरने की चेतावनी जारी की है।

पूर्वोत्तर भारत: असम, मेघालय और नागालैंड में भारी से बहुत भारी बारिश

पूर्वोत्तर राज्यों में मानसूनी गतिविधियां काफी मजबूत बनी हुई हैं। नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में 6 अगस्त को अलग-अलग स्थानों पर बहुत भारी बारिश होने की संभावना है जबकि 7 से 12 अगस्त के दौरान भारी बारिश जारी रहेगी। असम और मेघालय में 6 से 12 अगस्त तक भारी बारिश का दौर जारी रहेगा, जिसमें 6-7 अगस्त और 12 अगस्त को व्यापक वर्षा का अनुमान है।

अरुणाचल प्रदेश में 7-8 अगस्त और 11-12 अगस्त को भारी बारिश होने की संभावना है। इसके साथ ही असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश और नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा के इलाकों में 6 से 10 अगस्त के दौरान आंधी-तूफान के साथ आकाशीय बिजली गिरने का अलर्ट दिया गया है।

पश्चिम भारत: कोंकण-गोवा और मध्य महाराष्ट्र में झमाझम बरसेंगे बादल

पश्चिम भारत के तटीय और मैदानी इलाकों में मानसूनी असर दिख रहा है। कोंकण और गोवा में 6 से 12 अगस्त के दौरान व्यापक वर्षा के साथ 6 अगस्त को भारी बारिश का अनुमान है। मध्य महाराष्ट्र में 6 अगस्त को बहुत भारी बारिश की संभावना है जबकि 7 अगस्त को भारी बारिश दर्ज की जा सकती है।

गुजरात क्षेत्र में 9 और 10 अगस्त को तथा सौराष्ट्र व कच्छ में 9 अगस्त को भारी बारिश होने का अनुमान है। मध्य महाराष्ट्र में 6 से 8 अगस्त के दौरान 40 से 50 किमी/घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं (60 किमी/घंटे तक की झोंके) चलने और बिजली चमकने की चेतावनी दी गई है। वहीं मराठवाड़ा में 6, 8 और 9 अगस्त को 30 से 40 किमी/घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चल सकती हैं।

दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत: केरल में अत्यधिक भारी बारिश और तेज हवाओं की चेतावनी

दक्षिण भारत में मानसून अत्यधिक आक्रामक रूप दिखा रहा है। केरल और माहे में 6 अगस्त को कुछ स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश होने का रेड/ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा केरल, तटीय कर्नाटक और दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 6 और 7 अगस्त को बहुत भारी बारिश होने की संभावना है।

तटीय कर्नाटक में 6 से 12 अगस्त तक व्यापक वर्षा होगी और 8-9 अगस्त को भारी बारिश हो सकती है। उत्तर आंतरिक कर्नाटक, तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल और लक्षद्वीप में 6 और 7 अगस्त को भारी बारिश की संभावना है। दक्षिण भारत के तटीय क्षेत्रों में हवा की गति भी तेज रहेगी। तटीय कर्नाटक, केरल, लक्षद्वीप, रायलसीमा और तेलंगाना में 6 से 8 अगस्त के दौरान तथा उत्तर व दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 6 से 9 अगस्त के दौरान तेज सतह हवाएं चलने और 40 से 50 किमी/घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलने का अलर्ट जारी किया गया है।

4 अगस्त का मौसम: बंगाल समेत 3 राज्यों के लिए रेड कलर वॉर्निंग, दिल्ली से यूपी तक धुआंधार बारिश, इन 21 राज्यों में हैवी रेन का अलर्ट

IMD Heavy Rain Alert: देश में मानसूनी हवाएं एक बार फिर प्रचंड रूप धारण कर चुकी हैं। इस बीच भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अपने ताजातरीन वेदर बुलेटिन में 4 अगस्त के लिए देश के कई हिस्सों में मुसलाधार से लेकर अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। पूर्वोत्तर भारत के राज्यों और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल में मूसलाधार बारिश का सिलसिला जारी रहेगा। इसके साथ ही दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और उत्तर प्रदेश समेत कुल 21 राज्यों में भारी बारिश को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

पूर्वोत्तर और बंगाल में भारी बारिश की आशंका: 3 राज्यों के लिए रेड अलर्ट

मौसम विभाग के बुलेटिन के मुताबिक 4 अगस्त को पूर्वोत्तर भारत और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम में कुछ स्थानों पर अत्यंत भारी बारिश (21 सेमी या उससे अधिक) दर्ज की जा सकती है। असम और मेघालय इन दोनों राज्यों में अलग-अलग जगहों पर मूसलाधार बारिश के साथ अत्यंत भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है। पश्चिम बंगाल के उप-हिमालयी क्षेत्रों और सिक्किम में भी 4 अगस्त को एक-दो जगहों पर अत्यधिक भारी बारिश को लेकर लाल चेतावनी दी गई है।

बिहार और पूर्वोत्तर के इन राज्यों में बहुत भारी बारिश की चेतावनी

इसके अलावा पूर्वोत्तर के अन्य राज्यों और पूर्वी भारत में भी बादलों का आक्रामक रुख देखने को मिलेगा। मौसम विभाग ने नीचे दिए गए राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है:-

अरुणाचल प्रदेश

बिहार

नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा

दिल्ली-यूपी से लेकर दक्षिण तक: इन राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट

4 अगस्त को देश के उत्तर, मध्य, पूर्व और दक्षिण-पश्चिमी हिस्सों के राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश होने का अनुमान जताया गया है:-

उत्तर भारत: हरियाणा, चंडीगढ़ व दिल्ली, पंजाब, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर-लद्दाख।

पूर्वी व मध्य भारत: झारखंड, बिहार, ओडिशा, छत्तीसगढ़ और अंडमान व निकोबार द्वीप समूह।

पश्चिम व दक्षिण भारत: मध्य महाराष्ट्र, तटीय कर्नाटक, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, केरल व माहे।

आंधी-तूफान, बिजली कड़कने और तेज हवाओं की चेतावनी

मौसम विभाग ने बारिश के साथ-साथ तेज हवाओं और बिजली गिरने को लेकर भी अलर्ट जारी किया है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी-तूफान चलने की संभावना है। आंध्र प्रदेश, तटीय कर्नाटक, केरल व माहे, लक्षद्वीप और उत्तर आंतरिक कर्नाटक में गरज-चमक के साथ 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।

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बिहार, झारखंड, मध्य प्रदेश, ओडिशा, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, तेलंगाना और पश्चिम बंगाल व सिक्किम में 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने और बिजली गिरने की आशंका है। अरुणाचल प्रदेश, असम व मेघालय, छत्तीसगढ़, जम्मू-कश्मीर, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा, उत्तराखंड और विदर्भ में वज्रपात की चेतावनी जारी की गई है। आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, केरल व माहे, लक्षद्वीप और तेलंगाना के तटीय इलाकों में तेज सतही हवाएं चलने का अनुमान है।

मौसम पूर्वानुमान में कल भारी बारिश की चेतावनी! MP-महाराष्ट्र में होगी मूसलाधार बरसात, दिल्ली-यूपी संग इन 20+ राज्यों में हैवी रेन का अलर्ट

Weather Update News: देशभर में इस वक्त मानसून सक्रिय है और कई इलाकों में भारी से बहुत भारी बारिश हो रही है। कई इलाके बाढ़ से भी जूझ रहे हैं। इसमें सबसे बुरी स्थिति असम की है जहां लाखों की आबादी प्रभावित हुई है और 70 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। इस बीच मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 30 जुलाई के लिए विशेष वेदर बुलेटिन जारी करते हुए मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र के कई हिस्सों में अत्यधिक मूसलाधार बारिश की गंभीर चेतावनी जारी की है।

इसके अलावा दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, पंजाब, हरियाणा और बिहार समेत देश के 20 से अधिक राज्यों में भारी बारिश, तेज आंधी और आकाशीय बिजली चमकने का अलर्ट घोषित किया गया है। मौसम विभाग के मुताबिक उत्तर आंतरिक ओडिशा और उससे सटे छत्तीसगढ़ पर बना गहरा दबाव 15 किमी/घंटे की गति से पश्चिम दिशा की ओर बढ़ा है।

29 जुलाई की सुबह यह मध्य छत्तीसगढ़ और उत्तरी ओडिशा के आसपास केंद्रित था। यह अगले 24 घंटों के दौरान छत्तीसगढ़ और पूर्वी मध्य प्रदेश से होते हुए आगे बढ़ेगा। इस मौसमी तंत्र के असर से 30 जुलाई को देश के बड़े हिस्से में मौसम का मिजाज काफी खराब रहने वाला है।

MP और महाराष्ट्र में अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग ने 30 जुलाई को मध्य महाराष्ट्र और पश्चिम मध्य प्रदेश में अलग-अलग स्थानों पर अत्यधिक भारी बारिश होने की आशंका जताई है। इस दौरान 21 सेंटीमीटर से भी अधिक बारिश दर्ज की जा सकती है, जिससे निचले इलाकों में जलभराव और नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी का खतरा बढ़ गया है।

17 राज्यों/क्षेत्रों में बहुत भारी बारिश का अलर्ट

30 जुलाई को देश के 17 राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों में अलग-अलग जगहों पर बहुत भारी बारिश का अनुमान जताया गया है:-

मध्य व पश्चिम भारत: पूर्वी मध्य प्रदेश, विदर्भ, मराठवाड़ा, कोंकण व गोवा, गुजरात क्षेत्र और पूर्वी राजस्थान।

उत्तर भारत: हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और पंजाब।

दक्षिण भारत: तटीय कर्नाटक, दक्षिण आंतरिक कर्नाटक, केरल व माहे और तेलंगाना।

पूर्व व पूर्वोत्तर भारत: असम व मेघालय, अरुणाचल प्रदेश और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम।

दिल्ली-यूपी समेत इन राज्यों में भारी बारिश (Heavy Rain) की चेतावनी

IMD के वेदर बुलेटिन के मुताबिक नीचे दिए गए राज्यों और क्षेत्रों में अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश होने की पूरी संभावना है:-

दिल्ली और आसपास: दिल्ली, हरियाणा और चंडीगढ़।

उत्तर भारत: पश्चिम उत्तर प्रदेश, पश्चिम राजस्थान, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख।

मध्य व पूर्वोत्तर भारत: छत्तीसगढ़, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा।

दक्षिण व द्वीप समूह: उत्तर आंतरिक कर्नाटक, तमिलनाडु-पुडुचेरी व कराइकल और लक्षद्वीप।

तेज हवाओं (40-50 kmph) और आंधी-तूफान का अलर्ट

मौसम विभाग के मुताबिक, कल कई राज्यों में तेज मानसूनी हवाओं और गरज-चमक के साथ आंधी चलने का अनुमान है। अंडमान व निकोबार द्वीप समूह, तटीय आंध्र प्रदेश, आंतरिक कर्नाटक (उत्तर व दक्षिण), केरल व माहे, कोंकण व गोवा, महाराष्ट्र (विदर्भ, मराठवाड़ा व मध्य महाराष्ट्र), पश्चिम मध्य प्रदेश, तमिलनाडु, पुडुचेरी एवं कराइकल और लक्षद्वीप में 40-50 किमी/घंटा की रफ्तार से तूफानी हवाएं और आकाशीय बिजली गिरने का अलर्ट है।

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इसी तरह बिहार, झारखंड और गांगेय पश्चिम बंगाल, तटीय कर्नाटक, पूर्वी मध्य प्रदेश, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख, ओडिशा और राजस्थान (पूर्वी व पश्चिम) में 30-40 किमी/घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं और वज्रपात का अलर्ट है। इसके अलावा उत्तराखंड, छत्तीसगढ़, गुजरात राज्य, अरुणाचल प्रदेश, असम व मेघालय और नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा में कई स्थानों पर मेघगर्जन और बिजली गिरने की चेतावनी दी गई है। इसके अलावा तटीय व आंतरिक आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, केरल व माहे और लक्षद्वीप के तटीय क्षेत्रों में बहुत तेज सतही हवाएं चलने की संभावना है, जिससे समुद्र में भी हलचल तेज रहेगी।

कल 28 जुलाई को बारिश का तांडव: दिल्ली-UP समेत इन 12 राज्यों में बहुत भारी बारिश का अलर्ट, IMD ने बताया कहां-कहां रहेगा तूफानी मौसम

kal Ka Mausam 28 July: देश में इस वक्त कई इलाकों में तूफानी बारिश का दौर जारी है। असम से लेकर गुजरात और ओडिशा तक भारी बारिश ने आम जनजीवन को तबाह कर रखा है। मौसम विभाग की मानें तो आने वाले दिनों में बारिश का और जोरदार रूप देखने को मिल सकता है। इस बीच भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 28 जुलाई के लिए अपना मौसम बुलेटिन जारी कर दिया है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक 28 जुलाई को दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब और हिमाचल प्रदेश समेत देश के 12 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

इसके अलावा देश के लगभग 15 से अधिक अन्य राज्यों में मूसलाधार बारिश, तेज अंधड़, आकाशीय बिजली और तटीय इलाकों में तूफानी हवाओं की गंभीर चेतावनी दी गई है। आइए जानते हैं कि 28 जुलाई को देश के अलग-अलग राज्यों में मौसम का मिजाज कैसा रहने वाला है।

दिल्ली-UP समेत इन 12 राज्यों में बहुत भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग के मुताबिक 28 जुलाई को देश के 12 प्रमुख राज्यों और क्षेत्रों में छिटपुट स्थानों पर भारी से बहुत भारी वर्षा होने का पूर्वानुमान जताया गया है:-

हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली: दिल्ली-एनसीआर और आसपास के मैदानी इलाकों में मूसलाधार से अति भारी बारिश दर्ज हो सकती है।

उत्तर प्रदेश: राज्य के अलग अलग जिलों में तेज बादलों के जमावड़े के साथ बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

उत्तराखंड: पहाड़ी राज्य उत्तराखंड में भूस्खलन और जलभराव की आशंका के साथ अति भारी बारिश हो सकती है।

हिमाचल प्रदेश: हिमाचल के कई हिस्सों में तेज मूसलाधार बारिश होने का पूर्वाकलन है।

पंजाब: पंजाब के अलग-अलग जिलों में बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी गई है।

छत्तीसगढ़: राज्य के कई इलाकों में मूसलाधार बरसात जारी रहेगी।

ओडिशा: तटीय व आंतरिक ओडिशा में भारी से बहुत भारी वर्षा होने के आसार हैं।

विदर्भ: महाराष्ट्र के विदर्भ क्षेत्र में बहुत भारी बारिश का अलर्ट है।

मध्य महाराष्ट्र: मध्य महाराष्ट्र और इसके घाट इलाकों में मूसलाधार बारिश की संभावना है।

तटीय कर्नाटक: तटीय जिलों में अति भारी बारिश का दौर बना रहेगा।

दक्षिण आंतरिक कर्नाटक: राज्य के दक्षिणी आंतरिक हिस्सों में मूसलाधार बारिश का पूर्वाकलन है।

इन राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी

मौसम विभाग ने देश के 15 अन्य राज्यों और क्षेत्रों में अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश की संभावना जताई है:-

उत्तर व पश्चिम भारत: पूर्वी राजस्थान, गुजरात रीजन और कोंकण व गोवा के जिलों में भारी बारिश हो सकती है।

मध्य भारत: मध्य प्रदेश के अलग अलग हिस्सों में भारी बारिश का अलर्ट है।

पूर्वी व पूर्वोत्तर भारत: पश्चिम बंगाल व सिक्किम, झारखंड, असम व मेघालय और नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा में मूसलाधार बारिश दर्ज हो सकती है।

दक्षिण भारत: तटीय आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, उत्तर आंतरिक कर्नाटक, केरल व माहे में भारी बारिश होने की संभावना है।

40-50 किमी/घंटा की तूफानी हवाएं और वज्रपात की चेतावनी

28 जुलाई को कई राज्यों में बारिश के साथ-साथ गरज-चमक, आंधी और तेज हवाओं का प्रकोप भी देखने को मिलेगा। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, तटीय आंध्र प्रदेश, गांगेय पश्चिम बंगाल, पूरे कर्नाटक, केरल व माहे और ओडिशा में गरज-चमक के साथ 40 से 50 किमी प्रति घंटे (झोंके और तेज) की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलेंगी।

पूर्वी राजस्थान, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख, मध्य प्रदेश, तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल और तेलंगाना में आंधी और आकाशीय बिजली के साथ 30 से 40 किमी/घंटा की रफ्तार से हवाएं चलने का अनुमान है।

अरुणाचल प्रदेश, असम व मेघालय, छत्तीसगढ़, गुजरात राज्य, झारखंड, पूरे महाराष्ट्र, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा और उत्तराखंड में अलग-अलग स्थानों पर बिजली चमकने और वज्रपात की चेतावनी दी गई है। कर्नाटक, केरल व माहे और तेलंगाना में दिन के दौरान तेज सतही हवाएं चलेंगी।

अरब सागर और बंगाल की खाड़ी के लिए समुद्री चेतावनी

समुद्र में तेज हवाओं और उथल-पुथल को देखते हुए मौसम विभाग ने तटीय इलाकों और मछुआरों के लिए अलर्ट जारी किया है। मध्य अरब सागर के अधिकांश हिस्सों, दक्षिण-पश्चिम व उत्तर अरब सागर के कुछ भागों और सोमालिया और ओमान तटों के पास 45-55 किमी/घंटा (झोंके 65 किमी/घंटा) की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलेंगी।

दक्षिण गुजरात और कोंकण-गोवा तटों से लगे उत्तर-पूर्वी व पूर्व-मध्य अरब सागर में 40-50 किमी/घंटा (झोंके 60 किमी/घंटा) की गति से मौसम खराब रहेगा। पश्चिम बंगाल और ओडिशा तटों और उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी के अधिकांश हिस्सों में 55-65 किमी/घंटा (झोंके 75 किमी/घंटा) की बेहद भीषण तूफानी हवाएं चलेंगी।

barishalert

उत्तरी आंध्र प्रदेश तट, मध्य व उत्तर बंगाल की खाड़ी के हिस्सों और दक्षिण श्रीलंका तट से सटे दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में 45-55 किमी/घंटा (झोंके 65 किमी/घंटा) की रफ्तार से हवाएं चलेंगी। अंडमान सागर, बांग्लादेश व म्यांमार तटों, उत्तर-पूर्वी, मध्य व दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और मन्नार की खाड़ी में 40-50 किमी/घंटा (झोंके 60 किमी/घंटा) की गति से तूफानी मौसम बना रहेगा।

मौसम अलर्ट: अगले 7 दिन भारी बारिश की आशंका! कई राज्यों में बाढ़ जैसे हालात का खतरा, इन 26 राज्यों के लिए IMD ने जारी की चेतावनी

India Weather Update: देश के कई हिस्सों में मानसून एक बार फिर अपने प्रचंड रूप में आ गया है। उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उससे सटे ओडिशा-पश्चिम बंगाल तट पर बने डिप्रेशन की वजह से अगले सात दिनों तक देश के बड़े हिस्से में भारी से अत्यंत भारी बारिश का दौर जारी रहने का अनुमान है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक यह डिप्रेशन अगले 24 घंटों में और मजबूत होकर डीप डिप्रेशन में बदल जाएगा। इसके 27 जुलाई की दोपहर तक पाराद्वीप और सागर द्वीप के बीच ओडिशा और पश्चिम बंगाल तटों को पार करने की संभावना है।

मौसम विभाग ने अगले 7 दिनों (26 जुलाई से 1 अगस्त 2026) के दौरान देश के 26 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में मूसलाधार बारिश, तेज हवाओं और बिजली गिरने की गंभीर चेतावनी जारी की है। ओडिशा और छत्तीसगढ़ जैसे राज्यों में भारी बारिश से बाढ़ जैसे हालात उत्पन्न होने की आशंका है।

पिछले 24 घंटों का हाल: ओडिशा में 33 सेमी रिकॉर्ड बारिश

मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, पिछले 24 घंटों के दौरान ओडिशा में रिकॉर्ड तोड़ अत्यंत भारी बारिश दर्ज की गई है। ओडिशा के जगतसिंहपुर में 33 सेमी बारिश दर्ज की गई। छत्तीसगढ़, कोंकण, मध्य महाराष्ट्र, गुजरात और तटीय कर्नाटक के इलाकों में भारी बारिश हुई है। इसी तरह हिमाचल प्रदेश, पश्चिमी उत्तर प्रदेश, राजस्थान और असम में भी काफी भारी बारिश देखने को मिली है।

जानिए आपके राज्य में अगले 7 दिन कैसा रहेगा मौसम? (क्षेत्रवार और राज्यवार पूर्वानुमान)

1- पूर्वी भारत: ओडिशा और बंगाल पर सबसे ज्यादा खतरा

ओडिशा: डिप्रेशन के सीधे असर के चलते 26 और 27 जुलाई को राज्य के कई हिस्सों में अत्यंत भारी बारिश होने की संभावना है। 28 जुलाई को अति भारी बारिश और 29 जुलाई से 1 अगस्त के दौरान भारी बारिश का सिलसिला बना रहेगा। तटीय इलाकों में 30-50 किमी/घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी।

गंगेटिक पश्चिम बंगाल: 26 और 27 जुलाई को छिटपुट स्थानों पर अति भारी बारिश का अलर्ट है। 28 जुलाई को भी भारी बारिश की संभावना है। 26 से 28 जुलाई के दौरान 40-60 किमी/घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं।

उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम: 27 जुलाई से 1 अगस्त के बीच अधिकांश स्थानों पर बारिश और 28 जुलाई से 1 अगस्त के दौरान भारी बारिश का अनुमान है।

झारखंड: 26 से 28 जुलाई के दौरान भारी बारिश और 30 किमी/घंटे तक की रफ्तार से हवाएं चलने का पूर्वानुमान है।

बिहार: 26 से 29 जुलाई के दौरान हल्की से मध्यम बारिश और 28 जुलाई से 1 अगस्त के बीच कुछ इलाकों में भारी बारिश की संभावना है।

2- मध्य भारत: छत्तीसगढ़ में बाढ़ की आशंका, एमपी-विदर्भ में अलर्ट

छत्तीसगढ़: 27 जुलाई को छत्तीसगढ़ में कुछ स्थानों पर अत्यंत भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया गया है। इसके अलावा 26 और 28 जुलाई को भी अति भारी बारिश हो सकती है। 29 जुलाई से 1 अगस्त तक लगातार भारी बारिश जारी रहेगी।

पूर्वी और पश्चिमी मध्य प्रदेश: पूर्वी मध्य प्रदेश में 29-30 जुलाई को अति भारी बारिश, जबकि 27-28 जुलाई और 31 जुलाई को भारी बारिश की संभावना है। वहीं, पश्चिमी मध्य प्रदेश में 30-31 जुलाई को अति भारी बारिश का अलर्ट है। 26 से 30 जुलाई के दौरान दोनों हिस्सों में 50 किमी/घंटे तक की रफ्तार से आंधी-तूफान चल सकता है।

विदर्भ (महाराष्ट्र): 28 और 29 जुलाई को अति भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। 26, 27 और 30 जुलाई को भारी बारिश हो सकती है।

3- उत्तर-पश्चिम भारत: यूपी, दिल्ली-एनसीआर, पंजाब और पहाड़ी राज्यों का हाल

जम्मू-कश्मीर-लद्दाख: 29 और 30 जुलाई को अति भारी बारिश की संभावना है। 28 जुलाई और 31 जुलाई से 1 अगस्त तक भारी बारिश का अलर्ट रहेगा।

हिमाचल प्रदेश: 28 से 31 जुलाई के दौरान भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। 26-27 जुलाई और 1 अगस्त को भी भारी बारिश हो सकती है।

उत्तराखंड: 27 से 29 जुलाई के दौरान भारी से अति भारी बारिश का दौर जारी रहेगा। 26 जुलाई और 30 जुलाई से 1 अगस्त तक भी बारिश का अलर्ट है।

हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली और पंजाब: 28 और 29 जुलाई को दिल्ली-एनसीआर, पंजाब और हरियाणा में अति भारी बारिश का अनुमान जताया गया है। वहीं 27 जुलाई और 30-31 जुलाई को भारी बारिश होने के आसार हैं।

उत्तर प्रदेश: पूर्वी उत्तर प्रदेश में 27 से 30 जुलाई के दौरान अति भारी बारिश की संभावना है। 31 जुलाई और 1 अगस्त को भी भारी बारिश हो सकती है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 28 से 30 जुलाई के बीच अति भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। 27 जुलाई, 31 जुलाई और 1 अगस्त को भारी बारिश का अनुमान है।

राजस्थान: पूर्वी राजस्थान में 29 से 31 जुलाई के दौरान अति भारी बारिश हो सकती है। 28 जुलाई और 1 अगस्त को भारी बारिश की संभावना है। 28 जुलाई से 1 अगस्त के बीच 50 किमी/घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। पश्चिमी राजस्थान में 26 जुलाई और 31 जुलाई से 1 अगस्त के बीच भारी बारिश की संभावना है।

4- पश्चिम भारत: कोंकण, गोवा और गुजरात में भारी बारिश

कोंकण और गोवा, मध्य महाराष्ट्र: 26 और 27 जुलाई को अति भारी बारिश का अलर्ट है। इसके बाद 28 से 31 जुलाई तक लगातार भारी बारिश होती रहेगी। मध्य महाराष्ट्र में 28-30 जुलाई को तेज हवाएं चलने की उम्मीद है।

गुजरात (क्षेत्र और सौराष्ट्र-कच्छ): गुजरात रीजन में 31 जुलाई और 1 अगस्त को अति भारी बारिश का अलर्ट है। 26-27 जुलाई और 30 जुलाई को भारी बारिश हो सकती है। सौराष्ट्र और कच्छ में 26 जुलाई और 31 जुलाई से 1 अगस्त के दौरान भारी बारिश होने की संभावना है।

5- उत्तर-पूर्व भारत: पूर्वोत्तर के राज्यों में भी आफत

असम और मेघालय: 29 जुलाई को अत्यंत भारी से अति भारी बारिश की संभावना है। 26-28 जुलाई और 30-31 जुलाई को भी भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा: 29 और 30 जुलाई को अति भारी बारिश हो सकती है। 26 से 28 जुलाई और 31 जुलाई को भारी बारिश की संभावना है।

अरुणाचल प्रदेश: 27 से 31 जुलाई के दौरान भारी बारिश होने के आसार हैं।

6- दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत: तटीय इलाकों में अंधड़ की चेतावनी

तटीय आंध्र प्रदेश और यनम: 26 और 27 जुलाई को 70 किमी/घंटे तक की रफ्तार से ‘थंडरस्क्वॉल’ (तेज अंधड़ और तूफान) की चेतावनी दी गई है। 26 से 29 जुलाई तक भारी बारिश होने की संभावना है।

केरल, माहे और तटीय कर्नाटक: केरल में 26 जुलाई से 1 अगस्त तक लगातार भारी बारिश हो सकती है। तटीय कर्नाटक में 26 से 28 जुलाई तक भारी बारिश का अनुमान है।

तमिलनाडु, पुडुचेरी, रायलसीमा और कर्नाटक के आंतरिक भाग: इन क्षेत्रों में 26 से 30 जुलाई के दौरान 40 से 60 किमी/घंटे की रफ्तार से तेज सतही हवाएं चलने और आंधी-तूफान आने की संभावना है।

IMD की सलाह

मौसम विभाग ने ओडिशा, छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल और तटीय राज्यों के जिला प्रशासनों को हाई अलर्ट पर रहने की सलाह दी है। निचले इलाकों में जलभराव, नदी के जलस्तर में बढ़ोतरी और पहाड़ी इलाकों (हिमाचल, उत्तराखंड, जम्मू-कश्मीर) में भूस्खलन की आशंका को देखते हुए यात्रियों व स्थानीय निवासियों को सतर्क रहने और गैर-जरूरी यात्राओं से बचने की हिदायत दी गई है। मछुआरों को बंगाल की खाड़ी के तटीय इलाकों में न जाने की सलाह दी गई है।

Heavy Rain की चेतावनी: आज इन 3 राज्यों के लिए IMD की रेड कलर वॉर्निंग! दिल्ली-यूपी से बिहार तक 19 राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश

India Heavy Rain Alert Today: देश भर में मानसून प्रचंड रूप धारण कर चुका है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने आज 22 जुलाई के लिए नया और विशेष वेदर बुलेटिन जारी कर दिया है। मौसम विभाग ने पश्चिम भारत के 3 प्रमुख क्षेत्रों (गुजरात क्षेत्र, कोंकण व गोवा और मध्य महाराष्ट्र) के लिए रेड कलर वॉर्निंग जारी करते हुए मूसलाधार से अत्यंत भारी बारिश की सख्त चेतावनी दी है। इसके अलावा दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, बिहार, पंजाब, मध्य प्रदेश और ओडिशा समेत देश के 19 राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

आइए जानते हैं कि मौसम विभाग के ताजा विश्लेषण और पूर्वानुमान के अनुसार आज आपके राज्य में मौसम का क्या मिजाज रहने वाला है:-

इन 3 राज्यों/क्षेत्रों के लिए IMD की रेड कलर वॉर्निंग

मौसम विभाग ने आज 22 जुलाई को नीचे दिए गए 3 क्षेत्रों के अलग-अलग इलाकों में मूसलाधार से अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। गुजरात क्षेत्र के मैदानी और उत्तरी भागों में बेहद तेज और मूसलाधार बारिश होने का अनुमान है। तटीय गोवा और कोंकण क्षेत्र में मूसलाधार से अत्यंत भारी बारिश का खतरा बना हुआ है। महाराष्ट्र के मध्यवर्ती इलाकों और घाट क्षेत्रों में भारी से बहुत भारी बारिश के साथ अत्यंत भारी बारिश की आशंका है।

इन 8 राज्यों में बहुत भारी बारिश की ऑरेंज कलर वॉनिंग

देश के 8 राज्यों में आज मूसलाधार से बहुत भारी बारिश दर्ज किए जाने की संभावना है। छत्तीसगढ़ के कई जिलों में मूसलाधार बारिश का अलर्ट है। राजस्थान के पूर्वी हिस्से में बहुत भारी बारिश हो सकती है। पहाड़ी राज्य हिमाचल में मूसलाधार बारिश की चेतावनी दी गई है। जम्मू-कश्मीर-लद्दाख के पूरे पर्वतीय अंचल में बहुत भारी बारिश होने का अनुमान है। इसी के साथ पूरे मध्य प्रदेश में मानसूनी बादल जमकर बरसेंगे। पूर्वी तटीय राज्य ओडिशा में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट है। पंजाब के अलग-अलग इलाकों में तेज बारिश होगी। महाराष्ट्र के विदर्भ अंचल में मूसलाधार बारिश दर्ज की जाएगी।

दिल्ली-यूपी और बिहार समेत इन 11 राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग ने देश के 11 राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना जताई है:-

उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड: यूपी और देवभूमि उत्तराखंड के विभिन्न जिलों में तेज बारिश होगी।

हरियाणा, चंडीगढ़ और दिल्ली: राजधानी दिल्ली, हरियाणा और चंडीगढ़ में आज दिन भर बादल छाए रहेंगे और भारी बारिश दर्ज की जाएगी।

बिहार और गांगेय पश्चिम बंगाल: दोनों राज्यों में कई स्थानों पर गरज-चमक के साथ भारी बारिश का दौर जारी रहेगा।

पश्चिमी राजस्थान: राजस्थान के पश्चिमी अंचलों में भारी वर्षा की संभावना है।

मराठवाड़ा: महाराष्ट्र के मराठवाड़ा क्षेत्र में भारी बारिश का अलर्ट है।

तेलंगाना: दक्षिणी राज्य तेलंगाना में कई जगहों पर भारी बारिश होगी।

पूर्वांचल और पूर्वोत्तर राज्य: असम और मेघालय के साथ-साथ नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भारी बारिश का अनुमान है।

40-50 kmph की रफ्तार से चलेगी आंधी और थंडरस्टॉर्म अलर्ट

बारिश के साथ-साथ कई राज्यों में तेज तूफानी हवाएं और आकाशीय बिजली गिरने का खतरा भी बना रहेगा। आंध्र प्रदेश, उत्तरी आंतरिक कर्नाटक और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराइकल में अलग-अलग स्थानों पर गरज-चमक के साथ 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलने का अलर्ट है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, बिहार, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख, झारखंड, मध्य प्रदेश, ओडिशा, राजस्थान, दक्षिणी आंतरिक कर्नाटक और तेलंगाना में आंधी-तूफान के साथ 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलेंगी।

असम व मेघालय, छत्तीसगढ़, गुजरात क्षेत्र, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम व त्रिपुरा, उत्तराखंड, विदर्भ और पश्चिम बंगाल व सिक्किम में आकाशीय बिजली कड़कने की चेतावनी दी गई है। आंध्र प्रदेश, आंतरिक कर्नाटक और तेलंगाना के अलग-अलग इलाकों में दिन भर तेज सतही हवाएं चलेंगी।

मौसम वैज्ञानिक विश्लेषण

IMD के मुताबिक देश भर में कई प्रमुख मौसमी प्रणालियां सक्रिय हैं:-

मानसून ट्रफ: समुद्र तल पर मानसून की ट्रफ लाइन जैसलमेर, अजमेर, गुना, सतना, डाल्टनगंज, दीघा से होते हुए उत्तर-पूर्व बंगाल की खाड़ी तक गुजर रही है।

ईस्ट-वेस्ट शीयर जोन: 22°N अक्षांश के साथ समुद्र तल से 3।1 किमी से 7।6 किमी की ऊंचाई के बीच शीयर जोन बना हुआ है, जो ऊंचाई के साथ दक्षिण-पश्चिम की ओर झुका है।

वेस्टर्न डिस्टर्बेंस: उत्तर पाकिस्तान और उससे सटे उत्तरी पंजाब के ऊपर 3।1 किमी की ऊंचाई पर एक पश्चिमी विक्षोभ चक्रवाती परिसंचरण के रूप में सक्रिय है, जिसकी ट्रफ रेखा 70°E देशांतर के साथ 30°N अक्षांश के उत्तर में बनी हुई है।

उत्तर असम पर सिस्टम: उत्तरी असम और आसपास के क्षेत्र में 0।9 किमी की ऊंचाई पर एक ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है।

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IMD Heavy Rain Alert: देशभर में मानसून का कहर! दिल्ली-मुंबई और कश्मीर समेत कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, बाढ़-भूस्खलन का भी खतरा

IMD Heavy Rain Alert: देशभर में दक्षिण-पश्चिम मानसून एक बार फिर पूरी तरह से एक्टिव हो गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अगले कुछ दिनों तक उत्तर, पूर्व, उत्तर-पूर्व और पश्चिम भारत के कई राज्यों में भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग के अनुसार, लगातार हो रही बारिश के कारण कई इलाकों में अचानक बाढ़, भूस्खलन, जलभराव, नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी और ट्रैफिक बाधित होने की आशंका है।

जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, महाराष्ट्र, असम और नागालैंड समेत कई राज्यों में बारिश का असर पहले ही देखने को मिल रहा है। हालात को देखते हुए राज्य सरकारों और स्थानीय प्रशासन ने आपदा प्रबंधन की तैयारियां तेज कर दी हैं।

हिमाचल प्रदेश में फ्लैश फ्लड और भूस्खलन का खतरा

IMD ने हिमाचल प्रदेश के चंबा, कांगड़ा, शिमला और मंडी सहित कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। वहीं, ऊना, बिलासपुर, सोलन, हमीरपुर, कुल्लू और सिरमौर में भी तेज बारिश होने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने कहा है कि लगातार बारिश के कारण पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन, चट्टानें गिरने, कीचड़ धंसने और अचानक बाढ़ जैसी घटनाएं हो सकती हैं।

इसके अलावा जलभराव, कम विजिबिलिटी, ट्रैफिक जाम, परिवहन सेवाओं में बाधा, फसलों को नुकसान और बिजली-पानी जैसी आवश्यक सेवाएं भी प्रभावित हो सकती हैं। प्रशासन ने लोगों और पर्यटकों से भूस्खलन संभावित इलाकों, नदियों और तेज बहाव वाले नालों से दूर रहने की अपील की है।

जम्मू-कश्मीर में बाढ़ जैसे हालात, वैष्णो देवी यात्रा अस्थायी रूप से रोकी गई

जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले में भारी बारिश के बाद बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। निचले इलाकों में पानी भर गया है और सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ है। अधिकारियों के अनुसार, इस दौरान एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि एक अन्य व्यक्ति लापता है।

पुंछ जिले में लगातार बारिश के चलते एक मकान गिर गया। इसमें एक ही परिवार के कई सदस्य घायल हो गए। खराब मौसम और भूस्खलन के खतरे को देखते हुए कटरा और त्रिकुटा पहाड़ियों में श्री माता वैष्णो देवी यात्रा को एहतियातन अस्थायी रूप से रोक दिया गया है।

मुंबई में ‘येलो अलर्ट’ जारी, जलभराव की आशंका

देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में शनिवार रात से लगातार मध्यम से भारी बारिश हो रही है। अंधेरी, बांद्रा, विले पार्ले, दादर और मध्य उपनगरों के कई हिस्सों में अच्छी बारिश दर्ज की गई है। IMD ने मुंबई के लिए येलो अलर्ट जारी करते हुए बुधवार तक भारी बारिश की संभावना जताई है। पश्चिमी और मध्य उपनगरों में तेज बारिश के दौर जारी रह सकते हैं।

प्रशासन ने लोगों को जलभराव और ट्रैफिक प्रभावित होने की चेतावनी दी है। हालांकि, सेंट्रल, हार्बर और वेस्टर्न रेलवे की लोकल ट्रेन सेवाएं फिलहाल संचालित हो रही हैं, लेकिन कुछ स्थानों पर गति प्रतिबंध के कारण मामूली देरी देखी जा रही है।

दिल्ली-एनसीआर में गर्मी से राहत, तापमान में आएगी बड़ी गिरावट

दिल्ली-एनसीआर में सोमवार से बुधवार तक गरज-चमक के साथ भारी बारिश होने की संभावना है। इससे वीकेंड की उमस और गर्मी से लोगों को राहत मिलेगी। मौसम विभाग के अनुसार, रविवार को करीब 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचा अधिकतम तापमान मंगलवार तक घटकर करीब 30 डिग्री सेल्सियस रह सकता है। इस दौरान तेज हवाएं, गरज-चमक और बिजली गिरने की भी संभावना जताई गई है।

उत्तर प्रदेश में भी सक्रिय होगा मानसून

उत्तर प्रदेश में अगले 24 घंटों के दौरान मानसून और अधिक सक्रिय होने का अनुमान है। मौसम विभाग ने प्रदेश के कई हिस्सों में गरज-चमक और बिजली गिरने के साथ व्यापक बारिश की संभावना जताई है। कई जिलों में भारी बारिश और कुछ स्थानों पर अति भारी बारिश हो सकती है। राजधानी लखनऊ समेत कई शहरों में रुक-रुक कर बारिश और तेज बौछारें पड़ने की संभावना है, जिससे तापमान सामान्य से नीचे बना रहेगा।

पश्चिम बंगाल में नदियों का जलस्तर बढ़ने की चेतावनी

उत्तर बंगाल के जलपाईगुड़ी और अलीपुरद्वार जिलों में अगले दो दिनों के दौरान अति भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। वहीं, दार्जिलिंग, कालिम्पोंग और कूचबिहार में भी बहुत भारी बारिश होने की संभावना है।

मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन, निचले क्षेत्रों में फ्लैश फ्लड और तीस्ता, तोर्सा, जलढाका और रायडाक जैसी नदियों का जलस्तर बढ़ सकता है। दक्षिण बंगाल के कई जिलों में भी 21 से 23 जुलाई के बीच भारी बारिश का अनुमान है।

उत्तर-पूर्वी राज्यों में जारी रहेगा बारिश का दौर

अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में पूरे सप्ताह व्यापक बारिश जारी रहने की आशंका है। गुवाहाटी में पहले से ही भारी बारिश हो चुकी है। जबकि नागालैंड के कई इलाकों में भूस्खलन, अचानक बाढ़ और सड़कें बंद होने जैसी समस्याएं सामने आ रही हैं।

प्रशासन की लोगों से अपील

मौसम विभाग और प्रशासन ने लोगों से खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने, नदी-नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने तथा स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी गाइडलाइंस का पालन करने की अपील की है। संवेदनशील इलाकों में रहने वाले लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है। IMD के मुताबिक, इस सप्ताह कई राज्यों में भारी बारिश जारी रहने की आशंका है।

IMD की चेतावनी: 7 दिन यूपी समेत इन राज्यों में भारी बारिश, 3 चक्रवाती सिस्टम एक्टिव और 72 घंटों में नया वेस्टर्न डिस्टर्बेंस भी बढ़ाएगा आफत!

India Weather Update: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने देश के मौसम को लेकर एक बड़ा और व्यापक साप्ताहिक पूर्वानुमान जारी किया है। मौसम विभाग के ताजा बुलेटिन के मुताबिक बंगाल की खाड़ी में बने एक बेहद मजबूत वेल-मार्कड लो-प्रेशर एरिया (कम दबाव का क्षेत्र) और देश के विभिन्न हिस्सों में सक्रिय 3 चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulations) की वजह से अगले 7 दिनों के दौरान उत्तर-पूर्वी भारत, पूर्वी उत्तर प्रदेश और पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में भारी से बहुत भारी बारिश होने की पूरी संभावना है।

इसके अलावा अगले 72 घंटों के भीतर (19 जुलाई से) उत्तर-पश्चिम भारत में एक नया पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) दस्तक देने जा रहा है। ये बारिश की रफ्तार को और तेज कर देगा। मौसम विभाग ने ये भी बताया है कि अगले 3 दिनों के दौरान उत्तर-पश्चिम भारत के मैदानी इलाकों और अगले 7 दिनों तक पश्चिम-मध्य व दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत में बारिश की गतिविधियों में थोड़ी कमी देखी जा सकती है।

मौसम विभाग के वेदर बुलेटिन के आधार पर आइए जानते हैं पूरे हफ्ते (16 से 22 जुलाई तक) आपके राज्य के मौसम का पूरा हाल।

एक्टिव वेदर सिस्टम्स का विश्लेषण

मौसम विभाग के मुताबिक इस समय वायुमंडल में कई ताकतवर वेदर सिस्टम एक साथ काम कर रहे हैं:-

वेल-मार्कड लो-प्रेशर एरिया: उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उससे सटे उत्तरी ओडिशा व पश्चिम बंगाल के तटों पर एक मजबूत कम दबाव का क्षेत्र बना हुआ है। यह अगले 2 दिनों के दौरान उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ते हुए उत्तरी ओडिशा और गांगेय पश्चिम बंगाल को पार करेगा। इसी सिस्टम से लेकर पूर्व-मध्य अरब सागर तक मध्य क्षोभमंडल स्तर में एक ट्रफ लाइन भी गुजर रही है।

इसके अलावा अभी 3 चक्रवाती परिसंचरण एक्टिव हैं। पहला चक्रवाती सिस्टम जम्मू संभाग और उसके आस-पास के क्षेत्र में मध्य क्षोभमंडल स्तर पर सक्रिय है। दूसरा चक्रवाती सिस्टम पूर्वी उत्तर प्रदेश और उससे सटे बिहार के ऊपर निचले क्षोभमंडल स्तर पर बना हुआ है। तीसरा चक्रवाती सिस्टम दक्षिण-पश्चिम राजस्थान और उसके आस-पास के इलाके में मौजूद है। इसके अलावा उत्तर हरियाणा के ऊपर भी एक लोअर ट्रॉपोस्फेरिक चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र बना हुआ है। 19 जुलाई से एक ताजा पश्चिमी विक्षोभ उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित करना शुरू करेगा। इससे पहाड़ों से लेकर मैदानों तक मौसम बदलेगा।

पूरे हफ्ते का राज्यवार वेदर फोरकास्ट और अलर्ट (16-22 जुलाई)

उत्तर-पश्चिम भारत (यूपी, दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और पहाड़ी राज्य)

पूर्वी उत्तर प्रदेश में 16-17 जुलाई को छिटपुट बारिश होगी लेकिन 18 से 22 जुलाई के बीच यहां व्यापक बारिश का दौर चलेगा। 17-18 जुलाई और 22 जुलाई को पूर्वी यूपी में भारी बारिश जबकि 19 से 21 जुलाई के बीच बहुत भारी बारिश का अलर्ट है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में 16-18 जुलाई तक छिटपुट बारिश के बाद 19 से 22 जुलाई तक व्यापक बारिश और भारी बारिश होने की संभावना है।

दिल्ली, हरियाणा और पंजाब में 16 से 19 जुलाई तक छिटपुट बारिश की संभावना है। इसके बाद 20 से 22 जुलाई के बीच मौसम करवट लेगा और व्यापक बारिश के साथ कुछ जगहों पर भारी बारिश हो सकती है। उत्तराखंड में पूरे हफ्ते (16-22 जुलाई) व्यापक बारिश होगी। यहां 16-17 जुलाई व 22 जुलाई को भारी बारिश और 18 से 21 जुलाई के दौरान बहुत भारी बारिश की चेतावनी है। हिमाचल में 18-22 जुलाई को व्यापक बारिश होगी जिसमें 19-22 जुलाई के दौरान बहुत भारी बारिश का अलर्ट शामिल है।

जम्मू-कश्मीर में 18-22 जुलाई को भारी बारिश होगी। यहां 21 जुलाई को अत्यंत भारी बारिश की आशंका है। पूर्वी और पश्चिमी राजस्थान में 16 से 22 जुलाई तक छिटपुट से लेकर बिखरी हुई बारिश का दौर जारी रहेगा।

पूर्वी भारत (बिहार, झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल)

ओडिशा में आज (16 जुलाई) कुछ स्थानों पर बहुत भारी से लेकर अत्यंत भारी मूसलाधार बारिश होने की चेतावनी है। इसके बाद 16-18 जुलाई को व्यापक बारिश होगी और 18-20 जुलाई को फिर से भारी बारिश का दौर लौटेगा। 17 जुलाई को यहां बहुत भारी बारिश की संभावना है। बिहार में 17 से 21 जुलाई तक व्यापक बारिश होगी। 16-17 जुलाई और 21-22 जुलाई को भारी बारिश जबकि 18 से 20 जुलाई के दौरान बिहार में बहुत भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट है। झारखंड में 16 से 22 जुलाई तक व्यापक बारिश का अनुमान है जिसमें 16-18 जुलाई को भारी बारिश हो सकती है।

गांगेय पश्चिम बंगाल और उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम में 16 से 22 जुलाई तक पूरे हफ्ते भारी और व्यापक बारिश की गतिविधि जारी रहेगी। उप-हिमालयी क्षेत्र में 18-20 जुलाई को बहुत भारी बारिश का अलर्ट है।

मध्य भारत (मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और विदर्भ)

छत्तीसगढ़ में 16 से 22 जुलाई तक लगातार व्यापक बारिश होगी। 16 जुलाई को बहुत भारी बारिश और 17-21 ⁠जुलाई के दौरान भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। पूर्वी मध्य प्रदेश में 17-22 जुलाई और पश्चिमी मध्य प्रदेश में 21-22 जुलाई को व्यापक बारिश होगी। पूर्वी मध्य प्रदेश में 17-21 जुलाई के दौरान भारी बारिश का अलर्ट है। विदर्भ में 20-22 जुलाई को व्यापक बारिश और 17-18 जुलाई को भारी बारिश हो सकती है।

पूर्वोत्तर भारत (असम, मेघालय और अन्य राज्य)

असम और मेघालय में पूरे हफ्ते (16-22 जुलाई) व्यापक बारिश जारी रहेगी जिसमें 16 से 19 जुलाई के दौरान बहुत भारी बारिश का अलर्ट है। नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी पूरे हफ्ते व्यापक बारिश के साथ भारी बारिश की चेतावनी है। अरुणाचल प्रदेश में 17-19 जुलाई के दौरान बहुत भारी बारिश होने की संभावना है।

पश्चिम और दक्षिण प्रायद्वीपीय भारत

कोंकण और गोवा में 16 से 22 जुलाई तक पूरे हफ्ते व्यापक से बहुत व्यापक बारिश का दौर जारी रहेगा जिसमें 16 जुलाई को भारी बारिश शामिल है। गुजरात और मध्य महाराष्ट्र में छिटपुट बारिश होगी। तटीय कर्नाटक में 17 से 22 जुलाई तक और केरल में 17 से 21 जुलाई तक व्यापक बारिश होने का अनुमान है। दक्षिण के अन्य राज्यों (तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, तमिल नाडु) में पूरे हफ्ते केवल छिटपुट या बिखरी हुई बारिश ही देखने को मिलेगी।

आंधी-तूफान, बिजली और उमस भरी गर्मी का डबल अटैक

जम्मू-कश्मीर में 16-22 जुलाई तक 40-50 किमी/घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलेंगी। राजस्थान में 20-22 जुलाई को धूलभरी आंधी और बिजली चमकने की संभावना है। झारखंड, पश्चिम बंगाल और मध्य प्रदेश में भी 16-20 जुलाई के दौरान तेज हवाओं (40-50 किमी/घंटा) के साथ बिजली गिरने का अलर्ट है।

तटीय आंध्र प्रदेश, रायलसीमा में 16 जुलाई को और तमिलनाडु, पुडुचेरी में 16-17 जुलाई को लू जैसी स्थिति रहेगी। इसके अलावा दिल्ली, हरियाणा, पंजाब में 16-18 जुलाई तक तथा उत्तर प्रदेश (पूर्वी और पश्चिमी) व तेलंगाना में 16 जुलाई को अत्यधिक उमस और पसीने वाली गर्म हवाएं लोगों को परेशान करेंगी।

मछुआरों के लिए समंदर में नो-एंट्री की सलाह

खराब मौसम और तूफानी हवाओं के मद्देनजर मौसम विभाग ने मछुआरों को समुद्र में न जाने की सख्त सलाह दी है। 16 से 21 जुलाई के दौरान सोमालिया, ओमान के तटों और पश्चिम-मध्य व दक्षिण-पश्चिम अरब सागर में जाने पर रोक है। गुजरात तट पर 18-21 जुलाई और उत्तरी महाराष्ट्र तट पर 19-20 जुलाई तक मछुआरों को न जाने की हिदायत है।

16 से 18 जुलाई के दौरान गांगेय पश्चिम बंगाल, ओडिशा तट और उत्तर व मध्य बंगाल की खाड़ी में जाने से बचें। अंडमान सागर में भी 16-17 जुलाई तक समंदर में उतरने पर पूरी तरह पाबंदी लगाई गई है।

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कल का मौसम 16 जुलाई: 5 एक्टिव चक्रवाती सिस्टम और लो प्रेशर एरिया लाएंगे भारी बारिश, आंधी-तूफान! IMD ने बंगाल से बिहार तक ये अलर्ट दिया

Mausam Update: देश भर में मानसून ने अपना रौद्र रूप दिखाना शुरू कर दिया है। इस बीच भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 16 जुलाई के मौसम को लेकर एक बेहद गंभीर चेतावनी जारी की है। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक इस समय एक कम दबाव का क्षेत्र और 5 से अधिक सक्रिय चक्रवाती सिस्टम एक साथ काम कर रहे हैं। इन मजबूत वेदर सिस्टम्स के चलते 16 जुलाई को पश्चिम बंगाल, ओडिशा, बिहार और पूर्वोत्तर राज्यों में मूसलाधार बारिश के साथ-साथ तेज आंधी-तूफान चलने का हाई अलर्ट जारी किया गया है।

आइए विस्तार से समझते हैं कि मौसम में इस बड़े बदलाव के पीछे कौन से वैज्ञानिक कारण हैं और आपके राज्य में कैसा रहेगा मौसम का मिजाज…

देश में ये वेदर सिस्टम एक्टिव

आईएमडी के बुलेटिन के मुताबिक इस समय देश में कई मौसमी प्रणालियां सक्रिय हैं। उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उससे सटे उत्तरी ओडिशा व पश्चिम बंगाल के तटों पर बना कम दबाव का क्षेत्र लगातार बना हुआ है। इससे जुड़ा चक्रवाती परिसंचरण समुद्र तल से 7.6 किमी ऊपर तक फैला हुआ है। मौसम विभाग के मुताबिक इसके अगले 2 दिनों के दौरान और अधिक मजबूत होने के साथ उत्तरी ओडिशा व गांगेय पश्चिम बंगाल से होते हुए उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ने की पूरी संभावना है।

ये हैं 5 एक्टिव चक्रवाती परिसंचरण

उत्तरी पाकिस्तान और उससे सटे इलाकों के ऊपर एक पश्चिमी विक्षोभ चक्रवाती परिसंचरण के रूप में सक्रिय है।

उत्तर-पश्चिम उत्तर प्रदेश और उसके आस-पास के इलाके में समुद्र तल से 0.9 किमी ऊपर एक चक्रवाती हवाओं का क्षेत्र बना हुआ है।

पूर्वी उत्तर प्रदेश और उससे सटे बिहार के ऊपर 0.9 किमी की ऊंचाई पर एक और चक्रवाती परिसंचरण बना हुआ है।

पूर्वी उत्तर प्रदेश के ही ऊपर 5.8 किमी की ऊंचाई पर एक अन्य उच्च वायु चक्रवाती परिसंचरण मौजूद है।

पूर्वी असम और उसके पड़ोस में 1.5 किमी की ऊंचाई पर और उत्तरी गुजरात व दक्षिण-पश्चिम राजस्थान के ऊपर 3.1 से 5.8 किमी की ऊंचाई पर चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय हैं।

मानसून ट्रफ और नया विक्षोभ

मानसून की ट्रफ लाइन इस समय जम्मू, देहरादून, शाहजहाँपुर, बस्ती, पटना, बांकुरा और बंगाल की खाड़ी के लो प्रेशर एरिया के केंद्र से होते हुए दक्षिण-पूर्व की ओर पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी तक जा रही है। इसके साथ ही 19 जुलाई से एक नया पश्चिमी विक्षोभ उत्तर-पश्चिम भारत को प्रभावित करने वाला है।

16 जुलाई को कहां होगी सबसे भारी बारिश?

16 जुलाई को देश के तीन राज्यों में मूसलाधार से अत्यधिक भारी बारिश होने की संभावना है। इससे निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन सकती है:

गांगेय पश्चिम बंगाल

ओडिशा

अरुणाचल प्रदेश

इन इलाकों में भारी बारिश की चेतावनी

इसके अलावा देश के कई अन्य राज्यों में भी बादलों की भारी गर्जना के साथ तेज बारिश होने का अनुमान है:-

बिहार और झारखंड

उत्तराखंड

छत्तीसगढ़

असम और मेघालय

उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम

नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा

आंधी-तूफान और बिजली गिरने का अलर्ट

मौसम विभाग ने भारी बारिश के साथ-साथ देश के कई हिस्सों में तेज आंधी और आकाशीय बिजली गिरने की दोहरी चेतावनी जारी की है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, आंध्र प्रदेश, गांगेय पश्चिम बंगाल, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख, झारखंड और मध्य प्रदेश में 40 से 50 किमी प्रति घंटे (झोंके 60 किमी/घंटा तक) की रफ्तार से धूलभरी आंधी चलने और बिजली गिरने की संभावना है। बिहार, कर्नाटक और तेलंगाना में 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलेंगी और गरज-चमक के साथ बिजली गिर सकती है।

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अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय, छत्तीसगढ़, मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम और उत्तराखंड में 16 जुलाई को तेज बिजली कड़कने की चेतावनी दी गई है।

कुछ राज्यों में हीटवेव और उमस भरी गर्मी का सितम

एक तरफ जहां देश का आधा हिस्सा बारिश से सराबोर रहेगा, वहीं कुछ राज्यों को कल भीषण गर्मी और उमस का सामना करना पड़ेगा। आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराईकल के अलग-अलग हिस्सों में 16 जुलाई को लू चलने की स्थिति बनी रहेगी। उत्तर प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, दिल्ली, तेलंगाना और तटीय कर्नाटक के इलाकों में कल मौसम काफी गर्म और उमस भरा रहने वाला है।

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Mausam Update 15 July: बिहार, बंगाल और ओडिशा में मूसलाधार बारिश की चेतावनी, ये 3 चक्रवाती सिस्टम एक्टिव! IMD ने इन 14 राज्यों के लिए जारी किया अलर्ट

Mausam Update 15 July: देश के कई हिस्सों में मानसून एक बार फिर पूरी रफ्तार पकड़ चुका है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 15 जुलाई के लिए एक नया वेदर बुलेटिन जारी कर बिहार, पश्चिम बंगाल और ओडिशा समेत देश के 14 राज्यों में भारी से अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक बंगाल की खाड़ी में एक नया कम दबाव का क्षेत्र बन गया है। इसके साथ ही तीन बड़े चक्रवाती सिस्टम और सक्रिय हो गए हैं। इनके प्रभाव से मूसलाधार बारिश के साथ-साथ तेज आंधी-तूफान और आकाशीय बिजली गिरने का भी गंभीर खतरा बना हुआ है।

आइए जानते हैं 15 जुलाई को लेकर मौसम विभाग का विस्तृत पूर्वानुमान और इसके पीछे काम कर रहे एक्टिव चक्रवाती सिस्टम।

देश में अभी एक्टिव वेदर सिस्टम: बंगाल की खाड़ी में बना कम दबाव का क्षेत्र

मौसम विभाग के मुताबिक इस समय देश में कई मजबूत चक्रवाती प्रणालियां सक्रिय हैं। ये मानसून को रफ्तार दे रही हैं।

लो प्रेशर एरिया और चक्रवाती परिसंचरण: उत्तर बंगाल की खाड़ी और उससे सटे दक्षिण बांग्लादेश के ऊपर सक्रिय वेदर सिस्टम के प्रभाव से आज उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी, उत्तरी ओडिशा और पश्चिम बंगाल के तटों के पास एक कम दबाव का क्षेत्र बन गया है। इससे संबद्ध चक्रवाती परिसंचरण समुद्र तल से 7.6 किमी ऊपर तक फैला हुआ है और ऊंचाई के साथ दक्षिण-पश्चिम की ओर झुका हुआ है। इसके अगले 2 दिनों के दौरान उत्तरी ओडिशा और गांगेय पश्चिम बंगाल से होते हुए पश्चिम-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ने की प्रबल संभावना है।

गुजरात और राजस्थान में सिस्टम: उत्तरी गुजरात और उससे सटे दक्षिण-पश्चिम राजस्थान के ऊपर समुद्र तल से 5.8 किमी की ऊंचाई पर एक चक्रवाती परिसंचरण (Cyclonic Circulation) बना हुआ है।

उत्तर प्रदेश में चक्रवाती प्रणाली: पूर्वी उत्तर प्रदेश और उसके आस-पास के इलाके में भी समुद्र तल से 5.8 किमी की ऊंचाई पर एक चक्रवाती परिसंचरण सक्रिय है।

पश्चिमी विक्षोभ: उत्तरी पाकिस्तान और उससे सटे जम्मू के ऊपर समुद्र तल से 5.8 किमी की ऊंचाई पर चक्रवाती परिसंचरण के रूप में एक पश्चिमी विक्षोभ बना हुआ है।

मानसून ट्रफ: समुद्र तल पर मानसून ट्रफ वर्तमान में जम्मू, देहरादून, बरेली, गोरखपुर, पटना, बांकुरा और उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी (उत्तरी ओडिशा-पश्चिम बंगाल तटों के पास) में बने कम दबाव के क्षेत्र के केंद्र से होते हुए दक्षिण-पूर्व दिशा में पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी की ओर गुजर रही है।

ओडिशा में अत्यंत भारी बारिश की रेड वॉर्निंग, बिहार और गांगेय बंगाल में ऑरेंज वॉर्निंग

मौसम विभाग ने ओडिशा के अलग-अलग जगहों पर भारी से बहुत भारी बारिश के साथ कुछ हिस्सों में अत्यंत भारी बारिश होने की आशंका जताई है। बिहार और गांगेय पश्चिम बंगाल के अलग-अलग हिस्सों में 15 जुलाई को भारी से बहुत भारी बारिश होने का अनुमान है, जिससे जनजीवन प्रभावित हो सकता है।

इन 11 राज्यों में होगी भारी बारिश

मौसम विभाग के मुताबिक 15 जुलाई को देश के नीचे दिए राज्यों में अलग-अलग जगहों पर भारी बारिश होने की पूरी संभावना है:-

उत्तराखंड

झारखंड

छत्तीसगढ़

तटीय आंध्र प्रदेश

उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम

अरुणाचल प्रदेश

असम और मेघालय

नागालैंड

मणिपुर

मिजोरम

त्रिपुरा

आंधी-तूफान, बिजली चमकने और तेज हवाओं की चेतावनी

सक्रिय चक्रवाती सिस्टम के कारण देश के बड़े हिस्से में तेज आंधी और आकाशीय बिजली गिरने का अलर्ट है। अंडमान और निकोबार द्वीप समूह, गांगेय पश्चिम बंगाल, जम्मू-कश्मीर-लद्दाख और झारखंड में अलग-अलग जगहों पर बिजली चमकने और 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तेज हवाओं (झोंकों) के साथ आंधी चलने की संभावना है।

आंध्र प्रदेश, बिहार, कर्नाटक, केरल और माहे तथा तेलंगाना में गरज-चमक, आकाशीय बिजली और 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार वाली हवाओं का अलर्ट है। इसके साथ ही कर्नाटक, केरल और माहे, रायलसीमा तथा तेलंगाना में अलग-अलग स्थानों पर तेज सतही हवाएं भी चलेंगी।

अरुणाचल प्रदेश, असम और मेघालय, छत्तीसगढ़, कोंकण और गोवा, मध्य महाराष्ट्र, मरठवाड़ा, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल और सिक्किम संग उत्तराखंड में अलग-अलग जगहों पर गरज-चमक के साथ बिजली गिरने की आशंका जताई गई है।

इन राज्यों में दिखेगा हीट वेव और उमस का डबल अटैक

एक तरफ जहां देश के कई हिस्सों में मूसलाधार बारिश हो रही है वहीं कुछ राज्यों में गर्मी और उमस का प्रकोप भी जारी रहेगा। तटीय आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में अलग-अलग जगहों पर लू की स्थिति बनी रहने की संभावना है। उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़, पंजाब, तटीय कर्नाटक, उत्तरी आंतरिक कर्नाटक, रायलसीमा, तेलंगाना और तमिलनाडु, पुडुचेरी व कराईकल में मौसम काफी गर्म और उमस भरा रहने की संभावना है।

समुद्र में मौसम का हाल: मछुआरों के लिए अलर्ट

पश्चिम-मध्य अरब सागर के अधिकांश हिस्सों, उससे सटे पूर्व-मध्य, उत्तर और दक्षिण-पश्चिम अरब सागर के कुछ हिस्सों, सोमालिया व ओमान तटों के साथ-साथ उत्तरी गुजरात और उससे सटे दक्षिणी गुजरात तटों पर 45-55 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं (जो बढ़कर 65 किमी प्रति घंटे तक पहुंच सकती हैं) चलने की संभावना है। मन्नार की खाड़ी, दक्षिण श्रीलंका और उससे सटे दक्षिण व पूर्व-मध्य बंगाल की खाड़ी के कुछ हिस्सों में 45-55 किमी प्रति घंटे की रफ्तार (झोंके 65 किमी प्रति घंटे) से तेज हवाएं चल सकती हैं।

ओडिशा, गांगेय पश्चिम बंगाल के तटों के पास और अंडमान सागर में 40-50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार (झोंके 60 किमी प्रति घंटे तक) से चलने वाली तूफानी हवाओं के साथ प्रतिकूल मौसम रहने का अनुमान है। मछुआरों को इन क्षेत्रों में समुद्र में न जाने की सलाह दी गई है।

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