IMD Heavy Rain Alert: देशभर में मानसून का कहर! दिल्ली-मुंबई और कश्मीर समेत कई राज्यों में भारी बारिश का अलर्ट, बाढ़-भूस्खलन का भी खतरा

IMD Heavy Rain Alert: देशभर में दक्षिण-पश्चिम मानसून एक बार फिर पूरी तरह से एक्टिव हो गया है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अगले कुछ दिनों तक उत्तर, पूर्व, उत्तर-पूर्व और पश्चिम भारत के कई राज्यों में भारी से अति भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। मौसम विभाग के अनुसार, लगातार हो रही बारिश के कारण कई इलाकों में अचानक बाढ़, भूस्खलन, जलभराव, नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी और ट्रैफिक बाधित होने की आशंका है।

जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, महाराष्ट्र, असम और नागालैंड समेत कई राज्यों में बारिश का असर पहले ही देखने को मिल रहा है। हालात को देखते हुए राज्य सरकारों और स्थानीय प्रशासन ने आपदा प्रबंधन की तैयारियां तेज कर दी हैं।

हिमाचल प्रदेश में फ्लैश फ्लड और भूस्खलन का खतरा

IMD ने हिमाचल प्रदेश के चंबा, कांगड़ा, शिमला और मंडी सहित कई जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। वहीं, ऊना, बिलासपुर, सोलन, हमीरपुर, कुल्लू और सिरमौर में भी तेज बारिश होने की संभावना जताई गई है। मौसम विभाग ने कहा है कि लगातार बारिश के कारण पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन, चट्टानें गिरने, कीचड़ धंसने और अचानक बाढ़ जैसी घटनाएं हो सकती हैं।

इसके अलावा जलभराव, कम विजिबिलिटी, ट्रैफिक जाम, परिवहन सेवाओं में बाधा, फसलों को नुकसान और बिजली-पानी जैसी आवश्यक सेवाएं भी प्रभावित हो सकती हैं। प्रशासन ने लोगों और पर्यटकों से भूस्खलन संभावित इलाकों, नदियों और तेज बहाव वाले नालों से दूर रहने की अपील की है।

जम्मू-कश्मीर में बाढ़ जैसे हालात, वैष्णो देवी यात्रा अस्थायी रूप से रोकी गई

जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले में भारी बारिश के बाद बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। निचले इलाकों में पानी भर गया है और सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ है। अधिकारियों के अनुसार, इस दौरान एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि एक अन्य व्यक्ति लापता है।

पुंछ जिले में लगातार बारिश के चलते एक मकान गिर गया। इसमें एक ही परिवार के कई सदस्य घायल हो गए। खराब मौसम और भूस्खलन के खतरे को देखते हुए कटरा और त्रिकुटा पहाड़ियों में श्री माता वैष्णो देवी यात्रा को एहतियातन अस्थायी रूप से रोक दिया गया है।

मुंबई में ‘येलो अलर्ट’ जारी, जलभराव की आशंका

देश की आर्थिक राजधानी मुंबई में शनिवार रात से लगातार मध्यम से भारी बारिश हो रही है। अंधेरी, बांद्रा, विले पार्ले, दादर और मध्य उपनगरों के कई हिस्सों में अच्छी बारिश दर्ज की गई है। IMD ने मुंबई के लिए येलो अलर्ट जारी करते हुए बुधवार तक भारी बारिश की संभावना जताई है। पश्चिमी और मध्य उपनगरों में तेज बारिश के दौर जारी रह सकते हैं।

प्रशासन ने लोगों को जलभराव और ट्रैफिक प्रभावित होने की चेतावनी दी है। हालांकि, सेंट्रल, हार्बर और वेस्टर्न रेलवे की लोकल ट्रेन सेवाएं फिलहाल संचालित हो रही हैं, लेकिन कुछ स्थानों पर गति प्रतिबंध के कारण मामूली देरी देखी जा रही है।

दिल्ली-एनसीआर में गर्मी से राहत, तापमान में आएगी बड़ी गिरावट

दिल्ली-एनसीआर में सोमवार से बुधवार तक गरज-चमक के साथ भारी बारिश होने की संभावना है। इससे वीकेंड की उमस और गर्मी से लोगों को राहत मिलेगी। मौसम विभाग के अनुसार, रविवार को करीब 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचा अधिकतम तापमान मंगलवार तक घटकर करीब 30 डिग्री सेल्सियस रह सकता है। इस दौरान तेज हवाएं, गरज-चमक और बिजली गिरने की भी संभावना जताई गई है।

उत्तर प्रदेश में भी सक्रिय होगा मानसून

उत्तर प्रदेश में अगले 24 घंटों के दौरान मानसून और अधिक सक्रिय होने का अनुमान है। मौसम विभाग ने प्रदेश के कई हिस्सों में गरज-चमक और बिजली गिरने के साथ व्यापक बारिश की संभावना जताई है। कई जिलों में भारी बारिश और कुछ स्थानों पर अति भारी बारिश हो सकती है। राजधानी लखनऊ समेत कई शहरों में रुक-रुक कर बारिश और तेज बौछारें पड़ने की संभावना है, जिससे तापमान सामान्य से नीचे बना रहेगा।

पश्चिम बंगाल में नदियों का जलस्तर बढ़ने की चेतावनी

उत्तर बंगाल के जलपाईगुड़ी और अलीपुरद्वार जिलों में अगले दो दिनों के दौरान अति भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। वहीं, दार्जिलिंग, कालिम्पोंग और कूचबिहार में भी बहुत भारी बारिश होने की संभावना है।

मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन, निचले क्षेत्रों में फ्लैश फ्लड और तीस्ता, तोर्सा, जलढाका और रायडाक जैसी नदियों का जलस्तर बढ़ सकता है। दक्षिण बंगाल के कई जिलों में भी 21 से 23 जुलाई के बीच भारी बारिश का अनुमान है।

उत्तर-पूर्वी राज्यों में जारी रहेगा बारिश का दौर

अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में पूरे सप्ताह व्यापक बारिश जारी रहने की आशंका है। गुवाहाटी में पहले से ही भारी बारिश हो चुकी है। जबकि नागालैंड के कई इलाकों में भूस्खलन, अचानक बाढ़ और सड़कें बंद होने जैसी समस्याएं सामने आ रही हैं।

प्रशासन की लोगों से अपील

मौसम विभाग और प्रशासन ने लोगों से खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने, नदी-नालों और भूस्खलन संभावित क्षेत्रों से दूर रहने तथा स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी गाइडलाइंस का पालन करने की अपील की है। संवेदनशील इलाकों में रहने वाले लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है। IMD के मुताबिक, इस सप्ताह कई राज्यों में भारी बारिश जारी रहने की आशंका है।

कल का मौसम 3 जुलाई: दिल्ली, यूपी, बिहार समेत इन 15+ राज्यों में IMD ने दिया भारी बारिश, थंडरस्टॉर्म का अलर्ट, मानसून दिखाएगा ये असर

Weather Update July 3: देश भर में दक्षिण-पश्चिम मानसून ने अपनी रफ्तार पकड़ ली है। 2 जुलाई को मानसून ने पूरी दिल्ली, उत्तर प्रदेश के बचे हुए हिस्सों, अधिकांश मध्य प्रदेश, गुजरात, हरियाणा, पंजाब और राजस्थान के कुछ हिस्सों को कवर कर लिया है। इस बीच भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 3 जुलाई के लिए मौसम का लेटेस्ट बुलेटिन भी जारी कर दिया है। मौसम विभाग के मुताबिक बंगाल की खाड़ी के उत्तर-पश्चिम और उससे सटे उत्तरी ओडिशा-पश्चिम बंगाल तटों पर बना कम दबाव का क्षेत्र उसी क्षेत्र में सक्रिय है और अगले 2-3 दिनों में यह और मजबूत होने वाला है।

इसके प्रभाव से 3 जुलाई को दिल्ली, यूपी, बिहार, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र समेत 15 से अधिक राज्यों में भारी से बेहद भारी बारिश और गरज-चमक के साथ आंधी-तूफान का अलर्ट जारी किया गया है। देश के अधिकतम तापमान में 8 जुलाई तक कोई बड़ा बदलाव होने की उम्मीद नहीं है।

इन राज्यों में बेहद भारी बारिश की चेतावनी

मौसम विभाग के मुताबिक 3 जुलाई को देश के पश्चिमी और पूर्वी हिस्सों में मानसून का सबसे रौद्र रूप देखने को मिल सकता है। इन राज्यों में अलग-अलग स्थानों पर मूसलाधार से अत्यधिक भारी बारिश का अलर्ट है:-

गुजरात

कोंकण और गोवा

मध्य महाराष्ट्र

ओडिशा

पश्चिम मध्य प्रदेश

(इन सभी क्षेत्रों में मध्यम से तीव्र आकाशीय बिजली चमकने की भी चेतावनी दी गई है।)

यहां होगी भारी से बहुत भारी बारिश

3 जुलाई को मध्य भारत, पहाड़ी राज्यों और दक्षिण तट पर मौसम काफी खराब रहेगा। आईएमडी ने नीचे दिए गए राज्यों में बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है:-

छत्तीसगढ़ और विदर्भ

पूर्वी मध्य प्रदेश

पूर्वी राजस्थान

हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड

तटीय कर्नाटक

केरल और माहे

दिल्ली, यूपी और बिहार समेत इन राज्यों में भारी बारिश

3 जुलाई को उत्तर भारत के मैदानी इलाकों से लेकर पूर्वोत्तर राज्यों तक भारी बारिश की स्थिति बनी रहेगी:-

उत्तर प्रदेश और बिहार: उत्तर प्रदेश और बिहार में अलग-अलग स्थानों पर भारी बारिश की संभावना जताई गई है।

उत्तर-पश्चिम भारत: जम्मू-कश्मीर-लद्दाख में भारी बारिश का अलर्ट है। वहीं, दिल्ली, पंजाब और हरियाणा में 3-4 जुलाई को छिटपुट से मध्यम बारिश होगी जिसके बाद 5 से 8 जुलाई के बीच दोबारा व्यापक भारी बारिश शुरू होगी।

पूर्वी और पश्चिम भारत: गंगीय पश्चिम बंगाल, झारखंड और मराठवाड़ा में भारी बारिश की उम्मीद है।

दक्षिण भारत: तेलंगाना, तटीय आंध्र प्रदेश, आंतरिक कर्नाटक, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल।

पूर्वोत्तर भारत: असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा।

थंडरस्टॉर्म अलर्ट: 50 किमी/घंटे की रफ्तार से चलेंगी हवाएं

आईएमडी ने भारी बारिश के साथ-साथ कई राज्यों में बिजली चमकने और तेज आंधी-तूफान का अलर्ट जारी किया है:-

40-50 किमी/घंटे की रफ्तार वाली आंधी और बिजली: दिल्ली, हरियाणा, चंडीगढ़, पंजाब, राजस्थान, उत्तर-पश्चिम भारत के पहाड़ी हिस्सों (J&K, लद्दाख), गुजरात, मध्य महाराष्ट्र, मराठवाड़ा, झारखंड, गंगीय पश्चिम बंगाल और अंडमान व निकोबार द्वीप समूह में 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और थंडरस्टॉर्म की आशंका है।

30-40 किमी/घंटे की रफ्तार वाली आंधी और बिजली: बिहार, उत्तर प्रदेश, पश्चिम मध्य प्रदेश, असम व मेघालय, उप-हिमालयी पश्चिम बंगाल व सिक्किम, पूरे कर्नाटक, तेलंगाना, केरल व माहे, लक्षद्वीप, तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी। कर्नाटक, तेलंगाना और रायलसीमा में 3 जुलाई को तेज सतही हवाएं चलने का अनुमान है।

उमस भरा मौसम: अरुणाचल प्रदेश और असम व मेघालय के मैदानी इलाकों में 3 जुलाई को मौसम काफी गर्म और उमस भरा रहने की संभावना है।

मछुआरों के लिए समुद्री चेतावनी

समुद्र में खराब मौसम और तूफानी हवाओं को देखते हुए मौसम विभाग ने मछुआरों को तटीय इलाकों में न जाने की चेतावनी दी है:-

अरब सागर: गुजरात, कोंकण, गोवा, कर्नाटक और केरल तटों के साथ-साथ लक्षद्वीप क्षेत्र में 40-50 किमी प्रति घंटे (झोंके 60 किमी प्रति घंटे तक) की रफ्तार से हवाएं चलेंगी। सोमालिया और ओमान तटों के पास हवा की रफ्तार 45-55 किमी प्रति घंटे (झोंके 65 किमी प्रति घंटे) तक पहुंच सकती है। मछुआरों को 5 से 7 जुलाई तक इन क्षेत्रों में जाने से मना किया गया है।

बंगाल की खाड़ी: ओडिशा, गंगीय पश्चिम बंगाल, उत्तरी और दक्षिणी आंध्र प्रदेश के तटों, अंडमान सागर और मध्य व दक्षिण बंगाल की खाड़ी में मौसम बेहद खराब) रहेगा। यहां हवा की गति 40 से 55 किमी प्रति घंटे तक रह सकती है। मछुआरों को इन समुद्री क्षेत्रों से दूर रहने की हिदायत दी गई है।

मौसम विभाग के मुताबिक इस समय देश के ऊपर कई चक्रवातीय परिसंचरण सक्रिय हैं। उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और ओडिशा-पश्चिम बंगाल तट पर बना कम दबाव का क्षेत्र समुद्र तल से 7.6 किमी की ऊंचाई तक विस्तृत है और दक्षिण-पश्चिम की ओर झुका हुआ है। दक्षिण-पश्चिम उत्तर प्रदेश के ऊपर 1.5 किमी की ऊंचाई तक एक चक्रवातीय हवाओं का क्षेत्र बना हुआ है।

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मध्य पाकिस्तान और उससे सटे उत्तर-पश्चिम राजस्थान के ऊपर भी एक अन्य चक्रवातीय परिसंचरण सक्रिय है। उत्तर-पश्चिम राजस्थान से लेकर बंगाल की खाड़ी के लो-प्रेशर एरिया तक फैली मुख्य मानसूनी ट्रफ लाइन के साथ-साथ दक्षिण गुजरात से कर्नाटक तट तक फैली अपतटीय ट्रफ और मध्य क्षोभमंडल में शेयर जोन सक्रिय हैं। ये सब मिलकर इस समय देश भर में भारी बारिश को नियंत्रित कर रहे हैं।