Stocks Of The Day : नतीजों के बाद लॉरेस लैब्स लाइफ हाई पर, कॉनकॉल के बाद KFIN टेक को भी लगे पंख

Stock Of The Day : नतीजों के बाद लॉरेस लैब्स के शेयर आज अपने लाइफ हाई पर जाते दिखें हैं। नतीजों और कॉनकॉल के बाद KFIN टेक का शेयर भी जोर से दौड़ा है। फार्मा सेक्टर में आज सबसे ज्यादा फोकस लॉरेस लैब्स पर है। जिसमें जोरदार तेजी आई है। लॉरेस लैब्स की बात करें तो 1 महीने में इस शेयर ने 11 फीसदी रिटर्न दिया है। वहीं, इस साल अब तक इसने 50 फीसदी रिटर्न दिया है। वहीं, निफ्टी फार्मा इंडेक्स ने 1 महीने में 1 फीसदी और इस साल अब तक 15 फीसदी रिटर्न दिया है।

लॉरेस लैब्स में तेजी क्यों?

कंपनी ने लगातार शानदार नतीजे पेश किए हैं। अब तक का सबसे ज्यादा रेवेन्यू और EBITDA ग्रोथ देखने को मिली है। कंपनी के CDMO और फॉर्मूलेशन बिजनेस ने दम दिखाया है। सिंथेसिस (SYNTHESIS) बिजनेस में 69% की तगड़ी ग्रोथ देखने को मिली है।

लॉरेस लैब्स: कमेंट्री

कंपनी की मैनेजमेंट कमेंट्री में कहा गया है कि कैपेक्स बढ़ाकर 2000 करोड़ रुपए किया गया। यह पहले 1500 करोड़ रुपए था। विशाखापत्तनम का बड़ा पेप्टाइड प्लांट ट्रैक पर है।

लॉरेस लैब्स: वैल्युएशन

यह स्टॉक FY27 के EPS के 65 गुना वैल्यूएशन पर ट्रेड कर रहा है। FY26-28 में 24% CAGR अर्निंग संभव है।

लॉरेस लैब्स:शेयर प्राइस हिस्ट्री

3 बजे के आसपास एनएसई पर यह शेयर 121.90 रुपए यानी 7.61% फीसदी की बढ़त के साथ 1725 रुपए के आसपास कारोबार कर रहा था। आज का इसका दिन का हाई 1,734.50 रुपए और दिन का लो 1,617.10 रुपए है। स्टॉक का 52 वीक हाई 1,734.50 रुपए और 52 वीक लो 810.05 रुपए है। 1 हफ्ते में इस शेयर ने 10.49 फीसदी और 1 महीने में 18.76 फीसदी रिटर्न दिया है। 1 साल में इसने 105.42 फीसदी और 3 साल में 400.29 फीसदी रिटर्न दिया है।

KFIN (KFin Technologies) में भी रफ्तार

नतीजों और कॉनकॉल के बाद KFIN टेक भी दौड़ा है। कंपनी ने कॉनकॉल में बताया है कि बैंक बेस्ड वेल्थ मैनेजमेंट प्लेटफॉर्म डील जल्द संभव है। NPS बिजनेस ब्रेकइवेन पर पहुंच गया है। MF मार्केट शेयर 37% से बढ़ाकर 40% करने का लक्ष्य है। पहली तिमाही में कंपनी के साथ 10 करोड़ डॉलर से ज्यादा AUM वाले 6 नए फंड मैनेजर्स जुड़े है। FY27 के अंत तक 40% EBITDA मार्जिन का लक्ष्य है। इंटरनेशनल बिजनेस से मार्जिन में बढ़ोतरी की उम्मीद है।

शेयर की चाल पर एक नजर

3 बजे के आसपास एनएसई पर यह शेयर 92.25 रुपए यानी 10.75% की तेजी के साथ 950 रुपए के आसपास कारोबार कर रहा था। आज का इसका दिन का हाई 955.30 रुपए और दिन का लो 862 रुपए है। स्टॉक का 52 वीक हाई 1,215 रुपए है। 1 हफ्ते में इसने 7.51 फीसदी रिटर्न दिया है। वहीं, 1 महीने में इसने 8.40 फीसदी तेजी दिखाई है। 1 साल में शेयर 18.56 फीसदी टूटा है। वहीं, 3 साल में इसने 140.17 फीसदी रिटर्न दिया है।

 

 

Trading Plan : कच्चे तेल की नरमी और मजबूत रुपये के दम पर बाजार हुआ गुलजार, जानिए अब क्या हो इंडेक्स में कमाई की रणनीति

Market Outlook: बाजार लगातार चौथे दिन गिरावट के साथ हुआ बंद, जानिए 24 जुलाई को कैसी रह सकती है इसकी चाल

Market Outlook : 23 जुलाई को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स लगातार चौथे दिन गिरावट के साथ बंद हुए और निफ्टी 22,900 के नीचे चला गया। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 363.66 अंक या 0.47 प्रतिशत गिरकर 76,391.39 पर और निफ्टी 126.65 अंक या 0.53 प्रतिशत गिरकर 23,869.60 पर बंद हुआ। लगभग 1569 शेयरों में बढ़त हुई,2479 शेयरों में गिरावट आई और 155 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ।

निफ्टी में सबसे ज्यादा गिरने वाले शेयरों में अदाणी एंटरप्राइजेज,श्रीराम फाइनेंस,नेस्ले इंडिया,अदाणी पोर्ट्स और बजाज फाइनेंस शामिल रहे। जबकि बढ़ने वाले शेयरों में बजाज ऑटो,एसबीआई लाइफ इंश्योरेंस,एमएंडएम,टीसीएस और आयशर मोटर्स शामिल रहे।

सेक्टर के हिसाब से प्रदर्शन काफी हद तक कमजोर रहा और केवल कुछ ही इंडेक्स बढ़त के साथ बंद हुए। गिरावट वाले सेक्टर में निफ्टी रियल्टी सबसे खराब प्रदर्शन करने वाला सेक्टर रहा,जिसमें 1.8% की गिरावट आई। इसके बाद निफ्टी ऑयल एंड गैस,इंफ्रास्ट्रक्चर,पीएसयू बैंक और निफ्टी एनर्जी में 1-1% की गिरावट दर्ज की गई। अन्य पिछड़ने वाले सेक्टर में निफ्टी मेटल (-0.7%),निफ्टी फार्मा (-0.4%),निफ्टी एफएमसीजी (-0.4%) और निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स (-0.4%) शामिल रहे।

निफ्टी ऑटो इंडेक्स ने अच्छा प्रदर्शन किया और इसमें 0.7% की बढ़त हुई, इसके बाद निफ्टी मीडिया में 0.22% की बढ़त दर्ज की गई। निफ्टी मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स में 1-1 प्रतिशत की गिरावट आई।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के हेड ऑफ रिसर्च, विनोद नायर का कहना है कि ग्लोबल एनर्जी सप्लाई में और दिक्कत की चिंताओं के बीच कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच रही हैं। ऐसे में महंगाई के जोखिम और कॉर्पोरेट मार्जिन पर दबाव की आशंका के कारण निवेशकों का उत्साह कमजोर पड़ रहा है।

हाल के मैक्रो-इकोनॉमिक संकेत बताते हैं कि लंबे समय से चल रहे जियोपॉलिटिकल तनाव का असर घरेलू अर्थव्यवस्था पर भी पड़ रहा है। इसका संकेत थोक महंगाई और बिजनेस एक्टिविटी में आई सुस्ती से मिलता है।

एनर्जी की ऊंची कीमतों के चलते ग्लोबल ब्याज दरें ऊंची रहने की आशंका और मजबूत हुई है। इससे उभरते बाजारों में जोखिम लेने इच्छा कमजोर हुई है। आज सभी सेक्टर में बिकवाली का दबाव देखा गया। हालांकि,मजबूत तिमाही नतीजों के दम पर ऑटो शेयरों ने बेहतर प्रदर्शन किया। इससे पता चलता है कि बाजार में उतार-चढ़ाव के बावजूद,निवेशक उन कंपनियों को पसंद कर रहे हैं जिनकी कमाई में लगातार बढ़ोतरी हो रही है,मांग के रुझान अच्छे हैं और भविष्य के प्रदर्शन को लेकर बेहतर संभावनाएं दिख रही हैं।

इक्विरस वेल्थ के MD और बिजनेस हेड अंकुर पुंज का कहना है कि बाजार में गिरावट का सिलसिला जारी है। अमेरिका और यूरोप से मिले कमजोर संकेतों और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के कारण निवेशक इक्विटी मार्केट में लंबे समय के लिए निवेश करने से घबरा रहे हैं। रुपये समेत प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले डॉलर की मजबूती निवेशकों को सुरक्षित डॉलर एसेट्स की ओर खींच रही है। हालांकि बाजार’ओवरसोल्ड’जोन में दिख रहा है,फिर भी निवेशकों को सावधानी बरतनी चाहिए और चुनिंदा शेयरों पर फोकस करना चाहिए।

LKP सिक्योरिटीज में सीनियर टेक्निकल एनालिस्ट रूपक डे का कहना है कि डेली चार्ट पर निफ्टी ने अपवर्ड कंसोलिडेशन के लेवल को तोड़ दिया है। इससे पता चलता है कि मार्केट में मंदी का रुझान बढ़ रहा है। इसके अलावा,इंडेक्स अहम शॉर्ट-टर्म मूविंग एवरेज से भी नीचे आ गया है। RSI इंडिकेटर ‘बेयरिश क्रॉसओवर’की स्थिति में है और नीचे की ओर जा रहा है।

मार्केट का सेंटीमेंट नेगेटिव दिख रहा है और आने वाले समय में भी मार्केट में कमजोरी बनी रह सकती है। निचे की तरफ निफ्टी 23,600 या उससे भी नीचे जा सकता है। वहीं, ऊपर की तरफ अगले कुछ दिनों तक 24,000 का लेवल रेजिस्टेंस के तौर पर काम कर सकता है।

 

Markets Trend : क्रूड के 98 डॉलर के पार जाने से सहमा बाजार, जानिए अब क्या हो ट्रेडिंग रणनीति

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Asian Markets Today: एशिया बाजार में उछाल, सेमीकंडक्टर स्टॉक्स में तेजी से कोस्पी 4% उछला

Asian Markets Today: एशियाई बाजारों में अच्छी बढ़त देखने को मिल रही है । निक्केई 1 फीसदी तो कोस्पी में 4% का उछाल आया। वहीं अमेरिकी INDICES में ऊपरी स्तरों से दबाव दिखा। नैस्डैक में करीब आधे परसेंट की गिरावट रही। डाओ जोंस और S&P फ्लैट बंद हुए ।

सुबह 8.10 बजे के आसपास निक्केई करीब 0.42 फीसदी की बढ़त के साथ 66,395.00 के आसपास दिख रहा है। वहीं, स्ट्रेट टाइम्स में 0.51 फीसदी की कमजोरी दिखा रहा है। ताइवान का बाजार 0.14 फीसदी गिरकर 44,794.10 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। जबकि हैंगसेंग 1.20 फीसदी की बढ़त के साथ 25,192.00 के स्तर पर नजर आ रहा है। वहीं, कोस्पी में 1.62 फीसदी की बढ़त के साथ कारोबार हो रहा है। वहीं शंघाई कम्पोजिट फ्लैट कारोबार कर रहा।

वॉल स्ट्रीट

US स्टॉक मार्केट बुधवार को गिरावट के साथ बंद हुआ, क्योंकि इन्वेस्टर्स ज़रूरी अर्निंग्स रिपोर्ट्स का इंतज़ार कर रहे थे, जबकि मिडिल ईस्ट में हाल की दुश्मनी ने महंगाई की चिंता बढ़ा दी थी।

डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 6.06 पॉइंट्स या 0.01% गिरकर 52,218.58 पर आ गया, जबकि S&P 500 10.24 पॉइंट्स या 0.14% गिरकर 7,498.96 पर आ गया। नैस्डैक कंपोजिट 146.30 पॉइंट्स या 0.57% गिरकर 25,690.90 पर बंद हुआ।

एनवीडिया के स्टॉक प्राइस में 2.30% की बढ़ोतरी हुई, माइक्रोसॉफ्ट के शेयर 1.86% गिरे, अल्फाबेट के शेयर 1.24% गिरे, मेटा प्लेटफॉर्म्स 2.58% गिरा, एप्पल के स्टॉक प्राइस में 0.56% की कमी आई, सुपर माइक्रो कंप्यूटर के स्टॉक प्राइस में 19.84% की बढ़ोतरी हुई, डेल टेक्नोलॉजीज के शेयर प्राइस में 9.3% की बढ़ोतरी हुई, टेस्ला के स्टॉक प्राइस में 1.30% की गिरावट आई और स्पेसएक्स के शेयर प्राइस में 6.70% की गिरावट आई।

US-ईरान युद्ध

US मिलिट्री ने ईरान की मिलिट्री सरकार और इंफ्रास्ट्रक्चर साइट्स को निशाना बनाकर एक और रात हमले किए, जबकि प्रेसिडेंट डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि तेहरान युद्ध खत्म करने के लिए एक डील करना चाहता है, लेकिन उन्हें लगता है कि इस्लामिक रिपब्लिक अभी इसके लिए ‘तैयार’ नहीं है। इस बीच, ईरान होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों को ब्लॉक करना और उन्हें टारगेट करना जारी रखे हुए है।

टेस्ला Q1 अर्निंग्स

टेस्ला इंक. ऑटो सेल्स के अच्छे क्वार्टर के बावजूद वॉल स्ट्रीट के प्रॉफिट एस्टीमेट से चूक गई। एलन मस्क की इलेक्ट्रिक गाड़ी बनाने वाली कंपनी ने दूसरी तिमाही में $1.1 बिलियन का प्रॉफिट बताया, जो पिछले साल के लेवल से लगभग 5% कम है। यह एनालिस्ट के 53 सेंट प्रति शेयर के एस्टीमेट की तुलना में 33 सेंट प्रति शेयर रहा। कंपनी का रेवेन्यू YoY 26% बढ़कर $28.2 बिलियन हो गया।

टेस्ला ने दो साल से ज़्यादा समय में अपने पहले नेगेटिव फ्री कैश फ्लो की भी रिपोर्ट दी, जिसमें $1.09 बिलियन खर्च हुए।

क्रूड ऑयल प्राइसेस

क्रूड ऑयल प्राइसेस छह हफ़्तों से ज़्यादा समय में अपने सबसे ऊंचे लेवल पर पहुंच गए। ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 1.58% बढ़कर $95.56 प्रति बैरल हो गया, जबकि US वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट क्रूड बुधवार को लगभग 3% बढ़ने के बाद 1.30% बढ़कर $87.96 प्रति बैरल हो गया।

आज का सोने का रेट

गिरावट में खरीदारी के कारण सोने की कीमतों में बढ़त बनी रही। स्पॉट गोल्ड की कीमत 0.1% बढ़कर $4,133.82 प्रति औंस हो गई, जबकि चांदी की कीमतें $59.75 प्रति औंस पर स्थिर रहीं।

डॉलर

सेफ-हेवन डिमांड के कारण डॉलर काफी हद तक स्थिर रहा, जबकि येन 40 साल के निचले स्तर के पास रहा। डॉलर इंडेक्स, जो येन और यूरो सहित कई करेंसी के मुकाबले ग्रीनबैक को मापता है, 101.11 पर फ्लैट रहा। यूरो 0.02% बढ़कर $1.1412 पर था। ब्रिटिश स्टर्लिंग का आखिरी ट्रेड $1.3373 पर हुआ।

Stock Market Live Update: गिफ्ट निफ्टी दे रहा संकेत, कमजोर हो सकती है भारतीय बाजार की शुरुआत

(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Market Outlook : गिरावट के साथ बंद हुए सेंसेक्स-निफ्टी, जानिए 23 जुलाई को कैसी रह सकती है बाजार की चाल

Market Outlook : 22 जुलाई को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स गिरावट के साथ बंद हुए और निफ्टी 24,000 के नीचे बंद हुआ। ट्रेडिंग सेशन के अंत में सेंसेक्स 715.06 अंक या 0.92 प्रतिशत गिरकर 76,755.05 पर और निफ्टी 191.45 अंक या 0.79 प्रतिशत गिरकर 23,996.25 पर बंद हुआ। लगभग 1443 शेयरों में बढ़त हुई, 2616 शेयरों में गिरावट आई और 170 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ। निफ्टी में सबसे ज़्यादा गिरने वाले शेयरों में इंटरग्लोब एविएशन, जियो फाइनेंशियल, इंफोसिस, एसबीआई और डॉ. रेड्डीज़ लैब्स शामिल रहे। जबकि बढ़ने वाले शेयरों में बजाज ऑटो, नेस्ले, टाटा कंज्यूमर, पावर ग्रिड कॉर्प और ओएनजीसी शामिल रहे। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स में 1 प्रतिशत और स्मॉलकैप इंडेक्स में 1.5 प्रतिशत की गिरावट आई।

सेक्टर के हिसाब से परफॉर्मेंस ज्यादातर नेगेटिव रहा। निफ्टी FMCG सबसे ज्यादा बढ़ने वाला सेक्टर रहा, जिसमें 0.65% की बढ़त हुई, इसके बाद निफ्टी ऑटो में 0.18% की बढ़त हुई। गिरावट वाले सेक्टर में, निफ्टी मीडिया सबसे खराब परफॉर्मेंस वाला सेक्टर रहा, जिसमें 2.68% की गिरावट आई। इसके बाद निफ्टी रियल्टी (-2.6%), निफ्टी PSU बैंक (-1.8%), निफ्टी प्राइवेट बैंक (-1.4%), निफ्टी IT (-1.5%), निफ्टी बैंक (-1.2%), निफ्टी फार्मा (-1.3%), निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स (-0.86%), निफ्टी इंफ्रा (-0.85%), निफ्टी ऑयल एंड गैस (-0.6%), निफ्टी मेटल (-0.48%) और निफ्टी एनर्जी (-0.3%) रहे।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स में हेड ऑफ़ रिसर्च विनोद नायर का कहना है कि आज भारतीय शेयर बाजार गिरावट के साथ बंद हुए। US-ईरान के बीच जारी तनाव और अहम ग्लोबल शिपिंग रूट पर हूथी गुट की वजह से आई दिक्कतो ने तेल की सप्लाई से जुड़ी चिंता बढ़ा दी, जिससे कच्चे तेल की कीमतें बढ़ीं और रुपया कमजोर हुआ। घरेलू महंगाई को लेकर फिर से बढ़ती चिंताओं के कारण बाजार में जोखिम लेने से बचने का माहौल हावी रहा। इसने उम्मीद से बेहतर बिजनेस अपडेट और Q1 के अच्छे नतीजों के असर को कम कर दिया।

रियल एस्टेट, बैंकिंग और कंज्यूमर ड्यूरेबल्स जैसे ब्याज दरों पर निर्भर सेक्टर में सबसे ज्यादा गिरावट आई। फार्मास्युटिकल एक्सपोर्ट पर US के प्रस्तावित टैरिफ को लेकर फिर से बनी अनिश्चितता के बीच फार्मा शेयरों पर भी दबाव रहा।

सावधानी भरे माहौल के बावजूद, FMCG और ऑटो शेयरों ने बेहतर प्रदर्शन किया। सेक्टर की बड़ी कंपनियों के मजबूत तिमाही नतीजों से इन्हें सहारा मिला, जो यह दिखाता है कि बाजार में उतार-चढ़ाव के बीच भी निवेशक उन कंपनियों को पसंद कर रहे हैं जिनकी कमाई में मज़बूत ग्रोथ दिख रही है।

निफ्टी व्यू

Hedged.in में एसोसिएट वाइस प्रेसिडेंट-HNI ​​एंड डेरिवेटिव्स रियांक अरोड़ा का कहना है कि आज के सेशन में भारतीय इक्विटी मार्केट में हर तरफ गिरावट नजर आई। लगातार बिकवाली के दबाव और निवेशकों के सतर्क रवैये के बीच बेंचमार्क इंडेक्स काफी नीचे बंद हुए। अहम सेक्टरों में कमजोरी और प्रॉफिट बुकिंग ने इंडेक्स को नीचे धकेल दिया, जिससे बाजार में रिस्क-ऑफ (जोखिम से बचने का) मूड दिखा।

निफ्टी 191.45 अंक यानी 0.79% गिरकर 23,996.25 पर बंद हुआ। यह 24,000 के अहम मनोवैज्ञानिक स्तर से नीचे आ गया, जो शॉर्ट-टर्म कमजोरी का संकेत है। अब इसके लिए 23,950–23,900 के आसपास तत्काल सपोर्ट है। उसके बाद 23,800 के पास अगला मजबूत सपोर्ट जोन है। ऊपर की तरफ, 24,100–24,200 के आसपास रेजिस्टेंस दिख रहा है। पॉजिटिव मोमेंटम वापस पाने के लिए लगातार इन स्तरों से ऊपर बने रहना जरूरी होगा।

BSE सेंसेक्स 715.06 अंक यानी 0.92% गिरकर 76,755.05 पर बंद हुआ। इंडेक्स में हर तरफ बिकवाली हुई और यह दिन के निचले स्तर के पास बंद हुआ। इसके लिए तत्काल सपोर्ट 76,600–76,400 के आसपास है, जबकि रेजिस्टेंस 77,000–77,300 के पास दिख रहा है। रेजिस्टेंस जोन से ऊपर एक मजबूत चाल बुलिश सेंटीमेंट को बहाल करने में मदद कर सकती है।

आज की गिरावट की वजह हर तरफ से हुई प्रॉफिट बुकिंग और बाजार का सतर्क रवैया रहा। हालांकि शॉर्ट-टर्म मोमेंटम कमजोर हुआ है, लेकिन जब तक अहम सपोर्ट लेवल बचे हुए हैं, मीडियम-टर्म ट्रेंड पॉजिटिव बना हुआ है। ट्रेडर्स को सलाह दी जाती है कि वे चुनिंदा शेयरों पर ध्यान दें, आक्रामक लॉन्ग पोजीशन लेने से बचें और सख्त रिस्क मैनेजमेंट के साथ मजबूत सपोर्ट जोन के पास गिरावट पर खरीदारी का तरीका अपनाएं।

LKP सिक्योरिटीज के सीनियर टेक्निकल एनालिस्ट रूपक डे का कहना है कि कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें फिर से भारतीय इक्विटी मार्ट के लिए परेशानी का कारण बन गई हैं। जहां कच्चा तेल 50EMA के ऊपर बना हुआ है, वहीं निफ्टी 50EMA के नीचे जाने की कगार पर है। ऐसा लगता है कि निफ्टी और कच्चा तेल फिर से एक-दूसरे के विपरीत दिशा में चल रहे हैं।

निफ्टी के डेली चार्ट पर कंसोलिडेशन का दौर नीचे की ओर टूटता हुआ दिख रहा है। RSI में बेयरिश क्रॉसओवर है, जो निकट भविष्य में कमजोर मोमेंटम का संकेत दे रहा है। अगर निफ्टी 23900 के नीचे गिरता है तो गिरावट 23700/23600 तक बढ़ सकती है। शॉर्ट टर्म में ऊपरी स्तर 24100 पर रेजिस्टेंस दिख रहा है।

कोटक सिक्योरिटीज में हेड ऑफ इक्विटी रिसर्च श्रीकांत चौहान ने कहा कि आज बेंचमार्क इंडेक्स में बड़ी गिरावट आई। निफ्टी 191 अंक गिरकर बंद हुआ, जबकि सेंसेक्स में 715 अंकों की गिरावट दर्ज की गई। सेक्टर के हिसाब से देखें तो रियल्टी और मीडिया इंडेक्स में 2.5 प्रतिशत से ज़्यादा की गिरावट आई, जबकि बाजार का मूड खराब होने के बावजूद कुछ चुनिंदा FMCG और ऑटो शेयरों में तेजी दिखी। तकनीकी तौर पर निफ्टी 20-डे SMA (सिंपल मूविंग एवरेज) या 24,100 के सपोर्ट जोन से नीचे आ गया है और इस गिरावट के बाद बिकवाली का दबाव बढ़ गया है। डेली चार्ट पर एक लॉन्ग ‘बेयरिश कैंडल’ बनी है, जो मौजूदा स्तरों से और गिरावट का संकेत देती है।

श्रीकांत चौहान मानना ​​है कि जब तक निफ्टी 24,100 के नीचे ट्रेड कर रहा है, तब तक गिरावट का दौर जारी रहने की संभावना है। यह गिरावट 50-डे SMA या 23,850 के स्तर तक जारी रह सकती है। इसके बाद और गिरावट हो सकती है, जिससे इंडेक्स 23,750-23,700 के स्तर तक जा सकता है। दूसरी ओर, 24,100 के स्तर के ऊपर जाने पर बाजार का मूड बदल सकता है। इस स्तर के ऊपर, बाजार में 24,200-24,250 तक की रिकवरी हो सकती है। इंट्राडे मार्केट की स्थिति अनिश्चित और उतार-चढ़ाव वाली है। इसलिए, डे ट्रेडर्स के लिए लेवल-बेस्ड ट्रेडिंग सबसे अच्छी रणनीति होगी।

बैंक निफ्टी व्यू

SBI सिक्योरिटीज में हेड-टेक्निकल एंड डेरिवेटिव्स रिसर्च, सुदीप शाह का कहना है कि बैंक निफ्टी जो पिछले आठ ट्रेडिंग सेशन से 58,597–57,287 की रेंज में बना हुआ था, उसमें भी आज एक बड़ा ब्रेकडाउन देखने को मिला। इंडेक्स ने एक बड़ी बेयरिश कैंडल बनाई और 8 जुलाई के बाद पहली बार अपने 20-डे EMA के नीचे बंद हुआ। गिरती हुई MACD लाइन और बढ़ते हुए रेड हिस्टोग्राम बार नीचे की ओर बढ़ते मोमेंटम का संकेत दे रहे हैं।

आगे बैंक निफ्टी के लिए तत्काल सपोर्ट 56700-56600 जोन में है। अगर यह लगातार इस जोन के नीचे बना रहता है, तो बैंक निफ्टी में और कमजोरी आ सकती है और यह शॉर्ट टर्म में 56300 और फिर 56000 तक गिर सकता है। ऊपर की तरफ, बैंक निफ्टी के लिए तत्काल रेजिस्टेंस 57500-57600 जोन में है।

 

 Markets crash: ट्रंप टैरिफ और क्रूड की मार से बाजार हुआ बेहाल, जानिए आगे क्या हो ट्रेडिंग रणनीति

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Market Outlook : लगातार दूसरे दिन गिरावट के साथ बंद हुए इक्विटी इंडेक्स, जानिए 22 जुलाई को कैसी रह सकती है इनकी चाल

Market Outlook : 21 जुलाई को भारतीय इक्विटी इंडेक्स लगातार दूसरे दिन गिरावट के साथ बंद हुए और निफ्टी 24,200 के नीचे रहा। कारोबारी सेशन के अंत में सेंसेक्स 238.41 अंक या 0.31 प्रतिशत गिरकर 77,470.11 पर और निफ्टी 50.80 अंक या 0.21 प्रतिशत गिरकर 24,187.70 पर बंद हुआ। लगभग 2087 शेयरों में बढ़त हुई,1942 शेयरों में गिरावट आई और 180 शेयरों में कोई बदलाव नहीं हुआ।

निफ्टी पर गिरने वाले प्रमुख शेयरों में HDFC बैंक,TCS,रिलायंस इंडस्ट्रीज,SBI और डॉ.रेड्डीज़ लैब्स शामिल रहे। जबकि बढ़ने वाले शेयरों में श्रीराम फाइनेंस,बजाज फिनसर्व,HCL टेक्नोलॉजीज,आयशर मोटर्स और अल्ट्राटेक सीमेंट शामिल रहे। निफ्टी मिडकैप इंडेक्स 0.3% और स्मॉलकैप इंडेक्स 0.5% ऊपर बंद हुआ।

सेक्टर के हिसाब से देखें तो FMCG,IT,ऑयल एंड गैस और PSU बैंक में 0.3-0.8% की गिरावट आई। जबकि ऑटो,मेटल और रियल्टी सेक्टर में 0.6-1% की बढ़त हुई।

जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के हेड ऑफ रिसर्च विनोद नायर का कहना है कि भू-राजनीतिक चुनौतियों के बावजूद,मज़बूत कॉर्पोरेट नतीजों की उम्मीद और मांग-आधारित बिजनेस अपडेट्स के कारण मिडकैप्स अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं। हालांकि लार्ज-कैप्स की तुलना में इस सेगमेंट का महंगा वैल्यूएशन सावधानी बरतने का संकेत देता है,लेकिन उम्मीद है कि इनकी बिजनेस की स्थिति कम से कम वित्त वर्ष 2027 की पहली छमाही तक अच्छी बनी रहेगी।

हालांकि,इस तेजी को बनाए रखने के लिए इनपुट कॉस्ट में हो रही बढ़ोतरी का थमना जरूरी है, क्योंकि वित्त वर्ष 2027 की दूसरी छमाही में मांग में बढ़ोतरी सुस्त पड़ सकती है।

फिलहाल,ब्रॉडर मार्केट में मिला-जुला कारोबार हो रहा जो भू-राजनीतिक जोखिमों और कच्चे तेल की ऊंची कीमतों के बीच कम होते निवेश के कारण लार्ज-कैप्स के कमजोर प्रदर्शन को दिखाता है।

निफ्टी व्यू

SBI सिक्योरिटीज के हेड-टेक्निकल और डेरिवेटिव्स रिसर्च, सुदीप शाह का कहना है कि लगातार दूसरे ट्रेडिंग सेशन में बेंचमार्क निफ्टी इंडेक्स 127 अंकों की सीमित रेंज में ही घूमता रहा। यह 10 जुलाई,2026 के बाद से इसकी सबसे छोटी डेली ट्रेडिंग रेंज रही। डेली चार्ट पर,इंडेक्स ने दोनों तरफ शैडो वाली एक छोटी बॉडी वाली कैंडल बनाई,जो मौजूदा लेवल पर अनिश्चितता और किसी स्पष्ट दिशा की कमी को दिखाती है।

आगे निफ्टी के लिए 24270-24300 का जोन तत्काल रेजिस्टेंस बना रहेगा। अगर यह लगातार इस रेजिस्टेंस बैंड के ऊपर बना रहता है तो शॉर्ट टर्म में मौजूदा पुलबैक 24450 के लेवल तक बढ़ सकता है। नीचे की तरफ,24100-24050 के जोन में स्थित 20-डे EMA एरिया तत्काल सपोर्ट का काम करेगा।

बोनान्जा में रिसर्च एनालिस्ट अभिनव तिवारी का कहना है कि आगे बाजार के एक दायरे में रहने और कुछ खास शेयरों पर फोकस्ड रहने की संभावना है। पहली तिमाही के नतीजे और मिडिल ईस्ट में हो रही गतिविधियां बाजार के सेंटीमेंट पर असर दिखाएंगी। जबकि कच्चे तेल की कीमतें एक अहम उतार-चढ़ाव वाला फैक्टर बनी रहेंगी।

मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज के हेड ऑफ रिसर्च,वेल्थ मैनेजमेंट,सिद्धार्थ खेमका का कहना है कि वेस्ट एशिया में जारी जियोपॉलिटिकल तनाव,ब्रेंट क्रूड में तेजी,रुपए की कमजोरी, विदेशी संस्थागत निवेशकों की लगातार बिकवाली और मिले-जुले ग्लोबल संकेतों के बीच घरेलू इक्विटी बाजार के एक दायरे में ही रहने की उम्मीद है। हालांकि,पहली तिमाही के नतीजों के चलते कुछ खास शेयरों में हलचल देखने को मिल सकती है,लेकिन निवेशकों का मूड वेस्ट एशिया में हो रही घटनाओं और कच्चे तेल की चाल से प्रभावित होता रहेगा।

ग्लोब कैपिटल मार्केट में AVP-रिसर्च,विपिन कुमार का कहना है कि जुलाई में अब तक निफ्टी 24,530–23,800 के सीमित दायरे में ही घूमता रहा है। इस रेंज के अंदर,इंडेक्स अपने 50 डे EMA (24,000) और 200 डे EMA (24,430) के बीच बना हुआ है।

उनका मानना ​​है कि अगर यह 24,430 के ऊपर जाता है,तो यह जुलाई की कंसोलिडेशन रेंज के ऊपरी छोर (24,530–24,600 जोन) तक पहुंच सकता है। वहीं,अगर यह 24,000 से नीचे गिरता है,तो यह वापस 23,800 के लेवल पर आ सकता है। 23,800–24,600 के ऊपर की टिकाऊ बढ़त के लिए एक मजबूत ब्रेक की जरूरत है।

दिग्गज निवेशक आशीष कचोलिया का पसंदीदा यह SME स्टॉक दो दिनों में 40% टूटा, क्या है आपके पास?

बैंक निफ्टी व्यू

LKP सिक्योरिटीज के टेक्निकल एनालिस्ट वत्सल भुवा का कहना है कि बैंक निफ्टी में रेजिस्टेंस जोन के पास बिकवाली का दबाव देखा गया, जिससे इंडेक्स 57,300–58,500 की बड़ी कंसोलिडेशन रेंज में बना रहा। इंडेक्स अपने मीडियम और लॉन्ग-टर्म मूविंग एवरेज से ऊपर ट्रेड कर रहा है,जो बताता है कि बड़ा ट्रेंड पॉजिटिव है। हालांकि,आगे और खरीदारी न होने से शॉर्ट-टर्म में अनिश्चितता का संकेत मिलता है।

बैंक निफ्टी के लिए इमीडिएट सपोर्ट 57,500–57,300 जोन में है,जबकि रेजिस्टेंस 58,500 के आसपास दिख रहा है। RSI न्यूट्रल जोन के पास फ्लैट बना हुआ है,जो मोमेंटम में कमजोरी दिखाता है। जब तक कोई निर्णायक ब्रेकआउट या ब्रेकडाउन नहीं होता, ट्रेडर्स को सपोर्ट के पास गिरावट पर खरीदारी और रेजिस्टेंस के पास प्रॉफिट बुक करने की रणनीति अपनानी चाहिए।

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Karur Vysya Bank Share : नतीजों के बाद 10% से ज्यादा की तेजी के साथ स्टॉक बना आज का हीरो, जानिए आगे का आउटलुक

Karur Vysya Bank Share : नतीजों के बाद करूर वैश्य बैंक (Karur Vysya Bank) में जोरदार तेजी देखने को मिल रही है। आज यह शेयर हीरो ऑफ द डे बना हुआ है। फिलहाल यह शेयर 12 बजे के आसपास 31.85 रुपए यानी 10.58 फीसदी की बढ़त के साथ 332 रुपए के ऊपर दिख रहा था। आज का इसका दिन का हाई 335.85 रुपए है। इसका 52 वीक हाई 343.45 रुपए पर है। करूर वैश्य बैंक के आउटपरफॉर्मेंस की बात करें तो जनवरी से अब तक इस शेयर में 20 फीसदी की तेजी आई है। वहीं, 1 साल में इसमें 44 फीसदी रिटर्न दिया है। जबकि, बैंक निफ्टी ने जनवरी से अब तक 3 फीसदी निगेटिव रिटर्न दिया है। वहीं, 1 साल में इस इंडेक्स ने सिर्फ फीसदी रिटर्न दिया है।

करूर वैश्य बैंक में तेजी क्यों?

करूर वैश्य बैंक के मजबूत नतीजों ने इसमें जोश भर दिया है। पहली तिमाही में बैंक के नतीजे मजबूत रहे हैं। इस अवधि में इसका RoA 2.1% और कोर NIM 4.26% पर स्थिर रहा है। लोन ग्रोथ 17% और डिपॉजिट 15% बढ़ा है। प्रोविजन 24% घटा है। एसेट क्वालिटी भी मजबूत हुई है। तिमाही आधार पर बैंक की GNPA 0.74% और NNPA 0.19% रहा है। सालाना आधार पर CASA ग्रोथ 15% रहा है। वहीं, तिमाही आधार पर इसमें 9% इजाफा हुआ है।

30 जून, 2026 को खत्म हुई तिमाही में बैंक का नेट प्रॉफ़िट सालाना आधार पर लगभग 45% बढ़कर 756 करोड़ रुपये हो गया। यह पिछले 11 तिमाहियों में सबसे ज़्यादा प्रतिशत बढ़ोतरी है। इस तिमाही में बैंक ने 3,049 करोड़ रुपये की ब्याज आय दर्ज की है। जो सालाना आधार पर लगभग 19% ज्यादा है। कुल आय में इसका अहम योगदान रहा। पिछली तिमाही के मुकाबले इसमें 5% से ज्यादा की बढ़ोतरी हुई है।

हालांकि,जून तिमाही में अन्य आय में मामूली गिरावट का असर कुल आय पर पड़ा और इससे नेट प्रॉफ़िट में होने वाली बढ़ोतरी सीमित रही। जून तिमाही में बैंक की अन्य आय 442 करोड़ रुपये रही, जो सालाना आधार पर 1% से ज़्यादा और तिमाही आधार पर 28% से ज़्यादा की भारी गिरावट दिखाती है।

करूर वैश्य बैंक: गाइडेंस

बैंक का कहना है कि उसके तिमाही दर तिमाही यील्ड में 10 बेसिस प्वाइंट की गिरावट का अनुमान है। वहीं, कॉस्ट ऑफ डिपॉजिट में 10 बेसिस प्वाइंट बढ़ोतरी संभव है। NIM गाइडेंस करीब 3.8% पर बरकरार है। अगले क्वार्टर में NIM 4% से ऊपर रहने की उम्मीद है। वहीं, स्लिपेज 1% से नीचे रहने का अनुमान है। लोन ग्रोथ के इंडस्ट्री से करीब 2% ज्यादा का अनुमान है। GNPA 1.5% से नीचे रखने का लक्ष्य रखा गया है। वहीं, NNPA 1% से नीचे बनाए रखने का लक्ष्य है।

करूर वैश्य बैंक: वैल्युएशन

यह स्टॉक FY28 के प्राइस-टू-बुक (P/B) के 1.8 गुना मल्टीपल पर ट्रेड कर रहा है। यह इसको आकर्षक बनाता है।

शेयर प्राइस हिस्ट्री

पिछले 1 हफ्ते में यह शेयर 11.02 फीसदी भागा है। वहीं, 1 महीने में इसमें 14.14 फीसदी और तीन महीने में 14.53 फीसदी की तेजी आई है। इस साल अब तक यह शेयर 26.26 फीसदी भागा है। वहीं, 1 साल में इसमें 47.98 फीसदी की और तीन साल में 209.28 फीसदी की तेजी देखने को मिली है।

 

Market Insight : आज इंडेक्स पर रखनी होगी लेवल बेस्ड रणनीति, चुनिंदा शेयरों में शानदार मौके,वहीं करें फोकस

Asian Market Today: चिप शेयरों में फिर तेज हुई बिकवाली, एशियाई बाजार कमजोर, निक्केई करीब 4% टूटा

Asian Market Today: एशियाई बाजारों से कमजोर संकेत मिल रहे है। निक्केई में 3.93 फीसदी तो ताइवान में 3.77 फीसदी की गिरावट दिखा रहा है। वहीं कॉस्पी में आज CONSTITUTION DAY की छुट्टी है। डाओ फ्यूचर्स भी 200 प्वाइंट से ज्यादा नीचे है। उधर कल अमेरिका में चिप शेयरों में फिर तेज बिकवाली दिखी। नैस्डैक करीब डेढ़ परसेंट फिसला है। डाओ और S&P में भी हल्की गिरावट देखने को मिली।

जापान के बाहर एशिया-पैसिफिक शेयरों का MSCI का सबसे बड़ा इंडेक्स 0.06 फीसदी नीचे था। जबकि टॉपिक्स 1.66 फीसदी गिरा। हांगकांग हैंग सेंग इंडेक्स 0.97 फीसदी की गिरावट दिखा रहा है। शंघाई का बाजार 0.78 फीगसदी गिरा है। दक्षिण कोरिया के बाज़ार छुट्टी के कारण बंद हैं।

गिफ्ट निफ्टी 24,113 के लेवल के आसपास ट्रेड कर रहा था, जो निफ्टी फ्यूचर्स के पिछले क्लोज से लगभग 17 पॉइंट्स का प्रीमियम है, जो भारतीय स्टॉक मार्केट इंडेक्स के लिए एक स्थिर शुरुआत का संकेत देता है।

वॉल स्ट्रीट

अमेरिकी स्टॉक मार्केट गुरुवार को सेमीकंडक्टर स्टॉक्स में बिकवाली के कारण नीचे बंद हुआ।डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 105.32 पॉइंट्स या 0.20% गिरकर 52,553.32 पर आ गया, जबकि S&P 500 38.63 पॉइंट्स या 0.51% गिरकर 7,533.77 पर आ गया। नैस्डैक कंपोजिट 387.28 पॉइंट्स या 1.47% गिरकर 25,881.95 पर बंद हुआ।

एनवीडिया का स्टॉक प्राइस 2.40% गिरा, AMD, ब्रॉडकॉम, इंटेल, माइक्रोन टेक्नोलॉजी के शेयर 5% से ज़्यादा गिरे, जबकि सैनडिस्क, वेस्टर्न डिजिटल और सीगेट टेक्नोलॉजी के शेयर 12.6% तक गिर गए। एप्पल का स्टॉक प्राइस 1.76% बढ़ा, माइक्रोसॉफ्ट का शेयर प्राइस 1.38% बढ़ा, टेस्ला का स्टॉक प्राइस 0.86% गिरा, और स्पेसएक्स के शेयर 3.08% गिरे।

US-ईरान युद्ध

अमेरिका ने शुक्रवार सुबह ईरान के खिलाफ अपने एयरस्ट्राइक कैंपेन को और बढ़ाया और पुलों पर तेज़ी से हमला किया। दूसरी तरफ, ईरान ने मिडिल ईस्ट में US के साथी देशों पर नए मिसाइल हमले किए और चेतावनी दी कि उसके हमले और बढ़ेंगे।

US रिटेल सेल्स

जून में US रिटेल सेल्स में थोड़ी बढ़ोतरी हुई। मई में 1.0% की बढ़ोतरी के बाद पिछले महीने रिटेल सेल्स में 0.2% की बढ़ोतरी हुई। रॉयटर्स के पोल में शामिल इकोनॉमिस्ट ने मई में पहले बताई गई 0.9% की बढ़त के बाद रिटेल सेल्स में 0.2% की बढ़ोतरी का अनुमान लगाया था।

US बेरोज़गारी क्लेम

पिछले हफ़्ते बेरोज़गारी बेनिफिट के लिए क्लेम करने वाले अमेरिकियों की संख्या में कमी आई। 11 जुलाई को खत्म हुए हफ़्ते में स्टेट बेरोज़गारी बेनिफिट के लिए शुरुआती क्लेम 8,000 घटकर सीज़नली एडजस्टेड 208,000 हो गए। रॉयटर्स के पोल में शामिल इकोनॉमिस्ट ने पिछले हफ़्ते 217,000 क्लेम का अनुमान लगाया था।

कच्चे तेल की कीमतें

कच्चे तेल की कीमतें बढ़ीं और अप्रैल के बाद सबसे ज़्यादा बढ़त के लिए तैयार थीं। ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स 1.27% बढ़कर $85.30 प्रति बैरल हो गया, जबकि US WTI क्रूड 1.23% बढ़कर $79.92 प्रति बैरल हो गया। इस हफ़्ते, ब्रेंट और US क्रूड फ्यूचर्स में 11% से ज़्यादा की बढ़त होने की उम्मीद थी।

आज सोने का रेट

US फेडरल रिजर्व के इंटरेस्ट रेट बढ़ाने के बढ़ते डर से सोने की कीमतें जून की शुरुआत के बाद से सबसे बड़ी वीकली गिरावट की ओर बढ़ रही थीं। पिछले सेशन में 2% गिरने के बाद स्पॉट गोल्ड की कीमत 0.1% बढ़कर $3,980.17 प्रति औंस हो गई। सिल्वर की कीमतें थोड़ी कम होकर $55.50 प्रति औंस पर थीं।

डॉलर

डॉलर स्थिर रहा लेकिन वीकली गिरावट के लिए तैयार था। डॉलर इंडेक्स, जो US करेंसी को छह दूसरी यूनिट्स के मुकाबले मापता है, 100.72 पर था, जिसमें वीकली 0.24% की गिरावट की उम्मीद थी। यूरो $1.1445 पर था, जिसमें इस हफ्ते 0.29% की बढ़ोतरी की उम्मीद थी। रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, स्टर्लिंग $1.3476 पर पहुंचा, जो इस हफ्ते 0.56% की बढ़त की ओर था। जापानी येन 40 साल के सबसे निचले स्तर के पास था और आखिरी बार 162.38 प्रति डॉलर पर था।

Aurum Proptech Share Price : हाउसिंग डॉट कॉम को खरीद सकती है औरम प्रॉपटेक, सिर्फ 2 दिनों में 15% भागा शेयर

Aurum Proptech Share Price : CNBC-आवाज़ को सूत्रों के हवाले से जानकारी मिली है कि औरम प्रॉपटेक (Aurum Proptech) एक और अधिग्रहण की तैयारी कर रही है। कल फंड जुटाने के मुद्दे पर कंपनी की बोर्ड मीटिंग भी होने वाली है। कंपनी QIP,प्रेफरेंशियल इश्यू या प्राइवेट प्लेसमेंट के जरिए फंड जुटा सकती है। इसके प्रेफरेंशियल इश्यू में बड़े और नामचीन इनवेस्टर शामिल हो सकते हैं। कंपनी की हाउसिंग डॉट कॉम को खरीदने की तैयारी है।

सूत्रों के मुताबिक कंपनी REA इंडिया से Housing.com के खरीद सकती है। कंपनी पिछले साल जुलाई में Housing.com की सिस्टर कंपनी PropTiger.com को खरीदा था। अब इसकी Housing.com को ही खरीदने की तैयारी है। बता दें कि औरम प्रॉपटेक रियल एस्टेट के लिए सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट सर्विस देती है। पिछले 2 दिनों में औरम प्रॉपटेक में 15% तक तेजी देखने को मिली है।

CNBC-आवाज़ ने औरम प्रॉपटेक और REA इंडिया को ईमेल भेजा है। अभी दोनों के आधिकारिक जवाब का इंतजार है।

औरम प्रॉपटेक की बड़ी शॉपिंग

औरम प्रॉपटेक की अब तक हुई शॉपिंग पर नजर डालें तो जुलाई 2025 में कंपनी ने PropTiger को 86 करोड़ रुपए में खरीदा था। इसने जून 2023 में NestAway को 90 करोड़ में खरीदा था। मई 2023 में इसने MYRE Capital को और 2021–22 में Sell.Do को भी खरीदा था। इसी तरह जुलाई 2021 में इसने K2V2 टेक को 40 करोड़ रुपए में खरीदा था। 2021 में ही इसने Integrow AM में 25 करोड़ रुपए में 49 फीसदी हिस्सेदारी खरीदी थी।

कंपनी के प्रदर्शन पर एक नजर

मार्च तिमाही (चौथी तिमाही) में ऑरम प्रॉपटेक की नेट सेल्स 123.85 करोड़ रुपये रही,जो मार्च 2025 तिमाही के 70.41 करोड़ रुपये से 75.9% ज्यादा है। मार्च 2026 तिमाही में इसकी नेट प्रॉफ़िट 16.64 करोड़ रुपये रही, जो मार्च 2025 तिमाही के 7.20 करोड़ रुपये से 331.11% ज़्यादा है। मार्च 2026 तिमाही में इसका EBITDA 38.47 करोड़ रुपये रहा,जो मार्च 2025 तिमाही के 23.25 करोड़ रुपये से 65.46% ज्यादा है। ऑरम प्रॉपटेक का EPS मार्च 2025 तिमाही के ₹1.33 से बढ़कर मार्च 2026 में ₹2.70 हो गया।

शेयर प्राइस हिस्ट्री

एनएसई पर आज यह शेयर 11.18 रुपए यानी 4.67 फीसदी बढ़कर 250.82 रुपए पर बंद हुआ है। आज का इसका दिन का हाई 264.64 रुपए और दिन का लो 237.51 रुपए है। स्टॉक का 52 वीक हाई 264.64 रुपए और 52 वीक लो 151.90 रुपए है।

1 हफ्ते में यह शेयर 12.38 फीसदी और 1 महीने में 36.77 फीसदी भागा है। तीन महीने में इसमें 47.93 फीसदी की तेजी देखने को मिली है। इस साल अब तक यह शेयर 33.39 फीसदी भागा है। वहीं, 1 साल में इसने 32.34 फीसदी की और 3 साल में 90.38 फीसदी की तेजी दिखाई है।

औरम प्रॉपटेक एक भारतीय लिस्टेड प्रॉपटेक कंपनी है। यह अपने रेंटल ब्रांड हेलोवर्ल्ड और नेस्टअवे के जरिए सीधे उपभोक्ताओं को अपनी सेवाएं प्रदान करती है। जबकि इसके डेटा,मार्केटिंग और सेल्स ऑटोमेशन ब्रांड औरम एनालिटिका और सेल.डू (Sell.Do), रियल एस्टेट सेक्टर को सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट सर्विस देते हैं।

 

 

Market Outlook : हल्की बढ़त के साथ बंद हुआ बाजार, जानिए 16 जुलाई को कैसी रह सकती है इसकी चाल