Market Technicals : मार्केट का टेक्निकल स्ट्रक्चर अभी भी कमजोर, निफ्टी में उछाल पर बिकवाली का ट्रेंड रहेगा कायम

Market Technicals : ग्लोबल मार्केट से मिले अच्छे संकेतों के चलते शुक्रवार को बाजार में लगातार चार दिनों से चल रही गिरावट थम गई और सेंसेक्स-निफ्टी बढ़त लेकर बंद हुए। US के नॉन-फार्म पेरोल और बेरोजगारी के आंकड़ों से पहले ट्रेडर्स सतर्क रहे। इन आंकड़ों का फेडरल रिजर्व के ब्याज दरों से जुड़े फैसले पर बड़ा असर पड़ सकता है। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 362.57 अंक या 0.48 प्रतिशत बढ़कर 76,515.43 पर बंद हुआ। इंट्राडे में इसने 730.28 अंक यानी 0.95 प्रतिशत उछलकर 76,883.14 का हाई हिट किया।

निफ्टी में 24,000 के अहम साइकोलॉजिकल लेवल के पास बिकवाली का दबाव बना रहा। हालांकि इंडेक्स ने सेशन के दौरान रिकवरी की कोशिश की लेकिन 24,000 के जोन के आसपास आई प्रॉफिट बुकिंग ने एक बार फिर इसकी ऊपर जाने की रफ्तार को सीमित कर दिया। अंत में निफ्टी 24.25 अंक या 0.10 प्रतिशत बढ़कर 23,897.70 पर बंद हुआ। यह इंडेक्स कल ज़्यादातर समय हरे निशान में रहा और इंट्राडे में 24,000 के स्तर को पार करते हुए 24,005.75 का हाई छुआ। हालांकि,क्लोजिंग ऑक्शन सेशन में यह बढ़त कुछ कम हो गई। इसके चलते इंडेक्स मामूली बढ़त के साथ बंद हुआ।

मोमेंटम इंडिकेटर भी कमजोर

मोमेंटम इंडिकेटर कमजोर बने हुए हैं। RSI 40 के आसपास है,जो सुस्त मोमेंटम और लगातार बने मंदी के दबाव का संकेत है। MACD भी नेगेटिव जोन में है। MACD लाइन सिग्नल लाइन के नीचे है और हिस्टोग्राम नेगेटिव बना हुआ है जो मौजूदा कमजोर मोमेंटम को और मजबूत कर रहा है।

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शॉर्ट-टर्म ट्रेंड के कमजोर बने रहने की संभावना

LKP सिक्योरिटीज के सीनियर टेक्निकल एनालिस्ट रूपक डे का कहना है कि आगे शॉर्ट-टर्म ट्रेंड के कमजोर बने रहने की संभावना है क्योंकि इंडेक्स अभी भी आवरली चार्ट पर 50-EMA के नीचे ट्रेड कर रहा है। जब तक निफ्टी 24,000-24,200 के जोन के नीचे बना रहेगा,तब तक उछाल पर बिकवाली का सेंटीमेंट बना रह सकता है। वहीं, निचले स्तर पर इसके लिए 23,830 और 23,700 पर सपोर्ट है।

एनरिच मनी के CEO पोनमुडी आर ने कहा कि टेक्निकल नजरिए से मार्केट का स्ट्रक्चर अभी भी कमज़ोर बना हुआ है। निफ्टी लगातार एक डिसेंडिंग चैनल में और अपने अहम मूविंग एवरेज के नीचे ट्रेड कर रहा है। निफ्टी के लिए 24,000 का लेवल अभी भी तत्काल रेसिस्टेंस जोन बना हुआ है। शॉर्ट-टर्म स्ट्रक्चर में सुधार के लिए 24,000 के ऊपर की टिकाऊ क्लोजिंग और उसके बाद 24,200 के ऊपर एक मजबूत ब्रेकआउट की जरूरत होगी।

उन्होंने आगे कहा नीचे की तरफ निफ्टी के लिए 23,800 का जोन में अहम सपोर्ट बना हुआ है। अगर इंडेक्स 23,800 के नीचे जाता है तो बिकवाली का दबाव बढ़ सकता है और इंडेक्स 23,600 के स्तर तक गिर सकता है।

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Daily Voice: मौजूदा भाव पर नए न्यू एज स्टॉक्स लग रहे महंगे, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स,रियल्टी और डिफेंस शेयरों को लेकर भी रहें सतर्क

Daily Voice : मार्केट कंसोलिडेशन के इस दौर में अनुशासित और लंबे समय के लिए निवेश करने वालों के लिए निवेश का अच्छा मौका है। इस समय अच्छे भाव पर मिल रहे बेहतरीन ग्रोथ वाले शेयरों में पैसा लगाया जा सकता है। इस समय न्यू एज स्टाक्स काफी महंगे दिख रहे हैं। ऐसे में इनमें अभी पैसा डालना बेहतर विकल्प नहीं होगा। हालांकि,आगे कई सालों में इनमें अच्छी ग्रोथ देखने को मिल सकती है। ये बातें ओमनीसाइंस कैपिटल (OmniScience Capital) के अश्विनी शामी ने मनीकंट्रोल के साथ हुई एक बातचीत में कही हैं। यहां हम आपके लिए इसी बातचीत का संपादित अंश पेश कर रहे हैं।

उन्होंने बाजार पर अपनी राय साझा करते हुए आगे कहा कि निवेशकों को इस सेक्टर में बहुत सोच-समझकर निवेश करना चाहिए। रिस्क-रिवॉर्ड के नजरिए से न्यू एज कंपनियों में उन्हें प्योर-प्ले ई-कॉमर्स,क्विक कॉमर्स और हार्डवेयर टेक्नोलॉजी प्लेटफॉर्म के बजाय चुनिंदा फिनटेक कंपनियां ज्यादा पसंद हैं।

अश्विनी शामी मौजूदा मार्केट कंसोलिडेशन के दौर को अनुशासित और लॉन्ग-टर्म निवेशकों के लिए एक अच्छे मौके के तौर पर देखते हैं। ऐसे निवेशकों के लिए इस समय अच्छे भाव पर उपलब्ध बेहतरीन ग्रोथ वाले शेयरों में निवेश का अच्छा मौका नजर आ रहा है।

उनका यह भी मानना ​​है कि साल की दूसरी छमाही (H2)में अर्निंग में बढ़ोतरी देखने को मिलेगी। इसके साथ ही FPI निवेश भी बढ़ता दिखेगा। इससे मार्केट को अच्छा सपोर्ट मिल सकता है।

क्या आपको उम्मीद है कि सितंबर तिमाही के बाद से 15 प्रतिशत से ज्यादा अर्निंग ग्रोथ वाली निफ्टी 500 कंपनियों का संख्या और बढ़ेगी?

हालांकि कच्चे तेल और कमोडिटी की ऊंची कीमतें उन सेक्टर के मार्जिन पर दबाव डालती हैं जहां इनपुट लागत अधिक होती है,लेकिन BFSI,हेल्थकेयर,कंज्यूमर और बिनेस सर्विसे जैसे एसेट-लाइट सेक्टर में अर्निंग ग्रोथ मजबूत बनी रहने और उसमें सुधार होने की उम्मीद है। वित्त वर्ष की दूसरी छमाही में कैपिटल गुड्स,इंफ्रास्ट्रक्चर और फाइनेंशियल सर्विस (जिसमें बड़े बैंक भी शामिल हैं) सेक्टर में कैपिटल एक्सपेंडिचर में तेजी,बढ़ती मांग और ऑपरेटिंग लेवरेज के मिले-जुले असर के चलते अर्निंग में मजबूत ग्रोथ की उम्मीद है।

क्या आपको लगता है कि बेंचमार्क से बेहतर प्रदर्शन करने वाले मिड और स्मॉलकैप शेयरों का बढ़ा भाव अब सही लेवल पर आ गया है?

निफ्टी मिडकैप 150 और निफ्टी स्मॉलकैप 250 इंडेक्स लगभग 30 गुना और 34 गुना के ट्रेलिंग प्राइस-टू-अर्निंग्स (P/E) मल्टीपल पर ट्रेड कर रहे हैं, इसलिए हम यह नहीं कह सकते कि छोटे-मझोले शेयरों के वैल्यूएशन काफी कम हुए है। इसके विपरीत 20 गुना P/E मल्टीपल के आसपास ट्रेड कर रहे निफ्टी 100 इंडेक्स में अच्छे भाव वाले शेयरों में निवेश के ज्यादा अच्छे मौके हैं।

हालांकि कुछ खास मिड-कैप और स्मॉल-कैप सेक्टर में अर्निंग ग्रोथ, बेंचमार्क से ज्यादा बनी हुई है,लेकिन तेजी से बढ़ने वाले इन अधिकांश सेक्टर में वैल्यूएशन अभी भी बहुत ज्यादा हैं।

क्या आपको मौजूदा भाव पर नए जमाने के स्टॉक्स (new-age stocks) अच्छे लगते हैं?

कुल मिलाकर कहें तो मौजूदा स्तरों पर नए जमाने के स्टॉक्स निवेश के लिए बहुत अच्छे विकल्प नहीं है। अगले कई सालों के अच्छे ग्रोथ आउटलुक के बावजूद इनका वैल्यूएशन बहुत ज्यादा है। निवेशकों को इस सेक्टर में बहुत सोच-समझकर निवेश करना चाहिए। रिस्क-रिवॉर्ड के नजरिए से न्यू एज कंपनियों में उन्हें प्योर-प्ले ई-कॉमर्स,क्विक कॉमर्स और हार्डवेयर टेक्नोलॉजी प्लेटफॉर्म के बजाय चुनिंदा फिनटेक कंपनियां ज्यादा पसंद हैं।

क्या आपको लगता है कि फ्री ट्रेड एग्रीमेंट से होने वाले फायदे को देखते हुए ऑटो एंसिलरी कंपनियों के शेयरों में और तेजी आ सकती है?

FTA और EV (इलेक्ट्रिक व्हीकल) की ओर होने वाले बदलाव से फायदा उठाने वाली ऑटो एंसिलरी कंपनियों के शेयर ज्यादातर अपने सही कीमत पर या कुछ मामलों में जरूरत से ज्यादा महंगे (overvalued) बिक रहे हैं,जिससे इनमें और तेजी की गुंजाइश कम है। EV पावरट्रेन,इलेक्ट्रिकल असेंबली और खास तरह कलपुर्जे (precision components) बनाने वाली और तेज ग्रोथ वाली सप्लायर कंपनियां 35x–70x P/E मल्टीपल पर ट्रेड कर रही हैं, जिनमें आने वाले कई सालों के कामकाज का असर पहले ही शामिल हो चुका है।

इस सेक्टर में निवेश करते समय ऑटो सेक्टर के उतार-चढ़ाव,पश्चिमी OEMs के वॉल्यूम ग्रोथ ट्रेंड्स और कच्चे माल की कीमतों में उतार-चढ़ाव का ध्यान रखना जरूरी है,क्योंकि इन सभी का असर इनकी अर्निंग ग्रोथ पर पड़ सकता है।

Market Technicals: 24400 के नीचे बने रहने तक निफ्टी में जारी रहेगा कंसोलीडेशन, 58000 के ऊपर जाने पर ही बैंक निफ्टी में आएगी तेजी

आप किन तीन सेक्टर को लेकर सबसे ज़्यादा सतर्क हैं?

इस समय कंज्यूमर ड्यूरेबल्स,रियल्टी और प्योर-प्ले डिफेंस(साथ ही कुछ खास हाई-मल्टीपल हेल्थकेयर सेगमेंट)को लेकर सतर्क हैं,क्योंकि इनमें कुछ जगहों पर बहुत ज्यादा ओवरवैल्यूएशन है।

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Market Technicals: 24400 के नीचे बने रहने तक निफ्टी में जारी रहेगा कंसोलीडेशन, 58000 के ऊपर जाने पर ही बैंक निफ्टी में आएगी तेजी

Market Technicals : 28 अगस्त को निफ्टी में 0.4% की बढ़त के साथ तेजी लौटती दिखी। लेकिन लगातार दूसरे सेशन में भी यह क्लोजिंग बेसिस पर सभी अहम मूविंग एवरेज से नीचे ही बना रहा। इससे पता चलता है कि इसमें मज़बूत मोमेंटम की कमी है और सतर्कता के साथ कंसोलिडेशन का दौर जारी है। इंडेक्स 23,606 से 24,774 तक की रैली के 50 फीसदी फिबोनाची रिट्रेसमेंट लेवल से नीचे बना रहा। जबकि मोमेंटम इंडिकेटर्स और ऑसिलेटर्स में मजबूती की कमी दिखी। इन सभी बातों से संकेत मिलता है कि शॉर्ट टर्म में कमजोर रुझान के साथ उतार-चढ़ाव वाला ट्रेड देखने को मिल सकता है।

मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि जब तक निफ्टी 24350–24400 के आसपास स्थित 200-डे EMA (24,350–24,400) के अहम रेजिस्टेंस के नीचे बना रहता है तब तक कंसोलिडेशन और रेंज-बाउंड ट्रेडिंग जारी रह सकती है। निफ्टी के लिए तत्काल सपोर्ट 24,000 पर है। अगर यह सपोर्ट कायम नहीं रह पाता तो निफ्टी में 23,800 की तरफ गिरावट आ सकती है। हालांकि,अगर यह रेजिस्टेंस जोन के ऊपर मजबूती दिखाता है तो इसमें 24,800 के लेवल की ओर तेजी आती नजर आ सकती है।

निफ्टी कल बढ़त के साथ खुला और दिन भर लगभग 100 अंकों के दायरे में घूमते रहने के बाद 85 अंक यानी 0.35 फीसदी की बढ़त के साथ 24,176 पर बंद हुआ। निफ्टी पूरे हफ्ते ज्यादातर पिछले हफ्ते के दायरे में ही कारोबार करता रहा और अपने शॉर्ट और मीडियम टर्म मूविंग एवरेज से नीचे बंद हुआ। इस हफ्ते इसमें 0.31 फीसदी की गिरावट आई।

डेली टाइमफ्रेम पर बेंचमार्क इंडेक्स ने पिछले दिन की रेंज के अंदर एक अच्छी बुलिश कैंडल बनाई,जिसमें नीचे की तरफ एक छोटी सी विक(wick)थी। वीकली टाइमफ्रेम पर इसने पिछले हफ्ते की रेंज के अंदर एक रेड कैंडल बनाई,जिसमें ऊपर और नीचे की तरफ साफ शैडो(shadows)दिखाई दे रही थीं। यह रेंज-बाउंड ट्रेडिंग का संकेत है।

डेली RSI के लेवल के आस-पास न्यूट्रल बना रहा। इससे पता चलता है कि किसी खास दिशा में मज़बूत मोमेंटम की कमी है। वहीं,निचले लेवल से बढ़ते ADX से संकेत मिला कि धीरे-धीरे उतार-चढ़ाव बढ़ सकता है। हालांकि,किसी निर्णायक ब्रेकआउट के न होने से यह संकेत मिलता रहा कि बाजार एक सीमित दायरे (रेंज-बाउंड)में ही रहेगा।

निफ्टी पर एक्सपर्ट की राय

HDFC सिक्योरिटीज के सीनियर टेक्निकल रिसर्च एनालिस्ट नागराज शेट्टी के मुताबिक गुरुवार को 24150 के लेवल पर ऊपर की ओर जाने वाली ट्रेंडलाइन के ऊंचे सपोर्ट से नीचे आने के बाद,निफ्टी में शुक्रवार को और ज्यादा कमजोरी नहीं आई। यह एक अच्छा संकेत है,क्योंकि अक्सर नीचे की ओर फाल्स ब्रेकआउट के बाद ऊपर की ओर तेज चाल देखने को मिलती है।

उनका मानना ​​है कि निफ्टी का मेन ट्रेंड 24,000 और 24,400 के दायरे में बना हुआ है और इसमें तेजी का रुख है। अगर निचली रेंज के पास से कोई मजबूत उछाल आता है,तो जल्द ही 24,300–24,400 के लेवल तक अच्छी-खासी तेजी देखने को मिल सकती है। ट्रेंड बदलने के लिए 24,000 का लेवल एक अहम सपोर्ट है।

वीकली ऑप्शन डेटा से पता चलता है कि 24,300 और 24,500 स्ट्राइक,जहां सबसे ज़्यादा कॉल ओपन इंटरेस्ट है,वे शॉर्ट टर्म में निफ्टी के लिए रेजिस्टेंस का काम कर सकते हैं। वहीं,24,000 और 24,100 स्ट्राइक,जहां सबसे ज्यादा पुट ओपन इंटरेस्ट है,वे इंडेक्स के लिए सपोर्ट जोन का काम कर सकते हैं।

उधर फियर इंडेक्स के नाम से जाना जाने वाला इंडिया VIX लोअर लेवल पर बना रहा। यह 3.5 फीसदी गिरकर 10.68 पर आ गया और अपने शॉर्ट टर्म मूविंग एवरेज से नीचे बना रहा। इन बातों से पता चलता है कि मार्केट में अनिश्चितता और निवेशकों की घबराहट काफी कम हो गई थी।

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बैंक निफ्टी व्यू

बैंकिंग इंडेक्स की शुरुआत गिरावट के साथ हुई,लेकिन इसने रिकवरी की कोशिश की और इंट्राडे में 57,596 का हाई बनाया। हालांकि,यह बढ़त बरकरार नहीं रह सकी और अधिकांस ट्रेडिंग सेशन के दौरान इंडेक्स दबाव में रहा। शुक्रवार को यह इंडेक्स 14 अंक गिरकर 57,496 पर बंद हुआ और अपने 20-डे और 50-डे के EMA के दायरे में रहा,जबकि पूरे हफ्ते में इसमें 0.50 फीसदी की गिरावट आई।

डेली चार्ट पर इस इंडेक्स ने एक छोटी बॉडी वाली बुलिश कैंडल बनाई,जिसके दोनों तरफ साफ तौर पर विक्स(wicks)दिख रहे थे। इससे पता चलता है कि बुल्स और बेयर्स के बीच कोई फैसला नहीं हो पा रहा था और साफ दिशा वाला मोमेंटम नहीं था। वीकली टाइमफ़्रेम पर,इसने ऊपर और नीचे शैडो वाली एक रेड कैंडल बनाई,जो उतार-चढ़ाव के बीच दबाव का संकेत है। हालांकि,इंडेक्स सभी अहम मूविंग एवरेज के ऊपर बना रहा,जो ऊपर की ओर बढ़ रहे थे। इससे पता चलता है कि मार्केट का ओवरऑल स्ट्रक्चर मजबूत बना हुआ है।

डेली चार्ट पर इंडेक्स अपने शॉर्ट-टर्म मूविंग एवरेज से नीचे बना रहा,जो शॉर्ट टर्म में सावधानी और कंसोलिडेशन का संकेत है। डेली RSI भी न्यूट्रल जोन में रहा,जिससे साफ तौर पर मजबूत मोमेंटम की कमी पता चलती है।

एक्सपर्ट की राय

SBI सिक्योरिटीज में टेक्निकल और डेरिवेटिव्स रिसर्च के हेड सुदीप शाह के अनुसार 57,000–56,900 का जोन एक अहम सपोर्ट एरिया का काम कर सकता है। अगर यह स्तर बना रहता है तो मौजूदा कंसोलिडेशन का दौर जारी रह सकता है।

उनका मानना ​​है कि ऊपर की तरफ 57,900–58,000 का जोन तत्काल रेजिस्टेंस का काम कर सकता है। 58,000 के ऊपर के साफ ब्रेकआउट या 57,000 के नीचे ब्रेकडाउन से मौजूदा कंसोलिडेशन का दौर खत्म हो सकता है और उस दिशा में एक बड़ी ट्रेंडिंग चाल शुरू हो सकती है।

 

 

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Market Technicals : टेक्निकल एक्सपर्ट्स से जाने कल के लिए क्या हो ट्रेडिंग रणनीति, निफ्टी-बैंक निफ्टी में किन लेवल्स पर रहे नजर

Market Technicals : आज बाजार एक सीमित दायरे में कारोबार करता दिखा। बाजार की चाल सुस्त रही। निफ्टी 0.13% की गिरावट के साथ 24,219.05 पर और सेंसेक्स 0.22% की गिरावट के साथ 77,369.11 पर बंद हुआ। सेक्टर नजरिए से देखें तो मेटल और रियल्टी सेक्टर में बढ़त रही,जबकि डिफेंस,बैंक,सीमेंट और ऑटो सेक्टर में गिरावट देखी गई। निफ्टी 50 में सबसे ज़्यादा बढ़त जेएसडब्ल्यूस्टील, हिंडाल्को और टाटास्टील में रही। वहीं,एसबीआईलाइफ,बजाज फाइनेंस और अदानीपोर्ट्स में गिरावट रही।

पिछले कुछ ट्रेडिंग सेशन से मेटल शेयरों में तेजा देखने को मिल रही है। सप्लाई में दिक्कत,घटते स्टॉक और मज़बूत मांग के कारण स्टील,कॉपर,एल्युमीनियम और जिंक की ग्लोबल कीमतों में उछाल आया है। इसके अलावा डॉलर इंडेक्स में गिरावट से भी इस सेक्टर को सहारा मिला है। आज निफ्टी मेटल्स में 1.59% की तेजी आई।

आज हिंदुस्तान जिंक सुर्खियों में रहा क्योंकि सरकार अगले दो हफ्तो में इसमें ऑफर फ़ॉर सेल लाने की योजना पर काम कर रही है। केंद्र सरकार 1.5-2% हिस्सेदारी बेचकर लगभग 4,000-5,000 करोड़ रुपये जुटाने की सोच रही है,जो ऑफर के फ़ाइनल साइज़ और कीमत पर निर्भर करेगा। आज हिंदुस्तान जिंक 2.2% बढ़त के साथ बंद हुआ। वहीं, पिछले 3 ट्रेडिंग सेशन में इसमें लगभग 7% की तेजी आई है।

सोने की कीमतों में तेजी से मुथूट फाइनेंस और मन्नापुरम जैसी गोल्ड फ़ाइनेंस कंपनियों को भी फायदा हुआ है। इनके शेयरों में 5.72% और 2.21% से ज्यादा की तेजी आई है। सोने की कीमतों में बढ़ोतरी से गोल्ड फ़ाइनेंस कंपनियों को फायदा हो सकता है। इससे गिरवी रखी गई संपत्ति (कोलेटरल) की वैल्यू बढ़ती है,लेंडर की सिक्योरिटी मजबूत होती है और लोन ग्रोथ को भी बढ़ावा मिल सकता है।

एंजेल वन के चीफ मैनेजर-टेक्निकल एंड डेरिवेटिव रिसर्च,ओशो कृष्ण का कहना है कि ग्लोबल मार्केट से मिले अच्छे संकेतों की वजह से भारतीय इक्विटी मार्केट में बढ़त के साथ शुरुआत हुई और बेंचमार्क इंडेक्स ने एक्सपायरी वाले हफ्ते की शुरुआत जोश के साथ की। हालांकि,बाद में फॉलोअप खरीदारी न होने से शुरुआती तेजी कमज़ोर पड़ गई और इंडेक्स नीचे आ गया,जिससे बुलिश गैप का दोबारा टेस्ट हुआ। इसके बाद, CAS सेशन के बाद निफ्टी ने नुकसान की कुछ भरपाई की और 24200 के ऊपर बंद होने में कामयाब रहा,जिससे सेशन का अंत 0.14% की मामूली गिरावट के साथ हुआ।

टेक्निकल नजरिए से देखें तो पोजीशन अभी भी अनिश्चित बनी हुई है। 20-DEMA एक बड़ी रुकावट के तौर पर सामने आ रहा है और लगातार रिजेक्शन का कारण बन रहा है। हालांकि,हाल ही में मंदी के कमजोर पड़ने के संकेतों ने रिवर्सल की उम्मीद जगाई है, लेकिन तेजी या गिरावट की रफ्तार (मोमेंटम)अभी भी धीमी है। बाजार की नजर किसी ऐसे अहम संकेत पर है जिससे खरीदारी में तेजी आए। अगर गिरावट आती है तो 24150-24100 का दायरा तत्काल सपोर्ट का काम करेगा, जबकि 24050-24000 का जोन एक मजबूत सपोर्ट जोन बना रहेगा।

ऊपर की तरफ,24300 के आसपास स्थित 20-DEMA का जोन रेजिस्टेंस का काम कर सकता है। अगर इस स्तर के ऊपर बढ़त कायम रहती है तो टेक्निकल सेटअप मजबूत होगा और आने वाले समय में 24500 के स्तर तक की रिकवरी का रास्ता खुल सकता है।

फिलहाल,सतर्कता बरतना ही समझदारी होगी। ट्रेडरों को सलाह है कि जब तक बाजार रुझान साफ न हो जाए,तब तक आक्रामक रुख न अपनाएं। अगस्त माह की एक्सपायरी के दौरान वोलैटुलिटी बढ़ने की भी आशंका है। इसलिए,ट्रेडरों के अनुशासित तरीके से रिस्क मैनेज करते हुए सीमित निवेश करना चाहिए और बाजार के अहम संकेतों पर नजर रखनी चाहिए।

SBI सिक्योरिटीज में हेड -टेक्निकल एंड डेरिवेटिव्स रिसर्च, सुदीप शाह का कहना है कि निफ्टी की गैप-अप ओपनिंग टिक नहीं पाई क्योंकि इंडेक्स पर जबरदस्त बिकवाली का दबाव बना और दिन चढ़ने के साथ यह नीचे गिरकर 0.14% की गिरावट के साथ 24219 पर बंद हुआ। डेली चार्ट पर निफ्टी ने लोअर विक के साथ एक बेयरिश कैंडल बनाई। चार्ट पर यह लोअर विक मुख्य रूप से इसलिए बना क्योंकि इंडेक्स ने दूसरे हाफ के आखिर में अपने शुरुआती नुकसान का कुछ हिस्सा रिकवर कर लिया था। इंडेक्स को अपने 20-डे EMA के आसपास रेजिस्टेंस का सामना करना पड़ा और यह नीचे बंद हुआ। ADX इंडिकेटर पर DI-लगातार DI+ से ऊपर बना हुआ है,जो बुल्स पर बेयर्स के लगातार बने दबदबे को दिखाता है।

मिडकैप इंडेक्स ने एक पतली बॉडी वाली बेयरिश कैंडल बनाई,जिसके दोनों तरफ छोटी विक्स थीं। इससे पता चलता है कि इंट्राडे में कोई साफ दिशा नहीं थी। स्मॉलकैप इंडेक्स ने एक बेयरिश कैंडल बनाई जिसमें ऊपर की तरफ एक छोटी विक थी,जो ऊपरी लेवल पर प्रॉफ़िट बुकिंग को दिखाती है। प्रॉफिट बुकिंग के बावजूद, स्मॉलकैप इंडेक्स मिडकैप और लार्जकैप के मुकाबले बेहतर स्थिति में है,जैसा कि इसके संबंधित रेश्यो चार्ट में बढ़ती रेश्यो लाइन से पता चलता है।

आगे निफ्टी के लिए तत्काल सपोर्ट 24070-24050 के जोन में है। अगर निफ्टी इस जोन के नीचे टिकता है तो इसमें और कमजोरी आ सकती है और यह शॉर्ट टर्म में 23900 और फिर 23750 तक गिर सकता है। ऊपर की तरफ निफ्टी के लिए तत्काल रेजिस्टेंस 24350-24370 के जोन में है।

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बैंक निफ्टी आउटलुक

 सुदीप शाह का कहना है कि  बैंक निफ्टी भी गैप-अप के साथ खुला,लेकिन ऊंचे स्तरों पर टिक नहीं पाया। दिन के दौरान इसमें तेज गिरावट आई,लेकिन बाद में,खासकर दूसरे हाफ के आखिर में इसमें कुछ रिकवरी हुई और इंडेक्स ने नुकसान की कुछ भरपाई की। आखिरकार,यह 0.41% गिरकर 57526 पर बंद हुआ। डेली चार्ट पर इंडेक्स ने एक बेयरिश कैंडल बनाई है,जिसमें नीचे की तरफ एक साफ लोअर विक दिख रही है। अगस्त की शुरुआत से ही बैंक निफ्टी 1246 अंकों की रेंज में ही घूम रहा है जो बाजार में अनिश्चितता और साइडवेज रहने के संकेत है। गिरता हुआ ADX भी इस बात की पुष्टि करता है कि बाजार में कोई मजबूत दिशा वाला ट्रेंड नहीं है।

आगे बैंक निफ्टी के लिए तत्काल सपोर्ट 57100-57000 जोन में है। अगर यह इस जोन के नीचे बना रहता है,तो बैंक निफ्टी में और कमजोरी आ सकती है और यह शॉर्ट टर्म में 56600 और फिर 56200 तक टूट सकता है। ऊपर की तरफ,बैंक निफ्टी के लिए तत्काल रेजिस्टेंस 57900-58000 जोन में है।

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Trading Ideas : आज की दिन काफी अहम, शॉर्ट टर्म में करना चाहते हैं बंपर कमाई तो इन दो शेयरों पर रहे नजर

Trading Ideas : बाजार में आज हल्की बढ़त के साथ कारोबार हो रहा है। मार्केट के टेक्निकल एक्सपर्ट्स का कहना है कि निफ्टी अभी अपने 50 डे और 100 डे EMA के आस-पास घूम रहा है। हालांकि,दोनों एवरेज मोटे तौर पर स्थिर हैं,जो किसी खास दिशा में तेजी की कमी और कंसोलिडेशन के दौर का संकेत दे रहे हैं। मोमेंटम इंडिकेटर और ऑसिलेटर भी नियर टर्म में न्यूट्रल से साइडवेज रुझान का संकेत दे रहे हैं।

एसबीआई सिक्योरिटीज के सुदीप शाह का कहना है कि निफ्टी के लिए 24290-24320 पर स्थित 20-डे EMA जोन एक अहम रुकावट का काम कर सकता है। अगर यह लगातार 24320 के स्तर के ऊपर बना रहता है तो एक तेज पुलबैक रैली शुरू हो सकती है,जिससे 24450 के स्तर तक ऊपर जाने का रास्ता खुल सकता है।

नीचे की तरफ,24130-24100 का जोन एक अहम सपोर्ट एरिया बना हुआ है। अगर निफ्टी 24100 के नीचे टूटता है तो टेक्निकल स्ट्रक्चर और कमजोर हो सकता है और मौजूदा करेक्शन वाला ट्रेंड फिर से शुरू हो सकता है,जिससे इंडेक्स 23950 के स्तर की ओर जा सकता है।

मार्केट ट्रेंड पर बात करते हुए त्रिशक्ति एसोसिएट्स के को-फाउंडर पवन माहेश्वरी ने कहा कि कल बाजार में अच्छी गैपअप ओपनिंग रही उसके बाद में एक डोजी फॉर्मेशन देखने को मिला। अगर मैं पिछले तीन दिन के पैटर्न देखें तो इसको हम एक आइलैंड रिवर्सल पैटर्न कह सकते हैं। हालांकि आज हमें वेट करना होगा। अगर आज निफ्टी क्लोजिंग तक 24,280 के ऊपर टिकता है तो यहां से एक नई तेजी बननी चालू हो जाएगी। इस स्थिति में हम 24,000 के स्टॉप लॉस के साथ लॉन्ग जा सकते है। वहीं, अगर आज मार्केट 24,300 के नीचे बंद होता है तो हमें एक दिन और वेट करना होगा। आज का दिन बाजार के लिए काफी अहम है। आज हमें निफ्टी पर नजर रखना होगा और 2 2:30 बजे के आसपास डिसीजन लेना होगा।

पवन माहेश्वरी की टॉप पिक्स

पवन माहेश्वरी ने कहा कि उनकी आज के लिए पहली पसंद है सीजी पावर। इसके चार्ट पैटर्न काफी अच्छे दिख रहे हैं। इस स्टॉक में 850 रुपए के स्टॉपलॉस के साथ 930 रुपए के टारगेट के लिए खरीदारी की सलाह है। इनकी दूसरी पसंद डिफेंस सेक्टर से है। डिफेंस काफी प्रॉमिसिंग थीम है। ऐसे में कोचीन शिपयार्ड में 1460 रुपए के स्टॉपलॉस के साथ 1600 रुपए के टारगेट के लिए खरीदारी की सलाह है।

 

Market View : जब तक क्रूड ऑयल की कीमतें ऊंची बनी रहेंगी बाजार के रेंज-बाउंड रहने की उम्मीद, इन शेयरों पर रहे नजर

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Market Technicals : शॉर्ट-टर्म में नेगेटिव रुझान के साथ कंसोलिडेशन जारी रहने की उम्मीद, इन अहम लेवल्स पर रहे नजर

Market Technicals : 17 अगस्त को निफ्टी पूरे सेशन के दौरान दबाव में रहा और कारोबारी सत्र के अंत में 0.3 फीसदी की गिरावट के साथ बंद हुआ,जिससे नए हफ्ते की शुरुआत खराब रही। इंडेक्स पिछले हफ्ते के निचले स्तर 24266 से नीचे गिर गया,लेकिन सेशन के दूसरे हिस्से में सुबह के नुकसान की कुछ भरपाई होती दिखी और क्लोजिंग बेसिस पर निफ्टी 24266 के स्तर को बचाए रखने में कामयाब रहा। बाजार में धीरे-धीरे मंदी का रुझान मजबूत हो रहा है और इंडेक्स अब अपने शॉर्ट-टर्म मूविंग एवरेज और बोलिंगर बैंड्स की मिडलाइन,दोनों के नीचे ट्रेड कर रहा है। इसलिए,शॉर्ट-टर्म में नेगेटिव रुख के साथ कंसोलिडेशन जारी रहने की संभावना है।

बेयरिश मोमेंटम के मजबूत होने के संकेत

मार्केट एक्सपर्ट्स का कहना है कि निफ्टी के लिए 24200 का लेवल सबसे नजदीकी सपोर्ट का काम कर सकता है। अगर यह लेवल टूटता है तो 24050-24000 के जोन की तरफ और गिरावट आने की संभावना बढ़ सकती है। वहीं,ऊपर की तरफ इसके लिए 24400-24500 का एरिया रेजिस्टेंस का काम कर सकता है।

निफ्टी कल 24,343 पर नीचे खुला और गिरकर 24,227 के इंट्राडे लो पर आ गया। हालांकि,दोपहर में इंडेक्स में कुछ रिकवरी दिखी और यह दिन के निचले स्तर से 60 अंक चढ़कर 24,288 पर बंद हुआ।

डेली टाइमफ्रेम पर निफ्टी ने लोअर विक के साथ एक बड़ी बेयरिश कैंडल बनाई,जो निचले स्तरों पर खरीदारी आने के बावजूद कमजोरी का संकेत है। RSI गिरकर 49.26 पर आ गया और इसमें नेगेटिव क्रॉसओवर हुआ। जबकि MACD ने बढ़ते रेड हिस्टोग्राम बार के साथ अपना बेयरिश क्रॉसओवर बनाए रखा,जो बेयरिश मोमेंटम के मजबूत होने का संकेत है।

एक्सपर्ट्स की राय

कोटक सिक्योरिटीज में इक्विटी रिसर्च के हेड श्रीकांत चौहान का कहना है कि डेली चार्ट पर निफ्टी ने एक बेयरिश कैंडल बनाया है और लंबे समय बाद यह 20-डे SMA (सिंपल मूविंग एवरेज)के नीचे बंद हुआ है,जो काफी हद तक एक नेगेटिव संकेत है। डे ट्रेडर्स के लिए 24400 का लेवल सबसे नजदीकी रेजिस्टेंस का काम करेगा। अगर निफ्टी इस लेवल के ऊपर ट्रेड करने में कामयाब रहता है तो यह 24500-24620 तक वापसी कर सकता है। दूसरी ओर 24220 के नीचे जाने पर बिकवाली का दबाव बढ़ सकता है। इसके नीचे जाने पर निफ्टी 24100-24050 के लेवल तक गिर सकता है

SBI सिक्योरिटीज में टेक्निकल और डेरिवेटिव्स रिसर्च के हेड सुदीप शाह ने कहा कि 24200-24150 के आसपास स्थित 50-डे EMA जोन इंडेक्स के लिए तत्काल सपोर्ट का काम कर सकता है। लगातार 24150 के नीचे बने रहने से बिकवाली का दबाव बढ़ सकता है और 24,000 के लेवल की ओर और गिरावट आ सकती है। ऊपर की तरफ 24380-24400 के आसपास स्थित 200-डे EMA जोन एक अहम रेजिस्टेंस एरिया बना हुआ है। 24,400 के ऊपर की टिकाऊ बढ़त बुलिश सेंटीमेंट को मजबूत करेगी और नियर टर्म में 24550 के लेवल की ओर बढ़ने का रास्ता साफ कर सकती है।

क्या कहते हैं ऑप्शन डेटा?

वीकली ऑप्शन डेटा से पता चलता है कि 24300 स्ट्राइक (जहां सबसे ज्यादा पुट ओपन इंटरेस्ट है) आगे और गिरावट के लिए एक अहम लेवल हो सकता है। अगर इंडेक्स इसके नीचे बना रहता है तो 24,200 और 24,000 स्ट्राइक (जहां इसके बाद सबसे ज्यादा पुट ओपन इंटरेस्ट देखा गया है) इंडेक्स के लिए अगले सपोर्ट लेवल का काम कर सकते हैं। इसके विपरीत 24500 और 24400 के स्ट्राइक प्राइस (जहां सबसे ज़्यादा कॉल ओपन इंटरेस्ट है) इंडेक्स के लिए तत्काल रेसिस्टेंस जोन के तौर पर काम कर सकते हैं।

क्या कहती है इंडिया VIX की चाल?

फियर इंडेक्स यानी इंडिया VIX लगातार चार सेशन तक गिरने के बाद 0.18% बढ़कर 11.325 पर पहुंच गया,लेकिन यह 12 के जोन और अपने शॉर्ट-टर्म मूविंग एवरेज से नीचे ही बना रहा। इसका मतलब है कि उतार-चढ़ाव और अनिश्चितता अभी भी काफी कम है।

बैंक निफ्टी व्यू

भारी उतार-चढ़ाव के बाद बैंकिंग इंडेक्स, निफ्टी से बेहतर प्रदर्शन करते हुए 7 अंक बढ़कर 57,498 पर बंद हुआ। यह इंडेक्स इंट्राडे में पिछले हफ्ते के निचले स्तर से नीचे गया और 57,120 का इंट्राडे लो छुआ,लेकिन फिर रिकवर हुआ और 50-डे EMA (57,184)के साथ-साथ 56,024 से 58,250 तक की हालिया रैली के 50 प्रतिशत फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट (57,135) को भी बनाए रखा। यह अपने शॉर्ट-टर्म मूविंग एवरेज से नीचे बने रहने के बावजूद बोलिंगर बैंड्स की मिडलाइन को बनाए रखने में कामयाब रहा।

मीडियम और लॉन्ग-टर्म स्ट्रक्चर पॉजिटिव

इसको देखते हुए लगता है कि इसका मीडियम और लॉन्ग-टर्म स्ट्रक्चर पॉजिटिव बना हुआ है। हालांकि शॉर्ट-टर्म में कुछ कंसोलिडेशन हो सकता है। डेली चार्ट पर,बैंकिंग इंडेक्स ने हाई वेव कैंडल बनाया है,जो मार्केट में दुविधा और किसी खास दिशा को लेकर पक्के भरोसे की कमी का संकेत है। मोमेंटम इंडिकेटर बाजार के एक सीमित दायरे में रहने का संकेत दे रहे हैं। पिछले 28 ट्रेडिंग सेशन से डेली RSI एक सीमित दायरे में ही ऊपर-नीचे हो रहा है,जिससे पता चलता है कि बाजार में किसी खास दिशा की ओर कोई मजबूत झुकाव नहीं है।

बैंक निफ्टी के लिए अहम लेवल्स

SBI सिक्योरिटीज के सुदीप शाह का कहना है कि आगे 57,900-58,000 का जोन इंडेक्स के लिए एक अहम रेजिस्टेंस एरिया का काम करेगा। वहीं,नीचे की तरफ 57,100-57,000 का जोन एक अहम सपोर्ट एरिया बना हुआ है। इन लेवल से कोई भी साफ ब्रेकआउट या ब्रेकडाउन बैंक निफ्टी की आगे की चाल तय कर सकती है।

 

Market Trend : निफ्टी और बैंक निफ्टी मेक ऑर ब्रेक लेवल पर, दमदार कमाई के लिए इस मेटल शेयर पर रहे नजर

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Market Trend : निफ्टी और बैंक निफ्टी मेक ऑर ब्रेक लेवल पर, दमदार कमाई के लिए इस मेटल शेयर पर रहे नजर

Market Trend : कारोबारी हफ्ते के पहले दिन, 17 अगस्त को बाजार दायरे में बंद हुआ। सेंसेक्स-निफ्टी गिरावट के साथ बंद हुए। बैंक निफ्टी की फ्लैट क्लोजिंग हुई। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 281 प्वाइंट गिरकर 77,728 पर बंद हुआ। वहीं, निफ्टी 78 प्वाइंट गिरकर 24,288 पर बंद हुआ। मिडकैप और स्मॉलकैप हल्की बढ़त पर बंद हुए। IT और FMCG शेयरों में बिकवाली रही। रियल्टी और मेटल इंडेक्स बढ़त पर बंद हुए।

निफ्टी बैंक 7 प्वाइंट चढ़कर 57,498 पर बंद हुआ। वहीं, मिडकैप 35 प्वाइंट चढ़कर 63,817 पर बंद हुआ। निफ्टी के 50 में से 31 शेयरों में बिकवाली रही। सेंसेक्स के 30 में से 23 शेयरों में बिकवाली देखने को मिली। बैंक निफ्टी के 14 में से 8 शेयरों में बिकवाली रही। रुपया 18 पैसे कमजोर होकर 95.60 रुपए प्रति डॉलर पर बंद हुआ।

18 अगस्त को कैसी रह सकती है बाजार की चाल?

मार्केट ट्रेंड पर बात करते हुए www.sethamit.com के अमित सेठ ने कहा कि पिछले सात-आठ दिनों से हम निफ्टी में एक साइडवेज टू नेगेटिव ड्रैग देख रहे हैं। निफ्टी फाइनली एक मेक ऑर ब्रेक लेवल पर दिख रहा है। मूविंग एवरेज के अधार इसके लिए 2426 24287 के आसपास अहम सपोर्ट है। अब हम इसके आसपास ही खड़े हैं। निफ्टी के लिए 24,200 को डिफेंड करना बहुत जरूरी है। अगर निफ्टी 24,200 के लेवल के बचाए रखने में कामयाब रहता तो यहां से एक रिवर्सल आ सकता है। ऐसे में एक कंडीशनल बाय बनता है। अगर, निफ्टी 24320 के ऊपर निकले तो फिर हम 50 अंकों के स्टॉप लॉस के साथ लॉन्ग जा सकते हैं। पोजीशनली अगर किसी का लॉन्ग ट्रंड है तो 24,200 का स्टॉप लॉस रखें।

बैंक निफ्टी व्यू

इसी तरह बैंक निफ्टी भी अपने अहम सपोर्ट के आसपास नजर आ रहा है। इसके लिए 57,000 पर स्ट्रांग सपोर्ट है। जब तक बैंक निफ्टी इस लेवल के ऊपर टिका रहता है, तब तक इसमें गिरावट पर खरीदारी की सलाह होगी। कल हमें निफ्टी और बैंक निफ्टी में एक अच्छी रिकवरी देखने को मिली। लेकिन कारोबारी सत्र के अंतिम हिस्से में यह रिकवरी कमजोर पड़ गई। लेकिन अभी भी उम्मीद कायम है। ऐसे में अगर आज सुबह कोई पॉजिटिव ट्रैक्शन मिलता है तो हमें खरीदारी की रणनीति अपनानी चाहिए।

अमित सेठ की टॉप पिक

अमित सेठ ने कहा कि उनको हिंडाल्को का शेयर अच्छा लग रहा है। दो-तीन दिनों से यहां पुलबक आया है, जिसमें यह 20 डेमा और 10 डेमा को बचाए रखने में कामयाब रहा है। ओवरऑल यह स्टॉक अपने बेस से बाहर आया है। इसमें हायर हाई, हायर लो का स्ट्रक्चर है। इस स्टॉक में 1035 रुपए के स्टॉप लॉस के साथ लगभग 1080 रुपए के टारगेट के लिए खरीदारी की सलाह होगी।

 

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डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।