Market Trend : बाजार में कमजोरी कायम, शॉर्ट टर्म में अच्छे रिटर्न के लिए इन दो शेयरों पर रहे नजर

Market Trend : भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स ने शुरुआती बढ़त गंवा दी है और कमजोरी के साथ कारोबार कर रहे हैं। निफ्टी 24150 के नीचे आ गया है। फिलहाल सेंसेक्स 168.49 अंक या 0.22 प्रतिशत गिरकर 77,200.62 पर और निफ्टी 75.90 अंक या 0.31 प्रतिशत गिरकर 24,143.15 पर दिख रहा है। जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट वी के विजयकुमार का कहना है कि मार्केट में एक सीमित दायरे में उतार-चढ़ाव बने रहने की उम्मीद है। निचले स्तरों पर खरीदारी और ऊंचे स्तरों पर बिकवाली देखने को मिल सकती है। निफ्टी के लिए अभी शॉर्ट-टर्म रेंज 24100-24500 है। हालांकि,मार्केट की ज्यादातर हलचल निफ्टी से हटकर मिड-कैप और स्मॉल-कैप सेगमेंट में हो रही है।

ब्रॉडर मार्केट में कॉर्पोरेट गतिविधियों से जुड़ी खबरें और रिपोर्ट्स लगातार आ रही हैं। अच्छी खबरों के बाद इन सेगमेंट के शेयरों में जबरदस्त खरीदारी देखी जा रही है। यहां तक ​​कि FII भी वैल्यूएशन की ज्यादा परवाह किए बिना इन सेगमेंट में खरीदारी कर रहे हैं। हर कोई इस तेजी का फ़ायदा उठा रहा है।

इस बीच,ईरान पर अमेरिकी प्रतिबंधों और ईरान के साथ व्यापार करने वाले देशों पर सेकेंडरी प्रतिबंधों के खतरे ने अनिश्चितता का एक नया दौर शुरू कर दिया है। कच्चे तेल की कीमतें मौजूदा ऊंचे स्तरों पर ही बनी रह सकती हैं,जिससे मार्केट में तेजी सीमित रह सकती है।

थिनक्रेडब्लू सिक्योरिटीज के फाउंडर गौरव उदाणी का कहना है कि मार्केट में हाल के उतार-चढ़ाव को देखते हुए बाजार में सुस्ती कायम रहने की संभावना है। आज मंथली एक्सपायरी है,इसलिए ट्रेडर्स को खासकर अहम टेक्निकल और ऑप्शन-पोजीशनिंग लेवल के आसपास तेज उतार-चढ़ाव और इंट्राडे में ज्यादा वोलैटिलिटी के लिए तैयार रहना चाहिए।

टेक्निकली, 24,000–24,100 का दायरा निफ्टी के लिए तत्काल सपोर्ट जोन बना हुआ है,जबकि 24,300–24,400 का दायरा अहम रेजिस्टेंस रेंज का काम करेगा। अगर सपोर्ट लेवल टूटता है और मार्केट उसके नीचे बना रहता है तो बिकवाली का दबाव बढ़ सकता है। वहीं,अगर यह रेजिस्टेंस लेवल के ऊपर जाता है तो नई खरीदारी आ सकती है।

एक्सपायरी के माहौल को देखते हुए,ट्रेडर्स को खासकर शुरुआत में होने वाले उतार-चढ़ाव के दौरान सतर्क रहना चाहिए और एग्रेसिव पोजीशन लेने से बचना चाहिए। सख्त रिस्क मैनेजमेंट के साथ एक अनुशासित और लेवल-बेस्ड अप्रोच अपनाना ही सही रहेगा।

सीएनबीसी-आवाज़ के वीरेंद्र कुमार का कहना है कि निफ्टी के लिए पहला रजिस्टेंस 24282-24327 पर और बड़ा रजिस्टेंस 24366-24419 पर है। इसके लिए पहला बेस 24157-24119 पर और बड़ा बेस 24071-24018 पर है।

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निफ्टी बैंक पर रणनीति

वीरेंद्र कुमार का कहना है कि बैंक निफ्टी के लिए पहला रजिस्टेंस 57531-57640 पर और बड़ा रजिस्टेंस 57860-58045/189 पर है। इसके लिए पहला बेस 57261-57151 पर और बड़ा बेस 57010-56937 पर है।

चकाचक चार्ट वाले शेयर

चकाचक चार्ट वाले शेयर बताने के लिए हमारे साथ जुड़े हैं मंत्री फिनमार्ट के अरुण कुमार मंत्री। इनकी कोचीन शिपयार्ड में 1514 रुपए के आसपास,1492 रुपए के स्टॉप लॉस के साथ, 1552 रुपए के टारगेट के लिए खरीदारी की सलाह है। वहीं,अंबर एंटरप्राइजेज इंडिया में 7378 रुपए के आसपास,7296 रुपए के स्टॉप लॉस के साथ, 7502 रुपए के टारगेट के लिए खरीदारी की सलाह है।

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Trading Ideas : आज की दिन काफी अहम, शॉर्ट टर्म में करना चाहते हैं बंपर कमाई तो इन दो शेयरों पर रहे नजर

Trading Ideas : बाजार में आज हल्की बढ़त के साथ कारोबार हो रहा है। मार्केट के टेक्निकल एक्सपर्ट्स का कहना है कि निफ्टी अभी अपने 50 डे और 100 डे EMA के आस-पास घूम रहा है। हालांकि,दोनों एवरेज मोटे तौर पर स्थिर हैं,जो किसी खास दिशा में तेजी की कमी और कंसोलिडेशन के दौर का संकेत दे रहे हैं। मोमेंटम इंडिकेटर और ऑसिलेटर भी नियर टर्म में न्यूट्रल से साइडवेज रुझान का संकेत दे रहे हैं।

एसबीआई सिक्योरिटीज के सुदीप शाह का कहना है कि निफ्टी के लिए 24290-24320 पर स्थित 20-डे EMA जोन एक अहम रुकावट का काम कर सकता है। अगर यह लगातार 24320 के स्तर के ऊपर बना रहता है तो एक तेज पुलबैक रैली शुरू हो सकती है,जिससे 24450 के स्तर तक ऊपर जाने का रास्ता खुल सकता है।

नीचे की तरफ,24130-24100 का जोन एक अहम सपोर्ट एरिया बना हुआ है। अगर निफ्टी 24100 के नीचे टूटता है तो टेक्निकल स्ट्रक्चर और कमजोर हो सकता है और मौजूदा करेक्शन वाला ट्रेंड फिर से शुरू हो सकता है,जिससे इंडेक्स 23950 के स्तर की ओर जा सकता है।

मार्केट ट्रेंड पर बात करते हुए त्रिशक्ति एसोसिएट्स के को-फाउंडर पवन माहेश्वरी ने कहा कि कल बाजार में अच्छी गैपअप ओपनिंग रही उसके बाद में एक डोजी फॉर्मेशन देखने को मिला। अगर मैं पिछले तीन दिन के पैटर्न देखें तो इसको हम एक आइलैंड रिवर्सल पैटर्न कह सकते हैं। हालांकि आज हमें वेट करना होगा। अगर आज निफ्टी क्लोजिंग तक 24,280 के ऊपर टिकता है तो यहां से एक नई तेजी बननी चालू हो जाएगी। इस स्थिति में हम 24,000 के स्टॉप लॉस के साथ लॉन्ग जा सकते है। वहीं, अगर आज मार्केट 24,300 के नीचे बंद होता है तो हमें एक दिन और वेट करना होगा। आज का दिन बाजार के लिए काफी अहम है। आज हमें निफ्टी पर नजर रखना होगा और 2 2:30 बजे के आसपास डिसीजन लेना होगा।

पवन माहेश्वरी की टॉप पिक्स

पवन माहेश्वरी ने कहा कि उनकी आज के लिए पहली पसंद है सीजी पावर। इसके चार्ट पैटर्न काफी अच्छे दिख रहे हैं। इस स्टॉक में 850 रुपए के स्टॉपलॉस के साथ 930 रुपए के टारगेट के लिए खरीदारी की सलाह है। इनकी दूसरी पसंद डिफेंस सेक्टर से है। डिफेंस काफी प्रॉमिसिंग थीम है। ऐसे में कोचीन शिपयार्ड में 1460 रुपए के स्टॉपलॉस के साथ 1600 रुपए के टारगेट के लिए खरीदारी की सलाह है।

 

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डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

DMart June Quarter Results: डीमार्ट का स्टैंडएलोन प्रॉफिट जून तिमाही में 12.8 फीसदी बढ़ा

DMart June Quarter Results: एवेन्यू सुपरमार्ट्स ने 11 जुलाई को जून तिमाही के नतीजों का ऐलान किया। इस दौरान कंपनी का स्टैंडएलोन प्रॉफिट 12.8 फीसदी बढ़कर 935.8 करोड़ रुपये रहा। ऑपरेशंस से स्टैंडएलोन रेवेन्यू 15.1 फीसदी बढ़कर 18,343.5 करोड़ रुपये रहा। कंसॉलिडेटेड आधार पर कंपनी का प्रॉफिट 11.3 फीसदी बढ़कर 860.6 करोड़ रुपये रहा।

मेट्रो शहरों में पुराने स्टोर्स की ग्रोथ फ्लैट

ऑपरेशंस से कंसॉलिडेटेड रेवेन्यू 15 फीसदी बढ़कर 18,794.5 करोड़ रुपये रहा। कंपनी के सीईओ और मैनेजिंड डायरेक्टर अंशुल असावा ने कहा कि जून तिमाही में दो साल और इससे पहले के डीमार्ट के स्टोर्स की ग्रोथ 5.5 फीसदी रही। एक साल पहले की समान अवधि में यह 7.1 फीसदी थी। जून तिमाही में मेट्रो शहरों में कंपनी के पुराने स्टोर्स की ग्रोथ फ्लैट रही। नॉन-मेट्रो शहरों के स्टोर्स की ग्रोथ अच्छी रही।

कुल रेवेन्यू में फूड कैटेगरी की हिस्सेदारी घटी

डीमार्ट की मुख्य फूड्स कैटेगरी का रेवेन्यू शेयर घटकर जून तिमाही में 54.93 फीसदी पर आ गया। यह एक साल पहले की समान अवधि में 55.60 फीसदी था। कंपनी ने 11 जुलाई को इनवेस्टर प्रजेंटेशन में इस बारे में बताया। इस कैटेगरी में स्टेपल्स, ग्रॉसरी, डेयरी, प्रोसेस्ड फूड्स और फल एवं सब्जियां शामिल हैं। कंपनी के कुल रेवेन्यू में इस कैटेगरी की हिस्सेदारी सबसे ज्यादा है। हालांकि, ई-कॉमर्स से बढ़ती प्रतियोगिता की वजह से इस कैटेगरी पर दबाव दिख रहा है।

जून तिमाही में कंपनी ने तीन नए स्टोर्स खोले

नॉन-फूड कंज्यूमर गुड्स की कंपनी की कुल रेवेन्यू में हिस्सेदारी 19.60 फीसदी पर स्टेबल बनी रही। इस कैटेगरी में पर्सनल केयर, टॉयलेट्रीज, होम केयर जैसे प्रोडक्ट्स शामिल हैं। कुल रेवेन्यू में जनरल मर्चेंडाइज और अपैरल की हिस्सेदारी बढ़कर 25.47 फीसदी हो गई। यह एक साल पहले की समान अवधि में 24.73 फीसदी से ज्यादा है। जून तिमाही में डीमार्ट ने तीन नए स्टोर ओपन किए। इससे इसके स्टोर्स की संख्या बढ़कर जून के अंत में 503 हो गई।

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कंपनी की ई-कॉमर्स इकाई को लॉस

कंपनी कलस्टर आधारित एक्सपैंशन स्ट्रेटेजीज पर फोकस कर रही है। प्रति वर्ग फुट सेल्स से रेवेन्यू की बात की जाए तो इसमें साल दर साल आधार पर 2.37 फीसदी गिरावट आई। कंपनी की ई-कॉमर्स इकाई Avenue E-Commerce (AEL) का कुल लॉस 91.39 करोड़ रुपये रहा। यह कंपनी डीमार्ट रेडी ऑनलाइन ग्रॉसरी बिजनेस को ऑपरेट करती है। AEL के होल टाइम डायरेक्टर और सीईओ विक्रम दासु ने कहा कि हमने जून तिमाही में सात शहरों में अपने ऑपरेशंस बंद कर दिए हैं।

Ujjivan Small Finance Bank: इस स्मॉल फाइनेंस बैंक का शेयर एक महीने में 22% चढ़ा, क्या अभी निवेश का मौका है?

Ujjivan Small Finance Bank: निवेशकों की दिलचस्पी स्मॉल फाइनेंस बैंक (एसएफबी) के शेयरों में बढ़ी है। ज्यादातर एसएफबी के शेयरों ने अच्छे रिटर्न दिए है। उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस का शेयर बीते एक महीने में 22 फीसदी चढ़ा है। इस एसएफबी की एसेट क्वालिटी अच्छी है। बैंक के तिमाही नतीजे भी अच्छे रहे हैं। मार्च तिमाही में बैंक का रिटर्न ऑन एसेट्स (आरओए) ऑल टाइम हाई पर पहुंच गया।

25 फीसदी से ज्यादा क्रेडिट ग्रोथ का टारगेट

उज्जीवन एसएफबी का मार्जिन बढ़ा है और क्रेडिट कॉस्ट में कमी आई है। बैंक ने सेक्योर्ड लेंडिंग पर फोकस बढ़ाया है, जिसका असर लंबी अवधि में इसकी RoA ग्रोथ पर दिख सकती है। बैंक ने बिजनेस की ग्रोथ के लिए बड़ा प्लान बनाया है। उसने स्ट्रॉन्ग डिस्बर्समेंट की बदौलत 25 फीसदी से ज्यादा क्रेडिट ग्रोथ का टारगेट रखा है। उसका फोकस पोर्टफोलियो के डायवर्सिफिकेशन पर भी है। बैंक को रिटेल टर्म डिपॉजिट पर फोकस का भी फायदा मिलेगा।

मार्जिन 8.5 फीसदी पर बने रहने की उम्मीद

बैंक का मार्जिन करीब 8.5 फीसदी बने रहने की उम्मीद है। इसमें फंडिंग की घटती कॉस्ट का हाथ होगा। बेहतर प्रोडक्टिविटी और कम ऑपरेटिंग कॉस्ट का पॉजिटिव असर बैंक के प्रॉफिट पर दिखेगा। बीते चार साल में बैंक के एसेट अंडर मैनेजमेंट का CAGR 22 फीसदी रहा है। इसमें सेक्योर्ड पोर्टफोलियो खासकर एमएसएमई लेंडिंग और मार्टेगेजेज का हाथ है।

जून तिमाही के बिजनेस अपडेट से पॉजिटिव संकेत

इस वित्त वर्ष की पहली तिमाही में भी बैंक का प्रदर्शन अच्छा रहा है। लोन डिस्बर्समेंट में अच्छा इजाफा दिखा है। बैंक के बिजनेस अपडेट्स से यह जानकारी मिली है। अपडेट्स से उज्जीवन एसएफबी का प्रदर्शन दूसरे एसएफसी के मुकाबले बेहतर रहने के संकेत मिले हैं। तिमाही दर तिमाही और साल दर साल आधार पर डिपॉजिट और क्रेडिट ग्रोथ अच्छी रही है।

इस वित्त वर्ष में 140 नए ब्रांच ओपन करने का प्लान

आगे सेक्योर्ड लेंडिंग सेगमेंट की ग्रोथ करीब 40 फीसदी रहने की उम्मीद है। एमएफआई ग्रोथ 10 फीसदी के करीब रह सकती है। बैंक के टोटल लोन बुक में व्हीकल फाइनेंस, गोल्ड लोन, माइक्रो-मॉर्टगेजेज और एग्री-बैंकिंग की हिस्सेदारी तेजी से बढ़कर 6 फीसदी तक पहुंच गई है। मैनेजमेंट को उम्मीद है कि इससे FY27 में मार्जिन स्थिर बना रह सकता है। इस वित्त वर्ष में बैंक का 140 नए ब्रांच ओपन करने का प्लान है।

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एमएफआई में रिकवरी पर दांव लगाने का मौका

अभी बैंक के शेयरों में इसकी FY28 की अनुमानित बुक वैल्यू के 1.3 गुना पर ट्रेडिंग हो रही है। एमएफआई में रिकवरी पर दांव लगाने के लिए उज्जीवन एसएफबी का शेयर सही विकल्प हो सकता है। मीडियम टर्म में बैंक की एसेट क्वालिटी में इम्प्रूवमेंट जारी रहने की उम्मीद है। अगर बैंक को यूनिवर्सल बैंकिंग लाइसेंस मिलता है तो ग्रोथ को पंख लग सकते हैं।

Cochin Shipyard Share Price: बीते 6 महीनों में 10% गिरावट के बाद कोचिन शिपयार्ड के शेयरों में निवेश का बड़ा मौका

Cochin Shipyard Share Price: किसी सरकारी कंपनी का शेयर ऑफर फॉर सेल (ओएफएस) के ऐलान के बाद गिरने लगता है। इसकी वजह यह है कि इनवेस्टर्स को लगता है कि कंपनी डिस्काउंट पर अपने शेयर बेचेगी। कंपनी के कई मौजूदा इनवेस्टर्स ओएफएस से पहले अपने शेयर बेचते हैं। उन्हें ऐसा लगता है कि शेयर की कीमत गिरकर डिस्काउंटेड ऑफर प्राइस के करीब पहुंच जाएगी। कोचिन शिपयार्ड के ओएफएस के वक्त भी ऐसा देखने को मिला।

OFS के ऐलान के बाद शेयरों में गिरावट 

सरकार ने कोचिन शिपयार्ड में ओएफएस के जरिए अपनी 5.04 फीसदी हिस्सेदारी बेची है। उसने प्रति शेयर 1400 रुपये का प्राइस तय किया था। इसके बाद शेयर की कीमत इस साल मई के मध्य में 1800 रुपये से करीब 7 फीसदी गिर गई। हालांकि, इस गिरावट से शेयर की वैल्यूएशन अट्रैक्टिव हो गई है। लंबी अवधि में कंपनी की ग्रोथ की अच्छी संभावना है। कंपनी की ऑर्डर बुक स्ट्रॉन्ग है। एग्जिक्यूशन में इम्प्रूवमेंट है। शिप रिपेयर क्षमता भी बढ़ रही है।

26000 करोड़ रुपये की स्ट्रॉन्ग ऑर्डर बुक

कंपनी की ऑर्डर बुक करीब 26,000 करोड़ रुपये की है। यह FY26 में रेवेन्यू की छह गुनी है। इससे अगले कुछ सालों तक कंपनी के रेवेन्यू की तस्वीर साफ है। आगे डिफेंस और कमर्शियल शिप बिल्डिंग के करीब 10,000 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट्स आने वाले हैं। कंपनी इनके लिए बोली लगाएगी। मैनेजमेंट को मीडियम टर्म में ऑर्डर बुक 12-15 फीसदी बढ़ने का अनुमान है। इसकी वजह नवल शिपबिल्डिंग, कमर्शियल शिप और मरीन इंफ्रास्ट्रक्चर में बढ़ते मौके हैं।

45 फीसदी का दमदार मार्केट शेयर 

भारत में शिप-रिपेयर इंडस्ट्री में कोचिन शिपयार्ड ने अपनी अच्छी पैठ बना ली है। इसकी बाजार हिस्सेदारी करीब 45 फीसदी तक पहुंच गई है। यह अकेली भारतीय शिपयार्ड कंपनी है, जिसके पास एयरक्राफ्ट कैरियर की रिपेयरिंग क्षमता भी है। पिछली 2-3 तिमाहियों में इस सेगमेंट में प्रदर्शन कमजोर रहा है। लेकिन, मैनेजमेंट को भविष्य में अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद है। कंपनी ने अगले तीन सालों में शिप रिपेयर से करीब 2,500 करोड़ रेवेन्यू का टारगेट रखा है। वाडिनार शिफ रिपेयर फैसिलिटी के तैयार हो जाने पर कंपनी की रिपेयिरंग क्षमता बढ़ जाएगी।

15 फीसदी रेवेन्यू ग्रोथ का गाइडेंस

मैनेजमेंट ने रेवेन्यू ग्रोथ के लिए करीब 15 फीसदी गाइडेंस दिया है। इस वित्त वर्ष की पहली तिमाही से एग्जिक्यूशन में इम्प्रूवमेंट दिखा है। ग्रोथ बढ़ाने के लिए कंपनी ने अगले तीन सालों में 2,500 करोड़ रुपये के पूंजीगत खर्च का प्लान बनाया है। यह कंपनी के 6,500 करोड़ रुपये के इनवेस्टमेंट प्लान का हिस्सा है। कंपनी नॉन-डिफेंस ग्रोथ के रास्ते भी तलाश रही है।

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शेयरों की वैल्यूएशन अट्रैक्टिव लेवल पर 

कंपनी के शेयर में FY28 की अनुमानित अर्निंग्स के करीब 32 गुना पर ट्रेडिंग हो रही है। यह इसके एक साल के औसत करीब 65 गुना के फॉरवर्ड पी/ई से काफी कम है। कंपनी के शेयरों की वैल्यूएशन में कमी आई है, जबकि फंडामेंटल्स बेहतर हुए हैं। अभी शेयरों में निवेश का अच्छा मौका है। स्ट्रॉन्ग ऑर्डर बुक, बढ़ता शिप रिपेयरिंग बिजनेस और बेहतर होती अर्निंग्स की तस्वीर शेयर को अट्रैक्टिव बनाती है।

Stocks to Watch: 7 जुलाई को इन 10 स्टॉक्स पर रखें नजर, मिल सकता है तगड़ी कमाई का मौका

Stocks to Watch: शेयर बाजार में 7 जुलाई को कई स्टॉक्स खबरों के चलते फोकस में रह सकते हैं। इनमें कुछ कंपनियों ने जून तिमाही के मजबूत बिजनेस अपडेट जारी किए हैं। कुछ ने अधिग्रहण, मर्जर, फंड जुटाने और नई साझेदारी जैसे बड़े ऐलान किए हैं। इन कंपनियों के शेयरों में हलचल देखने को मिल सकती है।

Cochin Shipyard

सरकारी शिपबिल्डिंग कंपनी Cochin Shipyard में सरकार OFS के जरिए हिस्सेदारी बेचेगी। पहले 2.52% हिस्सेदारी बिक्री के लिए लाई जाएगी। ज्यादा मांग होने पर इतनी ही अतिरिक्त हिस्सेदारी भी बेची जा सकती है। OFS का फ्लोर प्राइस 1,400 रुपये प्रति शेयर रखा गया है। 7 जुलाई को गैर-रिटेल और 8 जुलाई को रिटेल निवेशक बोली लगा सकेंगे।

Tata Motors PV

टाटा ग्रुप की ऑटो कंपनी Tata Motors Passenger Vehicles Ltd ने जून तिमाही में शानदार प्रदर्शन किया। Punch और Nexon का प्रोडक्शन 80,001 से बढ़कर 1,17,711 यूनिट हो गया। Curvv और Sierra की बिक्री 8,272 यूनिट से बढ़कर 25,150 यूनिट पहुंच गई। यानी लगभग तीन गुना बढ़ोतरी हुई।

Trent

टाटा ग्रुप की रिटेल कंपनी Trent Ltd ने जून तिमाही में अच्छा कारोबार किया है। कंपनी का स्टैंडअलोन रेवेन्यू सालाना आधार पर 19% बढ़ा है। इस ग्रोथ की सबसे बड़ी वजह Westside और Zudio स्टोर्स का लगातार विस्तार रहा।

Torrent Pharmaceuticals

फार्मा कंपनी Torrent Pharmaceuticals को कानूनी राहत मिली है। NCLT की अहमदाबाद बेंच ने JB Chemicals & Pharmaceuticals के कंपनी में विलय को मंजूरी दे दी है। अब दोनों कंपनियों के मर्जर की प्रक्रिया आगे बढ़ सकेगी।

Tata Motors Passenger Vehicles

ऑटो कंपनी Tata Motors Passenger Vehicles Ltd ने जून तिमाही में अपने ज्यादातर पैसेंजर व्हीकल मॉडल्स की बिक्री और प्रोडक्शन बढ़ाया है। कंपनी के मुताबिक, Punch, Nexon, Curvv, Sierra, Safari और Harrier जैसे मॉडल्स की मांग मजबूत रही।

Varun Beverages

एफएमसीजी कंपनी Varun Beverages Ltd ने केन्या में बड़ा अधिग्रहण किया है। कंपनी की इकाई VBL Industries (Kenya) Ltd ने Devyani Food Industries (Kenya) Ltd के डेयरी ड्रिंक्स, जूस और पैकेज्ड ड्रिंकिंग वॉटर कारोबार को खरीदने का समझौता किया है। इस डील की कीमत 3.2 करोड़ डॉलर, यानी करीब 305 करोड़ रुपये है।

Titan

टाटा ग्रुप की ज्वेलरी कंपनी Titan Company Ltd ने जून तिमाही में दमदार कारोबार किया है। कंपनी के कंज्यूमर बिजनेस में 41% की ग्रोथ दर्ज की गई। ज्वेलरी बिजनेस 39% बढ़ा। घड़ियों और आईकेयर कारोबार में भी 23-23% की बढ़ोतरी रही। कंपनी ने इस दौरान 77 नए स्टोर भी खोले।

Hexaware Technologies

आईटी सर्विसेज कंपनी Hexaware Technologies Ltd ने SmartRent Inc. के साथ नई साझेदारी की है। दोनों कंपनियां मिलकर AI आधारित सॉल्यूशंस तैयार करेंगी। इनकी मदद से कस्टमर ऑपरेशंस और रेवेन्यू से जुड़े कामों को ज्यादा तेज और स्मार्ट बनाया जाएगा।

PNB Housing Finance

हाउसिंग फाइनेंस कंपनी PNB Housing Finance का बोर्ड 10 जुलाई को बैठक करेगा। इस बैठक में नॉन-कन्वर्टिबल डिबेंचर (NCDs) के जरिए फंड जुटाने के प्रस्ताव पर विचार किया जाएगा। अगर बोर्ड मंजूरी देता है, तो कंपनी बॉन्ड जारी कर पूंजी जुटा सकती है।

Blue Jet Healthcare

फार्मा कंपनी Blue Jet Healthcare ने ग्रोथ के लिए 600 करोड़ रुपये का क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल प्लेसमेंट (QIP) लॉन्च किया है। इश्यू का सांकेतिक भाव 506 रुपये प्रति शेयर रखा गया है, जो सोमवार के बंद भाव 572 रुपये से करीब 10% कम है। कंपनी ने SEBI के नियमों के तहत 531.70 रुपये प्रति शेयर का फ्लोर प्राइस भी तय किया है।

Cochin Shipyard OFS : डिफेंस कंपनी में हिस्सेदारी बेचेगी सरकार, 7% डिस्काउंट पर है फ्लोर प्राइस

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Cochin Shipyard OFS : डिफेंस कंपनी में हिस्सेदारी बेचेगी सरकार, 7% डिस्काउंट पर है फ्लोर प्राइस

Cochin Shipyard OFS : सरकारी डिफेंस और शिपबिल्डिंग कंपनी Cochin Shipyard Ltd में सरकार अपनी हिस्सेदारी बेचने जा रही है। इसके लिए ऑफर फॉर सेल (OFS) का ऐलान किया गया है। पहले चरण में सरकार 2.52% हिस्सेदारी बेचेगी। अगर निवेशकों की ओर से अच्छी मांग रही, तो ग्रीन-शू ऑप्शन के तहत इतनी ही अतिरिक्त 2.52% हिस्सेदारी भी बिक्री के लिए लाई जाएगी।

कितना है फ्लोर प्राइस?

सरकार ने OFS का फ्लोर प्राइस 1,400 रुपये प्रति शेयर तय किया है। यह सोमवार के बंद भाव से करीब 7.2% डिस्काउंट पर रखा गया है। गैर-रिटेल निवेशक 7 जुलाई 2026 को बोली लगा सकेंगे। वहीं, रिटेल निवेशकों के लिए OFS 8 जुलाई 2026 को खुलेगा।

सरकार क्यों बेच रही है हिस्सेदारी?

यह हिस्सेदारी बिक्री सरकार के विनिवेश (Disinvestment) कार्यक्रम का हिस्सा है। सरकार सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों (PSU) में अपनी हिस्सेदारी बेचकर पैसे जुटा रही है।

मार्च 2026 तिमाही के शेयरहोल्डिंग डेटा के मुताबिक, कंपनी में सरकार की हिस्सेदारी 67.91% है। रिटेल इनेवस्टर्स के पास 22.95% हिस्सा है। वहीं, FII 3.10% और DII 6.05% हिस्से के मालिक हैं।

सरकार ने कितना पैसा जुटाया?

केंद्र सरकार ने हाल के महीनों में विनिवेश की रफ्तार तेज कर दी है। 21 मई से अब तक सरकार अलग-अलग PSU कंपनियों के OFS के जरिए 16,000 करोड़ रुपये से ज्यादा जुटा चुकी है।

शेयर का क्या हाल रहा?

Cochin Shipyard Ltd का शेयर सोमवार को 19 रुपये यानी 1.25% गिरकर 1,504.75 रुपये पर बंद हुआ। पिछले 1 महीने में इस सरकारी कंपनी का स्टॉक 6.94% बढ़ा है। वहीं, 1 साल के दौरान इसमें 26.70% की गिरावट आई है।

Cochin Shipyard का बिजनेस

Cochin Shipyard Ltd भारत की सबसे बड़ी शिपयार्ड कंपनियों में से एक है। कंपनी भारतीय नौसेना और कोस्ट गार्ड के लिए युद्धपोत और दूसरे रक्षा जहाज बनाती है। इसके अलावा कमर्शियल जहाजों का निर्माण, शिप रिपेयर, जहाजों की मरम्मत और मेंटेनेंस का काम भी करती है। हाल के वर्षों में डिफेंस ऑर्डर और सरकारी फोकस की वजह से कंपनी का कारोबार तेजी से बढ़ा है।

Titan Q1 Update: टाटा की कंपनी का ज्वेलरी बिजनेस 39% बढ़ा, Tanishq-Mia की बिक्री ने भरी उड़ान

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।