Market Insight : निफ्टी में अब 22500 का लेवल भी मुमकिन, फार्मा शेयरों में ही दिख रही सर छुपाने की जगह

Market Insight : बाजार में आज भारी गिरावट आई है। निफ्टी 23000 को तोड़ कर 22800 के भी नीचे चला गया है। निफ्टी बैंक में भी बड़ा गिरावट आई है। मार्केट इस समय फ्री फॉल के मूड में दिख रहा है। ऐसे में मार्केट टेक्निकल्स पर बात करते हुए जेएम फाइनेंशियल सर्विसेज (JM Financial Services) के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर और हेड ऑफ रिसर्च राहुल शर्मा ने कहा कि आज 23000 की लेवल भी टूट गया है। लेकिन यह लेवल जिस गति और स्टाइल में टूटा है उसको देखकर लग रहा है कि एक तरह से मार्केट सरेंडर के मोड में एंटर हो चुका है। यानी हो सकता है यहां से आपको 22,500 के नीचे का भी लेवल देखने को मिले। सात हफ्तों से लगातार निफ्टी में सेल फिगर्स रहे हैं। इस वीक और एक इंपॉर्टेंट चीज यह भी है कि मंथली एक्सपायरी के साथ-साथ सेप्टेंबर का मंथली क्लोज भी है। अगर सप्टेंबर की क्लोजिंग 23,200 के नीचे होती है तो अप्रैल से जो तेजी शुरू हुई थी वह तेजी बेअसर होते हुए दिखेगी और मार्केट एक नए बेयरिश टेरिटरी में जाता हुआ दिखेगा।

ऐसे में अगर इस वीक के मिड के आसपास कोई बाउंस बैक आ जाता है तो थोड़ी उम्मीद की किरण जागेगी। लेकिन ओवरऑल नजरिए से ऐसा लगता है मार्केट बहुत जबरदस्त तरीके से मंदड़ियों के ग्रिप में है। एफआई के शॉर्ट पोजीशंस हाईएस्ट लेवल पर है। उनके 3.1 लाख से ज्यादा कॉन्ट्रैक्ट शॉर्ट हैं। इसके साथ ही मिड कैप इंडेक्स में एग्रेसिव सेल ऑफ हुआ है। इसका असर अब स्माल कैप और माइक्रो कैप्स में भी आता हुआ दिख रहा है। ऐसे में बाजार की आखिरी उम्मीद भी कमजोर होती हुई दिख रही है। बाजार की ओवरऑल तस्वीर काफी बेयरिश दिखाई दे रही है। निफ्टी अब 22500 की ओर जाता दिख सकता है।

डिफेंसिव प्ले के तौर पर फार्मा शेयरों में दिख रहे मौके

इस समय बाजार में कहां सर छुपाने के मौके दिख रहे हैं, इस पर बात करते हुए राहुल शर्मा ने कहा कि इस समय डिफेंसिव प्ले के तौर पर फार्मा अच्छा लग रहा है। हाल के दिनों में इसमें काफी निवेश भी हुआ है। पिछले हफ्ते एफएमसीजी ने एक बाउंस बैक देने की कोशिश तो की थी लेकिन इसका ओवरऑल अंडरटोन अभी भी बेयरिश ही है। अब जो छिपने की जगहें थीं वहां पर भी शायद थोड़ी प्रॉफिट बुकिंग आते हुए दिख सकती है। मार्केट जब ऐसे फ्री फॉल मोड में हो तो अटकलबाजी करने से बेहतर है कि कंफर्मेशन का वेट करें। जब तक कच्चे तेल में नरमी नहीं, आती जियोपोलिटिल स्थिति में सुधार नहीं आता और बॉन्ड यील्ड ठंडी नहीं होती तबतक बाजार में छोटे-मोटे बाउंस में बिकवाली ही होती दिखेगी। ऐसी सिचुएशन में वेट एंड वॉच मोड में रहना ही बेहतर होगा। जब तक बाजार में स्टेबिलिटी स्क्रीन पर नहीं दिखती तब तक बॉय ऑर्डर्स को होल्ड रखें और चाहें तो धीरे-धीरे रुक-रुक कर खरीदारी करें। एक ही भाव पर सारी खरीदारी न करें। अगर आप इन्वेस्टर हों तो यह रणनीति सही रहेगी। इस समय दो या तीन सेक्टर ही हैं जो इस मार्केट में एक तरह से डिफेंसिव का काम कर रहे हैं। उनमें से फार्मा एक है। कुछ हद तक डिफेंस सेक्टर में भी मौके है। मेटल कहीं ना कहीं न्यूट्रल रुख के साथ ट्रेड करता हुआ दिख रहा है। बाकी सेक्टरों में जो भी लेवल्स आते हैं टूटते जा रहे हैं और नीचे में नए-नए लेवल्स बनते जा रहे हैं।

राहुल शर्मा की टॉप पिक्स

अपने पसंदीदा शेयरों पर बात करते हुए राहुल शर्मा ने कहा कि पॉलीकैब का सेटअप काफी बेयरिश लग रहा है। लगता है कि यह शेयर 8100-8000 तक के निचले स्तर तक जा सकता है। इसके लिए 8100 रुपए पर एक छोटा सपोर्ट है। इन लेवल्स पर इसमें शॉर्ट करने की राय रहेगी। अगर मैं अक्टूबर फ्यूचर्स की बात करें तो 8470 के स्टॉप लॉस से यहां पर शॉर्ट कीजिए। इस स्टॉक में यहां से पोजीशनल बेसिस पर तकरीबन 300 अंको तक की डाउन साइड देखने को मिल सकती है।

राहुल शर्मा का दूसरा रेकमेंडेशन लॉन्ग साइड से है क्योंकि ये फार्मा पर बुलिश हैं। इनको डॉ रेड्डी लैब्स का सेटअप काफी अच्छा लग रहा है। डॉ रेड्डी ने एक ब्रेकआउट देने की कोशिश की है। देर सबेर इस स्टॉक में तकरीबन 1280 से 1300 रुपए तक के लेवल्स देखने को मिल सकते हैं। वर्तमान लेवल्स पर इसमें खरीदारी की जा सकती है। लॉन्ग पोजीशन के लिए 1190 रुपए का स्टॉप लॉस रहेगा।

 

Market Outlook : भारी गिरावट के साथ बंद हुआ बाजार, जानिए 29 सितंबर को कैसी रह सकती है सेंसेक्स-निफ्टी की चाल

 

डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Gold Price Outlook: इस हफ्ते कैसी रहेगी सोने-चांदी की चाल, एक्सपर्ट्स से जानिए

Gold Price Outlook: सोमवार 21 सितंबर से शुरू हो रहे नए हफ्ते सोने की कीमतों में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। हालांकि, इसके एक सीमित दायरे में रहने की संभावना है। एनालिस्ट्स के मुताबिक, अमेरिकी डॉलर और बॉन्ड यील्ड में हलचल पर बाजार की नजर रहेगी। इसके अलावा पश्चिम एशिया के तनाव और कच्चे तेल की कीमतों की दिशा भी सोने को प्रभावित करेगी।

मौद्रिक नीति और जियोपॉलिटिकल घटनाक्रम से भरे पिछले हफ्ते के बाद अब निवेशकों की नजर नए आर्थिक आंकड़ों पर रहेगी। प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं के मैन्युफैक्चरिंग और सर्विसेज परचेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स यानी PMI के आंकड़े जारी होंगे।

हफ्ते के आखिर में अमेरिका के हाउसिंग डेटा, ड्यूरेबल गुड्स ऑर्डर और कंज्यूमर सेंटीमेंट के आंकड़े भी आएंगे। इनसे मौद्रिक नीति और सोने की मांग को लेकर बाजार को संकेत मिल सकते हैं।

MCX पर सोने-चांदी में तेजी

मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी MCX पर अक्टूबर डिलीवरी वाला सोना पिछले हफ्ते ₹1,597 यानी 1.04 फीसदी बढ़कर ₹1.54 लाख प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ। वहीं, चांदी का भाव ₹6,629 यानी करीब 3 फीसदी बढ़कर ₹2.41 लाख प्रति किलो हो गया।

LKP Securities के वाइस प्रेसिडेंट और रिसर्च एनालिस्ट जतिन त्रिवेदी ने कहा कि MCX पर सोने की शुरुआत पिछले हफ्ते करीब ₹1.50 लाख प्रति 10 ग्राम के स्तर पर कमजोर रही। हालांकि, निचले स्तरों पर खरीदारी आने से कीमतों में मजबूत रिकवरी हुई और सोना ₹1.54 लाख तक पहुंच गया।

उन्होंने कहा कि बाजार में बड़े आर्थिक और भू-राजनीतिक घटनाक्रमों को लेकर काफी उतार-चढ़ाव रहा। अब कई अहम घटनाक्रम पीछे छूट चुके हैं। ऐसे में बाजार की नजर मौद्रिक नीति और भू-राजनीतिक जोखिमों के अगले दौर पर रहेगी।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी सोना मजबूत

अंतरराष्ट्रीय बाजार में दिसंबर डिलीवरी वाला कॉमेक्स गोल्ड मामूली बढ़त के साथ 4,424.9 डॉलर प्रति औंस पर बंद हुआ। वहीं, चांदी करीब 3 फीसदी बढ़कर 67.15 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई।

JM Financial Services के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट प्रणव मेर ने कहा कि सोने की कीमतों में लगातार तीसरे हफ्ते सीमित दायरे में कारोबार हुआ। हालांकि, पिछले कुछ कारोबारी सत्रों में गिरावट के दौरान निचले स्तरों पर खरीदारी देखने को मिली। इससे सोना हफ्ते के अंत में बढ़त के साथ बंद हुआ।

मेर के मुताबिक, अमेरिकी डॉलर इंडेक्स और अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में कुछ बढ़त कम हुई। इसी दौरान हफ्ते के बीच तेल की कीमतों में भी बदलाव देखने को मिला। उन्होंने कहा कि पिछले 7-8 कारोबारी हफ्तों से निवेशकों की सोने में दिलचस्पी मजबूत बनी हुई है। दुनियाभर के गोल्ड एक्सचेंज ट्रेडेड फंड यानी गोल्ड ETF में लगातार निवेश इसका संकेत है।

चीन के फैसले पर भी नजर

चांदी की कीमतों ने भी इंडस्ट्रियल मेटल्स की चाल को फॉलो किया। शुरुआती गिरावट के बाद चांदी में रिकवरी हुई और हफ्ते का अंत मजबूत बढ़त के साथ हुआ।

मेर ने कहा कि प्रमुख केंद्रीय बैंकों की अहम बैठकें अब खत्म हो चुकी हैं। ऐसे में बाजार की नजर चीन के केंद्रीय बैंक पीपुल्स बैंक ऑफ चाइना पर रहेगी। बैंक सोमवार को अपनी मौद्रिक नीति का ऐलान कर सकता है। बाजार को फिलहाल ब्याज दरों में बदलाव की उम्मीद नहीं है।

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Top Stock Picks : बाजार में क्रूड को देख कर ही करें ट्रेड, शॉर्ट टर्म में बंपर कमाई के लिए इन दो शेयरों पर रहे नजर

Top Stock Picks : शुक्रवार दोपहर के कारोबारी सेशन में भारतीय शेयर बाज़ार में बढ़त के साथ कारोबार हो रहा है।। दोपहर करीब 1 बजे सेंसेक्स 192 अंक यानी 0.26% बढ़कर 74,507 पर और निफ्टी 56 अंक यानी 0.24% बढ़कर 23,327 पर दिख रहा था। सेक्टर के हिसाब से देखें तो सर्विसेज़,कैपिटल गुड्स और रियल्टी सेक्टर में सबसे ज़्यादा तेज़ी नजर आ रही है। जिनमें से हर एक में 1.4% से ज़्यादा की बढ़त हुई है। वहीं ऑयल एंड गैस सेक्टर में लगभग 1% की बढ़त दर्ज की गई है। IT सेक्टर दबाव में है। इसमें 1.39% की गिरावट आई है। स्मॉलकैप शेयरों ने बेहतर प्रदर्शन किया और इनमें 1.11% की बढ़त दिख रही है। मिडकैप शेयरों में 0.54% की तेज़ी आई है। इंडिया VIX में 5% से ज़्यादा की गिरावट देखने को मिल रही है।

मार्केट टेक्निकल्स

मार्केट टेक्निकल्स पर चर्चा करते हुए जेएम फाइनेंशियल सर्विसेज (JM Financial Services) के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर और हेड ऑफ रिसर्च राहुल शर्मा ने कहा कि अब ट्रेंड साफ तौर पर निफ्टी बनाम क्रूड ऑयल का हो गया है। क्रूड ऑयल में थोड़ी नरमी जरूर देखने को मिली है। अगर क्रूड 100 $ के नीचे आ जाता है तो अभी 23100 के लेवल के आसपास सपोर्ट ले रहे निफ्टी में दो दिन से दिख रहा बाउंस बैक 23,800 तक जा सकता है। इसका मतलब यह है कि निफ्टी में यहां से तकरीबन 500 पॉइंट तक का बाउंस बैक देखने को मिल सकता है। कुल मिलाकर कहें तो हमें क्रूड ऑयल को देखकर ही ट्रेड करना चाहिए। अगर ग्लोबल सेटअप की बात करें तो अगर यूएस के 10 ईयर बॉन्ड ईल्ड्स में नरमी आती है तो इक्विटी मार्केट का सेंटीमेंट पॉजिटिव होता हुआ दिखाई देगा। ओवरऑल अभी भी मार्केट रेंज बाउंड है।

डिफेंसिव प्ले के तौर पर फार्मा में अच्छा ट्रैक्शन

अपने पसंदीदा शेयरों पर बात करते हुए राहुल शर्मा ने कहा कि बाजार में स्टॉक स्पेसिफिक एक्टिविटी जारी है। ऐसे जब तक क्रूड ऑयल में नरमी नहीं आती है तब तक फार्मा पर फोकस करें। एक डिफेंसिव प्ले के तौर पर फार्मा में हमें अच्छा ट्रैक्शन देखने को मिल सकता है। इस सेक्टर में लॉरेस लैब्स का शेयर काफी अच्छा लग रहा है। राहुल शर्मा ने डिस्क्लेमर के तौर पर बताया कि उन्होंने अपने क्लाइंट्स को भी यह शेयर रेकमेंड किया है। उनके मुताबिक लॉरेस लैब्स में बहुत ही अच्छा हायर हाई हायर लो सेटअप है। गिरते बाजार में भी फार्मा सेक्टर काफी अच्छे से डटा हुआ है। अगर मार्केट थोड़े और समय ऐसा ही रहता है तो फार्मा में मोमेंटम कंटिन्यू रहेगा। लॉरेस लैब्स में तकरीबन 2050-2080 रुपए तक के टारगेट आते हुए दिख सकते हैं। इसमें इन लेवल्स पर खरीदारी की जा सकती है। 1920 रुपए का स्टॉप लॉस रहेगा।

बैंक और फाइनेंशियल शेयरों में सबसे पहले आएगा मोमेंटम

राहुल शर्मा ने आगे कहा कि अगर क्रूड ऑयल में नरमी आती है तो बैंक और फाइनेंशियल शेयरों में सबसे पहले मोमेंटम देखने को मिलेगा। इसमें पीएसयू बैंक से PNB बैंक सबसे बेहतर पिक है। यह शेयर अपने 20 दिन के मूविंग एवरेज के आसपास लगातार कंसोलीडेट हो रहा है। गिरते बाजार में भी इसमें कमजोरी नहीं आई है। क्रूड ऑयल में नरमी आते ही इस शेयर में ब्रेकआउट देखने को मिल सकता है। शॉर्ट टर्म में इस शेयर में 130 रुपए तक के लेवल देखने को मिल सकते हैं। इसमें 112 रुपए के स्टॉप लॉस के साथ खरीदारी करें

 

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Market Insight : सितंबर के दूसरे भाग में निफ्टी में आ सकती है तेजी, छोटे-मझोले शेयरों में दिख रहा दम

Market Insight : मार्केट टेक्निकल्स पर चर्चा करते हुए जेएम फाइनेंशियल सर्विसेज (JM Financial Services) के एग्जीक्यूटिव डायरेक्टर और हेड ऑफ रिसर्च राहुल शर्मा ने कहा कि इंडेक्स तो अभी भी रेंज बाउंड ही हैं। कल के सेशन में हमने देखा कि निफ्टी में ब्रेकडाउन की कोशिश जरूर हुई थी। निफ्टी ने 24,000 का लेवल तोड़ने की कोशिश तो हुए लेकिन क्लोजिंग तक वापस निफ्टी रेंज में आ गया। ऐसे में लगता है कि जब तक निफ्टी में 24,000 का लेवल क्लोजिंग बेसिस पर नहीं टूटता रेंज बाउंड एक्टिविटी जारी रहेगी। बाजार में स्टॉक स्पेसिफिक एक्शन बना हुआ है। चाहे हम बैंक निफ्टी लें या निफ्टी लें दोनों ही दायरे में फंसे हुए हैं।

इस समय ऑटो स्टॉक्स में बहुत अच्छा अट्रैक्शन देखने को मिल रहा है। कल और आज में हमने देखा कि टू व्हीलर ऑटो जैसे बजाज ऑटो में बहुत बेहतरीन मूव रहा है। अब हमें लगता है कि कहीं ना कहीं ऑटो एंसिलरी स्टॉक्स में इसका फॉलोअप देखने मिल सकता है।

ऑटो एंसिलरी में Minda का सेटअप सबसे अच्छा लग रहा है। स्टॉक में एक बहुत ही अच्छे कंसोलिडेशन के बाद आज के सेशन में ब्रेकआउट देखने को मिल रहा है। स्टॉक 1300 के ऊपर है। यह बुल्स के ग्रुप में है। इस स्टॉक में 1380 रुपए तक के लेवल्स आते हुए दिख सकते हैं। इन लेवल्स पर खरीदारी की जा सकती है। इसमें ओवरऑल 1265 रुपए का स्टॉप लॉस रहेगा।

एफआई की शॉर्टिंग हो रही है। ऐसे में क्या मार्केट में ब्रेकडाउन का रिस्क दिख रहा है आपको? इसके जवाब में राहुल शर्मा ने कहा कि हां ऐसा हो सकता है। यह ऐसा ब्रेकडाउन है जो अभी तक तो आया नहीं है। कहीं ना कहीं जो कैश में जो एफआई सेलिंग थी वो काफी टेप डाउन हो चुकी है। इतना सब कुछ होने के बावजूद निफ्टी में मंथली चार्ट्स पर अभी भी एक तरह से हायर हाई हायर लो बना हुआ है। ऐसे में लगता है कि ये टाइम करेक्शन है। प्राइस करेक्शन नहीं है। जीडीपी नंबर्स काफी अच्छे हैं। Q1 भी ठीक रहा। देर सबेर मार्केट इस रेंज से बाहर निकलेगा। फिलहाल अभी की रेंज 24500 की रेंज की ओर शिफ्ट होती हुई दिखेगी। सितंबर सीरीज के दूसरे भाग में हमें बाजार में तेजी आ सकती है। लेकिन अभी के लिए सलाह यह होगी जब तक बाजार रेंज से बाहर नहीं निकलता तब तक खास करके इंडेक्स में वेट एंड वॉच करना चाहिए।

वैसा इस मार्केट में इंडेक्स भले ही रेंज बाउंड है लेकिन स्माल कैप्स और माइक्रो कैप्स एक अलग ही तेजी में चल रहे है। जहां पर एक्शन है जहां पर सबसे ज्यादा लिक्विडिटी जा रही है और वहीं पर फोकस करना चाहिए। इस समय छोटे स्टॉक्स पर फोकस रहना चाहिए, वहां पर हमें ट्रैक्शन अच्छा दिखाई दे रहा है।

 

हैप्पिएस्ट माइंड्स में ITC की सब्सिडियरी ने की शॉपिंग, कंपनी मैनेजमेंट से जाने क्या होगा इसका असर

 

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मिड कैप आईटी के अंदर में ज्यादा पॉजिटिव संकेत, ऑटो और ऑटो एंसिलरी कंपनियों में भी है दम

भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स ने शुरुआती बढ़त का कुछ हिस्सा गंवा दिया है। लेकिन निफ्टी 24100 के आसपास अब भी बढ़त के साथ ट्रेड कर रहा है। फिलहाल सेंसेक्स 105.25 अंक या 0.14 प्रतिशत बढ़कर 77,038.84 पर और निफ्टी 3.15 अंक या 0.01 प्रतिशत गिरकर 24,087.70 पर कारोबार कर रहा है। निफ्टी पर बढ़त बनाने वाले प्रमुख शेयरों में TCS, HCL Tech, Infosys, Tech Mahindra और Wipro शामिल हैं।

टेक्नो फंडा नजरिए के साथ बाजार पर बात करते हुए JM Financial Services के PMS के मैनेजिंग डायरेक्टर आशीष चतुरमोहता ने कहा कि आईटी शेयरों में पिछले कुछ दिनों में एक अच्छी रैली देखने को नजर आई है। खासतौर पर ब्लूमबर्ग एआई वैल्यू चेन इंडेक्स में, जो सारे एआई डेटा सेंटर स्टोरी का कॉम्बीनेशन है, में करेक्शन के दौरान हमें आईटी में रिकवरी देखने को मिली है। एआई से हुए स्विच ट्रेड के चलते हमें आईटी में स्ट्रेंथ देखने को नजर आ रही है। डॉलर के मुकाबले रुपए में भी स्टेबिलिटी देखने को नजर आ रही है। ऐसे में लगता है कि मिड टियर आईटी कंपनीज में और ग्रोथ आएगी। यहां पर हमारी टॉप पिक कोफर्ज और परसिस्टेंस हैं। इनमें आगे हमें 23 से 24% की ग्रोथ देखने को नजर आ सकती है।

खासतौर पर कोफोर्स- एनकोरा की डील के बाद हमें एनकोरा में अच्छा टर्म एराउंड देखने को मिल सकता है। इसका बेनिफिट कोफोर्ट के मार्जिन के साथ ही साथ इसके ओवरऑल ग्रोथ में देखने को नजर आएगी। इस समय मिड कैप आईटी के अंदर में ज्यादा पॉजिटिव संकेत मिल रहे हैं। लार्ज कैप आईटी में इस समय भी अंडरवेट पोजीशन है। हालांकि बड़ी आईटी कंपनियों में यहां से किसी बड़े डाउन साइड का डर नहीं है। लेकिन इनमें रिकवरी आने में शायद थोड़ा समय लगे। इनमें कंसोलिडेशन फेज देखने को नजर आ सकता है।

ऑटो और ऑटो एंजिलरी स्पेस पर बात करते हुए आशीष चतुरमोहता ने कहा कि एथर एनर्जी और TVS Motors ये दो ऐसे स्टॉक है जो उनको बहुत ज्यादा पसंद है। इन दोनों कंपनियों ने ईवी के अंदर में अपना अच्छा पेनिट्रेशन किया है। TVS Motors ने बहुत ही अच्छी बढ़त बनाए रखी है और अपना मार्केट शेयर लगातार बढ़ाया है। इसकी वजह से लगता है ये कंपनी आने वाले समय में भी बहुत अच्छी ग्रोथ दिखाएगी। इनका ईवी सेगमेंट भी काफी अच्छा ग्रोथ कर रहा है। एथर इंडस्ट्रीज में अभी एक टर्न अराउंड दिखना शुरू हो गया है। डिमांड साइड पर काफी बड़ी ग्रोथ देखने को नजर आई है। कंपनी अपनी क्षमता में बहुत बड़ा विस्तार कर रही है। कंपनी की करंट कैपेसिटी पर इसकी आर्डर बुक पोजीशन काफी अच्छी बनी हुई है। कंपनी बड़ी तेजी से टर्न अराउंड हो रही है। कंपनी जल्द ही मुनाफे में आ सकती है। इसके चलते आगे एथर एनर्जी में बढ़िया रीटिंग देखने को नजर आ सकती है।

आशीष चतुरमोहता ने कहा कि ऑटो एंसिलरी कंपनियों में वे उन कंपनियों पर फोकस कर रहे हैं जो ऑटो के साथ साथ डिफेंस या एरोस्पेस इंडस्ट्री के अंदर में भी अपनी जगह बना रही हैं। इस तरह की पहली कंपनी सनसेरा इंजीनियरिंग है जिसकी टॉप लाइन आज 30 से 35%। एडीएस सेगमेंट से भी योगदान आना शुरू हो गया है। एरोस्पेस डिफेंस और सेमीकंडक्टर में भी कंपनी के लिए मौके बन रहे हैं। इसके चलते आगे कंपनी के मार्जिन और एबिटा में भी काफी अच्छा ग्रोथ होता हुआ नजर आएगा।

सोना बीएलडबल्यू भी काफी अच्छी लग रही है। जापानी कंपनी के साथ अब इनस दो जेबी हो चुके है। फ्यूचर ग्रोथ को ध्यान में रखते हुए यह कंपनी लॉन्ग टर्म नजरिए से काफी पसंद आ रही है।

आज लिस्ट हुए टेंपसेंस इंस्ट्रूमेंट्स (Tempsens) के शेयरों पर बात करते हुए आशीष चतुरमोहता ने कहा कि उन्होंने इसके आईपीओ में अप्लाई तो नहीं किया था लेकिन यह शेयर काफी अच्छा लग रहा है। आने वाले पांच साल में जो कंपनी की टॉप लाइन ग्रोथ ऑलमोस्ट 30% सालाना की दर से ग्रो कर सकती है। इसकी मार्जिन भी 24% पर जाती हुई नजर आएगी जिसके चलते एबिटा ग्रोथ 35% की देखने को नजर आएगी। अगर से हम मल्टीपल देखें तो उसको देखते हुए लगता है कि करंट करंट लेवल से भी शायद आपको इसमें 20 से 25% की अपसाइड देखने को नजर आ सकती है। यह बहुत ही इंटरेस्टिंग कंपनी है। यहां पर करंट लेवल से भी इसमें काफी तेजी देखने को मिल सकती है।

Gold Price : जेफरीज ने कहा भारत की ताकत उसके सोने में ही छिपी, गोल्ड पर लगाया बड़ा दांव

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आगे खपत से जुड़ी कंपनियों में दिखेगी जोरदार तेजी, फिनटेक और क्विक कॉमर्स शेयरों पर रहे नजर – आशीष चतुरमोहता

शुक्रवार को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स में गिरावट देखने को मिल रही है। अलग-अलग सेक्टर में कमजोरी के बीच सेंसेक्स 300 अंक से ज्यादा गिरा है और निफ्टी 24,300 के आसपास बना हुआ है। मेटल शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट देखने को मिल रही है। इस सेक्टर का इंडेक्स 1.19 प्रतिशत नीचे आ गया है। जबकि IT सेक्टर के इंडेक्स में 1 प्रतिशत की गिरावट आई है। PSU बैंक और ऑयल एंड गैस सेक्टर में भी लगभग 0.7 प्रतिशत की गिरावट देखने को मिल रही है। लेकिन कमजोर बाजार में भी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स सेक्टर ने 0.66 प्रतिशत की बढ़त हासिल की है। ​​छोटे-मझोले शेयरों में भी बिकवाली आई है। इसके चलते मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स में 0.5 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट आई है।

टेक्नो फंडा नजरिए से बाजार की चाल पर बात करते हुए जेएम फाइनेंशियल सर्विसेज ( JM Financial Services) में PMS के मैनेजिंग डायरेक्टर आशीष चतुरमोहता ने कहा कि पहली तिमाही के नतीजों का सीजन काफी अच्छा रहा। बहुत लंबे समय बाद पहली बार लार्ज कैप में अर्निंग ग्रोथ आई है। हमें इसमें लगभग 19 से 20% की ग्रोथ देखने को मिली है। स्मॉल और मिड कैप ने भी फिर से बहुत अच्छा प्रदर्शन किया है। स्माल कैप अर्निंग ग्रोथ 30 से 32% के आसपास रही है। वहीं मिड कैप ने भी लगभग 24 से 25% की ग्रोथ दिखाई। साफतौर पर अर्निंग ट्रेजेक्टरी बहुत ज्यादा स्ट्रांग रही है। जिस तरह से ग्लोबल अनसर्टेनिटी बनी रही और क्रूड से जुड़े रॉ मटेरियल की वजह मार्जिन पर प्रेशर बना, उसके बावजूद भी प्रॉफिटेबिलिटी में अच्छी ग्रोथ देखने को नजर आई। अब हमें साफ दिख रहा है कि यहां से कॉर्पोरेट अर्निंग्स में काफी मजबूत री-रेटिंग होती हुई नजर आएगी।

इसके अलावा पिछले साल मिले जीएसटी और इनकम टैक्स रिलीफ का बेनिफिट अब बाजार को मिलना शुरू हो गया है। इसके संकेत भी पहली तिमाही के नतीजों में मिले हैं। इसी के चलते ऑटो, ऑटो इंसिलरीज और कंज्यूमर सेक्टर से जुड़े नतीजे काफी अच्छे रहे हैं। यहां तक कि न्यू एज कंपनियों के नतीजे भी काफी अच्छे रहे हैं । हमें लगता है कि एक बहुत अच्छी डबल इंजन ग्रोथ देखने को नजर आ रही है।

मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर तो काफी अच्छा कर ही रहा है पर बहुत लंबे समय बाद खपत से जुड़ी कंपनियों से भी अच्छे संकेत मिल रहे है। हमें लगता है कि हमारे मार्केट्स के लिए काफी अच्छी स्थिति बनती हुई नजर आ रही है। क्यूएसआर सेगमेंट पर अपनी राय साझा करते हुए आशीष चतुरमोहता ने कहा कि इस सेगमेंट में काफी ज्यादा प्रतिस्पर्धा का माहौल है। पिछली तिमाहियों में बर्गर किंग, देवयानी और ज्युबिलेंट फूड जैसी कंपनियों के नतीजों पर इसका असर भी देखने को मिला है। हालांकि पहली तिमाही इनके लिए अच्छी रही है। इसके चलते ये शेयर री-रेट भी होंगे। लेकिन स्ट्रचरली हमें लगता है कि अगर हमें कंजम्प्शन थीम को ही प्ले करना है तो न्यू एज सेगमेंट को प्राथमिकता देनी चाहिए। कंजम्प्शन थीम के लिए तमाम पॉजिटिव फैक्टर नजर आ रहे हैं।

क्विक कॉमर्स की बात करें तो अगले 5-6 सालों में इसका मार्केट 5 अरब डॉलर से बढ़कर 55-65 अरब डॉलर का हो सकता है। इस सेगमेंट में हमें 11-12 गुना की ग्रोथ देखने को मिल सकती है। इस सेगमेंट की कंपनियों में आगे हमें काफी तेज ग्रोथ देखने को मिल सकती है। इसका फायदा इटरनल, स्विगी, मीशो और Honasa जैसी कंपनियों को मिलेगा। इसके अलावा फिन टेक कंपनियों में भी आगे तेज ग्रोथ देखने को मिल सकती है। देश में लोगों की आय और खपत बढ़ने का फायदा इन कंपनियों के मिलेगा। देश में बढ़ेते डिजिटल स्पेंडिंग का सीधा फायदा पेटीएम जैसी कंपनियों को मिलेगा।

 

July WPI Data : जुलाई में थोक महंगाई 9.87% से घटकर 9.78% पर आई,लगातार तीसरे महीने 9% से ऊपर रहा ये आंकड़ा

 

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Gold Silver Price Today: सोना ₹2440 महंगा हुआ, चांदी का भाव ₹5300 उछला

Gold Silver Price Today: सोने और चांदी की कीमतों में सोमवार को जोरदार तेजी देखने को मिली। ऑल इंडिया सर्राफा एसोसिएशन के मुताबिक, सोना ₹2,440 चढ़कर ₹1,49,640 प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। वहीं, चांदी ₹5,300 की तेजी के साथ ₹2,30,000 प्रति किलो हो गई।

सोने-चांदी के दाम क्यों बढ़े?

लगातार दो दिन की गिरावट के बाद बाजार में खरीदारी लौटी है। इसकी बड़ी वजह कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट है। इससे महंगाई को लेकर चिंता कुछ कम हुई। निवेशकों का रुख फिर से सोने और चांदी की तरफ बढ़ा।

HDFC Securities के सीनियर कमोडिटी एनालिस्ट सौमिल गांधी का कहना है कि पश्चिम एशिया में तनाव कम होने से कच्चे तेल के दाम गिरे हैं। इसका फायदा सोने को मिला। इसके अलावा, अमेरिकी डॉलर कमजोर हुआ है और अमेरिकी बॉन्ड यील्ड भी घटी है। इससे भी सोने की कीमतों को सहारा मिला। हालांकि, रुपये की मजबूती की वजह से घरेलू बाजार में तेजी कुछ सीमित रही।

विदेशी बाजार में भी तेजी

अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट गोल्ड 42.13 डॉलर बढ़कर 4,095.30 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गया। वहीं, स्पॉट सिल्वर 1.47% चढ़कर 59.04 डॉलर प्रति औंस हो गई।

Kotak Securities की एवीपी (कमोडिटी रिसर्च) कायनात चैनवाला ने कहा कि कच्चे तेल के दाम घटने से महंगाई का दबाव कम होने की उम्मीद बढ़ी है। इसी वजह से सोने और चांदी में खरीदारी बढ़ी।

अब किस पर रहेगी नजर?

JM Financial Services के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट प्रणव मेर के मुताबिक, अब बाजार की नजर पश्चिम एशिया के हालात पर रहेगी। इसके अलावा, यूरोजोन, जापान और अमेरिका के महंगाई के आंकड़े भी अहम रहेंगे।

उन्होंने बताया कि अमेरिका के GDP के आंकड़े आएंगे। कंज्यूमर कॉन्फिडेंस का डेटा भी जारी होगा। साप्ताहिक जॉबलेस क्लेम्स के आंकड़े भी अहम रहेंगे। इसके अलावा, फेडरल रिजर्व, बैंक ऑफ इंग्लैंड और बैंक ऑफ जापान की ब्याज दरों पर होने वाले फैसले भी सोने-चांदी की दिशा तय कर सकते हैं।

MCX गोल्ड पर एक्सपर्ट की राय

LKP Securities के वीपी रिसर्च एनालिस्ट (कमोडिटी और करेंसी) जतीन त्रिवेदी ने कहा कि सोमवार को एमसीएक्स पर सोना करीब 0.50% की तेजी के साथ ₹1,43,675 प्रति 10 ग्राम के आसपास कारोबार कर रहा था। वहीं, COMEX Gold करीब 37 डॉलर चढ़कर 4,090 डॉलर प्रति औंस के आसपास पहुंच गया। हालांकि, रुपये की मजबूती की वजह से घरेलू बाजार में सोने की तेजी वैश्विक बाजार के मुकाबले थोड़ी कम रही।

उनका कहना है कि अब बाजार की नजर इस सप्ताह होने वाली अमेरिकी फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति बैठक पर है। इस बैठक से ब्याज दरों के संकेत मिल सकते हैं। इसका असर आगे सोने की कीमतों पर भी दिख सकता है। तकनीकी तौर पर एमसीएक्स गोल्ड के ₹1,42,000 से ₹1,45,500 के दायरे में कारोबार करने की उम्मीद है।

*पीटीआई से इनपुट के साथ

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Top Stock Picks : बाजार में वेट एंड वॉच मोड में रहें, किसी गिरावट में इन फार्मा और डिफेंस शेयरों में करें खरीदारी

Top Stock Picks : शुक्रवार को दोपहर के कारोबार में सेंसेक्स और निफ्टी में गिरावट देखने को मिल रही है। अलग-अलग सेक्टर में बड़े पैमाने पर बिकवाली के कारण बेंचमार्क इंडेक्स पर दबाव बना हुआ। फिलहाल सेंसेक्स 571.57 अंक या 0.75 प्रतिशत गिरकर 75,819.82 पर और निफ्टी 163.20 अंक या 0.68 प्रतिशत गिरकर 23,706.40 पर कारोबार कर रहा है। निफ्टी मिडकैप और स्मॉलकैप इंडेक्स में भी 0.5% की गिरावट दर्ज देखने को मिल रही है।

ऐसे में टेक्नो फंडा नजरिए के साथ बाजार पर बात करते हुए जेएम फाइनेंशियल्स (JM Financial Services) के PMS के मैनेजिंग डायरेक्टर आशीष चतुरमोहता ने कहा कि पिछले कुछ दिनों से बाजार में काफी अनसर्टेनिटी देखने को मिल रही है। क्रूड ने फिर से 100 डॉलर का लेवल हासिल कर लिया है। इसके अलावा ग्लोबल मार्केट में एआई डेटा सेंटर रिलेटेड पूरी थीम में अच्छी-खासी बिकवाली देखने को मिली है। ताइवान, कोरिया और यूएस जैसे मार्केट में एआई पर भारी कैपेक्स के चलते दबाव बना है। इस भारी कैपेक्स के चलते Apple जैसे शेयरों की रेवेन्यू विजिबिलिटी काफी कम नजर आ रही है। इसके चलते बाजार में काफी अनिश्चितता देखने को मिल रही है।

इस बीच अगर पश्चिम एशिया का संकट और बढ़ता है तो दुनिया के सभी बाजारों पर इसका असर देखने को मिलेगा। अपने बाजार की बात करें तो निफ्टी ने बहुत दिनों तक अपने 200 डे मूविंग एवरेज को मेंटेन करने की कोशिश की। बैंकिंग सेक्टर में भी हमे ड्रॉप देखने को मिल रहा है। निफ्टी तो ऑलरेडी 200 डे मूविंग एवरेज को क्रॉस ही नहीं कर पा रहा है। ऐसे में बाजार में थोड़ा सा अनसर्टेनिटी का माहौल है। इसको ध्यान में रखते हुए बाजार में वेट एंड वॉच की अप्रोच मेंटेन रखने की सलाह होगी। निफ्टी के 23500- 23400 के पिछले कुछ सपोर्ट बने हुए हैं। अगर ये सपोर्ट टूटते होते हैं तो और कमजोरी आने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता। ऐसे में हमें थोड़ी वेट एंड वॉच की अप्रोच रखनी चाहिए। इंडेक्स में लॉन्ग और शॉर्ट दोनों ही साइड में कोई जल्दबाजी करने से बचें।

अपने पसंदीदा शेयरों पर बात करते हुए आशीष चतुरमोहता ने कहा कि उनकी सबसे पहली पसंद हैं हॉस्पिटल स्टॉक्स। इस समय हॉस्पिटल इंडस्ट्री में बहुत बड़ा कंसोलिडेशन चल रहा है। बड़े हॉस्पिटल लगातार छोटे हॉस्पिटल्स को बहुत कम और रीजनेबल वैल्यूएशन पर एक्वायर कर रहे हैं। कहीं ना कहीं इन हॉस्पिटल्स की तीन क्रिटिकल चीजें इंप्रूव हो रही है। इनका एवरेज लेंथ ऑफ स्टे कम हो रहा है। इनके मिक्स हायर मार्जिन साइड में शिफ्ट हो रहे हैं । तीसरी बात यह है कि इनकी ऑक्युपैंसी रेट्स बढ़ रही है। कुल मिलाकर कहें तो आगे हॉस्पिटल सेगमेंट काफी अच्छा प्रदर्शन करेगा। यहां पर लार्ज हॉस्पिटल में अपोलो हॉस्पिटल और मैक्स हॉस्पिटल जैसे स्टॉक काफी अच्छे लग रहे हैं।

अगर मिड एंड स्मॉल सेगमेंट में देखें तो एस्टरडीएम (Aster DM) और पार्क मेडी जैसी कंपनियां काफी इंटरेस्टिंग नजर आ रही हैं। इसके अलावा फार्मा जुड़े कुछ दूसरे शेयर भी अच्छे लग रह हैं। हालांकि, जेरिक साइड पर हमें कुछ अनसर्टेनिटी नजर आ रही है। लेकिन हम अगर इस सेक्टर के स्पेशियलिटी सीडीएमओ और सीआरडीएमओ स्पेस की बात करें तो हमें लगता है यह एरिया टैरिफ से जुड़ी अनसर्टेनिटी से काफी सेफ है। इसके चलते हमें लगता है कि किसी गिरावट में नवीन फ्लोरीन, बायोकॉन और लॉरस लैब जैसे स्टॉक्स में खरीदारी की जा सकती है।

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तीसरी थीम डिफेंस स्पेस से है। इस सेक्टर पर सरकार का लगातार फोकस बना हुआ है। डिफेंस कंपनियों का ऑर्डर इनफ्लो काफी स्ट्रांग है। ये कंपनियां डिजाइनिंग और मैन्युफैक्चरिंग दोनों साइड पर काफी फोकस कर रही हैं। इस बात को देखते हुए एरोस्पेस इंजीनियरिंग और डिफेंस एक ऐसा बास्केट होगा जिसमें गिरावट पर खरीदारी की जानी चाहिए।

 

 

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