₹67,999 में लॉन्च हुआ Acer का नया AI Laptop, 32GB RAM और 1TB स्टोरेज से है लैस

Acer ने भारत में Swift Neo AI लैपटॉप लॉन्च किया है। इसके साथ कंपनी ने भारत में AI से लैस लैपटॉप की अपनी रेंज को और बढ़ाया है। यह नया पतला और हल्का लैपटॉप Intel Core Ultra प्रोसेसर से लैस है। इसे खासतौर पर प्रोफेशनल्स, छात्रों और क्रिएटर्स को ध्यान में रखकर बनाया गया है। इसमें AI की मदद से बेहतर परफॉर्मेंस, प्रीमियम मेटल डिजाइन और लेटेस्ट कनेक्टिविटी फीचर्स मिलते हैं।

इस लैपटॉप में Microsoft Copilot इंटीग्रेशन, Intel AI Boost और हल्का डिजाइन भी है, जो इसे प्रोडक्टिविटी, कंटेंट क्रिएशन और रोजाना के मल्टीटास्किंग कामों के लिए बेहतरीन बनाता है।

कीमत और उपलब्धता

Acer Swift Neo AI लैपटॉप की शुरुआती कीमत ₹67,999 है। यह Flipkart, Acer E-store और पूरे भारत में दूसरे रिटेल चैनलों पर उपलब्ध होगा।

फीचर्स

Acer Swift Neo AI में लेटेस्ट Intel Core Ultra 5 और Intel Core Ultra 7 H प्रोसेसर के साथ Intel AI Boost दिया गया है, जो प्रोडक्टिविटी, कोलेबोरेशन और क्रिएटिव ऐप्स में AI-पावर्ड अनुभव देता है। बता दें कि तेज मल्टीटास्किंग और बेहतर सिस्टम रिस्पॉन्स के लिए इस लैपटॉप को 32GB तक LPDDR5 RAM और 1TB PCIe NVMe SSD स्टोरेज के साथ कॉन्फिगर किया जा सकता है।

इसके अलावा, इसमें 16:10 आस्पेक्ट रेशियो, 1920 x 1200 रिजॉल्यूशन और 300 निट्स तक की ब्राइटनेस वाला 14-इंच WUXGA IPS डिस्प्ले है, जबकि कुछ खास वेरिएंट्स में OLED डिस्प्ले का ऑप्शन भी मिलता है।

डिजाइन की बात करें तो लैपटॉप में ऊपर और नीचे प्रीमियम मेटल कवर दिया गया है। इसका वजन सिर्फ 1.25 किलोग्राम है और मोटाई 17.2mm है। इसमें 180-डिग्री हिंज, बैकलिट कीबोर्ड, प्रिसीजन टचपैड और फिंगरप्रिंट रीडर जैसे फीचर्स भी मिलते हैं।

कनेक्टिविटी के लिए, Swift Neo AI में चार्जिंग, डेटा ट्रांसफर और डिस्प्ले आउटपुट सपोर्ट वाले दो फुल-फंक्शन USB Type-C पोर्ट, HDMI, अतिरिक्त USB पोर्ट और Wi-Fi 6 की सुविधा है। इसमें फुल HD 1080p वेबकैम, डुअल स्पीकर और 52Wh की बैटरी भी है, साथ ही यह 65W USB Type-C फास्ट चार्जिंग को सपोर्ट करता है।

सॉफ्टवेयर की बात करें तो यह लैपटॉप Windows 11 Home पर चलता है और इसमें Microsoft Copilot का इंटीग्रेशन मिलता है। इसकी मदद से यूजर्स प्रोडक्टिविटी और क्रिएटिव कामों के लिए AI टूल्स का इस्तेमाल कर सकते हैं।

Acer के मुताबिक, Swift Neo AI को बेहतर परफॉर्मेंस, आसानी से साथ ले जाने वाले डिजाइन और AI फीचर्स का संतुलन देने के लिए बनाया गया है। कंपनी इसे ऐसे यूजर्स के लिए पेश कर रही है जो एक मॉडर्न AI लैपटॉप चाहते हैं।

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लोकमान्य तिलक जयंती 2026: जीवन परिचय, इतिहास, महत्व और अनसुने तथ्य

A portrait of Keshav Gangadhar Tilak on the birth anniversary of Lokmanya Tilak, a pioneer of the freedom movement

Lokmanya Tilak Biography: भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में जब भी राष्ट्रभक्ति, स्वाभिमान और जनजागरण की बात होती है, तो लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक का नाम सबसे पहले लिया जाता है। उन्हें आधुनिक भारत के सबसे प्रभावशाली राष्ट्रवादियों में गिना जाता है। हर वर्ष 23 जुलाई को लोकमान्य तिलक की जयंती मनाई जाती है। वर्ष 2026 में उनकी 170वीं जयंती मनाई जाएगी।

 

जब भारतीय जनमानस औपनिवेशिक दासता की गहरी नींद में सोया हुआ था, तब एक ऐसी आवाज़ गूंजी जिसने ब्रिटिश हुकूमत की नींव हिला दी- और वह थीं, 'स्वराज मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है और मैं इसे लेकर रहूंगा।' यह केवल एक नारा नहीं, बल्कि भारत के पुनर्जागरण का शंखनाद था। यह दिन केवल एक महान स्वतंत्रता सेनानी को याद करने का अवसर नहीं है, बल्कि उनके आदर्शों, विचारों और राष्ट्र निर्माण में दिए गए योगदान को समझने का भी अवसर है।

 

  • जीवन परिचय: एक शिक्षक से राष्ट्रनायक तक का सफर
  • इतिहास: गरम दल का नेतृत्व और होम रूल आंदोलन
  • सामाजिक एकीकरण का अनूठा प्रयोग
  • आज के संदर्भ में जयंती का महत्व
  • लोकमान्य तिलक से जुड़े अनसुने तथ्य

 

लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक जयंती 2026 पर जानें उनका जीवन परिचय, इतिहास, स्वतंत्रता संग्राम में योगदान, महत्व, प्रसिद्ध विचार और अनसुने तथ्य…

 

जीवन परिचय: एक शिक्षक से राष्ट्रनायक तक का सफर

जन्म: 23 जुलाई 1856 रत्नागिरी, महाराष्ट्र

मूल नाम: केशव गंगाधर तिलक  (लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक)

माता-पिता: पार्वतीबाई एवं गंगाधर रामचंद्र तिलक

योग्यता: गणित और संस्कृत के प्रकांड विद्वान, एलएलबी में स्नातक

उपाधि: 'लोकमान्य' जनता द्वारा सर्वसम्मति से स्वीकार किया गया नेता।

पेशा: शिक्षक, पत्रकार, समाज सुधारक, स्वतंत्रता सेनानी

निधन: 1 अगस्त 1920, मुंबई

 

तिलक जी का मानना था कि किसी भी देश की स्वतंत्रता की नींव उसकी शिक्षा व्यवस्था पर टिकी होती है। इसी सोच के साथ उन्होंने अपने करियर की शुरुआत एक वकील के रूप में नहीं, बल्कि एक शिक्षक के रूप में की। उन्होंने युवाओं में राष्ट्रीय चेतना जगाने के लिए पुणे में 'न्यू इंग्लिश स्कूल' और 'डेक्कन एजुकेशन सोसाइटी/ फर्गुसन कॉलेज' की स्थापना की।

 

इतिहास: गरम दल का नेतृत्व और होम रूल आंदोलन

भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के शुरुआती दौर में जब अंग्रेज सरकार के समक्ष केवल प्रार्थना-पत्र देने की नीति अपनाई जा रही थी, तब तिलक जी ने इसका मुखर विरोध किया। लाला लाजपत राय और बिपिन चंद्र पाल यानी त्रिदेव (लाल-बाल-पाल) के साथ मिलकर उन्होंने कांग्रेस में 'राष्ट्रवादी/गरम दल' का गठन किया। उनका मानना था कि आजादी भीख में नहीं, बल्कि संघर्ष से मिलती है।

 

समाचार पत्रों का माध्यम: बाल गंगाधर तिलक ने ऐसे समय में स्वतंत्रता आंदोलन का नेतृत्व किया, जब अंग्रेजी शासन के खिलाफ खुलकर आवाज उठाना आसान नहीं था। उन्होंने शिक्षा, पत्रकारिता और सामाजिक आंदोलनों को जनजागरण का माध्यम बनाया।

उन्होंने मराठी समाचार पत्र 'केसरी' और 'मराठा' अंग्रेजी समाचार पत्र के माध्यम से अंग्रेजों की जनविरोधी नीतियों को बेनकाब किया। केसरी में लिखे उनके लेख ब्रिटिश सरकार के लिए किसी बम धमाके से कम नहीं होते थे। सन् 1916 में उन्होंने एनी बेसेंट के साथ मिलकर ऑल इंडिया होम रूल लीग यानी स्वशासन की मांग को लेकर देशव्यापी आंदोलन चलाया, जिसने भारत के कोने-कोने में राष्ट्रवाद की ज्वाला जला दी। 

 

सामाजिक एकीकरण का अनूठा प्रयोग

लोकमान्य तिलक एक दूरदर्शी नेता थे। वे जानते थे कि जब तक भारत की विविधता को एक सूत्र में नहीं पिरोया जाएगा, तब तक अंग्रेजों से लड़ना असंभव है। इसके लिए उन्होंने धर्म और संस्कृति को जन-जागरण का माध्यम बनाया, जिसके तहत उन्होंने सन् 1893 में सार्वजनिक गणेशोत्सव प्रारंभ किया, अर्थात् जो पूजा घरों की चारदीवारी तक सीमित थी, उसे उन्होंने एक सार्वजनिक उत्सव का रूप दिया ताकि लोग जाति-पात से ऊपर उठकर एक जगह एकत्र हों और देश की स्थिति पर चर्चा कर सकें।

उन्होंने 1895 में शिवाजी महोत्‍सव के रूप में छत्रपति शिवाजी महाराज के शौर्य को याद दिलाकर भारत के युवाओं में स्वाभिमान और साहस का संचार किया।

 

आज के संदर्भ में जयंती का महत्व

आज 21वीं सदी के आत्मनिर्भर भारत में लोकमान्य तिलक के विचार और भी अधिक प्रासंगिक हो जाते हैं। उनकी जयंती हमें सिखाती है कि स्वावलंबन ही वास्तविक स्वतंत्रता है। तिलक जी ने जो 'स्वदेशी' का पाठ 100 साल पहले पढ़ाया था, वही आज 'मेक इन इंडिया' और 'आत्मनिर्भर भारत' का आधार है। उनकी निर्भीकता और मौलिक सोच तथा अन्याय के सामने न झुकने का उनका जज्बा आज के युवाओं के लिए एक मार्गदर्शक प्रकाशपुंज है।

 

लोकमान्य तिलक से जुड़े अनसुने तथ्य

 

1. 'लोकमान्य' की उपाधि जनता ने दी

उनके लोकप्रिय नेतृत्व और जनसमर्थन के कारण लोगों ने उन्हें 'लोकमान्य', अर्थात् 'जिसे जनता ने स्वीकार किया हो', की उपाधि दी।

 

2. पत्रकारिता को बनाया आंदोलन का हथियार

उन्होंने अपने समाचार पत्रों के माध्यम से ब्रिटिश शासन की नीतियों का निर्भीक विरोध किया।

 

3. गणेशोत्सव को बनाया सार्वजनिक उत्सव

तिलक ने घरेलू गणेश पूजा को सार्वजनिक आयोजन का रूप देकर लोगों को एकजुट किया और राष्ट्रीय चेतना को मजबूत किया।

 

4. कई बार गए जेल

ब्रिटिश सरकार ने उनके राष्ट्रवादी लेखों और भाषणों के कारण उन्हें कई बार गिरफ्तार किया। उन्हें म्यांमार (तत्कालीन बर्मा) के मांडले कारागार में भी कैद रखा गया।

 

5. जेल में लिखी प्रसिद्ध पुस्तक

मांडले जेल में रहते हुए उन्होंने 'गीता रहस्य' नामक प्रसिद्ध ग्रंथ की रचना की, जिसमें उन्होंने कर्मयोग का महत्व बताया।

 

6. स्वदेशी आंदोलन के समर्थक

उन्होंने विदेशी वस्तुओं के बहिष्कार और स्वदेशी वस्तुओं के उपयोग का जोरदार समर्थन किया।

 

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Vikram Bhatt: ‘हॉन्टेड 3D’ की सक्सेस के बाद विक्रम भट्ट ने नई फिल्म का किया ऐलान, ‘1920’ हॉरर फ्रैंचाइजी की होगी वापसी

Vikram Bhatt: ‘हॉन्टेड 3D इकोज ऑफ द पास्ट’ की सफलता के बाद फिल्ममेकर विक्रम भट्ट अपनी एक और हिट हॉरर फ्रैंचाइजी पर काम करने जा रहे हैं। शुक्रवार को उन्होंने ऐलान करते हुए कहा कि वे ‘1920’ फ्रैंचाइजी की अगली फ़िल्म ‘1920 कोल्ड विंटर’ को डायरेक्ट करेंगे।

प्रोड्यूसर आनंद पंडित ने अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर फिल्म का फर्स्ट-लुक पोस्टर शेयर किया और विक्रम ने इसे री-शेयर किया। पोस्टर शेयर करते हुए उन्होंने लिखा, “आनंद पंडित और विक्रम भट्ट की पार्टनरशिप की कामयाबी का सिलसिला जारी है। ‘1920’ की ज़बरदस्त सफलता के बाद, यह जोड़ी पहले से ही ‘Haunted 3D: Echoes of the Past’ को लेकर चर्चा में है और अब वे दर्शकों के लिए ‘1920: Cold Winter’ लाने को तैयार हैं, जो इस मशहूर फ़्रैंचाइज़ी का अगला डरावना चैप्टर होगा।”

‘1920: Cold Winter’ को आनंद पंडित प्रोड्यूस करेंगे और इसे विक्रम भट्ट ने लिखा और डायरेक्ट किया है। इसे रूपा पंडित और राहुल वी दुबे ने को-प्रोड्यूस किया है। विक्रम भट्ट की लिखी और डायरेक्ट की गई हॉरर फ़िल्म ‘1920’ साल 2008 में रिलीज़ हुई थी।

1920 के दौर पर आधारित इस गोथिक हॉरर फिल्म में रजनीश दुग्गल और अदा शर्मा ने एक शादीशुदा जोड़े का रोल निभाया था, जो एक भूतिया हवेली में रहने जाते हैं, जहां पत्नी पर एक बुरी आत्मा का साया पड़ जाता है। इसका सीक्वल – ‘1920: द एविल रिटर्न्स’ – 2012 में रिलीज़ हुआ था। भूषण पटेल की डायरेक्ट की गई इस फ़िल्म में आफताब शिवदासानी, टिया बाजपेयी, विद्या मालवड़े और शरद केलकर ने काम किया था। तीसरी फ़िल्म – ‘1920: लंदन’ – 2016 में रिलीज़ हुई थी। इसे टीनू सुरेश देसाई ने डायरेक्ट किया था।

विक्रम भट्ट 2018 में रिलीज़ हुई फ़िल्म ‘1921’ के साथ इस फ़्रैंचाइज़ी में वापस लौटे, जिसमें ज़रीन खान और करण कुंद्रा ने काम किया था। पाँचवीं फ़िल्म – ‘1920: हॉरर्स ऑफ़ द हार्ट’ – में अविका गोर और राहुल देव थे, और यह 2023 में रिलीज़ हुई थी। इस फ़िल्म सीरीज़ ने दुनिया भर में कुल मिलाकर ₹100 करोड़ से ज़्यादा की कमाई की है।

इस बीच, विक्रम भट्ट की हालिया डायरेक्टोरियल फ़िल्म का नाम ‘हॉन्टेड 3D’ था। इसमें मिमोह चक्रवर्ती, चेतना पांडे, श्रुति प्रकाश, गौरव बाजपेयी, प्रणीत भट्ट और हेमंत पांडे ने काम किया था। फ़िल्म को आनंद पंडित और राकेश जुनेजा ने प्रोड्यूस किया था, और इसके को-प्रोड्यूसर रूपा पंडित, दिलीप जायसवाल, राहुल वी दुबे, मनीष भूषण मिश्रा और संजय सिंह थे।

यह फ़िल्म 12 जून को सिनेमाघरों में रिलीज़ हुई और ज़्यादातर नेगेटिव रिव्यू मिलने के बावजूद, अपने ओपनिंग वीकेंड में बॉक्स ऑफ़िस पर सबसे आगे रही। फ़िल्म ने इम्तियाज़ अली की ‘मैं वापस आऊंगा’, कंगना रनौत की ‘भारत भाग्य विधाता’ और मनोज बाजपेयी की ‘गवर्नर’ जैसी फ़िल्मों को पीछे छोड़ दिया। ₹13 करोड़ के बजट में बनी ‘हॉन्टेड 3D’ ने एक हफ़्ते में ही ₹18 करोड़ से ज़्यादा की कमाई कर ली है।

iPad mini को टक्कर देगा Oppo Pad Mini, 144Hz OLED डिस्प्ले, Snapdragon 8 Gen 5 और दमदार बैटरी जैसे फीचर्स

Oppo कॉम्पैक्ट टैबलेट मार्केट में एंट्री करने की तैयारी में है। कंपनी का नया Pad Mini जल्द लॉन्च हो सकता है। हालांकि कंपनी ने अभी तक आधिकारिक घोषणा नहीं की है, लेकिन लीक रिपोर्ट्स में इसके दमदार फीचर्स सामने आए हैं। यह टैबलेट उन यूजर्स को ध्यान में रखकर लाया जा रहा है जो पोर्टेबल होने के साथ-साथ पावरफुल डिवाइस चाहते हैं। लॉन्च के बाद यह बाजार में मौजूद प्रीमियम कॉम्पैक्ट टैबलेट्स को सीधी टक्कर दे सकता है।

 

144Hz OLED डिस्प्ले और प्रीमियम डिजाइन

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लीक्स के मुताबिक Pad Mini में 8.8 इंच का LTPO AMOLED डिस्प्ले मिल सकता है, जिसका रेजोल्यूशन 2882×1920 पिक्सल होगा। इसमें 144Hz रिफ्रेश रेट और 1800 निट्स तक की पीक ब्राइटनेस दी जा सकती है, जिससे विजुअल्स काफी शार्प और कलर्स बेहद ब्राइट नजर आएंगे। 3:2 आस्पेक्ट रेशियो इसे काम और वीडियो देखने दोनों के लिए बेहतर बनाता है। डिजाइन की बात करें तो इसमें 5.39mm पतला यूनिबॉडी मेटल चेसिस मिल सकता है और वजन करीब 279 ग्राम होगा, जो इसे काफी स्लिम और हल्का बनाता है।

 

 Snapdragon 8 Gen 5 प्रोसेसर

 

परफॉर्मेंस के लिए इसमें Snapdragon 8 Gen 5 चिपसेट मिलने की संभावना है। अगर ऐसा होता है तो यह अपने सेगमेंट के सबसे पावरफुल टैबलेट्स में से एक होगा। यह गेमिंग, मल्टीटास्किंग और डेली प्रोडक्टिविटी जैसे काम आसानी से संभाल सकेगा। कैमरा के तौर पर इसमें 13 मेगापिक्सल का रियर सेंसर दिया जा सकता है, जो फोटो और वीडियो कॉलिंग के लिए उपयोगी होगा।

 

 बैटरी, चार्जिंग और कनेक्टिविटी

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रिपोर्ट्स के अनुसार टैबलेट में 8000mAh की बैटरी दी जा सकती है, जो 67W फास्ट चार्जिंग सपोर्ट के साथ आएगी। इससे यह पूरे दिन चलने के साथ जल्दी चार्ज भी हो सकेगा। कनेक्टिविटी के लिए इसमें eSIM सपोर्ट मिलने की संभावना है, जिससे यूजर्स कहीं भी आसानी से इंटरनेट का उपयोग कर सकेंगे।

 

  iPad mini से होगी टक्कर

 

यह टैबलेट Apple iPad mini (8th generation) को सीधी टक्कर दे सकता है। जहां Apple अपने डिवाइस में वॉटर रेजिस्टेंस और बेहतर हार्डवेयर दे सकता है, वहीं Oppo हाई रिफ्रेश रेट OLED डिस्प्ले के जरिए यूजर्स को आकर्षित करने की कोशिश करेगा। फिलहाल कंपनी की ओर से लॉन्च डेट को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है, लेकिन लीक के आधार पर इसकी जल्द एंट्री की उम्मीद की जा रही है।  Edited by : Sudhir Sharma