Ultraviolette receives USD 85 million funding to expand production capacity

Ultraviolette receives USD 85 million funding to expand production capacity
Ultraviolette Automotive F77 Mach 2 Headlight

Bengaluru based EV manufacturer, Ultraviolette had recently announced plans for a new manufacturing facility in Hosur, to increase production capacity up to 5 lakh units a year. The company has now received USD 85 million in a new funding round. The additional capital and the new factory is expected to boost the manufacturing of its current products, the F77 (Mach 2 and Superstreet), X-47, and development of upcoming platforms and products.

  1. The USD 85 million funding was led by Deep Tech Fund Yali Capital and TDK Ventures
  2. New Hosur plant expected to increase production capacity up to 5 lakh units a year
  3. Ultraviolette currently has the means to build battery architecture ranging from 48V to 400V

Ultraviolette plans expansion in India and abroad

Four new products and US entry planned for next year

Currently, Ultraviolette operates in India and 20 European countries. With the fresh round of investment, the company has targeted an US market entry next year, alongside key markets in Latin America and Southeast Asia. The USD 85 million funding round was led by Deep Tech Fund Yali Capital and TDK Ventures and investment from Lip-Bu Tan, Chief Executive Officer of Intel, Chairman of Walden International and Advisor to Ultraviolette, alongside the company’s current and long-term investors. UV says the new and continued support from the investors will help scale production of its current portfolio as well as upcoming products.

Inside image showing Intel CEO checking out a Ultraviolette F77 Mach 2

The investment will also help with the development of UV’s next generation of models. The company currently boasts technical capabilities to build battery architecture spanning 48V to 400V which it says allows for engineering platforms catering to different needs. Its current list of investors include Zoho Corporation, TVS Motors, and Qualcomm Ventures. Besides India, UV currently operates across Europe including Germany, France, Spain, Portugal, the UK, Belgium, Netherlands, Italy, Switzerland and Hungary.
 

Asus ने लॉन्च किए 5 नए Vivobook लैपटॉप, 30 घंटे तक की बैटरी और AI फीचर्स से है लैस, देखें कीमत

Asus ने भारत में अपनी नई Vivobook लाइनअप लॉन्च की है। इस नई सीरीज में Asus Vivobook S16, Vivobook S14, Vivobook 14 Flip, Vivobook S14 Flip और Vivobook 16 शामिल हैं। इन सभी लैपटॉप में मेटल बॉडी दी गई है और ये मिलिट्री-ग्रेड ड्यूरेबिलिटी के साथ आते हैं। नई Vivobook सीरीज में Qualcomm Snapdragon X, Intel Core, Intel Core Ultra और AMD Ryzen 7 7000 सीरीज के प्रोसेसर दिए गए हैं। इनमें AI से जुड़े खास फीचर्स भी मिलते हैं। इसके अलावा, Asus ने नए लैपटॉप के साथ एक Wireless Silent Mouse MW103 भी लॉन्च किया है।

भारत में Asus Vivobook S14, Vivobook S16, Vivobook 14 Flip, Vivobook S14 Flip और Vivobook 16 की कीमत

Asus Vivobook S14 (S5452MA) की कीमत 1,18,990 रुपये से शुरू होती है, जबकि Vivobook S16 (S5652MA) की कीमत 1,21,990 रुपये से शुरू होती है। वहीं, Vivobook 14 Flip (TP3407AA) की शुरुआती कीमत 1,79,990 रुपये है, जबकि Vivobook S14 Flip (TP5408QA) की कीमत 1,09,990 रुपये से शुरू होती है।

Asus Vivobook 16 (X1652XA) की शुरुआती कीमत Rs. 89,990 है। Asus Wireless Silent Mouse MW103 की कीमत Rs. 649 है।

कंपनी ने कन्फर्म किया है कि नए Vivobook मॉडल Asus Exclusive Stores, Asus e-shop, ऑथराइज्ड रिटेलर्स और ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर बेचे जाएंगे। लॉन्च ऑफर के तौर पर, Asus एक सीमित समय का प्रमोशनल पैकेज दे रहा है, जिसमें दो साल की एक्सटेंडेड वारंटी और तीन साल का एक्सीडेंटल डैमेज प्रोटेक्शन शामिल है। इस पैकेज की कीमत Rs. 5,599 है, लेकिन यह सिर्फ Rs. 99 में मिल रहा है।

Vivobook S14, Vivobook S16, Vivobook 14 Flip, Vivobook S14 Flip और Vivobook 16 भारत में 17 सितंबर से उपलब्ध होंगे। वहीं, Snapdragon-पावर्ड Vivobook S14 (S5408QA) और Vivobook S16 (S5608QA) अक्टूबर के दूसरे हफ्ते में खरीदने के लिए उपलब्ध होंगे।

Asus Vivobook S14, Vivobook S16 के स्पेसिफिकेशन्स

Asus Vivobook S14 (S5452MA) और Vivobook S16 (S5652MA) में Intel Core 7 Series 3 प्रोसेसर दिया गया है, जो 17 TOPS तक की AI परफॉर्मेंस देता है। Vivobook S14 में 14-इंच का पैनल है, जबकि Vivobook S16 में 16-इंच का डिस्प्ले है। दोनों में 16:10 आस्पेक्ट रेशियो और 100% sRGB कवरेज वाले फुल-HD+ IPS पैनल हैं।

दोनों लैपटॉप का डिजाइन ऑल-मेटल और हल्का है, और ये MIL-STD-810H मिलिट्री-ग्रेड ड्यूरेबिलिटी के साथ आते हैं। Asus ने Vivobook S14 पर 20 घंटे तक और Vivobook S16 पर 15 घंटे से ज्यादा की बैटरी लाइफ का दावा किया है।

कनेक्टिविटी के लिए, Vivobook S14 और Vivobook S16 में USB Type-C पोर्ट और HDMI 2.1 दिए गए हैं। इन लैपटॉप के साथ Microsoft Office Home 2024 और Microsoft 365 Basic भी मिलता है, जिसमें एक साल के लिए 100GB क्लाउड स्टोरेज शामिल है।

Asus Vivobook 14 Flip के स्पेसिफिकेशन्स

Asus Vivobook 14 Flip (TP3407AA) में 360-डिग्री हिंज और ऑल-मेटल कन्वर्टिबल डिजाइन है, जिससे इसे नोटबुक, टैबलेट या डिस्प्ले के तौर पर इस्तेमाल किया जा सकता है। इसे Intel Core Ultra 7 Series 3 355 प्रोसेसर (49 TOPS NPU और Intel ग्राफिक्स के साथ) तक कॉन्फिगर किया जा सकता है। इस लैपटॉप में 14-इंच का फुल-HD+ ASUS OLED टचस्क्रीन है जो स्टाइलस सपोर्ट के साथ आता है।

Vivobook 14 Flip के बारे में दावा किया जाता है कि यह एक बार चार्ज करने पर 38 घंटे तक की बैटरी लाइफ देता है। इसमें MIL-STD-810H मिलिट्री-ग्रेड ड्यूरेबिलिटी है। लैपटॉप में वेबकैम शील्ड और TPM 2.0 (ट्रस्टेड प्लेटफ़ॉर्म मॉड्यूल) वाला AI कैमरा है। कनेक्टिविटी ऑप्शन में USB Type-C पोर्ट, Thunderbolt 4 और माइक्रो-SD कार्ड रीडर शामिल हैं।

Asus Vivobook S14 Flip के स्पेसिफिकेशन्स

Asus Vivobook S14 Flip (TP5408QA) में 360-डिग्री हिंज के साथ कन्वर्टिबल डिजाइन दिया गया है। इसका डिजाइन ऑल-मेटल है। इसमें 14-इंच का Full HD+ OLED टचस्क्रीन मिलता है, जो स्टायलस सपोर्ट के साथ आता है।

यह लैपटॉप Qualcomm Snapdragon X X1-26-100 प्रोसेसर पर चलता है। इसमें 45 TOPS NPU दिया गया है। वीडियो कॉल के लिए इसमें AI-बेस्ड Full-HD कैमरा मिलता है। साथ ही, इसमें TPM 2.0 का सपोर्ट भी है।

कनेक्टिविटी के लिए इसमें दो USB 3.2 Gen 2 Type-C पोर्ट और HDMI 2.1 दिए गए हैं। Asus के मुताबिक, Vivobook S14 Flip एक बार चार्ज करने पर 30 दिन तक की बैटरी लाइफ दे सकता है। इसमें MIL-STD-810H मिलिट्री-ग्रेड ड्यूरेबिलिटी भी मिलती है।

Asus Vivobook 16 के स्पेसिफिकेशन्स

Asus Vivobook 16 (X1652XA) में 16:10 आस्पेक्ट रेशियो वाला 16-इंच का फुल-HD+ IPS पैनल है। स्क्रीन का स्क्रीन-टू-बॉडी रेशियो 89 प्रतिशत है। यह AMD Ryzen 7 7840HS प्रोसेसर पर चलता है और 10 TOPS तक AI एक्सेलेरेशन देता है। इसमें AMD Radeon ग्राफिक्स हैं। इसमें फेशियल रिकग्निशन और प्राइवेसी फीचर्स वाला फुल-HD AI कैमरा भी है।

Asus Vivobook 16 में MIL-STD-810H मिलिट्री-ग्रेड ड्यूरेबिलिटी भी दी गई है। साथ ही इसमें 52.5Wh की बैटरी मिलती है।

Asus Vivobook S14, Vivobook S16 (Snapdragon X) के स्पेसिफिकेशन्स

Vivobook S16 (S5608QA) और Vivobook S14 (S5408QA) में Qualcomm Snapdragon X प्रोसेसर और 45 TOPS NPU दिया गया है। Vivobook S16 में 16-इंच का डिस्प्ले है जिसका रिजोल्यूशन फुल-HD+ तक है, जबकि Vivobook S14 में 14-इंच का फुल-HD+ IPS डिस्प्ले है जिसका आस्पेक्ट रेश्यो 16:10 है। दोनों लैपटॉप मेटल डिजाइन और MIL-STD-810H ड्यूरेबिलिटी के साथ आते हैं, और इनमें टाइप-C फास्ट चार्जिंग के साथ 30 घंटे तक की बैटरी लाइफ मिलती है। इनमें दो USB Type-C पोर्ट और HDMI 2.1 शामिल हैं।

Asus ने नए Vivobook लैपटॉप के साथ अपना Wireless Silent Mouse MW103 भी लॉन्च किया है। यह Green, Pink और Blue कलर ऑप्शन में उपलब्ध है। माउस में 1,000, 1,200 और 1,600 की एडजस्टेबल DPI सेटिंग मिलती है। वायरलेस कनेक्टिविटी के लिए 2.4GHz प्लग-एंड-प्ले RF डोंगल दिया गया है।

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₹67,999 में लॉन्च हुआ Acer का नया AI Laptop, 32GB RAM और 1TB स्टोरेज से है लैस

Acer ने भारत में Swift Neo AI लैपटॉप लॉन्च किया है। इसके साथ कंपनी ने भारत में AI से लैस लैपटॉप की अपनी रेंज को और बढ़ाया है। यह नया पतला और हल्का लैपटॉप Intel Core Ultra प्रोसेसर से लैस है। इसे खासतौर पर प्रोफेशनल्स, छात्रों और क्रिएटर्स को ध्यान में रखकर बनाया गया है। इसमें AI की मदद से बेहतर परफॉर्मेंस, प्रीमियम मेटल डिजाइन और लेटेस्ट कनेक्टिविटी फीचर्स मिलते हैं।

इस लैपटॉप में Microsoft Copilot इंटीग्रेशन, Intel AI Boost और हल्का डिजाइन भी है, जो इसे प्रोडक्टिविटी, कंटेंट क्रिएशन और रोजाना के मल्टीटास्किंग कामों के लिए बेहतरीन बनाता है।

कीमत और उपलब्धता

Acer Swift Neo AI लैपटॉप की शुरुआती कीमत ₹67,999 है। यह Flipkart, Acer E-store और पूरे भारत में दूसरे रिटेल चैनलों पर उपलब्ध होगा।

फीचर्स

Acer Swift Neo AI में लेटेस्ट Intel Core Ultra 5 और Intel Core Ultra 7 H प्रोसेसर के साथ Intel AI Boost दिया गया है, जो प्रोडक्टिविटी, कोलेबोरेशन और क्रिएटिव ऐप्स में AI-पावर्ड अनुभव देता है। बता दें कि तेज मल्टीटास्किंग और बेहतर सिस्टम रिस्पॉन्स के लिए इस लैपटॉप को 32GB तक LPDDR5 RAM और 1TB PCIe NVMe SSD स्टोरेज के साथ कॉन्फिगर किया जा सकता है।

इसके अलावा, इसमें 16:10 आस्पेक्ट रेशियो, 1920 x 1200 रिजॉल्यूशन और 300 निट्स तक की ब्राइटनेस वाला 14-इंच WUXGA IPS डिस्प्ले है, जबकि कुछ खास वेरिएंट्स में OLED डिस्प्ले का ऑप्शन भी मिलता है।

डिजाइन की बात करें तो लैपटॉप में ऊपर और नीचे प्रीमियम मेटल कवर दिया गया है। इसका वजन सिर्फ 1.25 किलोग्राम है और मोटाई 17.2mm है। इसमें 180-डिग्री हिंज, बैकलिट कीबोर्ड, प्रिसीजन टचपैड और फिंगरप्रिंट रीडर जैसे फीचर्स भी मिलते हैं।

कनेक्टिविटी के लिए, Swift Neo AI में चार्जिंग, डेटा ट्रांसफर और डिस्प्ले आउटपुट सपोर्ट वाले दो फुल-फंक्शन USB Type-C पोर्ट, HDMI, अतिरिक्त USB पोर्ट और Wi-Fi 6 की सुविधा है। इसमें फुल HD 1080p वेबकैम, डुअल स्पीकर और 52Wh की बैटरी भी है, साथ ही यह 65W USB Type-C फास्ट चार्जिंग को सपोर्ट करता है।

सॉफ्टवेयर की बात करें तो यह लैपटॉप Windows 11 Home पर चलता है और इसमें Microsoft Copilot का इंटीग्रेशन मिलता है। इसकी मदद से यूजर्स प्रोडक्टिविटी और क्रिएटिव कामों के लिए AI टूल्स का इस्तेमाल कर सकते हैं।

Acer के मुताबिक, Swift Neo AI को बेहतर परफॉर्मेंस, आसानी से साथ ले जाने वाले डिजाइन और AI फीचर्स का संतुलन देने के लिए बनाया गया है। कंपनी इसे ऐसे यूजर्स के लिए पेश कर रही है जो एक मॉडर्न AI लैपटॉप चाहते हैं।

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Global Market Today: चिप शेयरों में बिकवाली जारी, एशिया बाजारों में गिरावट, कोस्पी 5% से ज्यादा टूटा

Global Market Today: चिप शेयरों में बिकवाली जारी है। Sandisk 14 परसेंट लुढ़का है। Micron, SK Hynix ADR, Seagate, Intel जैसे दिग्गज भी 10 परसेंट तक नीचे फिसले। कल की बड़ी गिरावट के बाद कोरिया का बाजार आज भी दबाव में नजर आ रहा है। US में नैस्डैक में भी प्रेशर दिखा। हालांकि OLD ECONOMY को Reflect करने वाला डाओ जोंस 500 प्वाइंट ऊपर बंद हुआ।

निक्केई करीब 1.30 फीसदी की गिरावट के साथ 61,555.00 के आसपास दिख रहा है। वहीं, स्ट्रेट टाइम्स में 0.27 फीसदी की बढ़त दिखा रहा है। ताइवान का बाजार 1.81 फीसदी गिरकर 40,865.50 के स्तर पर कारोबार कर रहा है। जबकि हैंगसेंग 1.49 फीसदी की बढ़त के साथ 25,688.00 के स्तर पर नजर आ रहा है। वहीं, कोस्पी में 5.11 फीसदी की गिरावट के साथ कारोबार हो रहा है। वहीं शंघाई कम्पोजिट 0.75 फीसदी की गिरावट के साथ 3,784.70 के स्तर पर दिख रहा है।

वॉल स्ट्रीट

मंगलवार रात अमेरिकी स्टॉक इंडेक्स फ्यूचर्स में सुस्ती रही, जबकि ईरान के हमले को अमेरिकी सेना द्वारा रोके जाने के बाद तेल की कीमतों में बढ़ोतरी हुई।S&P 500 फ्यूचर्स में कोई खास बदलाव नहीं हुआ, नैस्डैक 100 फ्यूचर्स सपाट स्तर के आसपास रहे और डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज फ्यूचर्स 38 अंक या लगभग 0.1% नीचे आए।

मंगलवार के रेगुलर सेशन के दौरान, डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज में 500 अंकों से ज़्यादा की रैली देखी गई, क्योंकि निवेशकों ने आने वाले फैसले से पहले अपनी स्थिति मज़बूत की। तेल की कीमतों में हालिया गिरावट के कारण इस ब्लू-चिप इंडेक्स में लगातार तीसरे दिन बढ़त दर्ज की गई। वहीं, सेमीकंडक्टर शेयरों में कमजोरी के कारण नैस्डैक कम्पोजिट लगातार पांचवें सेशन में गिरावट के साथ बंद हुआ।

क्रूड में तेजी

बुधवार, 29 जुलाई को तेल की कीमतों में 3% से ज़्यादा की रिकवरी हुई। पिछले सेशन में हुई भारी गिरावट के बाद यह सुधार हुआ, जब अमेरिका और ईरान ने तनावपूर्ण गतिविधियों को रोक दिया था। अमेरिकी कच्चे तेल के भंडार में उम्मीद से ज़्यादा कमी आने से भी इस रिकवरी को बल मिला।

पिछले तीन सेशन में 14% से ज़्यादा गिरने के बाद ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स $2.71 या 3.2% बढ़कर $86.80 प्रति बैरल हो गया। वहीं, अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड $2.26 या 3.4% बढ़कर $81.95 प्रति बैरल पर पहुंच गया। US-Iran युद्ध

X पर एक पोस्ट के अनुसार, अमेरिकी सेना ने कहा कि उसने मध्य पूर्व में अमेरिकी सैनिकों को निशाना बनाने के लिए ईरान द्वारा किए गए “अचानक हमले की कोशिश” को सफलतापूर्वक रोक दिया।

इस बीच, इराक में ईरान समर्थित मिलिशिया ने लगातार दूसरे दिन सऊदी अरब के पूर्वी क्षेत्र में तेल सुविधाओं पर ड्रोन से हमला किया, जिससे देश पर दबाव बढ़ गया। सऊदी अरब के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि उसने मंगलवार को हमले को रोक दिया, लेकिन यह नहीं बताया कि क्या किसी सुविधा को नुकसान पहुंचा है। सरकारी IRIB न्यूज़ के अनुसार, ईरान ने इस घटना में किसी भी तरह की भागीदारी से इनकार किया।

US Fed की बैठक

निवेशकों की नजर US फेडरल रिज़र्व के ब्याज दरों पर आने वाले फ़ैसले और बुधवार, 29 जुलाई को होने वाली चेयरमैन केविन वॉर्श की प्रेस कॉन्फ्रेंस पर भी है।CME के ​​FedWatch टूल के अनुसार, Fed फंड्स फ़्यूचर्स से संकेत मिलता है कि लगभग 70% संभावना है कि केंद्रीय बैंक ब्याज दरों को मौजूदा 3.5% से 3.75% की टारगेट रेंज में ही बनाए रखेगा।

आज सोने की कीमत

दिन में बाद में आने वाले फ़ेडरल रिज़र्व के ब्याज दर के फ़ैसले से पहले बुधवार को सोने की कीमतों में गिरावट आई।

पिछले सेशन में 1.1% की गिरावट के बाद शुरुआती कारोबार में सोना $4,020 प्रति औंस के आसपास ट्रेड कर रहा था। इंटरेस्ट-रेट स्वैप से संकेत मिलता है कि Fed द्वारा 25-बेसिस-पॉइंट की दर बढ़ोतरी की संभावना लगभग तीन में से एक है, जो पॉलिसी की घोषणा से पहले अनिश्चितता के असामान्य रूप से उच्च स्तर को उजागर करता है। आम तौर पर ऊंची ब्याज दरें सोने पर दबाव डालती हैं, क्योंकि इस कीमती धातु से कोई ब्याज आय नहीं होती।

पांच महीने पहले US-Iran संघर्ष शुरू होने के बाद से सोने में लगभग 25% की गिरावट आई है, क्योंकि ऊर्जा की ऊंची कीमतों ने महंगाई की चिंताओं को बढ़ा दिया है। भारी गिरावट के बावजूद, निवेशकों की ओर से मज़बूत ‘डिप-बाइंग’ (कीमत गिरने पर खरीदारी) के कारण यह धातु जून के आखिर से $4,000 प्रति औंस के अहम सपोर्ट लेवल से ऊपर बनी हुई है।

Stock Market Live Update: गिफ्ट निफ्टी दे रहा संकेत, मजबूत हो सकती है भारतीय बाजार की शुरुआत

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Iran Kuwait Conflict: ईरान के हमले से कुवैत के पावर प्लांट में लगी भीषण आग, अमेरिका ने भी तेज किए वार। देखें वीडियो

Iran Kuwait Conflict: कुवैत में रविवार को हालात उस वक्त बिगड़ गए, जब ईरान ने अल-सुबिया पावर जनरेशन और वॉटर डिसेलिनेशन प्लांट को निशाना बनाया, जिससे वहां भीषण आग लग गई। बता दें कि यह हमला ऐसे समय हुआ जब अमेरिका ने लगातार नौवीं बार रात को ईरान के ठिकानों पर हमले किए। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में अल-सुबिया प्लांट से उठता हुआ काला धुआं और आग की लपटें दिखाई दे रही हैं। ये वीडियो ओपन सोर्स इंटेल समेत कई सोशल मीडिया अकाउंट्स द्वारा शेयर किए गए हैं।

वहीं, ईरान के इस हमले पर कुवैत की सेना ने कहा कि उन्होंने दिन भर देश के हवाई क्षेत्र में दुश्मन की मिसाइलों और ड्रोनों को रोका।

कुवैत के रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता मेजर जनरल सऊद अब्दुलअजीज अल-ओतैबी ने एक बयान में कहा, “आज सुबह से ही सशस्त्र बलों ने कुवैत के हवाई क्षेत्र में दुश्मन की बैलिस्टिक मिसाइलों और ड्रोन का पता लगाया है, जिन्हें रोककर बेअसर कर दिया गया है।”

उन्होंने आगे कहा कि “ईरान की निंदनीय आक्रामकता देश में आम नागरिकों और जरूरी सुविधाओं को निशाना बना रही है।” उन्होंने बताया कि बिजली, पानी और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय से जुड़े कुछ ठिकानों पर हमले किए गए, जिससे वहां आग लग गई और भारी नुकसान हुआ।

इस बीच, अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने ईरान के खिलाफ नए दौर के हमलों की घोषणा की। CENTCOM ने X पर कहा, “उसने आज शाम 7 बजे (ET) ईरान के खिलाफ लगातार नौवीं रात नए हमले शुरू किए। ये हमले ईरान की उन सैन्य क्षमताओं को कमजोर करना जारी रखेंगे जिनका इस्तेमाल होर्मुज (Strait Of Hormuz) से गुजरने वाले कमर्शियल जहाजों और आम नागरिकों को निशाना बनाने के लिए किया जा रहा है।”

मरीन वन से रवाना होने से पहले, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि हालिया हमले उस संघर्ष में मारे गए अमेरिकी सैनिकों की याद में किए गए थे।

ट्रंप ने कहा, “हमने आज रात फिर उन पर जोरदार हमला किया।” उन्होंने बताया कि ये हमले हाल के दिनों में मध्य पूर्व में मारे गए तीन अमेरिकी सैनिकों के “सम्मान में” किए गए थे।

बता दें कि यह ताजा हमला ऐसे समय हुआ है, जब इससे पहले शुक्रवार और शनिवार को भी कुवैत के बिजली और डिसेलिनेशन प्लांट्स पर हमलों की खबर सामने आई थी।

कुवैत, जो अपनी पानी की सप्लाई के लिए बड़े पैमाने पर खारे पानी को मीठा बनाने की प्रक्रिया (डिसैलिनेशन) पर निर्भर है, तेहरान द्वारा खाड़ी देश में अमेरिकी सेना की मौजूदगी से जुड़ी सुविधाओं को संभावित टारगेट के तौर पर पहचाने जाने के कारण अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ते टकराव में फंसता जा रहा है।

यह तनाव ऐसे समय और गहरा गया है, जब जून में अमेरिका और ईरान के बीच बनी अस्थायी युद्धविराम की उम्मीदें कमजोर पड़ती नजर आ रही हैं। हाल के दिनों में दोनों देशों ने क्षेत्र में ऊर्जा और परिवहन से जुड़े ठिकानों पर हमले तेज कर दिए हैं।

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Jai Moondra: भारत को हराने वाला खिलाड़ी ढूंढ रहा फुल-टाइम नौकरी! जय मूंदड़ा की कहानी हुई वायरल

आयरलैंड के तेज गेंदबाज जय मूंदड़ा ने भारत के खिलाफ दो मैचों की टी20 सीरीज में शानदार गेंदबाजी कर सबका ध्यान अपनी ओर खींच लिया। दोनों मुकाबलों में शानदार गेंदबाजी करते हुए कुल 5 विकेट चटका कर प्लेयर ऑफ द सीरीज का अवॉर्ड भी अपने नाम किया। उनकी सटीक और कसी हुई गेंदबाजी ने पूरी सीरीज में भारतीय बल्लेबाजों को खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया और आयरलैंड की ऐतिहासिक जीत में बड़ी भूमिका निभाई। वहीं इसी बीच जय मूंदड़ा अपनी शानदार गेंदबाजी के अलाला किसी और वजह से भी चर्चा में हैं। जय मूंदड़ा आईटी सेक्टर में नौकरी की तलाश कर रहे हैं।

भारत के खिलाफ शानदार गेंदबाजी करने वाले जय मूंदड़ा सिर्फ क्रिकेटर ही नहीं, बल्कि आईटी सेक्टर से भी जुड़े हैं। उनकी लिंक्डइन प्रोफाइल के अनुसार, वह अभी भी फुल-टाइम नौकरी की तलाश में हैं।

2025 में छोड़ दी नौकरी

राजस्थान के टोंक के रहने वाले जय मूंदड़ा साल 2021 में इलेक्ट्रॉनिक्स और कम्युनिकेशन में मास्टर डिग्री की पढ़ाई के लिए आयरलैंड गए थे। आयरलैंड की राष्ट्रीय टीम से खेलने के बावजूद उनके पास अब भी भारतीय पासपोर्ट है। आयरलैंड जाने के बाद जय मूंदड़ा ने सितंबर 2022 में इलेक्ट्रॉनिक्स और कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग में मास्टर ऑफ साइंस की डिग्री पूरी की। पढ़ाई खत्म होने के बाद उन्होंने इंटेल में प्रोडक्ट डेवलपमेंट इंजीनियर के रूप में काम शुरू किया। लेकिन, जून 2025 में उन्होंने ये नौकरी छोड़ दी। उनकी लिंक्डइन प्रोफाइल के मुताबिक, इसके बाद से उन्होंने किसी नई कंपनी में काम शुरू नहीं किया है।

Jai Moondra (2)

नए नौकरी की तलाश में जय मूंदड़ा

29 वर्षीय जय मूंदड़ा फिलहाल इंजीनियरिंग क्षेत्र में नई नौकरी की तलाश कर रहे हैं। उनकी लिंक्डइन प्रोफाइल पर आयरलैंड और यूरोप में अवसरों के लिए OpenToWork का बैज भी दिखाई देता है। करीब छह महीने पहले जय मूंदड़ा ने लिंक्डइन पर आयरलैंड और यूरोप में टेक्नोलॉजी से जुड़ी नौकरियों की एक पोस्ट में रुचि दिखाई थी। वहीं लगभग एक महीने पहले उन्होंने एक अन्य पोस्ट पर टिप्पणी करते हुए खुद को इंटेल का पूर्व कर्मचारी बताया और कहा कि वह नए नौकरी के अवसर की तलाश में हैं।

लोगों ने किया कमेंट

भारत को हराने के बाद आयरलैंड के गेंदबाज जय मूंदड़ा की लिंक्डइन प्रोफाइल पर लगा OpenToWork बैज भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। कई लोगों ने इस बात पर हैरानी जताई कि एक तरफ वह नई नौकरी की तलाश में हैं और दूसरी तरफ अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भारत जैसी मजबूत टीम के खिलाफ मैच जिताऊ प्रदर्शन कर रहे हैं। एक यूजर ने लिखा, “ये एक कॉर्पोरेट नौकरी है जिसने उन्हें दूसरा मौका दिया। मेहनत करने वाले की इज्जत करनी चाहिए। वहीं, एक अन्य यूजर ने कहा, “वह भारत नहीं, बल्कि आयरलैंड के लिए खेल रहे हैं। इसलिए गुजारा चलाने के लिए उन्हें नौकरी भी करनी पड़ती है।”