IDBI Bank Q1 Results: जून तिमाही में मुनाफा 5% बढ़कर हुआ ₹2115 करोड़, NII में 10% का इजाफा

हिस्सेदारी बिक्री की राह तक रहे IDBI Bank ने अप्रैल-जून 2026 तिमाही के नतीजे जारी कर दिए हैं। तिमाही के दौरान बैंक का शुद्ध स्टैंडअलोन मुनाफा सालाना आधार पर 5 प्रतिशत से ज्यादा बढ़कर 2115.18 करोड़ रुपये हो गया। एक साल पहले मुनाफा 2007.36 करोड़ रुपये था। कुल इनकम 1.35 प्रतिशत की मामूली बढ़ोतरी के साथ 8,573 करोड़ रुपये हो गई। जून 2025 तिमाही में यह 8,458 करोड़ रुपये थी।

बैंक ने शेयर बाजारों को बताया है कि जून 2026 तिमाही में उसकी शुद्ध ब्याज आय (NII) सालाना आधार पर 10 प्रतिशत बढ़कर 3,486 करोड़ रुपये हो गई। एक साल पहले यह 3,166 करोड़ रुपये थी। ऑपरेटिंग प्रॉफिट घटकर 2,167.81 करोड़ रुपये रह गया, जो जून 2025 तिमाही में 2,354 करोड़ रुपये था।

NPA का हाल

जून 2026 तिमाही में IDBI Bank का ग्रॉस NPA (नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स) रेशियो 2.30 प्रतिशत रहा। एक साल पहले यह 2.93 प्रतिशत था। नेट NPA रेशियो भी सालाना आधार पर कम होकर 0.16 प्रतिशत पर आ गया। जून 2025 तिमाही में यह 0.21 प्रतिशत था। एसेट्स पर रिटर्न घटकर 1.89 प्रतिशत रह गया, जो जून 2025 तिमाही में 2.01 प्रतिशत था।

IDBI Bank के शेयर पर सोमवार को रहेगी नजर

IDBI Bank के शेयर की कीमत वर्तमान में BSE पर 87.02 रुपये है। बैंक का मार्केट कैप 93500 करोड़ रुपये से ज्यादा है। शेयर की फेस वैल्यू 10 रुपये है। शेयर BSE 200 इंडेक्स का हिस्सा है। शेयर 3 महीनों में 16 प्रतिशत मजबूत हुआ है। तिमाही नतीजे जारी होने के बाद सोमवार, 20 जुलाई को शेयर की चाल पर निवेशकों की नजर रहेगी।

रणनीतिक बिक्री के लिए मिलीं नई बोलियां

हाल ही में सरकार को IDBI Bank की रणनीतिक बिक्री के लिए फेयरफैक्स फाइनेंशियल होल्डिंग्स और एमिरेट्स एनबीडी से संशोधित वित्तीय बोलियां मिली हैं। न्यूज एजेंसी पीटीआई की एक रिपोर्ट के मुताबिक, सूत्रों का कहना है कि सफल बोली लगाने वाले के बारे में अंतिम फैसला वित्तीय बोलियां खुलने के बाद लिया जाएगा। ऐसा बहुत जल्द होने की संभावना है। सरकार और LIC की IDBI Bank में कुल 60.72 प्रतिशत हिस्सेदारी बेचने की योजना है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Stocks to Watch: 15 जुलाई को फोकस में रहेंगे ये 15 स्टॉक्स, दिख सकती है बड़ी हलचल

Stocks to Watch: बुधवार, 15 जुलाई के कारोबार में कई शेयर खबरों के चलते फोकस में रह सकते हैं। कुछ कंपनियों ने जून तिमाही के नतीजे जारी किए हैं। वहीं कुछ को बड़े ऑर्डर, नई मंजूरी और अहम कॉरपोरेट अपडेट मिले हैं। इसके अलावा विदेशी बाजारों से आए संकेत भी कुछ सेक्टरों में हलचल बढ़ा सकते हैं। बाजार खुलने से पहले जानिए किन शेयरों पर रहेगी निवेशकों की नजर।

IT Stocks

आईटी सेक्टर की कंपनियों Infosys और Wipro के ADR में मंगलवार को गिरावट देखने को मिली। इसकी वजह अमेरिकी टेक कंपनी IBM के कमजोर तिमाही नतीजे रहे। इसका असर बुधवार को घरेलू बाजार में Infosys, Wipro, TCS, HCLTech जैसी भारतीय आईटी कंपनियों के शेयरों पर दिख सकता है।

Tata Elxsi

टाटा ग्रुप की कंपनी Tata Elxsi का जून तिमाही में शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर 18.2% बढ़कर ₹170.6 करोड़ हो गया। रेवेन्यू भी पहली बार ₹1,000 करोड़ के पार पहुंच गया। इससे पहले कंपनी ने तिमाही नतीजों में बेहतर ग्रोथ दर्ज की थी।

L&T Technology Services

आईटी कंपनी L&T Technology Services (LTTS) ने जून तिमाही के नतीजे जारी किए हैं। कंपनी का रेवेन्यू, मार्जिन और कॉन्स्टेंट करेंसी ग्रोथ बाजार के अनुमान से थोड़ा बेहतर रहा। वहीं, मुनाफा अनुमान के लगभग बराबर रहा।

Anand Rathi Shares & Stock Brokers

ब्रोकिंग और वेल्थ मैनेजमेंट कंपनी Anand Rathi Shares & Stock Brokers ने FY27 की शुरुआत अच्छी की है। जून तिमाही में कंपनी का शुद्ध मुनाफा 2.2% बढ़ा। वहीं, नेट इंटरेस्ट इनकम, मार्जिन फंडिंग और एसेट्स अंडर मैनेजमेंट (AUM) में मजबूत बढ़ोतरी दर्ज की गई।

ICICI Bank

प्राइवेट सेक्टर के ICICI Bank ने कहा है कि 18 जुलाई को होने वाली बोर्ड बैठक में विदेशी बाजारों से फंड जुटाने की सीमा बढ़ाने पर विचार होगा। इसके तहत बैंक बॉन्ड, नोट्स और ऑफशोर सर्टिफिकेट ऑफ डिपॉजिट जारी कर पूंजी जुटा सकेगा।

IDBI Bank

सरकारी बैंक IDBI Bank ने कहा है कि वह Fairfax Financial की संशोधित बोली से जुड़ी मीडिया रिपोर्ट की पुष्टि या खंडन नहीं कर सकता। बैंक ने कहा कि रणनीतिक विनिवेश (Strategic Disinvestment) की प्रक्रिया गोपनीय है। यह सफाई शेयर कीमत में हलचल के बाद NSE की ओर से मांगे गए जवाब के बाद दी गई।

Axis Bank

प्राइवेट सेक्टर के Axis Bank ने बताया कि उसकी सब्सिडियरी Axis Finance में प्रेफरेंशियल इश्यू पूरा हो गया है। इसके बाद बैंक की हिस्सेदारी घटकर 94.92% रह गई है। हालांकि, हिस्सेदारी कम होने के बावजूद Axis Bank कंपनी की होल्डिंग कंपनी बना रहेगा।

Capacit’e Infraprojects

इंजीनियरिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी Capacit’e Infraprojects को मुंबई के महालक्ष्मी इलाके में सुपर हाई-राइज टावर T5 के निर्माण का ₹482 करोड़ का ऑर्डर मिला है। इस प्रोजेक्ट में बेसमेंट, पोडियम, क्लबहाउस, सर्विस फ्लोर, पेंटहाउस और टेरेस समेत सिविल निर्माण का काम शामिल है।

DEN Networks

केबल टीवी और ब्रॉडबैंड कंपनी DEN Networks ने जून तिमाही के नतीजे जारी किए हैं। कंपनी का शुद्ध मुनाफा सालाना आधार पर ₹54 करोड़ से घटकर ₹37 करोड़ रह गया। हालांकि, रेवेन्यू में मामूली बढ़त रही और यह ₹241.3 करोड़ से बढ़कर ₹242.8 करोड़ हो गया।

Delhivery

लॉजिस्टिक्स कंपनी Delhivery को बड़ी मंजूरी मिली है। RBI ने उसकी सब्सिडियरी Delhivery Financial Services को NBFC-ND (Type II) के तौर पर काम करने की अनुमति दे दी है। इससे कंपनी अब फाइनेंशियल सर्विसेज कारोबार को आगे बढ़ा सकेगी।

Kirloskar Brothers

पंप बनाने वाली इंजीनियरिंग कंपनी Kirloskar Brothers की ब्रिटेन स्थित सब्सिडियरी SPP Pumps को बड़ा अंतरराष्ट्रीय ऑर्डर मिला है। कंपनी को Saipem Offshore Construction से 11.67 मिलियन पाउंड (करीब ₹149.59 करोड़) का ऑर्डर मिला है। इसके तहत वर्टिकल पंप और स्पेयर पार्ट्स की सप्लाई की जाएगी।

IOL Chemicals and Pharmaceuticals

फार्मा कंपनी IOL Chemicals and Pharmaceuticals को चीन से बड़ी मंजूरी मिली है। कंपनी के Clopidogrel Bisulfate API को चीन की National Medical Products Administration (NMPA) से मंजूरी मिल गई है। इससे कंपनी के निर्यात कारोबार को मजबूती मिल सकती है।

Easy Trip Planners

ऑनलाइन ट्रैवल कंपनी Easy Trip Planners (EaseMyTrip) ने झारखंड सरकार के पर्यटन विभाग के साथ समझौता किया है। इस साझेदारी के तहत डिजिटल कैंपेन के जरिए राज्य के पर्यटन को बढ़ावा दिया जाएगा। साथ ही देशभर के यात्रियों के बीच झारखंड की पहचान मजबूत करने पर काम होगा।

Jain Resource Recycling

मेटल रीसाइक्लिंग कंपनी Jain Resource Recycling के तमिलनाडु प्लांट में भट्टी में विस्फोट हो गया। इस हादसे में एक कर्मचारी की मौत हो गई, जबकि कई लोग घायल हुए हैं। घटना के बाद प्लांट के प्रभावित हिस्से का काम अस्थायी रूप से रोक दिया गया है।

NBCC

सरकारी निर्माण कंपनी NBCC (India) के बोर्ड ने उसकी सब्सिडियरी HSCC (India) के कंपनी में विलय को मंजूरी दे दी है। यह विलय ‘गोइंग कंसर्न’ आधार पर किया जाएगा।

Netweb Share Price: डेटा सेंटर स्टॉक के लिए ₹5000 का टारगेट, BofA ने खरीदने की सलाह दी

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

क्या सोना बेचकर शेयर खरीदने का समय आ गया? एक्सपर्ट रोहित श्रीवास्तव ने निफ्टी और बैंक निफ्टी पर कर दी बड़ी भविष्यवाणी

शेयर बाजारों के सेंटीमेंट में पॉजिटिव बदलाव दिख रहा है। बीते करीब दो सालों में शेयर बाजार का रिटर्न अच्छा नहीं रहा है। पहले हाई वैल्यूएशन बड़ा चैलेंज था। इससे विदेशी निवेशकों ने भारतीय बाजार में बड़ी बिकवाली की। वैल्यूएशन अब घटा है। उधर, मध्यपूर्व में तनाव कम हुआ है। इससे क्रूड ऑयल की कीमतों में बड़ी गिरावट आई है। इसका पाॉजिटिव असर शेयर बाजारों पर दिख रहा है। सीएनबीसी-टीवी18 ने निवेश और शेयर बाजार के आउटुलक के बारे में जानने के लिए इंडियाचार्ट्स के फाउंडर रोहित श्रीवास्तव के साथ बातचीत की।

बाजार नई तेजी के शुरुआती चरण में

श्रीवास्तव ने कहा कि भारतीय शेयर बाजार कई वैश्विक और भू-राजनीतिक झटकों के बाद अब एक नए अपट्रेंड के शुरुआती चरण में है। बाजार पर अमेरिका-ईरान की लड़ाई, डॉलर के मुकाबले रुपये में कमजोरी और वैश्विक अर्थव्यवस्था में अनिश्चितता का असर पहले ही पड़ चुका है। उन्होंने कहा कि टेक्निकल चार्ट्स पर ‘हायर लो’ (Higher Lows) का बनना यह दर्शाता है कि बाजार का सेंटिमेंट बेहतर हो रहा है। बाजारों में इस तेजी के जारी रहने की संभावना है। निफ्टी 24,300 के लेवल को तोड़ने के बाद ऊंचाई का नया रिकॉर्ड बनाएगा। बैंक निफ्टी के भी 63,000 पर पहुंच जाने की उम्मीद है।

बैंकिंग और फाइनेंशियल स्टॉक्स की तेजी में बड़ी भूमिका

उन्होंने कहा कि मार्केट में अगले चरण की रैली में बैंकिंग और फाइनेंशियल स्टॉक्स का बड़ा योगदान होगा। यह सेक्टर आने वाले समय में स्टार परफॉर्मर बन सकता है। अगर आगे इंटरेस्ट रेट में कमी देखने को मिलती है तो इससे बैंकिंग सेक्टर को सपोर्ट मिलेगा। रुपये में स्थिरता भी बैंकिंग सेक्टर के लिए पॉजिटिव है। डॉलर के मुकाबले रुपये में कमजोरी पर लगाम लगी है। उधर,

रियल एस्टेट, एनर्जी, मेटल्स और पावर सेक्टर्स का आउटलुक पॉजिटिव दिख रहा है। इन सेक्टर्स में लॉन्ग टर्म के लिए अच्छा मोमेंटम दिख रहा है और निवेशकों को गिरावट पर खरीदारी के मौके ढूंढने चाहिए।

सोने की जगह यह शेयरों में निवेश बढ़ाने का समय

श्रीवास्तव ने कहा कि सोने और चांदी में शॉर्ट-टर्म मोमेंटम इंडिकेटर्स ओवरबॉट (overbought) की स्थिति का संकेत दे रहे हैं। इससे निकट अवधि में मुनाफावसूली दिख सकती है। उन्होंने कहा कि यह समय कीमती धातुओं (precious metals) पर फोकस थोड़ा कम कर शेयरों पर बढ़ाने का है। इसकी वजह यह है कि इक्विटी अब एक नए ‘गोल्ड’ के रूप में उभर रहा है। उन्होंने आईटी सेक्टर में कमजोरी जारी रहने का अनुमान जताया। इसका मतलब है कि निवेशकों को लार्जकैप आईटी शेयरों से दूर रहना चाहिए। इसके अलावा एफएमसीजी (FMCG) सेक्टर को लेकर भी सतर्क रुख अपनाने की जरूरत है।

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शेयर बाजारों में लगातार दूसरे दिन शानदार तेजी

शेयर बाजार में 2 अप्रैल को लगातार दूसरे दिन अच्छी तेजी दिखी। निफ्टी 0.71 फीसदी यानी 169 अंक चढ़कर 24,175 पर बंद हुआ। सेंसेक्स भी 0.75 फीसदी यानी 579 अंक के उछाल के साथ 77,502 पर क्लोज हुआ। हालांकि, बैंक निफ्टी नाममात्र की कमजोरी के साथ लाल निशान में बंद हुआ।

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LIC सहित इन 8 कंपनियों और बैंकों में हिस्सेदारी बेचेगी सरकार, IDBI Bank का शेयर 2.46% उछला

सरकार एलआईसी सहित 8 बड़ी सरकारी कंपनियों में हिस्सेदारी बेचेगी। क्रूड ऑयल की कीमतों में उछाल ने सरकार की वित्तीय सेहत पर दवाब बढ़ा दिया था। वित्तीय सेहत ठीक करने के लिए सरकार विनिवेश पर फोकस बढ़ाना चाहती है। इसके लिए एलआईसी, हिंदुस्तान जिंक सहित 8 कंपनियों में अगले कुछ महीनों में विनिवेश की प्रक्रिया शुरू हो सकती है। इनमें कुछ सरकारी बैंक भी शामिल हैं। मामले से जुड़े सूत्रों ने यह जानकारी दी।

LIC में हिस्सा बेचने से 10000 करोड़ मिल सकते हैं

Life Insurance Corporation (LIC) देश की सबसे बड़ी इंश्योरेंस कंपनी है। ब्लूमबर्ग ने पहले खबर दी थी कि इस कंपनी में हिस्सेदारी बेच सरकार 10,000 करोड़ रुपये जुटाना चाहती है। Hindustan Zinc के शेयरों में हिस्सेदारी बेचने से सरकार को 5,000 करोड़ रुपये मिल सकते हैं। सरकार के विनिवेश कार्यक्रम से जुड़े अधिकारी हर हफ्ते इस बारे में मीटिंग कर रहे हैं। इनवेस्टमेंट बैंकर्स इनवेस्टर्स डिमांड का पता लगा रहे हैं। वे शेयरों की कीमत और बिक्री के समय के बारे में भी विचार कर रहे हैं। मामले से जुड़े लोगों ने नाम जाहिर नहीं करने की शर्त पर यह जानकारी दी।

IDBI Bank के लिए भी नई बोलियां आमंत्रित की जा सकती हैं

इस मामले के बारे में जानकारी देने वाले लोगों ने यह भी बताया कि भविष्य में कुछ और सरकारी कंपनियों में हिस्सेदारी बेचने के लिए अतिरिक्त बैंकर्स की नियुक्ति की जा रही है। अथॉरिटीज IDBI Bank में ब़ड़ी हिस्सेदारी बेचने के लिए नई बोलियां (bids) आमंत्रित करने के बारे में भी सोच रही है। इसके लिए सरकार रिजर्व प्राइस में कमी कर सकती है। इससे पहले आईडीबीआई बैंक में हिस्सेदारी बेचने की प्रक्रिया इसलिए रोक दी गई थी, क्योंकि खरीदारों ने ज्यादा दिलचस्पी नहीं दिखाई थी। 2 जुलाई को IDBI Bank के शेयर में तेजी दिखी। यह 2.46 फीसदी चढ़कर 84.30 रुपये पर चल रहा था।

विदेशी निवेशकों ने इस साल 29 अरब डॉलर की बिकवाली की

इस बारे में पूछने पर वित्त मंत्रालय के प्रवक्ता ने टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। सरकार ऐसे वक्त अपनी कंपनियों में हिस्सेदारी बेचने जा रही है, जब विदेशी निवेशकों की बिकवाली से भारतीय बाजार के सेंटिमेंट पर असर पड़ा है। इस साल की पहली छमाही में विदेशी निवेशकों ने भारतीय बाजार में 29 अरब डॉलर की बिकवाली की है। इस दौरान निफ्टी में करीब 9 फीसदी की गिरावट में इसका बड़ा हाथ है।

इस साल जियो प्लेटफॉर्म्स और एनएसई के मेगा आईपीओ भी आएंगे

इस साल Jio Platforms और NSE के आईपीओ भी आने वाले हैं। सरकार के अपनी कंपनियों में हिस्सेदारी बेचने के प्लान पर इन आईपीओ का असर पड़ सकता है, क्योंकि ये दोनों ही आईपीओ काफी ज्यादा अमाउंट के होंगे। इस मामले की जानकारी देने वाले एक व्यक्ति ने बताया कि सरकार पहले Coal India और NHPC में हिस्सेदारी बेचकर निवेशकों के रिस्पॉन्स का पता लगाना चाहती है।

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सरकार का विनिवेश से 80,000 करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य

सरकार ने इस वित्त वर्ष में सरकारी कंपनियों में हिस्सेदारी बेचकर 80,000 करोड़ रुपये जुटाने का लक्ष्य तय किया है। अप्रैल से जून के दौरान सरकार ने विनिवेश से करीब 2 अरब डॉलर (18,000 करोड़ रुपये से ज्यादा) जुटाए  हैं। यह बीते तीन सालों में हर साल विनिवेश से आए कुल अमाउंट से ज्यादा है। 2 जुलाई को शेयर बाजारों में तेजी दिखी। सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में 0.50 फीसदी से ज्यादा मजबूती थी।