Stocks to Watch: 19 अक्टूबर को Axis Bank, Yes Bank, HDFC Bank, RailTel, Zen Tech समेत इन शेयरों पर नजर, दिख सकती है बड़ी उठापटक

सोमवार, 19 अक्टूबर को कई शेयर फोकस में रहने वाले हैं। लिस्ट में एक्सिस बैंक, HDFC Bank, यस बैंक, IDBI Bank, रेलटेल, जेन टेक्नोलोजिज, वेदांता जैसे कई नाम शामिल हैं। इन शेयरों में बड़ी उठापटक दिख सकती है। वजह हैं- तिमाही नतीजे, कारोबार से जुड़े डेवलपमेंट्स, नई डील या कॉन्ट्रैक्ट, आदि। इसके अलावा सोमवार को एक शेयर एक्स-स्टॉक स्प्लिट ट्रेड करने वाला है। आइए डिटेल में जानते हैं किन प्रमुख शेयरों पर रहेगी नजर…

आज इन कंपनियों के तिमाही नतीजे

बजाज फाइनेंस, अल्ट्राटेक सीमेंट, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, एलएंडटी टेक्नोलॉजी सर्विसेज, भंसाली इंजीनियरिंग पॉलीमर्स, HFCL, हिंदुस्तान जिंक, जस्ट डायल, डेल्टा कॉर्प, एलीवेट कैंपस, पिरामल फाइनेंस, SML महिंद्रा, वरमोरा ग्रैनिटो, शोभा, तत्व चिंतन फार्मा केम और वारी रिन्यूएबल टेक्नोलॉजीस

इन शेयरों पर रहेगी खास नजर

ICICI Bank: Q2 (जुलाई-सितंबर 2026 तिमाही) में स्टैंडअलोन बेसिस पर मुनाफा सालाना आधार पर 20.1% बढ़कर 14,843 करोड़ रुपये हो गया। नेट इंटरेस्ट इनकम 17.7% बढ़कर 25,338.7 करोड़ रुपये हो गई। ग्रॉस NPA घटकर 1.20% हो गया, नेट NPA घटकर 0.30% हो गया।

Axis Bank: Q2 में स्टैंडअलोन बेसिस पर शुद्ध मुनाफा 7,003.28 करोड़ रुपये रहा। यह एक साल पहले के मुनाफे से 37.59 प्रतिशत ज्यादा है। शुद्ध ब्याज आय सालाना आधार पर 11.8 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 15,371.4 करोड़ रुपये हो गई। शुद्ध ब्याज मार्जिन 3.36 प्रतिशत दर्ज किया गया। ग्रॉस NPA रेशियो घटकर 1.16 प्रतिशत रहा। नेट NPA रेशियो भी कम होकर 0.35 प्रतिशत हो गया।

Yes Bank: Q2 में सालाना आधार पर स्टैंडअलोन मुनाफा 65% बढ़कर 1,080 करोड़ रुपये हो गया। नेट इंटरेस्ट इनकम 22.7% बढ़कर 2,822 करोड़ रुपये हो गई। ग्रॉस NPA 1.2% और नेट NPA 0.2% दर्ज किया गया।

HDFC Bank: Q2 में सालाना आधार पर स्टैंडअलोन मुनाफा 4.7% बढ़कर 19,510 करोड़ रुपये हो गया। नेट इंटरेस्ट इनकम 9.7% बढ़कर 34,619.2 करोड़ रुपये हो गई। ग्रॉस NPA घटकर 1.11% और नेट NPA घटकर 0.37% हो गया।

IDBI Bank: Q2 में स्टैंडअलोन मुनाफा सालाना आधार पर 39 प्रतिशत घटकर 2205.45 करोड़ रुपये रहा। शुद्ध ब्याज आय सालाना आधार पर 28.7 प्रतिशत बढ़कर 4,228 करोड़ रुपये हो गई। ग्रॉस NPA रेशियो घटकर 2.12 प्रतिशत और नेट NPA रेशियो घटकर 0.17 प्रतिशत पर आ गया।

सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया: Q2 में सालाना आधार पर स्टैंडअलोन मुनाफे में 21.1% का उछाल आया और यह 1,468.9 करोड़ रुपये हो गया। नेट इंटरेस्ट इनकम 26.3% बढ़कर 4,145.2 करोड़ रुपये हो गई। ग्रॉस NPA रेशियो 2.39% और नेट NPA रेशियो 0.31% रहा।

पंजाब नेशनल बैंक: Q2 में सालाना आधार पर स्टैंडअलोन मुनाफा 12.8% बढ़कर 5,532.2 करोड़ रुपये हो गया। नेट इंटरेस्ट इनकम 10.8% बढ़कर 11,601.3 करोड़ रुपये रही। ग्रॉस NPA रेशियो 2.55% और नेट NPA रेशियो 0.25% दर्ज किया गया।

अर्बन कंपनी: Q2 में सालाना आधार पर कंसोलिडेटेड घाटा बढ़कर 182.5 करोड़ रुपये हो गया। रेवेन्यू 41.4% बढ़कर 537.3 करोड़ रुपये हो गया। कंपनी के बोर्ड ने इक्विटी और कनव​र्टिबल सिक्योरिटीज के जरिए 2,500 करोड़ रुपये तक जुटाने को मंजूरी दी है।

LTM: Q2 में सालाना आधार पर कंसोलिडेटेड मुनाफा 0.2% घटकर 1,397.9 करोड़ रुपये रह गया। रेवेन्यू 13.6% बढ़कर 11,807.6 करोड़ रुपये हो गया। LTM ने प्रति शेयर 25 रुपये का अंतरिम डिविडेंड घोषित किया है।

ले ट्रैवेन्यूज टेक्नोलॉजी (Ixigo): Q2 में सालाना आधार पर कंसोलिडेटेड मुनाफा 61.3 करोड़ रुपये रहा, जबकि एक साल पहले कंपनी 3.2 करोड़ रुपये के घाटे में थी। रेवेन्यू 12.9% बढ़कर 320.96 करोड़ रुपये हो गया।

RailTel: कंपनी को रेलवे रिक्रूटमेंट बोर्ड (RRB), सिकंदराबाद से 167.52 करोड़ रुपये का ‘लेटर ऑफ एक्सेप्टेंस’ (LoA) मिला है। यह RRB भर्ती प्रक्रिया के परीक्षा-पूर्व और परीक्षा-बाद के चरणों के लिए AM-RMS सेवाएं प्रदान करने से संबंधित है। इसके अलावा RailTel को ‘हेल्थ इंश्योरेंस TPA ऑफ इंडिया’ से 18.99 करोड़ रुपये का परचेज ऑर्डर मिला है। इसके तहत कंपनी 3 साल की अवधि के लिए IT इंफ्रास्ट्रक्चर और साइबर सुरक्षा समाधान उपलब्ध कराएगी।

Zen Technologies: यह कॉग्निट सिमेंटिक्स प्राइवेट लिमिटेड (CSPL) में 51.98 प्रतिशत हिस्सेदारी खरीद रही है। कंपनी के बोर्ड ने 17 अक्टूबर की मीटिंग में इस प्रस्ताव को मंजूरी दी। उसी दिन कंपनी ने शेयर परचेज एग्रीमेंट, शेयर सब्सक्रिप्शन एग्रीमेंट और शेयरहोल्डर्स एग्रीमेंट कर लिया। डील पूरी होने के बाद कॉग्निट सिमेंटिक्स, जेन टेक की सब्सिडियरी बन जाएगी। यह खरीद फुली डाइल्यूटेड बेसिस पर 135.15 करोड़ रुपये में होगी।

GPT इंफ्राप्रोजेक्ट्स: कंपनी को वेस्टर्न रेलवे के भावनगर डिवीजन के ‘चीफ सिग्नल एंड टेलीकम्युनिकेशन इंजीनियर’ (CSTE) से 149.5 करोड़ रुपये का ऑर्डर मिला है। साथ ही, वेस्टर्न रेलवे के ही रतलाम डिवीजन से सिग्नलिंग कार्यों के लिए 134.11 करोड़ रुपये का एक और वर्क ऑर्डर मिला है।

ACME Solar Holdings: कंपनी की सब्सिडियरी, ‘एक्मे ग्रीनटेक ट्वेंटी’ ने ‘सोलर एनर्जी कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया’ (SECI) के साथ एक ‘पावर परचेज एग्रीमेंट’ किया है। यह समझौता FDRE ट्रेंच IX के तहत 300 MW के ‘अश्योर्ड पीक पावर प्रोजेक्ट’ के लिए है, जिसमें टैरिफ 6 रुपये प्रति यूनिट तय किया गया है।

LCC Projects: कंपनी को गुजरात सरकार से एक इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट और कंस्ट्रक्शन (EPC) कॉन्ट्रैक्ट के लिए ‘एक्सेप्टेंस ऑफ टेंडर’ मिला है। इस कॉन्ट्रैक्ट में मच्छु-I बांध से त्रिवेणी थंगा जलाशय और वांकानेर व चोटिला तालुका के विभिन्न गांवों तक पानी की आपूर्ति करना शामिल है। इस कॉन्ट्रैक्ट में 10 वर्षों तक प्रोजेक्ट के संचालन और रखरखाव का काम भी शामिल है। कॉन्ट्रैक्ट की कुल अनुमानित वैल्यू 151.57 करोड़ रुपये है।

Vedanta: कंपनी ने ‘वेदांता जिंक इंटरनेशनल’ (VZI) के तहत ‘गाम्सबर्ग प्रोजेक्ट’ के दूसरे चरण में लगभग 60 करोड़ डॉलर का निवेश करने की घोषणा की है। इसके जरिए दक्षिण अफ्रीका में कंपनी की सालाना जिंक उत्पादन क्षमता दोगुनी होकर 5 लाख टन हो जाएगी।

ग्लोबल सेटअप क्या बिगाड़ेगा खेल या बाजार दिखाएगा अपनी चाल, जानें गिफ्ट निफ्टी से कैसे मिल रहे संकेत

RBL Bank: बैंक को भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) से ‘एमिरेट्स NBD बैंक PJSC’ की सभी भारतीय शाखाओं को RBL बैंक में विलय करने की मंजूरी मिल गई है। यह विलय 1 दिसंबर, 2026 से प्रभावी होगा।

पावर ग्रिड कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया: कंपनी को ‘बिल्ड, ओन, ऑपरेट एंड ट्रांसफर’ (BOOT) मॉडल पर 765 kV GIS पुणे वेस्ट ट्रांसमिशन प्रोजेक्ट लगाने के लिए सफल बोलीदाता घोषित किया गया है। इसके लिए वार्षिक ट्रांसमिशन शुल्क 199.55 करोड़ रुपये तय किया गया है। इस प्रोजेक्ट में महाराष्ट्र के पुणे वेस्ट में एक नया 765/400 kV गैस-इंसुलेटेड स्विचगियर (GIS) सबस्टेशन लगाना शामिल है। इसके अलावा, इसमें पूरे महाराष्ट्र में 765 kV और 400 kV ट्रांसमिशन लाइनों का निर्माण और उनसे जुड़े बे (bays) का काम भी शामिल है।

स्टॉक स्प्लिट के लिए यह शेयर करेगा एक्स-ट्रेड

जटाशंकर इंडस्ट्रीज

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

IDBI Bank Q2 Results: सितंबर तिमाही में मुनाफा 39% घटकर ₹2205 करोड़, NII में 29% का इजाफा

IDBI Bank ने जुलाई-सितंबर 2026 तिमाही के नतीजे जारी कर दिए हैं। तिमाही के दौरान बैंक का शुद्ध स्टैंडअलोन मुनाफा सालाना आधार पर 39 प्रतिशत घटकर 2205.45 करोड़ रुपये रहा। एक साल पहले मुनाफा 3627.36 करोड़ रुपये था। कुल इनकम लगभग 3 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ 9865.12 करोड़ रुपये हो गई। सितंबर 2025 तिमाही में यह 9593.64 करोड़ रुपये थी।

बैंक ने शेयर बाजारों को बताया है कि सितंबर 2026 तिमाही में उसकी शुद्ध ब्याज आय (NII) सालाना आधार पर 28.7 प्रतिशत बढ़कर 4,227 करोड़ रुपये हो गई। एक साल पहले यह 3,285 करोड़ रुपये थी। ऑपरेटिंग प्रॉफिट घटकर 2892.51 करोड़ रुपये रह गया, जो सितंबर 2025 तिमाही में 3,522.78 करोड़ रुपये था। शुद्ध ब्याज मार्जिन बढ़कर 4.11 प्रतिशत हो गया, जो एक एक साल पहले 3.71 प्रतिशत था।

NPA का हाल

सितंबर 2026 तिमाही में IDBI Bank का ग्रॉस NPA (नॉन-परफॉर्मिंग एसेट्स) रेशियो 2.12 प्रतिशत रहा। एक साल पहले यह 2 65 प्रतिशत था। नेट NPA रेशियो भी सालाना आधार पर कम होकर 0.17 प्रतिशत पर आ गया। सितंबर 2025 तिमाही में यह 0.21 प्रतिशत था। एसेट्स पर रिटर्न घटकर 1.83 प्रतिशत रह गया, जो सितंबर 2025 तिमाही में 3.55 प्रतिशत था।

Axis Bank Q2 Results: सितंबर तिमाही में मुनाफा 38% बढ़ा, NII में 12% का इजाफा; NPA घटा

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

FD Calculator: 5 लाख रुपये का बैंक एफडी 5 साल के लिए करने पर पैसा कितना बढ़कर मिलेगा?

बैंक फिक्स्ड डिपॉजिट में एक बार फिर से लोगों की दिलचस्पी बढ़ती दिख रही है। इसकी वजह आरबीआई का इंटरेस्ट रेट बढ़ाने का फैसला है। केंद्रीय बैंक ने 7 अक्टूबर को अपनी मॉनेटरी पॉलिसी में रेपो रेट 5.25 फीसदी से बढ़ाकर 5.5 फीसदी कर दिया। इसके बाद बैंक भी एफडी पर इंटरेस्ट रेट बढ़ाएंगे।

अगर अभी आपको 5 लाख रुपये का एफडी 5 साल के लिए करना हो तो उस बैंक में करना ठीक रहेगा, जिसका इंटरेस्ट रेट ज्यादा है। इसके लिए स्मॉल फाइनेंस बैंक, सरकारी बैंक और प्राइवेट बैंकों के एफडी के इंटरेस्ट रेट के बारे में जान लेना जरूरी है। इससे फैसला लेना आसान हो जाएगा।

स्मॉल फाइनेंस बैंक (SFB) के FD पर इंटरेस्ट रेट्स

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सरकारी बैंकों के एफडी पर इंटरेस्ट रेट्स

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प्राइवेट बैंकों के एफडी पर इंटरेस्ट रेट्स

एसबीएम बैंक इंडिया 7.65%
DCB बैंक7.50%
यस बैंक7.25%
कोटक महिंद्रा बैंक 6.65%
IDFC First Bank7.10%
IDBI Bank 6.55%
एक्सिस बैंक 6.50%
HDFC Bank 6.50%
ICICI Bank 6.50%

एक्सपर्ट का कहना है कि स्मॉल फाइनेंस बैंक एफडी पर सबसे ज्यादा इंटरेस्ट रेट ऑफर कर रहे हैं। आप सूर्योंदय स्मॉल फाइनेंस बैंक में 8.25 फीसदी सालाना इंटरेस्ट रेट पर 5 लाख रुपये का एफडी 5 साल के लिए कर सकते हैं। 5 साल बाद आपको कुल 7,52,132 रुपये मिलेंगे। इसमें इंटरेस्ट के 2,52,132 रुपये शामिल हैं।

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एफडी 5 लाख से ज्यादा तो अलग-अलग बैंक में करने में फायदा

एक्सपर्ट्स का कहना है कि जो लोग 5 लाख से ज्यादा रुपये का एफडी करना चाहते हैं, उन्हें एक बैंक में नहीं कर अलग-अलग बैंकों में करना चाहिए। इसकी वजह यह है कि बैंक में एफडी पर मैक्सिम इंश्योरेंस कवर 5 लाख रुपये है। इसका मतलब है कि किसी अनहोनी की स्थिति में बैंक डिपॉजिटर्स को मैक्सिमम 5 लाख रुपये तक वापस करता है। अगर किसी डिपॉजिटर के एफडी में 10 लाख हैं तो भी उसे 5 लाख का ही बीमा का पैसा मिलेगा।

डिसक्लेमर: मनीकंट्रोल पर एक्सपर्ट्स की तरफ से व्यक्त विचार उनके अपने विचार होते हैं। ये वेबसाइट या इसके मैनेजमेंट के विचार नहीं होते। मनीकंट्रोल की यूजर्स को सलाह है कि उन्हें निवेश का फैसला लेने से पहले सर्टिफायड एक्सपर्ट्स की राय लेनी चाहिए।

Bond Investment: PB Money पर खरीद सकेंगे बॉन्ड्स, मिल गया SEBI से लाइसेंस

पीबी मनी (PB Money) को मार्केट रेगुलेटर सेबी से ऑनलाइन बॉन्ड प्लेटफॉर्म प्रोवाइडर (OBPP) के रूप में काम करने का लाइसेंस मिल गया है। यह पैसाबाजार (Paisabazaar) के साथ रणनीतिक साझेदारी वाला एक निवेश प्लेटफॉर्म है। अब इसे ऑनलाइन बॉन्ड प्लेटफॉर्म का लाइसेंस मिला है तो कंपनी अपने डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए निवेशकों को बॉन्ड में निवेश करने की सुविधा दे सकेगी। बॉन्ड्स फिक्स्ड-इनकम इंस्ट्रूमेंट्स होते हैं, जिसमें उनके टर्म्स के आधार पर ब्याज मिलता है। हालांकि इसमें हर मामले में रिटर्न की गारंटी नहीं होती है बल्कि कुछ रिस्क भी होते हैं। इसमें निवेशकों को बॉन्ड इश्यू करने वाले यानी इश्यूअर के डिफॉल्ट होने, मार्केट में ब्याज दरों में बदलाव और लिक्विडिटी से जुड़ी चिंताओं जैसे रिस्क हैं।

PB Money को लाइसेंस का क्या है मतलब?

कंपनी ने 14 अक्टूबर को जो बयान जारी किया है, उसके मुताबिक सेबी से लाइसेंस मिलने के बाद पीबी मनी बॉन्ड इंवेस्टमेंट के पूरे प्रोसेस को ऑपरेट कर सकेगी। इससे कंपनी निवेशकों का रजिस्ट्रेशनस केवाईसी वेरिफिकेशन, बॉन्ड डिस्कवरी, ऑर्डर प्लेसमेंट, पेमेंट कोऑर्डिनेशन, और पोस्ट-इंवेस्टमेंट सर्विसिंग ऑफर कर सकेगी। साथ ही निवेशक प्लेटफॉर्म पर यील्ड यानी रिटर्न, क्रेडिट रेटिंग और इंवेस्टमेंट अमाउंट जैसे मानकों के आधार पर बॉन्ड तलाश सकेंगे। इससे उन्हें उपलब्ध विकल्पों की तुलना करने में मदद मिलेगी।

कब से शुरू कर सकेंगे बॉन्ड्स में निवेश

घरेलू स्टॉक मार्केट में लिस्टेड पीबी फिनटेक (PB Fintech) की पैसाबाजार के निवेश प्लेटफॉर्म पीबी मनी को बॉन्ड प्लेटफॉर्म के तौर पर काम करने का लाइसेंस मिला है। पीबी मनी के डायरेक्टर और पैसाबाजार के सीईओ संतोष अग्रवाल का कहना है कि इस लाइसेंस से बॉन्ड्स में निवेश आसान होगा और खुदरा निवेशकों की फिक्स्ड-इनकम प्रोडक्ट्स तक पहुंच बढ़ेगी। कंपनी को यह लाइसेंस ऐसे समय में मिला है जब पीबी मनी डिजिटल माध्यमों से अपने निवेश विकल्पों का विस्तार करने की योजना बना रही है। हालांकि कंपनी ने यह नहीं बताया है कि इस लाइसेंस के तहत प्लेटफॉर्म पर निवेश की सुविधा कब से शुरू होगी, या शुरुआत में कौन-से बॉन्ड उपलब्ध होंगे।

IDBI Bank की 60% हिस्सेदारी खरीदेगी Fairfax, लेकिन डील का इस शेयर पर भी दिखेगा असर

IDBI Bank की 60% हिस्सेदारी खरीदेगी Fairfax, लेकिन डील का इस शेयर पर भी दिखेगा असर

CSB Bank Share Price: केरलम के थ्रिसूर की प्राइवेट लेंडर सीएसबी बैंक के शेयरों पर आज इसलिए नजर रहेगी क्योंकि इसके प्रमोटर ने एक और बैंक पर दांव लगाया है। एक कारोबारी दिन पहले सामने आया कि आईडीबीआई बैंक (IDBI Bank) की कंट्रोलिंग हिस्सेदारी फेयरफैक्स (Fairfax) खरीदने जा रही है, जोकि सीएसबी बैंक की प्रमोटर है। अभी सीएसबी बैंक के शेयरों की बात करें तो एक कारोबारी दिन पहले 14 अक्टूबर को बीएसई पर यह 4.07% की बढ़त के साथ ₹320.95 पर बंद हुआ था। आईडीबीआई बैंक का भी शेयर बीएसई पर 9.07% के उछाल के साथ ₹90.44 पर बंद हुआ।

IDBI Bank में कितनी हिस्सेदारी खरीदेगी Fairfax और क्या है CSB Bank से कनेक्शन

केंद्रीय कैबिनेट ने आईडीबीआई बैंक की रीस्ट्रक्चरिंग को मंजूरी दे दी है। फेयरफैक्स सरकार और एलआईसी से आईडीबीआई बैंक में 60.72% हिस्सेदारी ₹52,878 करोड़ में खरीदेगी। इसमें से 30.48% हिस्सेदारी सरकार और 30.24% हिस्सेदारी एलआईसी बेचेगी, जिसे कनाडा इंक खरीदेगी। इसकी पेरेंट कंपनी फेयरफैक्स फाइनेंशियल होल्डिंग्स है। इस डील के पूरा होने के बाद यह फाइनेंशियल सर्विसेज सेक्टर में अब तक की सबसे बड़ी एफडीआई डील होगी।

अब सवाल उठता है कि आईडीबीआई बैंक में हिस्सेदारी बिक्री का सीएसबी बैंक से क्या लेना-देना है। सितंबर तिमाही के आखिरी में एफआईएच मॉरीशस इंवेस्टमेंट्स की इसमें 40% हिस्सेदारी है, जोकि फेयरफैक्स की एक एंटिटी है।

क्या दो बैंक में हो सकती है होल्डिंग?

बैंक ओनरशिप और कंट्रोल को लेकर आरबीआई के नियमों के मुताबिक कोई प्रमोटर एंटिटी एक समय में दो प्रतिस्पर्धी बैंक नहीं चला सकती है। ऐसे में अगर आईडीबीआई बैंक में हिस्सेदारी खरीदने के लिए फेयरफैक्स को मंजूरी मिलती है तो इसे या तो सीएसबी बैंक में हिस्सा बेचना होगा या आईडीबीआई बैंक के साथ विलय का रास्ता निकालना होगा यानी कि इंटीग्रेशन प्रोसेस और अधिक कॉम्प्लेक्स हो सकता है। सीएसबी बैंक बात करें तो इसमें फेयरफैक्स इकलौती प्रमोटर एंटिटी है और बाकी 60% पब्लिक शेयरहोल्डर्स हैं। सितंबर तिमाही के शेयरहोल्डिंग पैटर्न के हिसाब से इसमें म्यूचुअल फंड्स की हिस्सेदारी 13.15% है। साथ ही ₹2 लाख तक के निवेश वाले करीब 63 हजार खुदरा निवेशकों की इसमें 12.56% हिस्सेदारी है।

कैसी है सेहत

सीएसबी बैंक ने हाल ही में सितंबर तिमाही का बिजनेस अपडेट जारी किया है, जिसमें सामने आया कि बैंक का ग्रास एडवांसेज सालाना 22% और डिपॉजिट्स 18% की रफ्तार से बढ़ा। इस दौरान टर्म डिपॉजिट्स भी 22% बढ़ा तो गोल्ड लोन बिजनेस की ग्रोथ 36% रही। अब एक साल में शेयरों के चाल की बात करें इसने निवेशकों को तगड़ा शॉक दिया है। 5 जनवरी 2026 को बीएसई पर यह एक साल के रिकॉर्ड हाई लेवल ₹574.70 पर था, जिससे आठ महीने में यह 48.65% टूटकर 15 सितंबर 2026 को एक साल के निचले स्तर पर आ गया। हालांकि अभी भी यह ₹197 के आईपीओ प्राइस से ऊपर है।

IDBI Bank की रीस्ट्रक्चरिंग को कैबिनेट की मंजूरी, फेयरफैक्स खरीदेगी सरकार और LIC से हिस्सेदारी

डिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

Stocks to Watch: Sensex की एक्सपायरी; IDBI Bank, HDB Financial और OM Power समेत 15 स्टॉक्स फोकस में

Stocks to Watch: एशियाई बाजारों में भारी बिकवाली के बीच गिफ्ट निफ्टी से आज घरेलू स्टॉक मार्केट में भी हल्की गिरावट के साथ शुरुआत के संकेत मिल रहे हैं। गिफ्ट निफ्टी फिलहाल 10.50 प्वाइंट्स यानी 0.05% की फिसलन के साथ 22,612.00 पर है। चूंकि आज सेंसेक्स की वीकली एक्सपायरी है तो मार्केट में तेज हलचल दिख सकती है। एक कारोबारी दिन पहले 14 अक्टूबर को सेंसेक्स (Sensex) 251.89 प्वाइंट्स यानी 0.34% की गिरावट के साथ 72,781.89 और निफ्टी 50 (Nifty 50) भी 99.25 प्वाइंट्स यानी 0.44% की फिसलन के साथ 22,622.70 पर बंद हुआ था। अब आज इंडिविजुअल स्टॉक्स की बात करें तो अपनी खास कॉरपोरेट एक्टिविटीज के चलते कुछ स्टॉक्स में तेज हलचल दिख सकती है। यहां इन शेयरों के बारे में डिटेल्स दी जा रही है।

Stocks to Watch: आज इन स्टॉक्स पर फोकस

ICICI Lombard General Insurance Company Q2 (YoY)

सितंबर 2026 तिमाही में सालाना आधार पर आईसीआईसीआई जनरल इंश्योरेंस कंपनी का मुनाफा 15.47% बढ़कर ₹946.4 करोड़, प्रीमियम से नेट कमाई 17.7% उछलकर ₹6,651.87 करोड़ और टोटल इनकम 19.2% बढ़कर ₹7,843.7 करोड़ पर पहुंच गया। हालांकि इस दौरान बीमा कंपनी का अंडरराइटिंग लॉस भी ₹178.36 करोड़ से ₹318.38 करोड़ पर पहुंच गया। साथ ही बोर्ड ने हर शेयर पर ₹7 के अंतरिम डिविडेंड को भी मंजूरी दी है।

HDB Financial Services Q2 (YoY)

सितंबर 2026 तिमाही में सालाना आधार पर एचडीबी फाइनेंशियल सर्विसेज का मुनाफा 34.2% बढ़कर ₹780.2 करोड़ और प्रीमियम से नेट कमाई 15.6% उछलकर ₹2,533.7 करोड़ पर पहुंच गया।

Bajaj Consumer Care Q2 (Consolidated YoY)

सितंबर 2026 तिमाही में सालाना आधार पर बजाज कंज्यूमर केयर का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 65.9% बढ़कर ₹70.2 करोड़ और रेवेन्यू 25.5% उछलकर ₹332.8 करोड़ पर पहुंच गया।

Tata Technologies Q2 (Consolidated YoY)

सितंबर 2026 तिमाही में सालाना आधार पर टाटा टेक्नोलॉजीज का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 3.6% बढ़कर ₹171.44 करोड़ और रेवेन्यू 28.4% उछलकर ₹1698.8 करोड़ पर पहुंच गया।

Ceat Q2 (Consolidated YoY)

सितंबर 2026 तिमाही में सालाना आधार पर सिएट का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 39.8% फिसलकर ₹112 करोड़ पर आ गया लेकिन रेवेन्यू 26.2% उछलकर ₹4,762 करोड़ पर पहुंच गया। इस दौरान कंपनी जीरो से ₹13 करोड़ के एक्सपेश्नल लॉस में आ गई, जो कि वालंटरी रिटायरमेंट स्कीम से जुड़ा है।

Mangalore Refinery and Petrochemicals Q2 (Consolidated YoY)

सितंबर 2026 तिमाही में सालाना आधार पर मंगलोर रिफाइनरी एंड पेट्रोकेमिकल्स का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 203% बढ़कर ₹1900.8 करोड़ और रेवेन्यू (एक्साइज ड्यूटी छोड़कर) 43.6% उछलकर ₹32,516.2 करोड़ पर पहुंच गया।

Hathway Cable and Datacom Q2 (Consolidated YoY)

सितंबर 2026 तिमाही में सालाना आधार पर हाथवे केबल एंड डेटाकॉम का कंसालिडेटेड प्रॉफिट 44.3% बढ़कर ₹10.16 करोड़ और रेवेन्यू 5.7% उछलकर ₹567.5 करोड़ पर पहुंच गया।

Reliance Industries

रिलायंस इंडस्ट्रीज की सब्सिडियरी जियो प्लेटफॉर्म्स का ₹30,187.6 करोड़ का आईपीओ पब्लिक सब्सक्रिप्शन के लिए 21 अक्टूबर को खुलेगा और 23 अक्टूबर को बंद होगा। इस आईपीओ के लिए प्राइस बैंड प्रति शेयक ₹1,065–₹1,119 फिक्स किया है। इस इश्यू के तहत 27 करोड़ नए शेयर जारी होंगे। इसमें ₹500 करोड़ के शेयर तो जियो प्लेटफॉर्म्स के एलिजिबल एंप्लॉयीज और ₹2500 करोड़ के शेयर रिलायंस इंडस्ट्रीज के एलिजिबल शेयरहोल्डर्स के लिए आरक्षित हैं।

IDBI Bank

फेयरफैक्स फाइेंशियल होल्डिंग्स की कनाडा इंक को आईडीबीआई बैंक खरीदने की मंजूरी मिल गई है। सरकार और एलआईसी इसमें कुल मिलाकर 60.72% हिस्सेदारी ₹52,878 करोड़ में बेच रही है। सरकार बैंक में अपनी 30.48% और एलआईसी 30.24% हिस्सेदारी बेच रही है। कनाडा इंक इसे प्रति शेयर ₹81 के भाव पर खरीद रही है। सौदे के बाद सरकार की बैंक में 15% और एलआईसी के पास 19% हिस्सेदारी रह जाएगी।

Dr Reddy’s Laboratories

अमेरिकी दवा नियामक एफडीए ने आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम में डॉ रेड्डीज की एफटीओ-9 मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी की PAI (प्री-अप्रूवल इंस्पेक्शन) पूरी कर ली है। 8-9 अक्टूबर की जां के बाद तीन ऑब्जर्वेशन के साथ फॉर्म 483 जारी हुआ है।

Enviro Infra Engineers

एनवायरो इंफ्रा इंजीनियर्स की सब्सिडियरी सुयोग ऊर्जा को एरी एनर्जी एलएलपी से ₹228 करोड़ के प्रोजेक्ट के लिए LoI (लेटर ऑफ इंटेंट) मिला है। इस प्रोजेक्ट में महाराष्ट्र के लातूर में 100 MW के अजनी विंड पावर प्रोजेक्ट के डेवलपमेंट के लिए EPC (इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट एंड कंस्ट्रक्शन) टर्न्की काम शामिल हैं।

Om Power Transmission

ओम पावर ट्रांसमिशन को उत्तर गुजरात विज कंपनी से ₹101.56 करोड़ के टर्न्की कॉन्ट्रैक्ट के लिए LoA (लेटर ऑफ एक्सेप्टेंस) मिला है। इस कॉन्ट्रैक्ट में अंबाजी में मौजूदा इलेक्ट्रिकल लाइन नेटवर्क को अंडरग्राउंड केबल नेटवर्क में बदलने और उससे जुड़े अन्य काम हैं।

AceVector

ICICI सिक्योरिटीज प्राइमरी डीलरशिप ने ऐसवेक्टर के 32.91 लाख शेयर (0.6% हिस्सेदारी) ₹8.6 करोड़ में प्रति शेयर ₹26.27 के भाव पर बेच दिए।

Devson Catalyst

इंडिया मैक्स इन्वेस्टमेंट फंड ने डेवसन कैटलिस्ट के 72,000 इक्विटी शेयर (0.53% हिस्सेदारी) ₹2.75 करोड़ में प्रति शेयर ₹382.50 के भाव पर बेच दिए। 15 जुलाई, 2026 तक डेवसन कैटलिस्ट में इंडिया मैक्स इन्वेस्टमेंट फंड की 2.41% हिस्सेदारी (3.27 लाख शेयर) थी।

Fine Line Circuits

वॉलफोर्ट फाइनेंशियल सर्विसेज ने फाइन लाइन सर्किट्स के 25,000 शेयर (0.52% हिस्सेदारी) ₹20.71 लाख में प्रति शेयर ₹82.87 के भाव पर खरीदे।

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Stocks to Watch: 15 अक्टूबर को फोकस में रहेंगे ये 12 स्टॉक्स, राजेश एक्सपोर्ट्स से टाटा टेक्नोलॉजीज तक शामिल

Stocks to Watch: 15 अक्टूबर को शेयर बाजार में कई कंपनियों से जुड़ी अहम खबरों के चलते निवेशकों की नजर कुछ चुनिंदा स्टॉक्स पर रहेगी। कहीं तिमाही नतीजों में मुनाफे की तेज बढ़ोतरी देखने को मिली है, तो कहीं कमाई पर दबाव दिखा है। कुछ कंपनियों को नए ऑर्डर मिले हैं, जबकि कुछ में बड़े कारोबारी फैसले हुए हैं। इन खबरों का असर गुरुवार को शेयरों की चाल पर पड़ सकता है।

HDB Financial Services

NBFC कंपनी HDB Financial Services का मुनाफा वित्त वर्ष 2027 की दूसरी तिमाही में सालाना आधार पर 34% बढ़कर 780 करोड़ रुपये हो गया। पिछले साल इसी तिमाही में यह 581 करोड़ रुपये था। कंपनी की नेट इंटरेस्ट इनकम (NII) भी 15.5% बढ़कर 2,534 करोड़ रुपये पहुंच गई। कंपनी के बोर्ड ने 10 रुपये फेस वैल्यू वाले हर शेयर पर 2 रुपये के अंतरिम डिविडेंड का ऐलान किया है।

CEAT

टायर कंपनी CEAT का नेट प्रॉफिट सितंबर तिमाही में 39.8% घटकर 112 करोड़ रुपये रह गया। रेवेन्यू 26.2% बढ़कर 4,762 करोड़ रुपये पहुंच गया। कच्चे माल की बढ़ती कीमतों से मुनाफे पर दबाव पड़ा। EBITDA 9.1% गिरकर 457 करोड़ रुपये रहा और EBITDA मार्जिन 13.3% से घटकर 9.6% पर आ गया।

IDBI Bank

सरकारी बैंक IDBI Bank के रणनीतिक पुनर्गठन को कैबिनेट की आर्थिक मामलों की समिति (CCEA) ने मंजूरी दे दी है। बैंक में हिस्सेदारी बेचने के लिए Fairfax Financials को सफल बोलीदाता चुना गया है। पुनर्गठन के बाद सरकार और LIC की संयुक्त हिस्सेदारी 34% रहेगी। शेयर के लिए 75.99 रुपये का बेंचमार्क प्राइस तय किया गया था, जबकि 81 रुपये की सबसे ऊंची बोली स्वीकार की गई।

CSB Bank

निजी क्षेत्र के CSB Bank के सामने अब मर्जर या हिस्सेदारी बेचने का विकल्प हो सकता है। RBI के नियमों के मुताबिक, कोई प्रमोटर एक से ज्यादा बैंकों में कंट्रोलिंग हिस्सेदारी नहीं रख सकता। IDBI Bank के पुनर्गठन की मंजूरी के बाद Fairfax को CSB Bank का मर्जर IDBI Bank में करना पड़ सकता है या अपनी हिस्सेदारी बेचनी पड़ सकती है। प्रस्तावित ढांचे में दो साल के भीतर मर्जर का रास्ता शामिल है।

Rajesh Exports

SEBI ने Rajesh Exports और इसके चेयरमैन राजेश मेहता पर लगी अंतरिम पाबंदियां जारी रखने का फैसला किया है। कंपनी के वित्तीय खुलासों में गड़बड़ियों को लेकर रेगुलेटर की चिंताएं दूर नहीं हुई हैं। राजेश मेहता अगले आदेश तक कंपनी के शेयर खरीदने, बेचने या किसी भी तरह का कारोबार करने से प्रतिबंधित रहेंगे।

Reliance Industries

रिलायंस इंडस्ट्रीज ने अपनी सब्सिडियरी Jio Platforms के IPO के लिए अहम दस्तावेज यानी रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (RHP) जमा कर दिया है। IPO 21 अक्टूबर को खुलेगा और 23 अक्टूबर 2026 को बंद होगा। एंकर निवेशकों के लिए बोली 19 अक्टूबर को लगेगी। IPO में पात्र कर्मचारियों के लिए 500 करोड़ रुपये तक और रिलायंस इंडस्ट्रीज के पात्र शेयरधारकों के लिए 2,500 करोड़ रुपये तक के शेयर आरक्षित होंगे।

Tata Technologies

टाटा ग्रुप की इंजीनियरिंग कंपनी Tata Technologies का मुनाफा सालाना आधार पर 5% घटकर 171.4 करोड़ रुपये रह गया। पिछले साल इसी तिमाही में यह 181 करोड़ रुपये था। हालांकि, डॉलर में रेवेन्यू कॉन्स्टेंट करेंसी आधार पर 22% बढ़ा। सर्विसेज सेगमेंट का रेवेन्यू भी 26% बढ़ा। कंपनी को पूरे वित्त वर्ष में दोहरे अंकों की ग्रोथ की उम्मीद है।

MRPL

ONGC की सब्सिडियरी तेल कंपनी MRPL का सितंबर तिमाही में नेट प्रॉफिट करीब 195% बढ़कर 1,881 करोड़ रुपये हो गया, जो पिछले साल 639 करोड़ रुपये था। कंपनी का रेवेन्यू 37.1% बढ़कर 35,590 करोड़ रुपये पहुंच गया। वहीं, EBITDA दोगुने से ज्यादा बढ़कर 3,210 करोड़ रुपये हो गया, जबकि प्रॉफिट बिफोर टैक्स 2,519 करोड़ रुपये रहा।

Enviro Infra

इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी Enviro Infra को Arie Energy से महाराष्ट्र में 100 मेगावाट के अजनी विंड पावर प्रोजेक्ट के विकास के लिए 228 करोड़ रुपये का लेटर ऑफ इंटेंट (LoI) मिला है। यह ऑर्डर कंपनी के रिन्यूएबल एनर्जी कारोबार को बढ़ाने से जुड़ा है।

Aeroflex Industries

औद्योगिक उत्पाद बनाने वाली कंपनी Aeroflex Industries मार्च 2028 तक 202 करोड़ रुपये का निवेश करेगी। इस रकम से स्टेनलेस स्टील होज, होज असेंबली और लिक्विड कूलिंग सिस्टम बनाने की क्षमता बढ़ाई जाएगी। कंपनी को डेटा सेंटर और दूसरे औद्योगिक क्षेत्रों से बढ़ती मांग का फायदा मिलने की उम्मीद है।

Bajaj Consumer Care

FMCG कंपनी Bajaj Consumer Care का नेट प्रॉफिट सितंबर तिमाही में सालाना आधार पर 67.1% बढ़कर 70.2 करोड़ रुपये हो गया। पिछले साल इसी अवधि में कंपनी ने 42 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया था। रेवेन्यू 25.7% बढ़कर 333 करोड़ रुपये पहुंच गया।

Cemindia Projects

अदाणी ग्रुप की कंपनी Cemindia Projects ने संस्थागत निवेशकों से पैसा जुटाने के लिए QIP लॉन्च किया है। कंपनी 90.3 लाख तक शेयर जारी करेगी। इश्यू का फ्लोर प्राइस 1,158.58 रुपये प्रति शेयर तय किया गया है। संकेतात्मक इश्यू प्राइस 1,108 रुपये है, जो बुधवार के 1,153.50 रुपये के बंद भाव से करीब 4% डिस्काउंट पर है।

Jio Platforms IPO: जियो आईपीओ का प्राइस बैंड तय, 21 अक्टूबर से लगा सकेंगे पैसा; जानिए 8 बड़ी बातें

Disclaimer: मनीकंट्रोल, नेटवर्क18 ग्रुप का हिस्सा है। नेटवर्क18 का नियंत्रण इंडिपेंडेट मीडिया ट्रस्ट करता है, जिसकी एकमात्र लाभार्थी रिलायंस इंडस्ट्रीज है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

IDBI Bank में स्टेक सेल से विनिवेश के टारगेट से ज्यादा पैसे आएंगे

केंद्र सरकार को वित्त वर्ष 2026-27 में विनिवेश और एसेट मॉनेटाइजेशन से 88,000 करोड़ रुपये मिलेंगे। इससे FY19 के बाद पहली बार यह पैसा बजट में तय लक्ष्य से ज्यादा होगा। आधिकारिक सूत्रों ने यह जानकारी दी। इसमें आईडीबीआई के निजीकरण को बड़ा हाथ होगा।

बजट में 80000 करोड़ जुटाने का टारगेट 

सरकार ने बजट में FY27 में विनिवेश और एसेट मॉनेटाइजेशन से 80,000 करोड़ रुपये जुटाने का टारगेट तय किया है। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि आईडीबीआई बैंक की स्ट्रेटेजिक स्ट्रक्चरिंग से केंद्र सरकार को करीब 26,000 करोड़ रुपये मिलेंगे। यूनियन कैबिनेट ने बुधवार को आईडीबीआई बैंक की स्ट्रेटेजिक रीस्ट्रक्चरिंग को मंजूरी दे दी।

सरकार आईडीबीआई बैंक में बेच रही हिस्सेदारी

सरकार और एलआईसी दोनों आईडीबीआई बैंक में कंबाइंड 60.72 फीसदी हिस्सेदारी बेचने जा रहे हैं। फेयरफैक्स फाइनेंशियल होल्डिंग्स की सब्सिडियरी कनाडा इंक यह हिस्सेदारी खरीदेगी। इस डील और शेयर पर्चेज एग्रीमेंट के इस साल दिसंबर तक पूरा हो जाने की उम्मीद है। डिपार्टमेंट ऑफ इनवेस्टमेंट एंड पब्लिक एसेट मैनेजमेंट (DIPAM) के मुताबिक, सरकार आईडीबीआई बैंक में अपनी 30.48 फीसदी हिस्सेदारी बेचेगी, जबकि LIC अपनी 30.24 हिस्सेदारी बेचेगी।

सरकार पहले ही जुटा चुकी है 62,124 करोड़ रुपये

इस डील के बाद भी IDBI Bank में सरकार और LIC की कंबाइंड 34 फीसदी हिस्सेदारी बनी रहेगी। इस साल 10 सितंबर तक सरकार ने विनिवेश और एसेट मॉनेटाइजेशन से 62,124 करोड़ रुपये जुटा लिए थे। यह इस वित्त वर्ष के लिए तय बजट टारगेट से सिर्फ 17,876 करोड़ रुपये कम था। आईडीबीआई बैंक में हिस्सेदारी की बिक्री से यह टारगेट पूरा हो जाएगा।

FY19 के बाद पहली बार टारगेट से ज्यादा पैसे आएंगे

सरकार वित्त वर्ष 2018-19 के बाद पहली बार विनिवेश और एसेट मॉनेटाइजेशन से बजट में तय लक्ष्य से ज्यादा पैसे जुटाएगी। पिछले वित्त वर्ष में सरकार ने विनिवेश और एसेट मॉनेटाइजेशन से 45,306 करोड़ रुपये जुटाए थे, जो 47,000 करोड़ रुपये के तय लक्ष्य का करीब 96 फीसदी था। इसमें से 16,886 करोड़ रुपये विनिवेश से आए थे, जबकि 28,420 करोड़ रुपये एसेट मॉनेटाइजेशन से आए थे।

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जियोपॉलिटिकल टेंशन की वजह से बढ़ा विनिवेश पर फोकस

जियोपॉलिटिकल टेंशन बढ़ने की वजह से विनिवेश और एसेट मॉनेटाइजेशन पर सरकार का फोकस बढ़ा है। इसकी वजह यह है कि अमेरिका और ईरान की लड़ाई के बाद की स्थितियों ने सरकार पर वित्तीय दबाव बढ़ाया है। क्रूड की कीमतें इस लड़ाई की वजह से काफी बढ़ी हैं। पिछले कुछ हफ्तों से तो ब्रेंट क्रूड लगातार 100 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर बना हुआ है। इससे सरकार का इंपोर्ट बिल लगातार बढ़ रहा है।

IDBI Bank का शेयर मार्च के निचले स्तर से 46% चढ़ा है, 15 अक्तूबर को शेयर पर दिखेगा डील का असर

आईडीबीआई बैंक के शेयर में 14 अक्तूबर को पंख लग गए। एक समय शेयर 13 फीसदी तक चढ़ गया था। हालांकि, बाद में तेजी थोड़ी सुस्त पड़ी। कारोबार के अंत में यह 8.33 फीसदी चढ़कर 89.85 रुपये पर बंद हुआ। इस साल मार्च के अपने निचले स्तर से यह शेयर 46 फीसदी चढ़ा है।

आईडीबीआई बैंक का नियंत्रण फेयरफैक्स को ट्रांसफर होगा

IDBI Bank में फेयरफैक्स नियंत्रण योग्य हिस्सेदारी खरीदने जा रही है। 14 अक्तूबर को यूनियन कैबिनेट ने इस प्लान को मंजूरी दे दी। इस डील पर इस साल के अंत तक हस्ताक्षर हो जाने की उम्मीद है। उसके बाद आईडीबीआई बैंक का नियंत्रण फेयरफैक्स की सब्सिडियरी कनाडा इंक के पास चली जाएगी।

14 अक्टूबर को IDBI Bank के शेयर में तूफानी तेजी

14 अक्तूबर को कमजोर बाजार में आईडीबीआई बैंक के शेयरों में तूफानी तेजी ने मार्केट को चौंकाया था। माना जा रहा था कि शेयर में तेजी की वजह 12 अक्तूबर को बैंक का ऐलान था जिसमें कहा गया था कि उसके बोर्ड की बैठक 17 अक्तूबर को होगी। इसमें सितंबर तिमाही के अनऑडिटेड फाइनेंशियल रिजल्ट्स को मंजूरी मिलेगी।

शेयर में ट्रेडिंग वॉल्यूम भी औसत का 8 गुना था

खास बात यह है कि 14 अक्तूबर को आईडीबीआई बैंक के शेयरों में तेजी के साथ ही ट्रेडिंग वॉल्यूम में भी जबर्दस्त उछाल दिखा था। ट्रेडिंग वॉल्यूम औसत के मुकाबले करीब 8 गुना था। आईडीबीआई बैंक के शेयरों में बीते छह महीनों में करीब 21 फीसदी तेजी आई है। इस दौरान बैंक निफ्टी 1.82 फीसदी गिरा है।

15 अक्टूबर को शेयर पर डील का दिखेगा असर 

आईडीबीआई बैंक के शेयर पर 15 अक्तूबर को डील का असर दिखेगा। फेयरफैक्स फाइनेंशियल होल्डिंग्स की सीएसबी बैंक में पहले से 40 फीसदी हिस्सेदारी है। इसका मतलब है कि यह कंपनी पहले से भारत के बैंकिंग सेक्टर में मौजूद है। वह आगे आईडीबीआई बैंक में सीएसबी बैंक के विलय का ऐलान कर सकती है या सीएसबी बैंक में अपनी हिस्सेदारी बेच सकती है। आरबीआई के नियम के मुताबिक उसे दोनों में से किसी एक विकल्प का इस्तेमाल करना होगा।

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फेयरफैक्स को ओपन ऑफर पेश करना होगा 

सरकार ने कई साल पहले आईडीबीआई बैंक की निजीकरण की प्रक्रिया शुरू की थी। लेकिन, उसकी कोशिश सफल नहीं हुई थी। इस बीच, सरकार ने कहा है कि आईडीबीआई बैंक की रीस्ट्रक्चरिंग से बैंकिंग सेक्टर में नई पूंजी आने का रास्ता खुलेगा। इससे एमएसएमई के लिए कर्ज की उपलब्धता बढ़ेगी। शेयर पर्चेज एग्रीमेंट के पूरा होने पर फेयरफैक्स को आईडीबीआई बैंक के मौजूदा शेयरहोल्डर्स के लिए ओपन ऑफर पेश करना होगा।

कैबिनेट ने सामाजिक सहायता योजना के लिए 53428 करोड़ रुपये किए मंजूर , विकलांग पेंशन में भी हुई बढ़ोतरी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार को ‘राष्ट्रीय सामाजिक सहायता कार्यक्रम’ (NSAP) को 2026-27 से 2030-31 तक, यानी पांच साल के लिए जारी रखने की मंजूरी दे दी है। इसके लिए कुल 53,428 करोड़ रुपये का बजट रखा गया है। ग्रामीण विकास विभाग की ओर से पेश किए गए प्रस्ताव में कार्यक्रम और उसके जुड़ी योजनाओं का नाम बदलना,विकलांग पेंशन के नियमों में बदलाव करना और वृद्धावस्था पेंशन,विधवा पेंशन तथा पारिवारिक लाभ योजनाओं को उनके मौजूदा स्वरूप में जारी रखना शामिल है।

इसकी जानकारी देते हुए केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा, “दुनिया के सबसे व्यापक सोशल सिक्योरिटी नेट में से एक का विस्तार किया गया है और इसे 2031 तक बढ़ा दिया गया है। इस विस्तारित सोशल सिक्योरिटी नेट के लिए कुल 53,428 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।”

उन्होंने आगे कहा, “विकलांग लोगों के लिए, विकलांगता पेंशन पाने की पिछली पात्रता सीमा 80 प्रतिशत विकलांगता थी। अब इस सीमा को घटाकर आधा यानी 40 प्रतिशत कर दिया गया है, जिसका मतलब है कि 40 प्रतिशत विकलांगता वाले लोग भी विकलांग पेंशन पाने के पात्र होंगे।”

विकलांगता पेंशन में बदलाव

सबसे अहम बदलाव विकलांगता पेंशन के नियमों में हुए हैं। इसके तहत 0 से 79 साल की उम्र के लाभार्थियों को हर महीने 375 रुपये और 80 साल या उससे ज़्यादा उम्र के लोगों को 625 रुपये की मदद मिलेगी।

विकलांगता के लिए पात्रता की सीमा (बेंचमार्क) को मौजूदा 80 प्रतिशत से घटाकर 40 प्रतिशत कर दिया जाएगा। न्यूनतम उम्र की शर्त भी हटा दी जाएगी, जिससे विकलांग लोग जन्म से ही इसके लिए पात्र हो सकेंगे।

वृद्धावस्था पेंशन,विधवा पेंशन और फेमिली बेनिफिट योजनाएं बिना किसी बदलाव के जारी रहेंगी।

कैबिनेट ने कहा कि सभी 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में लगभग 3.20 करोड़ लाभार्थियों को इसमें शामिल किया जाएगा। विकलांगता पेंशन योजना के तहत संशोधित पात्रता शर्तों, लाभार्थियों की संख्या और सहायता की दर के बारे में विस्तार से बताने वाली गाइडलाइंस तीन महीने के भीतर जारी और लागू की जाएंगी।

IDBI Bank की रीस्ट्रक्चरिंग को कैबिनेट की मंजूरी, फेयरफैक्स खरीदेगी सरकार और LIC से हिस्सेदारी

इन योजनाओं के बदलेंगे नाम

नाम बदलने की कवायद के तहत,NSAP अब प्रधानमंत्री सामाजिक सहायता योजना बन जाएगी। इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना का नाम बदलकर प्रधानमंत्री वृद्धावस्था पेंशन योजना कर दिया जाएगा, जबकि इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पेंशन योजना प्रधानमंत्री विधवा पेंशन योजना बन जाएगी। इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विकलांग पेंशन योजना का नाम बदलकर प्रधानमंत्री दिव्यांगजन पेंशन योजना कर दिया जाएगा और राष्ट्रीय परिवार लाभ योजना का नाम प्रधानमंत्री परिवार लाभ योजना हो जाएगा।

बता दें कि NSAP को 15 अगस्त 1995 को गरीब परिवारों को मदद देने के लिए शुरू किया गया था। यह संविधान के अनुच्छेद 41 (जो राज्य की नीति के निर्देशक सिद्धांतों में से एक है) के तहत केंद्र की ज़िम्मेदारी को पूरा करने के लिए किया गया था। इस प्रोग्राम के लिए पूरा पैसा केंद्र सरकार देती है, ताकि पूरे देश में एक जैसी मदद मिल सके।

विकलांग पेंशन में किए गए बदलाव ‘विकलांग व्यक्तियों के अधिकार अधिनियम, 2016’ के तहत किए गए हैं। यह कानून ‘बेंचमार्क विकलांगता’ को 40 प्रतिशत की सीमा के आधार पर परिभाषित करता है और यह प्रावधान करता है कि विकलांगता से जुड़ी सहायता राशि, अन्य श्रेणियों के लाभार्थियों के लिए समान योजनाओं के तहत मिलने वाली सहायता से कम से कम 25 प्रतिशत अधिक होनी चाहिए।

 

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