कच्चे तेल और डॉलर का डबल प्रेशर! क्या बाजार पर दिखाएगा आज असर, जानें गिफ्ट निफ्टी से कैसे मिल रहे है संकेत

Gift Nifty Indicator: मंगलवार को भारतीय बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स और निफ्टी के हल्के पॉजिटिव नोट पर खुलने की संभावना है। एशियाई बाजारों में तेज बिकवाली के बावजूद GIFT निफ्टी में बढ़त के संकेत हैं। हालांकि, भारत में उम्मीद से ज़्यादा रिटेल महंगाई, कच्चे तेल की बढ़ी कीमतें और मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव से सेंटिमेंट पर असर पड़ सकता है। RBI के ब्याज दरों में और बढ़ोतरी की उम्मीद से भी घरेलू आउटलुक को लेकर चिंताएं बढ़ रही हैं।

GIFT निफ्टी सुबह 8 बजे के आसपास 55 पॉइंट या 0.25 प्रतिशत बढ़कर 22,425 पर ट्रेड कर रहा था। सोमवार को भारतीय इक्विटी बाजार तेजी से नीचे बंद हुए, सेंसेक्स 547.65 पॉइंट या 0.76 प्रतिशत गिरकर 71,924.68 पर और निफ्टी 157.10 पॉइंट या 0.70 प्रतिशत गिरकर 22,363.35 पर आ गया। विदेशी इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर नेट सेलर बने रहे, उन्होंने 1,700 करोड़ रुपये के इक्विटी बेचे, जबकि घरेलू इंस्टीट्यूशन ने 3,000 करोड़ रुपये से ज़्यादा के शेयर खरीदे।

भारत की रिटेल महंगाई बढ़कर 5.54% हुई

सितंबर में भारत की रिटेल महंगाई उम्मीद से ज़्यादा 5.54 फीसदी हो गई, जो रिज़र्व बैंक ऑफ़ इंडिया की 6 परसेंट की ऊपरी टॉलरेंस लिमिट के करीब पहुंच गई और आगे इंटरेस्ट-रेट में बढ़ोतरी की उम्मीदों को मज़बूत किया। यह बढ़ोतरी कच्चे तेल की बढ़ी हुई कीमतों और कमज़ोर मॉनसून के लगातार दबाव के बीच हुई है, साथ ही ईरान युद्ध, जो अब अपने आठवें महीने में है, एनर्जी सप्लाई और फ्यूल महंगाई की चिंताओं को भी रोक रहा है।

महंगाई की यह रीडिंग RBI के इस महीने की शुरुआत में रेपो रेट को 25 बेसिस पॉइंट बढ़ाकर 5.50 फीसदी करने के फैसले के बाद आई है, जो फरवरी 2023 के बाद पहली बढ़ोतरी है, और अपनी पॉलिसी को सोच-समझकर सख्ती करने की ओर ले गया है। ज़्यादा महंगाई और सख्त मॉनेटरी हालात के मेल से रेट-सेंसिटिव सेक्टर पर दबाव बढ़ सकता है।

टेक्नोलॉजी स्टॉक्स में गिरावट के कारण एशियाई बाज़ार गिरे

मंगलवार को एशियाई इक्विटीज़ में भारी गिरावट आई क्योंकि मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव, कच्चे तेल की बढ़ी हुई कीमतों और मज़बूत डॉलर के बीच टेक्नोलॉजी शेयरों में भारी बिकवाली का दबाव था। कॉर्पोरेट अर्निंग्स सीज़न से पहले इन्वेस्टर्स भी सावधान हो रहे हैं।

जापान के बाहर एशिया-पैसिफिक शेयरों का MSCI का सबसे बड़ा इंडेक्स शुरुआती ट्रेडिंग में 2 परसेंट से ज़्यादा गिरा, जबकि साउथ कोरिया का टेक्नोलॉजी-हैवी कोस्पी 6 परसेंट गिरा। जापान का निक्केई 2.6 फीसदी गिरा, जो रीजनल मार्केट में बड़े पैमाने पर रिस्क से बचने को दिखाता है।

वॉल स्ट्रीट मिले-जुले बंद हुआ, नैस्डैक गिरा

US इक्विटी सोमवार को मिले-जुले बंद हुए, जिसमें नैस्डैक पर टेक्नोलॉजी शेयरों का दबाव रहा जबकि डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज बढ़ा। डॉव 195.60 पॉइंट्स या 0.38 परसेंट बढ़कर 51,850.55 पर पहुंच गया, जबकि S&P 500 0.06 परसेंट गिरकर 7,807.24 पर आ गया। नैस्डैक कंपोजिट 0.44 परसेंट गिरकर 27,245.90 पर आ गया।

इंडेक्स पर क्या हो रणनीति

चॉइस इक्विटी ब्रोकिंग प्राइवेट लिमिटेड के VP – टेक्निकल रिसर्च, सचिन गुप्ता ने कहा, “कुल मिलाकर, सेंसेक्स आउटलुक सावधानी के साथ साइडवेज़ बना हुआ है। 71,300–71,500 ज़ोन पर नज़र रखना ज़रूरी होगा, क्योंकि इस एरिया को होल्ड करने से इंडेक्स को स्थिर होने और रिकवरी की कोशिश करने में मदद मिल सकती है। ऊपर की तरफ, सेंटिमेंट को बेहतर बनाने और मज़बूत खरीदारी की दिलचस्पी का संकेत देने के लिए 72,500–72,700 से ऊपर लगातार मूव की ज़रूरत है। तब तक, ट्रेडर्स को सेलेक्टिव रहना चाहिए और नई डायरेक्शनल पोज़िशन लेने से पहले मुख्य सपोर्ट और रेजिस्टेंस लेवल के आसपास प्राइस एक्शन पर नज़र रखनी चाहिए।”

निफ्टी 50 आउटलुक पर, LKP सिक्योरिटीज़ के सीनियर टेक्निकल एनालिस्ट, रूपक डे ने कहा कि इंडेक्स लाल निशान में बंद हुआ, जिससे एक डार्क क्लाउड कवर पैटर्न बना। यह बनावट बताती है कि पिछले दिन का पॉज़िटिव मोमेंटम कमज़ोर हो रहा है, जिससे मंदी की चाल फिर से शुरू होने की संभावना बढ़ रही है।

डे ने आगे कहा, “कुल मिलाकर सेंटिमेंट कमजोर लग रहा है और इससे और गिरावट आ सकती है, क्योंकि कच्चे तेल की कीमतों में तेजी का असर इक्विटी पर पड़ रहा है। निचले स्तर पर, तुरंत सपोर्ट 22,300 पर है, जिसके नीचे निफ्टी 22,100 या उससे भी नीचे जा सकता है। ऊपरी स्तर पर, रेजिस्टेंस 22,420 और 22,650 पर है।”

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(डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सार्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

23000 से नीचे फिसला Nifty तो बढ़ सकता है सेलिंग प्रेशर, नए हफ्ते में ये शेयर करा सकते हैं तगड़ी कमाई

निफ्टी के लिए 23,000–23,100 का जोन एक अहम सपोर्ट एरिया बना हुआ है और आने वाले हफ्ते में इस लेवल पर नजर रखना जरूरी होगा। ऐसा मानना है SBI सिक्योरिटीज में टेक्निकल और डेरिवेटिव्स रिसर्च के हेड सुदीप शाह का। उनका कहना है कि कुल मिलाकर मार्केट का स्ट्रक्चर कमजोर बना हुआ है। निफ्टी 50 अपने हालिया हाई 24,774 से काफी नीचे आ गया है, लेकिन 23,000 के लेवल के नीचे जाने की पुष्टि अभी तक नहीं हुई है। उन्होंने निफ्टी 50 को लेकर और क्या संभावना जताई, नए शुरू हो रहे सप्ताह के लिए उनके टॉप स्टॉक आइडियाज क्या हैं, आइए जानते हैं…

क्या आपको उम्मीद है कि Nifty 50 अगले हफ्ते 23,000 के सपोर्ट लेवल के ऊपर बना रहेगा, या इस बात की ज्यादा संभावना है कि इंडेक्स इस सपोर्ट के नीचे चला जाएगा?

23,000-23,100 का जोन Nifty के लिए एक अहम सपोर्ट एरिया है और आने वाले हफ्ते में इस लेवल पर नजर रखना जरूरी होगा। हालांकि इंडेक्स अपने हालिया हाई 24,774 से तेजी से नीचे आया है, लेकिन 23,000 के नीचे जाने (ब्रेकडाउन) की अभी पुष्टि नहीं हुई है। इस जोन की अहमियत को देखते हुए, इन लेवल के आसपास कुछ कंसोलिडेशन या खरीदारी का रुझान दिख सकता है। हालांकि, कुल मिलाकर मार्केट का स्ट्रक्चर कमजोर बना हुआ है। Nifty लगातार 5 हफ्तों से गिरावट के साथ बंद हुआ है और अगस्त के पीक से 6 प्रतिशत से ज्यादा नीचे आ चुका है।

इंडेक्स अपने मुख्य शॉर्ट और लॉन्ग-टर्म मूविंग एवरेजेस से नीचे ट्रेड कर रहा है, मोमेंटम इंडिकेटर लगातार कमजोरी का संकेत दे रहे हैं। डेली RSI (रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स) ‘ओवरसोल्ड’ जोन में आ गया है और वीकली RSI भी नीचे की ओर जा रहा है, जो पॉजिटिव मोमेंटम की कमी को दिखाता है। इसके अलावा, भूराजनीतिक तनाव का बढ़ना, कच्चे तेल की ऊंची कीमतें और US बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी जैसे बाहरी कारण निवेशकों की धारणा पर असर डाल रहे हैं। इससे बीच-बीच में उतार-चढ़ाव का जोखिम बढ़ रहा है।

टेक्निकल नजरिए से 23,000-23,100 का दायरा 22,182 से 24,774 तक की पिछली रैली के 61.8 प्रतिशत फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट और पहले के एक अहम ‘स्विंग लो’ का मजबूत संगम है। जब तक यह सपोर्ट बना रहेगा, इंडेक्स स्थिर होने और कंसोलिडेट करने की कोशिश कर सकता है। हालांकि, 23,000 के नीचे निर्णायक गिरावट से बिकवाली का दबाव बढ़ सकता है और 22,800 व 22,500 के निचले स्तरों की ओर जाने का रास्ता खुल सकता है।

ऊपर की ओर, 23,600-23,650 का स्तर इमीडिएट रेजिस्टेंस जोन बना हुआ है। इस बाधा के ऊपर लगातार बने रहना पहला संकेत होगा कि चल रहा करेक्शन का दौर अपनी गति खो रहा है और एक मीनिंगफुल रिकवरी हो सकती है। तब तक, ट्रेडर्स को सतर्क रहना चाहिए और रिस्क मैनेजमेंट पर ध्यान देना चाहिए।

अगले हफ्ते के लिए आपके टॉप 2 स्टॉक आइडिया कौन से हैं?

LIC Housing Finance: शेयर 24 अगस्त के अपने ₹485 के निचले स्तर से लगभग 16 प्रतिशत रिकवरी देख चुका है। अगस्त के आखिर से, काउंटर में वॉल्यूम लगातार बढ़ा है। स्टॉक अब जरूरी शॉर्ट और लॉन्ग टर्म मूविंग एवरेजेस से ऊपर ट्रेड कर रहा है। RSI डेली टाइमफ्रेम पर 60 मार्क से थोड़ा ऊपर गया है, जो नए बुलिश मोमेंटम का संकेत देता है।

वीकली चार्ट पर MACD जीेरो लाइन के ऊपर चला गया है, जो ऊपर की तरफ मोमेंटम बनने का संकेत देता है। स्टॉक अब वीकली चार्ट पर अपने नीचे की ओर झुके हुए ट्रेंडलाइन रेजिस्टेंस से थोड़ा नीचे ट्रेड कर रहा है, मौजूदा प्राइस एक्शन और इंडिकेटर निकट अवधि में ब्रेकआउट की संभावना का संकेत दे रहे हैं। इसलिए, ₹540 के स्टॉप-लॉस के साथ ₹560-565 के जोन में शेयर जमा करने की सलाह दी जाती है। ऊपर की तरफ, इसके शॉर्ट टर्म में ₹605 के लेवल को टेस्ट करने की संभावना है।

Five-Star Business Finance: यह पिछले 11 ट्रेडिंग सेशन से ₹540–513 जोन में कंसोलिडेट हो रहा था। स्टॉक ने वॉल्यूम में अच्छी बढ़ोतरी के सपोर्ट के साथ रेंज से ब्रेकआउट दिया है। ADX इंडिकेटर में DI+, DI- को पार कर गया है, जो दिखाता है कि बुल्स, सेलर्स पर अपना दबदबा बनाने की कोशिश कर रहे हैं। RSI, जो फ्लैट था, ब्रेकआउट के बाद ऊपर चला गया है, जो नए बुलिश मोमेंटम का इशारा है।

इसके अलावा, MACD लाइन थोड़ी सी जीरो लाइन को पार कर गई है और हिस्टोग्राम बार ऊपर उठने लगे हैं, जिससे बुलिश बायस और मजबूत हो रहा है। लगातार मोमेंटम आगे और तेजी का रास्ता बना सकता है। इसलिए, ₹530 के स्टॉप-लॉस के साथ ₹545-555 के जोन में शेयर जमा करने की सलाह है। ऊपर की तरफ, यह शॉर्ट टर्म में ₹590 के लेवल को टेस्ट कर सकता है।

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क्या आपको उम्मीद है कि अगले हफ्ते भी HDFC Bank में खरीदारी का रुझान बना रहेगा?

HDFC Bank ने वीकली चार्ट पर अपने अहम सपोर्ट जोन (₹725–720) को तोड़ दिया है और नीचे आ गया है, जो लगातार कमजोरी का संकेत है। यह स्टॉक अपने मुख्य मूविंग एवरेजेस से काफी नीचे ट्रेड कर रहा है, जो ब्रॉडर ट्रेंड में कमजोरी को दिखाता है। स्टॉक के लिए इमीडिएट रेजिस्टेंस ₹755–760 के जोन में है। जब तक HDFC Bank इस जोन के नीचे ट्रेड करेगा, तब तक अगले हफ्ते लगातार खरीदारी का रुझान दिखने की संभावना कम है।

क्या आपको भरोसा है कि Paytm अगले हफ्ते अपने रिकॉर्ड हाई को पार कर सकता है?

One 97 Communications (Paytm) डेली चार्ट पर ‘हायर-हाई’ स्ट्रक्चर बना रहा है और अपने मुख्य मूविंग एवरेजेस से ऊपर आराम से ट्रेड कर रहा है। यह लगातार तेजी के रुझान (bullish momentum) का संकेत है। ADX इंडिकेटर पर DI+ लाइन DI- लाइन के ऊपर है और दोनों के बीच का अंतर बढ़ गया है। यह बेयर्स पर बुल्स के मजबूत कंट्रोल को दिखाता है। ₹1,650–1,660 का 20-दिन का EMA (एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज) जोन इमीडिएट सपोर्ट का काम कर सकता है। जब तक स्टॉक इस जोन के ऊपर है, तेजी का स्ट्रक्चर बना रहेगा, जिससे और ऊपर जाने और अगले हफ्ते रिकॉर्ड हाई से आगे निकलने की संभावना बढ़ जाती है।

क्या आपको उम्मीद है कि अगले हफ्ते भी Blue Star में खरीदारी का रुझान बना रहेगा?

डेली चार्ट पर ब्लू स्टार में पिछले सपोर्ट जोन ₹1,430–1,450 से जबरदस्त खरीदारी का रुझान देखा गया है। RSI, जो पहले स्थिर था, अब ऊपर की ओर बढ़ गया है, जो बुलिश मोमेंटम में तेजी का संकेत देता है। स्टॉक ने अपने 20-दिन और 50-दिन के EMA को भी फिर से हासिल कर लिया है, जो शॉर्ट-टर्म सेंटीमेंट में सुधार का संकेत है। जब तक स्टॉक ₹1,430–1,450 के सपोर्ट जोन के ऊपर बना रहेगा, तब तक हालिया पॉजिटिव मोमेंटम बना रहेगा और अगले हफ्ते भी खरीदारी का रुझान जारी रह सकता है।

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Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

नए हफ्ते में निफ्टी 50 के 23600-23500 के नीचे जाने की संभावना ज्यादा, ये शेयर करा सकते हैं अच्छी कमाई

नए हफ्ते में निफ्टी 50 के 24,000-24,200 जोन के ऊपर लगातार बने रहने के बजाय 23,600-23,500 जोन के नीचे जाने की संभावना ज्यादा है। ओवरऑल टेक्निकल सेटअप अभी भी बेयर्स के पक्ष में है। ऐसा मानना है SBI सिक्योरिटीज में टेक्निकल और डेरिवेटिव्स रिसर्च के हेड सुदीप शाह का। उन्होंने निफ्टी 50 को लेकर क्या संभावना जताई, नए शुरू हो रहे सप्ताह के लिए उनके टॉप स्टॉक आइडियाज क्या हैं, आइए जानते हैं…

क्या आपको लगता है कि अगले हफ्ते निफ्टी 50 के 24,000–24,200 के ऊपर जाने के बजाय 23,600–23,500 के जोन के नीचे जाने की संभावना ज्यादा है?

हां, मौजूदा प्राइस स्ट्रक्चर और टेक्निकल इंडिकेटर्स के आधार पर, आने वाले हफ्ते में निफ्टी 50 के 24,000-24,200 जोन के ऊपर लगातार बने रहने के बजाय 23,600-23,500 जोन के नीचे जाने की संभावना ज्यादा दिख रही है। बेंचमार्क इंडेक्स लगातार चौथे हफ्ते गिरावट में बंद हुआ है, जो ऊंचे स्तरों पर लगातार बिकवाली के दबाव को दिखाता है। इससे भी अहम बात यह है कि निफ्टी डेली चार्ट पर अपने बढ़ते हुए चैनल (राइजिंग चैनल) के नीचे आ गया है, जो शॉर्ट-टर्म ट्रेंड में कमजोरी का संकेत है। बाहरी कारक जैसे कि बढ़ते भूराजनीतिक तनाव, 10-साल के अमेरिकी बॉन्ड की यील्ड में बढ़ोतरी और ब्रेंट कच्चे तेल की ऊंची कीमतें भी निवेशकों के सेंटीमेंट पर असर डाल रही हैं। हालांकि इंडेक्स ने 23,786 के लेवल को टेस्ट करने के बाद थोड़ी रिकवरी दिखाई, लेकिन यह उछाल किसी बड़े ट्रेंड रिवर्सल की शुरुआत के बजाय टेक्निकल कारणों से ज्यादा लग रहा है।

ओवरऑल टेक्निकल सेटअप अभी भी बेयर्स के पक्ष में है। निफ्टी अपने अहम शॉर्ट और मीडियम-टर्म मूविंग एवरेजेस के नीचे ट्रेड कर रहा है, जबकि 20, 50 और 100-दिन के EMA नीचे की ओर झुकने लगे हैं, जो कीमतों में कमजोरी को दिखाते हैं। मोमेंटम इंडिकेटर्स भी कमजोर बने हुए हैं। डेली RSI 40 के लेवल के आसपास है और अपने 9-दिन के एवरेज के नीचे ट्रेड कर रहा है। यह बताता है कि बुलिश मोमेंटम गायब है। साथ ही, डेली ADX 20 के ऊपर चला गया है और बढ़ रहा है, जो संकेत देता है कि मौजूदा ट्रेंड मजबूत हो रहा है और बाजार का झुकाव नीचे की ओर बना हुआ है।

लेवल के नजरिए से देखें तो, इमीडिएट सपोर्ट जोन 23,750-23,700 पर है। अगर यह सपोर्ट एरिया निर्णायक रूप से टूटता है, तो 23,500 और उसके बाद 23,300 की ओर और गिरावट आ सकती है। ऊपर की तरफ, 24,150-24,200 के आसपास मजबूत रेजिस्टेंस है। जब तक इंडेक्स इस रुकावट के ऊपर बना नहीं रहता, तब तक मंदी का रुझान बने रहने की संभावना है।

क्या स्मॉलकैप 100 इंडेक्स मिडकैप और निफ्टी 50 से बेहतर परफॉर्म करता रहेगा?

पिछले हफ्ते, ब्रॉडर मार्केट में मिला-जुला ट्रेंड दिखा। जहां निफ्टी मिडकैप 100 ने अंडरपरफॉर्म किया और 1.55 प्रतिशत गिरा, वहीं निफ्टी स्मॉलकैप 100 ने फ्रंटलाइन इंडेक्स से काफी बेहतर परफॉर्म किया और एक नया ऑल-टाइम हाई बनाया। हफ्ते के दौरान अपनी ऊपर की ओर झुकी हुई ट्रेंडलाइन के पास सपोर्ट मिलने के बाद निफ्टी स्मॉलकैप 100 में एक मजबूत रिबाउंड देखा गया। वीकली चार्ट पर, इंडेक्स ने लोअर शैडो के साथ एक छोटी बॉडी वाली कैंडल बनाई, जो निचले लेवल पर खरीदारी की दिलचस्पी दिखाती है। इसके अलावा, जरूरी टेक्निकल इंडिकेटर एक मजबूत बुलिश अंडरटोन दिखाते हैं, जो बड़े स्मॉल-कैप स्पेस में लगातार मजबूती को दिखाता है।

इसके उलट, निफ्टी मिडकैप 100 अपने 20-दिन के EMA से नीचे फिसल गया, जिससे कुछ शॉर्ट-टर्म कमजोरी दिखी। इसके अलावा, डेली RSI एक साइडवेज रेंज में चल रहा है, जो मजबूत डायरेक्शनल मोमेंटम की कमी दिखाता है। मौजूदा टेक्निकल सेटअप बताता है कि इंडेक्स शॉर्ट टर्म में कंसोलिडेट करना जारी रख सकता है।

आगे, निफ्टी मिडकैप 100 के लिए 62,600-62,400 जोन से जरूरी सपोर्ट मिलने की उम्मीद है, जबकि 63,800-64,000 रेंज एक जरूरी रेजिस्टेंस एरिया के तौर पर काम कर सकती है। इन दोनों लेवल से आगे एक बड़ा मूव अगला डायरेक्शनल ट्रेंड तय कर सकता है। निफ्टी स्मॉलकैप 100 के लिए, 19,900-19,850 का 20-दिन का EMA जोन एक जरूरी सपोर्ट एरिया होगा। जब तक इंडेक्स 19,850 के निशान से ऊपर बना रहता है, तब तक मौजूदा अपट्रेंड के बने रहने की उम्मीद है। इससे शॉर्ट टर्म में 20,300 और उसके बाद 20,500 की ओर बढ़ने का रास्ता बनेगा।

क्या शुक्रवार का बड़ा गैप-अप BSE लिमिटेड में और तेजी का संकेत दे रहा है?

BSE 17 अगस्त को बने बेयरिश गैप को भरने में तो कामयाब रहा, लेकिन ऊंचे स्तरों पर टिक नहीं पाया। इससे एक छोटी बॉडी वाली कैंडल बनी, जिसकी ऊपरी शैडो साफ दिख रही थी। उस दिन के बाद से स्टॉक ज्यादातर ₹3,132–3,474 की रेंज में ही घूम रहा है। गिरता हुआ ADX उतार-चढ़ाव की कमी को दिखाता है, जबकि MACD लाइन सपाट हो गई है और जीरो लाइन के नीचे बनी हुई है। यह कमजोर मोमेंटम का संकेत है। 3,474 के ऊपर एक निर्णायक ब्रेकआउट चल रहे पुलबैक के आगे बढ़ने और और तेजी की गुंजाइश का संकेत दे सकता है।

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अगले हफ्ते के लिए आपके टॉप 2 आइडिया क्या हैं?

यथार्थ हॉस्पिटल एंड ट्रॉमा केयर सर्विसेज: यथार्थ हॉस्पिटल एंड ट्रॉमा केयर सर्विसेज मई की शुरुआत से ₹920-776 की रेंज में घूम रहा था। पिछले हफ्ते वॉल्यूम में अच्छी बढ़ोतरी के साथ स्टॉक ने अपनी रेंज से ब्रेकआउट दिया। इस ब्रेकआउट के बाद इस हफ्ते भी अच्छी चाल देखने को मिली। स्टॉक अभी भी अहम शॉर्ट और लॉन्ग-टर्म मूविंग एवरेजेस से ऊपर ट्रेड कर रहा है।

ADX वीकली और डेली दोनों टाइमफ्रेम पर ऊपर की ओर बढ़ रहा है, जो बुलिश ट्रेंड की मजबूती को दिखाता है। RSI अब ऊपर की ओर मुड़ गया है और 60 के लेवल से ऊपर आ गया है, जो फिर से बुलिश मोमेंटम को दिखाता है। इसलिए, ₹985-995 के जोन में ₹955 के स्टॉप-लॉस के साथ स्टॉक जमा करने (accumulate) की सलाह दी जाती है। ऊपर की तरफ, शॉर्ट टर्म में स्टॉक के ₹1,065 के लेवल तक पहुंचने की संभावना है।

KPR Mill: इसने हाल ही में डेली टाइमफ्रेम पर अपने 34-दिन के EMA (एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज) से मजबूत पुलबैक देखा। स्टॉक अहम शॉर्ट और लॉन्ग-टर्म मूविंग एवरेजेस से ऊपर ट्रेड कर रहा है। RSI ऊपर की ओर बढ़ रहा है, जो अच्छे बुलिश मोमेंटम को दिखाता है। दिलचस्प बात यह है कि दोनों टाइमफ्रेम पर RSI में 60 के आस-पास के लेवल से रिबाउंड देखा गया, जो फिर से बुलिश मोमेंटम का संकेत है। वीकली और डेली दोनों टाइमफ्रेम पर ADX का बढ़ना बुलिश ट्रेंड की मजबूती दिखाता है। इसलिए, ₹1,140 के स्टॉप-लॉस के साथ ₹1,175-1,190 के जोन में शेयर जमा करने की सलाह है। ऊपर की तरफ, यह शॉर्ट टर्म में ₹1,270 के लेवल को टेस्ट कर सकता है।

क्या आपको अगले हफ्ते संभावित ट्रेंडलाइन ब्रेकआउट के बाद APL अपोलो ट्यूब्स में रैली का एक और बड़ा दौर दिख रहा है?

APL अपोलो हाल ही में 21 अप्रैल को बने अपने पिछले स्विंग हाई ₹2,173 के ऊपर गया। ब्रेकआउट के बाद, स्टॉक ने पहले के रेजिस्टेंस जोन को फिर से टेस्ट किया और थोड़ी देर के लिए उसके नीचे भी गया, लेकिन फिर जबरदस्त वापसी की और 4 सितंबर को लगभग 4 प्रतिशत ऊपर बंद हुआ। RSI (रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स) लगभग 60 से ऊपर गया है, जो फिर से तेजी का मोमेंटम दिखाता है। DI+ DI- से ऊपर बना हुआ है, जो बुल्स के मजबूत कंट्रोल को दर्शाता है। जब तक ₹2,180–2,170 का सपोर्ट जोन बना रहेगा, तब तक स्टॉक में अगले हफ्ते ट्रेंडलाइन ब्रेकआउट देखने को मिल सकता है।

Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

नए हफ्ते में कैसी रहेगी निफ्टी की चाल, कौन से शेयरों में बन सकता है पैसा? एक्सपर्ट सुदीप शाह की ये है राय

भले ही मोमेंटम कमजोर हुआ है, लेकिन जब तक कोई नई नकारात्मक खबर नहीं आती, निफ्टी में 24,200-24,000 के सपोर्ट जोन से नीचे बड़ी गिरावट की संभावना कम है। ऐसा मानना है SBI सिक्योरिटीज में टेक्निकल और डेरिवेटिव्स रिसर्च के हेड सुदीप शाह का। उन्होंने नए शुरू हो रहे हफ्ते के लिए निफ्टी और बैंक निफ्टी को लेकर क्या उम्मीद जताई, नए सप्ताह के लिए उनके टॉप स्टॉक आइडियाज क्या हैं, आइए जानते हैं…

क्या आपको लगता है कि धीरे-धीरे आ रही कमजोरी अगले हफ्ते निफ्टी 50 को 24,200–24,000 के जोन से नीचे ले जाएगी?

इस समय, जब तक कोई नई नकारात्मक खबर या ट्रिगर सामने नहीं आता, निफ्टी के 24,200-24,000 के सपोर्ट जोन से नीचे जाने की संभावना कम ही लगती है। हालांकि मोमेंटम धीरे-धीरे कमजोर हो रहा है, लेकिन इस गिरावट में बड़ी गिरावट वाले लक्षण नहीं दिख रहे हैं। अगस्त की शुरुआत से ही निफ्टी 500 पॉइंट की एक सीमित ट्रेडिंग रेंज में फंसा हुआ है और उतार-चढ़ाव में भी काफी कमी आई है। डेली ATR (एवरेज ट्रू रेंज) गिरकर 192 पॉइंट पर आ गया है, जो जनवरी 2026 की शुरुआत के बाद से इसका सबसे निचला स्तर है। इंडेक्स में ज्यादातर सेशंस में एक जैसा पैटर्न देखा जा रहा है- शुरुआती घंटे में कुछ हलचल होती है और उसके बाद लंबे समय तक कंसोलिडेशन होता है। इससे पता चलता है कि किसी एक दिशा में लगातार मोमेंटम नहीं है।

टेक्निकल नजरिए से देखें तो निफ्टी अपने 20-दिन और 200-दिन के EMA (एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज) के आसपास घूम रहा है। लंबे समय तक कंसोलिडेशन के कारण ये दोनों ही फ्लैट हो गए हैं। डेली RSI (रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स) 52 के आसपास है और नीचे की ओर जा रहा है। यह अपसाइड मोमेंटम में कुछ कमी का संकेत देता है। हालांकि, यह अभी भी 50 के अहम स्तर से ऊपर बना हुआ है, जो बताता है कि मंदी का मोमेंटम (बेयरिश मोमेंटम) पूरी तरह हावी नहीं हुआ है।

आगे 24,200-24,150 का जोन एक मजबूत सपोर्ट एरिया के तौर पर काम कर सकता है। जब तक निफ्टी इस जोन के नीचे साफ तौर पर बंद नहीं होता, तब तक निचले स्तरों की ओर तेज गिरावट के बजाय कंसोलिडेशन जारी रहने की संभावना ज्यादा है। ऊपर की ओर 24,550-24,600 का स्तर इमीडिएट रेजिस्टेंस बैंड बना हुआ है।

इसलिए, मोमेंटम निश्चित रूप से कमजोर हुआ है, लेकिन मौजूदा टेक्निकल सेटअप 24,200-24,000 से नीचे बड़ी गिरावट के बजाय एक सीमित दायरे में घूमने वाले बाजार (रेंज-बाउंड मार्केट) का संकेत देता है। 24,150-24,600 की रेंज के किसी भी तरफ एक निर्णायक ब्रेक से निफ्टी की अगली अहम दिशा तय हो सकती है।

अगले हफ्ते के लिए आपके टॉप 2 स्टॉक आइडिया क्या हैं?

Hindustan Aeronautics: स्टॉक ने पिछले हफ्ते वीकली टाइमफ्रेम पर नीचे की ओर झुकी हुई ट्रेंडलाइन से ब्रेकआउट दिया, जिसके बाद इस हफ्ते एक मजबूत चाल देखने को मिली। वीकली RSI ने 4 मई के बाद पहली बार 60 के निशान को पार किया है, जो बुलिश मोमेंटम में अहम सुधार का संकेत है। डेली टाइमफ्रेम पर बढ़ता ADX, ट्रेंड की मजबूती और खरीदारी के बढ़ते भरोसे को दिखाता है। स्टॉक वीकली टाइमफ्रेम पर ऊपरी बोलिंगर बैंड के ऊपर भी बंद हुआ है। ऐसा अक्सर मजबूत ट्रेंड वाले दौर की शुरुआत में देखा जाता है।

कुल मिलाकर टेक्निकल सेटअप मजबूती (बुलिश) वाला बना हुआ है। स्टॉक में आगे और बढ़त का संकेत है। इसलिए ₹4,990-5,045 के जोन में ₹4,840 के स्टॉप-लॉस के साथ शेयर जमा करने (एक्युमुलेशन) की सलाह है। ऊपर की तरफ, इसके शॉर्ट टर्म में ₹5,400 के लेवल तक पहुंचने की संभावना है।

Mazagon Dock Shipbuilders: मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स ने 6 अगस्त को डेली टाइमफ्रेम पर नीचे की ओर झुकी हुई ट्रेंडलाइन से ब्रेकआउट दिया, जिसके बाद स्टॉक कंसोलिडेशन के दौर में चला गया। वीकली ADX पर DI+ ने DI- को पार कर लिया है, जो बताता है कि खरीदार धीरे-धीरे विक्रेताओं पर हावी हो रहे हैं। पिछले 6 ट्रेडिंग सेशंस में कंसोलिडेशन देखने के बावजूद, स्टॉक अहम शॉर्ट और लॉन्ग-टर्म मूविंग एवरेजेज के ऊपर ट्रेड कर रहा है। यह इसकी अंदरूनी मजबूती को दिखाता है।

कंसोलिडेशन रेंज से ब्रेकआउट बुलिश सेटअप को और मजबूत कर सकता है। इसलिए, ₹2,480 के स्टॉप-लॉस के साथ ₹2,560-2,590 के जोन में शेयर जमा करने की सलाह दी जाती है। ऊपर की ओर, यह शॉर्ट टर्म में ₹2,770 के लेवल को टेस्ट कर सकता है।

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क्या बैंक निफ्टी 24 जुलाई से 3 अगस्त तक की अपनी हालिया रैली के 50 प्रतिशत फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट लेवल को बचा पाएगा?

बैंक निफ्टी पिछले 9 हफ्तों से 58,706-56,023 की बड़ी रेंज में फंसा हुआ है, जिससे किसी साफ दिशा वाले ट्रेंड की कमी का पता चलता है। खास बात यह है कि पिछले तीन हफ्तों में ट्रेडिंग रेंज काफी कम हो गई है और इंडेक्स 1,576-पॉइंट के दायरे में सिमट गया है। कंसोलिडेशन के इस दौर में, इंडेक्स ने दोनों तरफ शैडो वाली छोटी बॉडी की कैंडल्स की एक सीरीज बनाई है। यह खरीदारों और विक्रेताओं के बीच लगातार बरकरार अनिश्चितता को दिखाती है।

लंबे समय तक एक ही रेंज में उतार-चढ़ाव के कारण मुख्य मूविंग एवरेज सपाट हो गए हैं। यह ट्रेंड की मजबूती की कमी का संकेत है। मोमेंटम इंडिकेटर भी सुस्त बने हुए हैं; डेली RSI पिछले 28 ट्रेडिंग सेशन से 60-44 जोन में घूम रहा है। डेली ADX गिरकर 8.99 पर आ गया है। यह मार्च 2019 के बाद से इसकी सबसे निचली रीडिंग है। इतनी कम ADX रीडिंग दिशात्मक मजबूती की भारी कमी की ओर इशारा करती है और बताती है कि इंडेक्स अभी गहरे कंसोलिडेशन के दौर में है।

आगे 58,000-58,100 का जोन बैंक निफ्टी के लिए एक अहम रुकावट का काम कर सकता है। नीचे की तरफ 57,200-57,100 का 50-दिन का EMA क्षेत्र एक अहम सपोर्ट एरिया बना हुआ है। किसी भी तरफ ब्रेकआउट होने से अगले ट्रेंडिंग मूव के लिए रास्ता बन सकता है।

क्या आप Apollo Hospitals पर बुलिश नजरिया बनाए हुए हैं?

अपोलो हॉस्पिटल्स ने डेली चार्ट पर अपने 50-दिन के EMA से जबरदस्त रिकवरी देखी है। RSI 40 से तेजी से ऊपर आया है, जो फिर से बुलिश मोमेंटम का संकेत है। स्टॉक बोलिंगर बैंड की मिडलाइन के ऊपर भी बंद हुआ है, जो शॉर्ट-टर्म बुलिश फेज की ओर शिफ्ट का संकेत देता है। ₹8,650–8,600 का जोन अहम सपोर्ट बना हुआ है।

Relaxo Footwears Stock Outlook: 27% तक लुढ़क सकता है शेयर! मोतीलाल ओसवाल ने दी बेचने की सलाह

क्या आप Bharti Airtel में नया निवेश करने की सलाह देंगे, जिसमें शुक्रवार को जबरदस्त तेजी आई थी?

भारती एयरटेल ने अपने 50-दिन के EMA से जबरदस्त रिकवरी देखी है। RSI ऊपर की ओर बढ़ा है, जो मजबूत बुलिश मोमेंटम का संकेत है। धीरे-धीरे बढ़ता ADX ट्रेंड की मजबूती में सुधार का संकेत देता है। MACD लाइन भी बुलिश क्रॉसओवर के करीब है। यह पॉजिटिव रुख को और मजबूत करता है। ₹1,940–1,930 का जोन अहम सपोर्ट बना हुआ है।

Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Nifty के 24600 की रुकावट पार करने पर तय होगी आगे की दिशा, नए हफ्ते में इन शेयरों पर दांव से हो सकती है अच्छी कमाई

निफ्टी अभी 24,550-24,600 के अहम रेजिस्टेंस जोन के पास पहुंच रहा है। इस रुकावट के ऊपर मजबूत ब्रेकआउट अगली दिशा तय करने के लिए बहुत जरूरी होगा। अगर इंडेक्स 24,600 के ऊपर बना रहा तो यह लॉन्ग रेंज से सफल ब्रेकआउट का संकेत देगा और इससे 24,900 और उसके बाद नियर टर्म में 25,200 की ओर बढ़त शुरू हो सकती है। ऐसा मानना है SBI सिक्योरिटीज में टेक्निकल और डेरिवेटिव्स रिसर्च के हेड सुदीप शाह का। उन्होंने निफ्टी और बैंक निफ्टी को लेकर क्या उम्मीद जताई, नए शुरू हो रहे सप्ताह के लिए उनके टॉप स्टॉक आइडियाज क्या हैं, आइए जानते हैं…

अगले हफ्ते के लिए निफ्टी 50 की चाल को लेकर क्या अनुमान है?

निफ्टी अभी 24,550-24,600 के अहम रेजिस्टेंस जोन के पास पहुंच रहा है। इंडेक्स ने पिछले 6 ट्रेडिंग सेशंस में 760 पॉइंट से ज्यादा की जबरदस्त रिकवरी की है और जुलाई का महीना 2 प्रतिशत से ज्यादा की बढ़त के साथ खत्म किया है। लेकिन इस रुकावट के ऊपर मजबूत ब्रेकआउट अगली दिशा तय करने के लिए बहुत जरूरी होगा। लंबे समय से चल रहा कंसोलिडेशन का दौर हाल के हफ्तों में काफी सिमट गया है। इससे पता चलता है कि इंडेक्स धीरे-धीरे संभावित ब्रेकआउट पॉइंट की ओर बढ़ रहा है। इसके अलावा निफ्टी अपने 20-दिन, 50-दिन और 100-दिन के EMA (एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज) के ऊपर ट्रेड कर रहा है, जो बाजार के नियर टर्म के सेंटीमेंट में सुधार को दिखाता है।

ब्रॉडर टेक्निकल स्ट्रक्चर अभी भी कुछ हद तक न्यूट्रल बना हुआ है। वीकली चार्ट पर, मुख्य मूविंग एवरेजेज काफी हद तक फ्लैट हैं, जबकि डेली और वीकली दोनों टाइमफ्रेम पर मोमेंटम इंडिकेटर और ऑसिलेटर अभी तक किसी मजबूत ट्रेंडिंग चाल का संकेत नहीं दे रहे हैं। इससे पता चलता है कि ब्रेकआउट की संभावना तो बेहतर हुई है, लेकिन अभी भी इसकी पुष्टि का इंतजार है।

अगर निफ्टी 24,600 के ऊपर बना रहा तो यह लॉन्ग रेंज से सफल ब्रेकआउट का संकेत देगा और इससे 24,900 और उसके बाद नियर टर्म में 25,200 की ओर बढ़त शुरू हो सकती है। ब्रेकआउट के टिकाऊ बने रहने के लिए, इंडेक्स को 24,150-24,100 के सपोर्ट जोन के ऊपर बने रहना होगा। जब तक यह लेवल बना रहता है, कुल मिलाकर रुख पॉजिटिव रहने की संभावना है, और धीरे-धीरे बुल के पक्ष में झुकाव बढ़ेगा।

क्या आपको लगता है कि बैंक निफ्टी अपनी कंसोलिडेशन रेंज से नीचे की ओर नहीं, बल्कि ऊपर की ओर ब्रेकआउट करेगा, जो तेजी के नए दौर की शुरुआत का संकेत होगा?

बैंक निफ्टी लंबे समय से कंसोलिडेशन फेज में है, लेकिन नीचे की ओर ब्रेकडाउन की तुलना में ऊपर की ओर ब्रेकआउट की संभावना ज्यादा मजबूत लग रही है। जुलाई के ज्यादातर समय इंडेक्स लगभग 2,600 पॉइंट्स के सीमित दायरे में रहा, जो जनवरी 2026 के बाद से इसका सबसे छोटा मासिक दायरा था। महीने के आखिरी हफ्ते में यह ठहराव और भी साफ दिखा। बैंक निफ्टी ने दिसंबर 2025 के बाद से अपना सबसे सीमित साप्ताहिक दायरा देखा, जो किसी बड़ी हलचल की तैयारी का संकेत है।

हालांकि डेली और वीकली चार्ट पर मुख्य मूविंग एवरेजेज काफी हद तक स्थिर हैं और मोमेंटम इंडिकेटर न्यूट्रल दायरे में बने हुए हैं। फिर भी इंडेक्स अहम सपोर्ट लेवल से ऊपर बना हुआ है, जिससे इसका ओवरऑल स्ट्रक्चर पॉजिटिव बना हुआ है।

57,600-57,700 का जोन अभी भी तत्काल रुकावट बना हुआ है। 57,700 के ऊपर एक निर्णायक और टिकाऊ ब्रेकआउट मौजूदा ठहराव के दौर के खत्म होने का संकेत देगा और यह शॉर्ट टर्म में 58,500 और उसके बाद 59,200 की ओर तेजी की नई शुरुआत कर सकता है। नीचे की तरफ, 56,700-56,600 का जोन मजबूत सपोर्ट दे सकता है। जब तक यह सपोर्ट बना रहेगा, तब तक रुख पॉजिटिव रहने और ऊपर की ओर ब्रेकआउट की संभावना बनी रहेगी।

अगले हफ्ते के लिए आपके टॉप 2 स्टॉक आइडिया कौन से हैं?

Cholamandalam Investment and Finance Company: यह स्टॉक वीकली चार्ट पर नीचे की ओर झुकी हुई ट्रेंडलाइन को तोड़ने और ब्रेकआउट जोन को सफलतापूर्वक रीटेस्ट करने के बाद तकनीकी रूप से मजबूत हो गया है। RSI के 60 से ऊपर होने और पॉजिटिव DI+ क्रॉसओवर से मजबूत होते मोमेंटम का पता चलता है, जो खरीदारी में बढ़ती दिलचस्पी का संकेत है। ₹1,835-1,855 के आसपास शेयर जमा करने (एक्युमुलेशन) की सलाह दी जाती है, जिसमें स्टॉप-लॉस ₹1,780 पर और टारगेट ₹1,985 होगा।

Anthem Biosciences: यह डेली चार्ट पर नीचे की ओर झुकी हुई ट्रेंडलाइन को तोड़ने के बाद तकनीकी रूप से मजबूत हो गया है, जिसे अच्छे वॉल्यूम का सपोर्ट मिला है। मोमेंटम इंडिकेटर पॉजिटिव बने हुए हैं; RSI 60 से ऊपर है और DI+/DI- के बीच बढ़ता अंतर खरीदारों के दबदबे का संकेत देता है। शेयर का ऊपरी बोलिंगर बैंड के ऊपर बंद होना तेजी के सेंटीमेंट को और मजबूत करता है। ₹805-815 के जोन में शेयर जमा करने की सलाह दी जाती है, जिसमें ₹775 पर स्टॉप-लॉस लगाया जा सकता है। टारगेट ₹870 का है।

क्या आपको उम्मीद है कि हुंडई मोटर इंडिया अगले हफ्ते भी अपनी तेजी जारी रखेगा, खासकर शुक्रवार की जबरदस्त रैली के बाद?

हुंडई ने मजबूत Q1 नतीजों और अच्छे वॉल्यूम के दम पर 6 हफ्ते के ठहराव से ब्रेकआउट किया है। बढ़ता RSI, फैलती DI लाइनें और सेक्टर का सपोर्ट मोमेंटम के मजबूत होने का संकेत देते हैं। ₹2,065–2,060 के जोन से तत्काल सपोर्ट मिलने की उम्मीद है, जिससे नियर टर्म आउटलुक पॉजिटिव बना रहेगा।

क्या जबरदस्त रैली और बड़े ब्रेकआउट के बाद बजाज फाइनेंस ओवरबॉट (बहुत ज्यादा खरीदा हुआ) लग रहा है, या स्टॉक में अभी भी और बढ़त की गुंजाइश है?

बजाज फाइनेंस ने अपने 20-दिन के EMA को रीटेस्ट करने के बाद मजबूत रिकवरी दिखाई, जिससे मौजूदा बुलिश ट्रेंड की पुष्टि हुई। बढ़ता RSI (रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स), फैलती DI लाइनें और ऊपरी बोलिंगर बैंड के ऊपर लगातार ट्रेड मजबूत मोमेंटम दिखाते हैं। वीकली रेश्यो चार्ट पर नया ब्रेकआउट बेहतर परफॉर्मेंस का संकेत देता है। 1,075-1,070 जोन से मजबूत सपोर्ट मिलने की उम्मीद है।

Swiggy Stock Outlook: Q1 नतीजों से कुछ ब्रोकरेज नाखुश, टारगेट प्राइस घटाया; फिर भी 23% तक उछाल की उम्मीद

क्या आपको लगता है कि इस हफ्ते 10 प्रतिशत की तेजी के बाद अशोक लीलैंड में और भी अच्छी बढ़त देखने को मिलेगी?

अशोक लीलैंड ने 24 जुलाई के ₹148 के निचले स्तर से जबरदस्त वापसी की है और अब यह सभी अहम मूविंग एवरेजेज से ऊपर ट्रेड कर रहा है। अच्छे वॉल्यूम, बढ़ते RSI और बेहतर होते प्राइस स्ट्रक्चर से पता चलता है कि मोमेंटम मजबूत हो रहा है। जब तक स्टॉक ₹161 से ऊपर बना रहेगा, तब तक यह तेजी जारी रहने की संभावना है।

Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।