Market Outlook: इस हफ्ते बाजार में तेजी या गिरावट; फेड के फैसले, पश्चिम एशिया के हालात, कच्चे तेल समेत इन फैक्टर्स से होगा तय

15 सितंबर से शुरू हो रहे नए कारोबारी सप्ताह में शेयर बाजार की दिशा अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व के ब्याज दर पर फैसले, भारत की महंगाई के आंकड़ों, कच्चे तेल की कीमत और पश्चिम एशिया के घटनाक्रमों से तय होगी। सोमवार, 14 सितंबर को गणेश चतुर्थी के अवसर पर शेयर बाजार बंद रहेंगे। बीते सप्ताह सेंसेक्स 1,733.67 अंक या 2.26 प्रतिशत टूटा। निफ्टी में 499.6 अंक या 2 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।

न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, रेलिगेयर ब्रोकिंग के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट (रिसर्च) अजीत मिश्रा का कहना है कि वैश्विक स्तर पर अमेरिका-ईरान संघर्ष से जुड़े घटनाक्रम और ब्रेंट कच्चे तेल की चाल बाजार की दिशा तय करने में प्रमुख कारक बने रहेंगे। साथ ही इस सप्ताह मौद्रिक नीति पर अमेरिकी फेडरल रिजर्व के फैसले और ब्याज दरों के भविष्य के रुख पर उसकी टिप्पणी पर भी नजर रहेगी।

फेडरल ओपन मार्केट कमेटी की मीटिंग 15-16 सितंबर को होने वाली है। घरेलू मोर्चे पर मार्केट पार्टिसिपेंट्स की नजर अगस्त की थोक महंगाई और खुदरा महंगाई के आंकड़ों पर रहेगी। इसके अलावा बेरोजगारी और व्यापार के आंकड़े भी चर्चा में रहेंगे।

बरकरार हैं महंगाई से जुड़े जोखिम

रिसर्च एनालिस्ट फर्म HST Wealth के फाउंडर और CEO हरिसेल्वन राधाकृष्णन का कहना है कि अमेरिका में हेडलाइन खुदरा महंगाई में मासिक आधार पर 0.4 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई। सालाना आधार पर यह 3.4 प्रतिशत पर बनी रही, जबकि कोर महंगाई पिछले महीने के मुकाबले 0.3 प्रतिशत बढ़ी, लेकिन साल-दर-साल आधार पर घटकर 2.4 प्रतिशत हो गई। अमेरिकी महंगाई के आंकड़ों में यह मासिक बढ़ोतरी महंगाई से जुड़े जोखिमों को चर्चा में बनाए रखे हुए है। यह ग्लोबल बॉन्ड यील्ड और डॉलर पर दबाव बढ़ा सकती है, खासकर अगर फेडरल रिजर्व ने ज्यादा सख्त रुख अपनाया तो।

23000 से नीचे फिसला Nifty तो बढ़ सकता है सेलिंग प्रेशर, नए हफ्ते में ये शेयर करा सकते हैं तगड़ी कमाई

भारत के लिए कच्चा तेल सबसे बड़ा बाहरी जोखिम

राधाकृष्णन ने आगे कहा कि भारत के लिए कच्चा तेल सबसे बड़ा बाहरी जोखिम बना हुआ है। यदि पश्चिम एशिया से कच्चे तेल की आपूर्ति में व्यवधान बढ़ता है और कीमतों में तेजी आती है, तो महंगाई का दबाव बढ़ सकता है, देश का आयात बिल बढ़ सकता है, रुपये पर दबाव आ सकता है और कंपनियों का मार्जिन घट सकता है।

पिछले हफ्ते बाजार पर काफी दबाव रहा। मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के कारण कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल आया और महंगाई, वैश्विक ब्याज दरों और आर्थिक विकास को लेकर चिंता बढ़ गई। निफ्टी-50 ने लगातार 5वें हफ्ते लाल निशान में क्लोजिंग की।

Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

23000 से नीचे फिसला Nifty तो बढ़ सकता है सेलिंग प्रेशर, नए हफ्ते में ये शेयर करा सकते हैं तगड़ी कमाई

निफ्टी के लिए 23,000–23,100 का जोन एक अहम सपोर्ट एरिया बना हुआ है और आने वाले हफ्ते में इस लेवल पर नजर रखना जरूरी होगा। ऐसा मानना है SBI सिक्योरिटीज में टेक्निकल और डेरिवेटिव्स रिसर्च के हेड सुदीप शाह का। उनका कहना है कि कुल मिलाकर मार्केट का स्ट्रक्चर कमजोर बना हुआ है। निफ्टी 50 अपने हालिया हाई 24,774 से काफी नीचे आ गया है, लेकिन 23,000 के लेवल के नीचे जाने की पुष्टि अभी तक नहीं हुई है। उन्होंने निफ्टी 50 को लेकर और क्या संभावना जताई, नए शुरू हो रहे सप्ताह के लिए उनके टॉप स्टॉक आइडियाज क्या हैं, आइए जानते हैं…

क्या आपको उम्मीद है कि Nifty 50 अगले हफ्ते 23,000 के सपोर्ट लेवल के ऊपर बना रहेगा, या इस बात की ज्यादा संभावना है कि इंडेक्स इस सपोर्ट के नीचे चला जाएगा?

23,000-23,100 का जोन Nifty के लिए एक अहम सपोर्ट एरिया है और आने वाले हफ्ते में इस लेवल पर नजर रखना जरूरी होगा। हालांकि इंडेक्स अपने हालिया हाई 24,774 से तेजी से नीचे आया है, लेकिन 23,000 के नीचे जाने (ब्रेकडाउन) की अभी पुष्टि नहीं हुई है। इस जोन की अहमियत को देखते हुए, इन लेवल के आसपास कुछ कंसोलिडेशन या खरीदारी का रुझान दिख सकता है। हालांकि, कुल मिलाकर मार्केट का स्ट्रक्चर कमजोर बना हुआ है। Nifty लगातार 5 हफ्तों से गिरावट के साथ बंद हुआ है और अगस्त के पीक से 6 प्रतिशत से ज्यादा नीचे आ चुका है।

इंडेक्स अपने मुख्य शॉर्ट और लॉन्ग-टर्म मूविंग एवरेजेस से नीचे ट्रेड कर रहा है, मोमेंटम इंडिकेटर लगातार कमजोरी का संकेत दे रहे हैं। डेली RSI (रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स) ‘ओवरसोल्ड’ जोन में आ गया है और वीकली RSI भी नीचे की ओर जा रहा है, जो पॉजिटिव मोमेंटम की कमी को दिखाता है। इसके अलावा, भूराजनीतिक तनाव का बढ़ना, कच्चे तेल की ऊंची कीमतें और US बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी जैसे बाहरी कारण निवेशकों की धारणा पर असर डाल रहे हैं। इससे बीच-बीच में उतार-चढ़ाव का जोखिम बढ़ रहा है।

टेक्निकल नजरिए से 23,000-23,100 का दायरा 22,182 से 24,774 तक की पिछली रैली के 61.8 प्रतिशत फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट और पहले के एक अहम ‘स्विंग लो’ का मजबूत संगम है। जब तक यह सपोर्ट बना रहेगा, इंडेक्स स्थिर होने और कंसोलिडेट करने की कोशिश कर सकता है। हालांकि, 23,000 के नीचे निर्णायक गिरावट से बिकवाली का दबाव बढ़ सकता है और 22,800 व 22,500 के निचले स्तरों की ओर जाने का रास्ता खुल सकता है।

ऊपर की ओर, 23,600-23,650 का स्तर इमीडिएट रेजिस्टेंस जोन बना हुआ है। इस बाधा के ऊपर लगातार बने रहना पहला संकेत होगा कि चल रहा करेक्शन का दौर अपनी गति खो रहा है और एक मीनिंगफुल रिकवरी हो सकती है। तब तक, ट्रेडर्स को सतर्क रहना चाहिए और रिस्क मैनेजमेंट पर ध्यान देना चाहिए।

अगले हफ्ते के लिए आपके टॉप 2 स्टॉक आइडिया कौन से हैं?

LIC Housing Finance: शेयर 24 अगस्त के अपने ₹485 के निचले स्तर से लगभग 16 प्रतिशत रिकवरी देख चुका है। अगस्त के आखिर से, काउंटर में वॉल्यूम लगातार बढ़ा है। स्टॉक अब जरूरी शॉर्ट और लॉन्ग टर्म मूविंग एवरेजेस से ऊपर ट्रेड कर रहा है। RSI डेली टाइमफ्रेम पर 60 मार्क से थोड़ा ऊपर गया है, जो नए बुलिश मोमेंटम का संकेत देता है।

वीकली चार्ट पर MACD जीेरो लाइन के ऊपर चला गया है, जो ऊपर की तरफ मोमेंटम बनने का संकेत देता है। स्टॉक अब वीकली चार्ट पर अपने नीचे की ओर झुके हुए ट्रेंडलाइन रेजिस्टेंस से थोड़ा नीचे ट्रेड कर रहा है, मौजूदा प्राइस एक्शन और इंडिकेटर निकट अवधि में ब्रेकआउट की संभावना का संकेत दे रहे हैं। इसलिए, ₹540 के स्टॉप-लॉस के साथ ₹560-565 के जोन में शेयर जमा करने की सलाह दी जाती है। ऊपर की तरफ, इसके शॉर्ट टर्म में ₹605 के लेवल को टेस्ट करने की संभावना है।

Five-Star Business Finance: यह पिछले 11 ट्रेडिंग सेशन से ₹540–513 जोन में कंसोलिडेट हो रहा था। स्टॉक ने वॉल्यूम में अच्छी बढ़ोतरी के सपोर्ट के साथ रेंज से ब्रेकआउट दिया है। ADX इंडिकेटर में DI+, DI- को पार कर गया है, जो दिखाता है कि बुल्स, सेलर्स पर अपना दबदबा बनाने की कोशिश कर रहे हैं। RSI, जो फ्लैट था, ब्रेकआउट के बाद ऊपर चला गया है, जो नए बुलिश मोमेंटम का इशारा है।

इसके अलावा, MACD लाइन थोड़ी सी जीरो लाइन को पार कर गई है और हिस्टोग्राम बार ऊपर उठने लगे हैं, जिससे बुलिश बायस और मजबूत हो रहा है। लगातार मोमेंटम आगे और तेजी का रास्ता बना सकता है। इसलिए, ₹530 के स्टॉप-लॉस के साथ ₹545-555 के जोन में शेयर जमा करने की सलाह है। ऊपर की तरफ, यह शॉर्ट टर्म में ₹590 के लेवल को टेस्ट कर सकता है।

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क्या आपको उम्मीद है कि अगले हफ्ते भी HDFC Bank में खरीदारी का रुझान बना रहेगा?

HDFC Bank ने वीकली चार्ट पर अपने अहम सपोर्ट जोन (₹725–720) को तोड़ दिया है और नीचे आ गया है, जो लगातार कमजोरी का संकेत है। यह स्टॉक अपने मुख्य मूविंग एवरेजेस से काफी नीचे ट्रेड कर रहा है, जो ब्रॉडर ट्रेंड में कमजोरी को दिखाता है। स्टॉक के लिए इमीडिएट रेजिस्टेंस ₹755–760 के जोन में है। जब तक HDFC Bank इस जोन के नीचे ट्रेड करेगा, तब तक अगले हफ्ते लगातार खरीदारी का रुझान दिखने की संभावना कम है।

क्या आपको भरोसा है कि Paytm अगले हफ्ते अपने रिकॉर्ड हाई को पार कर सकता है?

One 97 Communications (Paytm) डेली चार्ट पर ‘हायर-हाई’ स्ट्रक्चर बना रहा है और अपने मुख्य मूविंग एवरेजेस से ऊपर आराम से ट्रेड कर रहा है। यह लगातार तेजी के रुझान (bullish momentum) का संकेत है। ADX इंडिकेटर पर DI+ लाइन DI- लाइन के ऊपर है और दोनों के बीच का अंतर बढ़ गया है। यह बेयर्स पर बुल्स के मजबूत कंट्रोल को दिखाता है। ₹1,650–1,660 का 20-दिन का EMA (एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज) जोन इमीडिएट सपोर्ट का काम कर सकता है। जब तक स्टॉक इस जोन के ऊपर है, तेजी का स्ट्रक्चर बना रहेगा, जिससे और ऊपर जाने और अगले हफ्ते रिकॉर्ड हाई से आगे निकलने की संभावना बढ़ जाती है।

क्या आपको उम्मीद है कि अगले हफ्ते भी Blue Star में खरीदारी का रुझान बना रहेगा?

डेली चार्ट पर ब्लू स्टार में पिछले सपोर्ट जोन ₹1,430–1,450 से जबरदस्त खरीदारी का रुझान देखा गया है। RSI, जो पहले स्थिर था, अब ऊपर की ओर बढ़ गया है, जो बुलिश मोमेंटम में तेजी का संकेत देता है। स्टॉक ने अपने 20-दिन और 50-दिन के EMA को भी फिर से हासिल कर लिया है, जो शॉर्ट-टर्म सेंटीमेंट में सुधार का संकेत है। जब तक स्टॉक ₹1,430–1,450 के सपोर्ट जोन के ऊपर बना रहेगा, तब तक हालिया पॉजिटिव मोमेंटम बना रहेगा और अगले हफ्ते भी खरीदारी का रुझान जारी रह सकता है।

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Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Market Outlook: इस हफ्ते किस ओर मुड़ेगा बाजार; पश्चिम एशिया के हालात, कच्चे तेल की कीमत समेत इन फैक्टर्स से होगा तय

पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष, कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और अमेरिका के महंगाई के आंकड़े इस सप्ताह भारतीय शेयर बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएंगे। इसके अलावा विदेशी निवेशकों की गतिविधियां और वैश्विक बाजारों की चाल भी बाजार की दिशा को प्रभावित करेगी। पिछले सप्ताह सेंसेक्स 749.08 अंक या 0.96 प्रतिशत के नुकसान में रहा। वहीं निफ्टी 277.95 अंक या 1.14 प्रतिशत नीचे आया। शुक्रवार, 4 सितंबर को सेंसेक्स 362.57 अंक चढ़कर 76,515.43 पर और निफ्टी 24.25 अंकों की बढ़त के साथ 23,897.70 पर बंद हुआ था।

न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, रेलिगेयर ब्रोकिंग लिमिटेड के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट (रिसर्च) अजीत मिश्रा का कहना है, ‘‘इस सप्ताह बाजार वैश्विक मौद्रिक नीति, कच्चे तेल की कीमतों और भू-राजनीतिक घटनाक्रमों को लेकर संवेदनशील रह सकता है। अमेरिका के उम्मीद से बेहतर रोजगार आंकड़ों के बाद अब निवेशकों की नजर फेडरल रिजर्व की सितंबर में होने वाली मौद्रिक नीति बैठक को लेकर बदलती उम्मीदों पर रहेगी।’’

घरेलू मोर्चे पर विदेशी संस्थागत निवेशकों के रुख, रुपये की चाल, कच्चे तेल की कीमतों और घरेलू बाजार में नकदी की स्थिति पर नजर रहेगी। मिश्रा के मुताबिक, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से जुड़े घटनाक्रम भी महत्वपूर्ण रहेंगे, क्योंकि इनका भारत की महंगाई, बाहरी संतुलन और कंपनियों की प्रॉफिटेबिलिटी पर सीधा असर पड़ सकता है।

बीते सप्ताह 8 प्रतिशत महंगा हुआ ब्रेंट क्रूड

एनरिच मनी के चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (CEO) पोनमुडी आर का कहना है कि पिछले सप्ताह ब्रेंट कच्चे तेल की कीमत में 8 प्रतिशत से अधिक और वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) की कीमत में 9 प्रतिशत से ज्यादा की बढ़ोतरी हुई। अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ते तनाव और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर चिंताओं ने वैश्विक ऊर्जा बाजार में भू-राजनीतिक जोखिम बढ़ा दिया है। नए हफ्ते में भी तेल की कीमतों पर फोकस रहेगा। पश्चिम एशिया में जारी तनाव के कारण कच्चे तेल की ऊंची कीमतें बाजार की धारणा पर लगातार दबाव डाल सकती हैं।

बाजार की नजर अमेरिका के आने वाले महंगाई आंकड़ों पर भी होगी। ये आंकड़े फेडरल रिजर्व की पॉलिसी और ग्लोबल मार्केट के सेंटीमेंट को लेकर उम्मीदें तय करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं। अमेरिकी बॉन्ड पर यील्ड भी महंगाई के आंकड़ों से प्रभावित होगी।

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FPI फिर बने सेलर

भारतीय शेयर बाजार में लगातार 2 महीने बायर रहने के बाद विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक (FPI) सितंबर के पहले सप्ताह में फिर से सेलर बन गए। इस दौरान उन्होंने भारतीय शेयर बाजार से 7,443 करोड़ रुपये निकाले। कच्चे तेल की कीमतों में तेजी, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी और डॉलर के मजबूत होने से विदेशी निवेशकों की जोखिम लेने की क्षमता प्रभावित हुई है। FPI ने इससे पहले जुलाई में भारतीय शेयरों में 20,200 करोड़ रुपये और अगस्त में 30,919 करोड़ रुपये का निवेश किया था। इससे पहले मार्च से जून तक लगातार 4 महीने सेलिंग की थी।

Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Market Outlook: इस हफ्ते कैसी रहेगी शेयर बाजार की चाल; कच्चे तेल की कीमत, पश्चिम एशिया के हालात समेत इन फैक्टर्स से होगा तय

नए शुरू हो रहे सप्ताह में भारतीय शेयर बाजार की दिशा कच्चे तेल की कीमत और अमेरिका-ईरान संघर्ष से जुड़े घटनाक्रमों जैसे प्रमुख फैक्टर्स से तय होगी। पिछले सप्ताह सेंसेक्स में 468.42 अंकों की गिरावट रही। निफ्टी 114 अंक फिसला। न्यूज एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, रेलिगेयर ब्रोकिंग लिमिटेड के सीनियर वाइस प्रेसिडेंड (रिसर्च) अजीत मिश्रा का कहना है कि निवेशक जैक्सन होल आर्थिक संगोष्ठी (Jackson Hole Symposium) पर करीबी नजर रखेंगे, खासकर अमेरिकी फेडरल रिजर्व के प्रमुख की टिप्पणियों पर। इससे बेंचमार्क ब्याज दरों की आगे की दिशा के संकेत मिलने की उम्मीद है।

आगे कहा कि अमेरिका के सकल घरेलू उत्पाद (GDP) के अनुमान, ड्यूरेबल गुड्स के ऑर्डर और कंज्यूमर कॉन्फिडेंस से भी अमेरिकी अर्थव्यवस्था की मजबूती और फेडरल रिजर्व की नीतिगत दिशा के बारे में महत्वपूर्ण संकेत मिलेंगे। भारत को लेकर बात करें तो निवेशकों की नजर रुपये की चाल, विदेशी संस्थागत निवेशकों के रुख और घरेलू बाजार में नकदी की स्थिति पर रहेगी।

छाए रहेंगे 3 प्रमुख मुद्दे

ऑनलाइन ट्रेडिंग एंड वेल्थ टेक फर्म एनरिच मनी के CEO पोनमुडी आर का कहना है कि वैश्विक बाजारों में इस सप्ताह 3 प्रमुख मुद्दे छाए रहेंगे। इनमें अमेरिकी फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति की दिशा, एनवीडिया के तिमाही नतीजे और अमेरिका-ईरान के बीच जारी तनाव शामिल हैं। लंबी अवधि के अमेरिकी बॉन्ड पर यील्ड में उतार-चढ़ाव के बीच जैक्सन होल संगोष्ठी में फेड के प्रमुख केविन वॉर्श के संबोधन पर करीबी नजर रहेगी। सितंबर में होने वाली पॉलिसी मीटिंग से पहले निवेशक संकेत तलाशेंगे कि अमेरिकी केंद्रीय बैंक लगातार बनी हुई महंगाई के जोखिमों और श्रम बाजार के नरम पड़ने के संकेतों को कैसे तौल रहा है।

पोनमुडी ने आगे कहा कि कच्चे तेल की कीमतें भी एक बड़ा बाहरी जोखिम बनी हुई हैं। उनके मुताबिक, ‘‘अमेरिका और ईरान के बीच 60 दिन का समझौता किसी स्थायी समाधान के बिना समाप्त हो गया है। इससे स्ट्रेट ऑफ होर्मुज एक बार फिर जारी तनाव का केंद्र बन गया है और क्षेत्र में ऊर्जा की सामान्य आपूर्ति प्रभावित हुई है।’’

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FPI की गतिविधियां

नए सप्ताह में निवेशक विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) के रुख पर भी नजर रखेंगे। इन निवेशकों ने अगस्त में भारतीय शेयर बाजार में अपनी खरीद तेज की है। कंपनियों के बेहतर तिमाही नतीजों, रुपये की स्थिरता और बाजार की बेहतर संभावनाओं से निवेशकों का भरोसा मजबूत हुआ है। FPI ने अगस्त में अब तक भारतीय शेयर बाजार में 23,544 करोड़ रुपये डाले हैं। इससे पहले जुलाई में विदेशी निवेशकों ने भारतीय शेयरों में 20,200 करोड़ रुपये का निवेश किया था। जुलाई से पहले लगातार 4 महीने सेलिंग की थी।

मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज लिमिटेड के रिसर्च हेड (वेल्थ मैनेजमेंट) सिद्धार्थ खेमका का मानना है कि निफ्टी में बीते लगातार दो सप्ताह गिरावट रही। अब भारतीय शेयर बाजार में इस सप्ताह कुछ स्थिरता आ सकती है और निकट अवधि में मामूली रिकवरी की उम्मीद है। बाजार की निगाह ब्रेंट कच्चे तेल की कीमतों पर भी रहेगी, जो 90 डॉलर प्रति बैरल से ऊपर बनी हुई हैं। इसके अलावा वैश्विक घटनाक्रम भी महत्वपूर्ण रहेंगे।

Disclaimer: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।

Nifty के 24600 की रुकावट पार करने पर तय होगी आगे की दिशा, नए हफ्ते में इन शेयरों पर दांव से हो सकती है अच्छी कमाई

निफ्टी अभी 24,550-24,600 के अहम रेजिस्टेंस जोन के पास पहुंच रहा है। इस रुकावट के ऊपर मजबूत ब्रेकआउट अगली दिशा तय करने के लिए बहुत जरूरी होगा। अगर इंडेक्स 24,600 के ऊपर बना रहा तो यह लॉन्ग रेंज से सफल ब्रेकआउट का संकेत देगा और इससे 24,900 और उसके बाद नियर टर्म में 25,200 की ओर बढ़त शुरू हो सकती है। ऐसा मानना है SBI सिक्योरिटीज में टेक्निकल और डेरिवेटिव्स रिसर्च के हेड सुदीप शाह का। उन्होंने निफ्टी और बैंक निफ्टी को लेकर क्या उम्मीद जताई, नए शुरू हो रहे सप्ताह के लिए उनके टॉप स्टॉक आइडियाज क्या हैं, आइए जानते हैं…

अगले हफ्ते के लिए निफ्टी 50 की चाल को लेकर क्या अनुमान है?

निफ्टी अभी 24,550-24,600 के अहम रेजिस्टेंस जोन के पास पहुंच रहा है। इंडेक्स ने पिछले 6 ट्रेडिंग सेशंस में 760 पॉइंट से ज्यादा की जबरदस्त रिकवरी की है और जुलाई का महीना 2 प्रतिशत से ज्यादा की बढ़त के साथ खत्म किया है। लेकिन इस रुकावट के ऊपर मजबूत ब्रेकआउट अगली दिशा तय करने के लिए बहुत जरूरी होगा। लंबे समय से चल रहा कंसोलिडेशन का दौर हाल के हफ्तों में काफी सिमट गया है। इससे पता चलता है कि इंडेक्स धीरे-धीरे संभावित ब्रेकआउट पॉइंट की ओर बढ़ रहा है। इसके अलावा निफ्टी अपने 20-दिन, 50-दिन और 100-दिन के EMA (एक्सपोनेंशियल मूविंग एवरेज) के ऊपर ट्रेड कर रहा है, जो बाजार के नियर टर्म के सेंटीमेंट में सुधार को दिखाता है।

ब्रॉडर टेक्निकल स्ट्रक्चर अभी भी कुछ हद तक न्यूट्रल बना हुआ है। वीकली चार्ट पर, मुख्य मूविंग एवरेजेज काफी हद तक फ्लैट हैं, जबकि डेली और वीकली दोनों टाइमफ्रेम पर मोमेंटम इंडिकेटर और ऑसिलेटर अभी तक किसी मजबूत ट्रेंडिंग चाल का संकेत नहीं दे रहे हैं। इससे पता चलता है कि ब्रेकआउट की संभावना तो बेहतर हुई है, लेकिन अभी भी इसकी पुष्टि का इंतजार है।

अगर निफ्टी 24,600 के ऊपर बना रहा तो यह लॉन्ग रेंज से सफल ब्रेकआउट का संकेत देगा और इससे 24,900 और उसके बाद नियर टर्म में 25,200 की ओर बढ़त शुरू हो सकती है। ब्रेकआउट के टिकाऊ बने रहने के लिए, इंडेक्स को 24,150-24,100 के सपोर्ट जोन के ऊपर बने रहना होगा। जब तक यह लेवल बना रहता है, कुल मिलाकर रुख पॉजिटिव रहने की संभावना है, और धीरे-धीरे बुल के पक्ष में झुकाव बढ़ेगा।

क्या आपको लगता है कि बैंक निफ्टी अपनी कंसोलिडेशन रेंज से नीचे की ओर नहीं, बल्कि ऊपर की ओर ब्रेकआउट करेगा, जो तेजी के नए दौर की शुरुआत का संकेत होगा?

बैंक निफ्टी लंबे समय से कंसोलिडेशन फेज में है, लेकिन नीचे की ओर ब्रेकडाउन की तुलना में ऊपर की ओर ब्रेकआउट की संभावना ज्यादा मजबूत लग रही है। जुलाई के ज्यादातर समय इंडेक्स लगभग 2,600 पॉइंट्स के सीमित दायरे में रहा, जो जनवरी 2026 के बाद से इसका सबसे छोटा मासिक दायरा था। महीने के आखिरी हफ्ते में यह ठहराव और भी साफ दिखा। बैंक निफ्टी ने दिसंबर 2025 के बाद से अपना सबसे सीमित साप्ताहिक दायरा देखा, जो किसी बड़ी हलचल की तैयारी का संकेत है।

हालांकि डेली और वीकली चार्ट पर मुख्य मूविंग एवरेजेज काफी हद तक स्थिर हैं और मोमेंटम इंडिकेटर न्यूट्रल दायरे में बने हुए हैं। फिर भी इंडेक्स अहम सपोर्ट लेवल से ऊपर बना हुआ है, जिससे इसका ओवरऑल स्ट्रक्चर पॉजिटिव बना हुआ है।

57,600-57,700 का जोन अभी भी तत्काल रुकावट बना हुआ है। 57,700 के ऊपर एक निर्णायक और टिकाऊ ब्रेकआउट मौजूदा ठहराव के दौर के खत्म होने का संकेत देगा और यह शॉर्ट टर्म में 58,500 और उसके बाद 59,200 की ओर तेजी की नई शुरुआत कर सकता है। नीचे की तरफ, 56,700-56,600 का जोन मजबूत सपोर्ट दे सकता है। जब तक यह सपोर्ट बना रहेगा, तब तक रुख पॉजिटिव रहने और ऊपर की ओर ब्रेकआउट की संभावना बनी रहेगी।

अगले हफ्ते के लिए आपके टॉप 2 स्टॉक आइडिया कौन से हैं?

Cholamandalam Investment and Finance Company: यह स्टॉक वीकली चार्ट पर नीचे की ओर झुकी हुई ट्रेंडलाइन को तोड़ने और ब्रेकआउट जोन को सफलतापूर्वक रीटेस्ट करने के बाद तकनीकी रूप से मजबूत हो गया है। RSI के 60 से ऊपर होने और पॉजिटिव DI+ क्रॉसओवर से मजबूत होते मोमेंटम का पता चलता है, जो खरीदारी में बढ़ती दिलचस्पी का संकेत है। ₹1,835-1,855 के आसपास शेयर जमा करने (एक्युमुलेशन) की सलाह दी जाती है, जिसमें स्टॉप-लॉस ₹1,780 पर और टारगेट ₹1,985 होगा।

Anthem Biosciences: यह डेली चार्ट पर नीचे की ओर झुकी हुई ट्रेंडलाइन को तोड़ने के बाद तकनीकी रूप से मजबूत हो गया है, जिसे अच्छे वॉल्यूम का सपोर्ट मिला है। मोमेंटम इंडिकेटर पॉजिटिव बने हुए हैं; RSI 60 से ऊपर है और DI+/DI- के बीच बढ़ता अंतर खरीदारों के दबदबे का संकेत देता है। शेयर का ऊपरी बोलिंगर बैंड के ऊपर बंद होना तेजी के सेंटीमेंट को और मजबूत करता है। ₹805-815 के जोन में शेयर जमा करने की सलाह दी जाती है, जिसमें ₹775 पर स्टॉप-लॉस लगाया जा सकता है। टारगेट ₹870 का है।

क्या आपको उम्मीद है कि हुंडई मोटर इंडिया अगले हफ्ते भी अपनी तेजी जारी रखेगा, खासकर शुक्रवार की जबरदस्त रैली के बाद?

हुंडई ने मजबूत Q1 नतीजों और अच्छे वॉल्यूम के दम पर 6 हफ्ते के ठहराव से ब्रेकआउट किया है। बढ़ता RSI, फैलती DI लाइनें और सेक्टर का सपोर्ट मोमेंटम के मजबूत होने का संकेत देते हैं। ₹2,065–2,060 के जोन से तत्काल सपोर्ट मिलने की उम्मीद है, जिससे नियर टर्म आउटलुक पॉजिटिव बना रहेगा।

क्या जबरदस्त रैली और बड़े ब्रेकआउट के बाद बजाज फाइनेंस ओवरबॉट (बहुत ज्यादा खरीदा हुआ) लग रहा है, या स्टॉक में अभी भी और बढ़त की गुंजाइश है?

बजाज फाइनेंस ने अपने 20-दिन के EMA को रीटेस्ट करने के बाद मजबूत रिकवरी दिखाई, जिससे मौजूदा बुलिश ट्रेंड की पुष्टि हुई। बढ़ता RSI (रिलेटिव स्ट्रेंथ इंडेक्स), फैलती DI लाइनें और ऊपरी बोलिंगर बैंड के ऊपर लगातार ट्रेड मजबूत मोमेंटम दिखाते हैं। वीकली रेश्यो चार्ट पर नया ब्रेकआउट बेहतर परफॉर्मेंस का संकेत देता है। 1,075-1,070 जोन से मजबूत सपोर्ट मिलने की उम्मीद है।

Swiggy Stock Outlook: Q1 नतीजों से कुछ ब्रोकरेज नाखुश, टारगेट प्राइस घटाया; फिर भी 23% तक उछाल की उम्मीद

क्या आपको लगता है कि इस हफ्ते 10 प्रतिशत की तेजी के बाद अशोक लीलैंड में और भी अच्छी बढ़त देखने को मिलेगी?

अशोक लीलैंड ने 24 जुलाई के ₹148 के निचले स्तर से जबरदस्त वापसी की है और अब यह सभी अहम मूविंग एवरेजेज से ऊपर ट्रेड कर रहा है। अच्छे वॉल्यूम, बढ़ते RSI और बेहतर होते प्राइस स्ट्रक्चर से पता चलता है कि मोमेंटम मजबूत हो रहा है। जब तक स्टॉक ₹161 से ऊपर बना रहेगा, तब तक यह तेजी जारी रहने की संभावना है।

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